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रिटर्निंग अधिकारी / सहायक रिटर्निंग अधिकारी — मतगणना पुस्तिका

नगरपालिका आम चुनाव 2026 (राजस्थान) · सदस्य (वार्ड) पद · मतगणना 14 सितम्बर 2026

प्रत्येक निर्देश स्रोत-सहित है। संदर्भ — [2292 पैरा 18(1)], [SO 157 पैरा 7(ग)], [MPSV अध्याय 6] — का अर्थ SOURCES में। जो प्रक्रिया आधिकारिक दस्तावेज में नहीं मिली, वह यहाँ लिखी नहीं गई — देखें GAPS।

⚠️ एक स्थान पर दो आधिकारिक दस्तावेजों में विरोधाभास है (डाक मतपत्रों के पैकेट) — §9.6 देखें। अपनाया गया नियम: बाद का दस्तावेज मान्य होगा ([2292 पैरा 11(5)] — एक पैकेट)। यह एक विभागीय कार्यकारी निर्णय है, आयोग का निर्णय नहीं — विस्तार एवं सावधानी हेतु GAPS §2 देखें।

🔗 प्रत्येक संदर्भ चिह्न CITATIONS में लिंक सहित है — स्रोत PDF सीधे उसी पृष्ठ पर खुलेगा।

अद्यतन 23.08.2026 — यह अब विभागीय निर्णय नहीं रहा। नियम 74-क(1)(ख) का मूल पाठ — "used postal ballot papers weather valid, rejected or cancelled, and counter-foils thereof"विधिमान्य और प्रतिक्षेपित को एक ही पैकेट-वर्ग में रखता है, जो [2292 पैरा 11(5)] से पूर्णतः मेल खाता है। पूरा तर्क → §9.7-क की RO/ARO पुस्तिका


1. विधिक आधार

मतदान मशीनों से हुए निर्वाचन में मतगणना संबंधी विधिक प्रावधान — राजस्थान नगरपालिका (निर्वाचन) नियम, 1994 के अध्याय 3 के नियम 57 से 61 एवं 65 से 73, तथा ईवीएम से मतगणना हेतु अध्याय 3-क के नियम 46-क, 62-क, 63-ख एवं 64-क [2292 पैरा 2(1)]।

  • नियम 62-क, 63-क तथा 63-ख — गणना के पूर्व मतदान मशीनों की संवीक्षा और निरीक्षण, मशीनों में रिकार्ड किये गये मतों की वास्तविक गणना, और गणना के पश्चात् मशीनों को सील करने के लिए उपबंध करते हैं [2292 पैरा 2(2)]।
  • नियम 57 से 61, 65 से 73 के प्रावधान — मतगणना का समय व स्थान, गणन अभिकर्ता की नियुक्ति व उसका निरस्तीकरण, नियत स्थान में प्रवेश, मतदान की गोपनीयता, लगातार गणना, पुनः मतदान के पश्चात गणना का पुनः आरम्भ, मतों की पुनर्गणना, परिणाम की घोषणा, तथा निर्वाचित अभ्यर्थी को प्रमाण-पत्र जारी करना — उसी प्रकार लागू हैं जैसे मतपत्र व मतपेटी पद्धति वाले निर्वाचनों में [2292 पैरा 2(2)]।

यह परिपत्र पूर्व आदेश क्रमांक 4249 दिनांक 22.10.2019 को अधिक्रमित करता है [2292, प्रारम्भिक पैरा]।


2. दो बातें जो सबसे पहले समझें

(क) मतगणना मतदान केन्द्रवार (बूथवार) होती है। ईवीएम से मतदान होने पर गणना मतदान केन्द्रवार होती है। मतगणना दोष-रहित हो और निर्वाचन के परिणाम के बारे में अभ्यर्थी या उसके अभिकर्ता के मन में कोई भ्रम न रहे [2292 पैरा 1(2)]।

(ख) मतगणना उसी दिन पूर्ण करनी है। मतगणना कार्य के बाद परिणामों की घोषणा के पश्चात् निर्वाचित सदस्यों को उसी दिन शपथ दिलवा दें, ताकि महापौर / सभापति / अध्यक्ष के चुनाव में सदस्यों द्वारा भाग लिया जा सके [2292, अन्तिम नोट]।


3. तारीख, स्थान और समय [2292 पैरा 3]

# निर्देश
1 मतगणना कार्य नगरपालिका मुख्यालय पर ही किया जाना है
2 आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए नियम 57 के अन्तर्गत RO तिथि, समय एवं स्थान का चयन करेगा
3 मतों की गणना एक ही भवन मेंनगर निगमों में जहाँ मतदान केन्द्र अधिक हैं, DEO दो भवनों का भी चयन कर सकते हैंएक वार्ड की गणना एक कक्ष में एक साथ। हॉल बड़ा हो तो अस्थाई पार्टीसन से विभाजित कर एक से अधिक वार्डों की गणना भी की जा सकती है — लेकिन प्रत्येक कक्ष का प्रभारी पृथक सहायक रिटर्निंग अधिकारी हो
4 गणना की तारीख, समय व स्थान की लिखित सूचना प्रत्येक अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता को — मतदान की तारीख से कम से कम एक सप्ताह पूर्व। किसी अपरिहार्य कारण से परिवर्तन हो तो पुनः लिखित सूचना दें
5 हॉल पर्याप्त बड़ा, प्रकाश की समुचित व्यवस्था। 🚫 मतों की गणना अस्थायी ढांचे में नहीं की जाए। परिसर में दोहरी व पर्याप्त सुरक्षा; भीड़-भाड़ न हो

4. मेजों की संख्या एवं व्यवस्था [2292 पैरा 4]

  1. पहले से निश्चय कर लें कि प्रत्येक गणना स्थान पर कितनी गणना मेजें रखनी हैं — क्योंकि इसी पर निर्भर करेगा कि कितने गणन पर्यवेक्षकगणन सहायक नियुक्त करने होंगे, और प्रत्येक अभ्यर्थी कितने गणन अभिकर्ता नियुक्त करने का हकदार होगा। मेजों की संख्या वार्डों की संख्या और वार्ड में मतदान केन्द्रों की संख्या से अवधारित होगी, जिन पर मतों की गणना एक ही समय पर की जा सके।
  2. बड़े वार्डों में एक कक्ष में एक से अधिक टेबल हों तो टेबलों को क्रम संख्यांकित किया जाए। टेबलों के मध्य गणन पर्यवेक्षकों, गणन सहायकों, अभ्यर्थियों/गणन अभिकर्ताओं के बैठने हेतु पर्याप्त स्थान
  3. एक कक्ष में एक से अधिक वार्डों की गणना की जा सकेगी, लेकिन एक वार्ड की मतगणना पूरी होने के बाद ही अन्य वार्ड की मतगणना प्रारम्भ की जाएगी। जिस समय जिस वार्ड की मतगणना हो रही हो, उस दौरान संबंधित वार्ड के अभ्यर्थियों/अभिकर्ताओं को ही मतगणना कक्ष में रहने दिया जाए; शेष वार्डों के अभ्यर्थियों/निर्वाचन/गणन अभिकर्ताओं को मतगणना केन्द्र के भवन में ही एक नियत कक्ष में इन्तजार करने हेतु कहा जाए [2292 पैरा 4(3), पैरा 6(10)]।

5. गणना स्टाफ [2292 पैरा 5]

  1. नियम 59 के अनुसार RO, जिला नगरपालिका निर्वाचन अधिकारी के अनुमोदन से गणन पर्यवेक्षक व गणन सहायक नियुक्त करेगा। एक टेबल पर एक गणन पर्यवेक्षक और एक गणन सहायक।
  2. गणन पर्यवेक्षकराजपत्रित या समकक्ष अधिकारी; राज्य सरकार के विभिन्न विभागों या राज्य सरकार के अधीनस्थ निगमों, मण्डलों, संस्थानों के भी हो सकते हैं। गणन सहायक — राजपत्रित स्तर के न हों, लेकिन यथासंभव पर्यवेक्षकीय पदों (Supervisory Post) पर कार्यरत कर्मचारियों के स्तर के। 🚫 किसी राजनैतिक दल या अभ्यर्थी से जुड़े हुए व्यक्ति, एवं नगर निकाय कार्यालयों के कार्मिकों को गणन पर्यवेक्षक या गणन सहायक नियुक्त नहीं किया जाए। ये निष्पक्ष व कर्तव्यनिष्ठ होने चाहिए। गणन पर्यवेक्षकों व सहायकों को (रिजर्व स्टाफ सहित) भली-भाँति प्रशिक्षण दिया जाए।
  3. RO, ईवीएम / SDMM / DMM (यदि MPSV एवं MPMV मशीनें उपयोग में ली गई हैं) व अन्य निर्वाचन संबंधी कागजातों को सील करने के लिए भी सहायकों की नियुक्ति DEO के अनुमोदन से करेंगे।

6. गणन अभिकर्ता [2292 पैरा 6], [SO 151]

6.1 संख्या एवं नियुक्ति

  • नियम 58 के अनुसार अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता गणन अभिकर्ता नियुक्त कर सकता है।
  • गणन अभिकर्ताओं की संख्या गणना के लिए लगायी गयी मेजों की संख्या से अधिक नहीं होगी — जिसमें RO/ARO की मेज भी शामिल है [2292 पैरा 6(1)]।
  • नियुक्ति प्ररूप-19 में, दो प्रतियों मेंएक प्रति RO को प्रस्तुत की जाएगी; दूसरी प्रति मतगणना प्रारम्भ होने से कम से कम एक घण्टा पहले गणन अभिकर्ता द्वारा RO के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
  • एक अभ्यर्थी प्ररूप-19 में एक पत्र पर एक से अधिक अभिकर्ताओं की नियुक्ति भी कर सकता है।
  • 🚨 नियुक्त व्यक्तियों के हस्ताक्षर सहमति के रूप में आवश्यक हैं। यदि हस्ताक्षर न हों तो नियुक्ति मान्य नहीं होगी [2292 पैरा 6(1)]।

6.2 घोषणा एवं निरस्तीकरण

  • मतगणना प्रारम्भ होने से कम से कम एक घण्टा पूर्व गणन अभिकर्ता प्ररूप-19 की घोषणा पढ़कर उस पर हस्ताक्षर करेगा और RO को प्रस्तुत करेगा — अन्यथा मतगणना केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जायेगा [2292 पैरा 6(2)]।
  • निरस्तीकरण (Revocation) — वार्ड सदस्य के मामले में प्ररूप-20 द्वारा RO को प्रस्तुत कर किया जा सकता है; निरस्तीकरण के पश्चात अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता उसकी एवज में अन्य गणन अभिकर्ता नियुक्त कर सकता है [2292 पैरा 6(2)]।

6.3 फोटो पहचान पत्र — प्रवेश की अनिवार्य शर्त

  • गणन अभिकर्ताओं की सूची मय फोटो, गणना की नियत तारीख से कम से कम 2 दिन पहले RO द्वारा चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों से प्राप्त की जाएगी [SO 151]।
  • प्ररूप-19 (दो प्रतियों में) जिन पर पासपोर्ट साईज फोटो चिपका हो, RO के समक्ष मतगणना दिवस से कम से कम दो दिन पूर्व प्रस्तुत किए जाएं [2292 पैरा 6(5)]।
  • दोनों नियुक्ति पत्रों पर चिपकाए गए फोटो पर गणन अभिकर्ता के हस्ताक्षर होंगे, तथा अभ्यर्थी अथवा उसके निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा ऐसे फोटो प्रमाणित भी किए जाएंगे [2292 पैरा 6(5)], [SO 151]।
  • 🚨 मतों की गणना के दिन केवल फोटो पहचान पत्र वाले गणन अभिकर्ताओं को ही गणना हॉल के अन्दर जाने की अनुमति दी जाएगी [SO 151]।

6.4 बैज

मतगणना दिवस पर भवन में प्रवेश फोटो युक्त बैज से ही। बैज पर अंकित होगा — बैज संख्या · गणन अभिकर्ता का नाम · अभ्यर्थी का नाम · वार्ड संख्या (या अध्यक्ष चुनाव यथास्थिति) · कक्ष नम्बर · आवंटित टेबल संख्या। बैज RO के हस्ताक्षर एवं सील से जारी होंगे। समस्त बैजों का इन्द्राज संधारित रजिस्टर में भी किया जाएगा [2292 पैरा 6(4)]। अभ्यर्थी एवं उसके निर्वाचन अभिकर्ताओं को भी फोटो युक्त बैज दिये जाएंगे [2292 पैरा 6(6)]।

6.5 बैठने एवं आवागमन के नियम

  • 🚫 गणन अभिकर्ता केवल आवंटित टेबल पर ही बैठ सकेगा, अन्य कहीं नहीं। मात्र अभ्यर्थी व उसके निर्वाचन अभिकर्ता को किसी भी टेबल पर जाने का अधिकार है [2292 पैरा 6(9)]।
  • 🚫 गणना कार्य के बीच में गणना कक्ष से जाने नहीं दिया जाएगा, और एक बार जाने के पश्चात पुनः प्रवेश नहीं दिया जाएगा — यह अभ्यर्थियों/अभिकर्ताओं को स्पष्ट रूप से बता दिया जाए [2292 पैरा 6(3)]।

6.6 सूचना

RO पर्याप्त समय पूर्व संबंधित राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों को उपरोक्त व्यवस्था की सूचना देगा; अभ्यर्थियों को नियम-57 के अन्तर्गत दी जाने वाली सूचना के साथ ही अवगत कराए [2292 पैरा 6(7)]। जिला स्तर पर DEO भी राजनैतिक दलों को सूचित करेंगे [2292 पैरा 6(8)]।


6.7 🔴 प्ररूप 19 एवं 20 अब उपलब्ध हैं — मूल पाठ सहित (23.08.2026)

✏️ यह मॉड्यूल पांच जगह कहता था कि "केवल प्ररूप 19 एवं 20 अब भी नहीं हैं"वह गलत था। दोनों प्ररूप ULB Manual में पूरे छपे हैं (मुद्रित पृ. 146–147) और नीचे ज्यों-का-त्यों दिए जा रहे हैं। अब इस मॉड्यूल में कोई भी प्ररूप अनुपलब्ध नहीं है।**

प्ररूप 19 — गणन अभिकर्ता की नियुक्ति [नियम 58(3) देखिये]

प्ररूप में तीन तालिकाएँ हैं — तीनों भरनी हैं। यही सबसे बड़ी चूक की जगह है।

खण्ड क्या है कौन हस्ताक्षर करेगा
शीर्ष "Election to the Municipal … / Ward Number …" · "To, The Returning Officer, Ward Number …"
तालिका 1 — नियुक्ति क्रम संख्या · गणन अभिकर्ता का नाम · पता अभ्यर्थी / निर्वाचन अभिकर्ता
तालिका 2 — सहमति ("We agree to act as such counting agents") क्रम सं. · नाम · गणन अभिकर्ता के हस्ताक्षर 🔴 स्वयं अभिकर्ता
तालिका 3 — घोषणा क्रम सं. · नाम · पता 🔴🔴 अभिकर्ता — किन्तु "To be signed before the Returning Officer"
पाद-भाग "Signed before me — Returning Officer — Date …" 🔴🔴 स्वयं RO

🔴 घोषणा का मूल पाठ — यही RO दिलवाएगा

"Declaration of counting agents — (To be signed before the Returning Officer)

I/We hereby declare that at the above election I/We will maintain and aid in maintaining, the secrecy of the voting and shall not (except, for some purpose authorised by or under any law) communicate to any person any information calculated to violate such secrecy."

🚨 दो बातें जो मॉड्यूल में पहले नहीं थीं — (1) §6.2 कहता था कि अभिकर्ता "घोषणा पढ़कर हस्ताक्षर करेगा और RO को प्रस्तुत करेगा"प्ररूप इससे आगे जाता है — घोषणा RO के समक्ष हस्ताक्षरित होगी और RO स्वयं "Signed before me" लिखकर प्रतिहस्ताक्षर करेगा। यह RO का अपना कृत्य है, केवल कागज़ ले लेना नहीं। (2) तालिका 2 (सहमति) और तालिका 3 (घोषणा) अलग-अलग हस्ताक्षर मांगती हैं। अभिकर्ता ने तालिका 2 भर दी और तालिका 3 खाली छोड़ दी — यह सबसे आम चूक है। मेज पर जाँचें।

नियम 58 का मूल पाठ — जो §6.1 में नहीं था

उप-नियम मूल पाठ (सार)
58(2) अभिकर्ताओं की संख्या "shall not exceed the number of counting tables including that of the returning officer" — ✅ §6.1 सही है
58(3) प्ररूप 19 in duplicateएक प्रति RO को भेजी जाएगी, दूसरी प्रति अभिकर्ता को दी जाएगी — वह उसे गणना प्रारम्भ के लिए नियत समय से एक घण्टा पूर्व से अनिक RO के समक्ष प्रस्तुत करेगा
58(4) 🔴🔴 तीन शर्तें — तीनों पूरी हुए बिना प्रवेश नहीं: "No counting agent shall be admitted into the place fixed for counting unless he has (क) delivered to the returning officer the second copy of his appointment(ख) after duly completing and signing the declaration contained therein (ग) and receiving from the returning officer 🔴 an authority for entry into the place fixed for counting."
58(5) निरस्तीकरण प्ररूप 20 में, RO के पास lodged किया जाएगा
58(6) गणना प्रारम्भ होने से पूर्व निरस्तीकरण हो तो अभ्यर्थी/निर्वाचन अभिकर्ता नयी नियुक्ति कर सकेगा

🔴 58(4) का तीसरा खण्ड मॉड्यूल में नहीं था — "an authority for entry"। अर्थात् कागज़ ले लेना काफी नहीं — RO प्रवेश-प्राधिकार देगा। व्यवहार में यही [SO 151] वाला फोटो बैज है (§6.3) — दोनों एक ही अपेक्षा के दो रूप हैं, टकराव नहीं।

ℹ️ नियम की अपनी आंतरिक संदर्भ-लटकन (यथावत् दर्ज): 58(4) कहता है "second copy of his appointment under sub-rule (2)" और 58(6) कहता है "fresh appointment in accordance with sub-rule (2)" — जबकि दो प्रतियों का उपबंध 58(3) में है और नियुक्ति का 58(1) में। यह नियम की अपनी मुद्रण/प्रारूपण लटकन है; इस पर कोई कार्यवाही न करें। अभिप्राय स्पष्ट है।

प्ररूप 20 — नियुक्ति का निरस्तीकरण [नियम 58(5) देखिये]

"I, … a candidate/the election agent of Shri/Shrimati … a candidate at the above election hereby revoke the appointment of Shri/Shrimati … as counting agent." · Date … · Signature of the candidate/election agent

प्ररूप 19 प्ररूप 20
अभिकर्ता के हस्ताक्षर ✅ आवश्यक (तालिका 2 व 3) ❌ नहीं
RO का प्रतिहस्ताक्षर "Signed before me" ❌ नहीं — केवल lodged
प्रतियाँ दो एक

🚨 प्ररूप 19-क एवं 20-क विलोपित (deleted) हो चुके हैं — अधिसूचना क्र. एफ.8(ग) ( ) Rules/DLB/19/33841 दिनांक 16.10.19, राजस्थान राजपत्र असाधारण भाग 6(क), 16.10.19। कोई 19-क प्रस्तुत करे तो वह अप्रचलित है।


7. गणना मेज पर लेखन सामग्री [2292 पैरा 7]

प्रत्येक मतगणना मेज पर:

  1. एक नीली स्याही का बॉल-पॉइंट पेन
  2. सीलों को तोड़कर खोलने के लिए चाकू या ब्लेड
  3. प्ररूप 14-ग के भाग 1 में रिकार्ड किये गये मतों का लेखा (इस प्रररूप के भाग 2 में गणन पर्यवेक्षक द्वारा गणना का परिणाम लिखा जाएगा)
  4. कागज की दो शीटें

8. अनुशासन, गोपनीयता एवं प्रवेश

8.1 अनुशासन [2292 पैरा 8]

🚫 गणना कक्ष में धुम्रपान पूर्णतः वर्जित। नियम 60(2) के अनुसार जो व्यक्ति RO के विधि सम्मत निर्देशों का पालन नहीं करता या अवचार करता है, उसे मतगणना कक्ष से बाहर निकाल दिया जाएगा — इसके लिए कक्ष के बाहर मौजूद पुलिस अधिकारी की मदद ली जा सकती है।

8.2 गोपनीयता [2292 पैरा 9]

नियम 61 के अनुसार गणना या उनके अभिलेखन से संबंधित कार्य करने वाले प्रत्येक अधिकारी, लिपिक, अभिकर्ता या व्यक्ति को मतों की गोपनीयता बनाये रखनी होगी। लोक-प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 128, जो नगरपालिका चुनावों में भी लागू है, के प्रावधानों के बारे में मतगणना प्रारम्भ करने से पूर्व कक्ष में उपस्थित सभी व्यक्तियों को समझा दिया जाना चाहिए

8.3 प्रवेश — केवल चार प्रकार के व्यक्ति [2292 पैरा 10]

नियम 60(1) के अनुसार RO मात्र 4 प्रकार के व्यक्तियों को ही मतगणना स्थल में आने की अनुमति देगा:

(क) गणन पर्यवेक्षक और गणन सहायक
(ख) राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति
(ग) निर्वाचन के संबंध में ड्यूटी पर तैनात लोक-सेवक
(घ) अभ्यर्थी, उनके निर्वाचन अभिकर्ता, और प्रति गणन मेज पर एक गणन अभिकर्ता
  • पुलिस: ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारी/अधिकारी को RO कानून-व्यवस्था या वैसे ही उद्देश्य से कक्ष में बुला सकता है। सामान्य स्थिति में पुलिस को गणना कक्ष में प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि अभ्यर्थी या दल यह शिकायत कर सकते हैं कि गणना-कक्ष में अनावश्यक रूप से पुलिसकर्मी नियोजित किए गए हैं [2292 पैरा 10(2)]।
  • 🚫 सरकार का कोई भी मंत्री किसी अभ्यर्थी का निर्वाचन अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता या गणन अभिकर्ता नियुक्त नहीं हो सकता। अतः मतगणना केन्द्र पर किसी मंत्री को, यदि वह अभ्यर्थी नहीं है तो, प्रवेश नहीं दिया जा सकता [2292 पैरा 10(3)]।

🚨 धारा 134-क — सरकारी सेवक गणन अभिकर्ता नहीं बन सकता (जोड़ा गया 22.08.2026)

मूल पाठ (मैनुअल PDF पृ. 45 — मैंने स्वयं पढ़ा): "134A. Penalty for Government servants for acting as election agent, polling agent or counting agent.— If any person in the service of the Government acts as an election agent or a polling agent or a counting agent of a candidate at an election, he shall be punishable with imprisonment for a term which may extend to three months, or with fine, or with both."

✅ नगरपालिका निर्वाचन पर लागू होने की कड़ी — मैंने स्वयं सत्यापित की: नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 28 (मैनुअल PDF पृ. 70) लो.प्र.अ. की जिन धाराओं को लागू करती है, उस सूची में 134A सम्मिलित है"…132A, 133, 134, 134A, 134B, 135, 135A…"। पाठ-प्रतिस्थापन केवल धारा 125, 127, 134 एवं 136 पर हैं, इसलिए 134-क अपरिवर्तित रूप में लागू है।

⚠️ किन्तु दायरा ठीक-ठीक समझें — इसे "प्रवेश-निषेध" न बनाएँ

मंत्री वाला प्रतिबंध [2292 पैरा 10(3)] नियुक्ति ही नहीं हो सकती; प्रवेश से रोका जा सकता है
🚨 धारा 134-क दण्ड सरकारी सेवक पर पड़ता है। धारा नियुक्ति को शून्य नहीं करती, और RO को इनकार की स्पष्ट शक्ति नहीं देती

➡ इसलिए मंत्री वाला वाक्य 134-क पर ज्यों-का-त्यों न दोहराएँ। दोनों अलग हैं।

RO व्यवहार में क्या करे

  1. नियम-57 की सूचना के साथ दी जाने वाली पैरा 6(7) की सूचना में अभ्यर्थियों/दलों को स्पष्ट रूप से अवगत कराए कि सरकारी सेवक गणन अभिकर्ता नहीं बन सकता।
  2. प्ररूप-19 की संवीक्षा (मतगणना से 2 दिन पूर्व) में ऐसा प्रकरण दिखे तो अभ्यर्थी/निर्वाचन अभिकर्ता को तत्काल सचेत कर एवज में दूसरा गणन अभिकर्ता नियुक्त कराए।
  3. प्रकरण DEO को प्रतिवेदित करे।

मार्गदर्शिका भी यही कहती है — अध्याय-12 "चुनाव अनियमितताएं", क्रम 9: "सरकारी कर्मचारी के किसी अभ्यर्थी के निर्वाचन एजेंट, पोलिंग एजेन्ट या काउंटिंग एजेन्ट होने को भी अपराध माना गया है। (धारा 134 क)" - गणना-कक्ष में व्यक्तियों की आवाजाही सुचारू रखी जाए [2292 पैरा 10(4)]।


9. डाक मतपत्रों की गणना [2292 पैरा 11], [SO 157]

9.1 क्रम एवं समय

  • 🚨 सर्वप्रथम डाक मतपत्रों की गणना की जानी है। जिस कक्ष में ईवीएम मतगणना हो रही है, उसी कक्ष में डाक मतपत्रों को गणना में पहले लिया जावे — लेकिन ध्यान रखें कि ईवीएम की मतगणना पूरी होने से पूर्व ही डाक मतपत्रों की गणना का कार्य पूर्ण हो जाये [2292 पैरा 11(1)]।
  • 🚫 मतगणना प्रारम्भ होने के नियत समय के पश्चात प्राप्त डाक मतपत्र का कोई लिफाफा नहीं खोला जाना चाहिए। उन्हें बिना खोले ही अस्वीकार कर देना चाहिए और अलग से लिफाफे में रखकर सील कर देना चाहिए तथा उस पर समुचित विवरण भी लिख देना चाहिए [2292 पैरा 11(2)]। (वही — लिफाफा-ख / प्ररूप 16-ग [SO 157 पैरा 1])

9.2 डाक मतपत्र दो प्रकार के [2292 पैरा 11(3)]

प्रकार आधार
(क) निवारक निरोध में नजरबंद व्यक्तियों से प्राप्त राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 25 के परन्तुक
(ख) निर्वाचन-ड्यूटी स्टाफ से प्राप्त नियम 46-क(4)

दोनों के संबंध में आयोग ने आदेश 1418 दिनांक 05.02.2026 तथा आदेश 1451 दिनांक 06.02.2026 (सां.आ. 157/2026) जारी किए हुए हैं [2292 पैरा 11(3)]।

सुधार 23.08.2026 — आदेश 1418 अब पूरा पढ़ लिया गया है (आयोग की मूल PDF, पांचों पृष्ठ)। पूर्ववर्ती संस्करण में यहाँ लिखा था "आदेश 1418 इस मॉड्यूल हेतु नहीं पढ़ा गया"मद (1)–(13) एवं परिशिष्ट 1–4 → §9.4-क एवं §9.4-ख।

9.2-क 🔍 "सम्यक अनुप्रमाणित" का परीक्षण — अनुप्रमाणन कौन कर सकता है (जोड़ा गया 22.08.2026)

नीचे §9.3 का प्रवाह-चार्ट कहता है कि घोषणा "सम्यक हस्ताक्षरित व अनुप्रमाणित" न हो तो मतपत्र प्रतिक्षेपित होगा — किन्तु यह कहीं नहीं बताता था कि अनुप्रमाणन करने का अधिकार किसे है। यह 14.09.2026 का पहला सारभूत निर्णय है और RO का निर्णय अंतिम होता है, इसलिए यह अलग से नीचे दिया जा रहा है।

🚨 दो वर्ग, दो अलग सक्षम अधिकारी — इन्हें कभी न मिलाएँ

मतदाता का वर्ग सक्षम अनुप्रमाणन अधिकारी स्रोत (मैंने स्वयं पढ़े)
निर्वाचन-ड्यूटी पर तैनात कार्मिक [नियम 46-क(4)] कोई भी राजपत्रित अधिकारी अथवा उस मतदान केन्द्र का पीठासीन अधिकारी जिस पर वह ड्यूटी पर तैनात है नियम 46-क(6)(ख) — मार्गदर्शिका मुद्रित पृ. 86
निवारक निरोध में निरुद्ध मतदाता कोई भी राजपत्रित अधिकारी अथवा 🚨 उस जेल का भारसाधक अधिकारी आदेश 1418, मद (10) — संकलन मुद्रित पृ. 144

🚨 दो बातें जो चूकती हैं — (1) निरुद्ध मतदाता के लिए पीठासीन अधिकारी विकल्प नहीं है (वह किसी मतदान केन्द्र पर ड्यूटी पर है ही नहीं)। (2) जेल का भारसाधक अधिकारी राजपत्रित हो, यह आवश्यक नहीं — आदेश 1418 उसे स्वतंत्र विकल्प के रूप में देता है। एक ही वर्ग का नियम दूसरे पर लगा देने से विधिमान्य मतपत्र प्रतिक्षेपित हो जाएगा।

नियम का मूल पाठ — नियम 46-क(6)(ख)

"(ख) मतदाता, प्ररूप 16 क में घोषणा पर किसी भी राजपत्रित अधिकारी या उस मतदान केन्द्र के जिस पर वह ड्यूटी पर तैनात है, पीठासीन अधिकारी की उपस्थिति में हस्ताक्षर करेगा और उसके द्वारा हस्ताक्षर अनुप्रमाणित करायेगा;"

आदेश 1418 का मूल पाठ — मद (10)

"…इस छोटे लिफाफे के साथ 'निर्वाचक द्वारा घोषणा', जिस पर उसके हस्ताक्षर किसी राजपत्रित अधिकारी या जेल के भारसाधक अधिकारी द्वारा अनुप्रमाणित हो, को बडे लिफाफा 'ख' में बन्द करके रिटर्निंग अधिकारी को भेजेगा"

🔎 मेज पर व्यावहारिक जाँच

प्ररूप 16-क के अनुप्रमाणन खण्ड में अनुप्रमाणन अधिकारी के हस्ताक्षर, पदनाम, पता एवं दिनांक के खाने हैं। RO सक्षमता "पदनाम" के खाने से परखेगा।

🚨 पदनाम का खाना खाली = सक्षमता परखी ही नहीं जा सकती। केवल हस्ताक्षर पर्याप्त नहीं।

परिणाम यदि अनुप्रमाणन विहित रीति से न हो

आदेश 1418, मद (12)(ख) — RO नियम 64-ए के अन्तर्गत मतगणना के समय संवीक्षा करेगा और नामंजूर करेगा यदि "'निर्वाचक द्वारा घोषणा' सम्यक रूप से हस्ताक्षरित या अनुप्रमाणित न हो अथवा अन्यथा अन्य किसी उचित कारणों से त्रुटिपूर्ण हो"

⚠️ अध्यक्षीय दौर (21.09.2026) के लिए एक चेतावनी

SO 156 अपने शब्दों में "सदस्य पदों के निर्वाचनों हेतु" जारी हुआ है। अध्यक्षीय निर्वाचन में यही अपेक्षा नियम 46-क(6)(ख) तथा प्ररूप 16-क / 16-घ से आती है — दोनों प्ररूप "(नियम 46क(4)(क) एवं 78 देखिये)" शीर्षक से हैं। ➡ अध्यक्षीय दौर में नियम एवं प्ररूप उद्धृत करें, केवल SO 156 नहीं।

⚠️ यह चेतावनी तर्क पर आधारित है, आयोग के स्पष्ट कथन पर नहीं। अध्यक्षीय निर्वाचन अप्रत्यक्ष है और आदेश 1891 दिनांक 18.02.2026 के अनुसार अध्यक्षीय पद हेतु डाक मतपत्र मुद्रित ही नहीं होंगे — इसलिए व्यवहार में यह प्रश्न उठना ही नहीं चाहिए। संदेह हो तो DEO से पुष्टि लें।


9.3 संवीक्षा का क्रम [SO 157 पैरा 1–6]

लिफाफा-ख (प्ररूप 16-ग) एक-एक करके खोलें
        │
        ├─ नियत समय के बाद प्राप्त  → खोला नहीं जाएगा, गणना नहीं  [पैरा 1]
        │
        ▼
प्रथमतः उसमें रखी प्ररूप 16-क की घोषणा की संवीक्षा  [पैरा 2]
        │
        ├─ घोषणा नहीं मिली / सम्यक हस्ताक्षरित व अनुप्रमाणित नहीं (सारतः त्रुटिपूर्ण)
        │   / मतपत्र का क्रम संख्यांक लिफाफा-क (16-ख) पर पृष्ठांकित संख्यांक से भिन्न
        │        → 🚫 लिफाफा-क खोला नहीं जाएगा; समुचित पृष्ठांकन कर मतपत्र प्रतिक्षेपित  [पैरा 3]
        │        → ऐसे समस्त लिफाफा-क + उनकी 16-क घोषणाएं पुनः लिफाफा-ख में;
        │          समस्त लिफाफा-ख एक पृथक बड़े पैकेट में, मुद्राबन्द  [पैरा 4]
        │
        ▼
सही पाई गई समस्त 16-क घोषणाएं → पृथक पैकेट में, मुद्राबंद  [पैरा 5]
        │
        ▼
इसके बाद ही लिफाफा-क (प्ररूप 16-ख) खोलना प्रारम्भ  [पैरा 5]
        │
        ▼
प्रत्येक मतपत्र की संवीक्षा; उस पर अभिलिखित मत की विधिमान्यता का विनिश्चय  [पैरा 6]

9.4 डाक मतपत्र किन आधारों पर प्रतिक्षेपित (नामंजूर) होगा [SO 157 पैरा 7]

आधार
(क) उस पर कोई चिह्न (मत अभिलिखित करने के चिह्न से भिन्न) या लेख है जिससे निर्वाचक की पहचान हो
(ख) उस पर कोई मत अभिलिखित नहीं है; या मत मतपत्र के पीछे वाले हिस्से पर अभिलिखित किया गया है
(ग) उस पर मत एक से अधिक अभ्यर्थियों अथवा किसी एक अभ्यर्थी तथा ‘नोटा’ के पक्ष में दिए गए हैं
(घ) वह बनावटी मतपत्र है
(ङ) वह ऐसे रूप में क्षत या विकृत है कि असली मतपत्र के रूप में उसकी अनन्यता स्थापित नहीं की जा सकती
(च) उसे उस लिफाफे में रखकर नहीं लौटाया गया जो RO द्वारा निर्वाचक को उसके साथ भेजा गया था
(छ) मत को उपदर्शित करने वाला चिह्न ऐसी रीति से लगा है कि यह बात सन्देहपूर्ण हो जाती है कि मत किस अभ्यर्थी को दिया गया है

🚨 उपरोक्त परिस्थितियों के अतिरिक्त अन्य किसी भी आधार पर डाक मतपत्र प्रतिक्षेपित नहीं किया जायेगा। RO प्रत्येक प्रतिक्षेपित मतपत्र पर प्रतिक्षेपित किए जाने का स्पष्ट कारण अंकित करेगाडाक मतपत्र के वैध या प्रतिक्षेपित होने के संबंध में RO का निर्णय अंतिम होगा [SO 157 पैरा 7]।

स्पष्टीकरण I — ऐसा डाक मतपत्र जो किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में स्पष्ट रूप से अभिलिखित हो, उसे मात्र इस कारण नामंजूर नहीं किया जायेगा कि चिह्न निर्धारित उपकरण से अन्यथा लगाया गया है। निर्दिष्ट स्थान में बालपैन या स्याही से “X” (क्रॉस) अथवा “✓” (राईट टिक) का अंकन पर्याप्त होगा [SO 157]।

स्पष्टीकरण II — मत को केवल इस आधार पर कि चिह्न अस्पष्ट है या एक से अधिक बार लगाया गया है, प्रतिक्षेपित नहीं किया जाएगा, यदि यह आशय कि मत किसी विशिष्ट अभ्यर्थी अथवा ‘नोटा’ के लिए है, मतपत्र चिह्नित किए जाने के ढंग से स्पष्ट रूप से प्रतीत होता है [SO 157]।

9.4-क 🚨 आदेश 1418 पूरा पढ़ लिया गया — निवारक निरोध वाले डाक मतपत्र का अपना अलग तंत्र

जोड़ा गया 23.08.2026। पहले इस मॉड्यूल में आदेश 1418 के केवल मद (10) और (12)(ख) संकलन से लिए गए थे। अब मैंने आयोग की मूल PDF के पांचों पृष्ठ स्वयं पढ़े हैंGeneral_ULB_2026/2026-02-05_14180024.pdf, मद (1)–(13) एवं परिशिष्ट 1–4।

आधार: अधिनियम 2009 की धारा 25(5) का परन्तुक — निवारक-निरोध में रखे गए व्यक्ति को मताधिकार प्राप्त है। नियम 1994 में प्रक्रिया विहित न होने से नियम 97 (कठिनाई निराकरण) के अधीन यह आदेश। पूर्व आदेश 4200 दि. 21.10.2019 अधिक्रमित।

गणना-मेज से पहले के चार कदम — RO के लिए

मद निर्देश
(1) सूचना नियम 11 के लोक नोटिस की तारीख से 7 दिन के अन्दर लिखित में। 🚨 निर्वाचक स्वयं अथवा वह प्राधिकृत अधिकारी जिसकी अभिरक्षा में वह है — दोनों में से कोई भी दे सकेगा
(2) सूचना में — नाम · पता · निर्वाचक क्रम संख्या · निरोध का स्थान
(6) 🔴 प्रतिपर्ण (Counterfoil) पर — चिन्हित प्रति की क्रम संख्या + नामावली की भाग संख्या। चिन्हित प्रति में नाम के सामने 'डाक मतपत्र' (P.B.) — 🚨 किन्तु मतपत्र की क्रम संख्या वहाँ अभिलिखित न की जाए। प्रतिपर्ण एक अलग पैकेट में मुहरबन्द, उस पर विषय-वस्तु का संक्षिप्त विवरण एवं मुहरबन्द करने की दिनांक
(9) सब डाक मतपत्र जारी हो जाने पर — जारी करने में प्रयुक्त चिन्हित प्रति एक पैकेट में सील, उस पर विषय-वस्तु, 🚨 वार्ड का नम्बर एवं सील करने की तारीख

🔴 मद (6) का निषेध गोपनीयता का रक्षक है। यदि चिन्हित प्रति में मतदाता के नाम के सामने मतपत्र की क्रम संख्या लिख दी गई, तो गणना पर कोई भी यह जोड़ सकता है कि किस व्यक्ति ने किसे मत दिया — यह लोप्रअ की धारा 128 (मतदान की गोपनीयता) का भंग बन जाएगा।

मद (11)–(13) — गणना-मेज पर

  • (11) गणना में वही डाक मतपत्र सम्मिलित होंगे जो गणना प्रारम्भ करने के लिए निश्चित समय तक RO को प्राप्त हो जाएं।
  • (13) RO प्रत्येक अभ्यर्थी के पक्ष में विधिमान्य डाक मतों को उनके कुल विधिमान्य मतों में जोड़ेगा

🚨 मद (12) — निरोध वाले डाक मतपत्र की अपनी नामंजूरी-सूची — नियम 64-ए

इसे ऊपर की §9.4 की सूची से न मिलाएँ — वह [SO 157 पैरा 7] की है और वह निर्वाचन-ड्यूटी वाले डाक मतपत्र पर लगती है। दो वर्ग, दो सूचियाँ — ठीक वैसे ही जैसे §9.2-क में दो वर्ग, दो अनुप्रमाणन-अधिकारी हैं।

नामंजूरी का आधार [1418 मद 12]
(क) 'निर्वाचक द्वारा घोषणा' बड़े लिफाफे 'ख' में छोटे लिफाफे 'क' के साथ प्राप्त न हो
(ख) घोषणा सम्यक रूप से हस्ताक्षरित या अनुप्रमाणित न हो, या अन्यथा किसी उचित कारण से त्रुटिपूर्ण हो
(ग) लिफाफा निश्चित समय की समाप्ति के बाद प्राप्त हुआ हो
(घ) नियम 64 के एक या अधिक कारणों से — 🔴 परन्तु केवल इस कारण से नहीं कि चिन्ह निर्धारित उपकरण से अन्यथा लगाया गया है। बालपेन या स्याही से "X" (क्रॉस) अथवा "✓" (राईट टिक) पर्याप्त होगा

(घ) का परन्तुक और §9.4 का स्पष्टीकरण I एक ही बात कहते हैं। दोनों वर्गों में टिक या क्रॉस से लगा चिन्ह मान्य है — यह गणना-मेज पर सबसे ज्यादा गलत की जाने वाली नामंजूरी है। मोहर न लगी हो तो भी मत विधिमान्य है।


🔴 §9.4-ख — आदेश 1418 के परिशिष्ट-4 में एक आंतरिक भिन्नता — DEO को अवगत कराएँ

यह मेरा निष्कर्ष नहीं, दो मुद्रित पंक्तियों का उद्धरण है। दोनों मैंने स्वयं पढ़ीं — परिशिष्ट-4, भाग-1, आदेश 1418 का पृष्ठ 5।

परिशिष्ट-4 वह अनुदेश-पत्र है जो निरुद्ध मतदाता को मतपत्र के साथ भेजा जाता है। उसके भाग-1 में दो पंक्तियाँ साथ-साथ छपी हैं —

पाठ
(क) "निर्वाचित किये जाने वाले पदों की संख्या दो है। आपको प्रत्येक पद के लिए केवल एक मत देना है।"
(ग) "आपको एक से अधिक उम्मीदवारों को मत नहीं देना चाहिये। यदि आप ऐसा करेंगे तो आपका मत-पत्र अस्वीकृत कर दिया जायेगा।"

नगरपालिका सदस्य के डाक मतपत्र पर कौन-सी पंक्ति चलती है

स्रोत क्या कहता है
परिशिष्ट-4 (ग) — उसी पृष्ठ पर एक से अधिक को मत = मतपत्र अस्वीकृत
प्ररूप 16-घ (मार्गदर्शिका, मुद्. पृ. 103) "निर्वाचित किये जाने वाले सदस्यों की संख्या एक है … आपका केवल एक मत है"
आदेश 1891 दि. 18.02.2026 अध्यक्ष का निर्वाचन अप्रत्यक्ष है; इसीलिए डाक मतपत्र केवल सदस्य पद के लिए मुद्रित होंगे
संरचना एक वार्ड = एक सदस्य

तीनों स्वतंत्र स्रोत एक ही बात कहते हैं — नगरपालिका सदस्य के डाक मतपत्र पर मतदाता का केवल एक मत है।

🔴 और अब चौथा — नियम 64-क का परन्तुक स्वयं प्ररूप 16-घ को कसौटी बनाता है

64-A. Counting and rejection of postal papers.— (1) … the provisions under rule 64 shall apply in relation to rejection of postal ballot papers referred to in sub-rule (4) of rule 46-A.

Provided that postal ballot paper shall be rejected if recording of vote therein is NOT in accordance with the directions contained in Form 16 D.

🔴 यह निर्णायक है। प्ररूप 16-घ कहता है — "सदस्यों की संख्या एक है … आपका केवल एक मत है"। अतः यदि कोई निरुद्ध मतदाता परिशिष्ट-4 के मद (क) को अक्षरशः मानकर दो चिन्ह लगा दे, तो उसका मतपत्र नियम 64-क के परन्तुक के अनुसार अनिवार्यतः नामंजूर होगा — RO के पास विवेक ही नहीं।

इससे ऊपर की सिफारिश और मजबूत हो जाती है: परिशिष्ट-4 छपने से पहले DEO को अवगत कराएँ। यह केवल मुद्रण की बात नहीं — एक विधिमान्य मत का प्रश्न है।

⚠️ मैं इसे "आयोग की गलती" नहीं कह रहा। परिशिष्ट-4 एक प्रारूप (template) है जो पंचायतीराज/बहु-पद निर्वाचनों में भी काम आता है (वहीं MPMV मशीन लगती है)। मद (क) का "दो" उसी प्रारूप का अवशेष हो सकता है। आदेश स्वयं कहता है कि वह "नगरपालिका सदस्य पद के निर्वाचनों में मत अभिलिखित करने के लिए" है।

🚨 जो करना चाहिए — दो कदम

  1. डीईओ को लिखित में अवगत कराएँ — परिशिष्ट-4 छपने और भेजे जाने से पहले। यही वह कागज़ है जो निरुद्ध मतदाता के हाथ में जाएगा। यदि वह (क) को अक्षरशः मानकर दो चिन्ह लगा दे, तो उसी परिशिष्ट के मद (ग) के अनुसार उसका मत मर जाएगा।
  2. गणना-मेज पर: यदि एसा मतपत्र दो चिन्हों के साथ आए — RO को वही करना है जो नियम कहता है ([SO 157 पैरा 7(ग)] / नियम 64) — प्रतिक्षेपित करें, कारण अंकित करें। 🔴 परिशिष्ट-4 का मद (क) RO को दो मत गिनने का अधिकार नहीं देता — एक अनुदेश-पत्र न तो वार्ड में सीटें बढ़ा सकता है, न नियम 64 को बदल सकता है।

परिशिष्ट-1 से एक और बात — पहचानकर्ता का खाना

आदेश 1418 का परिशिष्ट-1 ('निर्वाचक द्वारा घोषणा') प्ररूप 16-क से एक बात में भिन्न है — अनुप्रमाणन खण्ड में पहचानकर्ता (identifier) का विकल्प है:

"… श्री … (निर्वाचक) द्वारा, जिन्हें मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूँ / जिनकी पहचान श्री … (पहचानकर्ता) ने की है, जिन्हें मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूँ मेरे समाधान पर्यन्त मेरी उपस्थिति में हस्ताक्षर किये गये हैं।"

प्ररूप के नीचे पहचानकर्ता के हस्ताक्षर व पता तथा अनुप्रमाणित करने वाले अधिकारी के नाम · हस्ताक्षर · पदनाम · पता · तारीख के खाने हैं।

यह §9.2-क की "पदनाम का खाना" वाली जाँच की पुष्टि करता है। 🔴 और एक चेतावनी: पहचानकर्ता के हस्ताक्षर का खाना खाली होना स्वतः त्रुटि नहीं है — प्ररूप स्वयं "पहचानकर्ता, यदि कोई हो" लिखता है। यदि अनुप्रमाणक ने "मैं व्यक्तिगत रूप से जानता हूँ" वाला विकल्प रखा है तो पहचानकर्ता चाहिए ही नहीं। इस आधार पर प्रतिक्षेपण न करें।


9.5 प्रतिक्षेपण से पूर्व एवं पश्चात [SO 157 पैरा 8–9]

  • ✅ किसी डाक मतपत्र को नामंजूर करने से पूर्व RO प्रत्येक उपस्थित अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता को डाक मतपत्र का निरीक्षण करने का युक्तियुक्त अवसर देगा — 🚫 किन्तु उसे किसी डाक मतपत्र को छूने नहीं देगा।
  • RO प्रत्येक नामंजूर मतपत्र पर “नामंजूर/प्रतिक्षेपित” शब्द अंकित करेगा और कारण संक्षिप्त रूप में स्वयं के हाथ से या रबड़ की मुहर से पृष्ठांकित करेगा।

9.6 गणना, घोषणा एवं पैकेट

  • RO प्रत्येक अभ्यर्थी अथवा ‘नोटा’ के पक्ष में दिए गए समस्त विधिमान्य मतों की गणना करेगा, जोड़ को प्ररूप-21 परिणाम पत्र में अभिलिखित करेगा और उसे सुनाएगा [SO 157 पैरा 10]।
  • अभ्यर्थियों की जानकारी के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी को डाक मतपत्रों के रूप में प्राप्त कुल मतों की गणना कर उन्हें सुनाया जाना चाहिए [2292 पैरा 11(4)]।

9.7 पैकेट बनाना — अपनाया गया नियम

दो आधिकारिक दस्तावेजों में पैकेट की संख्या पर विरोधाभास है:

दस्तावेज क्या कहता है
[SO 157 पैरा 11] (सां.आ., 06.02.2026) पृथक-पृथक बंडल, तथा इन्हें पृथक-पृथक पैकेट में रखा जाएगा
[2292 पैरा 11(5)] (परिपत्र, 09.03.2026) पृथक-पृथक बण्डल, किन्तु एक साथ पैकेट में रख दिया जाना चाहिए

अपनाया गया नियम: बाद का दस्तावेज मान्य होगा

[2292 पैरा 11(5)] का पालन करें — बण्डल पृथक-पृथक, किन्तु दोनों बण्डल एक साथ एक ही मुद्राबन्द पैकेट में।

⚠️ यह विभागीय कार्यकारी निर्णय है — आयोग का निर्णय नहीं। किसी भी आधिकारिक दस्तावेज में यह नहीं कहा गया कि इस बिन्दु पर बाद वाला निर्देश पूर्व वाले को अधिक्रमित करता है। सावधानियाँ GAPS §2 में दर्ज हैं (SO 157 एक सांविधिक आदेश है, जबकि 2292 दिशा-निर्देश; और 2292 केवल आदेश 4249 दि. 22.10.2019 को अधिक्रमित करता है, SO 157 को नहीं)।

व्यावहारिक सुरक्षा (दोनों दस्तावेजों के अनुरूप): दोनों दस्तावेज बण्डल के पृथक-पृथक होने पर सहमत हैं — यह उभयनिष्ठ है। अतः विधिमान्य बण्डल एवं प्रतिक्षेपित बण्डल को अलग-अलग बाँधकर व लेबल लगाकर, फिर दोनों को एक ही मुद्राबन्द पैकेट में रखें। इससे 2292 का अक्षरशः पालन होता है और SO 157 का अभीष्ट पृथक्करण भी सुरक्षित रहता है।

दोनों में समान: पैकेट RO/ARO की मुहर से तथा इच्छुक अभ्यर्थियों/निर्वाचन/गणन अभिकर्ताओं की मुहरों से मुद्राबन्द; उस पर नगरपालिका का नाम, वार्ड संख्या, गणना की तारीख और अन्तर्वस्तुओं का संक्षिप्त वर्णन अभिलिखित।


9.7-क ✅ यह अब विभागीय निर्णय नहीं रहा — नियम 74-क स्वयं इसे तय कर देता है (23.08.2026)

ऊपर §9.7 में लिखा था कि यह एक "विभागीय कार्यकारी निर्णय" है, आयोग का नहीं। अब वह स्थिति बदल चुकी है — दोनों से ऊंचे स्रोत, अर्थात् नियम के मूल पाठ से, यह सुलझ जाता है।

नियम 74-क(1)(ख) का मूल (अंग्रेजी) पाठ — ULB Manual से, ज्यों-का-त्यों:

"(b) the packets of used postal ballot papers weather valid, rejected or cancelled, and counter-foils thereof;"

(मुद्रण-त्रुटि "weather" मूल पाठ में ही है — अभिप्राय "whether"। यथावत् उद्धृत।)

🔴 नियम स्वयं "विधिमान्य, प्रतिक्षेपित या रद्द" को एक ही पैकेट-वर्ग में रखता है। वह विधिमान्य और प्रतिक्षेपित के लिए अलग-अलग पैकेट नहीं बनाता।

स्रोत पैकेट की संख्या नियम 74-क(1)(ख) से मेल
[2292 पैरा 11(5)] एक पैकेट, भीतर दो लेबल-युक्त बण्डल पूर्ण मेल
[SO 157 पैरा 11] पृथक-पृथक पैकेट ⚠️ नियम इसे मना नहीं करता, किन्तु नियम की अपनी योजना एक वर्ग की है

अतः §9.7 का निर्णय सही था — और अब वह केवल "बाद का दस्तावेज" वाले तर्क पर नहीं, बल्कि नियम के मूल पाठ पर टिका है। प्रशिक्षण में यही आधार बताएँ — "नियम 74-क(1)(ख)", न कि "हमने बाद वाला दस्तावेज चुन लिया"

🚨 एक अपवाद याद रखें — प्रतिपर्ण। नियम 74-क(1)(ख) प्रतिपर्णों को उसी वर्ग में रखता है, किन्तु आदेश 1418 का मद (6) उन्हें एक अलग सीलबंद पैकेट में रखने का निर्देश देता है — क्योंकि प्रतिपर्ण पर मतदाता के हस्ताक्षर होते हैं [आदेश 572 मद 2(च)]। ✅ कोई टकराव नहीं: नियम एक साथ रखने को बाध्य नहीं करता; वह केवल यह कहता है कि दोनों न्यायालय के आदेश के बिना नहीं खोले जाएंगेआदेश 1418 का मद (6) ही पालन करें।


10. मशीनों में रिकार्ड मतों की गणना

10.1 नियंत्रण यूनिटों का वितरण [2292 पैरा 12]

  • जहाँ एक वार्ड में अधिक मतदान केन्द्र हैं, गणना-टेबल पर CU का वितरण मतदान केन्द्रों के क्रमानुसारमतदान केन्द्र 1 की CU → गणना टेबल 1, केन्द्र 2 → टेबल 2, इसी प्रकार आगे। ऐसे वितरण का लेखा RO/ARO अपने पास रखें और इसका चार्ट मतगणना कक्षों के बोर्ड पर भी लगाएं [पैरा 12(1)]।
  • गणना के लिए केवल नियंत्रण यूनिट अपेक्षित है, बैलेट यूनिट नहीं। फिर भी बैलेट यूनिटें संग्रहण केन्द्र पर वार्डवार व मतदान केन्द्रवार CU के साथ रखी जानी चाहिए। BU को गणना हाल में केवल तब ले जाया जाए जब किसी अभ्यर्थी या उसके अभिकर्ता की मांग पर या अन्यथा किसी विशेष मामले में इसका निरीक्षण आवश्यक हो जाये [पैरा 12(2)]।

🚨 अपवाद: भारत इलेक्ट्रोनिक्स लिमिटेड की पोस्ट MK-V मॉडल की ईवीएम में परिणाम की जानकारी के लिए कन्ट्रोल यूनिट के साथ बैलेट यूनिट को कनेक्ट किया जाना आवश्यक है [2292 पैरा 12(2), पैरा 18(4)]। MPSV/MPMV से परिणाम ज्ञात करने के लिए केवल CU की आवश्यकता होगी [2292 पैरा 19]।

  • CU के साथ उस मतदान केन्द्र का प्ररूप 14-ग में अभिलिखित मतों का सुसंगत लेखा भी गणना-टेबल पर दिया जाना चाहिए [पैरा 12(3)]।

10.2 कैरिंग बक्से खोलना [2292 पैरा 13]

  1. CU मतदान केन्द्रों से पीठासीन अधिकारियों द्वारा कैरिंग बक्सों में सम्यक रूप से रखी हुई और सीलबंद प्राप्त होंगी।
  2. प्रत्येक बक्सा गणना टेबल पर आते ही पीठासीन अधिकारी द्वारा लगायी गयी सील की जांच की जाए।

    यदि किसी कैरिंग बक्से की सील अविकल (Intact) न भी पायी जाये तो भी उसमें रखी CU में कोई गड़बड़ी होने की संभावना नहीं है — यदि उस यूनिट पर लगी सील और विशेषतः उस पर लगी स्ट्रिप सील व पिंक पेपर सील अविकल हो [पैरा 13(2)]।

  3. बक्सों की सीलें हटाएं; CU बाहर निकालकर गणना टेबल पर रखें ताकि उपस्थित अभ्यर्थी/अभिकर्ता स्ट्रिप सील, स्पेशल टैग व पिंक पेपर सीलों का निरीक्षण कर सकें। BEL MK-V के संबंध में बैलेट यूनिट के लिए भी यही प्रक्रिया [पैरा 13(3)]।

10.3 सील एवं पहचान चिन्हों की जांच [2292 पैरा 14–15]

  • प्रत्येक CU की क्रम संख्या जांच लें और समाधान कर लें कि यह वही CU है जो आपके द्वारा पीठासीन अधिकारी को उस मतदान केन्द्र पर उपयोग के लिए दी गयी थी, तथा कण्डीडेट सैट सैक्शन की सील वही है जो मशीन देने से पूर्व लगायी गयी थी। पीठासीन अधिकारी द्वारा स्ट्रिप सीलस्पेशल टैग पर सील भी लगायी गयी है।

    यदि इन सीलों में से कोई सील क्षतिग्रस्त हो तब भी CU में कोई गड़बड़ी होने की संभावना नहीं है — बशर्ते परिणाम अनुभाग के भीतरी कवर पर लगायी गई पिंक पेपर सील अविकल हो [पैरा 14]।

  • गणना से पूर्व अभ्यर्थियों/अभिकर्ताओं को पेपर सीलों व अन्य महत्वपूर्ण सीलों का निरीक्षण करने दिया जाए और स्वयं का समाधान करने दिया जाए कि सीलें अविकल हैं। आप स्वयं भी समाधान करेंगे कि किसी मशीन के साथ छेड़छाड़ नहीं की गयी है [पैरा 15]।
  • 🚨 यदि समाधान हो जाता है कि किसी मशीन में वास्तव में गड़बड़ी की गयी है, तो उस मशीन में रिकार्ड मतों की गणना नहीं करेंगे और “गणना के स्थगन” वाली प्रक्रिया का अनुसरण करेंगे [पैरा 15]।

10.4 पेपर सील के क्रम संख्यांक का मिलान [2292 पैरा 16]

  1. परिणाम अनुभाग का बाहरी कवर खोलने पर पीठासीन अधिकारी की सील से सीलबंद भीतरी कवर दिखायी देगा — उक्त सील की भी जांच कर लें

    यदि मुहर क्षतिग्रस्त भी हो तो भी CU में कोई गड़बड़ होने की संभावना नहीं है — बशर्ते पिंक पेपर सील अविकल हो और उससे छेड़छाड़ न की गई हो [पैरा 16(1)]। भीतरी कवर में दो पेपर सील होंगी। पेपर सील पर अंकित क्रम संख्यांक का मिलान उस क्रम संख्या से करें जो पीठासीन अधिकारी द्वारा प्ररूप 14-ग के भाग I में मद सं. 9 पर तैयार किये गये पेपर सील लेखे में दी गयी हो। उपस्थित अभ्यर्थियों/अभिकर्ताओं को भी यह मिलान करने दें [पैरा 16(1)]।

  2. यदि मिलान नहीं होता, तो या तो पेपर सील लेखे में कोई भूल है, या प्रथम दृष्ट्या यह छेड़छाड़ के सन्देह का कारण होगा। इसका विनिश्चय — पीठासीन अधिकारी द्वारा लौटायी गयी अप्रयुक्त पेपर सीलों के क्रम संख्यांकों की, तथा मतदान केन्द्र में अभ्यर्थियों/अभिकर्ताओं द्वारा की गयी शिकायतों और अन्य सुसंगत परिस्थितियों की जांच करके करें। यदि आप इसे लिपिकीय भूल का मामला पायें, तो उस असंगति को नजर अन्दाज कर दें [पैरा 16(2)]।

10.5 गड़बड़ी पाये जाने पर [2292 पैरा 17]

यदि समाधान हो जाए कि मशीन में गड़बड़ की गयी है, या मशीन वह नहीं है जो उस मतदान केन्द्र पर दी गयी थी, तो —

  • मशीन को अलग रख दिया जाए;
  • उसमें रिकार्ड मतों की गणना नहीं की जाए;
  • ऐसे मामले की रिपोर्ट आयोग को करनी चाहिए;
  • 🚨 समूची गणना को स्थगित करना आवश्यक नहीं है।

🚨 निविदत्त (टेण्डर्ड) मत — कभी नहीं गिने जाते (जोड़ा गया 22.08.2026)

नियम 63-क(3) (मैनुअल PDF पृ. 119 = मुद्रित पृ. 110 — मैंने स्वयं पढ़ा):

"No envelope containing the tendered ballot papers shall be opened and no such votes shall be counted." हिन्दी: "निविदत्त मतपत्रों वाले किसी लिफाफे को खोला नहीं जायेगा और ऐसे किसी भी मत की गणना नहीं की जायेगी।"

पैकेट न खोलने वाली बात इस पुस्तिका में पहले से है — मद (i), (v), (vii) पीठासीन अधिकारियों से सीलबन्द आते हैं और गणना के समय उनकी आवश्यकता नहीं होती, इसलिए प्राप्ति पर ही लोहे की पेटी में सील कर दिए जाते हैं; नियम 74-क बिना न्यायालय-आदेश खोलने से रोकता है। 🚨 जो नहीं था वह यह है — "ऐसे किसी भी मत की गणना नहीं की जायेगी" वाला उद्धरणीय नियम।

प्ररूप-21 / 22 की "निविदत्त मतों की कुल संख्या" वाली पंक्ति

क्यों है केवल अभिलेख के लिए
क्या यह जुड़ती है 🚨 नहीं — किसी अभ्यर्थी के योग में नहीं जाती, परिणाम पर कोई असर नहीं

➡ संकीर्ण अन्तर वाले वार्ड में यदि कोई अभिकर्ता निविदत्त मतों की गणना की माँग करे, तो सीधे नियम 63-क(3) उद्धृत करें। यह माँग विधि-सम्मत नहीं है।

10.6 परिणाम सुनिश्चित करना [2292 पैरा 18]

क्रम कार्य
(i) पीछे के कम्पार्टमेन्ट में लगे पावर स्विच को दबाकर ऑन करें → प्रदर्शन अनुभाग में हरी बत्ती चमकेगी
(ii) परिणाम-अनुभाग के भीतरी कवर के उपरी छिद्र के नीचे लगे परिणाम बटन के ऊपर की पेपर-सील निकाल दें
(iii) Result-1 बटन दबा दें
(iv) प्रत्येक अभ्यर्थी एवं नोटा के पक्ष में रिकार्ड मतों की कुल संख्या CU के पैनल पर एक-एक कर स्वतः प्रदर्शित होगी
(v) परिणाम प्ररूप 14-ग के भाग II में अभ्यर्थीवार नोट करें तथा नोटा को प्राप्त मत उसके लिए निर्धारित कॉलम में अंकित करें
  • आवश्यक हो तो अभ्यर्थियों/अभिकर्ताओं को नोट करने देने के लिए Result-1 पुनः दबाएं [पैरा 18(2)]।
  • परिणाम नोट होने के पश्चात परिणाम-अनुभाग का कवर बन्द कर दें और CU “स्विच ऑफ” कर दें [पैरा 18(3)]।
  • MK-V / M3A: परिणाम निर्धारित करने के लिए संबंधित बैलेट यूनिट को CU से जोड़ना होगा; शेष प्रक्रिया यथावत [पैरा 18(4)]।

10.7 प्ररूप 14-ग भाग-II पूर्ण करना [2292 पैरा 20]

  1. गणन पर्यवेक्षक प्रत्येक अभ्यर्थीवार एवं नोटा के लिए पृथक-पृथक संख्या भाग-II में अभिलिखित करे। 🚨 मिलान करे कि भाग-II में दर्शाये गये मतों की कुल संख्या, उसी प्ररूप के भाग-I की मद 5 के सामने दर्शाई गई कुल संख्या के समान ही हो। सही रूप से पूर्ण होने के पश्चात गणन पर्यवेक्षक हस्ताक्षर करे; उस टेबल के पास उपस्थित अभ्यर्थियों/अभिकर्ताओं के भी हस्ताक्षर करवाए जाएं।
  2. तत्पश्चात प्ररूप RO/ARO को सौंपा जाए। RO/ARO स्वयं समाधान कर स्वयं भी हस्ताक्षर करेगा। ऐसा हस्ताक्षरित प्ररूप अंतिम परिणाम पत्र (प्ररूप-21) तैयार कर रहे अधिकारी को सौंपा जाए

10-क. 🔴 नियम 63-क का मूल पाठ — सील-जाँच केवल प्रक्रिया नहीं, गणना की विधिक पूर्व-शर्त है

जोड़ा गया 23.08.2026। §13 से §16 तक की सील-जाँचें अब तक [2292] से ली गई थीं। उनका विधिक आधार कहाँ है, यह कहीं नहीं था। वह नियम 63-क(1) के पहले ही शब्दों में है।

63-A. Counting of votes.— (1) After the returning officer is satisfied that a voting machine has in fact NOT been tampered with, he shall have the votes recorded therein counted by pressing the appropriate button marked "Result" provided in the control unit whereby the total votes polled and votes polled by each candidate shall be displayed … on the display panel provided for the purposes in the unit.

🔴 इसका अर्थ क्या है

क्रम पहले समाधान, तब गणना — न कि उलटा
किसका समाधान 🚨 रिटर्निंग अधिकारी का स्वयं का — गणन पर्यवेक्षक का नहीं
किस बात का "मशीन के साथ वास्तव में छेड़छाड़ नहीं हुई है"
कैसे §13 (कैरिंग बक्से की सील) · §13 (स्ट्रिप सील, स्पेशल टैग, पिंक पेपर सील) · §14 (CU क्रम संख्या + कैंडिडेट सैट सील) · §16 (पेपर सील क्रमांक ↔ 14-ग भाग-I मद 9)
बटन का नाम नियम में "Result" — MPSV पर RESULT-I, M3A पर RESULT (मॉडल-भेद, विरोध नहीं)

🔴 यही कारण है कि सील-जाँच छोड़ी नहीं जा सकती। यदि RO ने समाधान किये बिना Result दबा दिया, तो गणना नियम 63-क(1) की पूर्व-शर्त के बिना हुई — यह निर्वाचन याचिका में सीधा आधार बनता है। प्रशिक्षण में यही कहें — "यह नियम की शर्त है, सावधानी मात्र नहीं।"

🚨 नियम 63-क(2)(ख) — भाग-II पर किसके हस्ताक्षर

"(b) Part II of Form-14 C completed in other respects and signed by the counting supervisor and also by the candidates or their election agents or their counting agents present;"

दो बातें: (1) गणन पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं। (2) दूसरी ओर से अभ्यर्थी अथवा निर्वाचन अभिकर्ता अथवा गणन अभिकर्ता — तीनों में से जो उपस्थित हो। 🔴 किसी एक का होना पर्याप्त है; तीनों की मांग न करें।


11. अंतिम परिणाम पत्र (प्ररूप-21) [2292 पैरा 21]

🚨 पहले यह — नियम 66 प्ररूप-21 की पाँच विषय-वस्तुएँ तय करता है

(22.08.2026 को नियम-पाठ से स्वयं सत्यापित — Manual PDF पृ. 109)

"66. Preparation of result sheet of counting.— After the completion of the counting the returning officer shall prepare the result in Form 21 containing:— (i) the names of the candidates for whom valid votes have been given, (ii) number of valid votes given for each candidate. (iii) total number of votes given to NOTA (none of the above). (iv) number of votes declared invalid. (v) number of tendered votes."

मद विषय बालोतरा में क्या भरेगा
(i) अभ्यर्थियों के नाम
(ii) प्रत्येक को विधिमान्य मत
(iii) नोटा को मिले कुल मत
🚨 (iv) अमान्य घोषित मतों की संख्या ईवीएम में सामान्यतः शून्य — पर खाना खाली न छोड़ें, "NIL" लिखें
🚨 (v) निविदत्त मतों की संख्या प्ररूप 14-ग की मद 7 से लें

🔴 मद (v) को लेकर भ्रम न हो — दोनों बातें साथ पढ़ाएँ: निविदत्त मत कभी गिना नहीं जाता [नियम 63-क(3)] — किन्तु उसकी संख्या प्ररूप-21 में दर्ज होती है। दोनों सही हैं — गिनना नहीं, गिनती लिखनी है।

⚠️ मद (iii), (iv), (v) अधिसूचना F.8(ga)( ) Rules/DLB/18/24669 दिनांक 19.02.2019 से जोड़े/प्रतिस्थापित हुए हैं — इसीलिए पुरानी सामग्री में केवल (i)–(iii) मिलते हैं।

  1. प्ररूप-21 की पूर्ति मशीनों की गणना तथा डाक मतपत्रों की गणना के पश्चात की जाएगी। प्रत्येक अभ्यर्थी को — मशीनों में रिकार्ड अभ्यर्थीवार मत (नोटा सहित) + डाक मतपत्रों में पाये गये अभ्यर्थीवार विधिमान्य मत (नोटा सहित) — जोड़कर प्ररूप-21 की पूर्ति की जाएगी।
  2. यदि आयोग ने किसी मतदान केन्द्र पर पुनर्मतदान का निर्देश दिया है तो परिणाम पत्र में पुनर्मतदान के संबंध में ही गणना का परिणाम सम्मिलित किया जाना चाहिए। 🚨 कुल योग तब तक नहीं लगाया जाना चाहिए जब तक पुनर्मतदान का परिणाम सम्मिलित न कर लिया गया हो।
  3. 🚨 कुल योग की सत्यता की जांच कर लें — योग में किसी भी तरह का अन्तर मतदान के परिणाम और परिणाम की घोषणा को तात्विक रूप से प्रभावित करेगा। उस प्ररूप के किसी भी फर्क को आयोग द्वारा गंभीरता से लिया जायेगा और कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही का कारण बनेगा।

12. पुनर्गणना [2292 पैरा 22]

  1. सामान्यतया मशीन द्वारा रिकार्ड प्रत्येक मत विधि मान्य है और उसकी विधिमान्यता पर विवाद नहीं उठेगा। अधिक से अधिक यह हो सकता है कि कोई अभ्यर्थी/अभिकर्ता परिणाम सम्यक रूप में लिख न पाये होंपुनर्सत्यापन की आवश्यकता होने पर परिणाम-बटन दबाकर परिणाम पुनः दिखाया जा सकेगा।
  2. मशीनों के उपयोग से पुनर्गणना की आवश्यकता के पूर्णतया निवारण हो जाने पर भी नियम 67 के उपबंध अब भी लागू होते हैं। तदनुसार: - गणना पूरी होने और प्ररूप 21 तैयार हो जाने पर, प्रत्येक अभ्यर्थी एवं नोटा द्वारा प्राप्त मतों की कुल संख्या घोषित करें; - कार्यवाही एक या दो मिनट के लिए रोक दें; - इस दौरान कोई अभ्यर्थी (या उसकी अनुपस्थिति में उसका निर्वाचन/गणन अभिकर्ता) पुनर्गणना की मांग करे, तो सुनिश्चित करें कि लिखित आवेदन देने में कितना समय लगेगा; समय उचित हो तो अनुमति दें और घोषित भी करें
  3. आवेदन आने पर उसमें बताये गये आधारों पर विचार कर निर्णय दें। 🚨 आपका निर्णय अन्तिम होगा, किन्तु प्रत्येक मामले में अपने निर्णय के कारणों को संक्षेप में अभिलिखित करें।
  4. आवेदन पूर्णतः या अंशतः स्वीकार करने पर, निर्णय के अनुसार मशीन के मतों की गणना पुनः करा लें। डाक मतपत्रों की भी, यदि ऐसा निर्णय लें, गणना पुनः की जाएगी। पुनर्गणना के पश्चात परिणाम पत्र को आवश्यकतानुसार संशोधित करें, संशोधनों की घोषणा करें, फिर परिणाम पत्र पूरा कर हस्ताक्षर करें

    🚨 यहाँ यह उल्लेखनीय है कि नोटा (इनमें से कोई नहीं) को प्राप्त मतों से परिणाम प्रभावित नहीं होगा, अपितु सबसे अधिक मत प्राप्त करने वाला अभ्यर्थी ही निर्वाचित घोषित किया जायेगा [पैरा 22(4)]।

  5. 🚨 नियम 67 के अधीन मांग का यह अर्थ नहीं कि केवल कहने मात्र से पुनर्गणना स्वीकार की जा सकती है। मांग करने वाले पक्ष को यह सिद्ध करना आवश्यक होगा जिससे प्रथम दृष्ट्या यह प्रतीत हो कि मतों की विवरणी ठीक नहीं है और न्याय के हित में पुनर्गणना आवश्यक है [पैरा 22(5)]।
  6. 🚨 परिणाम पत्र पूरा कर हस्ताक्षर कर देने के बाद किसी भी अभ्यर्थी को पुनर्गणना की मांग करने का अधिकार नहीं है। ऐसी किसी भी मांग को अस्वीकार कर दें [पैरा 22(6)]।

12-क. 🚨 नियम 67 का मूल पाठ — ऊपर का §12 इसी का व्यावहारिक रूप है

जोड़ा गया 22.08.2026। पहले यह मॉड्यूल कहता था कि "नियम 67 के अधीन पुनर्गणना के विस्तृत आधार — नियमों का मूल पाठ उपलब्ध नहीं"वह गलत था — मूल पाठ ULB Manual (मुद्रित पाठ) में पूरा उपलब्ध है और नीचे ज्यों-का-त्यों दिया जा रहा है।

67. Announcement of results and recounting of votes.— (1) After the preparation of the result sheet as per rule 66, the returning officer shall announce the total number of votes polled by each candidate. (2) After such announcement has been made the candidate or, in his absence, his counting agent may apply in writing to the returning officer to recount the votes either wholly or in part, stating the grounds on which he demands such recounting. (3) On such application being made the returning officer shall decide the matter and may allow the application in whole or in part or may reject it in toto, if it appears to him to be frivolous and unreasonable. (4) Every decision of the returning officer under sub-rule (3) shall be in writing and containing the reasons therefor. (5) If the returning officer decides under sub-rule (3) to allow the recounting … he shall do recounting according to rule 64 and amend the result sheet to the extent necessary after such recounting and announce the amendment so made by him. (6) After the total number of votes polled by each candidate has been announced under sub-rule (1) or under sub-rule (5) … returning officer shall complete and sign the result sheet and no application for recounting shall be entertained thereafter: Provided that no step under this sub-rule shall be taken on the completion of the counting until the candidates and election agents present at the completion thereof have been given a reasonable opportunity to exercise their right conferred by sub-rule (2).

🚨 चार बातें जो केवल मूल पाठ से मिलती हैं

# नियम का शब्द क्यों महत्वपूर्ण
1 "the candidate or, in his absence, his counting agent" 🔴 अभ्यर्थी स्वयं उपस्थित हो तो गणन अभिकर्ता का आवेदन नहीं चलेगा। अभिकर्ता का अधिकार अभ्यर्थी की अनुपस्थिति में ही है
2 "frivolous and unreasonable" 🔴 यही अस्वीकृति की विधिक कसौटी है। निर्णय में यही शब्द लिखें — "आवेदन तुच्छ एवं अयुक्तियुक्त (frivolous and unreasonable) प्रतीत होता है"
3 "recounting according to rule 64" 🔴 पुनर्गणना कोई नया तरीका नहीं — वही नियम 64 की प्रक्रिया फिर से
4 §(6) का परन्तुक 🔴 "reasonable opportunity"आप केवल घोषित करके तुरन्त हस्ताक्षर नहीं कर सकते। [2292 पैरा 22] का "एक-दो मिनट रोकें" इसी का व्यावहारिक रूप है

ऊपर का §12 नियम 67 से टकराता नहीं। 2292 पैरा 22 नियम 67 को ही क्रमवार दोहराता है। दोनों साथ पढ़ाएँ — §12 क्या करना है, §12-क किस शब्द में लिखना है।


13. गणना का स्थगन [2292 पैरा 23]

  1. किसी अपरिहार्य कारण से गणना को पूर्ण होने से पूर्व स्थगित करना पड़े तो सभी मतदान मशीनों और निर्वाचन से संबंधित सभी अन्य कागज पत्रों को सीलबंद कर दें। अभ्यर्थी/अभिकर्ता यदि प्रत्येक मशीन और पैकेट पर अपनी सील लगाना चाहें तो अनुमति दें
  2. सभी सीलबंद मशीनें व पैकेट एक पृथक कमरे में रखे जाएं और कमरे को आपकी सील और अभ्यर्थियों की सील से सीलबंद व सुरक्षित करें। विकल्प के तौर पर अभ्यर्थी अपने ताले भी लगा सकते हैं।

14. मशीन नष्ट/क्षतिग्रस्त होने पर [2292 पैरा 24]

नियम 55 के अन्तर्गत आयोग गणना रोक देने का निर्देश देने और आवश्यक हो तो नवीन मतदान का आदेश देने के लिए सक्षम है।

यदि गणना पूर्ण होने से पूर्व RO यह रिपोर्ट करे कि किसी मतदान केन्द्र की मशीन —

(i) पीठासीन अधिकारी की अभिरक्षा में से विधि विरुद्ध निकाल ली गयी है
(ii) घटनावश या साशय विनष्ट/खो गयी है
(iii) इस सीमा तक नुकसान/गड़बड़ी कि उस केन्द्र का परिणाम अभिनिश्चित नहीं किया जा सकता
(iv) मतदान या मतगणना के दौरान तकनीकी खराबी आ गयी हो
(v) मतदान केन्द्र पर मतदान प्रक्रिया दूषित हो गयी हो
(vi) बूथ कैप्चरिंग के कारण परिणाम विनिश्चित नहीं किया जा सकता

→ तो ऐसे सभी तथ्यों की रिपोर्ट आयोग को तुरन्त भिजवाएं और उस केन्द्र के मतों की गणना के संबंध में आयोग के निर्देशों की प्रतीक्षा करें

🚨 नियम 55(3) — और यह "प्रतीक्षा" से कहीं आगे है

मूल पाठ (मैनुअल, मुद्रित पृ. 97 = PDF पृ. 106 — मैंने पृष्ठ-चित्र स्वयं पढ़ा): "Where a report has been sent to the State Election Commission under sub-rule (1), the returning officer shall not commence counting of votes till he gets a clearance to do so from the State Election Commission."

दो बातें ऊपर के वाक्य से भिन्न हैं —

ऊपर लिखा था नियम वास्तव में
दायरा "उस केन्द्र के मतों की गणना" 🚨 "counting of votes" — किसी केन्द्र तक सीमित नहीं
प्रकृति "निर्देशों की प्रतीक्षा करें" (निष्क्रिय) 🚨 "clearance" — आयोग की सकारात्मक अनुज्ञा चाहिए

यदि नियम 55(1) के अधीन रिपोर्ट भेजी जा चुकी है, तो RO आयोग की अनुज्ञा के बिना गणना प्रारम्भ ही नहीं करेगा। यह सांविधिक नियम है — कोई परिपत्र इसे नहीं बदल सकता।

नियम 55(1) के चार आधार: (क) मतपेटी/वोटिंग मशीन पीठासीन अधिकारी की अभिरक्षा से विधिविरुद्ध हटाई गई, अथवा नष्ट/खोई/क्षतिग्रस्त/छेड़छाड़ ऐसी कि परिणाम अभिनिश्चित न हो सके · (ख) मतों के अभिलेखन अथवा गणना के दौरान मशीन में यांत्रिक विफलता · (ग) प्रक्रिया में ऐसी त्रुटि जो मतदान को दूषित कर दे · (घ) बूथ कैप्चरिंग ऐसी कि परिणाम अभिनिश्चित न हो सके।

🚨 कार्यक्रम पर असर: अध्यक्ष (21.09) एवं उपाध्यक्ष (22.09) की गणना मतदान के तुरन्त पश्चात् है — इसलिए 55(1) की रिपोर्ट आयोग के पास लंबित रहते हुए ही गणना का समय आ सकता है। सदस्य पद में भी मतदान 09/11.09 और गणना 14.09 — वही जोखिम।

⚠️ इसे §10.5 से न मिलाएँ। §10.5 ("समूची गणना को स्थगित करना आवश्यक नहीं है", 2292 पैरा 17) एवं आदेश 5681 भाग-D दोनों तब लागू होते हैं जब गणना विधिपूर्वक प्रारम्भ हो चुकी होनियम 55(3) केवल प्रारम्भ को नियंत्रित करता है। दोनों में कोई विरोध नहीं।

💡 साथ में नियम 55(6): यदि पीठासीन अधिकारी की राय में बूथ कैप्चरिंग हुई है और वोटिंग मशीन प्रयोग हो रही है, तो वह तुरन्त CU को CLOSE करेगा ताकि आगे कोई मत दर्ज न हो, और बैलट यूनिट को CU से अलग कर देगा

🚨 §14.1 — मतदान स्थगित हुआ हो तो (जोड़ा गया 22.08.2026)

यह नियम-55 की सूची से बिल्कुल अलग आधार है। §14 के छह आधार (मशीन हटाई/नष्ट/क्षतिग्रस्त/यांत्रिक विफलता/प्रक्रिया दूषित/बूथ कैप्चरिंग) में से बाढ़ या दंगे के कारण स्थगित मतदान किसी पर भी नहीं आता — मशीन तो बिल्कुल ठीक होती है। इसीलिए यह अलग से लिखा जा रहा है।

(क) मतदान स्थगित कब — नियम 53(1) (मैनुअल PDF पृ. 105, मैंने स्वयं पढ़ा)

"If at any election it is not possible to take the poll at any polling station or the proceedings at any polling station are interrupted or obstructed by riot, violence, disturbance of the public peace, natural calamity, the presiding officer for such polling station may adjourn the poll and shall forthwith inform the returning officer who shall in turn report to the Commission."

(ख) 🚨 गणना पर रोक — नियम 53(2), और यह स्वतः प्रभावी है

"Whenever a poll is adjourned the returning officer shall as soon as may be with the previous approval of the State Election Commission, notify the date and hours during which and the polling stations at which the poll shall recommence and shall not count the votes cast at any such election until such adjourned poll shall have been completed."

दायरा 🚨 "the votes cast at any such election"उस निर्वाचन के, केवल उस केन्द्र के नहीं
प्रकृति स्वतः प्रभावी रोक — इसके लिए आयोग के अलग निर्देश की प्रतीक्षा नहीं करनी
पुनः मतदान की तिथि आयोग के पूर्वानुमोदन से RO अधिसूचित करेगा

(ग) आयोग का निर्देश — पूरे वार्ड की गणना रुकेगी

आदेश एफ-4(1)(8)नपा/रानिआ/2009/4650, दिनांक 04-11-2019 — संकलन का दस्तावेज़ (59), मुद्रित पृ. 249–250 (मैंने पृष्ठ-चित्र एवं क्रमांक दोनों स्वयं पढ़े):

"उपरोक्त नियमों के नियम 53, 55, एवं 62क के अन्तर्गत रिपोर्ट भेजे जाने पर रिटर्निंग अधिकारी द्वारा ऐसे निर्वाचन में मतगणना का कार्य रोक दिया जायेगा, चूँकि नगरपालिका चुनावों में वार्ड ही निर्वाचन क्षेत्र होता है जिसमें एक मतदान केन्द्र पर भी यदि पुनः मतदान हो तो उसके परिणाम का असर संबंधित वार्ड के परिणाम पर पड़ने की संभावना रहती है।"

"…रिटर्निंग अधिकारी तत्संबंधित वार्ड की मतगणना का शेष कार्य रोक दिया जाये और आगे की कार्यवाही आयोग से निदेश प्राप्त होने पर ही करे। रिटर्निंग अधिकारी को संबंधित नगरपालिका के समस्त मतदान केन्द्रों की ऐसी सभी मामलों की रिपोर्ट एक साथ भेजनी है।"

🚨 तीन बातें जो RO अक्सर चूकता है

#
1 रोक उस मतदान केन्द्र तक सीमित नहीं — पूरे वार्ड की शेष मतगणना रुकेगी
2 नगरपालिका के समस्त केन्द्रों के ऐसे सभी प्रकरणों की एक समेकित रिपोर्ट — अलग-अलग नहीं
3 "एक बारगी ही समस्त तथ्यों के साथ पूर्ण रिपोर्ट प्रेषित की जाए ताकि आयोग स्तर पर निर्णय में अनावश्यक विलम्ब ना हो" — अधूरी रिपोर्ट भेजना ही देरी का कारण बनता है

रिपोर्ट के लिए आयोग ने मॉडल फार्म तैयार कर आदेश के साथ संलग्न किये हैं — उन्हीं का प्रयोग करें।

(घ) नियम 62-क(4) — गणना के दौरान छेड़छाड़ का पता चले तो

"नियम 62क के उप नियम (4) के अनुसार रिटर्निंग अधिकारी का मतगणना के दौरान यदि यह समाधान हो जाता है कि किसी मतदान मशीन के साथ वास्तव में गड़बड़ी की गई है तो वह उस मतदान मशीन में अभिलिखित मतों की गणना नहीं करेगा और नियम 55 में बतायी गयी प्रक्रिया के अनुसार रिपोर्ट आयोग को भेजेगा।"

➡ अर्थात् गणना के बीच में उठा प्रकरण भी नियम 55 के रास्ते ही जाता है — और फिर 4650 के अनुसार उस वार्ड की शेष गणना रुक जाती है।

⚠️ इसे §13 एवं §14 से न मिलाएँ — तीन अलग चीज़ें हैं

क्या है कब
§13 "गणना का स्थगन" [2292 पैरा 23] चल रही गणना को रोकना गणना के दौरान
आदेश 5681 "परिणाम स्थगित" एक मशीन का परिणाम टालना गणना के दौरान
🚨 नियम 53 "मतदान स्थगन" मतदान ही स्थगित होना मतदान दिवस

तीनों के शब्द मिलते-जुलते हैं, अर्थ अलग हैं। प्रशिक्षण में तीनों साथ रखकर अंतर स्पष्ट कराएँ।

(ङ) स्थगित मतदान पूरा कैसे होगा — मार्गदर्शिका अ.10

  • पीठासीन अधिकारी मतदान अभिकर्ताओं की उपस्थिति में दोनों यूनिटों एवं समस्त कागजातों को सील कर सुरक्षित रखेगा — "मानो मतदान सामान्य रूप से सम्पन्न हो गया हो"
  • पुनः मतदान जहाँ रुका था वहीं से प्रारम्भ होगा; जो पहले मत दे चुके वे दोबारा मत नहीं देंगे
  • RO वही चिन्हित नामावली एवं वही प्ररूप 14-क रजिस्टर, तथा एक नयी मतदान मशीन देगा

(यह उपखण्ड मार्गदर्शिका अ.10 पर आधारित है — मैंने वह पृष्ठ इस जाँच में स्वयं नहीं खोला; ऊपर के नियम 53(2), आदेश 4650 एवं नियम 62-क(4) मैंने स्वयं पढ़े हैं।) पुनः मतदान के पश्चात गणना [पैरा 25]: पुनर्मतदान हुआ हो तो उसकी गणना के लिए तारीख, समय और स्थान नियत करें और प्रत्येक अभ्यर्थी/निर्वाचन अभिकर्ता को लिखित सूचना दें। इस गणना में भी उपरोक्त विस्तृत कार्यविधि का, जहाँ तक लागू हो, पालन करें।


15. परिणाम की घोषणा [2292 पैरा 26]

  • गणना पूर्ण होने पर RO प्ररूप-21 में विवरण तैयार करेगा और, यदि आयोग द्वारा अन्यथा निर्देशित नहीं किया गया है, तो परिणाम घोषित किये जायेंगे
  • 🚨 जिसे अधिकतम संख्या में विधिमान्य मत प्राप्त हुये हैं, उसे निर्वाचित घोषित किया जायेगा।

15.1 बराबरी (Tie) — लॉटरी

यदि गणना के पश्चात मतों की समानता पायी जाए और केवल एक मत को जोड़ने से ही किसी को निर्वाचित घोषित किये जाने का हक मिलता है, तो —

  1. RO ऐसे अभ्यर्थियों या उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं की उपस्थिति में तत्काल लॉटरी निकाले जाने की कार्यवाही करेगा;
  2. कार्यवाही विवरण बनाया जावेगा, जिस पर उपस्थित अभ्यर्थियों/अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर, यदि वे करें तो, कराये जायेंगे;
  3. कार्यवाही विवरण अन्य कागजात के साथ पृथक लिफाफे में रखकर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जायेगा;
  4. प्ररूप-21 एवं परिणाम की घोषणा (प्ररूप-22) में, जिनके पक्ष में लॉट निकला है, उनके सामने डाले गये मतों के आगे यथानुकूल प्रविष्टि अंकित कर दी जायेगी;
  5. 🚨 लॉटरी निकाले जाने की सम्पूर्ण कार्यवाही की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।

16. निर्वाचन का प्रमाण-पत्र एवं दस्तावेज [2292 पैरा 27–28]

  • RO निर्वाचित घोषित सदस्यों को प्ररूप-23 में निर्वाचन का प्रमाण-पत्र देगा। प्रमाण-पत्र देने पर ऐसे अभ्यर्थी से रसीद भी प्राप्त की जावे और उसके विधिवत हस्ताक्षर भी लिए जावें। ऐसी रसीद एवं परिणाम संबंधी दस्तावेज राज्य निर्वाचन आयोग को भेजे जावें [पैरा 27]।

परिणाम के बाद तैयार किए जाने वाले दस्तावेज [पैरा 28]:

# दस्तावेज
1 अंतिम परिणाम-पत्र (प्ररूप-21)
2 परिणाम की घोषणा (प्ररूप-22)
3 निर्वाचन का प्रमाण पत्र (प्ररूप-23)
4 RO द्वारा प्रमाणित प्ररूप-23 की प्राप्ति रसीद

उपरोक्त कागजातों पर RO के हस्ताक्षर, हस्ताक्षर के नीचे नाम, तारीख एवं स्थान, तथा RO की मोहर भी स्पष्टतः लगी हुई होनी चाहिए। आयोग को प्रेषित करने संबंधी निर्देश आदेश क्रमांक 1374 दिनांक 04.02.2026 (सांविधिक आदेश 155/2026) द्वारा जारी हैं [पैरा 28]।

सुधार 22.08.2026 — यह आदेश अब पढ़ लिया गया है। पूर्ववर्ती संस्करण में यहाँ लिखा था "यह आदेश इस मॉड्यूल हेतु नहीं पढ़ा गया"संकलन का आदेश (66), मुद्रित पृ. 273 स्वयं पढ़ा गया — चार दस्तावेज़, तीन दिवस की समय-सीमा, और मंगल फॉन्ट/MS Word की शर्त — नीचे इसी पुस्तिका के परिशिष्ट में पूरा दिया गया है। पूर्व आदेश 4228 दि. 21.10.2019 (सां.आ. 126/2019) अधिक्रमित


17. गणना के पश्चात मशीनों को पुनः सीलबंद करना [2292 पैरा 29]

17.1 ECIL मशीनें — CU सील नहीं होगी

🚨 ECIL द्वारा निर्मित MPSV / MPMV ईवीएम को सील नहीं किया जाना है। इन मशीनों में प्रयुक्त SDMM एवं DMM को ही सील किया जाएगा [पैरा 29(1)]।

  • SDMM सील करने संबंधी दिशा-निर्देश — आयोग का पत्रांक 705 दिनांक 20.01.2026
  • DMM सील करने संबंधी दिशा-निर्देश — आयोग का पत्रांक 826 दिनांक 23.01.2026
  • SDMM सील करने के पश्चात MPSV ईवीएम को, तथा DMM सील करने के पश्चात MPMV ईवीएम को, आगामी मतदान के लिए क्रमशः नवीन SDMM एवं नवीन DMM प्रयुक्त कर पुनः उपयोग में लिया जा सकेगा [पैरा 29(1)]।

सुधार 22.08.2026 — दोनों पत्र अब उपलब्ध हैं और पूरे पढ़े जा चुके हैं। पूर्ववर्ती संस्करण में यहाँ लिखा था "पत्र 705 व 826 उपलब्ध नहीं हैं — सीलिंग की वास्तविक विधि यहाँ नहीं दी जा सकती"वे परिपत्र-पृष्ठ पर प्रकाशित नहीं थे, किन्तु संकलन में पूरे छपे हैं705: मुद्रित पृ. 214–221 · 826: मुद्रित पृ. 222–229। दोनों पूरे पढ़े जा चुके हैं।

🚨 सबसे महत्वपूर्ण बात — रंग: दोनों प्रक्रियाएँ संरचना में बिल्कुल एक जैसी हैं; अंतर केवल कौन-सा मॉड्यूल और रंग का है — SDMM = 💛गुलाबी (PINK) · DMM = ⬜सफेद (WHITE) (पेपर सील, लिफाफा और दोनों स्टिकर)। रंग न मिलाएँ। पूरी विधि (चार शर्तें, कदम (a)–(m), बक्से के माप, लोहे का बक्सा, कोषागार) → SDMM / DMM Sealing After Counting — the procedure

17.2 अन्य मशीनों की CU — पुनः सीलबंद करने की रीति [पैरा 29(2)]

नियम 63-ख के अधीन, परिणाम प्ररूप 14-ग भाग-II तथा प्ररूप 21 में प्रविष्ट हो जाने के पश्चात CU को RO की सील से और इच्छुक अभ्यर्थियों/अभिकर्ताओं की सीलों से पुनः सीलबंद किया जाए। 🚨 पुनः सीलबंद ऐसी रीति से किया जाए कि CU में रिकार्ड परिणाम मिट न जाये और यूनिट उसकी स्मृति बनाये रख सके।

क्रम कार्य
(i) सील हटाकर CU के कैंडिडेट सैट सेक्शन की बैटरी हटा दें; तत्पश्चात कैंडिडेट सेक्शन का कवर पुनः सीलबंद करें
(ii) परिणाम-सेक्शन का बाहरी कवर बन्द कर पुनः सीलबंद करें
(iii) पुनः सीलबंद CU को उसके कैरिंग बक्से में रखें
(iv) कैरिंग बक्से को पुनः सीलबंद करें
(v) कैरिंग बक्से के हैंडल पर एड्रेस टैग दृढ़तापूर्वक लगाएं (नीचे विवरण)
(vi) अपनी सील के साथ-साथ अभ्यर्थियों/अभिकर्ताओं को भी उनकी सीलें लगाने की अनुमति दें

कृपया ध्यान दीजिये: बैटरी का हटाया जाना आवश्यक है जिससे कि वह समय बीतने के साथ-साथ फूल न जाये और मशीन को क्षति न पहुंचे। तथापि, बैटरी हटाये जाने से CU में रिकार्ड परिणाम मिटता नहीं है, क्योंकि CU अपनी स्मृति बनाये रखेगी, चाहे बैटरी हटा दी जाये [पैरा 29(2)(i)]।

मतगणना के बाद एड्रेस टैग पर अंकित विवरण [पैरा 29(2)(v)]:

(क) नगरपालिका का नाम
(ख) वार्ड संख्या
(ग) उस मतदान केन्द्र का विवरण जहाँ CU प्रयुक्त की गयी है
(घ) नियंत्रण यूनिट की क्रम संख्या
(ड) मतदान की तारीख
(च) गणना की तारीख

⚠️ यह टैग मतदान दिवस के एड्रेस टैग से भिन्न है — इसमें “गणना की तारीख” भी जुड़ती है। तुलना करें: [SO 145 पैरा 5] (मतदान दिवस का CU टैग)।

17.3 भण्डारण [पैरा 29(3)–(5)]

  • पुनः सीलबंद CU सुरक्षित भण्डारण के लिए विशेष रूप से तैयार किये गये बड़े बक्सों में रखी जानी चाहिए।
  • BEL MK-V की बैलेट यूनिटों के अतिरिक्त अन्य बैलेट यूनिटों को गणना के समय खोले जाने की आवश्यकता सामान्यतया नहीं होगी। यदि किसी BU को निरीक्षण/सत्यापन के लिए बाहर निकाला जाए तो उसके पश्चात कैरिंग बक्से में वापस रखकर सीलबंद कर दिया जाना चाहिए।
  • BU भी विशेष रूप से तैयार बड़े बक्सों में रखी जानी चाहिए। इस प्रकार समस्त CU व BU भंडारण स्थल पर ले जाये जाने के लिए तैयार की जावे।

18. अन्य निर्वाचन कागज पत्रों को सील बंद करना [2292 पैरा 30]

नियम 74-क के अधीन विनिर्दिष्ट पैकेट किसी सक्षम न्यायालय के आदेश के बिना किसी व्यक्ति या प्राधिकारी द्वारा न तो खोले जायेंगे, न उनकी अन्तर्वस्तु का निरीक्षण किया जायेगा, न वे उसके समक्ष पेश की जायेंगी [पैरा 30(1)]।

जहाँ मतदान मशीनें प्रयुक्त की गयी हैं, वहाँ ये कागजपत्र हैं:

पैकेट
(i) प्ररूप 14-क में मतदाता रजिस्टरों के पैकेट
(ii) अप्रयुक्त डाक मतपत्रों के, उनसे संलग्न प्रतिपर्णों के साथ, पैकेट
(iii) प्रयुक्त डाक मतपत्रों के — चाहे विधिमान्य हों या प्रतिक्षेपित — पैकेट (उन पैकेटों सहित जिनमें विलम्ब से प्राप्त डाक मतपत्र वाले लिफाफे भी हैं)
(iv) प्रयुक्त डाक मतपत्रों के प्रतिपर्णों के पैकेट
(v) प्रयुक्त और अप्रयुक्त निविदत्त मतपत्रों के पैकेट
(vi) अप्रयुक्त (अधिशेष) मतपत्रों के पैकेट (मतदान यूनिटों पर प्रदर्शित करने के लिए और निविदत्त मतपत्रों के रूप में प्रयोग के लिए मुद्रित)
(vii) निर्वाचक नामावली की चिन्हित प्रतियों के पैकेट
(viii) निर्वाचकों द्वारा की गई घोषणाओं और उनके हस्ताक्षरों के अनुप्रमाणन के पैकेट

कब सील होंगे:

  • मद (iii) और (viii) के पैकेट गणना के समय ही बना लिये जायेंगे और मतों की गणना की समाप्ति के तुरन्त पश्चात आपकी सील से सीलबन्द कर दिये जायेंगे। यह सील उन सीलों के अतिरिक्त होगी जो अभ्यर्थी/अभिकर्ता लगाना चाहें। उपस्थित अभ्यर्थियों को बता दें कि वे अपनी सील अवश्य लगायें — यह उनके अपने ही हित में है [पैरा 30(2)]।
  • मद (i), (v) और (vii) के पैकेट पीठासीन अधिकारियों से सम्यक रूप से सीलबन्द प्राप्त होंगे। चूंकि गणना के समय इनकी आवश्यकता नहीं होती, प्रत्येक को प्राप्त करने के तुरन्त बाद सीलबंद कर लोहे के संदूक में रख दिया जाना चाहिये [पैरा 30(3)]।
  • 🚨 इन पैकेटों को वस्तुतः सीलबंद करने के कार्य के पर्यवेक्षण के लिए एक उत्तरदायी प्रभारी अधिकारी लगाएं — अन्यथा महत्वपूर्ण कागजपत्रों के इधर-उधर हो जाने की संभावना है, जिससे सक्षम न्यायालय के आदेश पर पेश करते समय जटिलतायें और गड़बड़ी पैदा होगी [पैरा 30(4)]।
  • लोहे के प्रत्येक संदूक में दो ताले लगाये जायें और प्रत्येक ताला सीलबंद कर दिया जाये [पैरा 30(5)]।

19. कार्यवाहियों का लेखबद्ध किया जाना [2292 पैरा 31]

गणना के पश्चात मशीनों व कागजपत्रों को गणना स्थल पर ही सीलबंद कर देने के पश्चात कार्यवाही लेखबद्ध करें, जिसमें उल्लेख हो:

(i) गणना हॉल में उपस्थित अभ्यर्थियों/अभिकर्ताओं का पूर्ण विवरण
(ii) यह तथ्य कि उनसे मशीनों और पैकेटों पर, यदि वे चाहें, अपनी सीलें लगाने को कहा गया था
(iii) उन व्यक्तियों का विवरण जिन्होंने सीलें लगायी थीं, और उनका विवरण जिन्होंने ऐसा करने से इन्कार कर दिया था

तब आप हस्ताक्षर करें और उपस्थित एवं इच्छुक अभ्यर्थियों/अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर करवाएं। कार्यवाहियों को एक लिफाफे में रखकर सीलबंद करें; सीलबंद लिफाफा निर्वाचन के कागजपत्रों के पैकेटों के साथ रखा जाए।


20. निर्वाचन अभिलेखों की सुरक्षित अभिरक्षा [2292 पैरा 32]

  1. 🚨 परिणाम की घोषणा के तुरन्त पश्चात, उसी दिन, समस्त मतदान मशीनों और उपरोक्त पैकेटों वाले सीलबंद संदूक को सरकारी कोषागार/उपकोषागार या DEO द्वारा निर्धारित स्थान में, दो तालों के अन्दर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जायेगा। - प्रत्येक संदूक के एक ताले की चाबीकोषागार अधिकारी को, या कोषागार संहिता के अधीन प्राधिकृत कोषागार/उपकोषागार के किसी अन्य अधिकारी को। - दूसरे ताले की चाबीस्वयं निर्वाचन अधिकारी द्वारा, या उनके द्वारा नामनिर्दिष्ट किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा अपने पास।
  2. गणना आरंभ होने से पूर्व जिस कमरे में ये संदूक रखे जाते हैं, उसके बाहर तैनात सशस्त्र पुलिस रक्षक दल को गणना समाप्ति के पश्चात ही हटा नहीं दिया जाना चाहिए — जब तक मशीनें व अभिलेख कोषागार/उपकोषागार या निर्धारित स्थान को भेज नहीं दिये जाते। यथासंभव उसी रक्षक दल को इन कागज पत्रों के परिवहन के दौरान भी सुरक्षा के लिए तैनात किया जाना चाहिए। इस तथ्य का उस रक्षक दल की लॉग बुक में उल्लेख कर दिया जाना चाहिए।

इसके बाद: आरक्षित मशीनें जिले के भण्डारण कक्ष में; मतदान में प्रयुक्त मशीनें RO की सुरक्षित अभिरक्षा में। निर्वाचन याचिका की मियाद 30 दिवस; याचिका होने पर निस्तारण के तीन माह बाद तक (अपील हो तो अपील के निस्तारण तक); अन्यथा परिणाम घोषणा के 30 दिवस बाद मशीनें क्लीयर [2184 पैरा 15]।


20-क. 🚨 आदेश 2184 की तीन स्ट्रांग-रूम / मतगणना अपेक्षाएं — पहले छूटी थीं

जोड़ा गया 22.08.2026। स्रोत स्वयं पढ़ा गया: संकलन (Compendium) का मुद्रित पृष्ठ 189 (PDF पृ. 202)आदेश 2184 दिनांक 26.02.2026, बिन्दु 13 और 14

कैवियट हटा: पहले यह अनिश्चित था कि कहीं आदेश 5446 दि. 04.08.2026 ने 2184 के बिन्दु 13 को अधिक्रमित या पुनर्संख्यांकित तो नहीं कर दिया। 22.08.2026 को 5446 के तीनों पृष्ठ पढ़ लिये गये — उसमें अधिक्रमण (supersession) का कोई खण्ड नहीं है। उसकी अपनी भाषा है — "…पत्रांक 2184 … 705 … 826 … 2292 … से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गये है। उक्त आदेशों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश प्रेषित किये जा रहे है जिनका संक्षिप्त बिन्दुवार विवरण…" — अर्थात् 5446 एक संक्षिप्त अनुस्मारक परिपत्र है, प्रतिस्थापन नहीं। 2184 और 2292 पूर्णतः प्रभावी हैं।

(क) अभ्यर्थी स्ट्रांग रूम पर अपनी सील लगा सकेंगे और निगरानी रख सकेंगे [2184 पैरा 13(i)]

"…वोटिंग मशीन के स्ट्रॉंग रूम को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा सीलबन्द रखा जायेगा। अभ्यर्थियों या उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं को भी स्ट्रॉंग रूम के दरवाजे/खिडकियों पर अपनी सील लगाने की अनुमति दी जायेगी तथा उन्हे यह अनुमति भी दी जायेगी कि वे एक पर्याप्त दूरी से स्ट्रॉंग रूम की निगरानी रख सकते है।"

🚨 यह दो अलग अधिकार हैं — सील लगाना, और दूर से निगरानी। दोनों से मना नहीं किया जा सकता। जब स्ट्रांग रूम सील हो, तब जो अभ्यर्थी/एजेंट उपस्थित हों उन्हें सील लगाने की पेशकश लेखबद्ध करें

(ख) 🚨 पुनर्मतदान वाले मतदान केन्द्र की दो मशीनें, दो टैग [2184 पैरा 13(vi)]

"जहां पर पुनर्मतदान होगा उस मतदान केन्द्र पर मूल रूप से मतदान में उपयोग में लाई गई मशीन को भी स्ट्रांग रूम में ही रखा जायेगा जिस पर साफ-साफ एक टैग ''गणना नहीं करनी है'' अंकित करते हुए उस नियंत्रण यूनिट पर लगाया जायेगा और उसे सील बन्द ही रखा जायेगा। पुनर्मतदान होने पर नई मशीन पर साफ-साफ टैग ''पुनर्मतदान की वोटिंग मशीन—गणना की जानी है'' अंकित करते हुए लगाया जायेगा। उपरोक्त दोनों प्रकार के टैग रिटर्निंग अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर किये जायेगें।"

मूल (पहले वाली) मशीन पुनर्मतदान वाली नई मशीन
कहाँ स्ट्रांग रूम में ही स्ट्रांग रूम में
टैग का पाठ "गणना नहीं करनी है" "पुनर्मतदान की वोटिंग मशीन—गणना की जानी है"
कहाँ चिपकेगा उसी नियंत्रण यूनिट पर नई मशीन पर
सील सीलबंद ही रहेगी — खोलें नहीं सामान्य गणना प्रक्रिया
हस्ताक्षर 🚨 दोनों टैगों पर रिटर्निंग अधिकारी के 🚨 वही

⚠️ इसे §13 की सामान्य सील-जाँच से न मिलाएँ। यहाँ मूल मशीन का कैरिंग बक्सा खोला ही नहीं जायेगा — वह मतगणना की मेज तक आती ही नहीं। गणना केवल पुनर्मतदान वाली मशीन की होगी। (नियम-आधार — नियम 55(2): आयोग द्वारा मतदान शून्य घोषित होने पर उस मतदान का कोई मत गिना नहीं जाएगा।)

(ग) ईवीएम से जुड़ी प्रक्रियाओं की विडियोग्राफी [2184 पैरा 14]

"पारदर्शिता के लिए यह भी निर्देश दिए जाते है कि वोटिंग मशीन की विभिन्न स्तरों पर की गई गतिविधियों यथा वोटिंग मशीन की तैयारी, वोटिंग मशीन की सीलिंग, स्ट्रॉंग रूम की सीलिंग, स्ट्रॉंग रूम को खोलने आदि प्रक्रियाओं की विडियोग्राफी भी की जाये। उक्त विडियोग्राफी का रिकार्ड समुचित रूप से संधारित रखा जावे, जो निर्वाचन रिकार्ड के रूप में संधारित होगा और अन्य रिकार्ड की भांति इसकी प्रमाणित नकल जारी की जा सकेगी।"

🚨 दो परिणाम: (1) विडियोग्राफी केवल लॉटरी तक सीमित नहीं है — स्ट्रांग रूम खोलना भी कैमरे पर होगा; (2) वह रिकार्ड निर्वाचन अभिलेख है — अर्थात् उसकी प्रमाणित नकल मांगी जा सकती है, और उसे निर्वाचन याचिका में प्रयोग किया जा सकता है। रिकार्ड खो गया तो वह स्वयं एक चूक है।


20-ख. 🔴🔴 आदेश 2285 दि. 09.03.2026 (सां.आ. 160/2026) — ECIL मशीनों की अभिरक्षा अलग है

जोड़ा गया 23.08.2026। मैंने दोनों पृष्ठ स्वयं पढ़ेGeneral_ULB_2026/2026-03-09_2285.pdf। यह आदेश पहले GAPS §6 में "नहीं पढ़ा गया" सूची में था।

आधार: नियम 73 का परन्तुक"किसी निर्वाचन में परिणाम की घोषणा के पश्चात प्रयुक्त मतदान मशीनें रिटर्निंग अधिकारी द्वारा सुरक्षित अभिरक्षा में ऐसी रीति से रखी जायेगी जैसा राज्य निर्वाचन आयोग निर्देशित करे"पूर्व आदेश 3718 दि. 01.10.2019 (सां.आं 119/2019) अधिक्रमित।

मद (1) एवं (2) — सामान्य व्यवस्था

  1. परिणाम की घोषणा के तुरन्त पश्चात्, नियम 63-ख की रीति से CU अपने वहन बक्सों में रखकर सीलबन्द। 🚨 मतगणना के दौरान जो BU खोली गई थीं, वे भी अपने वहन बक्सों में रखकर सीलबंद। सभी वहन बक्से RO बड़े बक्सों/सन्दूकों में रखेगा; फिर उसी दिन, नियत स्थान पर, दो तालों के अन्दर सुरक्षित अभिरक्षा में।
  2. एक ताले की चाबी — जिला निर्वाचन अधिकारी या उप जिला निर्वाचन अधिकारी स्वयं अपने पास रखेगा। दूसरे ताले की चाबी — RO स्वयं, अथवा DEO द्वारा इस प्रयोजन हेतु निर्दिष्ट अन्य अधिकारी को।

🔴🔴 मद (3) — ECIL MPSV / MPMV के लिए पूरी तरह अलग व्यवस्था — यही बालोतरा पर लागू है

मूल पाठ: "इलेक्ट्रोनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) की मल्टी पोस्ट सिंगल वोट (MPSV) एवं मल्टी पोस्ट मल्टी वोट (MPMV) ईवीएम से निर्वाचन की स्थिति में परिणामों की घोषणा के पश्चात् इन ईवीएम मशीनों के वहन बक्सों को सील करने की आवश्यकता नहीं है एवं इनका भण्डारण भी बिन्दु संख्या 1 एवं 2 में अंकित ईवीएम के साथ नहीं किया जाना है। चूंकि इन ईवीएम को पुनः मतदान के लिए प्रयोग में लिया जा सकता है, अतः इनको पृथक भण्डारगृह (Warehouse) में सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाए।"

"इन मशीनों से निर्वाचन की स्थिति में परिणामों की घोषणा के पश्चात् कन्ट्रोल युनिट में प्रयुक्त हुए SDMM एवं DMM को ही सील बंद कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाना है।" — SDMM → पत्रांक 705 दि. 20.01.2026 · DMM → पत्रांक 826 दि. 23.01.2026

🚨 एक तालिका में — गणना के बाद कौन-सी मशीन कहाँ जाएगी

ECIL MPSV / MPMV (बालोतरा) BEL M3A / MK-5
वहन बक्सा सील होगा? नहीं"सील करने की आवश्यकता नहीं है" [2285 पैरा 3] हाँ [2285 पैरा 1]
सील क्या होगा 🔴 केवल SDMM (MPSV) / DMM (MPMV) 🔴 पूरी मशीन — CU एवं BU [5446 पैरा 13(ii)]
कहाँ जाएगी 🚨 पृथक भण्डारगृह (Warehouse)बिन्दु 1–2 वाली मशीनों के साथ नहीं बड़े बक्से/सन्दूक, दो ताले, नियत स्थान
क्यों पुनः मतदान में प्रयोग हो सकती है (नया SDMM/DMM लगाकर)
विधि SDMM → पत्र 705 · DMM → पत्र 826SDMM / DMM Sealing After Counting — the procedure

🔴 बालोतरा के लिए यही लागू पंक्ति है — प्रेस नोट 6722 के अनुसार बालोतरा में MPSV/MPMV हैं, M3A नहीं → BALOTRA §2

✅ §20 के साथ यह कैसे बैठता है — कोई टकराव नहीं

ऊपर का §20 [2292 पैरा 32] कहता है कि "समस्त मतदान मशीनों और … पैकेटों वाले सीलबंद संदूक को … दो तालों के अन्दर"2285 उसी दिन (09.03.2026) जारी हुआ है और उसमें ECIL मशीनों के लिए अपवाद दिया गया है। दोनों साथ पढ़ें:

क्या कहाँ
कागज़ों के पैकेट (§19–§20) यथावत् — लोहे का संदूक, दो ताले, कोषागार
ECIL MPSV/MPMV मशीनें 🔴 पृथक भण्डारगृह [2285 पैरा 3] — कोषागार-संदूक में नहीं
SDMM / DMM सीलबंद, सुरक्षित अभिरक्षा में — पत्र 705 / 826 की विधि से

यही बात आदेश 5446 पैरा 13(iv) (04.08.2026) में भी दोहराई गई है"समस्त ईवीएम मशीनों को सम्बंधित जिलों के भण्डारण कक्ष (Warehouse) में बिना किसी विलंब के जमा करा दी जाए, जिससे इन मशीनों को पुनः चुनावों में उपयोग लिया जा सके।" तीन आदेश (2285 ·3 · 5446 पैरा 13(ii),(iv) · 2292 पैरा 29(1)) एक ही बात कहते हैं।


21. मतगणना दिवस का समग्र क्रम (सारांश)

गणना से 1 सप्ताह पूर्व (मतदान तिथि से)  → अभ्यर्थियों को लिखित सूचना (नियम 57)      [पैरा 3(4)]
गणना से 2 दिन पूर्व                     → गणन अभिकर्ताओं की फोटो सूची + प्ररूप-19    [SO 151], [पैरा 6(5)]
गणना से 1 घंटा पूर्व                    → गणन अभिकर्ता प्ररूप-19 घोषणा पर हस्ताक्षर   [पैरा 6(2)]
                                          फोटो बैज के बिना प्रवेश नहीं               [SO 151]
─────────────────────────────────────────────────────────────────────────────────
गणना प्रारम्भ  → धारा 128 की गोपनीयता समझाएं                                        [पैरा 9]
   1. डाक मतपत्र पहले (ईवीएम गणना पूर्ण होने से पहले समाप्त हों)                     [पैरा 11(1)]
   2. CU मतदान केन्द्र क्रमानुसार टेबलों पर                                          [पैरा 12(1)]
      🚨 पुनर्मतदान वाले केन्द्र: मूल मशीन "गणना नहीं करनी है" टैग से सीलबंद ही रहेगी;
      केवल "पुनर्मतदान की वोटिंग मशीन—गणना की जानी है" टैग वाली गिनें  [2184 पैरा 13(vi)]
   3. कैरिंग बक्सा → सील जांच → CU बाहर → स्ट्रिप/स्पेशल टैग/पिंक सील निरीक्षण        [पैरा 13]
   4. CU क्रम संख्या + कैंडिडेट सैट सील का मिलान                                     [पैरा 14]
   5. पेपर सील क्रमांक ↔ प्ररूप 14-ग भाग-I मद 9 का मिलान                            [पैरा 16]
   6. ON → पेपर सील हटाएं → Result-1 → अभ्यर्थीवार + नोटा                           [पैरा 18]
   7. प्ररूप 14-ग भाग-II भरें; भाग-I मद 5 से कुल का मिलान; हस्ताक्षर                 [पैरा 20]
   8. प्ररूप-21 = मशीन के मत (नोटा सहित) + डाक मतपत्र के विधिमान्य मत (नोटा सहित)    [पैरा 21]
   9. घोषणा → 1-2 मिनट रोकें → पुनर्गणना की मांग?                                    [पैरा 22(2)]
  10. सर्वाधिक मत वाला निर्वाचित (नोटा से परिणाम प्रभावित नहीं); बराबरी → लॉटरी+वीडियो [पैरा 22(4)], [पैरा 26]
  11. प्ररूप-22 घोषणा · प्ररूप-23 प्रमाण-पत्र + रसीद                                 [पैरा 26-28]
  12. SDMM/DMM सील (ECIL CU सील नहीं) · अन्य CU पुनः सीलबंद + एड्रेस टैग             [पैरा 29]
  13. कागजपत्र पैकेट सील · लोहे का संदूक, दो ताले, दोनों सीलबंद                       [पैरा 30]
  14. कार्यवाही लेखबद्ध + हस्ताक्षर + सीलबंद लिफाफा                                  [पैरा 31]
  15. उसी दिन → कोषागार, दो ताले · सशस्त्र रक्षक परिवहन तक                           [पैरा 32]
  16. उसी दिन → निर्वाचित सदस्यों को शपथ (अध्यक्ष चुनाव हेतु)                        [अन्तिम नोट]

🚨 परिशिष्ट — आदेश 5446 दिनांक 04.08.2026 (मतगणना से संबंधित नए निर्देश)

जोड़ा गया 21.08.2026। यह आदेश इस मॉड्यूल के बनने के बाद का है, इसलिए पहले इसमें नहीं था। मैंने पृष्ठ-चित्र _r/new/o5446_p03.png स्वयं पढ़ा — हस्ताक्षर राजेश वर्मा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव, दिनांक 04.08.2026, पृष्ठांकन 5447-50

बिन्दु (13) — मतगणना

मूल निर्देश
(i) "नगरीय निकाय में वार्डों की संख्या, मतदान केन्द्रों की संख्या, मतगणना में लगने वाले समय एवं मितव्यता को ध्यान में रखते हुए मतगणना के लिये टेबलों की संख्या संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा तय की जायें।"
(ii) 🚨 "नगरपालिका स्तर पर मतगणना सम्पादित कर परिणाम घोषित किया जायें। MPSV मॉडल की SDMM एवं MPMV मॉडल की DMM को सील कर दिया जायें। M3A मॉडल की मशीन (CU एवं BU) को सील कर दिया जायें।"
(iii) 🚨 "चुनाव में विजयी प्रत्याशियों को चुनाव प्रमाण-पत्र जारी करना एवं शपथ नगरपालिका स्तर पर ही दिला दी जायें।"
(iv) 🚨 "समस्त ईवीएम मशीनों को सम्बंधित जिलों के भण्डारण कक्ष (Warehouse) में बिना किसी विलंब के जमा करा दी जाए, जिससे इन मशीनों को पुनः चुनावों में उपयोग लिया जा सके।"

🚨 सबसे महत्वपूर्ण — मतगणना के बाद क्या सील होगा, मॉडल के अनुसार

मॉडल मतगणना के बाद सील
ECIL MPSV केवल SDMM
ECIL MPMV केवल DMM
🚨 BEL M3A पूरी मशीन — CU एवं BU दोनों

⚠️ यह वह जगह है जहाँ चूक सबसे आसान है। पुरानी सामग्री कहती है "ECIL की CU सील नहीं होती"वह MPSV/MPMV के लिए सही है, पर उसे M3A पर न लगाएँ। M3A में CU और BU दोनों सील होंगे।

बिन्दु (12) — स्ट्रांग रूम एवं मतगणना परिसर की सुरक्षा

  • "मतदान के पश्चात वोटिंग मशीन नगरपालिका मुख्यालय पर ही (मतगणना स्थल पर) संग्रहण कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखी जायेगी। वोटिंग मशीन के स्ट्रॉंग रूम को रिटर्निंग अधिकारी द्वारा सीलबन्द रखा जायेगा।"
  • (i) स्ट्रॉंग रूम की सुरक्षा हेतु उपयुक्त स्थानों पर CCTV कैमरे
  • (ii) स्ट्रॉंग रूम में अग्नि सुरक्षा के उपाय
  • (iii) 🚨 स्ट्रॉंग रूम व मतगणना परिसर — दोनों में दोहरे स्तर की सुरक्षा व्यवस्था

बिन्दु (14) — वोटिंग मशीनों की सुरक्षा संबंधी प्रक्रिया

  • (i) तैयारी · सीलिंग · स्ट्रॉंग रूम की सीलिंग · परिवहन · भण्डारण · वितरण · मतगणना · FLC · कमीशनिंग · मशीनों के रजिस्टर का संधारण — इन सब में आयोग द्वारा जारी प्रोटोकॉल की पालना। 🚨 "साथ ही राजनीतिक दलों को भी समस्त प्रक्रिया में सूचित करना सुनिश्चित करें।"
  • (ii) 🚨 "वोटिंग मशीनों को निर्धारित स्थानों एवं अलग-अलग स्तर पर सुरक्षित रखने का पूर्ण उत्तरदायित्व जिला निर्वाचन अधिकारी का है" — DEO पुलिस से समन्वय कर सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।

⚠️ इसे "30 दिन बाद क्लीयर" से न मिलाएँ

बिन्दु 13(iv) कहता है मशीनें बिना विलंब भण्डारण कक्ष में जमा हों। यह क्लीयर करने से भिन्न है — आदेश 2184 पैरा 15 के अनुसार चुनाव याचिका न होने पर परिणाम घोषणा के 30 दिन बाद मशीनें क्लीयर होती हैं। जमा करना ≠ क्लीयर करना। दोनों अलग चरण हैं।



🚨 परिशिष्ट — आदेश 5681 दिनांक 08.08.2026, खण्ड D: "मतगणना के दौरान"

जोड़ा गया 21.08.2026। मैंने पृष्ठ-चित्र _r/new/o5681_p03.png स्वयं पढ़ा — हस्ताक्षर राजेश वर्मा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव, दिनांक 08.08.2026, पृष्ठांकन 5682-87

D-1 🚨 यदि मतगणना के दौरान CU पर परिणाम प्रदर्शित ही न हो

"मतगणना के दौरान ईवीएम मशीन में खराबी होने के कारण सीयू में परिणाम प्रदर्शित नहीं हो रहा है, तो ऐसी स्थिति में रिटर्निंग अधिकारी परिणाम को स्थगित करके अधिकृत इन्जीनियर की सेवाएं लेना सुनिश्चित करें। यदि अधिकृत इन्जीनियर EVM मशीन से परिणाम नहीं निकाल पाये तो रिटर्निंग अधिकारी द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से राज्य निर्वाचन आयोग को सूचित किया जायेगा। इस संबंध में अग्रिम कार्यवाही आयोग के निर्देशानुसार की जायेगी।"

तीन चरण, इसी क्रम में — RO अपने स्तर पर अंतिम निर्णय नहीं करेगा:

1. RO उस मशीन का परिणाम  स्थगित  करे  (पूरी मतगणना नहीं रोकनी)
        ↓
2. अधिकृत इन्जीनियर  की सेवाएं ली जाएं
        ↓
3. फिर भी परिणाम न निकले  →  RO ➜ DEO ➜ राज्य निर्वाचन आयोग
                              आगे की कार्यवाही आयोग के निर्देश पर

🚨 ध्यान दें — "स्थगित" शब्द महत्वपूर्ण है। केवल उस मशीन का परिणाम स्थगित होता है; शेष टेबलों की मतगणना चलती रहेगी।

D-2 🚨 मतगणना के दौरान CU की बैटरी LOW हो सकती है

"मतगणना के दौरान किसी भी समय सीयू की बैटरी LOW मोड में आ सकती है। ऐसी स्थिति में मतगणना सुचारू रूप से निरन्तर जारी रखने हेतु जिला निर्वाचन अधिकारियों को चाहिए कि वे मतगणना स्थल पर कुछ नई बैटरी आरक्षित करके रखें।"

➡ यह DEO की पूर्व-तैयारी है, RO की नहीं। मतगणना स्थल पर नई बैटरियाँ पहले से आरक्षित रखनी हैं। मतगणना के दिन बैटरी ढूँढना = मतगणना रुकना।

साथ में — CU डिस्प्ले की किसी भी समस्या पर सम्पर्क का रास्ता

"नोटः– सीयू की डिस्प्ले पैनल पर उपरोक्त में से कोई भी समस्या हो तो आपके क्षेत्र के जोनल मजिस्ट्रेट के माध्यम से उपखण्ड अधिकारी द्वारा अधिकृत इन्जीनियर की सेवाएं प्राप्त करने हेतु सम्पर्क करें।"

रास्ता: मतगणना टेबल ➜ जोनल मजिस्ट्रेट ➜ उपखण्ड अधिकारी ➜ अधिकृत इन्जीनियर

और पंचनामा के बारे में (खण्ड C का अंतिम भाग)

  • पंचनामा (संलग्न सारणी) तैयार किया जाए
  • कॉलम संख्या 3 में क्लॉक ऐरर या मशीन में प्रदर्शित समय का इन्द्राज करें
  • 🚨 पंचनामे पर मतदान अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर लिये जायें
  • चुनाव संपन्न होने के पश्चात् पंचनामा पीठासीन अधिकारी की डायरी के साथ लगाकर रखा जाए


🚨 परिशिष्ट — आदेश 5021 दिनांक 21.07.2026 (मतगणना स्थल पर कानून-व्यवस्था)

जोड़ा गया 21.08.2026। मैंने पृष्ठ-चित्र _r/new/o5021_p03.png एवं o5021_p04.png स्वयं पढ़े — हस्ताक्षर राजेश वर्मा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव, दिनांक 21.07.2026, पृष्ठांकन 5026-5031, क्रमांक प 7(1)(3) पंचा/रानिआ/14-15

⚠️ दायरे की बात: क्रमांक में "पंचा" है, किन्तु आदेश का पाठ मतदान केन्द्र एवं मतगणना स्थल दोनों की बात करता है और जिला मजिस्ट्रेट/DEO को सम्बोधित है। इसे ULB पर लागू माना गया है — यह व्याख्या है, आदेश का स्पष्ट कथन नहीं। संदेह हो तो DEO से पुष्टि लें।

🚨 बिन्दु 1.14 — मतगणना स्थल पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध

मूल पाठ (अक्षरशः):

"मतदान दिवस के दिन मतदान केन्द्र के आसपास निषिद्ध क्षेत्र के भीतर चुनाव प्रचार की रोकथाम एवं मतगणना के समय मतगणना केन्द्र पर कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए आयोग के निर्देश हैं कि मतदान केन्द्र के 100 मीटर के दायरे में चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को छोडकर किसी भी अन्य व्यक्ति को कोर्डलैस फोन, वायरलैस सैट, इलेक्ट्रोनिक गजेट्स इत्यादि को लाने व उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी तरह किसी भी व्यक्ति के मतगणना स्थल पर प्रवेश को नियंत्रित करने वाली सीमा या सुरक्षा बलों द्वारा घेराबंदी क्षेत्र के भीतर इस तरह के उपकरणों को लाने व उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा इन निर्देशों का उल्लंघन करते हुए उसे इस तरह के साधनों के साथ पाया जाता है तो सुरक्षा प्रभारी अधिकारियों द्वारा उन साधनों को जब्त कर लिया जाएगा। मतगणना समाप्ति तथा चुनाव परिणामों की घोषणा हो जाने के पश्चात् ऐसे जब्त साधन संबंधित व्यक्ति को लौटा दिए जाएंगे।"

🚨 दो अलग सीमाएँ — इन्हें न मिलाएँ

स्थान सीमा
मतदान केन्द्र 100 मीटर का दायरा
मतगणना स्थल 🚨 100 मीटर नहीं — बल्कि "प्रवेश को नियंत्रित करने वाली सीमा या सुरक्षा बलों द्वारा घेराबंदी क्षेत्र"

⚠️ मतगणना स्थल के लिए आदेश कोई दूरी नहीं देता। जो कोई "मतगणना स्थल के 100 मीटर" कहे — आदेश ऐसा नहीं कहता। सीमा घेराबंदी/प्रवेश-नियंत्रण रेखा है, जो हर स्थल पर अलग होगी।

व्यावहारिक बिन्दु

किन पर लागू नहीं चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी — स्पष्ट अपवाद
क्या प्रतिबंधित कोर्डलैस फोन · वायरलैस सैट · इलेक्ट्रोनिक गजेट्स इत्यादि
उल्लंघन पर सुरक्षा प्रभारी अधिकारी साधन जब्त करेंगे
कब लौटेंगे 🚨 मतगणना समाप्ति तथा परिणाम घोषणा के पश्चात् — दोनों के बाद, केवल गिनती पूरी होने पर नहीं

मार्गदर्शिका से जोड़: [MG अ.5(11)] केवल "मोबाईल, कार्डलेस फोन आदि" कहती है। आदेश 5021 इसे विस्तृत करता है — वायरलैस सैट व इलेक्ट्रोनिक गजेट्स भी, और ड्यूटी-कार्मिकों के लिए स्पष्ट अपवाद।

⚠️ बिन्दु 1.9 — मतगणना दिवस को भी शराब पर प्रतिबंध (असत्यापित)

⛔ नवीनतम आदेश — जो मार्गदर्शिका और संकलन दोनों पर भारी पड़ते हैं में दर्ज है कि बिन्दु 1.9 मतदान समाप्ति से 48 घण्टे पूर्व से तथा मतगणना दिवस को भी शराब के उपयोग/बिक्री/वितरण पर प्रतिबंध लगाता है — अर्थात् लोप्रअ धारा 135-ग की 48-घंटे की अवधि से आगे बढ़कर मतगणना दिवस भी।

अब सत्यापित (22.08.2026) — मैंने पृष्ठ 2 (_r/new/o5021_p02.png) स्वयं पढ़ा। मूल पाठ:

"मतदान समाप्ति से 48 घण्टों से पूर्व से तथा मतगणना दिवस को शराब के उपयोग एवं बिकी एवं वितरण को प्रतिबंधित किया जाए।"

🚨 अर्थात् मतगणना दिवस पूरा दिन शराब पर प्रतिबंध — आदर्श आचरण संहिता की अपनी 48-घंटे की अवधि से यह आगे जाता है (संहिता खण्ड (IV) मद 4 केवल मतदान दिवस + पूर्व 48 घंटे कहती है)

उसी पृष्ठ से दो और बातें: मद 1.10 — वाहनों की जाँच नाम-वापसी की तिथि से, और मतदान दिवस से चार दिन पूर्व से अधिक सघन · मद 1.11चुनाव रैली में तीन से अधिक वाहन नहीं

⚠️ और आदेश का अपना अस्वीकरण — इसे प्रशिक्षण में अवश्य बताएँ

बिन्दु 2: "यह निर्देश सामान्य (indicative) हैं, विस्तृत एवं अंतिम (Comprehensive and final) नहीं। अतः कानून व्यवस्था से संबंधित अधिकारी वे समस्त कदम उठाऐंगे जिससे चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण हों।"

➡ अर्थात् यह सूची पूर्ण नहीं है। DEO/SP इससे आगे भी कदम उठा सकते हैं।



🚨 परिशिष्ट — आदेश 1374 दिनांक 04.02.2026 (सां.आ. 155/2026): परिणाम के तीन दिन के भीतर

जोड़ा गया 22.08.2026। यह वही आदेश है जिसे इस मॉड्यूल की "जो हम आज नहीं पढ़ा रहे" वाली सूची में रखा गया था। अब मैंने संकलन का आदेश (66), मुद्रित पृ. 273, स्वयं पढ़ लिया है। पूर्व आदेश 4228 दि. 21.10.2019 (सां.आ. 126/2019) अधिक्रमित।

नियम 68 सपठित नियम 72 के अधीन — निर्वाचित सदस्यों के नाम राजपत्र में प्रकाशित कराने हेतु, RO परिणामों की घोषणा के 🚨 तीन दिवस के भीतर निम्न आयोग को भेजेगा —

# दस्तावेज़
1 संलग्न प्रारूप में निर्वाचित सदस्यों की सूचना मय सॉफ्ट कॉपी — 🚨 मंगल फॉन्ट एवं MS Word में
2 प्ररूप 21 (अंतिम परिणाम पत्रक) — एक मूल प्रति
3 प्ररूप 22 (परिणाम की घोषणा) — एक मूल प्रति
4 प्ररूप 23 (निर्वाचन का प्रमाण पत्र) — 🚨 मूल प्राप्ति रसीद (प्रमाण पत्र नहीं — उसकी रसीद)

🚨 भेजने से पूर्व सभी दस्तावेजों पर RO के हस्ताक्षर, नाम, पदनाम एवं मोहर होना आवश्यक है। DEO भी सुनिश्चित करेगा कि ये समय-सीमा में भेजे गए।

⚠️ मंगल फॉन्ट वाली शर्त गणना-दिवस से पहले देख लें — सॉफ्ट कॉपी उसी फॉन्ट में चाहिए।



🚨 गणना-स्थल पर लागू दंडात्मक प्रावधान — पूरा पाठ (जोड़ा गया 22.08.2026)

यह मॉड्यूल पाँच जगह कहता है "धारा 128 समझाएँ" — पर उसका पाठ कहीं नहीं था। अब है। सभी पाठ ULB Manual 2026 (लो.प्र.अ. 1951 के उद्धरण) से स्वयं पढ़े गए।**

1️⃣ धारा 128 — मतदान की गोपनीयता (Manual PDF पृ. 43)

"128. Maintenance of secrecy of voting.— (1) Every officer, clerk, agent or other person who performs any duty in connection with the recording or counting of votes at an election shall maintain, and aid in maintaining, the secrecy of the voting and shall not (except for some purpose authorized by or under any law) communicate to any person any information calculated to violate such secrecy. (2) Any person who contravenes the provisions of sub-section (1) shall be punishable with imprisonment for a term which may extend to three months or with fine or with both**."

बिन्दु स्थिति
🚨 क्या यह गणना पर लागू है? हाँ — धारा स्वयं "recording or counting of votes" कहती है
किस पर लागू अधिकारी · क्लर्क · अभिकर्ता · अन्य कोई भी व्यक्ति जो ड्यूटी पर है
दंड 3 माह तक कारावास, या जुर्माना, या दोनों

गणना प्रारम्भ से पूर्व यही पढ़कर सुनाएँ — अब "समझाएँ" का अर्थ स्पष्ट है।

2️⃣ धारा 135-क — बूथ कैप्चरिंग गणना-स्थल पर भी (Manual PDF पृ. 46)

"135A. Offence of booth capturing.— (1) Whoever commits an offence of booth capturing shall be punishable with imprisonment for a term which shall not be less than one year but which may extend to three years and with fine, and where such offence is committed by a person in the service of the Government, he shall be punishable with imprisonment for a term which shall not be less than three years but which may extend to five years and with fine."

स्पष्टीकरण का खंड (d) — यही गणना का खंड है:

🚨 "(d) seizure of a place for counting of votes by any person or persons, making the counting authorities surrender the ballot papers or voting machines and the doing of anything which affects the orderly counting of votes;"

दंड
सामान्य व्यक्ति 1 से 3 वर्ष + जुर्माना
🚨 सरकारी सेवा में कोई व्यक्ति 3 से 5 वर्ष + जुर्माना

🔴 यह सबसे महत्वपूर्ण बात है: बूथ कैप्चरिंग को सामान्यतः मतदान दिवस का अपराध समझा जाता है — खंड (d) उसे गणना-स्थल तक ले जाता है। गणना स्थल पर भीड़ या जबरदस्ती हो तो यही धारा लगेगी, 5681 भाग-D नहीं।

3️⃣ धारा 136 — अन्य अपराध (Manual PDF पृ. 47)

गणना पर सबसे प्रासंगिक खंड:

"(f) without due authority destroys, takes, opens or otherwise interferes with any ballot box or ballot papers than in use for the purposes of the election;"

दंड — उप-धारा (2):

कौन दंड
🚨 रिटर्निंग अधिकारी · ARO · पीठासीन अधिकारी · ड्यूटी पर अन्य कोई अधिकारी या क्लर्क 2 वर्ष तक, या जुर्माना, या दोनों
अन्य कोई व्यक्ति 6 माह तक, या जुर्माना, या दोनों

🔴 गणना स्टाफ को यह अवश्य बताएँ: वही कार्य जो आम व्यक्ति के लिए 6 माह है, ड्यूटी पर आपके लिए 2 वर्ष है — चार गुना। यही बात सतर्कता लाती है।

सभी चार धाराएँ नगरपालिका चुनाव पर लागू हैं — अधिनियम 2009 की धारा 28 लो.प्र.अ. 1951 की धाराएँ 125–136 आयात करती है (देखें धारा 134-क वाला खंड)


📘 गणना के बाद के नियम — 70, 71, 72, 73, 75-क एवं आधार-नियम 77-क (जोड़ा गया 22.08.2026)

सभी पाठ ULB Manual 2026 — निर्वाचन नियम 1994 से स्वयं पढ़े गए।

🔑 नियम 77-क — ईवीएम पर कौन-से नियम लागू होते हैं (Manual PDF पृ. 113)

"77-A.— In relation to voting and counting of votes, custody, inspection and disposal of election papers etc., where voting machine is used,— (a) the provisions of Chapter III, except rules 30 to 32, 34, 35, 37, 38, 40, 44 to 50, 54, 62 to 64, 74 and 75 shall, so far as may be, mutatis mutandis apply, and any reference in those provisions to ballot paper shall be construed as including a reference to such voting machine; (b) in lieu of rules 30 to 32, 34, 35, 37, 38, 40, 44 to 50, 54, 62 to 64, 74 and 75, the following corresponding rules shall apply…"

हटाए गए (उनकी जगह -क वाले नियम) 30–32, 34, 35, 37, 38, 40, 44–50, 54, 62–64, 74, 75
ज्यों के त्यों लागू 🚨 55, 56, 57, 58, 59, 60, 61, 65, 66, 67, 68, 69, 70, 71, 72, 73, 76, 77

🚨 यही वह आधार है जिससे नियम 55(3), 66, 67, 68, 69, 70 ईवीएम-गणना पर भी लागू होते हैं। और "मतपत्र" का हर संदर्भ वोटिंग मशीन को भी सम्मिलित करता हुआ पढ़ा जाएगा।

🔴 नियम 70 — गणना के समय नष्ट/खोना (Manual PDF पृ. 111)

"70. Destruction or loss of ballot papers at the time of counting.— (1) If at any time before the counting of votes is completed, any ballot papers used at the polling station are unlawfully taken out of the custody of the returning officer or accidentally or intentionally destroyed or lost or damaged or tampered with to such an extent that the result of the poll of that polling station cannot be ascertained, the returning officer shall forthwith report the matter to the State Election Commission."

आयोग दो में से एक करेगा — उप-नियम (2):

विकल्प क्या होगा
(क) गणना रोकने का निर्देश, उस केन्द्र पर पुनर्मतदान, दिन व समय नियत कर अधिसूचित
(ख) यदि आयोग संतुष्ट हो कि पुनःमतदान से परिणाम पर कोई असर नहीं — तो गणना फिर से शुरू करने व पूरी करने के निर्देश

🚨 नियम 55 से फर्क समझें — यही भूल सबसे आम है:

नियम किसकी अभिरक्षा में कब
55 🚨 पीठासीन अधिकारी मतदान के समय/बाद
70 🚨 रिटर्निंग अधिकारी गणना पूरी होने से पहले कभी भी

14.09 को स्ट्रॉंग रूम से गणना मेज तक के बीच कुछ हुआ — तो नियम 70 लगेगा, 55 नहीं। दोनों में रिपोर्ट आयोग को जाती है, और निर्णय आयोग का होता है, RO का नहीं।

✅ नियम 71, 72, 73 — परिणाम के तुरन्त बाद

नियम क्या करना है
71 निर्वाचित अभ्यर्थी को प्ररूप 23 में निर्वाचन प्रमाण-पत्र; उससे हस्ताक्षरित प्राप्ति-रसीद लें; तुरन्त आयोग को भेजें
72 नियम 68 के अधीन निर्वाचित सदस्यों का विवरण आयोग कोराजपत्र में प्रकाशन हेतु
73 परिणाम घोषित करने के बाद सभी कागज़ात पृथक-पृथक पैकेटों में सीलबंदRO की सील + इच्छुक अभ्यर्थी/एजेंटों की सील। परन्तुक: वोटिंग मशीनें आयोग के निर्देशानुसार रखी जाएंगी

🗄️ नियम 75-क — कितने समय रखना है (Manual PDF पृ. 120)

क्या अवधि
अप्रयुक्त डाक मतपत्र एवं निविदत्त मतपत्र के पैकेट छह माह, फिर आयोग के निर्देशानुसार नष्ट
🚨 वोटिंग मशीनें (74-क(2) के अधीन) जब तक आयोग निर्देश दे — ज्यों की त्यों (intact)
अन्य पैकेट (74-क(1) से भिन्न) एक वर्ष, फिर नष्ट
🔴 प्रयुक्त डाक मतपत्रों के प्रतिपर्ण (counterfoils) आयोग की पूर्व अनुमति के बिना नष्ट नहीं
शेष सभी कागज़ आयोग के निर्देशानुसार

🚨 "पूर्व अनुमति" शब्द पर ध्यान दें — बाद में ली गई अनुमति से काम नहीं चलेगा।

नियम 74-क(2) के साथ पढ़ें: सीलबंद कंट्रोल यूनिट सक्षम न्यायालय के आदेश के बिना खोली, निरीक्षित या प्रस्तुत नहीं की जाएगी — यही वह अवधि है जिसमें निर्वाचन याचिका (30 दिवस) आती है।


🚨 गणना की मेज पर कौन-सा लिफाफा खोल सकते हैं, कौन-सा नहीं (जोड़ा गया 22.08.2026)

यह मतदान-दिवस का पाठ नहीं है — यह गणना की मेज का विधिक प्रश्न है। RO को मिलान के लिए कागज़ चाहिए — पर कुछ लिफाफे खोलना न्यायालय के आदेश के बिना वर्जित है।

✅ पहले तथ्य — सील का बंटवारा

लिफाफे स्थिति
E-1 … E-8 🔴 सीलबंद
E-9 … E-14 सील नहीं

(स्रोत: परिशिष्ट-15A — देखें EVM/hi §लिफाफे)

🔴 अब विधि — नियम 74-क(1)

"74-A. Production and inspection of election papers.— (1) While in the custody of the returning officer, (a) packets of unused postal ballot papers with counterfoils; (b) packets of used postal ballot papers whether valid, rejected or cancelled, and counterfoils; (c) packets of used or unused tendered ballot papers; (d) packets of the marked copy of electoral roll; (e) packets containing register of voters in Form 14-A; (f) packets of the declaration by electors and attestation of their signatures — shall not be opened, inspected or produced except under the orders of a competent court."

🎯 दोनों को मिलाकर देखिए

लिफाफा क्या है 74-क(1) में? गणना पर खोल सकते हैं?
E-1 नामावली की चिन्हित प्रति ✅ खंड (d) 🔴 नहीं — न्यायालय का आदेश चाहिए
E-2 मतदाताओं का रजिस्टर (प्ररूप 14-क) ✅ खंड (e) 🔴 नहीं
E-4 / E-5 निविदत्त मतपत्र (अप्रयुक्त/प्रयुक्त) ✅ खंड (c) 🔴 नहीं — नियम 63-क(3) भी यही कहता है
E-9 प्ररूप 14-ग — रिकार्ड मतों का लेखा ❌ सूची में नहीं हाँ — और खोलना ही पड़ेगा
E-10 घोषणाएँ (परि-6) + मॉकपॉल प्रमाणपत्र (परि-19) हाँ
E-11 पीठासीन अधिकारी की डायरी (परि-7) + 14-ग की दूसरी प्रति हाँ
E-12 सांख्यिकीय सूचना हाँ

🎯 यही इस पूरे खंड का सार है: जो लिफाफे सीलबंद हैं (E-1…E-8), उनमें ठीक वही कागज़ हैं जिन्हें नियम 74-क(1) न्यायालय के आदेश के बिना खोलने से रोकता है। सील संयोग नहीं है — वह विधि का पालन है।

🔴 गणना के दिन का व्यावहारिक खतरा

मिलान में फर्क आए तो सबसे पहला मन होता है — "चिन्हित प्रति निकालकर गिन लेते हैं"

🔴 यही नहीं करना है। E-1 खोलना नियम 74-क(1)(d) का उल्लंघन है।

जो आंकड़ा चाहिए, वह E-9 (प्ररूप 14-ग) एवं E-11 (डायरी) में पहले से है — और वे दोनों सील नहीं हैं। वहीं से लें। फिर भी मेल न बैठे → आयोग को रिपोर्ट, नियम 70 के अनुसार।

स्वयं सत्यापित: नियम 74-क का पाठ Manual PDF पृ. 119 से; लिफाफों की सूची परिशिष्ट-15A से।


🚨 मंत्री गणना-स्थल में प्रवेश नहीं कर सकते — आदर्श आचरण संहिता, खण्ड (VII) मद 7 (जोड़ा 22.08.2026)

स्रोत: आयोग की पुस्तिका "आदर्श आचरण संहिता 2026", मुद्रित पृ. 10 (मैंने पृष्ठ-चित्र स्वयं पढ़ा — _r/mcc/mcc_p14.png)

"केन्द्रीय या राज्य सरकार के मन्त्री, अभ्यर्थी या मतदाता अथवा प्राधिकृत अभिकर्ता की अपनी हैसियत को छोड़कर किसी भी मतदान केन्द्र या गणना स्थल में प्रवेश न करें।"

✅ प्रवेश तभी, जब मंत्री स्वयं ❌ अन्यथा
अभ्यर्थी · मतदाता · प्राधिकृत अभिकर्ता हों पद के नाते प्रवेश नहीं

🔗 नियम 60 के साथ पढ़ें — गणना-स्थल में प्रवेश का नियम। और मार्गदर्शिका [MG अ.3(6)] भी कहती है कि "'ड्यूटी पर लोकसेवक' में मंत्री, राज्य मंत्री और उपमंत्री शामिल नहीं"

RO के पास दो आधार रहेंगे — संहिता और मार्गदर्शिका — यदि 14.09 को यह प्रश्न उठे।


🗺️ गणना के समस्त नियम — एक पृष्ठ का सत्यापित नक्शा (23.08.2026)

यह नक्शा क्यों। इस मॉड्यूल की हर बात अब तक परिपत्र [2292] से आती थी। परिपत्र नियम को नहीं बदल सकता। अतः गणना पर लागू हर नियम का मूल पाठ ULB Manual से स्वयं पढ़ा गया और नीचे रखा गया है। कोई भी कथन इस तालिका से जाँचा जा सकता है।

आधार: नियम 77-क (ऊपर) — ईवीएम गणना पर अध्याय 3 के ये नियम ज्यों के त्यों लागू होते हैं; 62–64, 74, 75 की जगह -क वाले नियम लगते हैं।

नियम विषय सारभूत बात मॉड्यूल में
55 मतदान शून्य + नया मतदान 55(3) — SEC की अनुज्ञा बिना गणना प्रारम्भ नहीं ✅ §2.1, §10-क
56 अभ्यर्थी की मृत्यु पर स्थगन केवल मान्यताप्राप्त दल के अभ्यर्थी पर; दल को 5 दिन ✅ [EVM/hi 09 §9.0-क]
🆕 57 गणना की तारीख, समय, स्थान 🚨 "at least one week before the date fixed for the POLL" — मतदान से, गणना से नहीं। प्रत्येक अभ्यर्थी या निर्वाचन अभिकर्ता को लिखित सूचनापरन्तुक — बदलना पड़े तो पुनः लिखित सूचना ✅ §2 मद 4
58 गणन अभिकर्ता संख्या-सीमा · दो प्रतियाँ · तीन शर्तों बिना प्रवेश नहीं ✅ §6.1–§6.7
🆕 59 गणन पर्यवेक्षक/सहायक की नियुक्ति 🚨 "with the previous approval of the District Municipal Election Officer" — RO अकेले नहीं नियुक्त कर सकता 🆕 नीचे
60 गणना-स्थल में प्रवेश चार वर्ग · 60(2) — अवचार पर हटाया जाना ✅ §8
🆕 61 मतदान की गोपनीयता 🚨 "Every officer, clerk, agent or other person who performs any duty in connection with the recording OR COUNTING of votes"अभिकर्ता भी इसी के अधीन है 🆕 नीचे
🆕 65 गणना लगातार होगी अंतराल में पैकेट RO की सील + इच्छुक अभ्यर्थी/एजेंट की सील · "sufficient precaution for their custody" 🆕 नीचे · §13
66 परिणाम पत्रक (प्ररूप 21) पांच अंतर्वस्तुएँ; (iii)–(v) अधिसूचना 19.02.2019 से ✅ §11
67 घोषणा एवं पुनर्गणना frivolous and unreasonable · नियम 64 के अनुसार · reasonable opportunity ✅ §12, §12-क
68 परिणाम की घोषणा वार्डवार प्ररूप 22 में रिटर्न ✅ §11
69 शपथ 🔴 कलक्टर अथवा उसके नामनिर्दिष्टी के समक्ष ✅ [BALOTRA §5-क]
70 गणना के समय नष्ट/खोना RO की अभिरक्षा में — नियम 55 से भिन्न ✅ ऊपर
71 निर्वाचित को प्रमाण-पत्र प्ररूप 23 ✅ §11
72 परिणामों का प्रकाशन नियम 68 के अधीन विवरण SEC को, राजपत्र प्रकाशन हेतु — यही आदेश 1374 का आधार ✅ परिशिष्ट
73 अभिरक्षा परन्तुक → मशीनें SEC के निर्देशानुसार → आदेश 2285 ✅ §20, §20-ख
76 परिसर/वाहन अधिग्रहण जिला नगरपालिका निर्वाचन अधिकारी का अधिकार — "storage of ballot boxes after a poll" भी ℹ️ DEO-स्तर
77 मुद्रण/लिपिकीय भूल कारण लेखबद्ध करके विनिश्चय ✅ [EVM/hi 09 §10.4]

— अध्याय 3-क के (-क वाले) नियम —

नियम सारभूत बात मॉड्यूल में
46-क डाक मतपत्र · 46-क(6)(ख) — अनुप्रमाणन ✅ §9.2-क
62-क (2) 🚨 एजेंट को सील निरीक्षण का अधिकार · (3) RO का समाधान · (4) छेड़छाड़ → नियम 55 ✅ §13, §14
63-क (1) समाधान पहले, गणना बाद · (2)(ख) हस्ताक्षर · (3) निविदत्त कभी नहीं गिने जाएंगे ✅ §10-क, §10.5
63-ख पुनः सीलबंद · पांच विवरण बक्से पर ✅ §17.2
64-क 🔴 परन्तुक — प्ररूप 16-घ के अनुसार न हो तो नामंजूर ✅ §9.4-ख
74-क (1)(ख) विधिमान्य/प्रतिक्षेपित/रद्द एक ही वर्ग · (2) 63-ख की CU भी न्यायालय के आदेश बिना नहीं ✅ §9.7-क, §18
75-क निर्वाचन कागज़ों का व्ययन ✅ पूर्व पास में

🆕 तीन नयी बातें — नियम 59, 61, 65

🔴 नियम 59 — गणन स्टाफ RO अकेले नहीं लगा सकता

"59. Appointment of counting supervisor and counting assistants.— Subject to the provision of rule 77, the returning officer may with the previous approval of the District Municipal Election Officer, appoint as many counting supervisors and counting assistants as may be needed by him to assist him in the counting."

🚨 यह नियुक्ति पूर्व-अनुमोदन मांगती है। गणना-दिवस पर स्टाफ बदलना पड़े तो भी DEO का पूर्व-अनुमोदन लिया जाए — मौखिक हो तो बाद में लिखित में पुष्ट करा लें।

ℹ️ एक संदर्भ-लटकन, यथावत् दर्ज: नियम 59 "Subject to the provision of rule 77" से प्रारम्भ होता है, जबकि नियम 1994 में नियम 77 का विषय "नामावली की मुद्रण/लिपिकीय भूल" है (दोनों पाठ मैंने स्वयं पढ़े; नियमों में कोई दूसरा नियम 77 नहीं है)। इस पर कोई कार्यवाही न करें — क्रियात्मक अपेक्षा "DEO का पूर्व-अनुमोदन" है, और वह स्पष्ट है।

🔴 नियम 61 — गोपनीयता का दायित्व अभिकर्ता पर भी है

"61. Maintenance of secrecy of voting.— Every officer, clerk, agent or other person who performs any duty in connection with the recording or counting of votes at an election shall maintain and aid in maintaining the secrecy of voting and shall not communicate to any person any information calculated to violate such secrecy."

🚨 तीन बातें: (1) यह केवल कार्मिकों पर नहीं — "agent" स्पष्ट रूप से शामिल है। (2) "recording or counting" — यही वह शब्द है जो लोप्रअ की धारा 128 को गणना-हॉल तक ले जाता है। (3) यही प्ररूप 19 की घोषणा का पाठ है (§6.7) — नियम और प्ररूप एक ही बात कहते हैं।

🔴 नियम 65 — गणना रोकनी पड़े तो

"65. Counting to be Continuous.— The returning officer shall as far as practicable proceed continuously with the counting and shall, during any interval when the counting has to be suspended, keep the ballot paper packets and all other papers relating to election sealed with his own seal and the seal of such candidate or election agent as may desire to affix their seal and take sufficient precaution for their custody during such interval."

यही §13 [2292 पैरा 23] का विधिक आधार है। §13 में "पृथक कमरा, RO की सील + अभ्यर्थियों की सील, विकल्पतः अभ्यर्थी अपने ताले" — यह सब नियम 65 के "sufficient precaution" का व्यावहारिक रूप है। 🚨 ध्यान दें — नियम "as far as practicable" कहता है; अर्थात् रोकना वर्जित नहीं, किन्तु रोकते ही सीलबंदी अनिवार्य हो जाती है।