परीक्षण साइट ट्रस्ट-लेवल (प्रामाणिकता स्कोर) 99% यह कैसे बनी, और यह अंक क्यों →
निर्वाचन ज्ञानकोश › आधिकारिक स्रोतों में पुराने एवं त्रुटिपूर्ण संदर्भ — एक ही रजिस्टर

आधिकारिक स्रोतों में पुराने एवं त्रुटिपूर्ण संदर्भ — एक ही रजिस्टर

राजस्थान नगरपालिका आम चुनाव 2026 · DLMT हेतु

यह फ़ाइल क्यों है। प्रत्येक नियम, प्ररूप और परिशिष्ट को स्वयं पढ़ने पर एक बात बार-बार सामने आई — आयोग की अपनी मुद्रित सामग्री कहीं-कहीं ऐसे कानून का संदर्भ देती है जो अब है ही नहीं, या गलत प्रावधान का संदर्भ देती है। हर बात अपने-अपने मॉड्यूल में दर्ज है — किन्तु कक्षा में खड़े प्रशिक्षक को ये एक ही जगह चाहिए, क्योंकि यही वे प्रश्न हैं जो तेज़ प्रशिक्षणार्थी या एजेंट पूछता है।

⚠️ यह हमारी प्रशिक्षण-सामग्री की गलतियों की सूची नहीं है। नीचे हर मामले में हमारी सामग्री स्रोत को ज्यों-का-त्यों उद्धृत करती है। दोष ऊपर के स्तर पर है। जहाँ हमारी अपनी प्रस्तुति गलत थी, वह संबंधित मॉड्यूल में ✏️ चिन्ह के साथ सुधारी जा चुकी है — यहाँ नहीं।

नीचे की प्रत्येक प्रविष्टि पृष्ठ-चित्र या Manual के मूल पाठ से स्वयं पढ़ी गई है। संकलन 23.08.2026।


इस रजिस्टर का उपयोग कैसे करें

वर्ग अर्थ आप क्या करें
🔴 टकराव स्रोत वह करने को कहता है जो नियम मना करता है नियम मानें · DEO से लिखित में लें
🟠 निरसित/विलोपित निर्देश सही है, पर ऐसे कानून का संदर्भ है जो अब नहीं वही काम करें, वर्तमान प्रावधान लिखें
🟡 गलत संदर्भ गलत धारा/बिन्दु संख्या की ओर इशारा सही लिखें — और कुछ नहीं बदलता
मुद्रण-त्रुटि वर्तनी या छपाई की चूक कुछ नहीं — आधिकारिक प्रपत्र को "सुधारें" नहीं

🚨 कक्षा का स्वर्ण-नियम। 🟠 🟡 ⚪ के लिए आप केवल समझा दें। 🔴 के लिए मार्गदर्शिका का अकेले खण्डन न करें — DEO का लिखित उत्तर लेकर जाएँ।


🔴 वर्ग 1 — सारभूत टकराव (ये बदलते हैं कि आप क्या करेंगे)

1.1 ₹2 चुनौती राशि — जब्त कब होगी?

स्रोत जब्त कब
मार्गदर्शिका अ.6(2) पैरा 3 (मुद्. पृ. 44) "यदि चुनौती सही पाई गई है"
नियम 43(5) "if … the challenge is frivolous or has not been made in good faithand in any other case, he shall return the deposit"

सबसे आम मामले में दोनों उलटी दिशा में जाते हैं। यदि चुनौती सिद्ध हो गई — व्यक्ति सचमुच प्रतिरूपक निकला — तो मार्गदर्शिका कहती है जब्त, नियम कहता है वापस, क्योंकि ऐसी चुनौती न तो तुच्छ है न दुर्भावनापूर्ण।

नियम क्यों प्रभावी है: नियम 43 नियम 77-क की अपवाद-सूची में है ही नहीं, अतः ईवीएम मतदान पर ज्यों का त्यों लागू है; मार्गदर्शिका मार्गदर्शन है, विधि नहीं। 🔴 और आयोग का अपना परिशिष्ट-13 प्रतिपर्ण स्वयं "नियम 43(5) के अन्तर्गत" लिखता है — रसीद बुक नियम पर ही बनी है।

पूरा विवरण: EVM/hi 07 §2.3-क · DLMT मद 1-ह्म 🚨 कार्यवाही: प्रशिक्षण से पहले DEO से लिखित स्पष्टीकरण।

1.2 आदेश 1418 का परिशिष्ट-4 — "पदों की संख्या दो है"

वह अनुदेश-पत्र जो निरुद्ध मतदाता को भेजा जाता है, उसके मद (क) में लिखा है "निर्वाचित किये जाने वाले पदों की संख्या दो है। आपको प्रत्येक पद के लिए केवल एक मत देना है।" — जबकि उसी पत्र के मद (ग) में लिखा है कि एक से अधिक को मत देने पर मतपत्र अस्वीकृत कर दिया जायेगा।

प्ररूप 16-घ, आदेश 1891 और एक-वार्ड-एक-सदस्य की संरचना — तीनों मतदाता को एक ही मत देते हैं, और 🔴 नियम 64-क का परन्तुक प्ररूप 16-घ के निर्देशों को ही कसौटी बनाता है — अतः जो मतदाता (क) को अक्षरशः मानकर दो चिन्ह लगाएगा, उसका मतपत्र अनिवार्यतः नामंजूर होगा, RO के पास विवेक ही नहीं।

⚠️ परिशिष्ट-4 एक प्रारूप (template) है जो पंचायतीराज/बहु-पद निर्वाचनों में भी काम आता है; "दो" उसी का अवशेष हो सकता है। इसे त्रुटि नहीं कहा जा रहा — किन्तु परिशिष्ट छपने से पहले यह DEO तक पहुँचे।

EVM/hi 07 §9 · Counting/hi §9.4-ख


🟠 वर्ग 2 — निरसित/विलोपित कानून का संदर्भ (निर्देश यथावत्; संदर्भ पुराना)

# स्रोत क्या लिखता है आज की स्थिति
2.1 परिशिष्ट-9 — थानाधिकारी को शिकायती पत्र भा.दं.सं. 1860 की धारा 171-चनिरसित संहिता बीएनएस की धाराएँ 172 / 174 — आयोग का अपना आदेश 5310 दि. 30.07.2026 यही कहता है
2.2 परिशिष्ट-10 — निर्वाचक की आयु-घोषणा राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 1959 की धारा 15निरसित अधिनियम अधिनियम 2009 की धारा 15 — ✅ धारा-संख्या वही है, केवल वर्ष गलत
2.3 प्ररूप 14-ग, मद 3 "नियम 45-क के अधीन" 🔴 नियम 45-क विलोपित (1[XXX 45-A deleted], अध्याय III-क)। नियम-संदर्भ एक लेबल है, निर्देश नहीं — मद 3 में "No Vote" की संख्या ही जाएगी
2.4 नियम 55(5) की लागू-नियम सूची "45 क" शामिल है वही विलोपित नियम — नियम की अपनी सूची में पुरानी प्रविष्टि

2.3 और 2.4 व्यवहार में हानिरहित क्यों हैं। नियम 45 "Spoilt and returned ballot papers" था; ईवीएम में लौटाने को खराब मतपत्र होता ही नहीं, इसलिए ईवीएम-संस्करण ठीक ही हटा दिया गया। बचा है प्रपत्र का लेबल। गणित अछूता है — मद 5 = मद 2 − मद 3 − मद 4

➡ 2.1 → EVM/hi 07 §2.2-क · 2.2 → EVM/hi 10 §2-ख ➡ 2.3 / 2.4 → EVM/hi 08 §1.1 · DLMT मद 1-श्र


🟡 वर्ग 3 — गलत संदर्भ (सही प्रावधान लिखें; और कुछ नहीं बदलता)

# स्रोत क्या लिखता है सही क्या है
3.1 मार्गदर्शिका अ.12, मद 7 "धारा 133 सपठित धारा 125(5)" परिशिष्ट-2 में धारा 133 का मूल पाठ "धारा 123 के खंड (5)" कहता है123(5) लिखें
3.2 आदेश 1891, मद (5) 9 से अधिक अभ्यर्थी होने पर "आदेश 572 के बिन्दु 13" 572 में स्तम्भों वाला नियम बिन्दु 11 है; बिन्दु 13 वर्णानुक्रम का है। ⚠️ हमारा BALLOT_PRINTING 1891 को सही उद्धृत करता है — भिन्नता दो आयोग-आदेशों के बीच है
3.3 नियम 59 "Subject to the provision of rule 77" नियम 77 "नामावली की मुद्रण/लिपिकीय भूल" है — मेल नहीं खाता। क्रियात्मक अपेक्षा (DEO का पूर्व-अनुमोदन) स्पष्ट है; कोई कार्यवाही न करें
3.4 नियम 58(4) "second copy … under sub-rule (2)" दो प्रतियों का उपबंध 58(3) में है
3.5 नियम 58(6) "fresh appointment … sub-rule (2)" नियुक्ति की शक्ति 58(1) में है
3.6 मार्गदर्शिका अ.10(4) मद 6 नियम 55(5) की सूची से 37-ख और 45-क छोड़ देता है नियम का अपना पाठ उन्हें सम्मिलित करता है — पूरी सूची ही विधि है
3.7 मार्गदर्शिका अ.7 बनाम अ.2 अ.7 स्याही हेतु नियम 35(3)(ख); अ.2 35-क(2) नियम 77-क के अनुसार ईवीएम पर नियम 35 हटकर 35-क लगता है
3.8 मार्गदर्शिका अ.2(3) आइटम 8 बनाम परिशिष्ट-7 अ.2(3)8 समय-समय पर Total-मिलान की प्रविष्टि डायरी के "बिन्दु सं. 19" में बताता है (मुद्रित पृ. 7) उसी परिशिष्ट-7 में बिन्दु 19 दृष्टिहीन मतदाताओं की संख्या का है; डाले गये मतों की समयवार प्रविष्टि बिन्दु 21 है (10 बजे · 1 बजे · 3 बजे · समाप्ति), और मशीन के अनुसार रिकार्ड मत बिन्दु 11.4 में

➡ 3.1 → EVM/hi 09 §10 · 3.2 → BALLOT_PRINTING §B.5-क ➡ 3.3–3.5 → Counting/hi §6.7 एवं नियम-नक्शा · 3.6 → EVM/hi 09 §9


⚪ वर्ग 4 — मुद्रण/वर्तनी की चूकें (कोई कार्यवाही नहीं — आधिकारिक प्रपत्र "सुधारें" नहीं)

स्रोत जैसा छपा है अभिप्रेत
नियम 74-क(1)(ख) "weather valid, rejected or cancelled" whether
नियम 35-क(2)(ख) "be constructed as a reference" construed
नियम 35-क(2)(क) "indelible inka;s" ink
परिशिष्ट-5 (ले-आउट) "ENTERENCE" ENTRANCE
प्ररूप 16-घ शीर्ष "46क(4)(?k)" — विकृत उप-खण्ड अक्षर नियम 46-क(4)

ℹ️ वर्ग 5 — अपूर्ण उद्धरण (कथन मान्य है; केवल उद्धरण-सेट छोटा है)

स्रोत क्या छूटा है
परिशिष्ट-2 धारा 28 में लोप्रअ 1951 की 19 धाराएँ सूचीबद्ध हैं, किन्तु परिशिष्ट-2 में धारा 135-ख (सवैतनिक अवकाश) एवं 135-ग (48 घंटे में मदिरा) का पाठ नहीं छपा — जबकि अ.12 की मदें 13 व 14 इन्हीं पर टिकी हैं। कथन आयोग का अपना है और मान्य है।

🚨 दो जिनके लिए DEO चाहिए — लिखित में, प्रशिक्षण से पहले

# क्या पूछना है क्यों रुक नहीं सकता
1 नियम 43(5) बनाम मार्गदर्शिका अ.6(2) पैरा 3 — ₹2 किस आधार पर जब्त? मार्गदर्शिका मानने वाला PRO उस चुनौतीकर्ता की राशि जब्त कर देगा जो सही था। यह धन का अभिलेख बनाता है।
2 आदेश 1418 के परिशिष्ट-4 का मद (क) — "दो पद" वह पत्र निरुद्ध मतदाता के हाथ में जाता है। दो चिन्ह लगे तो नियम 64-क का परन्तुक नामंजूरी अनिवार्य कर देता है — एक वैध मत मर जाता है।

यह रजिस्टर क्या नहीं है

  • यह आयोग की आलोचना नहीं है। संकलित निर्वाचन-सामग्री दशकों के संशोधन ढोती है; पुराने संदर्भ उसकी सामान्य लागत हैं, और यहाँ दो को छोड़कर किसी पर कुछ निर्भर नहीं करता।
  • यह आधिकारिक सामग्री से हटने की छूट नहीं है। वर्ग 🟠 🟡 ⚪ में आप समझाते हैं; प्रक्रिया नहीं बदलते। 🔴 में नियम मानते हैं और DEO का उत्तर लिखित में लेते हैं।
  • यह सदा के लिए पूर्ण नहीं है। आयोग शुद्धिपत्र जारी करे तो बाद का दस्तावेज मान्य — प्रशिक्षण से पहले ⛔ नवीनतम आदेश — जो मार्गदर्शिका और संकलन दोनों पर भारी पड़ते हैं देखें।

संकलन: 23.08.2026 · प्रत्येक प्रविष्टि पृष्ठ-चित्र अथवा Manual के मूल पाठ से स्वयं पढ़ी गई अंग्रेजी समानांतर: Stale and defective citations in the official sources — a single register संबंधित: DLMT प्रशिक्षण सामग्री — सुधार पत्रक · बालोतरा जिला — प्रशिक्षण पैक · ⛔ नवीनतम आदेश — जो मार्गदर्शिका और संकलन दोनों पर भारी पड़ते हैं