राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक साइट नहीं · स्वतंत्र प्रोजेक्ट · मूल आदेश ही अंतिम · हर बात के साथ उसके स्रोत का लिंक यह साइट कैसे बनी →
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यह सामग्री बनी कैसे

साइट पर काम चल रहा है · अपडेट 03.11.2026अगर कोई त्रुटि दिखे तो डेवलपर भरत चौधरी (व्याख्याता, रा.उ.मा.वि., जेठन्तरी — ब्लॉक: समदड़ी, जिला: बालोतरा) को बताइए:
WhatsApp: +91-7357578216
इस पेज पर

पंचायती राज चुनाव की ड्यूटी की बातें कई जगह बिखरी हैं: आयोग के अलग-अलग आदेश, आयोग का संकलन, दो मार्गदर्शिकाएँ और मशीन की पुस्तिका। सब मिलाकर सैकड़ों पन्ने हैं। यह साइट उन्हीं बातों को ड्यूटी के हिसाब से एक जगह रखती है, और हर बात के साथ बताती है कि वह किस आदेश या किस पन्ने से आई है।

कौन-से स्रोत लगे हैं

  • राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान के पंचायती राज चुनाव वाले आदेश। पूरी सूची आदेश वाले पेज पर है।
  • आयोग का संकलन (Compendium) और दोनों मार्गदर्शिकाएँ, ईवीएम वाली और मतपेटी वाली। मशीन की गाइड और प्रशिक्षण वाले पेज इन्हीं से बनते हैं।
  • आयोग की वेबसाइट पर रखी MPSV मशीन की अनुदेश पुस्तिका।
  • आयोग की वेबसाइट पर रखी पंचायती राज चुनाव क़ानून की पुस्तिका (अंग्रेज़ी)। पूरी फ़ाइल बहुत बड़ी है, इसलिए साइट पर इसके सिर्फ़ वे पन्ने रखे हैं जिनका हवाला दिया गया है।
  • मनीष कुमार गोयल, राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर (SLMT), जयपुर की प्रशिक्षण सामग्री। इसका हवाला सिर्फ़ स्रोतों में फ़र्क वाले पेज पर है: जहाँ स्रोतों में अलग-अलग बात छपी है, वहाँ हर स्रोत क्या कहता है और साइट ने कौन-सा नियम लिया। बाकी पेजों पर स्रोत सिर्फ़ आयोग के आदेश, मार्गदर्शिकाएँ और पुस्तिकाएँ हैं।
  • पंचायती राज के चुनाव के लिए सिर्फ़ पंचायती राज के स्रोत लिए गए हैं। किसी दूसरे चुनाव की सामग्री यहाँ नहीं जोड़ी गई।

AI की मदद से लिखी गई है

यह साइट Claude (Anthropic का AI) की मदद से बनी है। AI से गलती हो सकती है: कोई तारीख गलत पढ़ी जा सकती है, कोई नाम गलत लिखा जा सकता है। इसीलिए हर बात के साथ उसका स्रोत जुड़ा है, ताकि आप खुद मिला सकें, और इसीलिए नीचे वाली जाँचें हर बार होती हैं।

जाँच कैसे हुई

  • आयोग के आदेश स्कैन की हुई छवियाँ हैं। उनसे ली गई हर तारीख और हर संख्या छवि पर आँख से पढ़ी गई है, अपने-आप पढ़ने वाले सॉफ़्टवेयर (OCR) के भरोसे नहीं।
  • जिस पैराग्राफ़, तालिका की पंक्ति या सूची के बिंदु में अंकों में लिखी तारीख या संख्या है, उसके साथ स्रोत होना ज़रूरी है। साइट बनाते समय हर बार इसकी जाँच होती है; एक भी ऐसा हिस्सा बिना स्रोत के मिला, तो साइट बनती ही नहीं।
  • तारीख के बाद कोष्ठक में लिखा वार, जैसे (सोमवार), कैलेंडर से मिलाया जाता है। यह जाँच भी साइट बनाते समय हर बार होती है; एक भी वार गलत मिला, तो साइट नहीं बनती।
  • जहाँ दो आदेश एक ही बात कहते हैं, वहाँ दोनों को मिलाया गया है। जैसे बालोतरा के बूथों की संख्या, जो कार्यक्रम वाले आदेश और बजट वाले आदेश में एक जैसी है।

सुधार कैसे दर्ज होते हैं

गलती मिलने पर पेज सुधारा जाता है, और सुधार "सुधार-सूची" पेज पर लिखा जाता है: क्या गलत था, सही क्या है और सुधार कब हुआ। इस साइट की हैसियत और सीमाएँ अस्वीकरण वाले पेज पर हैं, और साइट के हिस्से कैसे चलते हैं, यह यह साइट कैसे काम करती है वाले पेज पर।