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मार्गदर्शिका के परिशिष्ट एवं प्ररूप — पढ़ी गई सामग्री

पीठासीन अधिकारी / मतदान अधिकारी हेतु · नगरपालिका आम चुनाव 2026 (राजस्थान)

स्रोत: मार्गदर्शिका — नगरपालिका आम चुनाव 2026 (ईवीएम), परिशिष्ट भाग (मुद्रित पृष्ठ 68–133)। पृष्ठ-चित्रों से पढ़कर तैयार। पृष्ठ-लिंक CITATIONS में।

⚠️ यह फ़ाइल केवल उन परिशिष्टों/प्ररूपों को कवर करती है जो वास्तव में पढ़े जा चुके हैं। जो अभी नहीं पढ़े गए उनकी सूची §10 में है — उनसे कुछ भी कथित नहीं किया गया है।


परिशिष्टों एवं प्ररूपों का पूरा नक्शा

परि/प्ररूप विषय मुद्रित पृ. पढ़ा?
परि-1 भारतीय न्याय संहिता 2023 के उद्धरण 68
परि-2 राज. नगरपालिका अधि. 2009 + लोप्रअ 1951 के उद्धरण 69–75 (21.08.2026)
परि-3 राज. नगरपालिका (निर्वाचन) नियम 1994 के उद्धरण 76–80 (21.08.2026)
अध्याय 3-क — EVM द्वारा मतदान व गणना संबंधित नियम 81–89 (23.08.2026 — इन पृष्ठों से नहीं, ULB Manual के मूल पाठ से पूरा पढ़ा: 30-क, 31-क, 32-क, 32-ख, 34-क, 35-क, 37-क, 37-ख, 38-क, 40-क, 44-क, 45-क (विलोपित), 46-क, 47-क, 48-क, 49-क, 50-क, 54-क, 62-क, 63-क, 63-ख, 64-क, 74-क, 75-क)
प्ररूप-9 मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति 90 (23.08.2026 — ULB Manual के मूल पाठ से)तीन खण्ड; खण्ड 3 पर PRO प्रतिहस्ताक्षर करेगा08
प्ररूप-10 मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति का प्रतिसंहरण 91 (23.08.2026 — ULB Manual के मूल पाठ से)पीठासीन अधिकारी को संबोधित; केवल अभ्यर्थी/निर्वाचन अभिकर्ता के हस्ताक्षर
प्ररूप-12 दृष्टिहीन और शिथिलांग निर्वाचकों की सूची 92 (23.08.2026 — ULB Manual के मूल पाठ से)4 स्तम्भ; स्तं.3 = साथी का नाम एवं पता, स्तं.4 = साथी के हस्ताक्षर
प्ररूप-13 चुनौती मतों (Challenged Votes) की सूची 93 (23.08.2026 — ULB Manual के मूल पाठ से) — 🔴 9 स्तम्भ, स्तं.8 "पीठासीन अधिकारी का आदेश" एवं स्तं.9 "निक्षेप वापसी पर चुनौतीकर्ता के हस्ताक्षर"
प्ररूप-14क मतदाताओं का रजिस्टर 94
प्ररूप-14ख निविदत्त मतों (Tender Votes) की सूची 95 (23.08.2026 — ULB Manual के मूल पाठ से) — 🔴 5 स्तम्भ; स्तं.4 = जिसने पहले उसकी जगह मत दिया उसका प्ररूप 14-क क्रमांक
प्ररूप-14ग रिकॉर्ड किये गये मतों का लेखा (रिक्त प्ररूप) 96–97 (23.08.2026 — ULB Manual के मूल पाठ से) — 🔴 मद 3 = "deciding not to record votes", मद 4 = "not allowed to vote" नियम 35-क अथवा 37-क08 §1.1
प्ररूप-15 निर्वाचन ड्यूटी प्रमाण-पत्र हेतु आवेदन 98 (23.08.2026) — नियम 46 · "व्यक्तिशः मत"08 §4.1
प्ररूप-15क डाक मतपत्र हेतु आवेदन 99 (23.08.2026) — नियम 46-क(4) · "डाक से मत"08 §4.1
प्ररूप-16 निर्वाचन ड्यूटी प्रमाण-पत्र (EDC) 100 (23.08.2026) — 🔴 पाद-भाग: "Signature AND SEAL of the Returning Officer"08 §4.1
प्ररूप-16क,ख,ग,घ निर्वाचक द्वारा घोषणा एवं डाक मतपत्र के लिफाफे व अनुदेश 101–103
परि-4 मतदान दलों को दी जाने वाली सामग्री की सूची 104–106 (पूर्व में)
परि-5 मतदान केन्द्र का ले-आउट 107 (23.08.2026)1 PRO + 3 PO; 🔴 CU पीठासीन अधिकारी की मेज पर08 §6
परि-6 पीठासीन अधिकारी की तीन घोषणाएं 108–109
परि-7 पीठासीन अधिकारी की डायरी (30 मद) 110–112
परि-8 प्ररूप-14ग का भरा हुआ नमूना 113–114
परि-9 थानाधिकारी को शिकायती पत्र 115 (23.08.2026) — 🔴 निरसित भा.दं.सं. 1860 की धारा 171-च लिखता है; लिखें बीएनएस 172/174दूसरा खण्ड — RO को प्रति07 §2.2-क
परि-10 निर्वाचक द्वारा आयु की घोषणा 116 (23.08.2026) — 🔴 निरसित अधिनियम 1959 की धारा 15 लिखता है; पढ़ें अधिनियम 2009 की धारा 15। आयु 1 जनवरी की। PRO प्रतिहस्ताक्षर → §2-ख
परि-11 आयु घोषणा करने वालों की सूची 117 (23.08.2026)दो भाग (प्राप्त / इंकार); 🔴 स्तं.5 = "पीठासीन अधिकारी द्वारा यथा निर्धारित आयु" → §2-ख
परि-12 दृष्टिहीन/शिथिलांग के साथी की घोषणा 118 (23.08.2026)असांविधिक प्ररूप; साथी की आयु व पूरा पता और मतदाता की भाग + क्रम संख्या; PRO का प्रतिहस्ताक्षर नहीं
परि-13 चैलेंज फी रसीद बुक 119 (23.08.2026)दो भाग; प्रतिपर्ण पर जब्ती खण्ड (PRO) एवं "नियम 43(5) के अन्तर्गत वापस" खण्ड (चुनौतीकर्ता)07 §2.3-क
परि-14 पीठासीन अधिकारी के कार्यों की रूपरेखा (5 शीर्षक) 120–122 (पूर्व में)
परि-15 पीठासीन अधिकारियों के लिए चैक मीमो 123 (पूर्व में)
परि-15A लिफाफो का विवरण 124
परि-16 🚨 मतदाता की पहचान हेतु विहित फोटो दस्तावेजो संबंधी आदेश 125–126
परि-17 ✏️ राज्य निर्वाचन आयोग का आदेश 1408 दि. 04.02.2026 (23.08.2026 को सुधारा — पहले "भारत निर्वाचन आयोग" लिखा था) — स्याही कैसे लगे 127–128 ✅ → §2-क
परि-18 🚨 राज्य निर्वाचन आयोग के अमिट स्याही संबंधी आदेश (2205 दि. 04.07.2019) 129–130
परि-19 मॉकपॉल प्रमाणपत्र प्रारूप 131 (पूर्व में)
परि-20 वोटिंग मशीनों को सीलबन्द व सुरक्षित करने हेतु निर्देश (= सां.आ. 145/2026) 132–133

§1 — 🚨🚨 मतदाता की पहचान के दस्तावेज — परिशिष्ट-16 अधिक्रमित हो चुका है

⛔ रुकिए — मार्गदर्शिका का परिशिष्ट-16 अब लागू नहीं है

मार्गदर्शिका का परिशिष्ट-16 = आदेश 603 दिनांक 19.01.2026। उसे राज्य निर्वाचन आयोग ने स्वयं अधिक्रमित (supersede) कर दिया है —

✅ लागू आदेश: एफ.1(2)(1)नपा-पंचा/सा.आ./रानिआ/14/5310 दिनांक 30.07.2026

आदेश 5310 का मूल पाठ:

"…अपने पूर्व आदेश संख्या 559 दिनांक 07.02.2019 एवं आदेश संख्या 603 दिनांक 19.01.2026 को अधिक्रमित करते हुए यह निर्देश देता है कि राज्य की किसी भी नगरपालिका अथवा पंचायतीराज संस्थाओं में चुनाव हेतु मतदान के उद्देश्य से मतदाता को अपनी पहचान स्थापित करने हेतु भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। यदि कोई निर्वाचक अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ रहता है तो उसे अपनी पहचान स्थापित करने के लिए चुनाव की घोषणा किये जाने से पूर्व में जारी निम्नांकित वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजो में से कोई एक मूल दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा :—"

· हस्ताक्षर (राजेश वर्मा), मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव, 30.07.2026 · प्रतिलिपि 5311-20 दिनांक 30.07.2026; राजपत्र में प्रकाशन हेतु मुद्रणालय को भेजा गया · फ़ाइल: 2026-07-30_5310.pdf · स्रोत cm/upload/5310.pdf

🚨 आदेश 603 (परि-16) की तुलना में तीन नई बातें

# नई अपेक्षा कहाँ से
1 दस्तावेज़ "चुनाव की घोषणा किये जाने से पूर्व में जारी" होना चाहिए आदेश 5310
2 "कोई एक मूल दस्तावेज" — मूल ही, छायाप्रति नहीं आदेश 5310
3 "यदि कोई कालातीत अवधि अंकित की गई हो तो पहचान पत्र उक्त वर्णित अवधि तक के लिए ही मान्य होगा" — अर्थात् समय-सीमा समाप्त दस्तावेज़ अमान्य आदेश 5310

मद 2 का नाम भी बदला है: परि-16 में केवल "मनरेगा कार्ड" था; आदेश 5310 में "विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) / मनरेगा कार्ड"

शेष 10 मदें अपरिवर्तित हैं और परिवार के मुखिया वाला प्रावधान भी यथावत् है।

1.0 ✅ लागू सूची — आदेश 5310 दिनांक 30.07.2026

प्राथमिक दस्तावेज = भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (EPIC)।

असमर्थ होने पर — निम्न 11 में से कोई एक मूल दस्तावेज:

# दस्तावेज
1 आधार कार्ड
2 🚨 विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) / मनरेगा कार्ड
3 बैंको/डाकघर द्वारा जारी किए गए फोटोयुक्त पासबुक
4 श्रम मंत्रालय की योजना के अन्तर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड / आयुष्मान भारत हैल्थ कार्ड
5 ड्राइविंग लाइसेन्स
6 पैन कार्ड
7 भारतीय पासपोर्ट
8 फोटो युक्त पेंशन दस्तावेज
9 केन्द्र/राज्य सरकार/लोक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र
10 सांसदों एवं विधानसभा सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र
11 यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार

1.0-A 🚨 प्रतिरूपण पर कार्यवाही — आदेश 5310 का नया भाग

"स्वच्छ एवं पारदर्शी चुनाव सम्पादित करवाने हेतु फर्जी/मिथ्या मतदान को प्रतिबंधित किया जाना आवश्यक है। … यदि किसी भी मतदाता द्वारा मिथ्या/कूटरचित पहचान पत्र के आधार पर मतदान करने अथवा किसी अन्य मतदाता का प्रतिरूपण करके मतदान करने का प्रयास किया जाता है तो उसके विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 172 के अन्तर्गत कार्यवाही की जावे।"

आदेश धारा 172 (निर्वाचन में प्रतिरूपण) और धारा 174 (दण्ड — एक वर्ष तक कारावास या जुर्माना या दोनों) दोनों का पाठ उद्धृत करता है, तथा परोक्षी (proxy) मतदान का अपवाद भी:

"परंतु इस धारा की कोई भी बात किसी ऐसे व्यक्ति को लागू नहीं होगी जिसे तत्समय प्रवृत किसी विधि के अधीन किसी निर्वाचन के लिए परोक्षी के रूप में मत देने के लिए प्राधिकृत किया गया है…"

इससे मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-9 की त्रुटि भी सुधर जाती है — वह प्ररूप निरसित भा.दं.सं. 1860 की धारा 171-च का हवाला देता है; आयोग का नवीनतम आदेश स्वयं भारतीय न्याय संहिता की धारा 172 / 174 कहता है। थानाधिकारी को शिकायत में BNS की धारा 172/174 ही लिखी जाए।


1.1 (अधिक्रमित) परिशिष्ट-16 — आदेश 603 दिनांक 19.01.2026

⚠️ यह भाग केवल अभिलेख के लिए रखा गया है। व्यवहार में §1.0 लागू है।

आदेश क्रमांक एफ.1(2)(1)नपा-पंचा/सा.आ./रानिआ/14/603 दिनांक 19.01.2026 · पूर्व आदेश संख्या 559 दिनांक 07.02.2019 को अधिक्रमित करता है · राजपत्र विशेषांक 6(ग) में प्रकाशित · हस्ताक्षर: (राजेश वर्मा), मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव · शक्ति: संविधान अनुच्छेद 243K व 243ZA सपठित रा.पं.रा.अधि. 1994 धारा 17(2) एवं रा.नगरपालिका अधि. 2009 धारा 11(1)

1.1-A मूल नियम

🚨 प्राथमिक दस्तावेज = भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (EPIC)।

"राज्य निर्वाचन आयोग की निर्वाचक नामावली विधानसभा निर्वाचक नामावली के डेटाबेस को वार्डवार विभक्त कर तैयार की जाती है, जिससे विधानसभा की निर्वाचक नामावली में पंजीकृत मतदाता राज्य निर्वाचन आयोग की निर्वाचक नामावली में मतदाता के रूप में स्वतः ही पंजीकृत हो जाते हैं। अतः … उनके पास भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध होता है, जो मतदान के समय मतदाता की पहचान के लिए प्राथमिक मान्य दस्तावेज है।"

1.2 वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेज — केवल ये 11 🚨

"यदि कोई निर्वाचक अपना निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ रहता है तो उसे … निम्नांकित वैकल्पिक फोटोयुक्त दस्तावेजो में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा:—"

# दस्तावेज
1 आधार कार्ड
2 मनरेगा कार्ड
3 बैंको/डाकघर द्वारा जारी किए गए फोटोयुक्त पासबुक
4 श्रम मंत्रालय की योजना के अन्तर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड / आयुष्मान भारत हैल्थ कार्ड
5 ड्राइविंग लाइसेन्स
6 पैन कार्ड
7 भारतीय पासपोर्ट
8 फोटो युक्त पेंशन दस्तावेज
9 केन्द्र/राज्य सरकार/लोक उपक्रम/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र
10 सांसदों एवं विधानसभा सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र
11 यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार

🚨 यह सूची पूर्ण (exhaustive) है। इनके अतिरिक्त कोई दस्तावेज स्वीकार्य नहीं।

1.3 परिवार के मुखिया द्वारा पहचान 🚨

"परिवार के मुखिया को जारी उपर्युक्त दर्शाए गए निर्वाचन फोटो पहचान पत्र सहित पहचान के वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर केवल परिवार के मुखिया को अपने अन्य पारिवारिक सदस्यों की पहचान करने की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते सभी सदस्य उसके साथ आएं तथा परिवार के मुखिया द्वारा उनकी पहचान स्थापित हो सके।"

1.4 प्रश्न पूछने की शक्ति — नियम 40 🚨

आदेश की प्रस्तावना राज. नगरपालिका (निर्वाचन) नियम 1994 के नियम 40 को उद्धृत करती है:

"किसी मतदाता को कोई मतपत्र दिये जाने के पूर्व किसी भी समय पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी, यदि उसके पास मतदाता की पहचान या ऐसे मतदान केन्द्र पर मत देने के उसके अधिकार के बारे में सन्देह करने का कारण हो तो स्वप्रेरणा से, और यदि किसी अभ्यर्थी या मतदान अभिकर्ता द्वारा ऐसी अपेक्षा की जाये तो, मतदाता से ऐसे प्रश्न पूछकर जो वह आवश्यक समझे, अपना यह समाधान कर सकेगा कि ऐसा व्यक्ति वही मतदाता है, जिससे ऐसी प्रविष्टि सम्बंधित है।"

(यही [MG अ.3(8)16] में बिना नियम-संख्या के दिया गया था — अब नियम 40 पुष्ट।)

🔴 एक सूक्ष्मता — ईवीएम मतदान पर नियम 40 नहीं, नियम 40-क चलेगा (23.08.2026)

आदेश की प्रस्तावना नियम 40 उद्धृत करती है — ऊपर का उद्धरण सही है। किन्तु नियम 77-क के अनुसार जहाँ मतदान मशीन प्रयुक्त हो वहाँ नियम 40 की जगह 40-क लगता है।

नियम 40-क का मूल पाठ (मैंने स्वयं पढ़ा):

"40-A. Identity of voter.— At any time before permitting the voter to vote the presiding officer or polling officer may of his own accord, if he has reason to doubt the identity of the voter or his right to vote at such polling station and SHALL, if so required by a candidate or polling agent, satisfy himself by putting to the voter such questions as he may deem necessary that such person is identical with the voter to whom such entry relates."

सार वही है; अंतर केवल इतना कि 40 कहता है "मतपत्र दिये जाने से पूर्व" और 40-क कहता है "मत देने की अनुज्ञा देने से पूर्व"। 🚨 दोनों में वही दो-स्तरीय ढाँचा है — स्वप्रेरणा से "कर सकेगा", किन्तु अभ्यर्थी/मतदान अभिकर्ता के कहने पर "करेगा" — यह विवेक नहीं, कर्तव्य है। प्रशिक्षण में 40-क उद्धृत करें।

1.5 डायरी से जोड़ 🚨

परिशिष्ट-7 की मद 18 में गिनती देनी है — (क) जिनकी फोटो मतदाता पहचान पत्र से पहचान की गई; (ख) जिनकी वैकल्पिक दस्तावेजों से पहचान की गई। इसलिए दिनभर यह गिनती अलग रखनी होगी।


§2 — 🚨 परिशिष्ट-18 — अमिट स्याही किस अंगुली पर

आदेश क्रमांक एफ.1(4)(1)/नपा/रानिआ/2014/2205, जयपुर, दिनांक 04.07.19 · शक्ति: नियम 97 (कठिनाइयों का निराकरण)

2.1 नियम 35-A(2) का मूल (अंग्रेजी) पाठ

(2)(a) Before permitting a voter to vote, the presiding officer shall cause a mark to be put on the left forefinger of the voter with an indelible ink; Provided that where such a mark already exists on the left forefinger of the voter, it shall be deemed that he had cast his vote already at the election and shall not be permitted to vote. Provided further that no voter shall be allowed to vote unless he has allowed a mark to be put on his left forefinger with an indelible ink.

(b) Any reference in this sub-rule to the left forefinger of a voter shall in the case where the voter has his left forefinger missing, be construed as a reference to any other finger on his left hand and shall in the case where all the fingers of his left hand are missing, be construed as a reference to the forefinger of the right hand and shall, in case the fingers of both the hands are missing, be constructed as a reference to such extremity of the left or right arm as he possesses.

(मुद्रण की त्रुटियाँ — "indelible inka;s", "constructed" — मूल पाठ में ही हैं; यथावत् उद्धृत।)

🚨 विधिक बिन्दु: पहले परन्तुक के अनुसार, यदि बांयी तर्जनी पर चिन्ह पहले से मौजूद है तो यह समझा जाएगा कि वह पहले ही मत दे चुका है और उसे मत नहीं देने दिया जाएगा।

2.2 तीन स्थितियां — कौन-सी अंगुली

स्थिति अंगुली आधार
सामान्य नगरपालिका मतदान बांयी तर्जनी (Left Forefinger) नियम 35-क(2)(क)
🚨 लोकसभा/विधानसभा निर्वाचन के तुरन्त पश्चात होने वाला नगरपालिका निर्वाचन, और वह निशान अभी दृष्टव्य (Visible) हो 🚨 दांयी तर्जनी (Right Hand Fore-Finger)सभी मतदाताओं की परि-18 निर्देश 1
🚨 नगरपालिका चुनाव के दौरान पुनर्मतदान (Re-poll) 🚨 बांयी मध्यमा (Left Hand Middle-Finger) परि-18 निर्देश 2
संबंधित अंगुली न हो नियम 35-A(2)(b) का क्रम (ऊपर) परि-18 निर्देश 3

ℹ️ "लोकसभा एवं विधानसभा के किसी निर्वाचन में पुनर्मतदान के तुरन्त पश्चात् यदि नगरपालिकाओं के निर्वाचन होते हैं तो ऐसी स्थिति में अमिट स्याही लगाने हेतु पृथक से निर्देश जारी किए जाएगें।"

⚠️ इस चुनाव के लिए कौन-सी स्थिति लागू है — यह जिला/आयोग के आदेश से पुष्ट करें। ~~परिशिष्ट-17 (भारत निर्वाचन आयोग का अमिट स्याही आदेश) अभी पढ़ा नहीं गया।~~ 🔴 सुधार 23.08.2026 — पढ़ लिया गया, और वह भारत निर्वाचन आयोग का नहीं — राज्य आयोग का आदेश 1408 दि. 04.02.2026 है। टकराव नहीं → §2-क।



§2-क — 🔴 परिशिष्ट-17 पढ़ लिया गया — और वह भारत निर्वाचन आयोग का नहीं है (23.08.2026)

✏️ सुधार — ऊपर के नक्शे में और §2.2 में परिशिष्ट-17 को "भारत निर्वाचन आयोग का अमिट स्याही आदेश" कहा गया था। यह गलत था। मैंने दोनों पृष्ठ स्वयं पढ़े — यह राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान** का अपना आदेश है।

क्रमांक प 7(1)(3) पंचा/रानिआ/14-15/1408 · दिनांक 04.02.2026
किसे अधिक्रमित करता है आयोग का पत्र 5493 दिनांक 26.07.2015
हस्ताक्षर (राजेश वर्मा), मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव · पृष्ठांकन 1409–1413
दायरा पंचायतीराज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों — दोनों

🔴 चार निर्देश

# निर्देश
1 🚨 "अमिट स्याही बाईं तर्जनी के नाखून के आखिरी सिरे से प्रथम जोड़ के नीचे तक ब्रश की सहायता से मतदाता की अंगुली पर लगाई जाएगी" — साथ में आरेख है जिसमें "नाखून का मुक्त छोर या सिरा", "प्रथम जोड़" एवं "ब्रश" अंकित हैं
2 🔴 "कन्ट्रोल यूनिट के प्रभारी मतदान अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कन्ट्रोल यूनिट का बैलेट बटन दबाने से पहले, निर्वाचकों की अंगुली पर अमिट स्याही का निशान पूरी तरह से लगा हो।" (मतपेटी से मतदान हो तो यही काम चतुर्थ सहायक मतदान अधिकारी करेगा)
3 🔴🔴 "प्रशिक्षणों के दौरान इस अनुदेश को सभी पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारियों के सख्त अनुपालना के लिए उनके संज्ञान में लाए जाए। मतदान ड्यूटी पर जाते समय पीठासीन अधिकारी को दी गई किट में भी इस अनुदेश की एक प्रति रखी जाएगी।"
4 आयोग के आदेश 2235 दिनांक 25.06.2019 के निर्देश भी ध्यान में रखें

🔴🔴 बिन्दु 3 सीधे DLMT पर कर्तव्य डालता है — दो काम: (1) यह अनुदेश प्रशिक्षण में सभी PRO/PO को बताएँ; (2) 🚨 पीठासीन अधिकारी की किट में इसकी एक प्रति रखवाएँ — यह सामग्री-जाँच की मद है। (यही ढाँचा आदेश 4297 (दिव्यांग) में भी है — देखें BALOTRA §6-क।)

✅ परि-17 और परि-18 में कोई टकराव नहीं — दोनों अलग प्रश्नों का उत्तर देते हैं

ऊपर §2.2 में लिखा था "परिशिष्ट-17 अभी पढ़ा नहीं गया" और §11 में "परि-18 से भिन्न हो सकता है — मिलान आवश्यक"मिलान हो गया — टकराव नहीं है।

परिशिष्ट-17 (आदेश 1408, 04.02.2026) परिशिष्ट-18 (आदेश 2205, 04.07.2019)
किस प्रश्न का उत्तर 🔴 कैसे लगाएँ (ब्रश, नाखून के सिरे से प्रथम जोड़ के नीचे तक) + कौन जाँचेगा 🔴 किस अंगुली पर (बांयी तर्जनी / दांयी तर्जनी / पुनर्मतदान में बांयी मध्यमा)
किसे अधिक्रमित करता है पत्र 5493 दि. 26.07.2015
क्या 2205 बचा है? हाँ — 1408 ने 5493 को अधिक्रमित किया, 2205 को नहीं ✅ प्रभावी

दोनों साथ पढ़ें: परि-18 बताता है किस अंगुली पर, परि-17 बताता है उस अंगुली पर कैसे

बिन्दु 2 हमारी सामग्री की पुष्टि करता है09 §5(3) पहले से कहता है कि तृतीय मतदान अधिकारी बाँई तर्जनी जाँचेगाअब उसका आदेश-आधार भी है — आदेश 1408 बिन्दु 2।


§2-ख — 🔴 परिशिष्ट-10 एवं 11 — आयु संबंधी घोषणा (23.08.2026 को स्वयं पढ़े)

परिशिष्ट-10 — निर्वाचक द्वारा आयु की घोषणा [देखें भाग-6 का पैरा 3]

घोषणा का मूल पाठ:

"मैं सत्यनिष्ठा से यह घोषणा और प्रतिज्ञान करता हूं कि सन् 20…. की प्रथम जनवरी को अर्थात् अर्हता की उस तारीख को जिसके प्रतिनिर्देश से इस निर्वाचन क्षेत्र की निर्वाचक नामावली तैयार/पुनरीक्षित की गई थी, मेरी आयु 18 वर्ष से अधिक थी।"

🚨 यह आज की आयु की घोषणा नहीं हैअर्हता तिथि (1 जनवरी) की आयु की है।

✏️ 🔴 एक निरसित अधिनियम का संदर्भ — ठीक वैसा ही जैसा परिशिष्ट-9 में

घोषणा का दूसरा पैरा कहता है —

"… मिथ्या घोषणा के बारे में राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 1959 की धारा 15 के दण्डात्मक उपबंधों के बारे में जानकारी है।"

🔴 आज लागू अधिनियम राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 है।सुविधा यह है कि धारा-संख्या वही हैअधिनियम 2009 की धारा 15 ("मिथ्या घोषणा करना") ठीक यही अपराध रखती है (नामावली की तैयारी/परिशोधन/शुद्धि, या प्रविष्टि के सम्मिलित/निकाले जाने पर मिथ्या लिखित विवरण) — एक वर्ष तक कारावास, या जुर्माना, या दोनों§10.1

🚨 प्रशिक्षण में यही कहें: "प्रपत्र पर 1959 छपा है; पढ़ें 2009। धारा वही — 15।" ✅ यह परिशिष्ट-9 की भा.दं.सं. 171-च वाली समस्या का ही जुड़वाँ है — प्रपत्र पुराने कानून का नाम ढोते आ रहे हैं। दोनों में निर्देश बदलना नहीं है — केवल सही कानून लिखना है।

🔴 पीठासीन अधिकारी का प्रमाणन-खण्ड

"यह प्रमाणित किया जाता है कि उपर्युक्त नामधारी निर्वाचक ने मेरे सामने उपर्युक्त सत्यनिष्ठा की घोषणा की और उस पर हस्ताक्षर किए।"पीठासीन ऑफिसर के हस्ताक्षर

यह तीसरा प्रपत्र है जिस पर अधिकारी को प्रतिहस्ताक्षर करना हैप्ररूप-9 (मतदान अभिकर्ता) · प्ररूप-19 (गणन अभिकर्ता) · परिशिष्ट-10 (आयु)। ❌ परिशिष्ट-12 (साथी) पर नहीं — वहाँ केवल साथी के हस्ताक्षर हैं।

परिशिष्ट-11 — सूची, दो भागों में

भाग किनकी सूची
भाग-I जिनसे आयु की घोषणाएं प्राप्त की गईं
भाग-II 🚨 जिन्होंने घोषणा करने से इंकार कर दिया

दोनों भागों में पांच स्तम्भ:

स्तं क्या
1 क्र. सं.
2 मतदाता का नाम
3 नामावली में भाग संख्या तथा क्रम संख्या
4 नामावली में दर्ज आयु
5 🔴 "पीठासीन अधिकारी द्वारा यथा निर्धारित आयु"

दिनांक · पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर

🚨 स्तम्भ 5 मॉड्यूल में नहीं था। पीठासीन अधिकारी को अपना आयु-निर्धारण लिखना है, नामावली की आयु के साथ-साथ। यह एक लिखित निर्णय है।

दोनों भाग ठीक डायरी की मद 17 से मेल खाते हैं"(क) जिनसे उम्र के बारे में घोषणाएं प्राप्त की; (ख) जिन्होंने ऐसी घोषणा से इन्कार किया"दोनों गिनतियाँ यहीं से आएंगी।

दोनों → लिफाफा E-14 (सील नहीं)


§3 — 🚨 डाक मतपत्र — दो लिफाफे [प्ररूप 16-क, 16-ख, 16-ग, 16-घ]

विधिक आधार: नियम 46-क(4) एवं नियम 78 (प्ररूप 16-घ के शीर्ष में उप-खण्ड का अक्षर मूल में विकृत छपा है — "46क(4)(?k)"। यथावत् दर्ज।)

3.1 चार प्ररूप

प्ररूप क्या है नियम
16-क निर्वाचक द्वारा घोषणा — मैं वही मतदाता हूँ जिसे यह डाक मतपत्र जारी हुआ; साथ में हस्ताक्षर का अनुप्रमाणन का खाना 46-क(4)(क), 78
16-ख लिफाफा "क" — छोटा भीतरी लिफाफा; "गणना के पूर्व न खोला जाए"; मतपत्र का क्रम संख्यांक अंकित 46-क(4)(ख), 78
16-ग लिफाफा "ख" — बड़ा बाहरी लिफाफा; "निर्वाचन — तुरन्त", "गणना से पूर्व नही खोला जाए"; रिटर्निंग अधिकारी को सम्बोधित 46-क(4)(ग), 78
16-घ निर्वाचकों के मार्गदर्शन के लिए अनुदेश 46-क(4), 78

तीनों प्ररूपों में "वार्ड संख्या ...... से / *अध्यक्ष के पद/स्थान" का विकल्प है — अर्थात् यही सेट अध्यक्ष के निर्वाचन में भी काम आता है।

3.2 मतदाता क्या करेगा — प्ररूप 16-घ का सार 🚨

  1. मत रिकॉर्ड करना: मतपत्र पर अभ्यर्थी के नाम के सामने या नोटा (इनमें से कोई नहीं) के सामने स्पष्ट रूप से चिन्ह लगाएं। "चिन्ह इस प्रकार लगाया जाये कि जिससे स्पष्टतः और किसी संदेह से परे यह उपदर्शित हो जाये कि किस अभ्यर्थी को आप अपना मत दे रहे है। यदि चिह्न इस प्रकार लगाया गया है जिससे यह संदेह होता है … तो आपका मत अविधिमान्य हो जायेगा।"
  2. 🚨 "निर्वाचित किये जाने वाले सदस्यों की संख्या एक है … आपका केवल एक मत है … एक से अधिक अभ्यर्थी के लिए मत नहीं देना चाहिए। यदि आप ऐसा करते है, तो आपका मतपत्र नामंजूर कर दिया जायेगा।"
  3. 🚨 "मतपत्र पर … अपेक्षित चिन्ह से अन्यथा अपने हस्ताक्षर न करें या कोई भी शब्द न लिखें या कोई भी चिह्न, संकेत या लेख, जो भी हो अंकित न करें।"
  4. मतपत्र को "क" चिन्हित छोटे लिफाफे में रखें, बंद करें, मुद्रा लगाकर या अन्यथा सुरक्षित करें।
  5. प्ररूप 16-क की घोषणा पर — किसी राजपत्रित अधिकारी, या उस मतदान केन्द्र के पीठासीन अधिकारी जिसमें आप निर्वाचन-कर्तव्यरूढ़ हैं, की उपस्थिति में हस्ताक्षर करें और उससे अनुप्रमाणन करायें। 🚨 "आपको अपना डाक मतपत्र अनुप्रमाणकर्ता अधिकारी को न तो दिखाना है और न उसे यह बताना चाहिए कि आपने किस प्रकार मतदान किया है।"
  6. घोषणा (16-क) + "क" लिफाफा → दोनों को "ख" चिन्हित बड़े लिफाफे में रखें; बड़े लिफाफे को बंद कर डाक द्वारा / संदेशवाहक द्वारा / व्यक्तिशः रिटर्निंग अधिकारी को भेज दें। 🚨 "ख" चिन्हित लिफाफे पर उपलब्ध कराये गये स्थान में मतदाता को पूरे हस्ताक्षर करने होंगे।
  7. समय-सीमा: लिफाफा RO के पास मतगणना के प्रारम्भ के लिए नियत तारीख व समय से पूर्व पहुँचे।

3.3 दो कारण जिनसे डाक मतपत्र नहीं गिना जाएगा 🚨

i. "यदि आप अपनी घोषणा ऊपर उपदर्शित रीति से अनुप्रमाणित कराने में असफल रहते है तो, आपका मतपत्र नामंजूर कर दिया जायेगा", और ii. "यदि लिफाफा रिटर्निंग अधिकारी के पास … बजे के पश्चात् पहुँचता है तो आपके मत की गणना नहीं की जायेगी।" (यहाँ मतगणना के प्रारम्भ के लिए नियत तारीख और समय विनिर्दिष्ट किया जाता है)

यह [STATUS §4 प्रश्न 4 — "डाक मतपत्र के लिफाफे — एक या दो?"] का नियम-स्तरीय उत्तर है: मतदाता की ओर से लौटाया जाने वाला डाक मतपत्र सदैव दो लिफाफों में जाता है — छोटा "क" (केवल मतपत्र) जो बड़े "ख" (घोषणा 16-क + लिफाफा "क") के भीतर। ⚠️ मूल प्रश्न RO के प्राप्ति-छोर पर पैकेट की संख्या का था ([SO 157 पैरा 11] बनाम [2292 पैरा 11(5)]) — उसे इस निष्कर्ष के प्रकाश में पुनः जाँचा जाना शेष है। GAPS में दर्ज।


§4 — परिशिष्ट-6 — पीठासीन अधिकारी की तीन घोषणाएं

शीर्ष: नगरपालिका का नाम · वार्ड सं. · मतदान केन्द्र का क्रम संख्यांक और नाम · मतदान की तारीख (केवल उन मतदान केन्द्रों पर उपयोग के लिए जहाँ मतदान मशीन उपयोग में लाई जा रही है)

भाग-1 — मतदान आरम्भ होने से पूर्व

मैं घोषणा करता हूँ कि:— 1. मैंने मतदान अभिकर्ताओं और अन्य उपस्थित व्यक्तियों को बनावटी मतदान कराकर यह प्रदर्शित कर दिया है कि— (अ) मतदान मशीन/मशीनें सुचारू रूप से कार्य कर रही है और उसके भीतर कोई मत अभिलिखित नहीं है; (ब) निर्वाचक नामावली की चिन्हित प्रति में उससे भिन्न कोई चिन्ह नहीं है जो डाक मतपत्र जारी किये जाने और निर्वाचक ड्यूटी प्रमाण पत्रों के लिए प्रयुक्त किये गये है; (स) मतदाताओं का रजिस्टर (प्ररूप 14क) में किसी निर्वाचक के संबंध में कोई प्रविष्टि नहीं हुई है। 2. मैंने कन्ट्रोल यूनिट के परिणाम खण्ड को सुरक्षित करने के लिए उपयोग में ली जाने वाली पेपर सील पर स्वयं के हस्ताक्षर कर दिये हैं और उन मतदान अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर करा लिये हैं जो वहाँ उपस्थित थे और हस्ताक्षर करने के इच्छुक थे।

खाने: मतदान अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर 1–7 · "निम्नलिखित मतदान अभिकर्ता/अभिकर्ताओं ने इस घोषणा पर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया है" 1–3 · तारीख · पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर

भाग-2 — बाद वाली (नई) मतदान मशीन के उपयोग के समय 🚨

1. मैंने … बनावटी मतदान द्वारा यह प्रदर्शित कर दिया है कि मतदान के लिए उपयोग की जाने वाली अगली मतदान मशीन खाली है और सुचारू रूप से कार्य कर रही है। 2. पेपर सील पर स्वयं के हस्ताक्षर + इच्छुक अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर।

वही खाने: हस्ताक्षर 1–7, इन्कार 1–3, तारीख।

भाग-3 — मतदान के अन्त में, मशीन मोहर-युक्त करने के बाद

"मैंने अपनी मोहर लगा दी है और मतदान की समाप्ति पर जो मतदान अभिकर्ता उपस्थित थे उन्हें मतदान मशीन की कन्ट्रोल यूनिट व Ballot यूनिट के बक्सों पर अपनी मोहर लगाने की अनुमति दे दी है।"

🚨 यहाँ दिनांक के साथ समय भी भरना है। खाने: "निम्न मतदान अभिकर्ताओं ने अपनी मोहर लगा दी है" 1–7 · "निम्नलिखित मतदान अभिकर्ताओं ने अपनी मोहर से इन्कार कर दिया है" 1–3 · तारीख · हस्ताक्षर

जाता कहाँ है: लिफाफा E-10 (बिना सील), परिशिष्ट-19 (मॉकपॉल प्रमाण पत्र) इसी से संलग्न, काउंटर नं. 1 (स्ट्रांग रूम) पर जमा। [MG अ.4 बिन्दु 13 · अ.13]


§5 — परिशिष्ट-7 — पीठासीन अधिकारी की डायरी (30 मद)

5.1 पूरी सूची

मद विवरण
1–4 नगर पालिका का नाम · वार्ड संख्यांक · मतदान की तारीख · मतदान केन्द्र का नम्बर एवं नाम
5 EVM — 1. प्रयुक्त CU की संख्या · 2. प्रयुक्त CU की पहचान क्रम संख्या · 3. प्रयुक्त BU की संख्या · 4. प्रयुक्त BU की पहचान क्रम संख्या
6 1. प्रयुक्त पेपर सीलों की संख्या · 2. उनका क्रमांक · 3. प्रयुक्त स्ट्रीप सील का क्रमांक
7 स्पेशल टैग — 1. आपूर्ति संख्या · 2. आपूर्ति क्रम संख्या · 3. प्रयुक्त संख्या · 4. प्रयुक्त क्रम संख्या · 5. अप्रयुक्त वापस किये गये की क्रम संख्या
8 मतदान अभिकर्ताओं की संख्या और जो विलम्ब से आये हो, उनकी संख्या
9 मतदान अभिकर्ता नियुक्त करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या
10 1. प्रारम्भ पर उपस्थित अभिकर्ता · 2. विलम्ब से पहुँचने वाले · 3. समाप्ति पर उपस्थित
11 1. केन्द्र पर कुल मतदाता · 2. चिन्हित प्रति के अनुसार अनुज्ञात (Allow) किये गये · 3. प्ररूप 14-क के अनुसार जिन्होंने मत दिया (सदस्य पद के लिए) · 4. मशीन के अनुसार रिकार्ड मत
12 🚨 मतदान करने वालों की संख्या — पुरूष / महिला / थर्ड जेंडर / योग
13 अभ्याक्षेपित (चैलेन्जड) मत — अनुमत संख्या / अस्वीकृत संख्या / जब्त की गई धनराशि
14 EDC प्रस्तुत करने पर मतदान करने वालों की संख्या (सदस्य पद के लिए)
15 सहयोगियों की सहायता से मतदान करने वालों की संख्या
16 निविदत्त (टेण्डर्ड) मतों की कुल संख्या (सदस्य पद के लिए)
17 निर्वाचकों की संख्या — (क) जिनसे उम्र के बारे में घोषणाएं प्राप्त की; (ख) जिन्होंने ऐसी घोषणा से इन्कार किया
18 🚨 निर्वाचकों की संख्या — (क) जिनकी फोटो मतदाता पहचान पत्र (EPIC) से पहचान की गई; (ख) जिनकी वैकल्पिक दस्तावेजों से पहचान की गई
19 मतदान करने वाले दृष्टिहीन मतदाताओं की संख्या
20 क्या मतदान स्थगित करना आवश्यक था? यदि हाँ तो कारण
21 🚨 डाले गये मतों की संख्या — (क) प्रारम्भ से 10 बजे पूर्वान्ह तक · (ख) 10 पूर्वान्ह से 1 मध्यान्ह तक · (ग) 1 मध्यान्ह से 3 अपरान्ह तक · (घ) 3 अपरान्ह से मतदान समाप्ति तक
22 समाप्ति के लिए निर्धारित समय पर दी गई पर्चियों (स्लिप्स) की संख्या
23 निर्वाचन अपराध के मामले — (क) 100 मी. के भीतर मत सयाचना · (ख) रूप धारण (Impersonation) · (ग) सूची/सूचना/दस्तावेज को कपटपूर्वक बिगाड़ना, नष्ट करना या हटाना · (घ) मतदाताओं को रिश्वत · (ङ) भयभीत करना · (च) बूथ कैपचरिंग
24 मतदान में विघ्न/बाधा — (क) बलवा या खुली हिंसा · (ख) बूथ कैपचरिंग · (ग) मतदान मशीन का खराब होना · (घ) अन्य कोई कारण
25 मशीन द्वारा मतदान निष्फल — (क) अभिरक्षा से अवैध तरीके से बाहर ले जाना · (ख) दुर्घटनावश/जानबूझकर खो गई या नष्ट · (ग) विनिष्ट या गड़बड़ी। पूर्ण विवरण दें
26 अभ्यर्थी द्वारा की गई गम्भीर शिकायतें, यदि कोई हों
27 कानुन अभिकर्त्ताओं तथा व्यवस्था भंग संबंधी मामलों की संख्या
28 🚨 मतदान दल (पोलिंग पार्टी) द्वारा की त्रुटियों तथा अनियमितताओं का पूर्ण विवरण
29 क्या नई मतदान मशीन के उपयोग से पूर्व तथा मतदान समाप्ति पर आवश्यक घोषणाएं की हैं?
30 🚨 अन्य महत्वपूर्ण घटना का विवरण — "पीठासीन अधिकारी द्वारा किये गये मॉकपॉल एवं तैयार किये गये प्रमाणपत्र (परिशिष्ट-19) का विवरण अंकित करें एवं लिफाफे नं. E-10 में संलग्न करें"

नीचे: स्थान · तारीख · पीठासीन अधिकारी का नाम एवं हस्ताक्षर

5.2 डायरी के दो अनिवार्य नोट

1. "इस प्रपत्र में यदि किसी मद के सामने पर्याप्त जगह न हो, तो सादे कागज पर जानकारी अंकित कर उसे इस डायरी के साथ नत्थी कर देना चाहिए।" 2. "पीठासीन आधिकारी की डायरी, मतदान मशीन तथा अन्य सील्ड पेपर के साथ रिटर्निंग अधिकारी को प्रेषित करें।" (लिफाफा E-11, बिना सील, काउंटर नं. 1)

🚨 और [MG अ.14(4)10]: "जब कभी भी कोई घटना घटित हो उसमें प्रविष्टियां पूर्ण कर लें, न कि मतदान की समाप्ति पर।"

5.3 🚨 डायरी से जुड़ी तीन कार्य-आदतें जो दिनभर चलानी हैं

डायरी की मद दिनभर क्या करना होगा
मद 12 (पुरूष/महिला/थर्ड जेंडर) चिन्हित प्रति में महिला = √ बाएं, थर्ड जेंडर = * बाएं [MG अ.3(1)17] — यही गिनती का आधार है
मद 18 (EPIC बनाम वैकल्पिक) PO-1 पहचान करते समय दो अलग टैली रखे
मद 21 (चार समय-खण्ड) 10:00, 13:00, 15:00 और समाप्ति पर 'Total' बटन दबाकर अंक नोट करें [MG अ.9(7)1]

§6 — परिशिष्ट-8 — प्ररूप 14-ग का भरा हुआ नमूना

पूर्ण विवरण, मिलान-सूत्र (मद 5 = मद 2 − मद 3 − मद 4), शीर्ष-भाग, पेपर-सील लेखा और भाग-2 (मतगणना का परिणाम) → 07 §7 में दिया गया है।

विधिक आधार: प्ररूप 14-ग = नियम 49-ग और 63-क(2)


§7 — प्ररूप 14-क — मतदाताओं का रजिस्टर (रिक्त प्ररूप)

विधिक आधार: नियम 35-क एवं 78

शीर्ष: __ नगरपालिका बोर्ड/नगरपरिषद/निगम के लिए सदस्य वार्ड संख्या _ से निर्वाचन · मतदान केन्द्र की संख्या और नाम · निर्वाचक नामावली का भाग संख्या ___

स्तम्भ 1 स्तम्भ 2 स्तम्भ 3 स्तम्भ 4
क्र.सं. निर्वाचक नामावली में निर्वाचक की क्र.सं. निर्वाचक के हस्ताक्षर / अंगूठे की छाप अभ्युक्तियाँ

नीचे: पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर

7.1 🚨 स्तम्भ 4 (अभ्युक्तियाँ) में क्या-क्या जाता है

प्रविष्टि कब आधार
पहचान दस्तावेज की क्रम संख्या के अंतिम 4 डिजिट (4 से कम हो तो पूरी संख्या) हर मतदाता [MG अ.3(8)8 · अ.14(3)10]
"No Vote" हस्ताक्षर के बाद मत न डालने वाला [MG अ.1 बॉक्स] → प्ररूप 14-ग मद 3
मत देने की अनुमति नहीं दी — नोट + PRO के पूर्ण हस्ताक्षर प्रक्रिया/गोपनीयता भंग [MG अ.3(8)10 · अ.8(2)] → प्ररूप 14-ग मद 4
क्रम उलट-पुलट होने पर वास्तविक क्रम संख्या (और अगले मतदाता के सामने भी समरूप प्रविष्टि) असाधारण/अपरिहार्य परिस्थिति [MG अ.9(4)3]
साथी ने हस्ताक्षर किए — नोट दृष्टिहीन/शिथिलांग [MG अ.9(2)3(5)]

🚨 किसी भी दशा में स्तम्भ (1) की क्रम संख्या नहीं बदली जाएगी।


§8 — परिशिष्ट-15A — लिफाफों का विवरण

शीर्षक: "लिफाफों का विवरण जो मतदान दल को बूथवार तैयार करने हैं" — अर्थात् ये लिफाफे बूथवार पहले से तैयार करके मतदान दल को दिए जाते हैं।

जो सील करने है जो सील नहीं करने हैं
निर्वाचक नामावलियों की चिन्हित प्रति E-1 रिकार्ड किये गये मतों का लेखा प्ररूप-14ग E-9
मतदाताओं का रजिस्टर E-2 पीठासीन अधिकारी द्वारा घोषणायें एवं मॉकपॉल प्रमाण पत्र E-10
प्रयुक्त मतदाता पर्चियाँ E-3 पीठासीन अधिकारी की डायरी E-11
अप्रयुक्त निविदत मतपत्र E-4 संख्यिक/ऑंकडो की सूचना E-12
प्रयुक्त निविदत मतपत्र E-5 अप्रयुक्त मतदाता पर्चिया E-13
निविदत मतों की सूची (प्ररूप-14 ख) E-6 विविध कागजात का लिफाफा E-14
अभ्याक्षेपित (चैलेन्जड) मतों की सूची (प्ररूप-13) E-7
निर्वाचन ड्यूटी प्रमाण-पत्र E-8

यह [07 §9] के लिफाफा-नक्शे की स्वतंत्र पुष्टि है। पैकेट-नियम [MG अ.13]: "उपरोक्त सभी लिफाफे (E-1 से E-8) सीलबंद होंगे जिसमें लिफाफा E-1 से E-6 का अलग पैकेट होगा।"


§9 — परिशिष्ट-20 = सां.आ. 145/2026 — मशीन सीलबन्द करना

आदेश क्रमांक एफ.1(2)(1)नपा-पंचा/सा.आ./रानिआ/14/560 दिनांक 16.01.2026 · सां.आ. संख्या 145/2026 · पूर्व आदेश क्रमांक 4171 दिनांक 21.10.2019 (सां.आ. 121/2019) को अधिक्रमित करता है · हस्ताक्षर: (राजेश वर्मा), मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव

विधिक आधार — नियम 47-क(2): "मतदान की समाप्ति के पश्चात् पीठासीन अधिकारी सदस्य पदों के लिए उपयोग में लाई गई EVM की कन्ट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट को ऐसी विधि से मुद्राबंद (Sealed) करेगा और पृथकतः सुरक्षित (Secure Separately) करेगा जैसा राज्य निर्वाचन आयोग निर्देश दे और … मुद्रा इस प्रकार लगायी जायेगी कि बिना मुद्राओं को तोड़े युनिटों को खोलना सम्भव नहीं होगा।"

7 निर्देश

# निर्देश
1 'Close' बटन का कैप हटाकर 'Close' बटन दबाएं एवं 'Close' बटन का कैप वापस लगाए
2 CU का पॉवर स्विच बंद (Off) कर CU और BU/यूनिट्स को वियोजित/पृथक (Disconnect) किया जावे
3 BU/यूनिट्स तथा CU को पुनः उनके वहन बक्से (Carrying Boxes) में रख दिया जावे
4 वहन बक्सों के दोनों ओर बने छिद्रों में धागा डालकर मुद्राबंद करें; मुद्राबंद करते समय निर्वाचन तथा मतदान केन्द्र की विशिष्टयां दर्शाने वाले एड्रेस टैग पर पीठासीन अधिकारी अपनी मुद्रा लगाकर इन्हें चपड़ी से मुद्राबंद कर देवें
5 🚨 CU के एड्रेस टैग पर: नगरपालिका का नाम · वार्ड सदस्य संख्या · कन्ट्रोल यूनिट का पहचान नम्बर · मतदान केन्द्र का नाम व संख्यांक · मतदान की तारीख
6 🚨 BU के एड्रेस टैग पर: नगरपालिका का नाम · निर्वाचन का विवरण, वार्ड संख्या · बैलेट यूनिट/यूनिट्स का पहचान नम्बर · मतदान केन्द्र का नाम व संख्यांक · मतदान की तारीख
7 उपस्थित एवं इच्छुक अभ्यर्थी/मतदान अभिकर्ता को भी एड्रेस टैगों पर हस्ताक्षर की अनुमति दी जावे

⚠️ मोमबत्ती की सावधानी [MG अ.4/4-A]: "सील करते समय … प्रत्यक्ष मोमबत्ती की लौ केरिंग केसेज के संपर्क में न आये। पिघला हुआ मोम मशीन के किसी भी हिस्से पर न गिरे।"


§10 — परिशिष्ट-1 — भारतीय न्याय संहिता 2023 के उद्धरण

{देखें भाग 1 पैरा 3, भाग 6 पैरा 2(1)} — अर्थात् अध्याय 1(3) एवं अध्याय 6(2)(1)

172.घ — निर्वाचनों में प्रतिरूपण:

"जो कोई किसी निर्वाचन में किसी अन्य व्यक्ति के नाम से, चाहे वह जीवित हो या मृत, या किसी कल्पित नाम से, मतपत्र के लिए आवेदन करता या मत देता है, या ऐसे निर्वाचन में एक बार मत दे चुकने के पश्चात् उसी निर्वाचन में अपने नाम से मतपत्र के लिए आवेदन करता है और जो कोई किसी व्यक्ति द्वारा किसी ऐसे प्रकार से मतदान को दुष्प्रेरित करता है या उत्पात करता है या उत्पात करने का प्रयत्न करता है वह निर्वाचन में प्रतिरूपण का अपराध करता है।"

174.च — निर्वाचन में असम्यक् असर डालने या प्रतिरूपण के लिए दण्ड:

"जो कोई निर्वाचन में असम्यक् असर डालने या प्रतिरूपण का अपराध करेगा, वह दोनो में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से या दोनों से दण्डित किया जायेगा।"

यह [07 §2 — आक्षेपित मत] में दी गई चेतावनी के उद्धरण की पुष्टि करता है।


§11 — ✅ अब कुछ भी अपठित नहीं (23.08.2026 को बंद)

यह खण्ड पहले उन परिशिष्टों/प्ररूपों की सूची देता था जो पढ़े नहीं गए थे, इस चेतावनी के साथ कि उनसे कुछ भी कथित नहीं किया गया। अब वह सूची रिक्त है।

मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-भाग (मुद्रित पृ. 68–133) का प्रत्येक परिशिष्ट एवं प्ररूप स्वयं पढ़ा जा चुका है, साथ ही नियमों का पूरा अध्याय 3-क और ULB Manual में छपा प्रत्येक सांविधिक प्ररूप। ऊपर का नक्शा बताता है कि किससे क्या निकला।

🔴 अंतिम कुछ को पढ़ने से क्या निकला

स्रोत क्या निकला
परि-9 निरसित भा.दं.सं. 1860 की धारा 171-च लिखता है — लिखें बीएनएस 172/174; और उसमें दूसरा खण्ड — RO को प्रति है
परि-10 निरसित अधिनियम 1959 की धारा 15 लिखता है — पढ़ें अधिनियम 2009 की धारा 15 (धारा-संख्या वही); आयु 1 जनवरी की
परि-11 स्तं.5 = "पीठासीन अधिकारी द्वारा यथा निर्धारित आयु" — लिखित निर्णय; दोनों भाग डायरी मद 17 को भरते हैं
परि-13 प्रतिपर्ण पर दोनों परिणाम — इसी से नियम 43(5) का टकराव पकड़ा गया → 07 §2.3-क
परि-17 भारत निर्वाचन आयोग का नहीं — राज्य आयोग का आदेश 1408 दि. 04.02.2026; 🔴 बिन्दु 3 प्रशिक्षक पर कर्तव्य डालता है — सबको बताएँ और PRO की किट में प्रति रखवाएँ
प्ररूप-16 पाद-भाग में RO के हस्ताक्षर एवं मोहर दोनों अपेक्षित
परि-5 CU पीठासीन अधिकारी की अपनी मेज पर — नियम 32-ख(6) से मेल

⚠️ एक चेतावनी बनी रहती है। पढ़ लिया जाना और निर्दोष होना दो अलग बातें हैं। इनमें से तीन प्रपत्र निरसित कानून का संदर्भ देते हैं — परिशिष्ट 9 और 10, तथा प्ररूप 14-ग की मद 3 का लेबल (नियम 45-क, विलोपित)। तीनों में निर्देश सही है, केवल संदर्भ पुराना है।


सम्बन्धित: 08 — मतदान पूर्व · 07 — मतदान दिवस · 09 — रिकार्ड, पुनर्मतदान, जमा · Forms, Formats and Figures — the training image library · CITATIONS