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भूमिका-पुस्तिका · पहली बार ड्यूटी पर

द्वितीय मतदान अधिकारी

अमिट स्याही और मतदाता रजिस्टर आपके हैं। मशीन तक जाने की अनुमति आपकी पर्ची से मिलती है।

नगरपालिका आम चुनाव 2026 · राजस्थान7 अध्यायअन्त में पुनरावृत्तिहर उद्धरण मूल दस्तावेज़ पर खुलता है
निर्वाचन ज्ञानकोशद्वितीय मतदान अधिकारी
1

आपकी मेज पर क्या-क्या रहेगा

आपका काम तीन चीज़ों में बँटा है। स्याही, रजिस्टर, और पर्ची। तीनों एक ही मतदाता पर, एक ही क्रम में लगते हैं।

प्रथम मतदान अधिकारी से पहचान होकर मतदाता आपके पास आता है। आप उसकी अंगुली पर अमिट स्याही लगाते हैं, मतदाता रजिस्टर में प्रविष्टि कराते हैं, और पर्ची देकर उसे तृतीय मतदान अधिकारी के पास भेजते हैं। तीनों में से कोई भी छूट जाए तो मतदान की अनुमति पूरी नहीं होती।

सामग्री जो आपके पास होनी चाहिए

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अमिट स्याही — किस अंगुली पर

अंगुली का प्रश्न नियम से तय होता है, आदत से नहीं। और तीन स्थितियाँ अलग-अलग उत्तर देती हैं।

नियम 35-क(2)(क) कहता है कि मतदाता को मत देने की अनुमति देने से पूर्व, पीठासीन अधिकारी उसकी बाईं तर्जनी पर अमिट स्याही से चिन्ह लगवाएगा। सामान्य नगरपालिका मतदान में यही अंगुली है।

स्थितिअंगुलीआधार
सामान्य नगरपालिका मतदानबाईं तर्जनीनियम 35-क(2)(क)
लोकसभा या विधानसभा निर्वाचन के तुरन्त पश्चात का नगरपालिका निर्वाचन, और वह निशान अभी दिख रहा होदाईं तर्जनी, सभी मतदाताओं कीपरिशिष्ट-18 का निर्देश 1
नगरपालिका चुनाव के दौरान पुनर्मतदानबाईं मध्यमापरिशिष्ट-18 का निर्देश 2
परिशिष्ट-18 अर्थात् आदेश 2205 दिनांक 04.07.2019

अंगुली न हो तो — नियम का अपना क्रम

  1. बाईं तर्जनी न होबाएँ हाथ की कोई अन्य अंगुली। क्रम छोड़कर सीधे दाएँ हाथ पर मत जाइए।
  2. बाएँ हाथ की सभी अंगुलियाँ न होंदाएँ हाथ की तर्जनी।
  3. दोनों हाथों की अंगुलियाँ न होंबाईं या दाईं बाँह का वह छोर जो उसके पास है। नियम यहाँ तक का रास्ता स्वयं देता है, इसलिए स्याही छोड़ने का विकल्प कभी नहीं बनता।
इस चुनाव के लिए कौन-सी स्थिति लागू है, यह जिला या आयोग के आदेश से पुष्ट कर लीजिए। तालिका की दूसरी पंक्ति तभी लगती है जब पूर्व निर्वाचन का निशान अभी दृष्टव्य हो।
3

स्याही कैसे लगे

कौन-सी अंगुली, यह एक आदेश बताता है। उस अंगुली पर कैसे, यह दूसरा।

परिशिष्ट-17 और परिशिष्ट-18 में कोई टकराव नहीं है। दोनों अलग प्रश्नों के उत्तर हैं। आदेश 1408 बताता है कि कैसे लगाएँ और कौन जाँचेगा, आदेश 2205 बताता है कि किस अंगुली पर। आदेश 1408 ने पत्र 5493 दिनांक 26.07.2015 को अधिक्रमित किया है, आदेश 2205 को नहीं। दोनों साथ पढ़िए।

आदेश 1408 का निर्देश 2 नियंत्रण यूनिट के प्रभारी पर यह कर्तव्य डालता है कि Ballot बटन दबाने से पहले वह देखे कि स्याही पूरी तरह लगी है। लगाना आपका है, जाँचना उनका।
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मतदाता रजिस्टर — प्ररूप 14-क

रजिस्टर चार स्तम्भों का है, और चारों का अपना अनुशासन है।

स्तम्भक्या जाएगा
1निरन्तर क्रम संख्या, एक से आरम्भ। प्रति पृष्ठ पन्द्रह क्रम संख्याएँ। कुछ पृष्ठों पर अग्रिम रूप से अंकित कर लीजिए।
2चिन्हित प्रति में उस मतदाता की क्रम संख्या
3मतदाता के हस्ताक्षर, अथवा अंगूठे की छाप
4अभ्युक्तियाँ
विधिक आधार: नियम 35-क एवं नियम 78

स्तम्भ 4 में क्या-क्या जाता है

प्रविष्टिकब
पहचान दस्तावेज़ की क्रम संख्या के अन्तिम चार डिजिटहर मतदाता के लिए। संख्या चार अंक से कम हो तो पूरी संख्या।
No Voteहस्ताक्षर के बाद जो मत न डाले। यह आगे प्ररूप 14-ग की आइटम 3 में जाता है।
मत देने की अनुमति नहीं दी, नोट सहितप्रक्रिया या गोपनीयता भंग पर। नीचे पीठासीन अधिकारी के पूर्ण हस्ताक्षर होंगे। यह प्ररूप 14-ग की आइटम 4 में जाता है।
वास्तविक क्रम संख्या की टिप्पणीक्रम उलट-पुलट होने पर, और अगले प्रभावित मतदाताओं के सामने भी
साथी ने हस्ताक्षर किए, ऐसा नोटदृष्टिहीन अथवा शिथिलांग मतदाता के प्रकरण में

हस्ताक्षर का अर्थ

हस्ताक्षर का अर्थ पूरा नाम लिखना है। कोई साक्षर व्यक्ति केवल एक निशान बना दे तो उससे अंगूठा निशानी ली जाती है। वह भी न करे तो मत देने की अनुमति नहीं है, क्योंकि नियम 35-क(1) का परन्तुक कहता है कि रजिस्टर पर हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी लगाए बिना किसी मतदाता को मत नहीं देने दिया जाएगा।

अंगूठा निशानी का क्रम

  1. बायाँ अंगूठा
  2. दायाँ अंगूठा
  3. बाएँ हाथ की तर्जनी से प्रारम्भ होने वाली अंगुली
  4. दाएँ हाथ की तर्जनी
  5. तर्जनी से प्रारम्भ होने वाली अंगुली

निशान प्रमाणित करने की आवश्यकता नहीं होती। इतना पर्याप्त है कि वह स्पष्ट हो। उसके बाद गीले कपड़े से स्याही मिटा दीजिए।

5

साथी वाला प्रकरण — आपका हिस्सा

निर्णय आपका नहीं है, पर अभिलेख आपका है। दोनों को अलग रखिए।

कोई मतदाता या उसके साथ आया व्यक्ति कहे कि वह अन्दर साथ जाएगा, तो अनुमति आप नहीं देंगे। प्रकरण पीठासीन अधिकारी के पास जाएगा, क्योंकि साथी की अनुमति मार्गदर्शिका अ.7 के अधीन उन्हीं की है।

अनुमति मिल जाने के बाद

अब आपका काम है। जिस मतदाता के बाएँ हाथ में कोई अंगुली न हो, अथवा जो स्वयं मत रिकार्ड न कर सके, उसके प्रकरण में साथी के हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी रजिस्टर में ली जाती है। इसी आशय की प्रविष्टि स्तम्भ 4 में भी होती है, और अभिलेख प्ररूप-12 में जाता है। पीठासीन अधिकारी प्रविष्टि के सामने अपना नोट लिखेंगे।

प्ररूप-12 और साथी की घोषणा, दोनों आगे लिफाफा E-14 में जाते हैं। यह लिफाफा सीलबन्द नहीं किया जाता।
6

मतदाता पर्ची

यह छोटी-सी पर्ची ही आगे प्रवेश का आधार बनती है।

स्याही लग जाने और रजिस्टर भर जाने के बाद आप पर्ची तैयार करके मतदाता को देंगे। पर्चियाँ पोस्टकार्ड के आकार की आधी होती हैं और पचास-पचास के बण्डलों में मिलती हैं।

इसके बाद मतदाता नियंत्रण यूनिट के प्रभारी के पास जाएगा, जो सामान्यतः तृतीय मतदान अधिकारी होते हैं और छोटे केन्द्रों पर पीठासीन अधिकारी स्वयं। वे इसी पर्ची के आधार पर मतदान कक्ष में प्रवेश देंगे और साथ ही देखेंगे कि स्याही का निशान स्पष्ट है।

7

दिन भर का अनुशासन

कुछ आदतें ऐसी हैं जो पूरे दिन गिनती को ठीक रखती हैं।

पुनरावृत्ति — जाने से पहले एक बार

नीचे कुछ नया नहीं है। रवाना होने से पहले एक बार देख लेना पर्याप्त होगा।

सार — पाँच बातें जो बदलती नहीं

1सामान्य मतदान में बाईं तर्जनीपुनर्मतदान में बाईं मध्यमा। दाईं तर्जनी केवल उस स्थिति में जब लोकसभा या विधानसभा का निशान अभी दिख रहा हो।
2नाखून के सिरे से प्रथम जोड़ के नीचे तकब्रश से, और तीस सेकण्ड सूखने दीजिए।
3स्तम्भ 1 कभी नहीं बदलताक्रम भंग हो तो स्तम्भ 4 में वास्तविक क्रम संख्या की टिप्पणी लिखिए।
4हस्ताक्षर का अर्थ पूरा नामकेवल निशान बनाए तो अंगूठा निशानी लीजिए। वह भी न करे तो मत नहीं।
5साथी की अनुमति आपकी नहींनिर्णय पीठासीन अधिकारी का। अनुमति के बाद रजिस्टर की प्रविष्टि आपकी।

अंक जो याद रहने चाहिए

15क्रम संख्याएँ, प्रति पृष्ठ
30सेकण्ड, स्याही सूखने का समय
4अन्तिम डिजिट, स्तम्भ 4 में
50पर्चियों का बण्डल
E-2रजिस्टर का सीलबन्द लिफाफा

चलने से पहले की जाँच

जो कभी नहीं

इस पुस्तिका के स्रोत