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मतदान दिवस — ईवीएम के अतिरिक्त प्रक्रियाएं

पीठासीन अधिकारी हेतु · नगरपालिका आम चुनाव 2026 (राजस्थान)

सावधान — पहचान दस्तावेज की सूची बदल चुकी है। मार्गदर्शिका का परिशिष्ट-16 (आदेश 603 दिनांक 19.01.2026) को आयोग ने आदेश 5310 दिनांक 30.07.2026 द्वारा अधिक्रमित कर दिया है। लागू सूची, तथा तीन नई शर्तें — चुनाव की घोषणा से पूर्व जारी, मूल दस्तावेज, और कालातीत अवधि अंकित हो तो उसी अवधि तक मान्य — देखें 10 §1

स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग की मार्गदर्शिका 2026 — अध्याय 6, 7, 8, 11। संदर्भ चिह्न [MG अ.6] आदि; पृष्ठ-लिंक CITATIONS में। प्ररूपों के चित्र: Forms, Formats and Figures — the training image library

यह फाइल पूर्व में GAPS §5 में दर्ज रिक्ति को भरती है — मतदाता पहचान, आक्षेपित मत, दृष्टिहीन/शिथिलांग मतदाता, निविदत्त मत, मतदान समाप्ति एवं लिफाफों का पूर्ण विवरण


§1 — मतदाता की पहचान [MG अ.6(1)]

  1. दस्तावेजी पहचान अनिवार्य है। मतदाता EPIC (मतदाता फोटो पहचान पत्र) प्रस्तुत करे; EPIC न हो तो आयोग द्वारा विनिर्दिष्ट अन्य फोटोयुक्त दस्तावेज (🚨 आदेश 5310 दिनांक 30.07.2026 — परिशिष्ट-16 अधिक्रमित)। प्रथम मतदान अधिकारी को स्वयं संतुष्ट होना आवश्यक है।
  2. अशासकीय पहचान पर्ची (जो अभ्यर्थी/अभिकर्ता देते हैं): - 🚫 उस पर किसी अभ्यर्थी का नाम, दल का नाम या चुनाव चिन्ह नहीं होना चाहिए - यह पहचान की गारंटी नहीं है और इससे कोई मतदान अधिकारी अपने कर्तव्य से मुक्त नहीं होता - 🚨 PO-1 पर्ची से केवल क्रम संख्या पढ़ेपर्ची में अंकित नाम व अन्य विवरण न पढ़े - फिर मतदाता से उसका नाम व आवश्यक हो तो अन्य विशिष्टियां जोर से बुलवाए, ताकि सुनिश्चित हो कि पर्ची लाने वाला ही सही मतदाता है - पूरा समाधान न हो तो व्यक्ति को पीठासीन अधिकारी के समक्ष भेजा जाए - 🚨 प्रतिरूपण सिद्ध हो जाए तो पीठासीन अधिकारी ऐसे निर्वाचक को पुलिस के हवाले करने में बिल्कुल न हिचकिचाए
  3. 🚨 महिला निर्वाचकों, विशेषकर पर्दाधारी महिलाओं की पहचान हेतु किसी महिला मतदान अधिकारी या कर्मचारी की नियुक्ति की जानी चाहिए।
  4. मतदान अभिकर्ता मृत/अनुपस्थित/जाली मतदाताओं की सूची ला सकते हैं। उस सूची के किसी व्यक्ति के दावा करने पर दस्तावेजों के आधार पर कड़ाई से पहचान की जाए; संदेह हो तो निर्णय पीठासीन अधिकारी को सौंपें
  5. मुद्रण/लिपिकीय त्रुटि: नामावली में विवरण अशुद्ध होने में मतदाता का दोष नहीं होता। 🚨 केवल मुद्रण या लिपिकीय त्रुटि के आधार पर किसी सही मतदाता को मताधिकार से वंचित नहीं करना चाहिए। पीठासीन अधिकारी समाधान करे कि प्रविष्टि उसी व्यक्ति से संबंधित है, कारण लिखित रूप से अंकित करे, और ऐसे प्रत्येक मतदाता के बारे में चिन्हित प्रति में स्याही से प्रविष्टि नोट करे।

§2 — आक्षेपित मत / Challenged Vote [MG अ.6(2)]

2.1 चुनौती स्वीकार करने की शर्त

  • चुनौती प्रथम मतदान अधिकारी के पास दी जाती है; वह मतदाता को पीठासीन अधिकारी के पास भेजेगा।
  • 🚨 चुनौती तब तक स्वीकार न करें जब तक चुनौती कर्ता नगद ₹2/- जमा न करा दे।
  • राशि मिलने पर परिशिष्ट-13 (चैलेंज फीस की रसीद) के प्ररूप में रसीद दें
  • जिसकी पहचान चुनौती दी गई है उसे प्रतिरूपण की शास्ति समझाएंपरिशिष्ट-1, जिसमें भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 172(घ) एवं धारा 174(च) के उद्धरण हैं।
  • नामावली में उससे सम्बन्धित प्रविष्टि पूरी पढ़ें और पूछें कि क्या वह वही व्यक्ति है।

2.2 संक्षिप्त जांच का क्रम 🚨

प्ररूप-13 में नाम व पता दर्ज → उस व्यक्ति के हस्ताक्षर लें
        ▼
पहले चुनौती कर्ता सिद्ध करे कि व्यक्ति असली मतदाता नहीं है
        ├─ प्रथम दृष्ट्या साक्ष्य देने में असमर्थ  → चुनौती नहीं मानी जाएगी → मत देने दें
        └─ प्रथम दृष्ट्या सिद्ध कर दे
                 ▼
        अब मतदाता से खण्डन का साक्ष्य मांगें
                 ├─ दावा सिद्ध कर दे  → मत देने की अनुमति
                 └─ असफल             → चुनौती सिद्ध मानी जाएगी
  • जांच में पड़ौसी या उपस्थित किसी अन्य व्यक्ति से सही तथ्य जानने के लिए आप स्वतंत्र हैं
  • 🚨 चुनौती देने वाले को व साक्ष्य देने वाले को शपथ दिलाएं।
  • चुनौती सफल → मत देने से वर्जित करें, ड्यूटी पर तैनात पुलिस को सौंपें, और क्षेत्र के थानाधिकारी को शिकायती पत्र (परिशिष्ट-9) भेजें।

2.2-क 🔴 परिशिष्ट-9 (थाना अधिकारी को शिकायती पत्र) — अब स्वयं पढ़ लिया गया (23.08.2026)

मैंने पृष्ठ-चित्र MG_annex_pdf119_printed115.png स्वयं पढ़ा। दो बातें निकलीं।

🔴 1. पत्र निरसित भा.दं.सं. 1860 की धारा 171-च लिखता है

पत्र का अंतिम वाक्य —

"अतः आप से निवेदन है कि आप भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 171-च के अधीन अपेक्षित आवश्यक कार्यवाही करे।"

यह उसी बात की पुष्टि है जो 10 §1.0-क में पहले से दर्ज थी — अब वह कथन स्वयं पढ़कर सत्यापित है, अनुमान पर नहीं।

🚨 क्या करें: पत्र पर "171-च" काटकर भारतीय न्याय संहिता की धारा 172 / 174 लिखें — आयोग का अपना आदेश 5310 दि. 30.07.2026 यही कहता है। (भा.दं.सं. 1860 निरसित हो चुकी है।)

🔴 2. पत्र में दूसरा पृष्ठांकन-खण्ड है — RO को प्रति

हस्ताक्षर के बाद एक अलग खण्ड छपा है —

"प्रति नगरपालिका … के रिटर्निंग ऑफिसर और … को प्रेषित।"हस्ताक्षर: पीठासीन ऑफिसर

🚨 अर्थात् पत्र केवल थानाधिकारी को नहीं जाता — उसकी एक प्रति RO को भी जाएगी, और उस पर भी पीठासीन अधिकारी के अलग हस्ताक्षर होंगे। ऊपर §2.2 में यह नहीं था।

भरने वाले खाने

खाना क्या
विषय नगरपालिका · वार्ड संख्या · मतदान केन्द्र का सं. और नाम · मतदान की तारीख
अभ्याक्षेपकर्ता नाम · पिता का नाम · निवास
छद्मवेशी वह किस नाम से दावा कर रहा था · 🔴 नामावली की भाग संख्या एवं क्रम संख्या
किसे सुपुर्द किया जिस पुलिस अधिकारी को सौंपा गया
निष्कर्ष "यह व्यक्ति यह साबित नहीं कर सका कि वह उक्त निर्वाचक है। मेरे विचार में वह छदमवेशी हैं।"

2.3 चुनौती राशि का निपटारा

स्थिति कार्यवाही
चुनौती सही पाई गई राशि जब्त; प्ररूप-13 के स्तम्भ 9 में तथा रसीद बुक के प्रतिपर्ण पर हस्ताक्षर/अंगूठे के बजाय ‘जब्त’ शब्द प्रविष्ट करें
चुनौती सही नहीं पाई गई राशि वापस लौटाएं; स्तम्भ 9 व रसीद के प्रतिपर्ण पर प्राप्ति रसीद लेकर लौटाएं

सूची: प्ररूप-13 → लिफाफा E-7 (सीलबन्द) · रसीद बुक → लिफाफा E-14 (सील नहीं)

2.3-क 🔴🔴 ₹2 जब्त कब होगा — मार्गदर्शिका और नियम 43(5) एक सी बात नहीं कहते (23.08.2026)

ऊपर की §2.3 की तालिका मार्गदर्शिका को ज्यों-का-त्यों देती है — वह सही है। यह हमारी त्रुटि नहीं है। भिन्नता मार्गदर्शिका और नियम के बीच है। दोनों पाठ मैंने स्वयं पढ़े।

स्रोत जब्त कब वापस कब
मार्गदर्शिका अ.6(2) पैरा 3 (मुद्. पृ. 44) "यदि चुनौती सही पाई गई है तो चुनौति राशि को जब्त कर लिया जावें" "यदि चुनौती सही नहीं पाई गई है … वापिस लौटा दिया जावें"
🔴 नियम 43(5) "if the presiding officer is of the opinion that the challenge is FRIVOLOUS or has not been made in GOOD FAITH" 🔴 "and in ANY OTHER CASE, he shall return the deposit to the challenger"

🔴 यह क्यों महत्वपूर्ण है — सबसे आम मामले में दोनों उलटी दिशा में जाते हैं

स्थिति मार्गदर्शिका नियम 43(5)
चुनौती सिद्ध — व्यक्ति सचमुच प्रतिरूपक निकला जब्त वापस — ऐसी चुनौती न तो तुच्छ है, न दुर्भावनापूर्ण
चुनौती विफल, किन्तु ईमानदार ✅ वापस ✅ वापस — दोनों सहमत
चुनौती तुच्छ/दुर्भावनापूर्ण ✅ वापस ("सही नहीं पाई गई") जब्त

🚨 अर्थात् मार्गदर्शिका के अनुसार चलने पर उस चुनौतीकर्ता की राशि जब्त हो जाएगी जो सही निकला — यह निक्षेप के पूरे प्रयोजन के विपरीत है (निक्षेप तुच्छ चुनौतियों को रोकने के लिए है)।

✅ कौन-सा प्रभावी है

प्रश्न उत्तर
क्या नियम 43 ईवीएम मतदान पर लागू है? हाँ — नियम 77-क की अपवाद-सूची (30–32, 34, 35, 37, 38, 40, 44–50, 54, 62–64, 74, 75) में 43 है ही नहीं
क्या मार्गदर्शिका नियम को बदल सकती है? नहीं — मार्गदर्शिका मार्गदर्शन है, विधि नहीं
आयोग का अपना प्रपत्र क्या कहता है? 🔴 परिशिष्ट-13 का प्रतिपर्ण स्वयं "नियम 43(5) के अन्तर्गत" लिखता है — अर्थात् रसीद बुक स्वयं नियम 43(5) पर बनी है

🚨 मेज पर क्या करें

  1. नियम 43(5) की कसौटी लगाएँ — पूछें: "क्या यह चुनौती तुच्छ (frivolous) थी या सद्भावना में नहीं दी गई थी?" — हाँ तो जब्त, अन्यथा वापस
  2. अपना निर्णय प्ररूप-13 के स्तम्भ 8 ("पीठासीन अधिकारी का आदेश") में कारण सहित लिखें। जब्त करें तो "तुच्छ/सद्भावना में नहीं" शब्द लिखें — यही नियम की भाषा है।
  3. 🔴 DEO से लिखित में स्पष्टीकरण मांगें — प्रशिक्षण से पहले। यह आयोग की अपनी मुद्रित मार्गदर्शिका का प्रश्न है; कक्षा में अकेले खण्डन न करें — लिखित उत्तर लेकर चलें।
  4. राहत: ₹2 की बात है और सबसे आम मामले (ईमानदार पर विफल चुनौती) में दोनों रास्ते एक ही जगह पहुँचते हैं — वापसी। टकराव केवल दो छोर पर है।

ℹ️ परिशिष्ट-13 की रसीद बुक दो भागों की है (प्रतिपर्ण + रसीद), और प्रतिपर्ण पर दो अलग खाने हैं — (1) "सरकार के पक्ष में धनराशि जब्त की जाती है"PRO के हस्ताक्षर; (2) "नियम 43(5) के अन्तर्गत 2 रूपये मात्र वापस प्राप्त किये"चुनौतीकर्ता के हस्ताक्षर। पाद-टिप्पणी: "जो अनुकल्प लागू न हो से काट दीजिये।"



§3 — दृष्टिहीन व शिथिलांग मतदाता [MG अ.7]

  1. यदि समाधान हो जाए कि दृष्टिहीनता या शिथिलांगता के कारण मतदाता प्रतीक पहचानने या बटन दबाने में असमर्थ है, तो 18 वर्ष से अन्यून आयु का एक साथी मतदान कक्ष में ले जाने की अनुमति दें। - 🚨 किसी भी व्यक्ति को एक दिन में एक से अधिक निर्वाचक के साथी के रूप में कार्य करने की अनुमति न दी जाए - साथी घोषणा करे कि वह मत गुप्त रखेगा और किसी अन्य निर्वाचक का साथी नहीं बना — प्ररूप परिशिष्ट-12 - अभिलेख प्ररूप-12 (दृष्टिहीन और शिथिलांग निर्वाचकों की सूची) में - प्ररूप-12 + घोषणाएं → लिफाफा E-14; ⚠️ यह लिफाफा सील बंद नहीं होगा
  2. 🚨 केवल निरक्षर होना साथी की अनुमति के लिए पर्याप्त नहीं है। साथी की अनुमति केवल दृष्टिहीनता या अंग शिथिलता के कारण दी जाए।
  3. पीठासीन अधिकारी ऐसी सहायता देगा जो अपेक्षित हो, किन्तु मत की गोपनीयता बनाये रखी जाएगीनई मॉडल की मशीनों के बैलट यूनिट में दायीं ओर ब्रेल लिपि में अभ्यर्थियों के क्रमांक होते हैं जिससे दृष्टिहीन मतदाता स्वयं मत दे सकते हैं — फिर भी वे नियमों के अन्तर्गत साथी की सहायता के हकदार हैं
  4. हस्ताक्षर/अंगूठा: रजिस्टर में हस्ताक्षर करने में असमर्थ हो तो बांये हाथ के अंगूठे का निशान। अमिट स्याही — कोई अंगुली न हो तो बांई या दांई बाँह के छोर पर (मार्गदर्शिका में नियम 35(3)(ख) उद्धृत)कोई अंगुली/अंगूठा न हो → मतदाता स्वयं मत रिकार्ड नहीं कर सकेगा, साथी आवश्यक; ऐसे मामले में साथी के हस्ताक्षर/अंगूठा निशानी रजिस्टर में लें और पीठासीन अधिकारी प्रविष्टि के सामने नोट लिखे

⚠️ मार्गदर्शिका के भीतर एक असंगति: अध्याय-2 में अमिट स्याही हेतु नियम 35क(2)(क)/(ख) उद्धृत है, जबकि अध्याय-7 में नियम 35(3)(ख)नियम 77-क के अनुसार ईवीएम प्रयोग में नियम 35 अधिक्रमित होकर 35-क लागू होता है। आयोग से स्पष्ट कराएं — देखें GAPS।


§4 — निविदत्त मत / Tender Vote [MG अ.8(1)]

कब: जब असली मतदाता की जगह कोई फर्जी मतदाता मत देकर चला जाए और बाद में असली मतदाता आए — उसे मशीन से मत रिकार्ड करने के बजाय ‘टेण्डर मतपत्र’ दिया जाएगा। दूसरा मतदाता असली है या फर्जी, यह पोलिंग एजेंटों की सहायता से आपको तय करना है।

# प्रक्रिया
1 निविदत्त मतपत्र वही मतपत्र होगा जो मतदान यूनिट में लगा है; अन्तर केवल यह कि उसकी पीठ पर ‘निविदत्त मतपत्र’ स्टाम्पित करें और स्टाम्प न हो तो हाथ से लिखकर नीचे हस्ताक्षर करें
2 🚨 मतदान केन्द्र पर बीस (20) निविदत्त मतपत्र दिए जाएंगे; कम पड़ें तो जोनल मजिस्ट्रेट को बताएं
3 जारी करने से पूर्व पहचान हेतु प्रश्न पूछ सकते हैं; समाधान होने पर ही बांये हाथ की तर्जनी पर अमिट स्याही लगवाएं
4 फिर प्ररूप 14-ख (निविदत्त मतों की सूची) में प्रविष्टि कर मतदाता के हस्ताक्षर/अंगूठा लें — इसके पश्चात ही मतपत्र जारी करें
5 जारी करने से पूर्व मतपत्र की पीठ पर सुभिन्नकारी चिन्ह की मोहर भी लगाएं — इसमें ऊपर वार्ड का क्रमांक, नीचे मतदान केन्द्र का क्रमांक अंकित होता है
6 निर्वाचक को स्याही लगी ऐरोक्रॉस मार्क सील दी जाएगी; वह अभ्यर्थी के प्रतीक पर या नोटा के निर्धारित प्रतीक के पास अपना मत चिन्हित करेगा
7 मतदाता चिन्हित कर मोड़कर पीठासीन अधिकारी को देगा, जो उसे लिफाफा E-5 में रखेगा; मतदान समाप्ति के पश्चात यह लिफाफा सीलबन्द किया जाएगा
8 प्ररूप 14-ख मतदान समाप्ति के बाद पृथक लिफाफा E-6 में रखकर सीलबन्द करें
9 प्ररूप 14-ग के भाग 1 की मद संख्या 8 में समस्त निविदत्त मतपत्रों का सही लेखा रखें (नमूना: परिशिष्ट-8)
10 दृष्टिहीनता/शिथिलांगता के कारण स्वयं चिन्हित न कर सके → अध्याय-7 की प्रक्रिया से साथी की अनुमति

🚨 निविदत्त मतपत्रों के प्रकरण आप स्वयं ही निपटाएं।


§5 — मतदान की समाप्ति [MG अ.11(1)]

  1. नियम 25 के अधीन नियत समय पर मतदान केन्द्र बन्द करें; उसके बाद किसी मतदाता को प्रवेश न दें
  2. 🚨 नियत समय से कुछ मिनट पूर्व — केन्द्र की सीमा के अन्दर प्रतीक्षा कर रहे सब व्यक्तियों के समक्ष घोषणा करें कि उन्हें बारी-बारी से मत रिकार्ड करने की अनुमति दी जाएगी, और प्रत्येक को एक पर्ची दें जिस पर आपके पूर्ण हस्ताक्षर एवं क्रम संख्या अंकित हो।
  3. 🚨 पर्चियाँ पंक्ति के अंतिम छोर से बांटना प्रारम्भ कर अग्रिम भाग तक बांटें — तभी यह प्रभावी ढंग से सुनिश्चित होगा कि समाप्ति के बाद कोई अन्य व्यक्ति पंक्ति में सम्मिलित न हो। पुलिस/कर्मचारियों को इसकी हिदायत दें।
  4. नियत समय के बाद भी मतदान तब तक जारी रखें जब तक ऐसे समस्त मतदाता मत न दे दें।
  5. सबके मतदान के पश्चात मतदान समाप्ति की विधिवत घोषणा करें; तत्पश्चात किसी भी परिस्थिति में किसी को मत देने की अनुमति न दें

§6 — नियंत्रण यूनिट बन्द करना [MG अ.11(2)]

  1. अन्तिम मतदाता के मत रिकार्ड करने के पश्चात ‘Close’ बटन दबाएं। डिस्प्ले पैनल मतदान के अन्त तक रिकार्ड मतों की कुल संख्या दिखाएगा — 🚨 यह संख्या तत्काल प्ररूप 14-ग के भाग 1 की मद 5 में नोट करें
  2. ‘Close’ बटन परिणाम सेक्शन के कक्ष पर है; दबाने के बाद प्लास्टिक कैप वापस लगाएं
  3. 🚨 एक बार ‘Close’ दबाने के बाद मशीन आगे कोई मत स्वीकार नहीं करेगी — अतः पूर्णतया निश्चित हो लें कि नियत समय पर उपस्थित कोई निर्वाचक मत देने से वंचित नहीं रहा
  4. ‘Close’ तभी कार्य करेगा जब CU का ‘Busy’ लैम्प चालू न हो। यदि ‘Busy’ चालू रह जाए — अन्तिम निर्वाचक के मत के बाद भूलवश ‘Ballot’ दब जाने से, या ‘Ballot’ दबाने के बाद निर्वाचक के मत रिकार्ड कराने से इन्कार करने से — तो:

नियंत्रण यूनिट को मतदान यूनिट(यों) से सम्बन्ध विच्छेद करें ▼ कन्ट्रोल यूनिट का ‘पावर स्विच’ दुबारा चालू करें ▼ ‘Busy’ लैम्प बुझ जाएगा और ‘Close’ बटन क्रियाशील हो जाएगा


§7 — रिकार्ड किये गये मतों का लेखा (प्ररूप 14-ग) [MG अ.11(3)]

  • नियम 49क के अधीन मतदान समाप्ति के पश्चात प्ररूप 14-ग के भाग 1 में लेखा तैयार करें।
  • कुल संख्या ‘Total’ बटन से अभिनिश्चित करें; आवश्यक हो तो दोबारा दबाएं

🚨 मिलान का सूत्र — परिशिष्ट-8 (प्ररूप 14-ग का भरा हुआ नमूना) से पुष्ट

(परिशिष्ट-8, मुद्रित पृष्ठ 113 — 21.08.2026 को पढ़ा गया। पहले यहाँ केवल एक घटाव दर्ज था; प्रपत्र में दो पृथक घटाव-मदें हैं।)

मद 5 = मद 2 − मद 3 − मद 4

नमूने के अंक: 807 = 815 − 5 − 3

मद शीर्षक (प्रपत्र का मूल पाठ) कौन गिने जाएंगे नमूना
1 मतदान केन्द्र के लिए नियत निर्वाचकों की कुल संख्या नामावली के कुल मतदाता 1020
2 मतदाता रजिस्टर (प्ररूप 14-क) में दर्ज मतदाताओं की कुल संख्या स्तम्भ (1) का अन्तिम क्रमांक 815
3 ✏️ प्ररूप के अपने शब्द: "No. of voters deciding not to record votes under rule 45A" (23.08.2026 को रिक्त प्ररूप 14-ग से सुधारा — "अनुज्ञात नहीं" वाली भाषा मद 4 की है)
🔴 नियम 45-क स्वयं विलोपित है — केवल लेबल → 08 §1.1
🚨 "No Vote" — जिन्होंने हस्ताक्षर कर दिए पर स्वयं मत नहीं डाला 5
4 नियम 35-क या 37-क के अधीन मतदान करने के लिए अनुज्ञात न किये गए मतदाताओं की संख्या 🚨 जिन्हें आपने मत नहीं देने दिया — स्याही/हस्ताक्षर से इन्कार (35-क) या विहित प्रक्रिया/गोपनीयता भंग (37-क) 3
5 मतदान मशीन के अनुसार रिकार्ड किये गये मतों की कुल संख्या Total बटन का अंक 807
6 क्या मद 5 = (मद 2 − मद 3 − मद 4) से मेल करती है, या फर्क पाया गया हाँ / फर्क का विवरण हाँ मेल करती है
7 नियम 44-क के अधीन निविदत्त मतपत्र जारी किए गए मतदाताओं की संख्या 6
8 निविदत्त मतपत्रों की संख्या — (क) प्राप्त · (ख) जारी · (ग) प्रयुक्त न किए और वापस क्रम संख्या "से … तक" 0081–0100 / 0081–0086 / 0087–0100
9 पेपर सीलों का लेखा — नीचे देखें 002567–002570

"No Vote" वाली मद 3 — मार्गदर्शिका का निर्देश 🚨

"ऐसे मतदाता जो मतदाता रजिस्टर में हस्ताक्षर कर देते है एवं मतदान प्रकोष्ठ में जाकर मतदाता मशीन पर मत नहीं डालना चाहते है, ऐसे मतदाता को अपना वोट नोटा में डालने के लिए पीठासीन अधिकारी के द्वारा प्रेरित किया जायें। यदि फिर भी मतदाता अपना वोट नहीं डाले तो … मतदाता रजिस्टर में … मतदाता को No Vote से इंगित कर लिया जावें। ऐसे मतदाताओं की संख्या पीठासीन अधिकारी प्ररूप 14-ग के बिन्दु संख्या 3 … पर अंकित करेंगा।" [MG अ.1 — महत्वपूर्ण बॉक्स]

दोनों दशाओं (मद 3 व मद 4) में: अभ्युक्ति स्तम्भ में प्रविष्टि · स्तम्भ (1) की क्रम संख्या नहीं बदलेगी · मद 4 की दशा में नोट के नीचे पीठासीन अधिकारी के पूर्ण हस्ताक्षर [MG अ.3(8)10]।

7.1 प्ररूप 14-ग का शीर्ष-भाग — जो भरना भूला जाता है 🚨

… क ख ग … नगरपालिका बोर्ड / नगरपरिषद् / निगम के लिए      वार्ड सं. ______
मतदान केन्द्र की संख्या और नाम ________________________
निर्वाचन नामावली का भाग संख्या _______
मतदान केन्द्र में प्रयुक्त मशीन का पहचान संख्यांक
        नियंत्रण यूनिट ______________   (नमूना: RJSCU123456)
        मतदान यूनिट  ______________   (नमूना: RJSBU123789)

दोनों यूनिटों के पहचान संख्यांक प्ररूप 14-ग के शीर्ष में अनिवार्य हैं। (MPSV में CU दो सीरियल दिखाता है — SDMM वाला और मतदान-दिवस वाला; देखें 08 §8.5)

7.2 मद 9 — पेपर सीलों का लेखा (उप-मदें) [परिशिष्ट-8]

उप-मद विवरण नमूना
1 प्रदाय की गई पेपर सीलों के क्रम संख्यांक 002567 से 002570 तक
2 प्रदाय की गई सीलों की कुल संख्या 4
3 प्रयुक्त पेपर सीलों की संख्या (और उसका क्रमांक) 1 (002567)
4 रिटर्निंग आफिसर को वापस की गई अप्रयुक्त पेपर सीलों की संख्या (मद 2 − मद 3) 3
5 नष्ट हुई कागज की सीलों का क्रम संख्यांक, यदि कोई हो

नीचे: मतदान अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर (1–6) · तारीख · स्थान · पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर · मतदान केन्द्र संख्या

7.3 भाग-2 — मतगणना का परिणाम (मतगणना के दिन भरा जाता है) [परिशिष्ट-8]

क्र.सं. अभ्यर्थी का नाम रिकार्ड किये गये मतों की संख्या
1–9 क, ख, ग, घ, ङ, च, छ, ज, झ 315, 206, 4, 5, 115, 56, 8, 46, 52
नोटा (इनमें से कोई नहीं) (पृथक पंक्ति)
योग 9 807

प्रश्न: "क्या उपर दर्शित मतों की कुल संख्या भाग 1 की मद सं. 5 के सामने दर्शित मतों की कुल संख्या से मेल करती है या उनके दोनों योगों में कोई फर्क दर्शित होता है।"

हस्ताक्षर: गणन पर्यवेक्षक · अभ्यर्थी/निर्वाचन अभिकर्ता/गणन अभिकर्ता (1–8) के पूर्ण हस्ताक्षर · रिटर्निंग अधिकारी

🚨 मतगणना मॉड्यूल के लिए: भाग-2 पीठासीन अधिकारी नहीं, गणना मेज पर गणन पर्यवेक्षक भरता है और रिटर्निंग अधिकारी हस्ताक्षर करता है; नोटा की पंक्ति पृथक है।

  • प्रपत्र का विधिक आधार: नियम 49-ग और 63-क(2)
  • भरा हुआ नमूना: परिशिष्ट-8 (पुष्टि: [MG अ.4-A मतदान समाप्ति बिन्दु 2] — "प्ररूप 14ग (परिशिष्ट 8) में नोट करें")
  • 🚨 पिंक पेपर सीलों का पृथक लेखा बनाने की आवश्यकता नहीं — पेपर सीलों का लेखा प्ररूप 14-ग भाग-1 की मद 9 में ही अंकित होता है (यही मद मतगणना के दिन छेड़छाड़ की जांच का आधार है — [2292 पैरा 16(1)])
  • दो प्रतियां: एक → लिफाफा E-9; दूसरी → पीठासीन अधिकारी की डायरी के साथ लिफाफा E-11ये लिफाफे सील नहीं किए जाएंगे।
  • उपस्थित कोई भी मतदान अभिकर्ता प्रति मांगे तो प्रमाणित करते हुए दें

§8 — मशीन को मुहरबन्द करना एवं घोषणा [MG अ.11(4)-(5)]

  1. लेखा तैयार कर व अभिकर्ताओं को प्रतियां देने के पश्चात मशीन सील करें।
  2. पहले BU व CU का सम्बन्ध विच्छेद करें, फिर CU का पावर स्विच बन्द करें; दोनों को संबंधित वहन बक्सों में रखें।
  3. प्रत्येक बक्से के दोनों तरफ के दो छिद्रों में से एक में धागा डालकर, निर्वाचन, मतदान केन्द्र व अन्तर्विष्ट यूनिट की विशिष्टियां दर्शाते एड्रेस टैग पर पीठासीन अधिकारी की मुहर सहित मुहरबन्द करें।
  4. मतदान यूनिट के ऊपर एड्रेस टैग पर उपस्थित एवं इच्छुक अभ्यर्थी/मतदान अभिकर्ता को हस्ताक्षर की अनुमति दें। एड्रेस टैगों पर विशिष्टियां साफ-साफ लिखी हों।
  5. घोषणा: समाप्ति के तुरन्त पश्चात मतदान समाप्ति की घोषणा करें; उपस्थित अभ्यर्थियों/निर्वाचन अभिकर्ताओं को बताएं कि वे बक्सों के एड्रेस टैग व मुहरबंद किए जा रहे कागजात पर अपनी सील/हस्ताक्षर लगा सकते हैं। ऐसे अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर परिशिष्ट-6 के भाग-3 में प्राप्त करें और उनके नाम भी घोषणा में नोट करें। हस्ताक्षर के पश्चात घोषणा लिफाफा E-10 में — ⚠️ सीलबन्द नहीं

§9 — 🚨 लिफाफों का पूर्ण विवरण (E-1 से E-14) [MG अ.11(6)-(7)]

प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिए प्रत्येक लिफाफा एक-एक ही तैयार होगा। 🚨 लिफाफा तैयार करते समय उन पर पृष्ठांकन करना न भूलें — पृष्ठांकन प्रविष्टियां पूर्ण रूप से लिखें।

9.1 सीलबन्द किए जाने वाले 8 लिफाफे (चपड़ी से)

📘 विधिक आधार — नियम 48-क (22.08.2026 को जोड़ा)

"48-A. Sealing of polling materials and other papers.— The presiding officer … as soon as practicable after the close of the poll, shall in the presence of any candidate or election agent or polling agent who may be present, make up into separate packets and seal with his seal and the seal of such candidates or agents as may desire to affix their seals:— (a) the marked copy of the electoral roll; (b) the tendered ballot papers; (c) the list of tendered votes; (d) the list of challenged votes; (e) the certificate in Form 16 produced by officers on election duty; (f) the register of voters in Form 14-A; (g) any other papers directed by the State Election Commission to be kept in a sealed packet."

🚨 सात मदें हैं, तीन नहीं। ये सात नीचे के सीलबंद लिफाफों (E-1…E-8) में जाती हैं — और यही वे कागज़ हैं जिन्हें नियम 74-क(1) न्यायालय के आदेश के बिना खोलने से रोकता है (देखें Counting/hi §लिफाफे)

⚠️ "अभ्यर्थी/एजेंट की उपस्थिति में" — यह शर्त नियम में है, छोड़ें नहीं।

लिफाफा अन्तर्वस्तु
E-1 निर्वाचक नामावलियों की चिन्हित प्रति
E-2 मतदाताओं का रजिस्टर (प्ररूप 14-क)
E-3 प्रयुक्त मतदाता पर्चियाँ
E-4 अप्रयुक्त निविदत्त मतपत्र
E-5 प्रयुक्त निविदत्त मतपत्र
E-6 निविदत्त मतों की सूची (प्ररूप-14ख)
E-7 अभ्याक्षेपित (चैलेन्जड) मतों की सूची (प्ररूप-13)
E-8 निर्वाचन ड्यूटी प्रमाण-पत्र

9.2 सील नहीं किए जाने वाले 6 लिफाफे

लिफाफा अन्तर्वस्तु
E-9 रिकार्ड किये गये मतों का लेखा (प्ररूप 14-ग) — एक प्रति
🔴 नियम 49-क(2): इस लिफाफे पर शब्द "Account of Votes Recorded" भी लिखें → §9-क
E-10 पीठासीन अधिकारी द्वारा मतदान प्रारम्भ से पूर्व, दौरान व समाप्ति पर की गई घोषणाएं एवं मॉकपॉल प्रमाण पत्र (परिशिष्ट-6 + परिशिष्ट-19)
E-11 पीठासीन अधिकारी की डायरी (परिशिष्ट-7) + प्ररूप 14-ग की दूसरी प्रति
E-12 सांख्यिक/ऑकडो की सूचना
E-13 अप्रयुक्त मतदाता पर्चियां
E-14 विविध कागजात — (1) दृष्टिहीन व शिथिलांग मतदाताओं की घोषणाएं (2) उनकी सूची (प्ररूप-12) (3) अप्रयुक्त एड्रेस टैग एवं स्पेशल टैग (4) पोलिंग एजेंटों की नियुक्ति (प्ररूप 9, 10) (5) मतदाता सूची की कार्यकारी प्रतियां (चिन्हित सूची से भिन्न) (6) चैलेंज फीस की रसीद बुक (7) अप्रयुक्त एवं क्षतिग्रस्त पेपर सीलें व स्ट्रिप सीलें

§9-क — 🔴 मतदान बंद होने की नियम-शृंखला — 47-क → 48-क → 49-क → 50-क (23.08.2026)

§5 से §9 तक सब कुछ मार्गदर्शिका से लिया गया है। उसका विधिक आधार यह चार नियम हैं — मैंने चारों का मूल पाठ ULB Manual से स्वयं पढ़ा। नीचे वही दिया गया है।

नियम क्या
47-क मशीन मुहरबंद करना
48-क कागज़ों के पैकेट मुहरबंद करना
49-क प्ररूप 14-ग का लेखा
50-क RO को सौंपना

🔴 नियम 47-क — सील लगाने वाले तीन वर्ग हैं, केवल मतदान अभिकर्ता नहीं

"(1) As soon as practicable after the closing of the poll, the presiding officer shall close the control unit … and shall detach the balloting unit from control unit. (2) The control unit and balloting unit shall thereafter be sealed and secured SEPARATELY in such manner as the State Election Commission may direct and the seal … shall be so fixed that it will not be possible to open the units without breaking the seals. (3) The polling agents or election agents or candidates present at the polling station, who desires to affix their seals, shall also be permitted to do so."

🚨 (3) में तीन वर्ग हैं — मतदान अभिकर्ता अथवा निर्वाचन अभिकर्ता अथवा अभ्यर्थी। केवल "पोलिंग एजेंट" कहकर अभ्यर्थी को मना न करें।

🔴 नियम 48-क का अंतिम वाक्य — यही सबसे ज्यादा छूटता है

"The presiding officer shall, after sealing all the packet, ENDORSE ON EACH PACKET A DESCRIPTION OF ITS CONTENTS."

§9 में यह चेतावनी पहले से है, किन्तु वह मार्गदर्शिका की सावधानी के रूप में थी। 🔴 अब जान लें — यह नियम की अपेक्षा है, सावधानी मात्र नहीं।

🔴 नियम 49-क(2) — लिफाफे पर ये शब्द लिखने हैं

"(1) The presiding officer shall at the close of the poll, prepare an account of votes recorded in Form 14-C. (2) The presiding officer shall place the account of votes recorded in a separate envelope and endorse on it the words "Account of Votes Recorded"."

🚨 यह मॉड्यूल में पहले नहीं था। लिफाफा E-9 पर केवल "E-9" लिख देना पर्याप्त नहीं — नियम शब्द मांगता है: "Account of Votes Recorded" (रिकार्ड किये गये मतों का लेखा)

नियम 50-क — RO को चार चीज़ें

# क्या
(i) मतदान मशीन
(ii) प्ररूप 14-ग का लेखा
(iii) नियम 48-क के अधीन सीलबंद पैकेट
(iv) 🚨 मतदान में प्रयुक्त अन्य सभी कागज़ात

50-क(2)"The returning officer shall make adequate arrangements for the safe transport of the voting machine, packets and other papers and for their safe custody UNTIL THE CONCLUSION OF THE COUNTING OF VOTES." ✅ यही वह कड़ी है जो मतदान-दिवस को गणना-दिवस से जोड़ती है — देखें Counting/hi §20

🚨 नियम 54-क(1) — स्थगन पर यही पूरी श्रृंखला चलेगी

"If the poll at any polling station is adjourned under rule 53, the provisions of rules 47A, 48A, 49A and 50A shall, as far as practicable, apply as if the poll was closed at the hour fixed in that behalf under rule 25."

🔴 अर्थात् स्थगन पर भी पूरी समापन-प्रक्रिया करनी है — मशीन बंद, BU पृथक, सील, पैकेट, पृष्ठांकन, 14-ग, RO को सौंपना — मानो मतदान नियत समय पर बंद हुआ हो। "बाद में करेंगे" का विकल्प नहीं है।

एक स्पष्टीकरण — सूची दो जगह है, एक जगह नहीं। 09 §9 की तालिका में लागू-नियमों की सूची नियम 55(5) से दी गई है — वह सही है। 🔴 और ठीक वही सूची नियम 54-क(5) में भी छपी है — स्थगित मतदान के लिए। अर्थात् स्थगन वाले खाने का भी अपना नियम है, वह केवल "वही सूची" नहीं है। दोनों पाठ मैंने स्वयं पढ़े।


§10 — एक पृष्ठ का सार

पहचान (EPIC / आदेश 5310 दि.30.07.2026) → चुनौती? → ₹2 + परि-13 रसीद → प्ररूप-13 → संक्षिप्त जांच (शपथ)
                                       └─ सिद्ध → पुलिस + परि-9 शिकायत → फीस जब्त ('जब्त')
दृष्टिहीन/शिथिलांग → साथी 18+ (दिन में एक बार) → परि-12 घोषणा → प्ररूप-12 → E-14 (सील नहीं)
फर्जी मत पहले पड़ चुका → निविदत्त मतपत्र (20 उपलब्ध) → स्याही → प्ररूप-14ख → हस्ताक्षर
      → 'निविदत्त मतपत्र' स्टाम्प + सुभिन्नकारी चिन्ह → ऐरोक्रॉस सील से चिन्हित → E-5 (सील)
समाप्ति → कुछ मिनट पूर्व घोषणा → पंक्ति के अंतिम छोर से पर्चियाँ → सबका मतदान → समाप्ति की घोषणा
      → 'Close' (Busy बंद हो तभी; न बुझे तो BU अलग कर पावर पुनः चालू)
      → कुल संख्या → प्ररूप 14-ग भाग 1 मद 5
      → मिलान: मशीन के मत = 14-क स्तम्भ(1) − गोपनीयता भंग पर अनुमति न दिए गए मतदाता
      → BU-CU अलग → पावर बंद → बक्सों में → धागा + एड्रेस टैग + PRO की मुहर
      → अभ्यर्थी/अभिकर्ता के हस्ताक्षर → परि-6 भाग-3 → E-10 (सील नहीं)
      → लिफाफे E-1…E-8 सीलबन्द · E-9…E-14 सील नहीं
      → 🔴 प्रत्येक पैकेट पर अंतर्वस्तु का विवरण [नि 48-क] · E-9 पर "Account of Votes Recorded" [नि 49-क(2)]