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नामांकन अभ्यास: पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य

साइट पर काम चल रहा है · अपडेट 03.11.2026अगर कोई त्रुटि दिखे तो डेवलपर भरत चौधरी (व्याख्याता, रा.उ.मा.वि., जेठन्तरी — ब्लॉक: समदड़ी, जिला: बालोतरा) को बताइए:
WhatsApp: +91-7357578216
सावधानी: इसे सिर्फ़ अभ्यास के लिए देखिए
  • यह आयोग की साइट नहीं है। आयोग का आदेश ही मान्य है। इस पेज की आख़िरी जाँच 18.10.2026 को हुई; उसके बाद नया आदेश आए, तो वही मान्य होगा।
  • भरे हुए नमूने SLMT की पुस्तिका के पन्ने हैं, जैसे मिले वैसे। इनके नाम, नंबर और रकम अपने फ़ॉर्म में न उतारिए; अपनी सही जानकारी भरिए।
  • इस पेज की कॉपी छापकर जमा न कीजिए; जमा करने के लिए आयोग का खाली प्ररूप भरिए।
  • काग़ज़ जमा करने से पहले अपने रिटर्निंग अधिकारी से एक बार पक्का कर लीजिए।
  • मुकदमे या सम्पत्ति वाले कॉलम में कोई शक हो, तो किसी वकील से पूछिए।
इस पेज पर

यह पेज पंचायत समिति सदस्य और ज़िला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ने वालों के लिए है, और उन अधिकारियों और ट्रेनरों के लिए जो उन्हें नामांकन समझाते हैं। उम्मीदवार के भरने वाला हर फ़ॉर्म यहाँ दो रूप में है: आयोग का खाली फ़ॉर्म, उसी की स्कैन कॉपी; 1 और साथ में SLMT (राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर) की किताब "सभी प्रकार के भरे हुए प्रपत्र" का भरा हुआ पन्ना। 2 आयोग का पूरा खाली फ़ॉर्म-सेट, सारे 13 पेज, यहाँ है: पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य के नामांकन फ़ॉर्म (PDF)। 1

पंच और सरपंच के लिए: नामांकन अभ्यास: पंच और सरपंच।

भरे हुए नमूने SLMT के हैं: भरे हुए फ़ॉर्म राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर (SLMT) की किताब "सभी प्रकार के भरे हुए प्रपत्र" (ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य) के पन्ने हैं, जैसे मिले वैसे ही। किताब में खुद लिखा है: "यह सभी प्रपत्र आपकी सुविधा के लिए है, आप अपना विवेक प्रपत्रों को भरने में काम में ले।" 2 नमूना पंचायत समिति सदस्य के एक उम्मीदवार का है। 3 ज़िला परिषद सदस्य के फ़ॉर्म भी यही हैं। 1 इन पन्नों पर लिखे नाम, जगहें, तारीख़ें और संख्याएँ नमूने की हैं। अपने फ़ॉर्म में अपना सही ब्यौरा भरिए।

बालोतरा में तारीखें: तीसरे चरण में सिणधरी, गिडा, कल्याणपुर, गुडामालानी, धोरीमन्ना और समदड़ी पंचायत समितियाँ हैं; चौथे चरण में बालोतरा, पादरू, पायला कलां, पाटोदी और सिवाना। 4 तीसरे चरण में पंचायत समिति सदस्य के नामांकन की आख़िरी तारीख 23.10.2026 (दोपहर 3 बजे तक) है, और चौथे चरण में 04.11.2026। 5 ज़िला परिषद के नामांकन पूरे ज़िले के लिए तीसरे चरण की तारीखों पर होंगे। 6 नामांकन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक भरे जाएँगे। 5 आख़िरी तारीख वाली पंक्ति में '(सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर)' भी लिखा है। 7 पूरा कार्यक्रम पंचायत समिति और ज़िला परिषद प्रबोधन वाले पेज पर है।

क्या-क्या जमा होगा

काग़ज़ पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य
नामांकन पत्र प्ररूप 4-क (फ़ॉर्म पर "प्ररूप–IV क" छपा है)
प्ररूप 4घ आवश्यक, पूरा भरा हुआ; बिन्दु 3 (संतान संबंधी योग्यता) की सूचना देना आवश्यक नहीं
शपथ पत्र उपाबन्ध-I A, 50 रुपये के गैर न्यायिक स्टाम्प पेपर पर, सम्यक रूप से प्रमाणित
शौचालय की घोषणा आवश्यक; प्रमाणित करवाने की ज़रूरत नहीं
नो-ड्यूज धारा 19 (झ) और 19 (ड) में कोई बकाया नहीं, तो किसी भी तरह का नो-ड्यूज देने की ज़रूरत नहीं
चरित्र प्रमाण पत्र लगाना आवश्यक नहीं
जाति प्रमाण पत्र आरक्षित वार्ड से लड़ने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग के उम्मीदवार को; और सामान्य वार्ड से जमानत राशि में रियायत चाहिए, तब भी
जमानत राशि नियम 58: सामान्य ₹500; महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग ₹250; रसीद लगानी आवश्यक
सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म भरवाया जाएगा; न देने पर नामांकन पत्र खारिज नहीं होगा

स्रोत: आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 1–3; आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 1

प्रस्तावक कितने
मान्यता प्राप्त दल का उम्मीदवार उसी निर्वाचन क्षेत्र का एक मतदाता
बाकी सब उम्मीदवार उसी निर्वाचन क्षेत्र के पाँच मतदाता

स्रोत: पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 119; पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 120

फ़ॉर्म कौन-सा चलेगा: सादे काग़ज़ पर हाथ से उतारकर बनाया हुआ नामांकन पत्र, और इसी तरह बनाए साथ वाले प्ररूप, स्वीकार्य नहीं होंगे; छपे, फ़ोटोकॉपी या टाइप किए फ़ॉर्म में जानकारी हाथ से भरें या कंप्यूटर पर टाइप करके, दोनों चलेगा। 12 कौन-सी कॉपी चलेगी, यह नामांकन वाले पेज पर देखिए।

पंचायती राज संस्थाओं के सभी चुनावों में उम्मीदवार को अपना नामांकन पत्र खुद जाकर रिटर्निंग अधिकारी को देना होगा। किसी और के हाथ भेजा, तो वह सही तरीके से जमा हुआ नहीं माना जाएगा और खारिज हो जाएगा। 13

फ़ॉर्म 1: नामांकन पत्र, प्ररूप IV क

पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य, दोनों का नामांकन पत्र एक ही है: प्ररूप–IV क, नियम 58 वाला। 9 यह तीन पेज का है। पहले दो पेज उम्मीदवार और प्रस्तावक भरते हैं; तीसरा पेज रिटर्निंग अधिकारी भरेंगे। 14 नीचे आयोग का खाली फ़ॉर्म और SLMT का भरा हुआ नमूना है। 15

प्ररूप IV क, नाम निर्देशन-पत्र, पहला पेज: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, तीन में से पहला पेज: आयोग की स्कैन कॉपी 9
प्ररूप IV क, दूसरा पेज: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, तीन में से दूसरा पेज: आयोग की स्कैन कॉपी 16
प्ररूप IV क, तीसरा पेज, रिटर्निंग अधिकारी के भरने के भाग: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, तीन में से तीसरा पेज: आयोग की स्कैन कॉपी। यह पेज रिटर्निंग अधिकारी भरेंगे, इसलिए उम्मीदवार इसे खाली छोड़ता है। 17
प्ररूप IV क, नाम निर्देशन-पत्र: SLMT का भरा हुआ नमूना, पहला पन्ना
SLMT का भरा हुआ नमूना, पहला पन्ना 3
प्ररूप IV क, नाम निर्देशन-पत्र: SLMT का भरा हुआ नमूना, दूसरा पन्ना
SLMT का भरा हुआ नमूना, दूसरा पन्ना 18
प्ररूप IV क, नाम निर्देशन-पत्र: SLMT का भरा हुआ नमूना, तीसरा पन्ना
SLMT का भरा हुआ नमूना, तीसरा पन्ना 19

कॉलम-दर-कॉलम

  • भाग–I या भाग–II: फ़ॉर्म के ऊपर छपा है: "(नीचे भाग–I या भाग–II में से जो लागू न हो उसे काट दीजिए)"। भाग–I "मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल द्वारा खड़े किये गये अभ्यर्थी" के लिए है, और भाग–II उस उम्मीदवार के लिए, जिसे मान्यता प्राप्त दल ने खड़ा नहीं किया। 9 इसलिए जो भाग आप पर लागू नहीं, उसे काटिए।
  • दल का उम्मीदवार: भाग–I सिर्फ़ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के उम्मीदवार के लिए छपा है। 9 दल के उम्मीदवार के लिए दल को नामांकन की आखिरी तारीख को दोपहर 3 बजे तक प्ररूप 'ख' रिटर्निंग अधिकारी को देना होता है; और अगर दल की राज्य इकाई के अध्यक्ष ने किसी और व्यक्ति को प्राधिकृत किया है, तो उसी समय तक प्ररूप 'क' में उस व्यक्ति के नमूने के हस्ताक्षर भी। 20 नीचे दल के फ़ॉर्म देखिए।
  • भाग–I, एक प्रस्तावक: भाग–I पर एक ही प्रस्तावक के हस्ताक्षर की जगह छपी है: "(प्रस्थापक के हस्ताक्षर)"। प्रविष्टि 1 में प्रस्तावक उम्मीदवार का नाम और उसकी वोटर लिस्ट वाली जानकारी लिखता है, और प्रविष्टि 2 में अपना नाम और अपनी वोटर लिस्ट वाली जानकारी। 9 दूसरे पेज की प्रस्तावकों वाली तालिका भाग–II की है, इसलिए भाग–I वाला उम्मीदवार उसे काटे। 21
  • भाग–II, पाँच प्रस्तावक: भाग–II के प्रस्तावक दूसरे पेज की तालिका में अपनी वोटर लिस्ट वाली जानकारी, पूरा नाम, हस्ताक्षर और दिनांक लिखते हैं। तालिका के नीचे छपा है: "प्रस्थापक के रूप में निर्वाचन क्षेत्र के पाँच निर्वाचक होने चाहिए।" 16
  • प्रस्तावक का नियम: नियम 58(5) के अंग्रेज़ी पाठ में लिखा है कि मान्यता प्राप्त दल के उम्मीदवार के नामांकन पत्र पर उसी निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदाता के, और बाक़ी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र पर उसी क्षेत्र के पाँच मतदाताओं के, प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर न हों, तो उम्मीदवार ठीक से नामांकित नहीं माना जाएगा। एक मतदाता एक ही उम्मीदवार का प्रस्तावक बन सकता है। 11
  • (ख) या (ग): भाग–III में (ख) दल का नाम लिखने के लिए है, और (ग) तीन पसंद के चुनाव चिह्न लिखने के लिए; दोनों के बीच "या" छपा है। 16 SLMT के नमूने में (ख) और (ग) की जगह हिदायत लिखी है: "मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल का नाम लिखे" और "सिम्बल का नाम लिखे जो आप चाहते है"। 18 फ़ॉर्म इनमें से किसी को काटने को अलग से नहीं कहता। पर आदेश 10062 कहता है कि नामांकन पत्र की सभी प्रविष्टियाँ भरी जानी हैं और कोई भी कॉलम रिक्त नहीं होना चाहिए (संतान संबंधी योग्यता को छोड़कर)। 22 इसलिए जो हिस्सा लागू नहीं, उसे खाली छोड़ने के बजाय काटिए। चिह्न कैसे मिलते हैं, यह नीचे चुनाव चिह्न में है।
  • तीन पसंद के चिह्न: ज़िला परिषद में मुक्त चिह्न सारणी–3 से, और पंचायत समिति में सारणी–2 से मिलते हैं। 20
  • (च): इसमें "निर्वाचन क्षेत्र संख्या .... / किसी भी अन्य निर्वाचन क्षेत्र" और "प्रस्तुत किया है / नहीं किया है" छपा है। 16 जो शब्द आप पर लागू नहीं, उन्हें काटिए; फ़ॉर्म यह अलग से नहीं बताता कि कौन-से शब्द किसके साथ जाएँ।
  • पैरा 4 (@): यह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या पिछड़े वर्ग के उम्मीदवार के लिए है, जिसे जाति प्रमाण पत्र की अधिप्रमाणित प्रति लगानी है। नीचे छपा है: "@ यदि लागू नहीं हो तो उस पैरे को काट दीजिए।" 16 इसलिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवार यह पैरा काटें।
  • "करता हूँ": फ़ॉर्म पर भाग–III में सिर्फ़ "करता हूँ" छपा है, "करती" नहीं। 16
  • पंचायत समिति / जिला परिषद: फ़ॉर्म पर ये दोनों शब्द साथ-साथ छपे हैं। 9 जो संस्था लागू नहीं, उसे काटना साफ़ रहता है; फ़ॉर्म इसके लिए अलग से कुछ नहीं कहता।
  • जमानत: इस फ़ॉर्म में जमानत की कोई पंक्ति नहीं छपी। 14 जमानत राशि नियम 58 के तहत अलग से जमा होगी, और उसकी रसीद लगानी आवश्यक है। 8
  • तीसरा पेज: भाग–IV, V और VI रिटर्निंग अधिकारी भरेंगे। भाग–IV में नामांकन पत्र की क्रम संख्या, और किस समय और तारीख को मिला; भाग–V में स्वीकार या अस्वीकार का फ़ैसला; और भाग–VI "नाम–निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति को दिये जाने के लिए" है। 17

फ़ॉर्म 2: प्ररूप 4घ, मुकदमे और सम्पत्ति की घोषणा

प्ररूप 4घ आवश्यक है, और इसे पूरा भरना है; बिन्दु 3 (संतान संबंधी योग्यता) की सूचना देना आवश्यक नहीं। 8 यह चार पेज का फ़ॉर्म है। 23 नीचे आयोग का खाली फ़ॉर्म और SLMT का भरा हुआ नमूना है। 24

प्ररूप 4घ, पहला पेज: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, चार में से पहला पेज: आयोग की स्कैन कॉपी 25
प्ररूप 4घ, दूसरा पेज: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, चार में से दूसरा पेज: आयोग की स्कैन कॉपी 26
प्ररूप 4घ, तीसरा पेज: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, चार में से तीसरा पेज: आयोग की स्कैन कॉपी 27
प्ररूप 4घ, चौथा पेज: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, चार में से चौथा पेज: आयोग की स्कैन कॉपी 28
प्ररूप 4घ: SLMT का भरा हुआ नमूना, पहला पन्ना
SLMT का भरा हुआ नमूना, पहला पन्ना 29
प्ररूप 4घ: SLMT का भरा हुआ नमूना, दूसरा पन्ना
SLMT का भरा हुआ नमूना, दूसरा पन्ना 30

कॉलम-दर-कॉलम

  • ऊपर की पंक्ति: यही 4घ ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और ज़िला परिषद, तीनों के लिए छपा है, इसलिए इसमें "पंच / सरपंच / सदस्य" और "वार्ड / निर्वाचन क्षेत्र" जैसे विकल्प हैं। 25 जो आप पर लागू नहीं, उसे काटिए।
  • बिन्दु 1 और 2: कोई मुकदमा नहीं, तब भी 4घ पूरा भरा होना चाहिए, 8 इसलिए नीचे के उप-बिन्दुओं में "शून्य" या "लागू नहीं होता" लिखिए। ये शब्द शपथ पत्र (उपाबंध I-A) की टिप्पणी में हैं, जहाँ लिखा है कि जिस मद में देने को कोई सूचना नहीं, वहाँ "शून्य" या "लागू नहीं होता" लिखा जाए। 31 बिन्दु 2 में "किया गया है / नहीं किया गया है" में से जो लागू नहीं, उसे काटिए। SLMT के नमूने में उप-बिन्दुओं में ज़्यादातर "शून्य" लिखा है। 29
  • बिन्दु 3 (संतान): फ़ॉर्म पर यह अब भी छपा है, पर इसकी सूचना देना आवश्यक नहीं। 8 खाली कॉलम पर मीमो वाली बात में भी संतान वाला कॉलम छूट में है। 12
  • बिन्दु 4 (सम्पत्ति): इसमें उम्मीदवार की, पति या पत्नी की, और आश्रितों की सम्पत्ति आती है। 27 कोई आश्रित नहीं, या कोई सम्पत्ति नहीं, तो वहाँ "शून्य" या "लागू नहीं होता" लिखिए; शपथ पत्र की टिप्पणी दोनों में से कोई भी शब्द लिखने देती है। 31
  • हस्ताक्षर: फ़ॉर्म पर स्थान, दिनांक और "हस्ताक्षर अभ्यर्थी" की जगह आख़िरी पेज पर छपी है; पहले और तीसरे पेज के नीचे "क्रमशः" छपा है। 252728 4घ पर नोटरी या शपथ कमिश्नर की कोई जगह नहीं छपी। 28 प्रमाणित करवाने की बात आदेश शपथ पत्र (उपाबन्ध-I A) के लिए कहता है। 8

फ़ॉर्म 3: शौचालय की घोषणा

शौचालय की घोषणा आवश्यक है; इसे प्रमाणित करवाने की ज़रूरत नहीं। 8 फ़ॉर्म धारा 19(थ) का हवाला देता है। इसमें उम्मीदवार घोषणा करता है कि उसके घर में स्वच्छ कार्यशील शौचालय है, जो तीन दीवारों, एक दरवाज़े और छत से घिरा है और जिसमें जल–बन्ध (वाटर सील्ड) व्यवस्था है; और यह कि परिवार का कोई भी सदस्य खुले में शौच के लिए नहीं जाता। 32 नीचे आयोग का खाली फ़ॉर्म और SLMT का भरा हुआ नमूना है। 33

शौचालय की घोषणा: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म: आयोग की स्कैन कॉपी 32
शौचालय की घोषणा: SLMT का भरा हुआ नमूना
SLMT का भरा हुआ नमूना 33

कॉलम-दर-कॉलम

  • काटना: इस फ़ॉर्म पर छपा है: "* जो लागू ना हो, उसे काट दीजिए।" 32 इसलिए रिश्ता, संस्था और पद में से जो आप पर लागू नहीं, उसे काटिए; सदस्य निर्वाचन क्षेत्र से चुने जाते हैं, इसलिए "वार्ड" भी काटिए।
  • "करता हूँ": फ़ॉर्म पर सिर्फ़ "करता हूँ" छपा है, "करती" का विकल्प नहीं। 32
  • हस्ताक्षर दो जगह: फ़ॉर्म पर उम्मीदवार के हस्ताक्षर की जगह दो बार छपी है, घोषणा के नीचे और सत्यापन के नीचे; और एक साक्षी के हस्ताक्षर, नाम और पते की जगह भी। 32

फ़ॉर्म 4: शपथ पत्र, उपाबन्ध-I A

ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य का शपथ पत्र उपाबन्ध-I A पर होगा: 50 रुपये के गैर न्यायिक स्टाम्प पेपर पर, सम्यक रूप से प्रमाणित। 8 फ़ॉर्म के ऊपर छपा है कि यह "जिला परिषद / पंचायत समिति सदस्य के चुनाव के लिए नामनिर्देशन पत्र के साथ प्रस्तुत किये जाने वाला शपथ–पत्र" है। 34 यह चार पेज का है। 35 नीचे आयोग का खाली फ़ॉर्म और SLMT का भरा हुआ नमूना है। 36

उपाबंध I-A, शपथ पत्र, पहला पेज: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, चार में से पहला पेज: आयोग की स्कैन कॉपी 34
उपाबंध I-A, दूसरा पेज: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, चार में से दूसरा पेज: आयोग की स्कैन कॉपी 37
उपाबंध I-A, तीसरा पेज: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, चार में से तीसरा पेज: आयोग की स्कैन कॉपी 38
उपाबंध I-A, चौथा पेज: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, चार में से चौथा पेज: आयोग की स्कैन कॉपी 31
उपाबंध I-A, शपथ पत्र: SLMT का भरा हुआ नमूना, पहला पन्ना
SLMT का भरा हुआ नमूना, पहला पन्ना 39
उपाबंध I-A, शपथ पत्र: SLMT का भरा हुआ नमूना, दूसरा पन्ना
SLMT का भरा हुआ नमूना, दूसरा पन्ना 40
उपाबंध I-A, शपथ पत्र: SLMT का भरा हुआ नमूना, तीसरा पन्ना
SLMT का भरा हुआ नमूना, तीसरा पन्ना 41
उपाबंध I-A, शपथ पत्र: SLMT का भरा हुआ नमूना, चौथा पन्ना
SLMT का भरा हुआ नमूना, चौथा पन्ना 42
उपाबंध I-A, शपथ पत्र: SLMT का भरा हुआ नमूना, पाँचवाँ पन्ना
SLMT का भरा हुआ नमूना, पाँचवाँ पन्ना 43
उपाबंध I-A, शपथ पत्र: SLMT का भरा हुआ नमूना, छठा पन्ना
SLMT का भरा हुआ नमूना, छठा पन्ना 44
उपाबंध I-A, शपथ पत्र: SLMT का भरा हुआ नमूना, सातवाँ पन्ना
SLMT का भरा हुआ नमूना, सातवाँ पन्ना 45

कॉलम-दर-कॉलम

  • कोई कॉलम खाली नहीं: फ़ॉर्म की टिप्पणी कहती है: "सभी कॉलम भरे जाने चाहिए और कोई कॉलम खाली नहीं छोडा जाये। यदि किसी मद (item) के संबंध में उपलब्ध कराने के लिए कोई सूचना नहीं है तो, "शून्य" या "लागू नहीं होता" उल्लिखित किया जाना चाहिए।" 31 इसलिए हर कॉलम भरिए; जहाँ देने को कुछ नहीं, वहाँ "शून्य" या "लागू नहीं होता" लिखिए।
  • आश्रित कौन: फ़ॉर्म के हिसाब से "आश्रित" यानी उम्मीदवार के पुत्र, पुत्री या पति या पत्नी, जिनकी आय का अलग साधन नहीं और जो अपने गुज़ारे के लिए उम्मीदवार पर आश्रित हैं। 37
  • बिन्दु (1), दल या स्वतन्त्र: इसमें दो वाक्य छपे हैं, बीच में "या": (क) दल के खड़े किए उम्मीदवार के लिए, और (ख) स्वतन्त्र उम्मीदवार के लिए। 34 फ़ॉर्म पर काटने की कोई हिदायत नहीं छपी; जो वाक्य आप पर लागू नहीं, उसे काटना साफ़ रहता है। (ख) में सिर्फ़ "लड़ रहा हूँ" छपा है।
  • "*" वाली जगह: ऊपर की दोनों पंक्तियों में "पंचायत समिति" के बाद "*" छपा है, पर इस फ़ॉर्म पर उसकी कोई टिप्पणी नहीं छपी। 34 जो संस्था लागू नहीं, उसे काटिए।
  • दो विकल्प वाली जगहें: रिश्ते में, "का / की" में, "करता हूँ / करती हूँ" में, बिन्दु 5 के "हूँ ... / नहीं हूँ" में और बिन्दु 6 के "किया गया है / नहीं किया गया है" में, जो आप पर लागू नहीं, उसे काटिए। 34
  • स्टाम्प और शपथ: शपथ पत्र 50 रुपये के गैर न्यायिक स्टाम्प पेपर पर, सम्यक रूप से प्रमाणित होना चाहिए। 8 फ़ॉर्म की टिप्पणी के हिसाब से शपथ किसी न्यायाधीश, न्यायिक या कार्यपालक मजिस्ट्रेट, उच्च न्यायालय या सेशन न्यायालय के नियुक्त शपथ कमिश्नर, या किसी नोटेरी पब्लिक के सामने ली जानी चाहिए। 31 फ़ॉर्म पर उनकी मुहर या हस्ताक्षर की अलग जगह नहीं छपी; आख़िर में सिर्फ़ "अभिसाक्षी" छपा है। 31
  • खाली कॉलम पर मीमो: नामांकन पत्र या उसके साथ लगी किसी घोषणा या शपथ पत्र का कोई कॉलम खाली रहा (संतान वाले कॉलम को छोड़कर), तो रिटर्निंग अधिकारी मीमो देंगे। शपथ पत्र के बारे में आदेश कहता है: पहले दिए शपथ पत्र में ही सुधार करना मान्य नहीं होगा, इसलिए कमी पूरी करने के लिए अलग से शपथ पत्र देना होगा। मीमो मिलने के बाद भी खाली कॉलम नहीं भरा, या जहाँ अलग से शपथ पत्र देना ज़रूरी है वहाँ नहीं दिया, तो नामांकन पत्र अस्वीकार करने योग्य होगा। 12
  • टाइप या हाथ से: सादे काग़ज़ पर हाथ से उतारकर बनाया हुआ नामांकन पत्र, और इसी तरह बनाए साथ वाले प्ररूप, स्वीकार्य नहीं होंगे; छपे, फ़ोटोकॉपी या टाइप किए फ़ॉर्म में जानकारी हाथ से भरें या कंप्यूटर पर टाइप करके, दोनों चलेगा। 12 फ़ॉर्म के टिप्पण 4 पर छपा है कि शपथ पत्र टंकित (typed) या सुपाठ्य रूप से साफ़-साफ़ लिखा हो। 31 टाइप किया हुआ शपथ पत्र दोनों के हिसाब से ठीक है। कौन-सी कॉपी चलेगी, यह नामांकन वाले पेज पर देखिए।
  • छपी हुई चूक: तीसरे पेज पर अचल सम्पत्ति की दोनों टिप्पणियों पर "टिप्पण 1" छपा है। 38

फ़ॉर्म 5: सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म

यह फ़ॉर्म भरवाया जाएगा, पर इसे न देने पर नामांकन पत्र खारिज नहीं होगा। 8 फ़ॉर्म पर ही छपा है: "(यह फार्म नोमिनेशन फार्म के साथ भर कर दिया जावे)"। 46 इसका शीर्षक "सांख्यकीय सूचना का फार्म" छपा है, और ऊपर ज़िला परिषद, पंचायत समिति सदस्य और सरपंच, तीनों के नाम हैं। 46 नीचे आयोग का खाली फ़ॉर्म और SLMT का भरा हुआ नमूना है। 47

सांख्यकीय सूचना का फार्म: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, एक पेज: आयोग की स्कैन कॉपी 46
सांख्यिकीय सूचना का फ़ॉर्म: SLMT का भरा हुआ नमूना
SLMT का भरा हुआ नमूना 47

कॉलम-दर-कॉलम

  • फ़ोटो: ऊपर दाईं ओर एक खाना छपा है: "कृपया अपनी पासपोर्ट साईज फोटो लगायें"। 46
  • नाम की पंक्ति: "जिला परिषद / पंचायत समिति / पंचायत वृत का नाम" छपा है, पर किसी को काटने की हिदायत नहीं छपी। 46 जो लागू नहीं, उसे काटिए।
  • जाति: अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग के उम्मीदवार पहले "अनु. जाति", "अनु.जनजाति" या "अन्य पिछड़ा वर्ग" लिखें, फिर अपनी जाति का नाम। 46 SLMT के नमूने में यहाँ जाति की जगह हिदायत लिखी है: "आपकी जो जाति है वह लिखनी है।" 47
  • शैक्षणिक योग्यता: फ़ॉर्म इनमें से एक लिखने को कहता है: "साक्षर या दसवीं पास या ग्रेज्युएट या पोस्टग्रेज्युएट, प्रोफेशनल डिग्री"। 46
  • दल का नाम: बिन्दु 10 में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल का नाम लिखना है, अगर उम्मीदवार उससे जुड़ा है। 46 स्वतन्त्र उम्मीदवार के लिए फ़ॉर्म पर कोई अलग हिदायत नहीं छपी; SLMT के नमूने में यहाँ "नहीं" लिखा है। 47
  • हस्ताक्षर: फ़ॉर्म पर सिर्फ़ उम्मीदवार के हस्ताक्षर, दिनांक और स्थान की जगह है; न शपथ, न रिटर्निंग अधिकारी का कोई हिस्सा। 46

दल के उम्मीदवार: प्ररूप 'क' और 'ख'

ये दोनों फ़ॉर्म आयोग की अधिसूचना 4196 (17.10.2025) के खण्ड 6 से जुड़े हैं। 48 इन्हें उम्मीदवार नहीं, दल भरता है: प्ररूप 'क' पर "अध्यक्ष के हस्ताक्षर एवं नाम" की जगह छपी है, और प्ररूप 'ख' पर "अध्यक्ष / दल के प्राधिकृत व्यक्ति का नाम एवं हस्ताक्षर"। 48 इसलिए यहाँ ये खाली ही दिखाए हैं, इनका भरा हुआ उदाहरण नहीं दिया।

प्ररूप 'क', प्राधिकृत व्यक्तियों के बारे में दल की सूचना: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, प्ररूप 'क': आयोग की स्कैन कॉपी 49
प्ररूप 'ख', दल के उम्मीदवारों के नामों की सूचना, पहला पेज: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, प्ररूप 'ख', पहला पेज: आयोग की स्कैन कॉपी 50
प्ररूप 'ख' का दूसरा पेज: नोट 3 और आदेश की आख़िरी पंक्तियाँ
प्ररूप 'ख', दूसरा पेज: ऊपर नोट 3, उसके नीचे आदेश की आख़िरी पंक्तियाँ 51
  • प्ररूप 'क' में क्या: दल बताता है कि उसने अपने उम्मीदवारों के नाम भेजने के लिए किन व्यक्तियों को प्राधिकृत किया है: हर व्यक्ति का नाम, दल में उसका पद, और ज़िला परिषद या पंचायत समिति के किन निर्वाचन क्षेत्रों के लिए। नीचे हर व्यक्ति के हस्ताक्षरों के तीन नमूने, फिर अध्यक्ष के हस्ताक्षर, नाम और दल की मोहर। 49
  • प्ररूप 'ख' में क्या: स्तम्भ 3 से 5 में दल का अनुमोदित उम्मीदवार (नाम, पिता या पति का नाम, डाक का पता), और स्तम्भ 6 से 8 में प्रतिस्थानी उम्मीदवार। प्रतिस्थानी तब अनुमोदित उम्मीदवार का स्थान लेगा, जब अनुमोदित उम्मीदवार का नामांकन पत्र संवीक्षा में खारिज हो जाए या वह नाम वापस ले ले, और प्रतिस्थानी तब भी चुनाव लड़ रहा हो। 50 बिन्दु 2 और 3 पहले दी गई सूचना रद्द ("विखंडित") करने के लिए हैं; बिन्दु 4 में दल प्रमाणित करता है कि हर उम्मीदवार दल का सदस्य है और उसका नाम दल के सदस्यों की नामावली में है। 50
  • कब तक: दोनों फ़ॉर्म पर नोट छपा है: "यह प्ररूप नाम निर्देशन–पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तारीख को 3.00 बजे अपरान्ह तक रिटर्निंग अधिकारी को आवश्यक रूप से प्रस्तुत किया जाना चाहिये।" 48 बालोतरा में यह आख़िरी तारीख ज़िला परिषद और तीसरे चरण वाली पंचायत समितियों के लिए 23.10.2026 है, और चौथे चरण वाली पंचायत समितियों के लिए 04.11.2026। 5452
  • स्याही से: "प्ररूप उपर्युक्त पदाधिकारी या प्राधिकृत व्यक्ति द्वारा स्याही से हस्ताक्षरित किया जाना चाहिये। किसी पदाधिकारी या प्राधिकृत व्यक्ति के अनुकृति हस्ताक्षर या रबड़ स्टाम्प के हस्ताक्षरों को स्वीकार नहीं किया जायेगा।" 48
  • फ़ैक्स या व्हाट्सऐप से नहीं: प्ररूप 'क' पर छपा है: "फैक्स / ई–मेल / व्हाट्सअप इत्यादि से भेजा गया प्ररूप मान्य नहीं होगा।" 49 प्ररूप 'ख' के दूसरे पेज पर भी यही नोट है। 51

आयोग के चुनाव चिह्न वाले आदेश के मुताबिक कोई उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल का उम्मीदवार तभी माना जाएगा, जब ये सब बातें पूरी हों: 20

  1. उम्मीदवार ने अपने नामांकन पत्र में यह घोषणा की हो। 20
  2. दल की राज्य इकाई के अध्यक्ष या मुखिया ने, या उनके अधिकृत व्यक्ति ने, प्ररूप 'ख' में यह लिखित सूचना नामांकन की आखिरी तारीख को दोपहर 3 बजे तक रिटर्निंग अधिकारी को दे दी हो। 20
  3. अध्यक्ष ने नियम 58 के उपनियम (5) के तहत किसी और व्यक्ति को अधिकृत किया है और उसी ने रिटर्निंग अधिकारी को पत्र भेजा है, तो उस अधिकृत व्यक्ति के नमूने के हस्ताक्षर प्ररूप 'क' में नामांकन की आखिरी तारीख को दोपहर 3 बजे तक रिटर्निंग अधिकारी के पास पहुँच गए हों। 20
  4. प्ररूप 'क' और प्ररूप 'ख' पर हस्ताक्षर केवल स्याही से किए गए हों। 20

पहली बात वाली घोषणा नामांकन पत्र के भाग–III (ख) में होती है; ऊपर प्ररूप IV क देखिए। 16 बाकी तीन बातें दल के फ़ॉर्म से जुड़ी हैं। प्रतिस्थानी उम्मीदवार के, और दल के उम्मीदवार बदलने के नियम पंचायत समिति और ज़िला परिषद प्रबोधन वाले पेज पर हैं।

गलती पकड़िए

हर सवाल में किसी फ़ॉर्म या किसी हालत की एक गलती छिपी है। पहले खुद सोचिए, फिर जवाब खोलिए। सारे नाम और बातें काल्पनिक हैं।

1. संतोष कुमारी के शपथ पत्र (उपाबन्ध-I A) में बिन्दु (9) ऐसे भरा है: "(क) स्वयं ........ (ख) पति या पत्नी किसान"। गलती कहाँ है?

"स्वयं" वाली जगह खाली छूट गई। शपथ पत्र पर छपा है: "सभी कॉलम भरे जाने चाहिए और कोई कॉलम खाली नहीं छोडा जाये। यदि किसी मद (item) के संबंध में उपलब्ध कराने के लिए कोई सूचना नहीं है तो, "शून्य" या "लागू नहीं होता" उल्लिखित किया जाना चाहिए।" 31

नामांकन पत्र या उसके साथ लगी किसी घोषणा या शपथ पत्र का कोई कॉलम खाली रहा (संतान वाले कॉलम को छोड़कर), तो रिटर्निंग अधिकारी मीमो देंगे। शपथ पत्र के बारे में आदेश कहता है: पहले दिए शपथ पत्र में ही सुधार करना मान्य नहीं होगा, इसलिए कमी पूरी करने के लिए अलग से शपथ पत्र देना होगा। मीमो मिलने के बाद भी खाली कॉलम नहीं भरा, या जहाँ अलग से शपथ पत्र देना ज़रूरी है वहाँ नहीं दिया, तो नामांकन पत्र अस्वीकार करने योग्य होगा। 12

2. संतोष कुमारी को किसी दल ने खड़ा नहीं किया। उनके नामांकन पत्र पर सिर्फ़ एक प्रस्तावक के हस्ताक्षर हैं, जो उसी निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता हैं। गलती कहाँ है?

प्रस्तावक कम हैं। नियम 58(5) के अंग्रेज़ी पाठ में लिखा है कि मान्यता प्राप्त दल के उम्मीदवार के नामांकन पत्र पर उसी निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदाता के, और बाक़ी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र पर उसी क्षेत्र के पाँच मतदाताओं के, प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर न हों, तो उम्मीदवार ठीक से नामांकित नहीं माना जाएगा। 11

संतोष किसी दल की उम्मीदवार नहीं, इसलिए उन्हें पाँच प्रस्तावक चाहिए। 11

3. संतोष कुमारी ज़िला परिषद के निर्वाचन क्षेत्र 3 से लड़ रही हैं। उनके पाँच प्रस्तावकों में से एक निर्वाचन क्षेत्र 5 का मतदाता है। गलती कहाँ है?

प्रस्तावक उसी निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता होने चाहिए, जिससे उम्मीदवार लड़ रहा है। नियम 58(5) के अंग्रेज़ी पाठ में लिखा है कि मान्यता प्राप्त दल के उम्मीदवार के नामांकन पत्र पर उसी निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदाता के, और बाक़ी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र पर उसी क्षेत्र के पाँच मतदाताओं के, प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर न हों, तो उम्मीदवार ठीक से नामांकित नहीं माना जाएगा। 11

4. हरिराम ने विनोद कुमार के नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर किए। उसी निर्वाचन क्षेत्र 7 के एक और उम्मीदवार के नामांकन पत्र पर भी वे प्रस्तावक बन गए। गलती कहाँ है?

एक मतदाता एक से ज़्यादा उम्मीदवार का प्रस्तावक नहीं बन सकता; ऐसा हो, तो रिटर्निंग अधिकारी को सबसे पहले मिले नामांकन के अलावा बाक़ी सब अवैध होंगे। 1011

इसलिए हस्ताक्षर करवाने से पहले प्रस्तावक से पूछ लीजिए कि उन्होंने किसी और उम्मीदवार के लिए हस्ताक्षर तो नहीं किए।

5. "अभ्यास दल" के अध्यक्ष ने विनोद कुमार के नाम वाला प्ररूप 'ख' 23.10.2026 को दोपहर 2 बजे रिटर्निंग अधिकारी को व्हाट्सऐप पर भेज दिया। गलती कहाँ है?

व्हाट्सऐप से भेजा प्ररूप नहीं चलता। प्ररूप 'ख' पर छपा है: "फैक्स / ई–मेल / व्हाट्सअप इत्यादि से भेजा गया प्ररूप मान्य नहीं माना होगा।" 51

आदेश के हिसाब से विनोद दल के उम्मीदवार तभी माने जाएँगे, जब दल की राज्य इकाई के अध्यक्ष या मुखिया ने, या उनके अधिकृत व्यक्ति ने, प्ररूप 'ख' में यह लिखित सूचना नामांकन की आखिरी तारीख को दोपहर 3 बजे तक रिटर्निंग अधिकारी को दे दी हो। 20

6. "अभ्यास दल" ने प्ररूप 'ख' पर अध्यक्ष के हस्ताक्षर की जगह हस्ताक्षर वाली रबड़ स्टाम्प लगाकर भेजा। गलती कहाँ है?

हस्ताक्षर स्याही से होने चाहिए। प्ररूप 'ख' पर छपा है: "प्ररूप उपर्युक्त पदाधिकारी या प्राधिकृत व्यक्ति द्वारा स्याही से हस्ताक्षरित किया जाना चाहिये। किसी पदाधिकारी या प्राधिकृत व्यक्ति के अनुकृति हस्ताक्षर या रबड़ स्टाम्प के हस्ताक्षरों को स्वीकार नहीं किया जायेगा।" 50

दल का उम्मीदवार माने जाने की एक शर्त यही है कि प्ररूप 'क' और प्ररूप 'ख' पर हस्ताक्षर केवल स्याही से किए गए हों। 20

7. संतोष कुमारी (ज़िला परिषद) ने नामांकन पत्र में अपनी पहली पसंद का चिह्न पंचायत समिति वाली मुक्त चिह्नों की सूची (सारणी–2) से लिख दिया। गलती कहाँ है?

ज़िला परिषद सदस्य के चुनाव में मुक्त चिह्न आदेश की सारणी-3 वाले हैं, और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में सारणी-2 वाले। 20

जिस उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त दल ने खड़ा नहीं किया, उसे मुक्त चिह्नों में से ही चिह्न मिलेगा। वह नामांकन पत्र में इन्हीं में से अपनी पसंद लिख सकता है; पसंद पर विचार किया जाएगा, पर कोई दूसरा चिह्न नहीं माँगा जा सकता। 53 इसलिए संतोष अपनी तीनों पसंद सारणी–3 से लिखें। 54

8. संतोष कुमारी ने दो नामांकन पत्र भरे। पहले में चिह्न की पसंद वाली जगह खाली छोड़ दी, और दूसरे में तीन चिह्न लिखे। गलती कहाँ है?

पसंद वही गिनी जाएगी जो उम्मीदवार के पहले नामांकन पत्र में लिखी है, भले ही वह नामांकन पत्र संवीक्षा में खारिज हो गया हो; बाद के नामांकन पत्रों में लिखे चिह्नों पर विचार नहीं होगा। 53

इसलिए चिह्न की पसंद पहले नामांकन पत्र में ही लिखिए।

9. प्ररूप IV क की कॉपी नहीं मिली, तो विनोद कुमार के भाई ने पूरा फ़ॉर्म सादे काग़ज़ पर हाथ से उतार दिया, और विनोद ने उसी पर नामांकन भरा। गलती कहाँ है?

सादे काग़ज़ पर हाथ से उतारकर बनाया हुआ नामांकन पत्र, और इसी तरह बनाए साथ वाले प्ररूप, स्वीकार्य नहीं होंगे। 12

प्ररूप पहले वही काम में लीजिए, जो आयोग ने रिटर्निंग अधिकारी, उपखण्ड अधिकारी या ज़िला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध करवाए हैं; वे न मिलें, तो उनकी फ़ोटोकॉपी। इनके अलावा टाइप किया हुआ प्ररूप भी काम में लिया जा सकता है, अगर उसमें सारी प्रविष्टियाँ ज्यों की त्यों हों; उसमें जानकारी हाथ से भरें या कंप्यूटर पर टाइप करके, दोनों चलेगा। 12 कौन-सी कॉपी चलेगी, यह नामांकन वाले पेज पर देखिए।

10. संतोष कुमारी बीमार थीं। उनके पति मोहनलाल सारे काग़ज़ लेकर अकेले रिटर्निंग अधिकारी के पास गए और नामांकन पत्र दे आए। गलती कहाँ है?

नामांकन पत्र उम्मीदवार को खुद जाकर रिटर्निंग अधिकारी को देना है। 13

नामांकन पत्र देने के नियम 25 का पालन न होना, जैसे उम्मीदवार का नामांकन पत्र खुद जाकर न देना, नियम 27 में नामांकन पत्र खारिज करने का एक कारण है। 5513

संवीक्षा की तालिका: आप रिटर्निंग अधिकारी हैं

हर हालत पढ़िए और सोचिए: नामांकन इस बात पर बचेगा, मीमो मिलेगा, या खारिज हो सकता है? फिर जवाब खोलिए। जवाबों में वही शब्द हैं, जो आयोग के आदेश और मार्गदर्शिका में हैं। हालतों में आए नाम काल्पनिक हैं।

क्र.हालतफ़ैसला
1विनोद कुमार ने सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म नहीं लगाया।
जवाब देखिए

इस बात पर खारिज नहीं। सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म भरवाया जाएगा, पर इसे न देने पर नामांकन पत्र खारिज नहीं होगा। 8

2संतोष कुमारी ने चरित्र प्रमाण पत्र नहीं लगाया।
जवाब देखिए

यह कमी नहीं। चरित्र प्रमाण पत्र लगाना आवश्यक नहीं। 8

3उम्मीदवार पर धारा 19 (झ) और 19 (ड) वाला कोई बकाया नहीं, और उसने कोई नो-ड्यूज नहीं लगाया।
जवाब देखिए

यह कमी नहीं। धारा 19 (झ) और 19 (ड) में कोई बकाया नहीं, तो किसी भी तरह का नो-ड्यूज देने की ज़रूरत नहीं। 8

4प्ररूप 4घ का बिन्दु 3 (संतान वाला) खाली छोड़ा है; बाकी सब भरा है।
जवाब देखिए

यह कमी नहीं। प्ररूप 4घ पूरा भरा होना चाहिए, पर बिन्दु 3 (संतान संबंधी योग्यता) की सूचना देना आवश्यक नहीं। 8 खाली कॉलम की छूट सिर्फ़ संतान वाले कॉलम को है। 12

5शौचालय की घोषणा लगाई है, पर उसे प्रमाणित नहीं करवाया।
जवाब देखिए

यह कमी नहीं। शौचालय की घोषणा आवश्यक है, पर इसे प्रमाणित करवाने की ज़रूरत नहीं। 8

6संतोष कुमारी के शपथ पत्र (उपाबन्ध-I A) का एक कॉलम खाली है। यह संतान वाला कॉलम नहीं है।
जवाब देखिए

मीमो मिलेगा। नामांकन पत्र या उसके साथ लगी किसी घोषणा या शपथ पत्र का कोई कॉलम खाली रहा (संतान वाले कॉलम को छोड़कर), तो रिटर्निंग अधिकारी मीमो देंगे। शपथ पत्र के बारे में आदेश कहता है: पहले दिए शपथ पत्र में ही सुधार करना मान्य नहीं होगा, इसलिए कमी पूरी करने के लिए अलग से शपथ पत्र देना होगा। मीमो मिलने के बाद भी खाली कॉलम नहीं भरा, या जहाँ अलग से शपथ पत्र देना ज़रूरी है वहाँ नहीं दिया, तो नामांकन पत्र अस्वीकार करने योग्य होगा। 12

7मीमो मिलने के बाद उम्मीदवार ने पुराने शपथ पत्र में ही खाली कॉलम भर दिया; नया शपथ पत्र नहीं दिया।
जवाब देखिए

अस्वीकार करने योग्य। नामांकन पत्र या उसके साथ लगी किसी घोषणा या शपथ पत्र का कोई कॉलम खाली रहा (संतान वाले कॉलम को छोड़कर), तो रिटर्निंग अधिकारी मीमो देंगे। शपथ पत्र के बारे में आदेश कहता है: पहले दिए शपथ पत्र में ही सुधार करना मान्य नहीं होगा, इसलिए कमी पूरी करने के लिए अलग से शपथ पत्र देना होगा। मीमो मिलने के बाद भी खाली कॉलम नहीं भरा, या जहाँ अलग से शपथ पत्र देना ज़रूरी है वहाँ नहीं दिया, तो नामांकन पत्र अस्वीकार करने योग्य होगा। 12

8उम्मीदवार खुद नहीं आई; उसके भाई ने उसका नामांकन पत्र रिटर्निंग अधिकारी को दिया।
जवाब देखिए

खारिज किया जा सकता है। नामांकन पत्र देने के नियम 25 का पालन नहीं हुआ, जैसे उम्मीदवार ने नामांकन पत्र खुद जाकर नहीं दिया, तो नियम 27 के हिसाब से रिटर्निंग अधिकारी नामांकन पत्र खारिज कर सकते हैं। 5513

9किसी दल ने खड़ा नहीं किया, ऐसे उम्मीदवार के नामांकन पत्र पर तीन प्रस्तावकों के हस्ताक्षर हैं।
जवाब देखिए

ठीक से नामांकित नहीं माना जाएगा। नियम 58(5) के अंग्रेज़ी पाठ में लिखा है कि मान्यता प्राप्त दल के उम्मीदवार के नामांकन पत्र पर उसी निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदाता के, और बाक़ी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र पर उसी क्षेत्र के पाँच मतदाताओं के, प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर न हों, तो उम्मीदवार ठीक से नामांकित नहीं माना जाएगा। 11

10संवीक्षा में साबित हुआ कि नामांकन पत्र पर उम्मीदवार के हस्ताक्षर असली नहीं हैं।
जवाब देखिए

खारिज किया जा सकता है। उम्मीदवार के हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी असली नहीं है, या धोखे, दबाव या अनुचित प्रभाव से ली गई है, तो नियम 27 के हिसाब से रिटर्निंग अधिकारी नामांकन पत्र खारिज कर सकते हैं। 55

11एक व्यक्ति ने ज़िला परिषद के दो निर्वाचन क्षेत्रों से नामांकन भरे।
जवाब देखिए

संवीक्षा में बचेगा, पर एक सीट छोड़नी होगी। कोई व्यक्ति ज़िला परिषद सदस्य के चुनाव में एक से ज़्यादा ज़िला परिषद निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव नहीं लड़ सकता। 56 किसी ने एक ही पंचायती राज संस्था में एक से ज़्यादा सीटों के लिए नामांकन भरा, तो संवीक्षा में उसका नामांकन इस वजह से खारिज नहीं होगा। पर नाम वापसी के तय समय के अंदर उसने एक सीट छोड़कर बाकी सब सीटों से नाम वापस नहीं लिया, तो सभी सीटों से उसकी उम्मीदवारी वापस मान ली जाएगी। 56

12एक व्यक्ति ने पंचायत समिति सदस्य का भी, और ज़िला परिषद सदस्य का भी नामांकन भरा।
जवाब देखिए

चुनाव लड़ने पर रोक नहीं। धारा 20 के तहत एक से ज़्यादा पंचायती राज संस्थाओं में एक साथ सदस्य रहने पर रोक है, पर चुनाव लड़ने पर नहीं। 56

नियम 27 में नामांकन पत्र खारिज करने के कारण नीचे संवीक्षा वाला दिन में हैं। 55

संवीक्षा वाला दिन

बालोतरा में:

काम ज़िला परिषद, और तीसरे चरण की पंचायत समितियाँ चौथे चरण की पंचायत समितियाँ
संवीक्षा (सुबह 11 बजे से) 24.10.2026 (शनिवार) 05.11.2026 (गुरुवार)
नाम वापसी (दोपहर 3 बजे तक) 26.10.2026 (सोमवार) 06.11.2026 (शुक्रवार)

स्रोत: आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 7–8; आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 12; आदेश 9867, दि. 03.10.2026, पृ. 2–3

ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में मशीनें लगें, तो नियम 58(5) के हिसाब से नियम 24क से 31 तक और कुछ दूसरे नियम, ज़रूरी बदलाव के साथ, इन चुनावों पर भी लागू होते हैं। संवीक्षा का नियम 27 और नाम वापसी का नियम 28 इन्हीं में आते हैं। 57

नियम 27 के हिसाब से रिटर्निंग अधिकारी इन कारणों से नामांकन पत्र खारिज कर सकते हैं: 55

  1. उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए पात्र नहीं है, या अयोग्य हो गया है। 55
  2. उम्मीदवार वह व्यक्ति नहीं है जिसका नाम या मतदाता सूची की क्रम संख्या नामांकन पत्र में लिखी है। 55
  3. उम्मीदवार के हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी असली नहीं है, या धोखे, दबाव या अनुचित प्रभाव से ली गई है। 55
  4. नामांकन पत्र देने के नियम 25 का पालन नहीं हुआ, जैसे उम्मीदवार ने नामांकन पत्र खुद जाकर नहीं दिया। 5513

  5. संवीक्षा के समय उम्मीदवार खुद वहाँ मौजूद रह सकता है, कोई दूसरा व्यक्ति नहीं। 555810

  6. रिटर्निंग अधिकारी नामांकन पत्र पर अपना फ़ैसला लिखेंगे, और खारिज करें तो उसके कारण भी छोटे में लिखेंगे। 59
  7. संवीक्षा उसी दिन पूरी होगी; कार्यवाही आगे के लिए टाली नहीं जा सकती। 59
  8. कोई कॉलम खाली रहा, तो मीमो मिलेगा; मीमो के बाद क्या करना है, यह ऊपर उपाबन्ध-I A के नीचे लिखा है। 12

संवीक्षा की पूरी बात पंचायत समिति और ज़िला परिषद प्रबोधन वाले पेज पर है।

नाम वापसी

बालोतरा में नाम वापसी दोपहर 3 बजे तक होगी: ज़िला परिषद और तीसरे चरण की पंचायत समितियों में 26.10.2026 को, और चौथे चरण की पंचायत समितियों में 06.11.2026 को। कार्यक्रम में इसी पंक्ति में लिखा है: उसके तुरंत बाद चुनाव चिह्न और लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची। 5452

नियम 28 के हिसाब से: 59

  • नाम वापसी का नोटिस लिखकर, उम्मीदवार के हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी के साथ, उम्मीदवार को खुद जाकर रिटर्निंग अधिकारी को देना है। 5913
  • नोटिस दो प्रतियों में, तय तारीख और समय तक देना है। समय निकलने के बाद दिया नोटिस नहीं लिया जाएगा। 59
  • एक बार दिया नोटिस वापस नहीं लिया जा सकता। 59

नियमों में नाम वापसी का कोई फ़ॉर्म तय नहीं है। मार्गदर्शिका में सुविधा के लिए जो मॉडल फ़ॉर्म (परिशिष्ट-21) छपा है, वह सरपंच और पंच पद के लिए है। 6061 नियम 58(5) के हिसाब से नियम 28 मशीन वाले चुनाव पर भी लागू होता है, 62 और नियम 28 में कोई फ़ॉर्म नहीं माँगा गया। 63 इसलिए ऊपर लिखी शर्तें पूरी करने वाला लिखित नोटिस काफ़ी है। इसी वजह से यहाँ नाम वापसी का कोई फ़ॉर्म नहीं दिखाया।

दो सीटों से भरा हो, तो: किसी ने एक ही पंचायती राज संस्था में एक से ज़्यादा सीटों के लिए नामांकन भरा, तो संवीक्षा में उसका नामांकन इस वजह से खारिज नहीं होगा। पर नाम वापसी के तय समय के अंदर उसने एक सीट छोड़कर बाकी सब सीटों से नाम वापस नहीं लिया, तो सभी सीटों से उसकी उम्मीदवारी वापस मान ली जाएगी। 56

चुनाव चिह्न

  • किसी दल का आरक्षित चिह्न सिर्फ़ उसी दल के उम्मीदवार को मिलेगा, किसी और को नहीं; और दल के उम्मीदवार को उसी दल का आरक्षित चिह्न मिलेगा, कोई दूसरा नहीं। 20
  • बाकी उम्मीदवारों के मुक्त चिह्न: पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में आदेश की सारणी-2 वाले, और ज़िला परिषद सदस्य के चुनाव में सारणी-3 वाले। 20
  • जिस उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त दल ने खड़ा नहीं किया, उसे मुक्त चिह्नों में से ही चिह्न मिलेगा। वह नामांकन पत्र में इन्हीं में से अपनी पसंद लिख सकता है; पसंद पर विचार किया जाएगा, पर कोई दूसरा चिह्न नहीं माँगा जा सकता। 53
  • पसंद वही गिनी जाएगी जो उम्मीदवार के पहले नामांकन पत्र में लिखी है, भले ही वह नामांकन पत्र संवीक्षा में खारिज हो गया हो; बाद के नामांकन पत्रों में लिखे चिह्नों पर विचार नहीं होगा। 53
  • निर्दलीय उम्मीदवारों में किसी चिह्न को पहली पसंद में एक ही उम्मीदवार ने लिखा, तो वह उसे मिलेगा। एक से ज़्यादा ने लिखा, तो वहाँ मौजूद उम्मीदवारों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं के सामने लॉट निकाला जाएगा। 53
  • इसके बाद दूसरी पसंद, फिर तीसरी पसंद देखी जाएगी। फिर भी किसी को चिह्न नहीं मिला, या उसने पसंद ही नहीं लिखी, तो बचे हुए मुक्त चिह्नों में से सबसे ऊपर वाला दिया जाएगा; ऐसे उम्मीदवारों का क्रम उनके नामों की हिन्दी वर्णमाला से होगा। 64
  • चिह्न देने का रिटर्निंग अधिकारी का फ़ैसला अंतिम होगा; पर वह आयोग के निर्देशों से मेल न खाए, तो आयोग उसे बदल सकता है। 64
मान लीजिए: ज़िला परिषद की एक निर्दलीय उम्मीदवार ने पहली पसंद "सिलाई की मशीन" लिखी, फिर हारमोनियम, फिर फूलगोभी। 54 निर्दलीय उम्मीदवारों में किसी और ने सिलाई की मशीन पहली पसंद में नहीं लिखी, तो यह चिह्न उसी को मिलेगा; किसी और ने भी लिखी, तो लॉट निकाला जाएगा। 53 मान्यता प्राप्त दल का उम्मीदवार माना गया, तो उसे उसी दल का आरक्षित चिह्न मिलेगा। 20

मतपत्र, स्टीकर और एड्रेस टैग का रंग: ज़िला परिषद सदस्य पीला, पंचायत समिति सदस्य नीला। 13

अभिकर्ता (एजेंट)

ज़िला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में उम्मीदवार एक निर्वाचन अभिकर्ता, हर मतदान बूथ में एक मतदान अभिकर्ता, और मतगणना केन्द्र में गणन अभिकर्ता नियुक्त कर सकता है। 65 मतदान अभिकर्ता की जगह लेने वाला कोई रिलीवर अभिकर्ता नियुक्त करने का प्रावधान नहीं है। 13

तीनों खाली फ़ॉर्म, प्ररूप–8, प्ररूप–9 और मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति का प्रतिसंहरण फ़ॉर्म, आयोग के आदेश 9413 (25.09.2026) के साथ लगे हैं: आदेश 9413 (PDF)। 66676869

निर्वाचन अभिकर्ता: प्ररूप–8

  • नियम 68 के हिसाब से पंचायत समिति या ज़िला परिषद का उम्मीदवार निर्वाचन अभिकर्ता रखना चाहे, तो उसकी नियुक्ति प्ररूप–8 (form VIII) में होगी: नामांकन पत्र देते समय, या चुनाव से पहले किसी भी समय। 6670
  • उम्मीदवार यह नियुक्ति कभी भी रद्द कर सकता है: अपने हस्ताक्षर वाली लिखित घोषणा रिटर्निंग अधिकारी के पास जमा करके। यह उसी दिन से लागू होगी, जिस दिन जमा हुई; इसके बाद नया निर्वाचन अभिकर्ता रखा जा सकता है। 66
  • जो व्यक्ति अधिनियम के तहत चुने जाने या वोट डालने के लिए अयोग्य है, वह जब तक अयोग्य है, निर्वाचन अभिकर्ता नहीं बन सकता। 66
  • प्ररूप–8 पर तीन हस्ताक्षर की जगह छपी है: उम्मीदवार की, नियुक्ति स्वीकार करने वाले निर्वाचन अभिकर्ता की, और "अनुमोदित" के नीचे रिटर्निंग अधिकारी की। 67

मतदान अभिकर्ता: प्ररूप–9

  • उम्मीदवार या उसका चुनाव अभिकर्ता हर मतदान केन्द्र पर एक मतदान अभिकर्ता नियुक्त कर सकता है। नियुक्ति उम्मीदवार या उसके चुनाव अभिकर्ता के हस्ताक्षर वाले "प्ररूप– 9" में, दो प्रतियों में, लिखित पत्र से होगी। 66
  • मतदान के दिन मतदान अभिकर्ता नियुक्ति पत्र पीठासीन अधिकारी के सामने पेश करेगा और उसमें दी घोषणा पर हस्ताक्षर करेगा। जब तक वह ऐसा नहीं करता, उसे मतदान केन्द्र पर कोई भी काम करने की अनुमति नहीं मिलेगी। 66
  • मतदान अभिकर्ता पंचायत क्षेत्र का कोई भी मतदाता हो सकता है, पर ये लोग नहीं बन सकते: केन्द्र या राज्य सरकार के कार्यकारी मंत्री, सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य; स्थानीय निकायों के कार्यकारी निर्वाचित सदस्य; केन्द्र और राज्य के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, और सरकारी निकायों और निगमों के अध्यक्ष और सदस्य; सरकार से मानदेय पाने वाले, या सरकारी या सरकारी सहायता वाले संस्थान में पार्ट-टाइम काम करने वाले; ऐसे संस्थानों के पैरा-मेडिकल और हेल्थकेयर कर्मचारी; उचित मूल्य की दुकान के डीलर; आंगनवाड़ी कर्मचारी; और सरकारी सेवा में लगे लोग। 71 सुरक्षा कवर वाले किसी भी व्यक्ति को किसी उम्मीदवार का मतदान अभिकर्ता बनने के लिए अपनी सुरक्षा छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। 71 आदेश में यह भी लिखा है: "मतदान अभिकर्त्ता के पास फोटो पहचान पत्र (EPIC) या आयोग द्वारा बताए गए कोई अन्य वैकल्पिक दस्तावेज होने चाहिए।" 71
  • पीठासीन अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी के दिए उम्मीदवार या चुनाव अभिकर्ता के नमूना हस्ताक्षर से नियुक्ति की जाँच करेंगे। मतदान केन्द्र के अंदर रहते समय मतदान अभिकर्ता को अपना नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र अपने पास रखना और दिखाना होगा। 71
  • नियुक्ति रद्द करनी हो: उम्मीदवार या निर्वाचन अभिकर्ता मतदान शुरू होने से पहले किसी भी समय, अपने हस्ताक्षर वाले लिखित प्रतिसंहरण घोषणा पत्र से, मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति रद्द कर सकता है। आदेश में लिखा है कि इसकी प्रति उस मतदान केन्द्र के "मतदान अधिकारी" के पास दी जाएगी, और साथ में नए मतदान अभिकर्ता का नियुक्ति पत्र (प्ररूप–9) भी। 72 आदेश के साथ लगा प्रतिसंहरण फ़ॉर्म "पीठासीन अधिकारी" के नाम छपा है। 69
  • फ़ॉर्म पर छपी एक चूक: प्ररूप–9 में ऊपर छपा है: "मतदान अभिकर्त्ता की घोषणा पीठासीन अधिकारी के समक्ष हस्ताक्षरित की जानी है।" पर उस घोषणा के नीचे हस्ताक्षर की जगह पर "गणन अभिकर्त्ता के हस्ताक्षर" छपा है। 68 यह घोषणा मतदान अभिकर्ता की ही है; नियम 69 में भी मतदान अभिकर्ता ही पीठासीन अधिकारी के सामने घोषणा पर हस्ताक्षर करता है। 66

मतदान के दिन बूथ पर

  • मतदान अभिकर्ताओं से कहा जाना चाहिए कि वे मतदान शुरू होने से एक घंटा पहले बूथ पर आ जाएँ। 73
  • कोई मतदान अभिकर्ता देर से आए, तब भी उसे बूथ की कार्यवाही में शामिल होने दिया जाना चाहिए; पर जो तैयारी पहले हो चुकी, उसे उसके लिए नए सिरे से शुरू करने की ज़रूरत नहीं। 73
  • बूथ में प्रवेश प्ररूप-9 पेश करने पर ही मिलेगा। 73

गणन अभिकर्ता

गिनती के लिए जितनी टेबलें लगेंगी, उतने गणन अभिकर्ता; इनके अलावा एक रिटर्निंग अधिकारी की टेबल के लिए, और एक रिलीवर (अवमुक्ति) अभिकर्ता। नियुक्ति प्ररूप-10 में, दो प्रतियों में होगी। दूसरी प्रति गणन अभिकर्ता गिनती के दिन रिटर्निंग अधिकारी (या उनके अधिकृत अधिकारी) को देगा और उनके सामने घोषणा पर हस्ताक्षर करेगा। 74

जमानत राशि वापस लेना

जमानत राशि लौटाने का आवेदन प्रपत्र-1 में होता है। यह आयोग के परिपत्र 2178 (20.06.2019) के साथ लगा है, और आयोग के पत्र 594 (19.01.2026) में लिखा है कि परिपत्र 2178 और 2283 वाले निर्देश इस बार भी लागू रहेंगे। 7576

प्रपत्र-1, जमानत राशि लौटाने के आवेदन का प्रारूप: आयोग का खाली फ़ॉर्म
खाली फ़ॉर्म, प्रपत्र-1: आयोग की स्कैन कॉपी 77
  • किसके लिए: फ़ॉर्म के शीर्षक में सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और ज़िला परिषद सदस्य, तीनों के नाम छपे हैं। 77
  • दो कारण छपे हैं: उम्मीदवार ने तय तारीख से पहले नाम वापस ले लिया हो, या उसे इतने वोट मिले हों कि जमानत लौटनी है। आवेदन में जमानत की रकम, रसीद संख्या और तारीख लिखनी है। 77
  • नीचे दो हिस्से: रिटर्निंग अधिकारी का प्रमाण पत्र, कि जमानत लौटाने योग्य है; और जमानत वापस मिलने पर उम्मीदवार की दी जाने वाली रसीद। 77
  • मूल रसीद: फ़ॉर्म के नीचे छपा है: "नोटः– मूल रसीद प्राप्त कर संलग्न की जावें।" 77 इसलिए नामांकन के समय मिली जमानत की रसीद सँभालकर रखिए।
  • किसकी लौटेगी: नाम वापस लेने वाले उम्मीदवारों की, और उन हारे हुए उम्मीदवारों की जमानत लौटेगी जिन्हें कुल वैध वोटों का 1/6 या इससे ज़्यादा मिला। इसके लिए नतीजा घोषित होने के बाद प्रपत्र-1 में आवेदन करना होगा। 78
  • जीतने वाले की: जीतने वाले उम्मीदवार की जमानत जब्त नहीं होगी: उसे कुल वोटों का छठा हिस्सा न भी मिला हो, तो भी उसकी जमानत लौटा दी जाएगी। जब्त उसी की होगी जो चुना नहीं गया और 1/6 से कम वोट लाया। 79
  • जब्ती का आदेश: जिन्हें कुल वैध वोटों के 1/6 से कम मिले, उनकी जमानत जब्त करने का आदेश नतीजा घोषित होने के 3 दिन के अंदर प्रपत्र-2A में होगा। 78
  • कब तक: जिनकी जमानत लौटनी है, वे 15 दिन के अंदर प्रपत्र-1 में आवेदन करके ले सकते हैं। आदेश में आवेदन लेने वाले की जगह "रिटर्निंग अधिकारी पंचायत (उपखण्ड अधिकारी)/रिटर्निंग अधिकारी जिला परिषद् (जिला कलक्टर)" लिखा है। जो रकम इस समय में नहीं ली गई, वह अगले 7 दिन में सरकारी खज़ाने में जमा कर दी जाएगी। 78
1/6 के शब्द: प्रपत्र-1 के शीर्षक में "1/6 से कम" छपा है, और उसके कारण 2 में "1/6 मतों से अधिक"। 77 परिपत्र 2178 की हस्ताक्षर वाली प्रति में "वैध मतों" और "1/6 या इससे अधिक" लिखा है। 80 चुनाव क़ानून की पुस्तिका (अंग्रेज़ी) में नियम 58(5) के साथ छपी शर्त के हिसाब से जमानत उसकी जब्त होगी, जो चुना नहीं गया और कुल वैध वोटों का कम से कम छठा हिस्सा भी नहीं ला पाया (अंग्रेज़ी में: "atleast one sixth of the total valid votes polled")। 10

यह फ़ॉर्म नतीजे के बाद भरा जाता है, इसलिए यहाँ इसका भरा हुआ उदाहरण नहीं दिया। पूरी बात पंचायत समिति और ज़िला परिषद प्रबोधन वाले पेज पर है।

जाने से पहले की जाँच-सूची

नामांकन से पहले की पूरी जाँच-सूची पंचायत समिति और ज़िला परिषद प्रबोधन वाले पेज पर है, और हर काग़ज़ की पूरी बात नामांकन वाले पेज पर।

स्रोत

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  1. 1.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 1–13कखग
  2. 2.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 1कख
  3. 3.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 2कख
  4. 4.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 12कखगघ
  5. 5.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 7–8कखगघङ
  6. 6.आदेश 9867, दि. 03.10.2026, पृ. 1–3 पाठ में
  7. 7.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 7 पाठ में
  8. 8.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 1–3कखगघङचछजझञटठडढण
  9. 9.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 1कखगघङचछ
  10. 10.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 119कखगघ
  11. 11.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 120कखगघङचछ
  12. 12.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 3कखगघङचछजझञट
  13. 13.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 7कखगघङचछज
  14. 14.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 1–3कख
  15. 15.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 2–4 पाठ में
  16. 16.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 2कखगघङचछ
  17. 17.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 3कख
  18. 18.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 3कख
  19. 19.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 4 पाठ में
  20. 20.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 180कखगघङचछजझञटठड
  21. 21.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 1–2 पाठ में
  22. 22.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 1 पाठ में
  23. 23.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 4–7 पाठ में
  24. 24.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 5–6 पाठ में
  25. 25.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 4कखग
  26. 26.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 5 पाठ में
  27. 27.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 6कखग
  28. 28.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 7कखग
  29. 29.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 5कख
  30. 30.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 6 पाठ में
  31. 31.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 12कखगघङचछज
  32. 32.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 8कखगघङ
  33. 33.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 7कख
  34. 34.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 9कखगघङ
  35. 35.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 9–12 पाठ में
  36. 36.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 8–14 पाठ में
  37. 37.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 10कख
  38. 38.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 11कख
  39. 39.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 8 पाठ में
  40. 40.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 9 पाठ में
  41. 41.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 10 पाठ में
  42. 42.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 11 पाठ में
  43. 43.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 12 पाठ में
  44. 44.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 13 पाठ में
  45. 45.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 14 पाठ में
  46. 46.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 13कखगघङचछजझ
  47. 47.SLMT के भरे हुए प्रपत्र: ज़िला परिषद-पंचायत समिति सदस्य, अभ्यर्थी (नमूना), पृ. 15कखगघ
  48. 48.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 185, 186कखगघ
  49. 49.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 185कखग
  50. 50.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 186कखगघ
  51. 51.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 187कखग
  52. 52.आदेश 9867, दि. 03.10.2026, पृ. 2–3कखग
  53. 53.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 182कखगघङच
  54. 54.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 184कख
  55. 55.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 62कखगघङचछजझञ
  56. 56.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 27कखगघ
  57. 57.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 74 पाठ में
  58. 58.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 101 पाठ में
  59. 59.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 63कखगघङच
  60. 60.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 72 पाठ में
  61. 61.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 212 पाठ में
  62. 62.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 169 पाठ में
  63. 63.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 152 पाठ में
  64. 64.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 183कख
  65. 65.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 6–7 पाठ में
  66. 66.आदेश 9413, दि. 25.09.2026, पृ. 1कखगघङचछ
  67. 67.आदेश 9413, दि. 25.09.2026, पृ. 4कख
  68. 68.आदेश 9413, दि. 25.09.2026, पृ. 5कख
  69. 69.आदेश 9413, दि. 25.09.2026, पृ. 6कख
  70. 70.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 75 पाठ में
  71. 71.आदेश 9413, दि. 25.09.2026, पृ. 2कखगघ
  72. 72.आदेश 9413, दि. 25.09.2026, पृ. 3 पाठ में
  73. 73.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 19कखग
  74. 74.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 76 पाठ में
  75. 75.परिपत्र 2178, दि. 20.06.2019, संकलन पृ. 249, 252 पाठ में
  76. 76.पत्र 594, दि. 19.01.2026, संकलन पृ. 400 पाठ में
  77. 77.परिपत्र 2178, दि. 20.06.2019, संकलन पृ. 252कखगघङच
  78. 78.परिपत्र 2178, दि. 20.06.2019 (पत्र 594 के साथ), संकलन पृ. 402कखग
  79. 79.आदेश 753, दि. 20.01.2026, संकलन पृ. 447 पाठ में
  80. 80.परिपत्र 2178, दि. 20.06.2019 (पत्र 594 के साथ), संकलन पृ. 401–402 पाठ में