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भरे हुए प्रपत्रों की नमूना पुस्तिका — SLMT जयपुर

पीठासीन अधिकारी के काम आने वाले सभी प्रपत्र, भरे हुए — 40 पृष्ठ, डाउनलोड योग्य

📕 पूरी पुस्तिका PDF में डाउनलोड कीजिए — 40 पृष्ठ। छपवाकर प्रशिक्षण-कक्ष में बाँटने योग्य।

यह पुस्तिका किसकी है। यह संकलन श्री मनीष कुमार गोयल, राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर (SLMT), जयपुर का तैयार किया हुआ है — पुस्तिका के हर पृष्ठ पर उनका नाम छपा है, और श्रेय पूर्णतः उन्हीं का है। नमूनों में प्रयुक्त निकाय नगरपालिका पावटा है और सभी नाम काल्पनिक हैं — पुस्तिका के मुखपृष्ठ पर ही लिखा है: "सभी नाम काल्पनिक है, केवल प्रशिक्षण हेतु" तथा अंतिम पृष्ठ पर: "यह सभी प्रपत्र आपकी सुविधा के लिए है, आप अपना विवेक प्रपत्रों को भरने में काम में लें।" यहाँ यह ट्रेनर-से-ट्रेनर साझा सामग्री के रूप में, इसी भावना से रखी गई है।


इसमें क्या-क्या है — 40 पृष्ठों की सूची

पृष्ठ प्रपत्र विषय
3 प्ररूप-9 (नियम 26(3)) मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति
4 प्ररूप-10 (नियम 26(5)) अभिकर्ता की नियुक्ति का प्रतिसंहरण
5 प्ररूप-12 (नियम 38-क(2)) दृष्टिहीन एवं शिथिलांग निर्वाचकों की सूची
6 प्ररूप-13 (नियम 43) चुनौती (आक्षेपित) मतों की सूची
7 प्ररूप 14-क (नियम 35-क) मतदाताओं का रजिस्टर
8 प्ररूप 14-ख (नियम 44-क) निविदत्त मतों की सूची
9–12 प्ररूप 14-ग (नियम 49-ग, 63-क(2)) मतों का लेखा — भाग-1 एवं भाग-2
13–14 प्ररूप 15 / 15-क (नियम 46, 46-क) EDC हेतु आवेदन · डाक मतपत्र हेतु आवेदन
15–20 प्ररूप 16 / 16-क / 16-ख / 16-घ निर्वाचन ड्यूटी प्रमाण-पत्र एवं डाक-मत प्रपत्र
21–25 परिशिष्ट-4 एवं प्राप्ति-प्रपत्र सामग्री की रसीदें, लिफाफों की प्राप्तियाँ
26 परिशिष्ट-5 मतदान केन्द्र का ले-आउट
27–29 परिशिष्ट-6 पीठासीन की घोषणाएँ — भाग 1, 2, 3
30–33 परिशिष्ट-7 पीठासीन अधिकारी की डायरी — पूरी, भरी हुई
34 परिशिष्ट-9 थाना अधिकारी को शिकायती पत्र
35–36 परिशिष्ट-10 / 11 आयु-घोषणा एवं उसकी सूची
37 परिशिष्ट-12 साथी की घोषणा (असांविधिक प्ररूप)
38 परिशिष्ट-13 चैलेंज फीस रसीद बुक
39 परिशिष्ट-15A लिफाफों का विवरण — कौन-सा सील, कौन-सा नहीं

झलक

पुस्तिका का मुखपृष्ठ

प्ररूप 14-क भरा हुआ

प्ररूप 14-ग भरा हुआ

डायरी भरी हुई


⚠️ साथ में यह ज़रूर पढ़िए — तीन सावधानियाँ

पुस्तिका बहुत उपयोगी है, पर इस संग्रह की जाँच में इसके नमूनों में दो स्थान ऐसे मिले जहाँ हमारी सत्यापित सामग्री से अंतर है। पुस्तिका के लेखक ने स्वयं लिखा है कि प्रपत्र भरने में अपना विवेक काम में लें — ये टिप्पणियाँ उसी भावना से हैं:

1. प्ररूप 14-ग की मद 3 बनाम मद 4 (पृष्ठ 9) — नमूने में एक ऐसा मतदाता मद 3 में गिना गया है जिसे पीठासीन अधिकारी ने मतदान करने से मना किया था। नियम की संरचना में मद 3 केवल "No Vote" के लिए है — जिसने रजिस्टर में हस्ताक्षर करके स्वयं मत न देने का विनिश्चय किया (नियम 45-क); जिसे रोका गया वह मद 4 में आता है (नियम 35-क/37-क)। मिलान-सूत्र दोनों को अलग-अलग घटाता है, इसलिए यह अंतर केवल तकनीकी नहीं है। → विस्तार: DLMT सुधार-पत्रक, आक्षेपित मत

2. मद 9(4) का छपा हुआ कोष्ठक (पृष्ठ 10) — प्ररूप पर "(मद 3 में से मद 2 घटाइए)" छपा है, जो मूल प्ररूप की ही छपी हुई चूक है (उससे ऋणात्मक संख्या आती है)। सही गणना: मद 2 में से मद 3 घटाइए — प्रदाय की गई सीलें − प्रयुक्त सीलें = वापस की गई सीलें। पुस्तिका ने प्ररूप को ज्यों-का-त्यों छापा है, अतः यह चूक यहाँ भी दिखेगी।

3. संख्याएँ अपने बूथ की भरिए — नमूने की संख्याएँ (पावटा, केन्द्र 122 आदि) केवल सिखाने के लिए हैं। कक्षा में इन्हें दिखाकर, अपनी संख्याओं से भरवाइए — और मिलान-सूत्र (मद 5 = मद 2 − मद 3 − मद 4) हर बार स्वयं जँचवाइए।


इसी विषय पर इस संग्रह में: भरे हुए प्ररूप — नमूना डमी (बूथ 84) · प्ररूप एवं परिशिष्ट मॉड्यूल · पहला मतदान — सचित्र पुस्तिका