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अध्यक्षीय एवं उपाध्यक्षीय पदों का निर्वाचन

रिटर्निंग अधिकारी हेतु · नगरपालिका आम चुनाव 2026 (राजस्थान)

मतदान: अध्यक्ष 21.09.2026 · उपाध्यक्ष 22.09.2026 (प्रेस-नोट 6722 दिनांक 19.08.2026)

स्रोत: Manual of Municipal Election Law (As on 01.01.2026) — राजस्थान नगरपालिका (निर्वाचन) नियम, 1994 का अध्याय IV (नियम 78, 78-क) एवं अध्याय V (नियम 79 से 97)मुद्रित पृष्ठ 111–116, पृष्ठ-चित्र _r/gap/MAN_p120.png से MAN_p125.png

यह सामग्री मैंने स्वयं पृष्ठ-चित्रों से पढ़कर लिखी है — किसी एजेंट-सारांश से नहीं। ✅ अध्याय IV एवं V के समस्त नियम (78 से 97) पढ़े जा चुके हैं।अनुसूची I से VIII भी पढ़ ली गईं — मुद्रित पृ. 117–121, देखें §7-क। 🚨 उनमें एक बात नई मिली — मतपत्र (अनुसूची-IV) पर नोटा की पंक्ति है।


§1 — 🚨 सबसे पहले: यह निर्वाचन अप्रत्यक्ष है

नियम 78(1): "The office of the Chairperson of a Municipality shall be filled by a person chosen by elected members of the Municipality." स्पष्टीकरण: "'Elected member' means a member elected from a ward of the Municipality."

पुष्टि: आयोग का आदेश 1891 दिनांक 18.02.2026 भी कहता है — "नगरपालिका अध्यक्षीय पदों के निर्वाचन अप्रत्यक्ष रीति से कराये जाने हैं तथा सदस्य पद के निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से होने के कारण … सदस्य पद के लिए ही डाक मतपत्र का मुद्रण करवाया जायेगा।"

सदस्य (वार्ड) अध्यक्ष उपाध्यक्ष
मतदाता कौन वार्ड के निर्वाचक 🚨 निर्वाचित सदस्य 🚨 निर्वाचित सदस्य
माध्यम ईवीएम मतपत्र (गुप्त मतदान) मतपत्र (गुप्त मतदान)
स्थान मतदान केन्द्र नगरपालिका का कार्यालय नगरपालिका का कार्यालय
डाक मतपत्र हाँ नहीं नहीं

ईवीएम अध्यक्षीय/उपाध्यक्षीय निर्वाचन में उपयोग नहीं होती। यह मतपत्र एवं मतपेटी से होता है।


§2 — अध्यक्ष पद की पात्रता [नियम 78(2)–(5)]

उप-नियम प्रावधान
(2) पात्र, यदि वह अधिनियम के अधीन नगरपालिका का सदस्य चुने जाने के लिए अर्हित है और निरर्हित नहीं है
(3) 🚨 कोई निर्वाचित सदस्य भी अध्यक्ष चुने जाने के लिए पात्र है
(4) 🚨 पात्र नहीं, यदि वह — संसद का सदस्य · राज्य विधान सभा का सदस्य · अथवा किसी पंचायती राज संस्था का सदस्य या अध्यक्ष है (उप-नियम (2) व (3) में कुछ भी होते हुए भी)
(5) आरक्षण — (क) पद अजा/अजजा/पिछड़ा वर्ग हेतु आरक्षित हो तो व्यक्ति उसी वर्ग का हो · (ख) महिला हेतु आरक्षित हो तो स्त्री हो · (ग) अजा/अजजा/पिछड़ा वर्ग की महिला हेतु आरक्षित हो तो दोनों शर्तें

🚨 उप-नियम (4) नामांकन काउंटर पर सर्वाधिक चूकने वाली बात है — एक बैठा हुआ सांसद, विधायक, या पंचायती राज संस्था का सदस्य/अध्यक्ष अध्यक्ष पद के लिए पात्र ही नहीं है।


§3 — 🚨 प्रतिभूति निक्षेप — अध्यक्षीय पदों के लिए अलग और बहुत अधिक

नियम 78(6)(i)–(iii) — नामांकन पत्र तब तक विधिमान्य नहीं जब तक निक्षेप की रसीद संलग्न न हो:

पद निकाय सामान्य अभ्यर्थी महिला / अजा / अजजा / पिछड़ा वर्ग
महापौर (Mayor) नगर निगम ₹30,000 ₹15,000
सभापति (President) नगर परिषद ₹20,000 ₹10,000
अध्यक्ष (Chairman) नगरपालिका बोर्ड ₹10,000 ₹5,000

⚠️ इन्हें सदस्य पद के निक्षेप (नियम 22 — ₹2000/₹4000/₹6000) से न मिलाएं। ये पूर्णतः भिन्न हैं। (मूल पाठ मुद्रित पृ. 111–112 · चित्र MAN_p120.png, MAN_p121.png पर सत्यापित)


§4 — अध्यक्ष पद का कार्यक्रम एवं प्रक्रिया [नियम 78(6)(iv)–(xv)]

नियम 78(6): "The provisions of the rule 10 to 23, 56, 71 to 75, 86, 87 and 88 shall apply mutatis mutandis to the election of a Chairperson, subject to following modifications."

4.1 कार्यक्रम — सब कुछ सदस्य-परिणाम की तिथि से गिना जाता है

मद प्रावधान
(v) नामांकन की अंतिम तिथि = निर्वाचित सदस्यों का परिणाम घोषित होने के दिन के बाद का दूसरा दिन (यदि वह सार्वजनिक अवकाश हो तो अगला गैर-अवकाश दिन)
(vi) संवीक्षा = नामांकन की अंतिम तिथि के अगले दिन (अवकाश हो तो अगला गैर-अवकाश दिन)
(vii) नाम वापसी = संवीक्षा की तिथि के अगले दिन (अवकाश हो तो अगला गैर-अवकाश दिन)
(viii) प्रतीक — नाम वापसी हेतु नियत समय की समाप्ति के तुरन्त पश्चात् आवंटित
(x) 🚨 मतदान, यदि आवश्यक हो, नाम वापसी की तिथि के बाद तीसरे दिन नगरपालिका के कार्यालय में निर्वाचित सदस्यों की बैठक में — अथवा असाधारण परिस्थितियों में SEC द्वारा नियत कोई अन्य बाद का दिन। मतगणना एवं परिणाम की घोषणा मतदान की समाप्ति के तुरन्त पश्चात्

4.2 नामांकन

मद प्रावधान
(iv) 🚨 नामांकन पत्र पर प्रस्थापक (proposer) के रूप में किसी निर्वाचित सदस्य के हस्ताक्षर आवश्यक — अन्यथा अभ्यर्थी सम्यक् रूप से नामनिर्दिष्ट नहीं माना जाएगा
(ix) मतपत्र का डिजाइन एवं प्ररूप राज्य निर्वाचन आयोग विनिर्दिष्ट करेगा; मतपत्र की विशिष्टियाँ हिन्दी में देवनागरी लिपि में
(xiv) प्ररूप 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 22क एवं 23 के निर्देशों में क्रमशः प्ररूप 1क, 2क, 3क, 4क, 5क, 6क, 7क, 8क, 22कक एवं 23क के निर्देश भी सम्मिलित समझे जाएंगे
(xv) अनुसूची VI के निर्देश में प्ररूप 22क-1 का निर्देश भी सम्मिलित

आदेश 1364 दिनांक 04.02.2026 (सां.आ. 154/2026) अध्यक्षीय पद के मतपत्र का प्ररूप विहित करता है — यही मद (ix) की पूर्ति है। (संकलन का आदेश क्रम 63)

4.3 🚨 बैठक की सूचना — RO को नोटिस बोर्ड पर क्या लिखना है [मद (xi)]

RO नाम वापसी हेतु नियत समय की समाप्ति के तुरन्त पश्चात् नगरपालिका के नोटिस बोर्ड पर बैठक की सूचना चिपकाएगा, जिसमें लिखा होगा —

(क) मतदान का समय — प्रातः 10.00 बजे से अपराह्न 02.00 बजे तक(प्रेस-नोट से मेल)
(ख) मतगणना मतदान पूर्ण होने के तुरन्त पश्चात्
(ग) 🚨 "every contesting candidate, whether he is elected member or not, is entitled to attend the meeting to watch the proceedings of poll and counting. However only elected member is entitled to cast his vote in the meeting"
हर लड़ने वाला अभ्यर्थी बैठक में उपस्थित रहकर मतदान व मतगणना देख सकता है — चाहे वह निर्वाचित सदस्य हो या न हो। किन्तु मत केवल निर्वाचित सदस्य ही दे सकेगा।

4.4 मतदान का समय बढ़ाना या जल्दी समाप्त करना [मद (xii)]

"the Returning Officer may extend time for poll, if necessary, or may declare the poll as finally concluded earlier in case all the elected member holding office have voted"

4.5 🚨 शपथ [मद (xiii)]

"a person or elected person after chosen as Chairperson of a Municipality shall hold his office after taking oath before the Collector or his nominee in form prescribed under rule 69"

नियम 69 की शपथ में स्वच्छता-प्रतिज्ञा भी है"I will devote 100 hours per year, that is two hours per week, to voluntarily work for cleanliness" तथा "I will encourage 100 other persons to take this pledge"। ✅ आयोग का आदेश 4146 दिनांक 21.10.2019 (निर्वाचित अध्यक्ष एवं सदस्य की शपथ) — संकलन का आदेश क्रम 65।


§5 — अध्यक्ष पद की रिक्ति [नियम 78-क]

उप-नियम प्रावधान
(1) कार्यकाल की समाप्ति से भिन्न किसी कारण से होने वाली रिक्ति उप-चुनाव से भरी जाएगी — 🚨 "in accordance with the provisions of rules as existed at the time of election of the Chairperson who vacated the office"। ऐसे निर्वाचित व्यक्ति का कार्यकाल पूर्ववर्ती के शेष कार्यकाल तक
परन्तुक 🚨 जो व्यक्ति अधिनियम के अधीन अध्यक्ष पद से हटाया गया हो, वह नगरपालिका के शेष कार्यकाल के लिए उस पद पर पुनर्निर्वाचन हेतु अपात्र होगा
(2) उप-चुनाव की तिथि राज्य निर्वाचन आयोग नियत करेगा

§6 — उपाध्यक्ष पद का निर्वाचन [अध्याय V, नियम 79–89]

6.1 बैठक कब [नियम 79]

उप-नियम प्रावधान
(1) उपाध्यक्ष का पद नगरपालिका के उस सदस्य से भरा जाएगा जो उसके निर्वाचित सदस्यों में से चुना गया हो
(2) 🚨 निर्वाचित सदस्यों की बैठक नगरपालिका के कार्यालय में, प्रातः 10 बजे, उस दिन के ठीक अगले दिन होगी जिस दिन अध्यक्ष का परिणाम घोषित हुआ
परन्तुक राज्य निर्वाचन आयोग, लेखबद्ध किये जाने वाले कारणों से, उपाध्यक्ष का निर्वाचन किसी अन्य दिन एवं समय पर कराने का निदेश दे सकेगा

अध्यक्ष का परिणाम 21.09.2026 → उपाध्यक्ष की बैठक 22.09.2026

6.2 🚨 एक ही दिन का पूरा कार्यक्रम [नियम 80]

RO अध्यक्ष के निर्वाचन का परिणाम घोषित होते ही नोटिस बोर्ड पर बैठक की सूचना चिपकाएगा, जिसमें —

समय
(क) नामांकन प्रस्तुत करने का समय प्रातः 10.00 से 11.00 बजे तक
(ख) संवीक्षा प्रारम्भ होने का समय प्रातः 11.30 बजे
(ग) नाम वापसी का समय (इससे पूर्व) अपराह्न 2.00 बजे
(घ) मतदान का समय (यदि आवश्यक हो) अपराह्न 2.30 से 5.00 बजे तक
(ङ) मतगणना मतदान पूर्ण होने के तुरन्त पश्चात्

परन्तुक: "the Returning Officer may extend time for poll, if necessary, or may declare the poll as finally concluded earlier in case all the members holding office have voted"

यह प्रेस-नोट 6722 की उपाध्यक्षीय तालिका से अक्षरशः मेल खाता है।

6.3 नामांकन [नियम 81]

उप-नियम प्रावधान
(1) नामांकन अनुसूची-I में विहित प्ररूप के नामांकन पत्र द्वारा
(2) 🚨 प्रत्येक नामांकन पत्र पर एक सदस्य प्रस्थापक के रूप में हस्ताक्षर करेगा, तथा अभ्यर्थी उस पर खड़े होने की इच्छा व्यक्त करते हुए घोषणा पर हस्ताक्षर करेगा
(3) 🚨 प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए पृथक नामांकन पत्र
(4) नामांकन पत्र अभ्यर्थी अथवा उसके प्रस्थापक द्वारा सूचना में विनिर्दिष्ट तिथि, स्थान एवं समय में प्रस्तुत
(5) नामांकन प्राप्ति का समय समाप्त होते ही RO अनुसूची-II में प्राप्त नामांकनों की सूची प्रकाशित कराएगा

6.4 संवीक्षा [नियम 82] — अस्वीकृति के केवल दो आधार

(1) नियत समय पर अभ्यर्थी या उसका प्रस्थापक उपस्थित हो सकेगा; RO उसे समस्त नामांकन पत्रों की जाँच की सभी युक्तियुक्त सुविधाएँ देगा।

(2) RO आपत्तियों का निर्णय करेगा और केवल इन दो आधारों पर अस्वीकार कर सकेगा —

आधार
(क) प्रस्थापक ऐसा व्यक्ति है जो नगरपालिका का सदस्य नहीं है
(ख) नियम 81 के उप-नियम (1) से (4) में से किसी का पालन नहीं हुआ है

🚨 परन्तुक: "the nomination of a candidate shall not be rejected merely on the ground of incorrect description of his name or of the name of his proposer or of any other particulars … if the identity of the candidate or proposer … can otherwise be established beyond reasonable doubt"

(3) RO प्रत्येक नामांकन पत्र पर अपना निर्णय पृष्ठांकित करेगा; अस्वीकार करने पर कारणों का संक्षिप्त लिखित कथन अभिलिखित करेगा

6.5 सूची, नाम वापसी [नियम 83, 84]

  • 83 — विधिमान्य रूप से नामनिर्दिष्ट अभ्यर्थियों की सूची अनुसूची-III में, नोटिस बोर्ड पर
  • 84(1) — नाम वापसी अनुसूची-III-क के प्ररूप में लिखित सूचना द्वारा, नियम 80(ग) के समय [अपराह्न 2 बजे] से पूर्व, और रिटर्निंग अधिकारी को व्यक्तिशः (personally) परिदत्त
  • 84(2) — 🚨 नाम वापसी की सूचना देने वाला उसे रद्द नहीं कर सकेगा
  • 84(3) — RO नाम हिन्दी वर्णमाला के क्रम में देवनागरी लिपि में व्यवस्थित कर अनुसूची-III-ख में लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची बनाकर नोटिस बोर्ड पर चिपकाएगा
  • स्पष्टीकरण — 🚨 वर्णानुक्रम अभ्यर्थियों के नाम से होगा, उनके उपनाम से नहीं

⚠️ ध्यान दें — यह सदस्य पद से भिन्न है। सदस्य पद की नाम वापसी (नियम 16) में तीन मार्ग हैं (अभ्यर्थी · प्रस्थापक · जेल/अभिरक्षा में हो तो प्राधिकृत व्यक्ति)। उपाध्यक्ष पद की नाम वापसी [नियम 84(1)] में मूल पाठ "deliver the same to the returning officer personally" कहता है। दोनों को न मिलाएं।

6.6 मतदान की आवश्यकता है या नहीं [नियम 85]

उप-नियम स्थिति
(1) 🚨 केवल एक अभ्यर्थी → कोई मतदान नहीं; वह अनुसूची-V के प्ररूप में निर्विरोध निर्वाचित घोषित
(2) दो या अधिक अभ्यर्थी → गुप्त मतपत्र (secret ballot) द्वारा निर्वाचन, बैठक में उपस्थित सदस्यों के मत लिए जाएंगे
(3) 🚨 कोई विधिमान्य नामनिर्दिष्ट अभ्यर्थी नहीं → निर्वाचन की समस्त कार्यवाहियाँ नये सिरे से प्रारम्भ

6.7 मतदान की प्रक्रिया [नियम 86]

उप-नियम प्रावधान
(1) RO ऐसी व्यवस्था कराएगा जिससे मतपत्र की गोपनीयता सुनिश्चित हो
(2) 🚨 RO की सहायता के लिए जिला नगरपालिका निर्वाचन अधिकारी द्वारा एक मतदान अधिकारी नियुक्त किया जाएगा
(3) मतपत्र अनुसूची-IV के प्ररूप में, RO की मुहर एवं हस्ताक्षर से सम्यक् रूप से अधिप्रमाणित। नाम लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची के उसी क्रम में। 🚨 मतपत्र जारी करने से पूर्व मतदान अधिकारी सदस्यों की सूची में उस प्रविष्टि पर टिक (✓) लगाएगा
(4) 🚨 सदस्य अपनी पसंद के अभ्यर्थी के नाम के सामने क्रॉस का चिन्ह लगाएगा — RO द्वारा इस प्रयोजन के लिए दिये गये उपकरण से, किसी अन्य उपकरण से नहीं
(5) मतपत्र इस प्रकार मोड़ेगा कि मत छिप जाए, और RO की दृष्टि में रखी मतपेटी में डालेगा
(6) 🚨 यदि मतदाता निरक्षर है, अथवा अंधेपन या अन्य शारीरिक अशक्तता के कारण चिन्ह नहीं लगा सकता — तो रिटर्निंग अधिकारी अथवा मतदाता द्वारा चुना गया कोई अन्य सदस्य उसकी इच्छानुसार मत अभिलिखित करेगा और मोड़ देगा; मतदाता स्वयं या RO की सहायता से उसे पेटी में डालेगा
(7) मतपेटी ऐसी बनी हो कि मतपत्र डाले जा सकें पर निकाले न जा सकें
(8) प्रत्येक व्यक्ति अपना मत व्यक्तिशः (in person) ही देगा

🔴 मुद्रण-दोष (दर्ज किया गया, बदला नहीं गया): मैनुअल के मुद्रित पृष्ठ 115 पर उप-नियम (8) इस प्रकार छपा है — "Every person wishing to record his vote shall do in person can be introduced therein but cannot be withdrawn." — अर्थात् उप-नियम (7) की पूँछ (8) में दोहरा दी गई है। आशयित पाठ स्पष्टतः "…shall do so in person." है। यह मैनुअल की मुद्रण-त्रुटि है, विधि की नहीं।

6.8 मतगणना एवं परिणाम [नियम 87]

(1) RO मतपत्रों की संवीक्षा कर विधिमान्य और अविधिमान्य अलग करेगा, अविधिमान्य पर "rejected" शब्द एवं अस्वीकृति का आधार पृष्ठांकित करेगा।

(2) अविधिमान्यता के चार आधार —

आधार
(i) कोई ऐसा चिन्ह या हस्ताक्षर हो जिससे मतदाता की पहचान हो सके
(ii) चिन्ह एक से अधिक नाम के सामने लगा हो
(iii) कोई चिन्ह न हो, या चिन्ह ऐसे लगा हो कि यह अभिनिश्चित न हो सके कि मत किसे दिया गया, अथवा चिन्ह RO द्वारा दिये गये उपकरण से भिन्न किसी उपकरण से बनाया गया हो
(iv) मतपत्र कूटरचित (spurious) हो

(3) जो मतपत्र अस्वीकार न हो, वह एक विधिमान्य मत के रूप में गिना जाएगा (4) 🚨 मतों की समता होने पर — RO तत्काल उन अभ्यर्थियों के बीच लॉट (लॉटरी) द्वारा निर्णय करेगा, और ऐसे आगे बढ़ेगा मानो जिस पर लॉट पड़ा उसे एक अतिरिक्त मत मिला हो (5) सर्वाधिक मत पाने वाला अभ्यर्थी निर्वाचित घोषित (6) उपाध्यक्ष के निर्वाचन के परिणाम की घोषणा अनुसूची-VI के प्ररूप में


6.9 अभिलेख एवं परिणाम का प्रकाशन [नियम 88]

परिणाम की घोषणा के तुरन्त पश्चात् रिटर्निंग अधिकारी —

(क) अनुसूची-VIII के प्ररूप में कार्यवाही का अभिलेख तैयार करेगा
(ख) नगरपालिका के नोटिस बोर्ड पर अपने हस्ताक्षर से अधिसूचना प्रकाशित करेगा जिसमें निर्वाचित उपाध्यक्ष का नाम हो, और उसकी प्रति भेजेगा —

अधिसूचना की प्रति चार जगह जाएगी:

# किसे
(i) 🚨 राज्य निर्वाचन आयोग — राजपत्र (Official Gazette) में प्रकाशन हेतु
(ii) संबंधित कलक्टर
(iii) निदेशक, स्थानीय निकाय विभाग, राजस्थान, जयपुर
(iv) राज्य सरकार

6.10 अभिलेख की पैकिंग एवं अभिरक्षा [नियम 89]

उप-नियम प्रावधान
(1) RO मतपत्रों एवं निर्वाचन से संबंधित अन्य कागजों के पैकेट बनाएगा, उन्हें सील करेगा, और उन पर अन्तर्वस्तु का विवरण तथा वह निर्वाचन जिससे वे संबंधित हैं अंकित करेगा
(2) 🚨 पैकेट जिला नगरपालिका निर्वाचन अधिकारी की सुरक्षित अभिरक्षा में छह मास तक रखे जाएंगे, और तत्पश्चात् नष्ट कर दिए जाएंगे — जब तक सक्षम न्यायालय अन्यथा निदेश न दे
(3) 🚨 DMEO की अभिरक्षा में रहते हुए पैकेट न खोले जाएंगे, न उनकी अन्तर्वस्तु का निरीक्षण होगा, न वे किसी व्यक्ति या प्राधिकारी के समक्ष पेश किए जाएंगे — सिवाय सक्षम न्यायालय के आदेश के

6.11 🚨 नियम 90 से 94 — विलोपित (DELETED)

नियम विषय स्थिति
90 Election of Vice-Chairman 🚨 विलोपित
91 Election of President 🚨 विलोपित
92 Election of Vice-President 🚨 विलोपित
93 Election of Mayor 🚨 विलोपित
94 Election of Deputy Mayor 🚨 विलोपित

सभी पाँच — अधिसूचना सं. एफ.8(ग)( ) Rules/DLB/19/23179 दिनांक 31.01.19 द्वारा विलोपित, राजस्थान राजपत्र असाधारण भाग 6(अ), दिनांक 01-02-2019 में प्रकाशित।

इसका अर्थ — और यह प्रशिक्षण के लिए राहत की बात है: पहले उपाध्यक्ष/सभापति/उपसभापति/महापौर/उपमहापौर के लिए पाँच अलग-अलग नियम थे। अब वे सब हटा दिए गए हैं और अध्याय V के सामान्य "उपाध्यक्ष (Vice-Chairperson)" वाले नियम 79–89 ही तीनों प्रकार के निकायों पर लागू होते हैं। एक ही प्रक्रिया, तीनों निकायों के लिए — पद का नाम भले भिन्न हो।

6.12 उपाध्यक्ष पद की रिक्ति [नियम 95]

उप-नियम प्रावधान
(1) कार्यकाल की समाप्ति से भिन्न कारण से रिक्ति → उप-चुनाव, "in accordance with the provisions of rules as existed at the time of election of the Vice-Chairperson who vacated the office"; कार्यकाल पूर्ववर्ती का शेष
परन्तुक 🚨 अधिनियम के अधीन उपाध्यक्ष पद से हटाया गया व्यक्ति नगरपालिका के शेष कार्यकाल के लिए पुनर्निर्वाचन हेतु अपात्र
(2) 🚨 उप-चुनाव की तिथि — तथा सदस्यों को दी जाने वाली सूचना की अवधि भी — राज्य निर्वाचन आयोग नियत करेगा
(3) परिणाम की घोषणा अनुसूची-VII के प्ररूप में

6.13 🚨 प्रथम बैठक [नियम 96]

"The meeting held for the election of the Chairperson of a municipality shall be the first meeting of the municipality."

अर्थात् अध्यक्ष के निर्वाचन वाली बैठक ही नगरपालिका की प्रथम बैठक मानी जाएगी — कोई अलग "प्रथम बैठक" आयोजित नहीं होगी।

6.14 कठिनाइयों का निराकरण [नियम 97]

"If any difficulty arises in the implementation of these rules, the State Election Commission or any authority directed by it, may by an order in writing give directions as may appear necessary to it for the removal of any such difficulty."

(यही वह शक्ति है जिसके अधीन आयोग ने अमिट स्याही के आदेश 2205 दिनांक 04.07.2019 एवं निवारक-निरोध के आदेश 1418 दिनांक 05.02.2026 जारी किए।)


§7 — अनुसूचियों का नक्शा (उपाध्यक्ष निर्वाचन)

अनुसूची किसके लिए
I नामांकन पत्र का प्ररूप
II प्राप्त नामांकनों की सूची
III विधिमान्य नामनिर्दिष्ट अभ्यर्थियों की सूची
III-क नाम वापसी की सूचना
III-ख लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची (हिन्दी वर्णक्रम में)
IV मतपत्र
V निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा (केवल एक अभ्यर्थी होने पर)
VI परिणाम की घोषणा (साधारण निर्वाचन)
VII उप-चुनाव के परिणाम की घोषणा [नियम 95(3)]
VIII कार्यवाही का अभिलेख [नियम 88(क)]

§7-क — 🚨 अनुसूची I से VIII — अब पढ़ ली गईं (22.08.2026)

स्रोत: मैनुअल, मुद्रित पृष्ठ 117–121 (PDF पृ. 126–130) — मैंने स्वयं पढ़ीं। §9 में इन्हें "अपठित" लिखा था; वह अब सही नहीं है।

🚨 सबसे महत्वपूर्ण खोज — मतपत्र पर नोटा है

अनुसूची-IV (मतपत्र, नियम 86(3)) का ढाँचा:

क्र.सं. अभ्यर्थी का नाम मत चिन्ह
1
2
🚨 NOTA (none of the above)

🚨 NOTA की पंक्ति अधिसूचना दिनांक 11.07.2014 द्वारा जोड़ी गई थी। इस मॉड्यूल के पूर्व संस्करण में नोटा का उल्लेख ही नहीं था — यह मेरी चूक थी, अब सुधार दी गई है।

अनुसूची-VIII (कार्यवाही का अभिलेख) में भी नोटा की पंक्ति है — अर्थात् नोटा के मत गिने और अभिलिखित किए जाते हैं।

मतपत्र के शीर्ष पर: "Sign. and Seal of R.O."नियम 86(3) की अधिप्रमाणन अपेक्षा मतपत्र में ही छपी है।


अनुसूचियों का सत्यापित नक्शा

अनुसूची नियम विषय
I 81(1) नामांकन पत्र
II 81(5) प्राप्त नामांकनों की सूची
III 83 विधिमान्य नामनिर्दिष्ट अभ्यर्थियों की सूची
III-क 84 नाम वापसी की सूचना
III-ख 84(3) लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची
IV 86(3) 🚨 मतपत्र — नोटा सहित
V 85 निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा
VI 87 लड़े गए निर्वाचन के परिणाम की घोषणा
VII 95 उप-चुनाव (आकस्मिक रिक्ति) के परिणाम की घोषणा
VIII 88 🚨 कार्यवाही का अभिलेख — नोटा सहित

अनुसूची-I (नामांकन पत्र) — सात खाने और तीन खण्ड

खाने: 1. अभ्यर्थी का पूरा नाम · 2. पिता/पति का नाम · 3. आयु · 4. लिंग · 5. जाति · 6. पता · 7. प्रस्थापक का पूरा नाम एवं पता

खण्ड क्या
अभ्यर्थी की घोषणा नामांकन को सहमति; कोई निरर्हता धारण न करने की घोषणा; किस दल द्वारा खड़ा किया गया
RO का पृष्ठांकन क्रम संख्या · "यह नामनिर्देशन पत्र मुझे … (नाम) द्वारा … (तिथि एवं समय) प्रस्तुत किया गया"
RO का आदेश स्वीकृत / अस्वीकृत + अस्वीकृति के कारण

⚠️ अनुसूची-I में "अधिनियम, 1959" लिखा है — इसे "सुधारें" नहीं

अभ्यर्थी की घोषणा में छपा है — "…I do not hold any of the disqualifications enumerated in the Rajasthan Municipalities Act, 1959…"

वर्तमान अधिनियम राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 (2009 का अधिनियम 18) है।

🚨 किन्तु यह प्ररूप की अकेली भूल नहीं है — यह नियम 1994 की पूरी संरचना है। ये नियम 1959 के अधिनियम के अधीन बने थे, इसलिए उनमें 1959 के हवाले जगह-जगह बचे हैं (उदाहरण: नियम 13(5) भी "section 18 of the Rajasthan Municipalities Act, 1959 (38 of 1959)" कहता है)

➡ प्ररूप को जैसा छपा है वैसा ही भरवाएँ। इसे "गलत" कहकर न बदलें। यदि अभ्यर्थी पूछे, तो बताएँ कि निरर्हताएँ आज अधिनियम 2009 की धारा 24 से आती हैं, और यह पुराना हवाला निरसन-व्यावृत्ति (repeal and savings) के कारण चलता है।


अनुसूची-III-क (नाम वापसी) — "व्यक्तिशः" प्ररूप में ही छपा है

RO के पृष्ठांकन का पाठ:

"This notice was delivered to me in my office at …(hour) on …(date) by Shri … the candidate personally."

यह §6.5 में दर्ज नियम 84(1) की पुष्टि करता है — उपाध्यक्ष पद की नाम वापसी में प्रस्थापक वाला रास्ता नहीं है। प्ररूप स्वयं इसकी पुष्टि करता है।


अनुसूची-VII — आकस्मिक रिक्ति के पाँच कारण प्ररूप में छपे हैं

"…to fill the vacancy of Vice-Chairman caused by the resignation / death / removal / passing of no-confidence motion against / election has been rendered void of Shri …"

# कारण
1 त्यागपत्र
2 मृत्यु
3 पद से हटाया जाना
4 अविश्वास प्रस्ताव पारित होना
5 निर्वाचन शून्य घोषित होना

अनुसूची-VIII (कार्यवाही का अभिलेख) — RO को क्या-क्या भरना है

# खाना
1–3 निर्वाचन की तिथि · स्थान · मतदान के घंटे
4 रिटर्निंग अधिकारी का नाम
5 🚨 पदधारी सदस्यों की कुल संख्या
6 🚨 बैठक में उपस्थित सदस्यों की कुल संख्या
7 उपस्थित सदस्यों के नाम (सूची संलग्न)
8 नियुक्त मतदान अधिकारियों की कुल संख्या
9 मतगणना — (क) प्रारम्भ का समय · (ख) परिणाम घोषणा का समय
10 परिणाम — अभ्यर्थीवार मत, 🚨 नोटा सहित; निर्वाचित घोषित का नाम
कुल विधिमान्य मत · कुल अविधिमान्य मत · कुल डाले गए मत
रिटर्निंग अधिकारी के हस्ताक्षर तथा 🚨 सदस्यों के हस्ताक्षर (1 से 6)

🚨 अनुसूची-VIII छहों पदों को एक साथ नाम देती है"Chairman/Vice-Chairperson/President/ Vice-President/Mayor/Deputy Mayor" — यह §6.11 की पुष्टि है कि नियम 90–94 विलोपित होने के बाद अध्याय V तीनों निकाय-प्रकारों पर लागू होता है। (अधिसूचना सं. F.8(ga)( ) Rules/DLB/19/33841 दिनांक 16.10.19 द्वारा संशोधित)


🔎 एक छोटी मुद्रण-विसंगति (दर्ज, बदली नहीं)

अनुसूची-VI का शीर्षक "Vice-Chairperson" कहता है, किन्तु उसी प्ररूप का मुख्य वाक्य "…duly elected to fill the office of Vice-Chairman…" कहता है। यह मुद्रण की असंगति है, विधि की नहीं — प्ररूप को जैसा छपा है वैसा ही प्रयोग करें।


§7-ख — 🚨 आदेश 1607 दिनांक 11.02.2026 — उपाध्यक्षीय निर्वाचन के दिशा-निर्देश (22.08.2026 को पढ़ा)

क्रमांक एफ. 1(4)(1)नपा/रानिआ/14/1607, दिनांक 11.02.2026 — समस्त जिला निर्वाचन अधिकारी (नगरपालिका) विषय: नगरपालिका निर्वाचन — उपाध्यक्षीय पदों के निर्वाचन हेतु दिशा-निर्देश स्रोत: संकलन, आदेश (67), मुद्रित पृ. 278 — मैंने पृष्ठ-चित्र स्वयं पढ़ा (यह संकलन का भाग 12 है, जिसे इस मॉड्यूल के §9 में "एजेंट-मसौदा, स्वयं सत्यापित नहीं" लिखा था।)

🚨 यह आदेश पूर्व पत्रांक 3564 दिनांक 23.09.2019 को अधिक्रमित करता है और तत्काल प्रभाव से लागू है।

1. 🚨 सबसे व्यावहारिक बात — मतपत्र के "मत चिन्ह" कॉलम में चुनाव चिन्ह नहीं लगेगा

"मतपत्र फॉर्म में 'मत चिन्ह' वाले कॉलम में चुनाव चिन्ह अंकित नहीं किया जाएगा, बल्कि मत देने वाले सदस्यों द्वारा मत अभिलिखित करने वाला चिन्ह यानि क्रॉस मार्क लगाया जाएगा।"

❌ जो नहीं करना ✅ जो करना है
अनुसूची-IV के "Vote Mark" कॉलम में अभ्यर्थी का चुनाव चिन्ह छापना वह कॉलम खाली छोड़ना — उसी में मतदान करने वाला सदस्य क्रॉस लगाएगा

🚨 यह चूकना आसान है। "मत चिन्ह" पढ़कर RO वहाँ चुनाव-चिन्ह छापने की सोच सकता है। वह कॉलम मतदाता के लिए है, अभ्यर्थी के लिए नहीं। (यह §6.7 के नियम 86(4) से मेल खाता है — सदस्य क्रॉस का चिन्ह RO द्वारा दिये उपकरण से लगाएगा।)

2. मतपत्र का प्ररूप — नियमों में था ही नहीं, आयोग ने विहित किया

नियम 86(3) कहता है मतपत्र अनुसूची-4 के अनुसार होगा — "परन्तु नियमों में इस हेतु कोई प्ररूप विहित नहीं किया गया है।" इस व्यावहारिक कठिनाई के निवारण हेतु —

पद मतपत्र का प्ररूप विहित करने वाला आदेश
उपाध्यक्षीय पद 🚨 आदेश 1357 दिनांक 04.02.2026 — नमूना मतपत्र परिशिष्ट-1 पर संलग्न
अध्यक्षीय पद आदेश 1364 दिनांक 04.02.2026 (सां.आ. 154/2026) — देखें §4.2 मद (ix)

⚠️ दोनों अलग आदेश हैं — 1357 उपाध्यक्ष के लिए, 1364 अध्यक्ष के लिए। इन्हें न मिलाएँ।

3. 🚨 दो और प्ररूप जो नियमों में नहीं थे — आयोग ने मॉडल फॉर्म बनाए

"उपाध्यक्षीय के पदों के निर्वाचन के लिए निर्वाचन अधिकारी द्वारा वार्ड से निर्वाचित सदस्यों की सूची एवं निर्वाचित सदस्यों की बैठक हेतु नोटिस की आवश्यकता होगी। … नियमों में कोई फॉर्म निर्धारित नहीं किया हुआ है। अतः आयोग द्वारा … मॉडल फॉर्म तैयार किए गए हैं।"

परिशिष्ट क्या
परिशिष्ट-2 वार्ड से निर्वाचित सदस्यों की सूची
परिशिष्ट-3 निर्वाचित सदस्यों की बैठक हेतु नोटिस

§6.2 की नोटिस-सूचना इन्हीं मॉडल फॉर्म पर बनेगी — अपना प्रारूप न बनाएँ।

4. ✅ अनुसूचियों का रहस्य सुलझ गया — 2019 का संशोधन

आदेश (67) बताता है कि स्वायत्त शासन विभाग की अधिसूचना क्रमांक 23179 दिनांक 31.01.2019 से जारी राजस्थान नगरपालिका (निर्वाचन) (संशोधन) नियम, 2019 के नियम 14 ने —

कहाँ क्या बदला
अनुसूची I, III-क, III-ख, IV, V, VI एवं VII जहाँ-जहाँ "अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/सभापति/उप-सभापति/महापौर/उप-महापौर" लिखा था, वहाँ "उपाध्यक्ष" प्रतिस्थापित
🚨 अनुसूची VIII जहाँ "उपाध्यक्ष" लिखा था, वहाँ "अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/सभापति/उप-सभापति/महापौर/उप-महापौर" प्रतिस्थापित

यह ठीक वही है जो मैंने §7-क में पृष्ठों पर देखा था — अनुसूची I से VII में केवल "उपाध्यक्ष", और अनुसूची VIII में छहों पद एक साथअब उसका स्रोत भी ज्ञात है। (यह वही अधिसूचना 23179 दि. 31.01.2019 है जिसने नियम 90–94 विलोपित किए — देखें §6.11।)

🚨 और यह संदर्भ भी देता है: वही अधिसूचना "अध्यक्षीय पदों के निर्वाचन प्रत्यक्ष रीति से कराए जाने हेतु" जारी हुई थी। किन्तु आज की स्थिति भिन्न हैआदेश 1891 दिनांक 18.02.2026 के अनुसार अध्यक्षीय निर्वाचन अप्रत्यक्ष रीति से होंगे (देखें §1)नवीनतम दस्तावेज ही मान्य है।

संलग्नक जो इस आदेश के साथ आते हैं

  1. अनुसूची 1 से 8
  2. मतपत्र का प्रारूप (परिशिष्ट-1)
  3. सदस्यों की सूची एवं बैठक नोटिस हेतु फॉर्म (परिशिष्ट-2 एवं 3)

⚠️ मैंने आदेश (67) का केवल प्रथम पृष्ठ (मुद्रित 278) पढ़ा है। उसके संलग्नक — मतपत्र का नमूना एवं दोनों मॉडल फॉर्म — मुद्रित पृ. 279 के आगे हैं और मैंने वे पृष्ठ अभी नहीं खोले। प्रयोग से पूर्व वे पृष्ठ खोलें।


§7-ग — 🚨 आदेश 5164 दिनांक 15.11.2019 — अध्यक्षीय निर्वाचन के दिशा-निर्देश (22.08.2026 को पढ़ा)

क्रमांक एफ़ 1(4)(1)न.पा./रानिआ/14/5164, दिनांक 15.11.2019 संदर्भ: स्थानीय निकाय विभाग की अधिसूचना प.8(Ga)( ) Rules/DLB/19/33841 दिनांक 16.10.2019 स्रोत: संकलन, आदेश (60), मुद्रित पृ. 251 — मैंने पृष्ठ-चित्र स्वयं पढ़ा

🚨 1. आरक्षित पद हो → जाति प्रमाण पत्र नामनिर्देशन पत्र के साथ संलग्न करना आवश्यक

मद 5: "अध्यक्ष का पद जिस जाति एवं वर्ग … के लिए आरक्षित है, उसी जाति एवं वर्ग का अभ्यर्थी ही अध्यक्ष के रूप में चुने जाने … के योग्य होगा। इस हेतु अभ्यर्थी को नाम निर्देशन पत्र के साथ राज्य सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र की प्रति संलग्न करना आवश्यक होगा।"

§2 की आरक्षण-शर्त के साथ यह दस्तावेज़ी अपेक्षा भी जोड़ें — पहले इस मॉड्यूल में यह नहीं थी। (सदस्य पद के लिए यही अपेक्षा नियम 12(8) में है।)

2. 🚨 सात प्ररूप विलोपित — वे प्रत्यक्ष अध्यक्षीय चुनाव के थे

अधिसूचना 33841 दि. 16.10.2019 ने —

क्या हुआ किस पर
संशोधित नियम 78 (मुख्य), तथा नियम 79, 80, 96, अनुसूची-VIII, प्ररूप 1A एवं 2A
प्रतिस्थापित प्ररूप 3A — अध्यक्षीय पदों का नामनिर्देशन पत्र
🚨 विलोपित प्ररूप 9A, 10A, 14CC, 17A, 19A, 20A एवं 21Aये अध्यक्ष के प्रत्यक्ष चुनाव हेतु विहित थे

⚠️ यदि कोई पुरानी सामग्री प्ररूप 9A/10A/14CC/17A/19A/20A/21A का उल्लेख करे — वे अब नहीं हैं।

3. ✅ जो इस मॉड्यूल की पुष्टि करता है

आदेश का मद कहाँ पहले से दर्ज
1. नियम 10–23, 56, 71–75, 86, 87, 88 यथोचित रूप में लागू, नियम 78(6)(i)–(xv) के परिवर्तनों सहित §4
2. अध्यक्ष का चुनाव निर्वाचित सदस्यों द्वारा §1
3. सदस्य की योग्यता + निरर्हता न हो; कोई भी निर्वाचित सदस्य पात्र §2 (2), (3)
4. 🚨 सांसद / विधायक / पंचायती राज संस्था का अध्यक्ष या सदस्य — अपात्र §2 (4)
6. नियम 9 — DEO अध्यक्षीय निर्वाचन हेतु भी RO एवं आवश्यकतानुसार ARO नियुक्त करेगा नया — अब दर्ज
6. नियम 86(2) — RO की सहायता हेतु अधिकारी नियुक्त §6.7 (2)

⚠️ मैंने आदेश (60) का केवल प्रथम पृष्ठ (मुद्रित 251) पढ़ा है। यह आदेश मुद्रित पृ. 251–262 (12 पृष्ठ) तक चलता है और उसमें अधिसूचना 33841 की प्रति संलग्न है। शेष 11 पृष्ठ अभी नहीं खोले।


§7-घ — 🚨 मतपत्र का प्रारूप — अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के मतपत्र अलग-अलग हैं (22.08.2026 को पढ़ा)

दोनों आदेश मैंने पृष्ठ-चित्रों से स्वयं पढ़े हैं — संकलन के आदेश (63) एवं (64), मुद्रित पृ. 265 एवं 269

🚨 सबसे पहले यह — एक में चुनाव चिन्ह छपता है, दूसरे में नहीं

अध्यक्षीय पद उपाध्यक्षीय पद
आदेश 1364 दि. 04.02.2026 (सां.आ. 154/2026) 1357 दि. 04.02.2026
शक्ति नियम 78(6)(ix) नियम 97 (कठिनाइयों का निराकरण)
🚨 चुनाव चिन्ह छपेगा"अभ्यर्थी का नाम पैनल में बांई ओर तथा उसका प्रतीक दाहिनी ओर अंकित होगा" नहीं छपेगा"'मत चिन्ह' वाले कॉलम में चुनाव चिन्ह अंकित नहीं किया जाएगा"
वह कॉलम किसके लिए प्रतीक के लिए मतदान करने वाले सदस्य के क्रॉस के लिए
अधिक्रमित करता है आदेश 4189 दि. 21.10.2019 (सां.आ. 123/2019) आदेश 3173 दि. 29.08.2019

🚨 यही वह जगह है जहाँ गलत मतपत्र छप सकता है। अध्यक्ष के मतपत्र पर प्रतीक चाहिए; उपाध्यक्ष के मतपत्र पर नहीं। (यह तर्कसंगत भी है — अध्यक्ष पद पर कोई भी पात्र व्यक्ति लड़ सकता है, जबकि उपाध्यक्ष पद पर केवल निर्वाचित सदस्य, जिन्हें सब जानते हैं।)


अध्यक्षीय मतपत्र — आदेश 1364 का पूरा विनिर्देश (10 बिन्दु)

# विनिर्देश
1 चौड़ाई 4 इंच
2 ऊपरी भाग पर 4 MM मोटाई की छायादार (shaded) लाईन
3 उसके बाद लड़ने वाले अभ्यर्थियों एवं नोटा के पैनल; प्रत्येक पैनल की ऊंचाई 25 MM
4 प्रथम एवं द्वितीय पैनल 10 MM से, शेष सभी 4 MM की छायादार लाईन से पृथक
5 🚨 प्रथम व द्वितीय पैनल के बीच की 10 MM लाईन ऊर्ध्वाधर रेखा से दो 2-इंच भागों में बँटेगी — बाईं ओर मतपत्र क्रमांक; दाईं ओर 5 MM क्षैतिज रेखा से दो 5 MM भाग — ऊपरी भाग में निर्वाचन की विशिष्टियाँ (उदाहरण: "अध्यक्ष/झालरापाटन/सा.नि./26" = पद/नगरपालिका/साधारण या उप-निर्वाचन/वर्ष), निचला भाग छायादार
6 🚨 नाम बाईं ओर, प्रतीक दाहिनी ओर। अंतिम अभ्यर्थी के नीचे नोटा — विकल्प बाईं ओर, उसका निर्धारित प्रतीक दाईं ओर
7 🚨 प्रतीक का आकार अधिकतम 35 × 20 MM (चौड़ाई × ऊंचाई)
8 नाम लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची के उसी क्रम एवं उसी रीति से
9 विशिष्टियाँ हिन्दी में देवनागरी लिपि में
10 🚨 नोटा सहित अभ्यर्थी 9 से अधिक → मतपत्र दो स्तम्भों में; 18 से अधिक → तीन स्तम्भों में, और आगे भी यही क्रम। प्रत्येक स्तम्भ 4 इंच का

उपाध्यक्षीय मतपत्र — आदेश 1357 का विनिर्देश (5 बिन्दु)

क्यों जारी हुआ: नियम 86(3) कहता है मतपत्र अनुसूची-IV के अनुसार होगा, "परन्तु मतपत्र के साईज एवं अभ्यर्थियों के पैनल हेतु स्थान के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है" — इसलिए नियम 97 की शक्ति से यह आदेश।

# विनिर्देश
1 चौड़ाई 4 इंच
2 🚨 अंतिम अभ्यर्थी के नाम के बाद 'नोटा' (इनमें से कोई नहीं) हेतु विकल्प उपलब्ध रहेगा
3 अभ्यर्थियों के नाम एवं नोटा का विकल्प मतपत्र में बाईं ओर एक पैनल में प्रदर्शित होंगे
4 🚨 प्रत्येक पैनल की ऊंचाई 2 CM (अध्यक्ष के मतपत्र में 25 MM)
5 🚨 पैनल एक-दूसरे से 5 MM मोटी छायादार लाईन से पृथक (अध्यक्ष के मतपत्र में 4 MM)

बिन्दु 2 §7-क की उस खोज की स्वतंत्र पुष्टि है कि अनुसूची-IV के मतपत्र पर नोटा है।


⚠️ माप एक जैसे नहीं हैं — छपाई से पहले मिलाएँ

माप अध्यक्ष (1364) उपाध्यक्ष (1357)
चौड़ाई 4 इंच 4 इंच ✅ (समान)
पैनल की ऊंचाई 25 MM 2 CM = 20 MM
पैनलों के बीच लाईन 4 MM (पहले-दूसरे के बीच 10 MM) 5 MM
स्तम्भ (column) नियम 9 / 18 पर विभाजन आदेश में नहीं

🚨 एक पद का विनिर्देश दूसरे पर न लगाएँ।


§7-ङ — 🚨 आदेश 1381 (बैठक का नोटिस) एवं 1374 (परिणाम-दस्तावेज) (22.08.2026 को पढ़े)

1. आदेश 1381 दिनांक 04.02.2026 — अध्यक्ष पद की बैठक का नोटिस

संकलन आदेश (62), मुद्रित पृ. 264 — मैंने पृष्ठ-चित्र स्वयं पढ़ा पूर्व आदेश 4930 दि. 11.11.2019 अधिक्रमित।

यह §4.3 की अक्षरशः पुष्टि करता है — आदेश नियम 78(6)(xi) को ज्यों का त्यों उद्धृत करता है: (a) 10.00 AM to 02.00 PM as the hours of Poll · (b) counting immediately after completion of poll · (c) every contesting candidate … entitled to attend … However only elected member is entitled to cast his vote in the meeting.**

🚨 नया — बैठक के नोटिस का आयोग का अपना प्ररूप है

"अध्यक्ष के चुनाव हेतु निर्वाचित सदस्यों की बैठक के लिए नोटिस के प्ररूप में समरूपता रहे इस हेतु … आयोग द्वारा प्ररूप तैयार कर पत्र के साथ संलग्न कर भिजवाया जा रहा है।"

⚠️ अपना प्रारूप न बनाएँ। दोनों पदों के लिए अलग-अलग प्ररूप हैं — अध्यक्ष: आदेश 1381 का संलग्न प्ररूप · उपाध्यक्ष: आदेश 1607 के परिशिष्ट-2 एवं 3 (सदस्य-सूची एवं बैठक नोटिस) — देखें §7-ख


2. 🚨 आदेश 1374 दिनांक 04.02.2026 (सां.आ. 155/2026) — परिणाम के तीन दिन के भीतर

संकलन आदेश (66), मुद्रित पृ. 273 — मैंने पृष्ठ-चित्र स्वयं पढ़ा पूर्व आदेश 4228 दि. 21.10.2019 (सां.आ. 126/2019) अधिक्रमित।

नियम 68 सपठित नियम 72 के अधीन — निर्वाचित सदस्यों के नाम राजपत्र में प्रकाशित कराने हेतु, RO परिणामों की घोषणा के 🚨 तीन दिवस के भीतर निम्न आयोग को भेजेगा:

# दस्तावेज़
1 संलग्न प्रारूप में निर्वाचित सदस्यों की सूचना मय सॉफ्ट कॉपी — 🚨 मंगल फॉन्ट एवं MS Word में
2 प्ररूप 21 (अंतिम परिणाम पत्रक) — एक मूल प्रति
3 प्ररूप 22 (परिणाम की घोषणा) — एक मूल प्रति
4 प्ररूप 23 (निर्वाचन का प्रमाण पत्र) — 🚨 मूल प्राप्ति रसीद

🚨 भेजने से पूर्व RO सुनिश्चित करे कि सभी दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर, नाम, पदनाम एवं मोहर अंकित हों। DEO भी सुनिश्चित करेगा कि RO ने निर्धारित समय-सीमा में ये भेज दिए।


§7-च — 🚨 आदेश 5360 (मतपत्र का रंग व संख्या) एवं 4146 (शपथ) (22.08.2026 को पढ़े)

1. 🚨 आदेश 5360 दिनांक 22.11.2019 — अध्यक्षीय मतपत्र गुलाबी कागज पर

संकलन आदेश (61), मुद्रित पृ. 263 — मैंने पृष्ठ-चित्र स्वयं पढ़ा। यह आदेश 5164 दि. 15.11.2019 (§7-ग) का अनुवर्ती है — हस्ताक्षर अशोक कुमार जैन, उप सचिव।

# निर्देश
1 🚨 "अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए मतपत्र गुलाबी रंग के कागज पर मुद्रित किये जाएंगे"गुलाबी कागज राजकीय मुद्रणालय से प्राप्त करें
2 🚨 कितने मतपत्र छपवाएँ — नीचे तालिका
3 नियम 78(6) के कारण नियम 86 अध्यक्षीय निर्वाचन पर भी लागू; अतः मतपत्र RO के हस्ताक्षर एवं मोहर से सम्यक् रूप से अधिप्रमाणित होंगे

🚨 मतपत्रों की संख्या का सूत्र

नगरीय निकाय कितने मतपत्र
वार्ड 50 से कम वार्डों की संख्या + 5
वार्ड 50 से अधिक वार्डों की संख्या + 10

उदाहरण: 35 वार्ड वाली नगरपालिका → 40 मतपत्र · 65 वार्ड वाला नगर निगम → 75 मतपत्र

⚠️ यह अध्यक्ष पद के लिए है। मतदाता केवल निर्वाचित सदस्य होते हैं, इसलिए संख्या वार्डों के बराबर + थोड़ा अतिरिक्त। सदस्य पद के मतपत्र/EVM से इसे न मिलाएँ।

🔎 एक उद्धरण-विसंगति (दर्ज, बदली नहीं): आदेश अधिप्रमाणन के लिए "नियम 83(3)" लिखता है, जबकि अधिप्रमाणन का प्रावधान नियम 86(3) में है (देखें §6.7)बात सही है, क्रमांक संदिग्ध है। प्रशिक्षण में नियम 86(3) उद्धृत करें।


2. 🚨 आदेश 4146 दिनांक 21.10.2019 — शपथ अध्यक्ष के चुनाव से पहले

संकलन आदेश (65), मुद्रित पृ. 271 — मैंने पृष्ठ-चित्र स्वयं पढ़ा। पूर्व पत्रांक 3438 दि. 17.09.2019 अधिक्रमित — हस्ताक्षर श्याम सिंह राजपुरोहित, सचिव।

आधार: अधिनियम 2009 की धारा 37 सपठित नियम 69 — नगरपालिका का कोई भी निर्वाचित अध्यक्ष एवं सदस्य अपने कर्तव्यारूढ़ होने (entering upon his duties) के पूर्व, कलक्टर या उसके नामनिर्देशिती के समक्ष शपथ लेगा या प्रतिज्ञान करेगा और उस पर हस्ताक्षर करेगा। (राज्य सरकार की अधिसूचना दिनांक 05.08.2019 ने नियम 69 के शपथ-प्ररूप को संशोधित किया।)

🚨 यह बिन्दु इस मॉड्यूल में नहीं था — शपथ मतदान की पूर्व-शर्त है

"इन प्रावधानों से यह स्पष्ट है कि अध्यक्ष (Chairperson) के कर्तव्यारूढ़ होने एवं सदस्यों के अध्यक्ष (Chairperson) के चुनाव में भाग लेने के लिए विहित शपथ ग्रहण किया जाना आवश्यक है।"

"अध्यक्ष के चुनाव से पूर्व सभी सदस्यों को नियम 69 में विहित प्ररूप में शपथ दिलाया जाना आवश्यक है।"

कौन 🚨 सभी निर्वाचित सदस्य — केवल अध्यक्ष नहीं
कब 🚨 अध्यक्ष के चुनाव से पूर्व
क्यों शपथ लिए बिना सदस्य अध्यक्ष के चुनाव में भाग नहीं ले सकता
किसके समक्ष कलक्टर या उसका नामनिर्देशिती

🚨 कार्यक्रम पर असर: सदस्य-परिणाम 14.09.2026, अध्यक्ष का निर्वाचन 21.09.2026बीच के दिनों में सभी निर्वाचित सदस्यों की शपथ पूरी होनी चाहिए — अन्यथा 21.09 की बैठक में मतदाता ही अधूरे रह जाएंगे।

आयोग की अपेक्षा — कलक्टर RO/ARO को नामनिर्देशित करे

"आयोग जिला कलक्टर (District Collectors) से अपेक्षा करता है कि नगरपालिका के रिटर्निंग अधिकारी / सहायक रिटर्निंग अधिकारी को अध्यक्ष एवं सदस्यों को शपथ या प्रतिज्ञान दिलाने के लिए नियम 69 के अन्तर्गत नामनिर्देशित (nominate) किया जाये।"

व्यवहार में शपथ RO/ARO ही दिलाएगा — कलक्टर के नामनिर्देशिती के रूप में। RO यह नामनिर्देशन लिखित में पहले से करा ले।

यह §4.5 की पुष्टि भी करता है"कलक्टर या उसके नामनिर्देशिती के समक्ष, नियम 69 के प्ररूप में"नया यह है कि सदस्यों की शपथ अध्यक्ष-चुनाव की पूर्व-शर्त है।


§7-छ — ✅ आदेश 1607 के संलग्नक पढ़ लिए गए — नमूना मतपत्र एवं बैठक नोटिस (22.08.2026)

§7-ख में लिखा था कि आदेश (67) के संलग्नक "मैंने अभी नहीं खोले"अब खोल लिए हैंपरिशिष्ट-1 (मुद्रित पृ. 286) एवं परिशिष्ट-3 (मुद्रित पृ. 288)।

1. ✅ नमूना मतपत्र (परिशिष्ट-1) — §7-घ की पूरी पुष्टि

नमूने में सब कुछ वैसा ही दिखता है जैसा §7-घ में लिखा था —

देखा गया पुष्टि
शीर्ष: अनुसूची-4 (नियम-86(3) देखिए) मत-पत्र
तीन कॉलम: क्र.सं. · अभ्यर्थी का नाम · मत चिन्ह
🚨 "मत चिन्ह" का कॉलम बिल्कुल खाली है — कोई चुनाव चिन्ह मुद्रित नहीं §7-घ सही
पैनलों के बीच मोटी छायादार पट्टियाँ ✅ आदेश 1357 का 5 MM वाला बिन्दु
आखिरी पंक्ति: 🚨 "इनमें से कोई नहीं (NOTA)" §7-क सही
ऊपर दायीं ओर: "रिटर्निंग अधिकारी के हस्ताक्षर एवं मुद्रा" ✅ नियम 86(3) का अधिप्रमाणन

🔎 एक छोटी बात जो नमूने से ही पता चली: नोटा की पंक्ति पर कोई क्रम संख्या नहीं है — वह अंतिम अभ्यर्थी के बाद बिना क्रमांक के आती है।

2. बैठक नोटिस का मॉडल फॉर्म (परिशिष्ट-3) — सात बिन्दु

सातों बिन्दु §6.2 (नियम 80) से अक्षरशः मेल खाते हैं — बैठक पूर्वान्ह 10.00, नामांकन 10.00–11.00, संवीक्षा 11.30, वापसी 2.00 से पूर्व, मतदान 2.30–5.00, मतगणना तुरन्त पश्चात्

दो बातें जो इस मॉड्यूल में नहीं थीं —

🚨 (क) विधिक आधार में अधिनियम 2009 की धारा 43 भी है

"राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 43 एवं राजस्थान नगरपालिका (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 79 के अन्तर्गत उपाध्यक्ष के निर्वाचन के लिए मैं … नियम 80 के अनुसार एतद्द्वारा सूचित करता हूँ"

➡ मेरा §6 केवल नियम 79/80 उद्धृत करता था। सांविधिक आधार धारा 43 है — नोटिस में दोनों लिखें।

🚨 (ख) नोटिस में उपाध्यक्षीय पद के आरक्षण का खाना है

"उपाध्यक्षीय पद यदि आरक्षित हैं तो उसकी श्रेणी ……………"

🔍 मैंने इसे खोजा — चार स्रोत, चारों में कुछ नहीं मिला

खोजा गया परिणाम
अधिनियम 2009 की धारा 43(3) (मैनुअल PDF पृ. 75) 🚨 "The offices of Chairpersons of Municipalities shall be reserved for the Scheduled Castes, Scheduled Tribes and the Backward Classes as also for women…"केवल अध्यक्ष पद। उपाध्यक्ष का उल्लेख नहीं। धारा 43(2) उपाध्यक्ष को अलग से गिनाती है, पर आरक्षण केवल (3) में है
पूरा मैनुअल (182 पृष्ठ) शून्य — एक भी वाक्य नहीं जिसमें Vice/Deputy और reserv साथ हों
पूरा संकलन (344 पृष्ठ) समस्त संकलन में उपाध्यक्ष और आरक्षित/आरक्षण केवल एक पृष्ठ पर साथ आते हैं — 🚨 वही यह मॉडल फॉर्म (मु.पृ. 288)
DLMT के पांचों डेक · नवीनतम आदेश · संशोधन अधिनियम शून्य हिट

निष्कर्ष (अभाव का निष्कर्ष, और यह भी एक निष्कर्ष है): हमारे पास उपलब्ध किसी भी संकलित विधि में उपाध्यक्ष पद का आरक्षण करने वाला कोई प्रावधान नहीं मिला। मॉडल फॉर्म का यह खाना अपने स्रोत से रहित प्रतीत होता है।

दो संभावनाएँ

# संभावना इसके पक्ष में
1 खाना सावधानीवश / विरासतन है — विधि में उपाध्यक्ष का आरक्षण है ही नहीं धारा 43(3) का स्पष्ट शब्द "Chairpersons"; चारों खोजों में शून्य
2 आरक्षण किसी ऐसे आदेश से होता है जो इस संग्रह में नहीं 🚨 धारा 43(4) के अनुसार आरक्षित पदों का आवंटन राज्य सरकार (DLB) करती है, आयोग नहीं — इसलिए ऐसे आदेश DLB की साइट पर होंगे, SEC की पर नहीं — और यह संग्रह SEC से बना है

🚨 निर्णायक रूप से कैसे सुलझाएँ — तीन रास्ते, इसी क्रम में

# क्या करें क्यों
1 🚨 स्वायत्त शासन विभाग (DLB) की आरक्षण-अधिसूचना मंगाएँ — 2026 के लिए जारी अध्यक्षीय आरक्षण की अधिसूचना देखें — उसमें उपाध्यक्ष का उल्लेख है या नहीं धारा 43(4) के अनुसार यही वह दस्तावेज़ है जो आरक्षण आवंटित करता है
2 DEO से लिखित में पूछें"इस निकाय में उपाध्यक्ष पद आरक्षित है या नहीं; यदि हाँ तो किस आदेश/अधिसूचना से" नोटिस RO ने जारी करना है; उत्तर लिखित में रखें
3 आयोग को लिखित संदर्भ — यदि 1 व 2 से स्पष्ट न हो यही प्ररूप आयोग का अपना है, इसलिए स्पष्टीकरण उसी से

तब तक क्या करें

यदि DEO/अधिसूचना कहे कि पद आरक्षित है → नोटिस में श्रेणी लिखें। ✅ यदि कोई आरक्षण नहीं बताया जाता → खाने में "लागू नहीं" लिखें — खाली न छोड़ें। 🚨 अपनी ओर से कोई आरक्षण न मान लें। अध्यक्ष पद का आरक्षण [धारा 43(3), नियम 78(5)] उपाध्यक्ष पद पर स्वतः लागू नहीं होता — दोनों अलग पद हैं।

✅ नोटिस दो बातों की पुष्टि भी करता है

  • बिन्दु 2: नाम निर्देशन पत्र उम्मीदवार या उसके प्रस्तावक द्वारा — ✅ §6.3 [नियम 81(4)]
  • बिन्दु 5: वापसी की सूचना उम्मीदवार द्वारा व्यक्तिगत रूप से — ✅ §6.5 [नियम 84(1)] एवं अनुसूची-IIIक

§8 — एक पृष्ठ का सार

अध्यक्ष (21.09.2026)
  मतदाता = निर्वाचित सदस्य · माध्यम = मतपत्र · स्थान = नगरपालिका कार्यालय
  पात्रता: सदस्य की अर्हता + 🚨 सांसद/विधायक/पंचायती राज सदस्य-अध्यक्ष अपात्र [नियम 78(4)]
  प्रस्थापक = कोई निर्वाचित सदस्य [78(6)(iv)]
  निक्षेप: महापौर 30,000/15,000 · सभापति 20,000/10,000 · अध्यक्ष 10,000/5,000
  कार्यक्रम: सदस्य-परिणाम +2 दिन नामांकन → अगला दिन संवीक्षा → अगला दिन वापसी
            → वापसी +3 दिन मतदान · प्रातः 10 से अपराह्न 2 · मतगणना तुरन्त
  हर अभ्यर्थी बैठक देख सकता है — 🚨 मत केवल निर्वाचित सदस्य देगा [78(6)(xi)(c)]
  शपथ: कलक्टर या उसके नामनिर्दिष्टि के समक्ष, नियम 69 के प्ररूप में

उपाध्यक्ष (22.09.2026) — अध्यक्ष-परिणाम के ठीक अगले दिन, एक ही दिन में सब कुछ
  10.00–11.00 नामांकन → 11.30 संवीक्षा → 2.00 तक वापसी → 2.30–5.00 मतदान → तुरन्त गणना
  प्रस्थापक = कोई सदस्य · प्रत्येक अभ्यर्थी हेतु पृथक नामांकन पत्र
  अस्वीकृति के केवल 2 आधार [नियम 82(2)] · नाम-विवरण की अशुद्धि पर नहीं
  एक अभ्यर्थी → निर्विरोध · दो या अधिक → गुप्त मतपत्र · कोई नहीं → सब नये सिरे से
  मतपत्र पर 🚨 क्रॉस का चिन्ह, RO के दिये उपकरण से ही
  अविधिमान्यता के 4 आधार [नियम 87(2)] · समता → लॉट → सर्वाधिक मत विजयी

🚨 कार्य-सूची — जिन बातों की समय-सीमा या भौतिक आउटपुट है (जोड़ा गया 22.08.2026)

21.09 से पहले — यही छूटती हैं
  🚨 सभी निर्वाचित सदस्यों की शपथ        सदस्य-परिणाम 14.09 -> अध्यक्ष 21.09
                                       बिना शपथ सदस्य मत नहीं दे सकता   [आदेश 4146]
     कलक्टर नियम 69 के अधीन RO/ARO को नामनिर्देशित करे — लिखित में लें

  🚨 मतपत्र छपवाएँ — दोनों पदों के अलग
     अध्यक्ष     गुलाबी कागज, राजकीय मुद्रणालय से            [आदेश 5360]
                 वार्ड + 5 (50 से कम) | वार्ड + 10 (50 से अधिक)
                 चौड़ाई 4 इंच | पैनल 25 MM | लाईन 4 MM (1-2 के बीच 10 MM)
                 नाम बाएँ, प्रतीक दाएँ | प्रतीक अधिकतम 35 x 20 MM
                 अंतिम अभ्यर्थी के नीचे नोटा, उसके प्रतीक सहित
                 नोटा सहित >9 -> 2 स्तम्भ | >18 -> 3 स्तम्भ   [आदेश 1364]

     उपाध्यक्ष   चौड़ाई 4 इंच | पैनल 2 CM | लाईन 5 MM
                 🚨 चुनाव चिन्ह नहीं — वह कॉलम सदस्य के क्रॉस के लिए
                 अंतिम अभ्यर्थी के बाद नोटा              [आदेश 1357 / 1607]

  🚨 बैठक के नोटिस के प्ररूप — आयोग के ही काम में लें
     अध्यक्ष     आदेश 1381 के साथ संलग्न प्ररूप
     उपाध्यक्ष   आदेश 1607 के परिशिष्ट-2 एवं 3 (सदस्य-सूची + नोटिस)

  🚨 आरक्षित पद -> नामनिर्देशन पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र   [आदेश 5164]

परिणाम के बाद
  🚨 तीन दिवस के भीतर -> आयोग को                        [आदेश 1374]
     निर्वाचित सदस्यों की सूचना + सॉफ्ट कॉपी मंगल फॉन्ट / MS Word
     प्ररूप 21 मूल | प्ररूप 22 मूल | प्ररूप 23 की मूल रसीद
     हर दस्तावेज पर RO के हस्ताक्षर, नाम, पदनाम एवं मोहर

  अनुसूची VIII में अभिलेख: पदधारी सदस्य | उपस्थित सदस्य | नाम |
     मतदान अधिकारी | गणना प्रारम्भ + घोषणा का समय | नोटा सहित मत |
     विधिमान्य / अविधिमान्य / कुल | RO के + सदस्यों के हस्ताक्षर      [नियम 88]
  अधिसूचना चार जगह: SEC (राजपत्र हेतु) | कलक्टर | निदेशक स्थानीय निकाय | राज्य सरकार

⚠️ प्ररूप 9A, 10A, 14CC, 17A, 19A, 20A एवं 21A विलोपित हैं — वे प्रत्यक्ष अध्यक्षीय चुनाव के थे। प्ररूप 3A अध्यक्षीय नामनिर्देशन पत्र है। (आदेश 5164 / अधिसूचना 33841)


§9 — ❌ जो अभी नहीं पढ़ा गया — इससे कुछ कथित नहीं किया गया है

नियम विषय स्थिति
88 कार्यवाही का अभिलेख एवं परिणाम का प्रकाशन पढ़ लिया — §6.9
89 अभिलेख की पैकिंग, परिरक्षण एवं निरीक्षण पढ़ लिया — §6.10
90–94 उपाध्यक्ष / सभापति / उपसभापति / महापौर / उपमहापौर पढ़ लिया — सभी पाँच विलोपित, §6.11
95 उपाध्यक्ष पद की रिक्तियाँ पढ़ लिया — §6.12
96 नगरपालिका की प्रथम बैठक पढ़ लिया — §6.13
97 कठिनाइयों का निराकरण पढ़ लिया — §6.14
अनुसूची I–VIII उपरोक्त समस्त प्ररूप पढ़ ली गईं — §7-क (मुद्रित पृ. 117–121)। 🚨 मतपत्र पर नोटा है

अध्याय IV एवं V के समस्त नियम (78, 78-क, 79–97) अब पढ़े जा चुके हैं — मुद्रित पृष्ठ 111–116, चित्र MAN_p120.png से MAN_p125.png

🔴 एक पूर्व-अनुमान का सुधार: इस फ़ाइल के पहले संस्करण में नियम 90–94 को "अपठित — यह महत्वपूर्ण है क्योंकि निकाय-प्रकार के अनुसार पद-नाम बदलते हैं" लिखा गया था। वे वस्तुतः विलोपित हैं — देखें §6.11। अनुमान के स्थान पर मूल पाठ।

संकलन का भाग 12 (आदेश 60–67) — ✅ सभी आठ आदेश (60 से 67) अब मैंने स्वयं पढ़ लिए हैं — देखें §7-ख, §7-ग, §7-घ, §7-ङ, §7-च। — अध्यक्षीय/उपाध्यक्षीय निर्वाचन के आयोग-आदेश — COMPENDIUM_REPORT में एजेंट-सारांश के रूप में है, किन्तु वह मसौदा है और मैंने उसे स्वयं सत्यापित नहीं किया।


संबंधित: STATUS · ⛔ नवीनतम आदेश — जो मार्गदर्शिका और संकलन दोनों पर भारी पड़ते हैं · FINAL_TRANCHE · COMPENDIUM_REPORT