सुधार-सूची
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इस पेज पर
इस संस्करण के पेजों, मशीन वाले अभ्यास, प्रश्नोत्तर और प्रशिक्षण की स्लाइड और पुस्तिकाओं में जो बातें बाद में ठीक की गईं, वे सब यहाँ हैं: कब ठीक हुईं, पहले क्या लिखा था और अब सही क्या है। हर सूची उस पेज या फ़ाइल के नाम के नीचे है जिसमें बदलाव हुआ; किसी बात में "यहाँ", "ऊपर" या "इस पेज" लिखा हो, तो वह उसी पेज या फ़ाइल की बात है।
पूरी साइट
- 15.10.2026 (दल के लोगों के नाम): पहले मशीन वाले दिन (ज़िला परिषद + पंचायत समिति) के पेजों पर दल के लोगों के वही नाम थे जो ईवीएम मार्गदर्शिका में छपे हैं: बूथ का प्रभारी "पीठासीन अधिकारी" और बाकी लोग "मतदान अधिकारी" (पहला, दूसरा, तीसरा)। 1 मतपेटी वाले दिन के पेजों पर बूथ का प्रभारी "मतदान अधिकारी" था, कहीं-कहीं "पीठासीन अधिकारी" या "मतदान अधिकारी (पीठासीन अधिकारी)", और बाकी लोग "सहायक मतदान अधिकारी"। इसलिए "मतदान अधिकारी" एक पेज पर बूथ का प्रभारी था और अगले पेज पर कोई सहायक। अब हर पेज दोनों दिन वही नाम लिखता है जो आयोग के आदेश 5096 में हैं: बूथ का प्रभारी मतदान अधिकारी (PO), और दल के बाकी लोग सहायक मतदान अधिकारी (APO)। 2 सिर्फ़ नाम बदले हैं, काम और नियम वही हैं। आदेशों और मार्गदर्शिकाओं से लिए गए उद्धरणों में नाम वैसे ही हैं जैसे छपे हैं।
- 15.10.2026 ("यह साइट" पेज: "हर बात का स्रोत कैसे खोलें" और "जाँच कैसे हुई"): पहले वहाँ लिखा था कि नंबर दबाने पर पेज के नीचे स्रोत की पंक्ति आएगी। फ़ोन पर ऐसा नहीं होता, वहीं एक छोटा डिब्बा खुलता है; अब यही लिखा है। पहले यह भी लिखा था कि फ़ोन PDF को पहले पन्ने से खोले, तो पंक्ति में लिखा पन्ना खुद खोल लीजिए। पर पंक्ति में किताब पर छपा पन्ना-नंबर होता है, और PDF की अपनी गिनती उससे अलग हो सकती है, इसलिए इस तरह आप दूसरे पन्ने पर पहुँच सकते थे। अब लिखा है कि पन्ने पर छपा नंबर देखकर मिलाइए। और पहले लिखा था कि जहाँ छपाई साफ़ नहीं पढ़ी गई, वहाँ पेज पर लिख दिया गया है कि पुष्टि बाकी है। किसी पेज पर ऐसा लिखा नहीं था, इसलिए यह बात हटा दी गई है।
- 28.10.2026 (आयोग के पत्र 1100 और 1299): पहले साइट पर इन दोनों को "आदेश" लिखा था (स्रोतों की सूची में, और 1299 को कई पेजों के वाक्यों में भी)। पत्र 1299 (03.02.2026) ज़िला निर्वाचन अधिकारियों को लिखा गया पत्र है, जिसमें "विषय" और "महोदय" लिखा है। 3 पत्र 1100 (28.01.2026) भी ज़िला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों को लिखा गया पत्र है। 4 अब हर जगह इन्हें पत्र लिखा है; इनमें लिखी बातें नहीं बदलीं।
- 31.10.2026 (आयोग का पत्र 1299, डाउनलोड वाली फ़ाइलें): 28.10.2026 वाली बात में लिखा था कि अब हर जगह इन्हें पत्र लिखा है। पर प्रशिक्षण की स्लाइड, पूरक पत्रक और पुस्तिकाओं में 1299 तब भी "आदेश" लिखा था, क्योंकि ये फ़ाइलें अलग से बनती हैं। 31.10.2026 को ये फिर से बनाई गईं, और अब इनमें भी "पत्र 1299" लिखा है। 3 पत्र 1100 किसी स्लाइड या पुस्तिका में नहीं है।
पहला मतदान: दोनों दिन, शुरू से आख़िर तक
- 14.10.2026 ("मतपेटी वाला दिन: चार सहायक, फिर मतपेटी"): पहले यहाँ लिखा था कि पहला सहायक मार्गदर्शिका के हिसाब से बाएँ हाथ की तर्जनी देखे, और उस पर निशान हो, तो मतदाता को वोट न देने दिया जाए। पंच-सरपंच का मतदान ज़िला परिषद-पंचायत समिति के मतदान के दो दिन बाद है, जब बाईं तर्जनी पर मशीन वाले दिन का निशान रहता है। अब लिखा है: उस दिन दाएँ हाथ की तर्जनी देखिए, क्योंकि नियम 38 में वही अंगुली देखी जाती है जिस पर स्याही लगनी है, और आदेश 2235 के हिसाब से बाद वाले चुनाव की स्याही दाएँ हाथ की तर्जनी पर लगती है। 56 चौथे सहायक वाले डिब्बे में भी "उँगली पर पहले से स्याही" की जगह अब "दाएँ हाथ की तर्जनी पर पहले से स्याही" लिखा है। 75
- 14.10.2026 ("नियुक्ति का आदेश मिलते ही"): पहले यहाँ, और "मशीन वाला दिन: आदेश मिलने के बाद" वाले चित्र में भी, लिखा था कि डाक मतपत्र का आवेदन मतदान से कम से कम चार दिन पहले करना है, जैसा मार्गदर्शिका में छपा है। आयोग के 29.01.2026 वाले आदेश 1134 में ज़िला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव के लिए यह अवधि कम से कम सात दिन है, या रिटर्निंग अधिकारी जितना कम समय दें; और दोनों के लिए प्ररूप 1 अलग-अलग, अपने-अपने रिटर्निंग अधिकारी को जाता है। अब यही लिखा है। 8
- 17.10.2026 ("मतपेटी वाला दिन: बंद, लिफ़ाफ़े और गिनती"): पहले यहाँ लिखा था कि नियम 50 के हिसाब से मतपत्र सिर्फ़ पाँच वजहों से नामंज़ूर होगा, और उनमें किसी उम्मीदवार और नोटा, दोनों पर निशान वाली बात नहीं थी। यह सूची मार्गदर्शिका में छपे नियम 50 के पुराने पाठ से ली गई थी। 9 नियम 50(1) का बदला हुआ पाठ कहता है कि मतपत्र पर किसी उम्मीदवार और नोटा, दोनों के लिए निशान हो, तो भी वह नामंज़ूर होगा। अब यह बात यहाँ जोड़ी गई है, और वजहों की गिनती हटा दी गई है। 10
- 31.10.2026 ("पहचान कैसे पक्की कीजिए"): पहले यहाँ लिखा था कि सिर्फ़ छपाई या लिखाई की ग़लती की वजह से किसी सही मतदाता को वोट देने से नहीं रोकना चाहिए, और मतपेटी वाली मार्गदर्शिका भी यही कहती है। मतपेटी वाली मार्गदर्शिका में सिर्फ़ मतदाता सूची में छपाई की ग़लती की बात है: मतदाता की पहचान पक्की हो जाए, तो उसे वोट देने से नहीं रोका जा सकता। 11 अब मतपेटी वाले दिन के पेज पर यही लिखा है: पहचान कैसे पक्की कीजिए।
पहली ड्यूटी: मतदान अधिकारी (PO) की जाँच-सूची
- 10.10.2026 ("पहली ड्यूटी: पीठासीन अधिकारी की जाँच-सूची"): पहले लिखा था "किसी को वोट मत देने दीजिए" और "उसे वोट मत देने दीजिए"। "मत" का मतलब वोट भी होता है, इसलिए इन्हें उल्टा पढ़ा जा सकता था। अब लिखा है "वोट न देने दीजिए": ऐसे मतदाता को वोट नहीं डालने देना है। 12 नियम वही है। इस पेज पर जहाँ भी "मत" का मतलब "नहीं" था, वहाँ अब "न" लिखा है।
- 11.10.2026 ("सामान लेते समय"): लिफ़ाफ़ों के नंबरों के साथ यह बात जोड़ी गई कि खराब और निविदत्त मतपत्रों वाले नंबर मार्गदर्शिका में दूसरी जगह अलग भी छपे हैं। 1113
- 11.10.2026 ("मतदान बंद होने पर"): खराब और निविदत्त मतपत्र वाले लिफ़ाफ़ों के नंबरों पर ध्यान देने वाली बात जोड़ी गई। 14
- 12.10.2026 ("मतदान बंद होने पर"): पहले यहाँ लिखा था कि कौन-सा पैकेट सील होगा, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछिए। यह हटा दिया गया है: यह मार्गदर्शिका की सूची में छपा है। 15
- 12.10.2026 ("मतदान बंद होने पर"): पहले यहाँ लिखा था कि सारे निर्वाचन पत्र और सामग्री अलग-अलग पैकेट में सील कीजिए, और साथ में यह भी कि सामान जमा वाले अध्याय में कुछ लिफ़ाफ़े बिना सील के जमा होते हैं। अब एक ही नियम लिखा है: कौन-से पैकेट सील होंगे, यह उसी अध्याय की सूची से; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 161517
- 12.10.2026 ("सामान लेते समय"): पहले यहाँ निविदत्त मतपत्रों के लिफ़ाफ़े पंच के लिए P-16 और सरपंच के लिए P-17 लिखे थे, और यह भी कि मार्गदर्शिका में दूसरी जगह नंबर अलग छपे हैं। अब एक ही नियम लिखा है: पंच P-17, सरपंच P-16; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 1413
- 12.10.2026 ("मतदान बंद होने पर"): पहले यहाँ निविदत्त मतपत्र और सूची के लिफ़ाफ़े (P-16, P-17) लिखे थे, यानी पंच P-16, सरपंच P-17। अब पंच P-17, सरपंच P-16 लिखा है; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 1413
- 12.10.2026 ("मतदान बंद होने पर"): पहले यहाँ क्रम उल्टा था: पहले यूनिटें अलग, फिर स्विच बंद। अध्याय 17 की छोटी सूची में यही क्रम छपा है, पर मतदान बंद करने वाले हिस्से में और मशीन की पुस्तिका में पहले स्विच बंद करना लिखा है। 181219
- 12.10.2026 ("सौंपते समय"): पहले यहाँ लिखा था कि इनमें से आपको क्या भरकर देना है, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: मतदान ख़त्म होने पर काग़ज़ और लिफ़ाफ़े तैयार करने का काम मार्गदर्शिका ने मतदान अधिकारी को दिया है। 20
- 14.10.2026 ("नियुक्ति का आदेश मिलते ही"): पहले यहाँ लिखा था कि डाक मतपत्र का आवेदन मतदान से कम से कम चार दिन पहले करना है, जैसा मार्गदर्शिका में छपा है। आयोग के 29.01.2026 वाले आदेश 1134 में ज़िला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव के लिए यह अवधि कम से कम सात दिन है, या रिटर्निंग अधिकारी जितना कम समय दें; और दोनों के लिए प्ररूप 1 अलग-अलग, अपने-अपने रिटर्निंग अधिकारी को जाता है। अब यही लिखा है। 8
- 15.10.2026 ("मतदान शुरू होने से पहले"): पहले यहाँ लिखा था कि तख़्ती पर दिव्यांग, बुज़ुर्ग और गोद में बच्चे वाली महिलाओं को पहले भेजने की बात लिखी हो। मार्गदर्शिका में तख़्ती पर सिर्फ़ दिव्यांग और बुज़ुर्ग (वरिष्ठ नागरिक) मतदाताओं को पहले मौक़ा देने की बात है; गोद में बच्चे वाली महिलाओं को लाइन से पहले अंदर भेजना है, पर वे तख़्ती पर नहीं हैं। अब यही लिखा है। 21
मतदान दिवस: एक नज़र में
- 09.10.2026 ("ज़िला परिषद + पंचायत समिति वाला दिन (ईवीएम, बालोतरा में MPSV)"): मशीन वाले दिन दल में कितने लोग होंगे, इस पर हिस्सा जोड़ा गया। 222
- 09.10.2026 ("रंग से पहचान"): आयोग के पत्र 1299 (03.02.2026) वाला वाक्य जोड़ा गया, कि दोनों पदों के लिए काम आ रही MPSV कन्ट्रोल यूनिट पर स्टीकर की ज़रूरत नहीं होगी। 3
- 11.10.2026 ("पहचान के दस्तावेज़"): मार्गदर्शिकाओं के परिशिष्ट-16 और परिशिष्ट-22, उनमें छपे आदेश 603 और उसकी जगह आए आदेश 5310 की बात जोड़ी गई। 2324252627
- 11.10.2026 ("दूसरे दिन (पंच + सरपंच) किस अंगुली पर"): पहले यहाँ लिखा था कि दूसरे दिन किस अंगुली का निशान देखकर मतदाता को रोकना है, यह हमें किसी पुस्तिका में नहीं मिला, और RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: यहाँ अब वही है जो छपा है।
- 11.10.2026 ("पुनर्मतदान हो तो"): पहले यहाँ लिखा था कि पंच + सरपंच के पुनर्मतदान में, जिस मतदाता को दूसरे दिन बाईं तर्जनी पर स्याही लगी थी, उसके लिए ऊपर की दोनों बातें अलग अंगुली बताती हैं, और RO से पूछ लीजिए। यह बात हटा दी गई है: ऊपर अब सिर्फ़ वही है जो आदेश 2235 में छपा है। 28
- 12.10.2026 ("ज़िला परिषद + पंचायत समिति वाला दिन (ईवीएम, बालोतरा में MPSV)"): पहले यहाँ लिखा था कि मशीन वाले दिन दल में कितने लोग होंगे, इस पर आदेश 5096 और मार्गदर्शिका एक बात नहीं कहते: आदेश में हर बूथ पर 5 लोगों का दल है, और मार्गदर्शिका में MPSV वाले बूथ पर एक मतदान अधिकारी कम। अब एक ही नियम लिखा है: MPSV वाले बूथ पर मतदान अधिकारी के साथ 3 सहायक मतदान अधिकारी, M-2/M-3/MK-4/MK-5 वाले बूथ पर 4; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 2922
- 12.10.2026 ("ज़िला परिषद + पंचायत समिति वाला दिन (ईवीएम, बालोतरा में MPSV)"): पहले यहाँ यह भी लिखा था कि दोनों मतदान दिवसों पर दल एक ही रहेगा या नहीं, इस पर आदेश दो हालतें बताता है, और इस चुनाव पर कौन-सी लागू है, यह आदेश में साफ़ नहीं लिखा। यह बात यहाँ से हटा दी गई है; आपके दल में कौन-कौन है, यह अपने नियुक्ति आदेश में देखिए। स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 23031
- 12.10.2026 ("दूसरे दिन (पंच + सरपंच) किस अंगुली पर"): पहले इस हिस्से में एक तालिका थी कि दूसरे दिन पहले दिन का निशान अभी दिख रहा हो, तो दाएँ हाथ की तर्जनी, और न दिख रहा हो, तो बाएँ हाथ की तर्जनी; यही बात ऊपर के डिब्बे और नीचे के चित्र में भी थी। यह हटा दिया गया है: दूसरे दिन (पंच + सरपंच) हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगती है।
- 12.10.2026 ("रंग से पहचान"): पहले इस हिस्से की तालिका में पीले और नीले रंग की चीज़ों में कन्ट्रोल यूनिट के कैण्डसेट सैक्शन के कवर का स्टीकर भी गिना था, और नीचे लिखा था कि मार्गदर्शिका उस कवर पर पीला स्टीकर भी बताती है और नीला भी। अब यहाँ एक ही नियम है, पत्र 1299 वाला: दोनों पदों के लिए काम आ रही MPSV कन्ट्रोल यूनिट पर स्टीकर की ज़रूरत नहीं। स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 323
मतदान दल के फ़ॉर्म: कौन-सा, कब और कैसे भरें
- 30.10.2026 ("परिशिष्ट-26: मतपत्र लेखा"): पहले यहाँ तर्क से लिखा था कि पंच-सरपंच का मतपत्र लेखा रिटर्निंग अधिकारी वाले लिफ़ाफ़े P-33 ("शेष फार्म") में जाएगा। यह तर्क ठीक नहीं बैठता था: मार्गदर्शिका में बूथवार मतपत्र लेखा पंचायत समिति और ज़िला परिषद के लिए बनता है, लिफ़ाफ़ों की सूची में "मतपत्र लेखा" सिर्फ़ उन्हीं के ख़ानों में है (P-30, P-31), और P-33 की सूची में मतपत्र लेखा नहीं है। 201333 अब लिखा है कि पंच-सरपंच के मतपत्रों की गिनती डायरी (परिशिष्ट-23-B) के बिन्दु 11 में जाती है, और डायरी लिफ़ाफ़ा P-43 में मतगणना के समय रिटर्निंग अधिकारी को दी जाती है; पंच-सरपंच का परिशिष्ट-26 भी डायरी के साथ रिटर्निंग अधिकारी को। 343536
- 30.10.2026 ("परिशिष्ट-28: मतपेटी का लेबल"): पहले तर्क से लिखा था कि लेबल मतपेटी तैयार करते समय, यानी मतदान शुरू होने से पहले लगेगा। पर मतदान के बीच भी नई मतपेटी लग सकती है, और तब मतदान अधिकारी फिर से उसके ख़ाली होने की घोषणा करते हैं। 3738 अब लिखा है कि लेबल हर मतपेटी को तैयार करते समय लगेगा, और दूसरी मतपेटी लगे, तो पहली मतपेटी का क्रमांक 1/2 होगा। 39
- 30.10.2026 ("परिशिष्ट-21: मतदान अधिकारी की घोषणा"): पहले तर्क से पक्का लिखा था कि पंच-सरपंच वाली घोषणा लिफ़ाफ़ा P-33 में जाएगी। यह बात सिर्फ़ पंचायत समिति और ज़िला परिषद वाले लिफ़ाफ़े P-32 से मेल पर टिकी है, 1433 इसलिए अब "शायद P-33" लिखा है, और साथ में डायरी का बिन्दु 28 जोड़ा है, जिसमें लिखना होता है कि घोषणाएँ कीं या नहीं। 35
MPSV मशीन से मतदान, क़दम-दर-क़दम
- 12.10.2026 ("प्रशिक्षण सामग्री से मिलान"): पहले इस हिस्से का नाम “प्रशिक्षण सामग्री से मिलान: कुछ सावधानियाँ” था, और इसमें सात बातों पर प्रस्तुति की बात और मार्गदर्शिका या आदेश की बात साथ-साथ लिखी थी: कन्ट्रोल यूनिट के कवर का स्टीकर, मॉक पोल प्रमाण-पत्र, विशेष टैग पर हस्ताक्षर, निविदत्त मतपत्र, वोटों के लेखे की प्रति, Close का डिस्प्ले, और मतदान बंद होने पर अभिकर्ता क्या करें। अब हर बात का एक ही नियम MPSV के अपने पेजों पर है: प्रमाण-पत्र और डिस्प्ले मॉक पोल: दोनों पदों का पेज पर, टैग मॉक पोल के बाद कन्ट्रोल यूनिट सील कीजिए पेज पर, निविदत्त मतपत्र बैलेट यूनिट रखिए और मतदान कराइए पेज पर, लेखे की प्रति और अभिकर्ताओं की बात मतदान बंद कीजिए और मशीन सील कीजिए पेज पर। कन्ट्रोल यूनिट पर स्टीकर का नियम पत्र 1299 वाला है: दोनों पदों के लिए काम आ रही MPSV कन्ट्रोल यूनिट पर स्टीकर की ज़रूरत नहीं; SLMT की मतदान दल वाली प्रस्तुति (पृष्ठ 11) की तालिका भी यही कहती है। प्रस्तुति और मार्गदर्शिका या आदेश में जहाँ फ़र्क है, वह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 3
मशीन लेते समय जाँचिए
- 09.10.2026 ("रंग से पहचानिए"): आयोग के पत्र 1299 (03.02.2026) वाला वाक्य जोड़ा गया, कि दोनों पदों के लिए काम आ रही MPSV कन्ट्रोल यूनिट पर स्टीकर की ज़रूरत नहीं होगी। 3
- 12.10.2026 ("रंग से पहचानिए"): पहले यहाँ यह भी लिखा था कि मार्गदर्शिका के अनुसार कन्ट्रोल यूनिट के कैण्डसेट सैक्शन के बाहरी कवर पर पीला स्टीकर भी चिपका होगा और नीला भी। अब यहाँ एक ही नियम है, पत्र 1299 वाला। स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 323
मशीन जोड़िए
- 10.10.2026 ("मशीन जोड़िए"): नोटा वाली बात पहले यहाँ छूट गई थी। 3240
- 10.10.2026 ("मशीन जोड़िए"): पहले यहाँ सिर्फ़ दो पदों वाला नियम लिखा था, एक पद वाली बात छूट गई थी। 4140
- 13.10.2026 ("मशीन जोड़िए"): पहले यहाँ मार्गदर्शिका और संकलन वाला नियम लिखा था: दोनों पदों का चुनाव एक साथ हो, तो आख़िरी बैलेट यूनिट का END बटन अनमास्क, बाकी सबका मास्क; और एक ही पद का चुनाव हो, तो सबका मास्क। 4142 यह बदल दिया गया है: आयोग के आदेश 9508 (28.09.2026) में MPSV और MPMV की हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रखने को कहा गया है, और MPSV के लिए आदेश 5468 (04.08.2026) में भी यही लिखा था; इनमें आख़िरी बैलेट यूनिट वाली छूट नहीं है। अब इस पेज पर यही एक नियम है। 4344
मॉक पोल: दोनों पदों का
- 13.10.2026 ("मॉक पोल के वोट डलवाइए"): पहले यहाँ, पहले वाक्य के बाद, यह भी लिखा था: "वह दोनों पदों में वोट डाल सकता है, किसी एक पद में ही डाल सकता है, या किसी में नहीं। तय संख्या से कम वोट डालना आंशिक मतदान है; इसके लिए मतदाता दूसरी बैलेट यूनिट पर लगा END बटन दबाएगा, और कन्ट्रोल यूनिट ऐसे वोट UNDER VOTE के रूप में जमा करके दिखाती है।" तालिका में "END बटन (आंशिक मतदान): लम्बी बीप" वाली पंक्ति भी थी। 45 ये बातें हटा दी गई हैं: आयोग के आदेश 5468 (04.08.2026) और 9508 (28.09.2026) में हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रखने को कहा गया है। 4443 किसी एक पद में ही वोट डालने की बात अब मतदान वाले पेज पर, "वोट डलवाइए" में है।
- 16.10.2026 ("Close, RESULT-I और मिलान"): पहले यहाँ Close दबाने के बाद डिस्प्ले का क्रम यह लिखा था: CLOSING, NUMBER OF POSTS 2, तारीख़ (DTE) और समय (TME), TOTAL VOTERS, फिर RJSCU और RJSDM वाले दो नंबर, और आख़िर में POLL CLOSED। मार्गदर्शिका में ये छह डिब्बे दो कॉलम में छपे हैं, और पहले इन्हें बाएँ से दाएँ, पंक्ति-दर-पंक्ति पढ़ लिया गया था। 46 अगले पन्ने पर RESULT-I के डिब्बे भी इसी तरह दो कॉलम में छपे हैं, और वहीं लिखा है कि कन्ट्रोल यूनिट का सीरियल नंबर (RJSCU वाला) संदेशों में दूसरे नंबर पर आता है। यह तभी बैठता है जब डिब्बे ऊपर से नीचे पढ़े जाएँ: पहले बायाँ कॉलम, फिर दायाँ। 47 इसलिए Close का क्रम है: CLOSING, तारीख़ और समय, RJSCU और RJSDM वाले दो नंबर, NUMBER OF POSTS 2, TOTAL VOTERS, और आख़िर में POLL CLOSED। अब यही लिखा है। 4647
बैलेट यूनिट रखिए और मतदान कराइए
- 09.10.2026 ("मतदान के दौरान मशीन चलाइए"): मशीन वाले दिन दल में कितने लोग होंगे, इस पर हिस्सा जोड़ा गया। 222
- 12.10.2026 ("मतदान के दौरान मशीन चलाइए"): पहले यहाँ लिखा था कि मशीन वाले दिन दल में कितने लोग होंगे, इस पर आदेश 5096 और मार्गदर्शिका एक बात नहीं कहते: आदेश में हर बूथ पर 5 लोगों का दल है, और मार्गदर्शिका में MPSV वाले बूथ पर एक मतदान अधिकारी कम। अब एक ही नियम लिखा है: MPSV वाले बूथ पर मतदान अधिकारी के साथ 3 सहायक मतदान अधिकारी, M-2/M-3/MK-4/MK-5 वाले बूथ पर 4; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 2922
- 13.10.2026 ("मतदाता को मशीन तक भेजिए", "वोट डलवाइए" और पेज के आख़िर वाला सार): पहले यहाँ लिखा था कि किसी एक पद में वोट डालने, या किसी में नहीं (आंशिक मतदान), के लिए मतदाता दूसरी बैलेट यूनिट पर लगा END बटन काम में लेगा। 4849 यह रास्ता हटा दिया गया है: आयोग के आदेश 5468 (04.08.2026) और 9508 (28.09.2026) में हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रखने को कहा गया है; आदेश इस बारे में क्या नहीं बताते, यह "वोट डलवाइए" के बिंदु 4 में लिखा है। 4443
मतदान बंद कीजिए और मशीन सील कीजिए
- 10.10.2026: पहले लिखा था "इसके बाद किसी भी हालत में किसी को वोट डालने मत दीजिए"। "मत" का मतलब वोट भी होता है, इसलिए इसे उल्टा पढ़ा जा सकता था। अब लिखा है "वोट डालने न दीजिए": घोषणा के बाद किसी को वोट नहीं डालने देना है। 50 नियम वही है। इस पेज पर जहाँ भी "मत" का मतलब "नहीं" था, वहाँ अब "न" लिखा है।
- 17.10.2026 ("प्ररूप-14 में वोटों का लेखा"): प्ररूप-14 के मिलान वाली बात में मद 3 को नियम 43-क वाले मतदाताओं की गिनती बताया गया था, पर यह नहीं लिखा था कि यह नियम अब नहीं है। 51 अब वहाँ लिखा है कि छपे हुए प्ररूप में मद 3 अब भी है, पर नियम 43-क अधिसूचना 1531 (12.11.2014) से हटा दिया गया है। 5253
लिफ़ाफ़े भरिए और संग्रहण स्थल पर जमा कीजिए
- 14.10.2026 ("लिफ़ाफ़े भरिए और बंद कीजिए"): पहले यहाँ लिखा था कि जो काग़ज़ दोनों चुनावों में एक ही काम आए हैं, उनके लिए दोनों चुनावों का एक साझा लिफ़ाफ़ा बनेगा। मार्गदर्शिका में ऐसे दो लिफ़ाफ़े हैं, जैसा इसी पेज की तालिका में भी लिखा है: निर्वाचक नामावली की चिन्हित प्रति का PE-42 और मतदाताओं के रजिस्टर का PE-43, और दोनों अलग-अलग सीलबंद होंगे। अब यही लिखा है। 54
मतदान दल: कौन क्या करेगा (ज़िला परिषद और पंचायत समिति, MPSV मशीन)
- 10.10.2026 ("मतदान दल: कौन क्या करेगा (MPSV मशीन वाला दिन)"): Total बटन वाली बात में पहले लिखा था "Busy बत्ती जल रही हो, तब Total मत दबाइए"। "मत" का मतलब वोट भी होता है, इसलिए इसे उल्टा पढ़ा जा सकता था। अब लिखा है "पर Total बटन तभी दबाइए, जब Busy बत्ती न जल रही हो"। नियम वही है। 55 इस पेज पर जहाँ भी "मत" का मतलब "नहीं" था, वहाँ अब "न" लिखा है।
- 11.10.2026 ("पहला मतदान अधिकारी: पहचान"): परिशिष्ट-16, उसमें छपे आदेश 603 और उसकी जगह आए आदेश 5310 की बात जोड़ी गई। 232527
- 11.10.2026 ("दूसरा मतदान अधिकारी: स्याही, रजिस्टर, पर्ची"): पहले यहाँ लिखा था कि मतदाता सिर्फ़ एक निशान लगाए, तो अंगूठा लीजिए, और अंगूठा भी न दे, तो उसे वोट नहीं देने दिया जाएगा। किताब में शर्त यह है कि वह उसी निशान को अपना हस्ताक्षर बताए; और आख़िरी बात किताब में "अनुमति नहीं दी जानी चाहिए" के रूप में छपी है।
- 12.10.2026: पेज के आख़िर में "जहाँ दो बातें छपी हैं, या बात उलझ सकती है" वाला हिस्सा हटाया गया। उसकी बातें अब अपने-अपने काम के साथ, एक नियम के रूप में लिखी हैं; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। उस हिस्से में कुछ बातों पर पहले लिखा था कि रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए; ये बातें मार्गदर्शिका में छपी हैं। 565715
- 12.10.2026: पेज की शुरुआत में पहले यह भी लिखा था कि आयोग का आदेश 5096 हर बूथ पर पाँच लोगों का दल कहता है। यह बात हटा दी गई है: MPSV वाले बूथ पर मतदान अधिकारी के साथ तीन सहायक मतदान अधिकारी होते हैं; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 2922
- 12.10.2026 ("दूसरा मतदान अधिकारी: स्याही, रजिस्टर, पर्ची"): पहले यहाँ लिखा था कि नीली पर्ची किसे दी जाए, इस पर किताब में दो बातें छपी हैं। अध्याय 12 से यह बात साफ़ होती है। 56
- 14.10.2026 ("1. नियुक्ति का आदेश मिलते ही"): पहले यहाँ लिखा था कि डाक मतपत्र का आवेदन मतदान से कम से कम चार दिन पहले करना है, जैसा मार्गदर्शिका में छपा है। आयोग के 29.01.2026 वाले आदेश 1134 में ज़िला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव के लिए यह अवधि कम से कम सात दिन है, या रिटर्निंग अधिकारी जितना कम समय दें; और दोनों के लिए प्ररूप 1 अलग-अलग, अपने-अपने रिटर्निंग अधिकारी को जाता है। अब यही लिखा है। 8
- 17.10.2026 ("5. मतदान के दौरान"): पहले यहाँ लिखा था कि कोई मतदाता रजिस्टर (प्ररूप-12) में एंट्री और हस्ताक्षर या अंगूठा लगाने के बाद वोट न डालने का फ़ैसला करे, तो उसकी एंट्री के सामने यह बात लिखिए और उस टिप्पणी के सामने मतदाता के हस्ताक्षर या अंगूठा लगवाइए (नियम 43-क), जैसा ईवीएम मार्गदर्शिका में छपे नियमों में है। 58 पंचायती राज चुनाव क़ानून की पुस्तिका में नियम 43-क के आगे "Deleted" छपा है: यह नियम अधिसूचना 1531 (12.11.2014) से हटा दिया गया है। 53 अब यहाँ लिखा है कि मतदाता किसी भी उम्मीदवार को वोट न देना चाहे, तो बैलेट यूनिट पर नोटा का बटन दबा सकता है (नियम 36-क), और नियम 43-क हटा दिया गया है। 5953
- 17.10.2026 ("5. मतदान के दौरान"): पहले यहाँ लिखा था कि चेतावनी के बाद भी मतदान की प्रक्रिया मानने से मना करने वाले मतदाता को वोट नहीं डालने देने की बात नियम 40-क में है, जैसा ईवीएम मार्गदर्शिका में लिखा है। 60 यह बात नियम 36-क के उप-नियम 6 में है: नियम 40-क के तहत वोट डालने की अनुमति पा चुका मतदाता पीठासीन अधिकारी की चेतावनी के बाद भी वोट डालने की प्रक्रिया न माने, तो उसे वोट नहीं डालने दिया जाएगा। अब यहाँ नियम 36-क का उप-नियम 6 लिखा है। 59
मतपेटी वाला दिन: मतदान, गिनती और वैध-अवैध मतपत्र
- 10.10.2026 ("अभ्यास: वैध या अवैध?"): अभ्यास में हर हालत के साथ निशान वाले मतपत्र का चित्र जोड़ा गया; पहले यह अभ्यास सिर्फ़ नमूनों के नीचे लिखी बातों से बना था। 61
- 10.10.2026 ("अभ्यास: वैध या अवैध?"): पहले यहाँ लिखा था कि मतपत्रों पर "सिर्फ़ चुनाव चिह्न" छपे होंगे। आदेश 7 अंकों का नंबर भी लिखता है, इसलिए यह बात ठीक की गई है।
- 11.10.2026 ("मतदान बंद करना और लिफ़ाफ़े"): परिशिष्ट-15 वाली तालिका और निविदत्त मतपत्रों के नंबर जोड़े गए।
- 12.10.2026 ("मतदान बंद करना और लिफ़ाफ़े"): पहले यहाँ खराब और निविदत्त मतपत्रों के लिफ़ाफ़ों के नंबर दोनों तरह लिखे थे, और लिखा था कि रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। अब एक ही नियम लिखा है, और तालिका में निविदत्त मतपत्रों की पंक्ति भी इसी नियम से ठीक की गई है (पंच P-17, सरपंच P-16); स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 1413
- 12.10.2026: "लिफ़ाफ़े" वाले डिब्बे में निविदत्त मतपत्रों वाली बात जोड़ी गई। उसी डिब्बे में पहले लिखा था कि खराब और निविदत्त मतपत्रों के लिफ़ाफ़ों के नंबर मार्गदर्शिका में दो तरह छपे हैं, और कौन सा नंबर किसका है, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। अब वहाँ एक ही नियम लिखा है। 1413
- 12.10.2026 ("कौन सा मतपत्र वैध, कौन सा अवैध"): पहले यहाँ लिखा था कि अलग गड्डी बनानी है या नहीं, यह अपने रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: मार्गदर्शिका अलग गड्डी को ज़रूरी नहीं कहती, और उसके नमूनों में वह बनती दिखाई गई है; ऊपर दोनों बातें हैं। 6263
- 13.10.2026 ("मतदान से पहले"): पहले यहाँ लिखा था कि पंच के मतपत्र पर मतदान अधिकारी (पंच) हस्ताक्षर करेंगे, और सरपंच के मतपत्र पर मतदान अधिकारी (सरपंच)। इससे लग सकता था कि ये दो अलग लोग हैं। ये एक ही व्यक्ति हैं: दल के वही एक मतदान अधिकारी दोनों मतपत्रों पर हस्ताक्षर करेंगे। 642465
- 15.10.2026 ("गिनती: रिटर्निंग अधिकारी के लिफ़ाफ़े"): इस तालिका में पहले P-41 (उप-सरपंच के चुनाव का बाक़ी रिकॉर्ड) के आगे "सील: हाँ" लिखा था। यह ग़लत था: इस साइट पर P-41 को सील नहीं करना है, जैसा उप-सरपंच वाले अध्याय में लिखा है। अब तालिका में "नहीं" लिखा है, और उसके नीचे यह फ़र्क बताया गया है। 66 (30.10.2026 को यह फिर बदला: नीचे देखिए।)
- 17.10.2026 ("कौन सा मतपत्र वैध, कौन सा अवैध" और "अभ्यास: वैध या अवैध?"): पहले यहाँ लिखा था कि नियम 50 के हिसाब से मतपत्र सिर्फ़ पाँच वजहों से नामंज़ूर होगा, और उनमें किसी उम्मीदवार और नोटा, दोनों पर निशान वाली बात नहीं थी। यह सूची मार्गदर्शिका में छपे नियम 50 के पुराने पाठ से ली गई थी। 9 नियम 50(1) का बदला हुआ पाठ कहता है कि मतपत्र पर किसी उम्मीदवार और नोटा, दोनों के लिए निशान हो, तो भी वह नामंज़ूर होगा। अब यह बात यहाँ जोड़ी गई है, और वजहों की गिनती हटा दी गई है। 10
- 30.10.2026 ("गिनती: रिटर्निंग अधिकारी के लिफ़ाफ़े"): पहले इस तालिका में P-41 (उप-सरपंच के चुनाव का बाक़ी रिकॉर्ड) के आगे "सील: नहीं" लिखा था, और नीचे लिखा था कि P-41 सील नहीं होगा। यह ग़लत था: उप-सरपंच के एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों, तो नियम 66(7) से उनके चुनाव पर नियम 59 और 60 लागू होते हैं, और नियम 60(1) में रिटर्निंग अधिकारी चुनाव के मतपत्रों और बाक़ी काग़ज़ों के पैकेट बनाकर उन्हें सील करते हैं। 6768 अब तालिका में "हाँ" लिखा है।
मतपेटी वाले दिन मतदान दल: कौन क्या करेगा
- 11.10.2026 ("पहले सहायक मतदान अधिकारी: पहचान"): मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-22 में छपे आदेश 603 और उसकी जगह आए आदेश 5310 की बात जोड़ी गई। 242627
- 11.10.2026 ("दूसरे दिन की स्याही"): पहले यहाँ लिखा था कि मार्गदर्शिका की यह बात मानकर चलती है कि पंच-सरपंच वाला दिन पहला है, और अपने बूथ के लिए रिटर्निंग अधिकारी से पक्का कर लीजिए। अब यहाँ वही लिखा है जो मार्गदर्शिका और आयोग के आदेशों में छपा है।
- 12.10.2026: पेज के आख़िर में "जहाँ दो बातें छपी हैं, या बात उलझ सकती है" वाला हिस्सा हटाया गया। उसकी बातें अब अपने-अपने काम के साथ, एक नियम के रूप में लिखी हैं; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। उस हिस्से में कुछ बातों पर पहले लिखा था कि रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए; ये बातें मार्गदर्शिका में छपी हैं। 64112014
- 12.10.2026 ("मतदान अधिकारी (पीठासीन अधिकारी)"): डायरी वाली बात (लिफ़ाफ़ा P-43) जोड़ी गई। 35
- 12.10.2026 ("चौथे सहायक मतदान अधिकारी: स्याही और मतपेटी"): पहले यहाँ सिर्फ़ बाएँ हाथ की तर्जनी लिखी थी। पंच-सरपंच वाले दिन हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगती है, यह बात जोड़ी गई है।
- 12.10.2026 ("चौथे सहायक मतदान अधिकारी: स्याही और मतपेटी"): स्याही लगाने का तरीका अब आयोग के आदेश 1408 वाला लिखा है: नाखून के आखिरी सिरे से अंगुली के पहले जोड़ के नीचे तक, ब्रश से। मार्गदर्शिका के चौथे सहायक वाले हिस्से में छपा तरीका और बाएँ हाथ वाली बात स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 697
- 12.10.2026 ("दूसरे दिन की स्याही"): पहले यहाँ यह भी लिखा था कि चौथे सहायक वाले हिस्से में स्याही बाएँ हाथ की तर्जनी पर लगाने की बात है, और उसी हिस्से में पहले पंच-सरपंच का चुनाव होने वाली हालत अलग से लिखी है। यह हटा दिया गया है: 2026 में पंच-सरपंच का मतदान दूसरे दिन है, और उस दिन हर मतदाता के दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगती है; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 707713031
- 12.10.2026 ("पहले सहायक मतदान अधिकारी: पहचान"): दूसरे दिन की स्याही वाली बात जोड़ी गई। 70
- 12.10.2026 ("दूसरे दिन की स्याही"): पहले ऊपर लिखा था कि मार्गदर्शिका में बदलाव सिर्फ़ एक हालत के लिए लिखा है। यह ठीक नहीं था: मार्गदर्शिका के स्याही वाले बिंदु में बाद वाले दिन के चुनाव के लिए दाएँ हाथ की तर्जनी बिना किसी क्रम की शर्त के लिखी है।
- 14.10.2026 ("पहले सहायक मतदान अधिकारी: पहचान"): पहले यहाँ लिखा था कि पहला सहायक मार्गदर्शिका के हिसाब से बाएँ हाथ की तर्जनी देखे, और उस पर निशान हो, तो मतदाता को वोट न देने दिया जाए। पंच-सरपंच का मतदान ज़िला परिषद-पंचायत समिति के मतदान के दो दिन बाद है, जब बाईं तर्जनी पर मशीन वाले दिन का निशान रहता है। अब लिखा है: उस दिन दाएँ हाथ की तर्जनी देखिए, क्योंकि नियम 38 में वही अंगुली देखी जाती है जिस पर स्याही लगनी है, और आदेश 2235 के हिसाब से बाद वाले चुनाव की स्याही दाएँ हाथ की तर्जनी पर लगती है। 56
- 14.10.2026 ("चौथे सहायक मतदान अधिकारी: स्याही और मतपेटी"): पहले यहाँ लिखा था कि मतदाता की "उँगली पर पहले से स्याही" हो, तो उसे मतपत्र न दिया जाए। मतपेटी वाले दिन बाईं तर्जनी पर मशीन वाले दिन का निशान रहता है, इसलिए अब लिखा है: "दाएँ हाथ की तर्जनी पर पहले से स्याही" हो, तो मतपत्र न दीजिए। 75
- 15.10.2026 ("एक नज़र में: कौन क्या करेगा"): पहले यहाँ की तालिका में पहले सहायक मतदान अधिकारी के काम में "बाईं तर्जनी देखना" लिखा था। पंच-सरपंच वाले दिन हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगती है, जैसा आयोग के आदेश 9836 और 10090 में है, इसलिए अब लिखा है "दाईं तर्जनी देखना"। 3031
मशीन वाली गिनती: ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य
- 10.10.2026 ("मशीन वाली गिनती: ज़िला परिषद और पंचायत समिति"): पहले लिखा था "उसके वोट मत गिनिए" और "कुल जोड़ मत लगाइए"। "मत" का मतलब वोट भी होता है, इसलिए इन्हें उल्टा पढ़ा जा सकता था। अब लिखा है "उसके वोट न गिनिए" और "कुल जोड़ न लगाइए": गड़बड़ वाली मशीन के वोट नहीं गिनने हैं। 72 नए मतदान का नतीजा आने तक कुल जोड़ नहीं लगाना है। 73 नियम वही है। इस पेज पर जहाँ भी "मत" का मतलब "नहीं" था, वहाँ अब "न" लिखा है।
- 12.10.2026 ("गणन अभिकर्ता"): पहले यहाँ लिखा था कि अभिकर्ताओं की संख्या पर आदेश में दो जगह बात है, और कितने अभिकर्ता बैठेंगे, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: नियम और आदेश, दोनों में यह संख्या टेबलों से तय होती है, जैसा ऊपर लिखा है। 7475
- 12.10.2026 ("कंट्रोल यूनिट और उसकी सील"): पहले यहाँ लिखा था कि आगे क्या करना है, इस पर आदेश में दो जगह बात है, और पैरा 15 वाली बात में "जो भी उस मतदान केन्द्र के संबंध में लागू होती हो" छूट गया था। यह ठीक कर दिया गया है: पैरा 15 और 17 एक ही बात कहते हैं। 76
- 12.10.2026 ("कंट्रोल यूनिट और उसकी सील"): पहले यहाँ आख़िर में लिखा था कि ऐसा मामला आए, तो रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: आगे क्या करना है, यह आदेश के पैरा 23 में छपा है, जो ऊपर दिया है। 77
- 12.10.2026 ("MPSV और MPMV (ECIL)"): पहले यहाँ लिखा था कि गिनती के बाद सील पर पुस्तिका और आदेश में फ़र्क़ है, और कौन सा तरीक़ा अपनाना है, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: ईवीएम मार्गदर्शिका में भी MPSV के लिए आयोग के आदेश वाली बात छपी है, और मशीन की पुस्तिका SDMM की सील आयोग की तय प्रक्रिया पर छोड़ती है। 78 79
- 12.10.2026 ("MPSV और MPMV (ECIL)"): पहले यहाँ लिखा था कि आदेश के हिसाब से MPSV का पूरा तरीक़ा पुस्तिका के अध्याय-5 में है, और नीचे एक नोट में कि वेबसाइट वाली पुस्तिका में गिनती अध्याय 6 में है, अध्याय 5 में नहीं; साथ में यह अंदाज़ा भी कि हो सकता है आदेश पुस्तिका के किसी दूसरे संस्करण की बात कर रहा हो। यह अंदाज़ा और अध्याय-5 वाली बात हटा दी गई है: अब एक ही बात है कि गिनती का तरीक़ा वेबसाइट वाली पुस्तिका के अध्याय 6 में है। आदेश में कौन-सा अध्याय लिखा है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 80 8182
- 12.10.2026 ("वोट बराबर हों"): पहले यहाँ आख़िर में लिखा था कि तरीक़े पर कोई शक हो, तो रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: नियम और आदेश, दोनों ऊपर हैं। 8384
- 12.10.2026 ("दोबारा गिनती"): पहले यहाँ लिखा था कि मशीन वाली दोबारा गिनती के कदम आदेश में अलग से नहीं छपे, और कोई उम्मीदवार मशीन वाले वोटों की दोबारा गिनती माँगे, तो रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: मशीन वाले चुनाव में कौन से नियम लागू होते हैं, यह नियम 58(5) में छपा है, और परिणाम दोबारा दिखाने का तरीक़ा आदेश में; दोनों ऊपर दिए हैं। 8586
- 12.10.2026 ("MPSV और MPMV: सिर्फ़ मेमोरी मॉड्यूल सील होगा"): पहले यहाँ लिखा था कि मशीन की निर्देश पुस्तिका में इससे अलग तरीका लिखा है, और कौन-सा तरीका अपनाना है, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: ईवीएम मार्गदर्शिका में भी MPSV के लिए यही बात छपी है, और मशीन की पुस्तिका SDMM की सील आयोग की तय प्रक्रिया पर छोड़ती है। 78 79
- 12.10.2026 ("गिनती टेबल की जाँच-सूची"): इस चित्र में पहले लिखा था कि पिंक पेपर सील से छेड़छाड़ मिले, तो आगे क्या करना है, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए; और यह कि गिनती के बाद क्या सील हो, इस पर पुस्तिका और आदेश में फ़र्क़ है, और कौन सा तरीक़ा अपनाना है, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। ये दोनों बातें हटा दी गई हैं: छेड़छाड़ के बाद की बात आदेश के पैरा 15 और 17 में छपी है (ऊपर कंट्रोल यूनिट और उसकी सील वाला हिस्सा देखिए); और सील की बात ईवीएम मार्गदर्शिका में भी MPSV के लिए आयोग के आदेश जैसी ही छपी है। 72 78
- 12.10.2026 ("गिनती टेबल की जाँच-सूची"): इसी चित्र में पहले यह भी लिखा था कि सील से छेड़छाड़ मिलने पर आगे क्या हो, इस पर आदेश के पैरा 15 और 17 में दो अलग बातें छपी हैं। यह हटा दिया गया है: पैरा 15 और 17 में टकराव नहीं है, यह ऊपर सील वाले हिस्से में समझाया है। 76
- 13.10.2026 ("MPSV और MPMV (ECIL)"): Under Vote और Unfinished Voter वाली बात के नीचे आदेश 5468 और 9508 की बातें जोड़ी गई हैं: हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क, और अंडर वोट की संख्या रिजेक्टेड वोटों में जोड़ना। 444387
उप-सरपंच का चुनाव: बैठक, नामांकन, मतपत्र और गिनती
- 12.10.2026: "बराबर वोट" वाले हिस्से में, और "दोहराइए" वाले चित्र के "गिनती और परिणाम" डिब्बे में, पहले लिखा था कि लॉटरी कौन निकालेगा और किस तरीके से, यह अध्याय-7 में नहीं लिखा, और इसके लिए रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: सबसे ज़्यादा वोट वाले उम्मीदवारों के वोट बराबर हों, तो लॉटरी रिटर्निंग अधिकारी तुरंत निकालेंगे; यह नियम 66(7) और 59(14)(d) से तय होता है। 6867
- 12.10.2026: "जीतने के बाद शपथ" वाले हिस्से में पहले लिखा था कि उप-सरपंच को शपथ कब और किसके सामने दिलाई जाए, यह अध्याय-7 में नहीं लिखा, और इसके लिए रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: यह बात नियम 76 में छपी है। 88
- 12.10.2026: "कार्यवाही का विवरण" वाले नोट में पहले लिखा था कि दो जगह अलग-अलग अधिकारी का नाम छपा है, और यह काम किसके ज़िम्मे है, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: नियम 66(9) में 1999 में ही "पीठासीन अधिकारी" की जगह "रिटर्निंग अधिकारी" कर दिया गया था। 67
- 12.10.2026: लिफ़ाफ़ा P-41 के बारे में पहले लिखा था कि मार्गदर्शिका में यह अलग-अलग छपा है, और इसे सील करना है या नहीं, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। अब यहाँ उप-सरपंच वाले अध्याय का नियम लिखा है: P-41 को सील नहीं करना है। 66 (30.10.2026 को यह फिर बदला: नीचे देखिए।)
- 12.10.2026: कोई नामांकन न आए, तो क्या होगा, इस पर पहले तीन जगह की बात लिखी थी, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछने को कहा था। अब यहाँ उप-सरपंच वाले अध्याय का नियम लिखा है। 89
- 12.10.2026: पहले इस पेज पर लिखा था कि बैठक का कोरम, प्रस्ताव का अनुमोदक, नाम वापस लेने का तरीका, खाली मतपत्र पर नाम कौन लिखेगा, बैठक की अध्यक्षता, और मतपत्र के प्रारूप वाला पुराना आदेश: ये बातें छपी नहीं हैं या अलग-अलग छपी हैं, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। ये बातें हटा दी गई हैं। प्रस्ताव कैसे दिया जाए, उप-सरपंच का चुनाव कौन कराएगा, और मतपत्र किस आदेश के हिसाब से छपेगा, यह इसी पेज पर ऊपर लिखा है; इन तीन बातों पर स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह प्रशिक्षकों वाले पेज स्रोतों में फ़र्क पर है। 909192
- 30.10.2026 ("लिफ़ाफ़े और कार्यवाही"): पहले यहाँ लिखा था कि P-41 को सील नहीं करना है, और तालिका में उसके आगे "नहीं" लिखा था। यह ग़लत था: उप-सरपंच के एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों, तो नियम 66(7) से उनके चुनाव पर नियम 59 और 60 लागू होते हैं, और नियम 60(1) में रिटर्निंग अधिकारी चुनाव के मतपत्रों और बाक़ी काग़ज़ों के पैकेट बनाकर उन्हें सील करते हैं। 6768 अब लिखा है कि P-41 भी सील होगा, और तालिका में "हाँ" है।
नामांकन: फ़ॉर्म और काग़ज़
- 22.10.2026 ("संविदा, मानदेय या योजना वाले पद: लाभ का पद"): इस हिस्से में पहले 10297 को आयोग का "आदेश" लिखा था। यह नागौर के ज़िला निर्वाचन अधिकारी को लिखा गया पत्र है, इसलिए अब "पत्र" लिखा है। 93
- 22.10.2026 ("संविदा, मानदेय या योजना वाले पद: लाभ का पद"): राशन डीलर वाली पंक्ति में पहले लिखा था कि मांगी देवी वाले फ़ैसले "से यह तय हुआ" कि राशन डीलर चुनाव लड़ सकता है। यह बात पत्र की है, और उस फ़ैसले की आधिकारिक प्रति हमें नहीं मिली, इसलिए अब यह बात पत्र के नाम से लिखी है। 94
- 22.10.2026 ("संविदा, मानदेय या योजना वाले पद: लाभ का पद"): ऊपर वाली पंक्ति के समय मांगी देवी वाले फ़ैसले की आधिकारिक प्रति हमारे पास नहीं थी। अब राजस्थान उच्च न्यायालय की वेबसाइट वाली प्रति मिल गई है, और उसके ज़रूरी हिस्से लाभ का पद वाले पेज पर हैं: अदालत ने देखा कि उस समय प्राधिकार पत्र लागू था या राज्य सरकार से कोई अनुबंध चल रहा था; रिकॉर्ड पर ऐसा कुछ नहीं था, इसलिए याचिका ख़ारिज हुई। 9596
- 22.10.2026 ("संविदा, मानदेय या योजना वाले पद: लाभ का पद"): पहले फ़ैसले का नाम "प्रद्युत बारोदलाई" लिखा था, जैसा पत्र के हिन्दी हिस्से में छपा है। सर्वोच्च न्यायालय की प्रति पर नाम "PRADYUT BORDOLOI" छपा है, इसलिए अब "बोरदोलोई" लिखा है। 97 पत्र में फ़ैसले का हवाला "(2001) 2 SCC 1" छपा है; यह पहले हमारे वाक्य के बीच में था, अब उद्धरण-चिह्नों में, पत्र के शब्दों में है। 98
- 22.10.2026 ("संविदा, मानदेय या योजना वाले पद: लाभ का पद"): आख़िरी सलाह में पहले यह भी लिखा था कि संशय हो, तो अपने रिटर्निंग अधिकारी से पहले ही पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है; किस पद पर क्या देखना है, यह अब अलग पेज लाभ का पद पर है।
प्रत्याशी प्रबोधन: पंच और सरपंच
- 10.10.2026 ("नतीजा, जमानत की वापसी और शपथ"): पहले इस नोट में लिखा था कि आयोग के काग़ज़ों में इस पर एक जैसी बात नहीं है, और दो बातें रिटर्निंग अधिकारी से पक्की करने को कहा था: ठीक 1/6 वोट मिलें तो जमानत लौटेगी या नहीं, और 1/6 वैध वोटों पर गिना जाएगा या डाले गए कुल वोटों पर। चुनाव नियम 56(3) पढ़कर दोनों बातें साफ़ लिखी गईं। 99100
- 11.10.2026 ("नतीजा, जमानत की वापसी और शपथ"): इस पेज पर पहले 2178 को आयोग का "आदेश" लिखा था, और इसके साथ लागू दूसरे परिपत्र का नाम नहीं था। 2178 के अपने शीर्षक में "परिपत्र" लिखा है, 101 और आयोग के पत्र 594 (19.01.2026) में लिखा है कि परिपत्र 2178 (20.06.2019) और परिपत्र 2283 (09.07.2019), दोनों इस बार भी लागू रहेंगे। 102 इसलिए अब यहाँ "परिपत्र 2178" लिखा है और परिपत्र 2283 का नाम भी जोड़ दिया है। इससे ऊपर लिखी जमानत की बाक़ी बातें नहीं बदलतीं।
- 12.10.2026 ("कौन चुनाव लड़ सकता है"): पहले इस बात को "उलझन" कहा था, लिखा था कि आम तौर पर फ़र्क नहीं पड़ेगा, और यह कि जिनकी उम्र 21 के आसपास है, वे रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लें। यह बदल दिया गया है: पंच-सरपंच के नामांकन और संवीक्षा इस बार एक ही दिन हैं, इसलिए दोनों बातों से एक ही तारीख निकलती है। 103104
- 12.10.2026 ("कौन चुनाव लड़ सकता है"): पहले इस नोट में मार्गदर्शिका के पैरा की दोनों बातें अलग-अलग लिखी थीं: "संवीक्षा के दिन 21 साल", और नामनिर्देशन भरने की तारीख की असली उम्र। इस बार दोनों एक ही दिन हैं, इसलिए अब एक ही बात लिखी है; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 104103
- 12.10.2026 ("नतीजा, जमानत की वापसी और शपथ"): इसी नोट में पहले यह भी लिखा था कि आदेश 753, ईवीएम मार्गदर्शिका और संकलन में छपी परिपत्र 2178 की टाइप की हुई प्रति में शब्द थोड़े अलग हैं। यह बात हटा दी गई है; नियम वही है। स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 105106107
- 12.10.2026 ("रिटर्निंग अधिकारी से क्या पूछें"): पहले इस सूची में यह भी पूछने को लिखा था कि सरपंच की जमानत राशि किस तरीके से जमा होगी, और सूची के ऊपर लिखा था कि ये बातें मार्गदर्शिकाओं और आदेशों में साफ़ नहीं मिलीं। यह हटा दिया गया है: जमानत राशि रसीद के ज़रिये जमा होती है, और रिटर्निंग अधिकारी उसे लेकर तय रसीद देते हैं। 10864
- 12.10.2026 ("खर्च की सीमा और हिसाब"): पहले यहाँ लिखा था कि कोई शक हो, तो रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: आदेश के खण्ड 7 में यह बात छपी है। 109
- 12.10.2026 ("रिटर्निंग अधिकारी से क्या पूछें"): पहले इस सूची में यह भी पूछने को लिखा था कि फ़ॉर्म कहाँ से मिलेंगे, और जमानत की रसीद कहाँ कटेगी। यह हटा दिया गया है: ये बातें मार्गदर्शिका में छपी हैं। 64
प्रत्याशी प्रबोधन: पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य
- 10.10.2026 ("कौन चुनाव लड़ सकता है"): उम्र किस तारीख को गिनी जाए, इस पर मार्गदर्शिका के पैरा की बातें इस नोट में जोड़ी गईं। 104110
- 10.10.2026 ("नाम वापसी"): पहले यहाँ लिखा था कि ज़िला परिषद या पंचायत समिति सदस्य का नाम वापसी का नोटिस किस रूप में लिखें, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: इसका जवाब नियम 28 और 58(5) में है। 11185
- 10.10.2026 ("जमानत कब लौटेगी, कब जब्त होगी"): पहले यहाँ दो बातें खुली छोड़ी थीं: 1/6 वैध वोटों पर गिना जाएगा या डाले गए कुल वोटों पर, और ठीक 1/6 वोट मिलें तो जमानत लौटेगी या नहीं। नियम 58(5) की शर्तें पढ़कर दोनों का जवाब लिखा गया। 112
- 10.10.2026 ("रिटर्निंग अधिकारी से क्या पूछें"): पहले यहाँ लिखा था कि आयोग की दोनों मार्गदर्शिकाओं में ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के नामांकन की संवीक्षा, नाम वापसी और जमानत लौटाने का तरीका हमें नहीं मिला। यह गलत था। नियम 58(5) संवीक्षा और नाम वापसी के नियम इन चुनावों पर भी लागू करता है, 91 और जमानत के लिए आयोग के परिपत्र 2178 और आदेश 753 हैं। 102105 यह सब अब ऊपर संवीक्षा, नाम वापसी और जमानत वाले हिस्से में है।
- 11.10.2026 ("जमानत कब लौटेगी, कब जब्त होगी"): इस पेज पर पहले 2178 को आयोग का "आदेश" लिखा था, और इसके साथ लागू दूसरे परिपत्र का नाम नहीं था। 2178 के अपने शीर्षक में "परिपत्र" लिखा है, 101 और आयोग के पत्र 594 (19.01.2026) में लिखा है कि परिपत्र 2178 (20.06.2019) और परिपत्र 2283 (09.07.2019), दोनों इस बार भी लागू रहेंगे। 102 इसलिए अब यहाँ "परिपत्र 2178" लिखा है और परिपत्र 2283 का नाम भी जोड़ दिया है। इससे ऊपर लिखी जमानत की बाक़ी बातें नहीं बदलतीं।
- 12.10.2026 ("कौन चुनाव लड़ सकता है"): पहले इस नोट में लिखा था कि ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए उम्र गिनने की तारीख नियमों और मार्गदर्शिकाओं में नहीं लिखी; मार्गदर्शिका के पंच-सरपंच वाले पैरा की दोनों बातें (संवीक्षा के दिन की उम्र, और नामांकन भरने की तारीख की उम्र) लिखी थीं; और यह कि जिसका 21वाँ जन्मदिन नामांकन और संवीक्षा के बीच पड़ता है, वह रिटर्निंग अधिकारी से पक्का कर ले। अब एक ही नियम लिखा है: उम्र संवीक्षा की तारीख को गिनी जाती है, जैसा राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर की प्रशिक्षण सामग्री में है; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 104110113
- 12.10.2026 ("जमानत कब लौटेगी, कब जब्त होगी"): इसी नोट में पहले यह भी लिखा था कि आदेश 753, ईवीएम मार्गदर्शिका और संकलन में छपी परिपत्र 2178 की टाइप की हुई प्रति में कुछ शब्द, प्रपत्र और दिन अलग छपे हैं। यह बात हटा दी गई है; ऊपर के बिंदु हस्ताक्षर वाली प्रति से हैं, और नियम वही है। स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 105106107
- 12.10.2026 ("चुनाव चिह्न"): पहले यहाँ लिखा था कि दल के उम्मीदवारों के लिए आदेश में अलग बात लिखी है, और ऐसे में रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: आदेश के खण्ड 11 में यह बात छपी है, ऊपर लिखी है। 114
- 12.10.2026 ("खर्च की सीमा और हिसाब"): पहले यहाँ लिखा था कि कोई शक हो, तो रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: आदेश के खण्ड 7 में यह बात छपी है। 109
- 12.10.2026 ("रिटर्निंग अधिकारी से क्या पूछें"): पहले इस सूची में लिखा था कि प्रस्तावक चाहिए या नहीं, और कितने, यह नियम आयोग की दोनों मार्गदर्शिकाओं और संकलन में हमें नहीं मिला। यह हटा दिया गया है: नियम 58 में यह छपा है। 115
- 18.10.2026 ("संवीक्षा, नाम वापसी और जमानत", आदेश 10062 वाली बात): पहले यहाँ लिखा था कि नामांकन पत्र या साथ लगे किसी प्ररूप या शपथ पत्र का कोई कॉलम खाली रहा, तो मीमो मिलेगा, और मीमो के बाद कॉलम न भरा या नया शपथ पत्र न दिया, तो नामांकन पत्र अस्वीकार करने योग्य होगा। आदेश में हर प्ररूप नहीं, "घोषणा/शपथ पत्रों" लिखा है; और अलग शपथ पत्र की बात वहीं है, जहाँ अलग शपथ पत्र देना ज़रूरी है। 116 अब यहाँ आदेश वाली बात ही लिखी है।
- 18.10.2026 ("नामांकन से पहले की जाँच-सूची"): पहले इस सूची में लिखा था कि सारे प्ररूप आयोग के छपे हुए, उनकी फ़ोटोकॉपी या टाइप किए हुए हों। आदेश में इनका क्रम यह है: पहले आयोग के दिए प्ररूप, वे न मिलें तो उनकी फ़ोटोकॉपी, और टाइप किया हुआ प्ररूप तभी, जब उसमें सारी प्रविष्टियाँ ज्यों की त्यों हों। 116 अब सूची में यही क्रम और यही शर्त है।
MPSV अभ्यास
- सुधार (09.10.2026): इस अभ्यास में पहले पद 1 पर 8 उम्मीदवारों के बाद नौवाँ बटन नोटा का बना था और पद 2 पर 5 के बाद छठा, और END को 16 बटनों के नीचे अलग, सत्रहवें बटन की तरह बनाया गया था। इससे नोटा के वोट RESULT-I में दिखते ही नहीं थे। अब नोटा हर पद का आख़िरी पैनल है और END सोलहवाँ बटन। 1171911811947
- सुधार (12.10.2026), "मशीन मिलने पर जाँच" वाला क़दम: पहले यहाँ यह भी लिखा था कि मार्गदर्शिका के अनुसार कन्ट्रोल यूनिट के कैण्डसेट सैक्शन के बाहरी कवर पर पीला स्टीकर भी चिपका होगा और नीला भी। अब यहाँ एक ही नियम है, पत्र 1299 वाला; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह साइट के "स्रोतों में फ़र्क" पेज पर है। 323
- सुधार (13.10.2026), "जोड़िए" वाला क़दम: पहले यहाँ मार्गदर्शिका और संकलन वाला नियम था: दोनों पदों का चुनाव एक साथ हो, तो पहली BU का END मास्क और आख़िरी (दूसरी) BU का अनमास्क, और एक ही पद का चुनाव हो, तो सबका मास्क। 41120 अब इस अभ्यास में दोनों BU के END मास्क हैं: आयोग के आदेश 9508 (28.09.2026) में MPSV और MPMV की हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रखने को कहा गया है, और MPSV के लिए आदेश 5468 (04.08.2026) में भी यही लिखा था। 4344
- सुधार (09.10.2026), "चालू कीजिए, CLEAR" वाला क़दम: पहले यहाँ लिखा था कि नोटा के वोट डिस्प्ले की किस पंक्ति में आते हैं, यह छपा नहीं है, और अभ्यास में नोटा की गिनती सिर्फ़ मशीन के बगल वाली तालिका में दिखती थी। मशीन की अनुदेश पुस्तिका की गिनती और उसके चित्रों से निकलता है कि नोटा आख़िरी पैनल है, इसलिए अब नोटा के वोट डिस्प्ले पर भी आते हैं। (सुधार, 09.10.2026: इस नोट में पहले "पुस्तिका से यह साफ़ है" लिखा था। यह पुस्तिका में सीधे लिखी बात नहीं है, गिनती और चित्रों से निकाला गया नतीजा है।) 12119122123
- सुधार (12.10.2026), "मॉकपॉल" वाला क़दम: पहले यहाँ लिखा था कि किसी भी पद में वोट न डालने के लिए मार्गदर्शिका अलग बटन नहीं बताती, इसलिए अभ्यास में END वाला नियम लगाया गया है। मशीन की अनुदेश पुस्तिका में यह बात छपी है; 13.10.2026 को यह रास्ता हटाया गया, अगला सुधार देखिए। 124
- सुधार (13.10.2026), "मॉकपॉल" वाला क़दम: पहले यहाँ लिखा था कि आंशिक मतदान के लिए मतदाता दूसरी BU का END बटन दबाता है, उससे लम्बी बीप के साथ वोट पूरा होता है और जिस पद में वोट नहीं पड़ा, वह UNDER VOTE में गिना जाता है; और यह भी कि मशीन की अनुदेश पुस्तिका में आख़िरी BU का END बटन दबाना छपा है। 4549124 यह रास्ता अभ्यास से हटा दिया गया है, और सवाल "आंशिक मतदान के लिए कौन सा बटन?" भी: आयोग के आदेश 5468 (04.08.2026) और 9508 (28.09.2026) में हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रखने को कहा गया है। 4443
- सुधार (12.10.2026), "मतदान" वाला क़दम: पहले यहाँ लिखा था कि यह संख्या डिस्प्ले पर किन शब्दों के साथ आती है, यह मार्गदर्शिका में नहीं छपा। मशीन की अनुदेश पुस्तिका में यह छपा है, जो ऊपर है। 125
- सुधार (13.10.2026), "उम्मीदवार सेट, मॉक पोल, पिंक पेपर सील (रिटर्निंग ऑफ़िसर)" वाला क़दम: पहले यहाँ मशीन की अनुदेश पुस्तिका वाली बात लिखी थी कि दूसरी BU का सोलहवाँ बटन END खुला रहे, क्योंकि वह UNDER VOTE के लिए है, और अभ्यास में वह खुला रहता था। 119 अब दूसरी BU का END भी मास्क है: आयोग के आदेश 9508 (28.09.2026) में MPSV और MPMV की हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रखने को कहा गया है, और MPSV के लिए आदेश 5468 (04.08.2026) में भी यही लिखा था। 4344
- सुधार (19.10.2026), "मॉकपॉल" वाला क़दम: पहले यहाँ लिखा था कि हर मॉकपॉल वोटर के लिए हर पद के अपने प्रमाण-पत्र (परिशिष्ट-19) में पर्ची क्रमांक और उसी पद में जिसे वोट दिया, उसकी क्रम संख्या लिखिए; दूसरे पद का खाना अभ्यास में ख़ाली छोड़ा जाता था। प्ररूप में दोनों पदों के खाने छपे हैं। 126 अब दोनों प्रमाण-पत्र एक जैसे भरे जाते हैं: हर पंक्ति में वोट डालने वाले का नाम, पर्ची क्रमांक, और दोनों पदों में जिसे वोट दिया उसकी क्रम संख्या। यानी एक ही भरे हुए प्ररूप की दो प्रतियाँ बनती हैं, ज़िला परिषद सदस्य वाली लिफ़ाफ़ा PE-56 में और पंचायत समिति सदस्य वाली PE-55 में। 12745 इस पेज के वीडियो में मॉकपॉल वाले चौथे काम की पंक्ति भी अब यही कहती है।
मतपेटी अभ्यास
- 17.10.2026 ("10. गिनती: वैध या अवैध"): पहले यहाँ लिखा था कि नियम 50 के हिसाब से मतपत्र सिर्फ़ पाँच वजहों से नामंज़ूर होगा, और उनमें किसी उम्मीदवार और नोटा, दोनों पर निशान वाली बात नहीं थी। यह सूची मार्गदर्शिका में छपे नियम 50 के पुराने पाठ से ली गई थी। 9 नियम 50(1) का बदला हुआ पाठ कहता है कि मतपत्र पर किसी उम्मीदवार और नोटा, दोनों के लिए निशान हो, तो भी वह नामंज़ूर होगा। अब यह बात यहाँ जोड़ी गई है, और वजहों की गिनती हटा दी गई है। 10
भूमिका अभ्यास
- 17.10.2026 (मतदान अधिकारी, मशीन वाला दिन, कार्ड "हस्ताक्षर के बाद वोट न डालने का फ़ैसला"): पहले इस कार्ड में सही जवाब था कि रजिस्टर में एंट्री और हस्ताक्षर के बाद कोई वोट न डालने का फ़ैसला करे, तो नियम 43-क में उसकी एंट्री के सामने यह बात लिखकर उस पर मतदाता के हस्ताक्षर लिए जाते हैं। 58 नियम 43-क अधिसूचना 1531 (12.11.2014) से हटा दिया गया है। 53 अब कार्ड का नाम "हस्ताक्षर के बाद कोई उम्मीदवार पसंद नहीं" है: मतदाता को कोई उम्मीदवार पसंद नहीं, और सही जवाब है कि बैलेट यूनिट पर नोटा का बटन भी है, जिसे वह चाहे तो दबा सकता है (नियम 36-क)। 59
- 17.10.2026 (मतदान अधिकारी, मशीन वाला दिन, कार्ड "चेतावनी के बाद भी प्रक्रिया से मना"): पहले इस कार्ड में लिखा था कि चेतावनी के बाद भी मतदान की प्रक्रिया न मानने वाले मतदाता को नियम 40-क में वोट नहीं डालने दिया जाता। 60 अब कार्ड में लिखा है कि उसे वोट न डालने देने की बात नियम 36-क के उप-नियम 6 में है, और रजिस्टर में उसके नाम के आगे मतदान प्रक्रिया के अतिक्रमण की टिप्पणी लिखकर मतदान अधिकारी के हस्ताक्षर करने की बात उप-नियम 7 में। 59
- 17.10.2026 (रिटर्निंग अधिकारी, मतपेटी वाला दिन, कार्ड "मोहर की जगह पेन का निशान"): पहले इस कार्ड में लिखा था कि नियम 50 में नामंज़ूरी की पाँच वजहें हैं। 9 नियम 50(1) के बदले हुए पाठ में छह खंड हैं, और उनमें से एक यह है कि मतपत्र पर किसी उम्मीदवार और नोटा, दोनों के लिए निशान हो। अब कार्ड में सिर्फ़ इतना लिखा है कि नामंज़ूरी की वजहें नियम 50 में गिनाई गई हैं। 10
- 02.11.2026 (मतदान अधिकारी, मशीन वाला दिन, कार्ड "निविदत्त मतपत्र कम पड़ गए"): पहले इस कार्ड में लिखा था कि ज़िला परिषद के निविदत्त मतपत्र ख़त्म होने वाले हैं और पंचायत समिति के बचे हैं, और एक ग़लत जवाब था कि पंचायत समिति के बचे निविदत्त मतपत्र पर ज़िला परिषद का वोट डलवाएँगे। जिसके नाम से कोई और वोट डालकर चला गया हो, उस असली मतदाता को मशीन की जगह निविदत्त मतपत्र दिया जाता है, और हर चुनाव के निविदत्त मतपत्र अलग होते हैं, इसलिए दोनों पदों के निविदत्त मतपत्र साथ-साथ ख़र्च होते हैं। 128 अब कार्ड में लिखा है कि दोनों पदों के निविदत्त मतपत्र ख़त्म होने वाले हैं। सही जवाब वही है: ज़ोनल मजिस्ट्रेट को बताना, ताकि वे और मतपत्रों का इंतज़ाम करें। वह ग़लत जवाब अब सादे काग़ज़ पर 'निविदत्त मतपत्र' लिखकर वोट डलवाने वाला है।
- 02.11.2026 (मतदान अधिकारी, मशीन वाला दिन, कार्ड "ख़ाली रह गईं निविदत्त वोटों की सूचियाँ", पहले "ख़ाली रह गई निविदत्त वोटों की सूची"): पहले इस कार्ड में लिखा था कि पंचायत समिति का एक भी निविदत्त वोट नहीं पड़ा, और एक ग़लत जवाब में उसकी ख़ाली सूची को ज़िला परिषद की निविदत्त सूची वाले लिफ़ाफ़े में रखने की बात थी, जैसे ज़िला परिषद के निविदत्त वोट पड़े हों। असली मतदाता को मशीन की जगह हर चुनाव का अलग निविदत्त मतपत्र दिया जाता है, इसलिए दोनों पदों की निविदत्त सूचियाँ साथ-साथ भरती हैं। 128 अब कार्ड में आज एक भी निविदत्त वोट नहीं पड़ा, और दोनों पदों की सूचियाँ ख़ाली हैं। सही जवाब है कि दोनों पर 'शून्य' लिखकर हस्ताक्षर किए जाते हैं, 129 और हर सूची अपने लिफ़ाफ़े में बंद होती है: ज़िला परिषद की लिफ़ाफ़ा PE-49 में, पंचायत समिति की लिफ़ाफ़ा PE-48 में। 130
नामांकन अभ्यास: पंच और सरपंच
- 18.10.2026 ("फ़ॉर्म 2: प्ररूप 4घ", भरे हुए फ़ॉर्म की टाइप की हुई कॉपी): पहले इस कॉपी में कुछ शब्द वैसे टाइप थे जैसे आम तौर पर लिखे जाते हैं: "संख्याएं", "अधिनियम" और "संक्षिप्त"। आयोग के खाली फ़ॉर्म पर ये ऐसे छपे हैं: बिन्दु 1 में "सख्याएं", "अधिनियंम" और "सक्षिप्त", 131 और बिन्दु 2 में "सख्याएं" और "सक्षिप्त"। 132 अब कॉपी में ये शब्द वैसे ही हैं जैसे फ़ॉर्म पर छपे हैं। फ़ॉर्म की किसी बात का मतलब नहीं बदला।
- 19.10.2026 ("फ़ॉर्म 1: नामांकन पत्र, प्ररूप 4", भरा हुआ उदाहरण): पहले फ़ॉर्म के ऊपर की पंक्ति "पंच / सरपंच का निर्वाचन।" में 'सरपंच' नहीं कटा था, जबकि नोटिस वाली पंक्ति और घोषणा (1) में कटा था। 133 रमेश पंच का चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए अब ऊपर की पंक्ति में भी 'सरपंच' कटा है।
- 19.10.2026 ("फ़ॉर्म 3: शौचालय की घोषणा", भरा हुआ उदाहरण): पहले "निर्वाचन क्षेत्र / वार्ड संख्या" में से कुछ नहीं कटा था। 134 रमेश वार्ड 4 से पंच का चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए अब "निर्वाचन क्षेत्र" कटा है, जैसे पंचायत समिति और ज़िला परिषद वाले पेज पर इसी फ़ॉर्म में संतोष कुमारी के लिए "वार्ड" कटा है। फ़ॉर्म के नीचे "काटना" वाली बात में भी यह जोड़ा गया है।
- 19.10.2026 ("फ़ॉर्म 4: शपथ पत्र, उपाबन्ध-I B (सिर्फ़ सरपंच)", दूसरा पेज, भरा हुआ उदाहरण): पहले दोनों बचत खातों के आगे सिर्फ़ खाते की किस्म, बैंक, शाखा और रकम लिखी थी। फ़ॉर्म के टिप्पण 2 में छपा है कि जमा के लिए क्रम संख्या, रकम, "जमा की तारीख", स्कीम, बैंक या संस्था का नाम और शाखा, ये सब ब्यौरे देने हैं। 135 अब दोनों खातों के आगे खाते का नंबर भी है, और यह भी कि फ़ॉर्म की तारीख 04.11.2026 को खाते में कितना शेष था।
- 19.10.2026 ("फ़ॉर्म 5: सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म, पंच और सरपंच", दोनों भरे हुए उदाहरण): पहले फ़ोन नंबर वाले बिन्दु में घर के नंबर ("निवास का") के आगे "लागू नहीं होता" लिखा था, और ई-मेल के आगे "नहीं है"। 136137 अब घर के नंबर के आगे भी "नहीं है" लिखा है: उम्मीदवार के घर पर फ़ोन है ही नहीं, और पंचायत समिति और ज़िला परिषद वाले पेज के सांख्यिकी फ़ॉर्म में भी यही लिखा है।
नामांकन अभ्यास: पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य
- 18.10.2026 ("फ़ॉर्म 4: शपथ पत्र, उपाबन्ध-I A", "गलती पकड़िए" का सवाल 1, और "संवीक्षा की तालिका" की पंक्ति 6 और 7): पहले इन चारों जगह लिखा था कि नामांकन पत्र या साथ लगे किसी प्ररूप या शपथ पत्र का कोई कॉलम खाली रहा, तो मीमो मिलेगा। आदेश में हर प्ररूप नहीं, "घोषणा/शपथ पत्रों" लिखा है। 116 अब चारों जगह "किसी घोषणा या शपथ पत्र" लिखा है।
- 18.10.2026 ("गलती पकड़िए" का सवाल 9): पहले जवाब में लिखा था कि सारे प्ररूप आयोग के छपे हुए, उनकी फ़ोटोकॉपी या टाइप किए हुए होने चाहिए। आदेश में इनका क्रम यह है: पहले आयोग के दिए प्ररूप, वे न मिलें तो उनकी फ़ोटोकॉपी, और टाइप किया हुआ प्ररूप तभी, जब उसमें सारी प्रविष्टियाँ ज्यों की त्यों हों। 116 अब जवाब में यही क्रम और यही शर्त है।
- 19.10.2026 ("फ़ॉर्म 4: शपथ पत्र, उपाबन्ध-I A", दूसरा पेज, भरा हुआ उदाहरण): पहले दोनों बचत खातों के आगे सिर्फ़ बैंक, खाते की किस्म और रकम लिखी थी। फ़ॉर्म के टिप्पण 2 में छपा है कि जमा के लिए क्रम संख्या, रकम, "जमा की तारीख", स्कीम, बैंक या संस्था का नाम और शाखा, ये सब ब्यौरे देने हैं। 138 अब दोनों खातों के आगे शाखा और खाते का नंबर भी है, और यह भी कि फ़ॉर्म की तारीख 23.10.2026 को खाते में कितना शेष था।
मतदान दल और गिनती का प्रशिक्षण: स्लाइड और पुस्तिका
- 11.10.2026: पंच-सरपंच वाले और ज़िला परिषद-पंचायत समिति के MPSV वाले सेट की स्लाइड, पूरक पत्रक और पुस्तिका फिर से बनाई गईं। पहचान वाली स्लाइड में पहले मार्गदर्शिका के परिशिष्ट वाले दस्तावेज़ों का हवाला था: पंच-सरपंच वाले सेट में परिशिष्ट-22 का, MPSV वाले में परिशिष्ट-16 का 2423। इन परिशिष्टों में आयोग का आदेश 603 (19.01.2026) छपा है 2526, जिसकी जगह अब आयोग का 30.07.2026 का आदेश 5310 है 27। इसलिए दोनों सेट में आदेश 5310 से पहचान के दस्तावेज़ों की दो नई स्लाइड जोड़ी गईं: मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC), और वह न हो, तो 11 दस्तावेज़ों में से कोई एक मूल दस्तावेज़। 27139 MPSV वाले सेट में पहले सिर्फ़ यह लिखा था कि पर्चियाँ 50-50 के बंडलों में मिलेंगी 140; मार्गदर्शिका में आगे यह भी लिखा है कि पर्चियाँ सौ या पचास के बंडल में दी जाएँगी 56, इसलिए इस दिन "दो बातें छपी हैं: पर्चियों के बंडल" वाली स्लाइड जोड़ी गई, जिस पर दोनों बातें थीं। स्रोतों की सूची में आयोग का आदेश 5101 भी जोड़ा गया: "बालोतरा में तारीखें" वाली स्लाइड की वर्तनी वाली टिप्पणी संकलन में छपे इसी आदेश से है 141, पर सूची में इसका नाम छूट गया था।
- 12.10.2026: तीनों सेट की स्लाइड, पूरक पत्रक और पुस्तिका फिर से बनाई गई हैं। हर स्लाइड सेट और पुस्तिका में आख़िर में, स्रोतों की सूची से पहले, उसकी अपनी सुधार-सूची है: उसमें लिखा है कि किस स्लाइड में पहले क्या था और अब क्या है। स्याही: पंच-सरपंच और MPSV वाले सेट की "स्याही लगाइए: कौन लगाता है, कौन जाँचता है" वाली स्लाइड में पहले लिखा था कि आम तौर पर हर मतदाता को बाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगती है; अब लिखा है कि पहले दिन हर मतदाता को बाएँ हाथ की तर्जनी पर, और दूसरे दिन हर मतदाता को दाएँ हाथ की तर्जनी पर। 69703031 पंच-सरपंच वाले सेट में पहले यह भी लिखा था कि दूसरे दिन पहले दिन का निशान अभी दिख रहा हो, तो स्याही दाएँ हाथ की तर्जनी पर, और न दिख रहा हो, तो बाएँ हाथ की तर्जनी पर; यह भी बदल दिया गया है। हर चरण में पहले दिन ज़िला परिषद + पंचायत समिति का मतदान होता है, फिर किसी दूसरी तारीख को पंच + सरपंच का। 3031 मतपेटी वाली मार्गदर्शिका में लिखा है: पहले दिन बाईं तर्जनी पर लगा निशान मतदाता की अंगुली पर रहता है, इसलिए बाद वाले दिन के चुनाव में मतदाता के दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगाई जाएगी। 70 यानी दूसरे दिन (पंच + सरपंच) हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगेगी। 703031 एक बात, एक नियम: कई स्लाइड पर पहले लिखा था कि किसी बात पर किताबों या आदेशों में दो अलग बातें छपी हैं, या वह बात कहीं छपी नहीं या साफ़ नहीं, और कई जगह यह भी कि रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। अब हर ऐसी जगह एक ही बात लिखी है, या वह स्लाइड हटा दी गई है; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। ऐसी बातें: पंच-सरपंच और MPSV, दोनों सेट में स्याही लगाने का तरीका, और दोनों दिन दल एक ही रहेगा या नहीं; पंच-सरपंच वाले सेट में मतपत्र पर उम्मीदवारों के नाम, मतपत्र की पीठ पर हस्ताक्षर, खराब मतपत्रों के लिफ़ाफ़े का नंबर, लेखे और कुछ लिफ़ाफ़े कौन भरेगा, बूथ से क्या सौंपना है, और शक वाले मतपत्रों की गड्डी; MPSV वाले सेट में दल में कितने लोग, नीली पर्ची किसे, पर्चियाँ कौन लेगा और रखेगा, काग़ज़ों के कौन-से पैकेट सील होंगे, मतदान बंद होने पर पहले स्विच बंद या पहले यूनिटें अलग, और कंट्रोल यूनिट पर स्टीकर; गिनती वाले सेट में गणन अभिकर्ता कितने, गड़बड़ वाली मशीन, गिनती के बाद MPSV पर क्या सील हो, MPSV और MPMV में मेमोरी मॉड्यूल की सील, लॉटरी का तरीक़ा, मशीन वाले वोटों की दोबारा गिनती, और MPSV से रिज़ल्ट निकालने का अध्याय। पर्चियों के बंडल: 11.10.2026 को जोड़ी गई "दो बातें छपी हैं: पर्चियों के बंडल" वाली स्लाइड हटा दी गई है; अब एक ही बात है कि पर्चियाँ बंडल में, बूथ के मतदाताओं की संख्या देखकर दी जाएँगी। 56 लिफ़ाफ़े: पंच के खराब मतपत्र P-13 में, सरपंच के P-12 में। 1413 पंच के निविदत्त मतपत्र P-17 में, सरपंच के P-16 में, जैसा परिशिष्ट-15 की तालिका में छपा है। 13 पंच-सरपंच वाले सेट की लिफ़ाफ़ों वाली तालिका और दो सूचियों में पहले निविदत्त मतपत्रों के लिफ़ाफ़े पंच के लिए P-16 और सरपंच के लिए P-17 लिखे थे; अब "निविदत्त मतपत्रों का लिफ़ाफ़ा" वाली नई स्लाइड भी है।
- 13.10.2026: पंच-सरपंच वाले सेट की स्लाइड और पुस्तिका फिर से बनाई गईं। मतपत्र की पीठ पर हस्ताक्षर वाली बात साफ़ की गई है: मार्गदर्शिका के "मतदान अधिकारी (पंच)" और "मतदान अधिकारी (सरपंच)" एक ही व्यक्ति हैं, दल के वही एक मतदान अधिकारी। 642465
- 15.10.2026: पंच-सरपंच वाले दिन के मतदान अधिकारी की स्लाइड और पुस्तिका (Prashikshan_Matdan_Adhikari_Panch_Sarpanch_2026) में पहले लिखा था कि मतदाता को वोट देने से पहले उसके बाएँ हाथ की तर्जनी देखिए। अब लिखा है: दाएँ हाथ की तर्जनी देखिए, क्योंकि पंच-सरपंच वाले दिन हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगती है, जैसा आयोग के आदेश 9836 और 10090 में है। 3031
- 31.10.2026: तीनों सेट (पंच-सरपंच, MPSV और गिनती) की स्लाइड, पूरक पत्रक और पुस्तिका फिर से बनाई गईं। पंच-सरपंच वाले सेट की नियम 50 वाली स्लाइड में अब मतपत्र नामंज़ूर होने की यह वजह भी है कि मतपत्र पर किसी उम्मीदवार और नोटा, दोनों के लिए निशान हो; 10 और आदेश 1031 की एक नई स्लाइड है: जिस मतपत्र की पीठ पर सील न हो और मतदान अधिकारी के हस्ताक्षर भी न हों, वह कब नामंज़ूर होगा और कब नहीं। 142 पंच-सरपंच वाले दिन के मतदान अधिकारी और सहायक मतदान अधिकारियों की स्लाइड में भी यही दो स्लाइड हैं। तीनों सेट में आयोग के 1299 को अब "पत्र" लिखा है। 3 हर सेट में क्या बदला, यह नीचे उस सेट की अपनी सूची में है।
प्रत्याशी प्रबोधन: स्लाइड और पुस्तिका, पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य
- 31.10.2026 (स्लाइड Prabodhan_PS_ZP_2026 और पुस्तिका Pustika_PS_ZP_2026, "नामांकन से पहले की जाँच-सूची: फ़ॉर्म"): पहले इस सूची में लिखा था: "सारे प्ररूप छपे हुए, फ़ोटोकॉपी या टाइप किए हुए हैं; हाथ से लिखा कोई नहीं।" आदेश में इनका क्रम यह है: पहले रिटर्निंग अधिकारी, उपखण्ड अधिकारी या ज़िला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से मिले आयोग के प्ररूप; वे न मिलें, तो उनकी फ़ोटोकॉपी; और टाइप किया हुआ प्ररूप भी, अगर उसमें सारी प्रविष्टियाँ ज्यों की त्यों हों। 116 अब स्लाइड और पुस्तिका में यही क्रम और यही शर्त है। साइट के पेज पर यह बात 18.10.2026 को ठीक हो गई थी; स्लाइड और पुस्तिका 31.10.2026 को फिर से बनीं।
प्रत्याशी प्रबोधन: स्लाइड और पुस्तिका, पंच और सरपंच
- 31.10.2026 (स्लाइड Prabodhan_Panch_Sarpanch_2026 और पुस्तिका Pustika_Panch_Sarpanch_2026, "नामांकन के साथ कौन-से कागज़ लगेंगे, और कौन-से नहीं?"): तालिका के नीचे पहले लिखा था: "सारे प्ररूप आयोग के छपे हुए हों, या उनकी फ़ोटोकॉपी, या सारी प्रविष्टियों वाले टाइप किए हुए; हाथ से लिखा नामांकन पत्र या प्ररूप नहीं चलेगा।" इससे लगता था कि तीनों में से कोई भी चल जाएगा। आदेश में इनका क्रम है: पहले आयोग के दिए प्ररूप; वे न मिलें, तो उनकी फ़ोटोकॉपी; और टाइप किया हुआ प्ररूप भी, अगर उसमें सारी प्रविष्टियाँ ज्यों की त्यों हों। हाथ से लिखा नामांकन पत्र और साथ लगे प्ररूप स्वीकार्य नहीं। 143 अब स्लाइड और पुस्तिका में यही क्रम और यही शर्त है।
रिटर्निंग अधिकारी: दोनों चुनाव, नियम और प्रक्रिया
- 28.10.2026: इस पेज की हर बात अब आयोग के आदेश, नियम या मार्गदर्शिका के हवाले से है, और हर बात के बाद उसका स्रोत-नंबर है। जो बात सिर्फ़ प्रशिक्षण स्लाइड में मिली, उसके साथ लिखा है "प्रशिक्षण स्लाइड के मुताबिक़"। इस जाँच में नीचे की ग़लतियाँ ठीक की गईं।
- 28.10.2026 ("छह कागज़: चार सबसे, दो सिर्फ सरपंच से"): पहले यहाँ लिखा था कि छह में से तीन कागज़ सिर्फ सरपंच पद के अभ्यर्थी से लेने हैं, और उनमें सांख्यिकी सूचना का फार्म (परिशिष्ट-6-E) भी है। आयोग के आदेश 10055 (06.10.2026) में लिखा है कि सांख्यिकी सूचना का फार्म हर चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी से भरवाया जाएगा, और इसे न देने पर नाम निर्देशन पत्र खारिज नहीं होगा। 143 इसलिए इस हिस्से का शीर्षक "छह कागज़: तीन सबसे, तीन सिर्फ सरपंच से" से बदलकर "छह कागज़: चार सबसे, दो सिर्फ सरपंच से" किया गया है। सिर्फ सरपंच पद के लिए दो कागज़ हैं: उपाबन्ध-I B का शपथ पत्र और प्रतिभूति निक्षेप। 144145
- 28.10.2026 ("शौचालय, 21 साल की उम्र, संतान का प्रावधान हटा"): पहले यहाँ लिखा था कि अभ्यर्थी के घर में कार्यशील स्वच्छ शौचालय होना अनिवार्य है, और घर का कोई सदस्य खुले में शौच न जाता हो, जैसे ये दो अलग शर्तें हों। अधिनियम की धारा 19(q) के मुताबिक़ अभ्यर्थी तब अपात्र है, जब घर में कार्यशील स्वच्छ शौचालय न हो और परिवार का कोई सदस्य खुले में शौच के लिए जाता हो, दोनों बातें एक साथ। 146147
- 28.10.2026 ("ये लोग पंच / सरपंच नहीं बन सकते"): पहले यहाँ तीसरी अपात्रता "उन्मोचित दिवालिया" लिखी थी। सही शब्द "अनुन्मोचित दिवालिया" है, यानी ऐसा दिवालिया जो अभी दिवालियेपन से छूटा नहीं। 148
- 28.10.2026 ("अपात्रताएँ: (a) से (h)"; 29.10.2026 को जिला परिषद और पंचायत समिति वाले हिस्से में धारा 19(a) की बात): पहले दोनों हिस्सों में लिखा था कि संसद या विधानसभा का चुनाव लड़ने के अयोग्य व्यक्ति पंचायत का चुनाव भी नहीं लड़ सकता। धारा 19(a) सिर्फ राजस्थान विधानसभा की बात करती है, इसलिए दोनों जगह से "संसद" हटा दिया गया है। 149148
- 28.10.2026 ("अपात्रताएँ: (i) से (q)"): पहले यहाँ बकाया जमा कर देने पर मिलने वाली छूट को धारा 19 का परंतुक (i) लिखा था। यह छूट परंतुक (v) में है, जो धारा 19(m) के लिए है: पंचायती राज संस्था का पूर्व अध्यक्ष या उपाध्यक्ष अपना बकाया नामांकन पत्र भरने से पहले जमा कर दे, तो वह अयोग्य नहीं माना जाएगा। कर या फीस के बकाये वाली छूट अलग है, वह परंतुक (iii) में है। 150147
- 28.10.2026 ("हर हाल में तुरंत जिला निर्वाचन अधिकारी को"): पहले यहाँ लिखा था कि ऐसी घटना की रिपोर्ट मतदान अधिकारी अपनी पीठासीन अधिकारी की डायरी में लिखकर भेजेगा। पंच-सरपंच चुनाव में यह रिपोर्ट रिटर्निंग अधिकारी भेजता है: घटना पीठासीन अधिकारी की डायरी में लिखी जाती है, और रिटर्निंग अधिकारी के नाते आप रिपोर्ट तुरंत जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को भेजते हैं। 151 नियम 48A और 48B में भी रिटर्निंग अधिकारी ही मामले की रिपोर्ट तुरंत राज्य निर्वाचन आयोग को करता है। 152
- 28.10.2026 ("प्रतिस्थानी अभ्यर्थी (Substitute Candidate) कब दल का अभ्यर्थी"): पहले यहाँ लिखा था "मुख्य का पर्चा स्वीकार हो, तो प्रतिस्थानी का पर्चा अस्वीकार होगा"। प्रतिस्थानी अभ्यर्थी का नियम आयोग की अधिसूचना 4196 (17.10.2025) में है। 153 इसके मुताबिक़ मुख्य अभ्यर्थी का पर्चा स्वीकार हो और वह नाम वापस न ले, तो प्रतिस्थानी दल का अभ्यर्थी नहीं माना जाएगा। उसका अपना पर्चा भी स्वीकार हो और वह नाम वापस न ले, तो उसे मुक्त प्रतीक मिलेगा। 154
- 28.10.2026 ("संवीक्षा: कब, कौन, किस आधार पर"): पहले यहाँ लिखा था "नियम 27(3) अस्वीकार करने के तीन आधार देता है"। नियम 27(3) में चार आधार हैं; चौथा (d) है: नियम 25 के प्रावधानों का पालन न होना। 155113
- 28.10.2026 ("RO का विनिश्चय और वैध नामांकनों की सूची"): पहले यहाँ लिखा था कि वैध नामांकनों की सूची "Form IV (C)" में तैयार होती है। प्ररूप IV-C (वैध रूप से नामांकित अभ्यर्थियों की सूची) प्रधान, उप-प्रधान, प्रमुख और उप-प्रमुख के चुनाव का प्ररूप है। 156 सदस्यों के चुनाव में नियम 29(1) के मुताबिक़ लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची प्ररूप V में बनती है। 157
- 28.10.2026 ("लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची: प्रपत्र 5"): पहले यहाँ लिखा था "दल का नाम अभ्यर्थी के नाम के नीचे, स्तंभ दो में दिखाएँ"। प्रपत्र 5 में पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के अभ्यर्थी के दल (अगर हो) का अलग स्तंभ है, जो नाम-पते वाले स्तंभ और प्रतीक वाले स्तंभ के बीच है। 158
- 28.10.2026 ("प्रचार की कुछ मदों पर ख़र्च की ऊपरी सीमा" और "रिटर्निंग अधिकारी की दस बातें"): पहले यहाँ लिखा था कि अभ्यर्थी के ख़र्च की ऊपरी सीमा "आयोग के पत्र दिनांक 23.12.2025" में तय है, और सीमा जिला परिषद सदस्य की ₹3,00,000 और पंचायत समिति सदस्य की ₹1,50,000 है, बिना यह बताए कि सीमा किन चीज़ों के ख़र्च की है। पहले हिस्से का शीर्षक भी "अभ्यर्थी अधिकतम कितना ख़र्च कर सकता है" था। आयोग की अधिसूचना 5052 (23.12.2025) के मुताबिक़ यह सीमा वाहन, लाउडस्पीकर, और कट-आउट, होर्डिंग, पोस्टर, बैनर पर होने वाले ख़र्च की है। 159
रिटर्निंग अधिकारी (RO) की जाँच-सूची: सरपंच और पंच
- 31.10.2026 ("नाम निर्देशन पत्र लेते समय"): पहले यहाँ लिखा था कि हर अभ्यर्थी से, पंच से भी, "सांख्यिकी सूचना फार्म (परिशिष्ट-6-E)" लेना है। परिशिष्ट-6-E "जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य/सरपंच" के उम्मीदवार का फार्म है; 160 पंच के उम्मीदवार का फार्म आयोग के नामांकन फ़ॉर्म के सेट में अलग छपा है। 136 सांख्यिकी सूचना का फार्म पंच से भी लेना है, यह आयोग के आदेश 10055 (06.10.2026) में लिखा है। 143 अब पेज पर आदेश और मार्गदर्शिका की बात उन्हीं के शब्दों में है, और दोनों पदों के फार्म अलग-अलग लिखे हैं।
रिटर्निंग अधिकारी के फ़ॉर्म: पंच और सरपंच
- 31.10.2026 ("प्ररूप-5: चुनाव लड़ने वालों की सूची"): पहले यहाँ मार्गदर्शिका के हवाले से सिर्फ़ यह लिखा था कि पंच के प्ररूप-5 में दस और सरपंच के प्ररूप-5 में बीस चुनाव चिन्ह पहले से छपे होते हैं, इसलिए हर अभ्यर्थी को अपने नाम के सामने छपा चिन्ह मिल जाता है। 161 आयोग के पत्र 9809 (02.10.2026) के मुताबिक़ चिन्ह आदेश 4191 की सूची से दिए जाते हैं, जिसमें पंच और सरपंच के लिए 40-40 चिन्ह हैं: 1 से 10 मतपत्र पर, बाक़ी तीन अतिरिक्त स्लिपों पर। 103162 अब यहाँ पत्र की बात पहले है, और मार्गदर्शिका की बात एक पंक्ति में साथ दी गई है।
- 01.11.2026 ("कार्यालय के लिए प्रारूप"): पहले यहाँ नाम वापसी की सूचना को आयोग के अपने प्ररूपों में गिना था, और कार्यालय के प्रारूपों की फ़ाइल के पहले पन्ने पर परिशिष्ट-27 को आयोग का निर्धारित प्ररूप लिखा था। मार्गदर्शिका में लिखा है कि नाम वापसी के लिए नियमों में कोई प्रारूप निर्धारित नहीं है; सुविधा के लिए परिशिष्ट-27 का मॉडल फ़ॉर्म बनाया गया है। 161 अब पेज और फ़ाइल, दोनों में इसे मॉडल फ़ॉर्म लिखा है।
रिटर्निंग अधिकारी के फ़ॉर्म: पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य
- 31.10.2026 ("जमानत: प्रपत्र-1, 2, 3(अ), 4 और 5"): पहले यहाँ लिखा था कि जब्ती का आदेश प्रपत्र-2 में होगा, और 15 दिन में माँग न हो, तो राशि अगले 15 दिन में राजकोष में जमा होगी। यह संकलन में छपी परिपत्र 2178 की टाइप की हुई प्रति से लिया गया था। 163 आयोग के परिपत्र 2178 (20.06.2019) की हस्ताक्षर वाली प्रति में जब्ती का आदेश परिणाम घोषित होने के 3 दिन में प्रपत्र-2A में देना है। 164 वहीं, माँग न होने पर राशि अगले 7 दिन में राजकोष में जमा करानी है। 164 अब यहाँ यही लिखा है, और टाइप की हुई प्रति की बात साथ में दी गई है।
RO के सवाल: सरपंच और पंच
- 22.10.2026 ("सवाल M1: मतदान दल में कितने लोग"): पहले जवाब में दल के लोगों के नाम "पीठासीन अधिकारी और 4 अन्य मतदान अधिकारी" लिखे थे, RO वाली प्रशिक्षण सामग्री के शब्दों में। अब नाम दल बनाने वाले आदेश 5096 के शब्दों में हैं: एक मतदान अधिकारी और 4 सहायक मतदान अधिकारी। लोगों की गिनती वही है। 2
- 22.10.2026 ("सवाल M4: मतदाता रजिस्टर"): पहले इस पेज पर सवाल था कि मतदाता रजिस्टर (प्ररूप-12) में क्या-क्या लिखा जाता है। यह रजिस्टर मशीन वाले दिन (ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य) की मार्गदर्शिका में है, और यह पेज पंच-सरपंच के मतपेटी वाले दिन का है। इसलिए यह सवाल इस पेज से हटा दिया गया है; बाक़ी सवालों के नंबर नहीं बदले। 165166
- 22.10.2026 ("सवाल E2: अमिट स्याही"): पहले यह जवाब RO की प्रशिक्षण स्लाइडों पर टिका था और आम नियम (बाईं तर्जनी) से शुरू होता था। अब जवाब आयोग के कार्यक्रम और मार्गदर्शिका से शुरू होता है: पंच-सरपंच वाले दिन दाएँ हाथ की तर्जनी, और इसकी वजह। दाएँ हाथ की तर्जनी वाली बात पहले भी यही थी। 303170
- 22.10.2026 ("सवाल G5: उप-सरपंच का चुनाव"): यह जवाब 20.10.2026 के आयोग के पत्र से पहले लिखा गया था, इसलिए इसमें उस पत्र की समय-सारणी नहीं थी। अब पूरी सारणी है: नोटिस, बैठक, नामांकन, संवीक्षा, सूची और चिह्न, मतदान, फिर गिनती। पहले जवाब के आख़िर में लिखा था कि कोरम के बारे में स्रोतों में कुछ नहीं मिला; वह पंक्ति हटा दी गई है। 167
- 22.10.2026 ("सवाल A1: पंच-सरपंच चुनाव के क़ानून"): पहले जवाब में लिखा था कि दोनों पदों पर वोट मतपेटी से होगा, यह आयोग के पत्र 1323 में लिखा है, पर किस एक नियम या आदेश से यह तय हुआ, यह किसी स्रोत में छपा नहीं मिला। अब जवाब मार्गदर्शिका में छपी अधिनियम की धाराओं और नियमों की सूची से शुरू होता है, और बताता है कि दोनों पदों पर मतपेटी से चुनाव की बात आयोग के पत्र 1323 में दर्ज है; "नहीं मिला" वाली पंक्ति हटा दी गई है। 168169
- 22.10.2026 ("सवाल B8: एक से ज़्यादा नामांकन पत्र"): पहले जवाब में एक प्रशिक्षण स्लाइड के हवाले से लिखा था कि एक व्यक्ति अधिकतम चार नामनिर्देशन पत्र भर सकता है, और यह भी कि यह संख्या किसी आदेश में छपी नहीं मिली। अब जवाब मार्गदर्शिका में छपे नियमों से है, और चार वाली संख्या हटा दी गई है। 170171
- 22.10.2026 (सवाल B10): पहले जवाब में लिखा था कि सरपंच-पंच के चुनाव चिह्नों वाली आयोग की अधिसूचना (17.10.2025) इस फ़ोल्डर में नहीं है, और एक प्रशिक्षण स्लाइड के हवाले से यह कि प्ररूप-5 में पंच के दस और सरपंच के बीस चिह्न पहले से छपे होते हैं। वह अधिसूचना आयोग के संकलन में छपी मिली; अब जवाब उसी से और आयोग के पत्र 9809 से है, और दस-बीस चिह्न वाली बात हटा दी गई है। 172103
- 22.10.2026 ("सवाल D3: उम्मीदवारों की सूची और चुनाव चिह्न"): पहले जवाब में एक प्रशिक्षण स्लाइड के हवाले से लिखा था कि पंच के प्ररूप-5 में दस और सरपंच के प्ररूप-5 में बीस प्रतीक पहले से छपे होते हैं, और यह भी कि पंच-सरपंच के चिह्नों वाली आयोग की अधिसूचना (17.10.2025) हमारे स्रोतों में नहीं है। वह अधिसूचना आयोग के संकलन में छपी मिली, और अब चिह्नों की बात उसी से जोड़ी गई है; दस-बीस प्रतीक वाली बात और "नहीं मिला" वाली पंक्तियाँ हटा दी गई हैं। 173
- 22.10.2026 ("सवाल D4: मतपत्र"): पहले जवाब में लिखा था कि मतपत्र पर उम्मीदवार का फ़ोटो होता है या नहीं, यह किसी स्रोत में नहीं मिला। अब जवाब आयोग के पत्र 9809 से है (रंग, नाम कौन और कैसे लिखता है, अतिरिक्त पर्चियाँ); फ़ोटो वाली पंक्ति और सवाल का फ़ोटो वाला हिस्सा हटा दिए गए हैं। 103162
- 22.10.2026 ("सवाल D7: उम्मीदवार की मौत"): पहले जवाब में लिखा था कि किसी उम्मीदवार की मतदान ख़त्म होने से पहले मौत हो जाए, तो भी चुनाव स्थगित नहीं होता, और यह कि "कोई अभ्यर्थी ही नहीं" वाली हालत का नियम पंच-सरपंच के स्रोतों में नहीं मिला। अब जवाब मार्गदर्शिका में छपे नियम 73 से है, जो मतदान शुरू होने से पहले हुई मौत की बात करता है; "नहीं मिला" वाली पंक्ति और सवाल का वह हिस्सा हटा दिए गए हैं। 174
- 22.10.2026 ("सवाल E6: निविदत्त मतपत्र और चुनौती"): पहले यह जवाब अधूरा था: टेंडर मतपत्र किस हालत में दिया जाता है, यह उसमें नहीं था, और लिखा था कि "2 रुपये" वाली चुनौती का पंचायत में कोई नियम स्रोतों में नहीं है। अब जवाब मार्गदर्शिका में छपे नियम 44 से शुरू होता है (टेंडर मतपत्र कब और कैसे), और चुनौती वाली बात मार्गदर्शिका के शब्दों में है: "पंचायत चुनावों में न तो कोई चैलेंज लिस्ट बनेगी और न ही कोई चैलेंज फीस होगी।" सवाल से "2 रुपये" हटाया गया है। 3711
- 22.10.2026 ("सवाल F4: शक वाले मतपत्र"): पहले जवाब में लिखा था कि स्रोतों में आपत्ति का कोई औपचारिक तरीक़ा या अपील नहीं लिखी है; वह पंक्ति और सवाल का आपत्ति वाला हिस्सा हटा दिए गए हैं। अब जवाब आयोग के पत्र 1323 से शुरू होता है, फिर मार्गदर्शिका। 17562
- 22.10.2026 ("सवाल F5: बराबर वोट और दोबारा गिनती"): पहले जवाब में लिखा था कि बराबर वोट होने पर पंच-सरपंच के लिए क्या होगा, यह पंच-सरपंच के स्रोतों में नहीं मिला। अब जवाब मार्गदर्शिका में छपे नियम 51 से है: वोट बराबर हों, तो परिणाम लॉट निकालकर घोषित होता है, उस तरीक़े से जो रिटर्निंग अधिकारी ठीक समझें। दोबारा गिनती की बात पत्र 1323 और मार्गदर्शिका से है। 9175176
- 22.10.2026 ("सवाल F6: गिनती के फॉर्म"): पहले जवाब में लिखा था कि "21/22/23" वाले गणना-प्रपत्र पंचायत के स्रोतों में नहीं मिले; वह पंक्ति हटा दी गई है, और सवाल से ये नंबर भी। अब जवाब पत्र 1323 से शुरू होता है (गिनती पूरी होते ही परिणाम घोषित, फिर प्ररूप-7 में दर्ज), फिर मार्गदर्शिका में छपे नियम 51-52 (प्ररूप-7)। 177175
- 22.10.2026 ("सवाल G2: जीत का प्रमाण पत्र"): पहले जवाब में लिखा था कि प्रमाण पत्र का प्ररूप या परिशिष्ट-क्रमांक स्रोतों में नहीं मिला; वह पंक्ति और सवाल का प्ररूप वाला हिस्सा हटा दिए गए हैं; अब जवाब पत्र 1323 के बिन्दु 9 से है: प्रमाण पत्र कब मिलता है, और उससे क्या लेना है। 175
- 22.10.2026 ("सवाल G4: शपथ"): पहले जवाब में लिखा था कि शपथ कौन दिलाता है, यह अलग से नहीं लिखा, और कहाँ दिलानी है, यह स्रोतों में नहीं लिखा। अब जवाब पत्र 1323 और मार्गदर्शिका में छपे नियम 75-76 से है। 175174
- 22.10.2026 ("सवाल G7: चुनाव के काग़ज़ कहाँ और कितने दिन"): पहले जवाब में लिखा था कि गिनती के बाद मतपत्र और मतपेटी कहाँ और कितने दिन रखी जाएँगी, यह किसी स्रोत में नहीं मिला। अब जवाब मार्गदर्शिका में छपे नियम 53 से है: सारे काग़ज़ ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की अभिरक्षा में रहते हैं; इस्तेमाल हुए मतपत्रों के पैकेट सक्षम अदालत के आदेश के बिना नहीं खोले जाते; और आयोग या अदालत का कोई और निर्देश न हो, तो वे पैकेट छह महीने और बाक़ी पैकेट एक साल रखे जाते हैं। 178
- 22.10.2026 ("सवाल H2: आचार संहिता"): पहले जवाब में लिखा था कि आचार संहिता के पालन वाले आयोग के पत्र का पाठ हमारे स्रोतों में नहीं है, इसलिए पंच-सरपंच पर क्या लागू है, यह उस पत्र से नहीं बताया जा सकता। वह पंक्ति हटा दी गई है। अब जवाब बताता है कि संहिता 03.10.2026 से लागू है, और उम्मीदवारों के काम की मुख्य बातें आयोग के संकलन से जोड़ दी गई हैं। 179180
- 22.10.2026 ("सवाल H4: भरे हुए फॉर्म की फ़ाइल"): पहले जवाब में लिखा था कि फ़ाइल की सूची के परिशिष्ट-19, 22, 23 A और 25 का भरा पन्ना फ़ाइल में नहीं है, और कुछ पन्नों का शीर्षक अलग से नहीं मिला। फ़ाइल दोबारा मिलाने पर यह गिनती पूरी नहीं निकली, इसलिए ये दोनों वाक्य हटा दिए गए हैं।
- 22.10.2026 ("सवाल H5: प्रशासक और इस्तीफ़ा"): पहले जवाब में लिखा था कि सूची के एक पत्र का पाठ हमारे स्रोतों में नहीं है, इसलिए प्रशासक पर आयोग का मुख्य दिशा-निर्देश यहाँ से नहीं बताया जा सकता। वह वाक्य हटा दिया गया है; अब जवाब आयोग के पत्र 10297 के सातवें बिन्दु और पत्र 10520 के शब्दों से है। 94181
- 22.10.2026 ("चार्ट एक नज़र में: मतदान ख़त्म होने से उपसरपंच तक"): परिणाम वाला खाना अब आयोग के पत्र 1323 के क्रम में है: जैसे-जैसे गिनती पूरी हो, परिणाम घोषित होता जाए, और घोषित करने के बाद उसे प्ररूप-7 में दर्ज किया जाए। इसी पत्र से यह भी जोड़ा गया है कि चुने गए उम्मीदवार को निर्वाचन का प्रमाण पत्र दिया जाए, और उससे हस्ताक्षर की हुई प्राप्ति रसीद ली जाए। नामंज़ूर मतपत्र वाले खाने में "सील" की जगह अब आयोग के आदेश के शब्द हैं ("पं.रा.सं." वाली रबर की मुहर), और "तो भी नामंज़ूर" की जगह "तो नामंज़ूर"। 175142
- 22.10.2026 (सवाल A4, B2, B7, B9, C3, D2, D6): इन जवाबों में लिखा था कि कोई-न-कोई बात स्रोतों में नहीं मिली। वे पंक्तियाँ हटा दी गई हैं, और जहाँ वह बात आयोग के आदेशों या मार्गदर्शिका में मिली, वहाँ जवाब में जोड़ दी गई है। कुछ सवालों के शब्द भी बदले गए हैं, ताकि सवाल वही पूछे जिसका जवाब स्रोतों में है।
- 28.10.2026 ("हिस्सा M: मतदान दिवस"): सवाल M4 हटाने के बाद भी इस हिस्से के शीर्षक में "रजिस्टर" रह गया था: "मतदान दिवस: दल, मतपेटी, रजिस्टर और लिफाफे"। पंच-सरपंच वाले दिन मतपत्र मतदाता के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लिए बिना दिया जाता है। 70 मतदाताओं का रजिस्टर (प्ररूप-12) मशीन वाले दिन का कागज़ है, जिसमें मतदाता के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लिया जाता है। 166 इसलिए अब शीर्षक है "मतदान दिवस: दल, मतपेटी, डायरी और लिफाफे"।
- 29.10.2026 ("सवाल B10: पार्टी और चुनाव चिह्न"): पहले यहाँ लिखा था कि अभ्यर्थियों के नाम प्ररूप-5 में जैसे लिखे हैं, वैसे ही मतपत्र पर आते हैं, और आख़िरी अभ्यर्थी के बाद नोटा और उसका प्रतीक भी छपा होता है। आयोग के पत्र 9809 (02.10.2026) के मुताबिक़ पंच-सरपंच के मतपत्र पर सिर्फ़ प्रतीक छपे होते हैं और अभ्यर्थी वाला स्थान ख़ाली रहता है; प्ररूप-5 लगते ही मतदान दल के अधिकारी-कर्मचारी हर अभ्यर्थी का नाम उसके प्रतीक के सामने काले बॉल पेन से हाथ से लिखते हैं। 103 नोटा का स्टीकर आयोग छपवाकर देता है, और वह आख़िरी अभ्यर्थी के बाद अगले स्थान पर चिपकाया जाता है। 162
- 29.10.2026 ("सवाल C5: कौन चुनाव नहीं लड़ सकता"): पहले यहाँ धारा 19(a) के बारे में लिखा था कि जो व्यक्ति संसद या विधानसभा के चुनाव के लिए अयोग्य हो, वह पंच-सरपंच भी नहीं बन सकता। धारा 19(a) सिर्फ़ राजस्थान विधानसभा की बात करती है: राजस्थान विधानसभा के सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए जो व्यक्ति अयोग्य है। 148 इसी जवाब में पहले लिखा था कि आयोग का पत्र 10297 (09.10.2026) "आरक्षित पदों" (संविदा, आशा सहयोगिनी, आंगनवाड़ी, राशन डीलर आदि) पर फ़ैसले की कसौटियाँ बताता है। इस पत्र का विषय है: विभिन्न संविदा, नियत मानदेय और योजनाओं वाले पदों का "लाभ का पद" होना। 93
- 29.10.2026 ("सवाल D1: नाम वापसी"): पहले यहाँ नाम वापसी के नोटिस और उसके मॉडल फार्म को परिशिष्ट-21 लिखा था। मतपेटी वाली मार्गदर्शिका में नाम वापसी का नोटिस और उसका मॉडल फार्म परिशिष्ट-27 है। 171161
- 29.10.2026 ("सवाल D5: मतपत्र का अधिप्रमाणन"): पहले यहाँ लिखा था कि मुहर और मतदान अधिकारी के हस्ताक्षर, दोनों न होने पर मतपत्र नामंज़ूर होने वाली शर्त नियम 39 की शर्त है, और नियमों के नामंज़ूरी वाले आधारों में भी है। नियम 39(1) सिर्फ़ इतना कहता है कि हर मतपत्र वोटर को देने से पहले उस रीति से अधिप्रमाणित होगा जो आयोग बताए। 182 गिनती में नामंज़ूरी वाली यह शर्त आयोग के आदेश 1031 (27.01.2026) से आती है, जो नियम 91-क के तहत जारी हुआ है। 142
- 29.10.2026 ("सवाल E4: डाक मतपत्र"): पहले यहाँ लिखा था कि पंच-सरपंच के चुनाव में डाक मतपत्र नहीं है, और एक प्रशिक्षण स्लाइड के हवाले से कि डाक मतपत्र, ड्यूटी बैलट या प्रॉक्सी का कोई प्रावधान नहीं है। नियम 35 में प्रॉक्सी से वोट डालने की मनाही है, पर इसी नियम में चुनाव-ड्यूटी पर लगे अधिकारियों को आयोग की तय रीति से डाक से वोट देने का हक़ भी है। 183184 यह रीति आयोग का आदेश 1134 (29.01.2026) बताता है, और उसमें साफ़ लिखा है कि यह पंचायत समिति सदस्यों और ज़िला परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए है; पंच-सरपंच का नाम उसमें नहीं है। 8 मार्गदर्शिका भी ड्यूटी स्टाफ़ के डाक वोट की बात पंचायत समिति और ज़िला परिषद के चुनाव के लिए करती है। 183
- 29.10.2026 ("सवाल F1: गिनती कब और कहाँ"): पहले यहाँ लिखा था कि गिनती ग्राम पंचायत मुख्यालय पर होती है, "यानी मतदान केंद्र पर नहीं"। आयोग के कार्यक्रम में गिनती मतदान ख़त्म होते ही ग्राम पंचायत मुख्यालय पर लिखी है 31, और मार्गदर्शिका के मुताबिक़ गिनती पंचायत मुख्यालय पर, मतदान केंद्र पर ही होती है। 185 "मतदान केंद्र पर नहीं" वाला हिस्सा हटा दिया गया है। जवाब के आख़िर की वह पंक्ति भी हटा दी गई है जिसमें लिखा था कि दो दल बनाने का कारण स्रोत में नहीं है।
- 29.10.2026 ("सवाल F3: मतपत्र कब नामंज़ूर होता है"): पहले यहाँ मतपत्र नामंज़ूर करने के दस आधार एक प्रशिक्षण स्लाइड की सूची से दिए थे, और सवाल में भी "10 कारण" लिखा था। पंच-सरपंच के मतपत्र नामंज़ूर करने के आधार नियम 50(1) में हैं, और नियम 50(2) के मुताबिक़ इनके अलावा किसी और आधार पर मतपत्र नामंज़ूर नहीं होता। 10 इनके साथ आयोग के आदेश 1031 (27.01.2026) का आधार है: जिस मतपत्र की पीठ पर "पं.रा.सं." वाली मुहर भी न हो और मतदान अधिकारी के हस्ताक्षर भी न हों, उसे RO नामंज़ूर करते हैं, जब तक चूक मतदान दल की न हो। 142 अब जवाब और सवाल, दोनों इसी हिसाब से हैं।
- 29.10.2026 ("सवाल G3: जमानत कब लौटती है"): पहले यहाँ लिखा था कि जो अभ्यर्थी चुना नहीं गया, उसे कुल वैध वोटों के 1/6 "या उससे ज़्यादा" वोट मिलें तो जमानत लौटती है। आयोग के परिपत्र 2178 (20.06.2019) में शर्त 1/6 से ज़्यादा वोट की है। 101
- 29.10.2026 ("सवाल G6: मतदान के बाद के लिफ़ाफ़े"): पहले यहाँ पंच-सरपंच चुनाव का बड़ा लिफ़ाफ़ा पी-1 (सूची और घोषणाएँ, बिना सील) प्रशिक्षण स्लाइडों के हवाले से मतदान अधिकारी के लिफ़ाफ़ों में गिना था। मार्गदर्शिका के मुताबिक़ मतदान अधिकारी हर चुनाव के बूथवार चार सीलबंद लिफ़ाफ़े ही बनाते हैं, और पी-1 रिटर्निंग अधिकारी तैयार करते हैं। 14
- 29.10.2026 ("सवाल H3: सरपंच की जमानत"): पहले यहाँ सरपंच की जमानत "सामान्य वर्ग 500 रुपये और बाकी 250 रुपये" लिखी थी; इससे सामान्य वर्ग की महिला अभ्यर्थी की जमानत 500 रुपये पढ़ी जाती थी। मार्गदर्शिका के मुताबिक़ सामान्य अभ्यर्थी 500 रुपये, और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला अभ्यर्थी 250 रुपये जमा कराते हैं, यानी हर वर्ग की महिला अभ्यर्थी 250 रुपये। 170
- 29.10.2026 ("सवाल M3: दृष्टिबाधित और दिव्यांग वोटर की मदद"): पहले यहाँ इस मदद का नियम "41-क" लिखा था। पंचायती राज के चुनाव में दृष्टिबाधित और दिव्यांग वोटर की मदद वाला नियम 41 है। 70182
RO के सवाल: ज़िला परिषद और पंचायत समिति
- 28.10.2026 (सवाल B7: जमानत ज़ब्ती का प्रपत्र): पहले यहाँ लिखा था "जमानत जब्ती का आदेश प्रपत्र-2 में होता है"। आयोग के परिपत्र 2178 (20.06.2019) के मुताबिक़ जमानत ज़ब्ती का आदेश परिणाम घोषित होने के 3 दिन के अंदर प्रपत्र-2A में होता है। 164
- 28.10.2026 (सवाल B15: मुख्य और स्थानापन्न अभ्यर्थी): पहले यहाँ लिखा था कि मुख्य अभ्यर्थी का पर्चा स्वीकार हो तो "स्थानापन्न का पर्चा अस्वीकार होगा"। आयोग की अधिसूचना 4196 (17.10.2025) के मुताबिक़ मुख्य अभ्यर्थी का पर्चा स्वीकार हो और वह नाम वापस न ले, तो स्थानापन्न का पर्चा भी स्वीकार होने और उसके नाम वापस न लेने पर उसे दल का खड़ा किया अभ्यर्थी नहीं माना जाएगा; उसे मुक्त प्रतीक मिलेगा। मुख्य का पर्चा अस्वीकार हो, तो स्थानापन्न को दल का मुख्य अभ्यर्थी माना जाएगा। 154
- 28.10.2026 (सवाल B17, C6, D9: नामांकन पत्र की प्रमाणित प्रति): पहले इन जवाबों में लिखा था कि सभी पर्चे अस्वीकार हों तो आदेश की प्रमाणित प्रतियाँ निःशुल्क दी जाती हैं। आयोग के आदेश 745 (20.01.2026) के मुताबिक़ नामांकन पत्र की प्रमाणित प्रति शुल्क देने पर मिलती है। 186 सरकारी काम के लिए चाहिए तो कोई फ़ीस नहीं लगती। 187
- 28.10.2026 (सवाल C12: लाभ का पद, सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला): पहले यहाँ लिखा था "प्रद्युत बारदलोई (2004)"। आयोग के पत्र 10297 (09.10.2026) में यह फ़ैसला 2001 का है: प्रद्युत बारदलोई (2001)। 98
- 28.10.2026 (सवाल C13: FIR या आरोप-पत्र से अयोग्यता): पहले यहाँ धारा "19(1)(gg)" लिखी थी। सही धारा 19(gg) है: संज्ञान हो चुका हो, आरोप तय हो गए हों, अपराध पाँच साल या उससे ज़्यादा की सज़ा वाला हो और मुक़दमा चल रहा हो, तभी अयोग्यता होती है। 146
- 28.10.2026 (सवाल C18: नामांकित अभ्यर्थियों की सूची का प्ररूप): पहले यहाँ इस सूची को "Form IV-C" बताया था। प्ररूप IV-C (वैध रूप से नामांकित अभ्यर्थियों की सूची) प्रधान, उप-प्रधान, प्रमुख और उप-प्रमुख के चुनाव का प्ररूप है। 156 सदस्यों के चुनाव में नियम 29(1) के मुताबिक़ RO हर वार्ड के लिए प्ररूप V में उन अभ्यर्थियों की सूची बनवाता है जिनके पर्चे स्वीकार हुए और वापस नहीं लिए गए। 157
- 28.10.2026 (सवाल D3: पत्र 5083 में क्या है): पहले यहाँ लिखा था "आयोग का पत्र 5083 (24.12.2025) कहता है कि चुनाव चिन्ह का आवंटन इसी के अनुसार होगा"। पत्र 5083 से आरक्षित और मुक्त चुनाव प्रतीकों के नमूनों की सॉफ्टकॉपी मतपत्र छापने के लिए भेजी गई है। 188 प्रतीकों की सूची और आवंटन का आदेश अधिसूचना 4196 (17.10.2025) है। 153188
- 28.10.2026 (सवाल D6: प्रपत्र 5 की सूची की भाषा): पहले यहाँ सूची की भाषा के बारे में दो बातें लिखी थीं: "हिंदी और अंग्रेजी दोनों" और "हिंदी"। आयोग के पत्र 1100 (28.01.2026) के मुताबिक़ चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची हिंदी में, देवनागरी लिपि में होगी; नियम 29(3)(ii) भी नाम हिंदी में वर्णक्रम से छपवाने को कहता है। 188157
- 28.10.2026 (सवाल D6: सूची में दल का नाम): पहले यहाँ लिखा था "पार्टी का नाम नाम के नीचे स्तंभ 2 में"। प्रपत्र 5 में पंचायत समिति/ज़िला परिषद सदस्य के उम्मीदवार के दल (अगर हो) का एक अलग स्तंभ है, जो स्तंभ 2 (क्रम संख्या, नाम और पता) और स्तंभ 3 (आवंटित चिह्न) के बीच है। 158
- 28.10.2026 (सवाल D13: मतपत्र की पीठ पर मुहर): पहले यहाँ मुहर के अक्षर "प.रा.सं." लिखे थे। आदेश 1031 (27.01.2026) के मुताबिक़ मुहर पर हिंदी में "पं.रा.सं." लिखा होगा, और मतदान अधिकारी अपने पूरे हस्ताक्षर करके मतपत्र अनुप्रमाणित करेगा। 142
- 28.10.2026 (सवाल F8: निविदत्त मतपत्र की पीठ पर क्या हो): पहले यहाँ लिखा था कि मतदान अधिकारी मतपत्र के पीछे हाथ से "निविदत्त मतपत्र" लिखता है। सही तरीका: मतपत्र के पीछे "निविदत्त मतपत्र" का स्टाम्प लगता है, स्टाम्प न हो तो मतदान अधिकारी हाथ से लिखता है, और नीचे अपने हस्ताक्षर करता है। 1284
- 28.10.2026 (सवाल G5: जमानत कब ज़ब्त होती है): पहले यहाँ लिखा था कि कुल वैध वोटों के "1/6 भाग से अधिक वोट मिलें तो वापस, अन्यथा ज़ब्त"। नियम 58(5) के मुताबिक़ जमानत उसी अभ्यर्थी की ज़ब्त होती है जो न जीते और डाले गए कुल वैध वोटों का कम से कम 1/6 भाग भी न पा सके। 112 जीतने वाले के वोट 1/6 से कम हों तो भी उसकी जमानत वापस मिलती है। 106112 परिपत्र 2178 में पंचायत समिति/ज़िला परिषद सदस्य के चुनाव के लिए शर्त "1/6 या इससे अधिक" है, यानी ठीक 1/6 वोट पर भी जमानत वापस मिलती है। 164
- 28.10.2026 (सवाल G7: गिनती के बाद काग़ज़ों के पैकेट): पहले यहाँ लिखा था कि डाक मतपत्रों और निविदत्त मतपत्रों के पैकेट गिनती के समय बनते हैं और RO उन्हें सील करता है, और "बाकी" पैकेट मतदान अधिकारियों से सीलबंद मिलते हैं। सही बात: गिनती के समय प्रयुक्त डाक मतपत्रों (वैध और अस्वीकृत) और मतदाताओं की घोषणाओं व उनके हस्ताक्षरों के अनुप्रमाणन के पैकेट बनते हैं; मतदाता रजिस्टर, अप्रयुक्त मतदाता पर्चियों, निविदत्त मतपत्रों और नामावली की चिह्नित प्रतियों के पैकेट मतदान अधिकारियों (PO) से सीलबंद मिलते हैं। 189
- 28.10.2026 (सवाल G8: उप-प्रधान के चुनाव का नियम): पहले यहाँ उप-प्रधान के चुनाव का नियम "62" लिखा था। उप-प्रधान का चुनाव नियम 61 में है और उप-प्रमुख का नियम 62(2) में। 68190
- 28.10.2026 (सवाल I2: नीला और पीला स्टिकर किन मशीनों पर): पहले यहाँ मशीनों के मॉडल "M-2, MK-4" लिखे थे। BEL की M3A या MK-5 मॉडल की ईवीएम लगें (इनमें दोनों पदों की यूनिट अलग-अलग होती हैं) तो पंचायत समिति सदस्य के लिए नीला और जिला परिषद सदस्य के लिए पीला स्टिकर लगता है; MPSV/MPMV की कंट्रोल यूनिट सिर्फ़ एक पद के लिए लगे तो उस पर भी उसी पद का स्टिकर लगता है। 3106
- 28.10.2026 (सवाल I6: दृष्टिबाधित मतदाता के नाम के सामने निशान): पहले यहाँ दो अक्षर "अ अ" लिखे थे। मार्गदर्शिका के मुताबिक़ मतदाता सूची में उस मतदाता के नाम के सामने दो अक्षर "AA" लिखे जाते हैं। 60
- 28.10.2026 (सवाल I11: एड्रेस टैग और प्रपत्र-7 का भाग-3): पहले यहाँ लिखा था "उम्मीदवार या अभिकर्ता अपनी मोहर लगाना चाहें तो लगाने दें और उनके नाम प्रपत्र-7 भाग-3 में दर्ज करें"। सही बात: टैग पर मतदान अधिकारी की मुहर के साथ मतदान अभिकर्ताओं की मुहर भी लगती है। 191 प्रपत्र-7 के भाग-3 (मतदान अधिकारी की घोषणा) में अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर भी लिए जाते हैं, और जो अभिकर्ता इस घोषणा पर हस्ताक्षर करने से मना करें, उनके नाम उसमें दर्ज होते हैं। 54
- 28.10.2026 (सवाल I13: क्रम संख्या पर AA कब): पहले यहाँ लिखा था कि दृष्टिबाधित या दिव्यांग मतदाता हो तो उसकी क्रम संख्या पर AA लिखा जाता है। AA तब लिखा जाता है जब ऐसे मतदाता को वोट डालने में मतदान अधिकारी की मदद चाहिए। 23192
- 28.10.2026 (सवाल J5: गणन पर्यवेक्षक और सहायक): पहले यहाँ इसे "नियम 59" के अनुसार बताया था। यह आयोग के पत्र 1299 (03.02.2026) में है: RO जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुमोदन से गणन पर्यवेक्षक और गणन सहायक नियुक्त करता है, और हर टेबल पर एक पर्यवेक्षक और एक सहायक लगाना है। 75
- 28.10.2026 (सवाल J6: डाक मतपत्रों की गिनती का नियम): पहले यहाँ नियम "54-क" लिखा था। RO सबसे पहले नियम 50-क के तहत डाक मतपत्रों की गिनती करता है। 193194
- 28.10.2026 (सवाल K3: गिनती के बाद मशीनें कैसे सील हों): पहले यहाँ हर मशीन के लिए एक ही तरीका लिखा था: "कंट्रोल यूनिट का रिजल्ट सेक्शन सील किया जाएगा"। आयोग के आदेश 1024 (27.01.2026) के मुताबिक़ M3A/MK-5 मशीनों से बैटरी निकालकर मशीन सील की जाती है। 195 MPSV और MPMV मशीनों से भी बैटरी निकाली जाती है, और SDMM/DMM कंट्रोल यूनिट से निकालकर सील किया जाता है। 196 ECIL की MPSV मशीन को सील नहीं करना है, सिर्फ़ उसका SDMM सील होता है। 78197 MPSV और MPMV की कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट RO आगे के चुनावों के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी को लौटा देते हैं। 196
- 28.10.2026 (सवाल A2, A3, A6, B2, B7, B9, B10, B11, B13, B17, C1, C3, C8, C11, C16, D1, D7, D9, D10, D12, E2, E4, F7, G3, G4, G8, H1, H4, I6): इन जवाबों में लिखा था कि कोई-न-कोई बात स्रोतों में नहीं मिली या स्लाइड में नहीं लिखी। वे पंक्तियाँ हटा दी गई हैं, और जहाँ वह बात आयोग के आदेशों, नियमों या मार्गदर्शिका में मिली, वहाँ जवाब में जोड़ दी गई है।
सेक्टर मजिस्ट्रेट और ज़ोनल अधिकारी: दोनों चुनाव
- 22.10.2026 (कई हिस्सों में): पहले इस पेज पर दल के लोगों के नाम प्रशिक्षण स्लाइडों के शब्दों में थे: "पीठासीन अधिकारी", "Presiding Officer", "Polling Officer", और "द्वितीय", "तृतीय", "चतुर्थ मतदान अधिकारी"। अब नाम दल बनाने वाले आदेश 5096 (26.12.2025) के शब्दों में हैं: एक मतदान अधिकारी और 4 सहायक मतदान अधिकारी। 29 आदेश 5096 सहायकों को नंबर नहीं देता; आयोग का आदेश 9496 (28.09.2026) उन्हें नंबर से लिखता है, जैसे "सहायक मतदान अधिकारी–प्रथम" और "सहायक मतदान अधिकारी–चतुर्थ"। 198 किसी फ़ॉर्म पर छपे शब्द, जहाँ उद्धरण में दिए हैं, जैसे छपे हैं वैसे ही रखे गए हैं।
- 22.10.2026 ("दौरे, विश्राम गृह और विवेकाधीन अनुदान"): पहले यह हिस्सा ज़ोनल अधिकारी की प्रशिक्षण स्लाइडों के शब्दों में था। अब यह सामान्य प्रशासन विभाग के उस आदेश से शुरू होता है, जो आयोग ने अपने पत्र 10568 (15.10.2026) से हर ज़िला निर्वाचन अधिकारी को भेजा: चुनाव पूरा होने तक मंत्री चुनाव वाले इलाक़े में सरकारी दौरे पर नहीं जाएँगे, और उसी आदेश की बाक़ी बातें। विवेकाधीन अनुदान की रोक अब आयोग की आदर्श आचरण संहिता के शब्दों में है। स्लाइडों वाली बातें अब छोटी पंक्तियों में, आदेश के बाद हैं। 179199
- 22.10.2026 ("लाउडस्पीकर, हथियार, बूथ कैप्चरिंग, शराब"): सूखा दिवस की बात जोड़ी गई है: वित्त (आबकारी) विभाग का 14.10.2026 का आदेश, जो आयोग ने अपने पत्र 10542 (15.10.2026) से भेजा। हर चरण में मतदान वाले इलाक़े और उसके 5 किलोमीटर के दायरे में कब से कब तक सूखा दिवस रहेगा, यह अब इस हिस्से में है, और यह भी कि ज़िला परिषद-पंचायत समिति की गिनती के दिन, 20.11.2026 को भी सूखा दिवस है। 200
- 22.10.2026 ("हस्ताक्षर या अंगूठा पहले, वोट बाद में"): पहले लिखा था कि यह नियम "पीठासीन अधिकारी की मार्गदर्शिका" के अध्याय 3, पेज 12, बिंदु 19 में है, जैसा प्रशिक्षण स्लाइड में लिखा है। अब इसके साथ आयोग की ईवीएम मार्गदर्शिका का नाम है, जिसमें यह नियम पेज 12 पर बिंदु 19 में छपा है, और उसी पेज का लिंक। 201
- 23.10.2026 ("अभिकर्ता, उम्मीदवारों के बूथ, अवैध वाहन"; "अत्यंत गंभीर 5 परिस्थितियाँ"; "केंद्र के 100 मीटर में: प्रचार नहीं, फोन नहीं"; "उम्मीदवारों के बूथ: 100 मीटर के बाद"; "ज़ोनल अधिकारी / प्रेक्षक की दस बातें"): पहले इन हिस्सों में लिखा था कि उम्मीदवारों के बूथ मतदान केंद्र से 200 मीटर से ज़्यादा दूरी पर ही लगें, जैसा सेक्टर मजिस्ट्रेट और ज़ोनल अधिकारी की प्रशिक्षण स्लाइडों में है। अब ये हिस्से आयोग की ईवीएम मार्गदर्शिका (अध्याय 15, बिंदु 4) से शुरू होते हैं: मतदान बूथ से 100 मीटर की दूरी के बाद उम्मीदवारों को चुनाव बूथ लगाने की अनुमति है। स्लाइडों की 200 मीटर वाली बात एक पंक्ति में साथ दी गई है। दो शीर्षक भी बदले हैं: पहले वे "अभिकर्ता, 200 मीटर, अवैध वाहन" और "उम्मीदवारों के बूथ: 200 मीटर से बाहर" थे। दलों के कार्यालय, कट-आउट, होर्डिंग और पोस्टर-बैनर, और मतदान के दिन निजी वाहनों के 200 मीटर वाले नियम नहीं बदले। 202
- 23.10.2026 ("ज़ोनल अधिकारी / प्रेक्षक की दस बातें"): पहले इस हिस्से में खर्च की सीमा (जिला परिषद सदस्य के लिए रुपये 3,00,000) और वाहनों की गिनती (3, 2 और 1) बिना यह बताए लिखी थी कि सीमा किन चीज़ों के खर्च की है और गिनती ज़्यादा से ज़्यादा की है; यह भी लिखा था कि बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर और पशुचालित वाहन नहीं चलेंगे। अब आयोग की अधिसूचना 5052 (23.12.2025) के अनुसार लिखा है: खर्च की यह अधिकतम सीमा (धारा 22क) वाहन, लाउडस्पीकर और कट आउट, होर्डिंग्स, पोस्टर, बैनर पर होने वाले खर्च की है; उम्मीदवार ज़्यादा से ज़्यादा इतने वाहन चला सकता है; और बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर और पशुचालित वाहनों की रोक उम्मीदवार या उसके निर्वाचन अभिकर्ता की प्रचार या चुनाव से जुड़ी यात्रा पर है। 203 केंद्र के 100 मीटर में फोन की रोक के साथ अब यह भी लिखा है कि यह रोक ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों पर नहीं है।
- 22.10.2026 ("प्ररूप-12 और मतदाता पर्ची"; "मॉक पोल प्रमाण-पत्र"): मतदाता पर्ची वाली पंक्ति में अब यह भी लिखा है कि पर्ची दूसरा सहायक मतदान अधिकारी (APO-2) जारी करता है; पर्ची का खाना "मतदान अधिकारी के लघु हस्ताक्षर" जैसा छपा है, वैसा दिया है। मॉक पोल प्रमाण-पत्र के कॉलमों का क्रम ठीक किया गया है: पहले लिखा था कि पहले कॉलम में भाग लेने वाले का नाम और पर्ची क्रमांक है; अब लिखा है कि पहले कॉलम में क्रम संख्या है, फिर नाम और मॉकपॉल वोटर पर्ची क्रमांक।
आदेश
- 08.10.2026 ("संकलन में छपे आदेश"): इस पेज के पहले रूप में ऊपर के नौ आदेश "जिनकी प्रति हमारे पास नहीं" वाली सूची में थे। यह गलत था, क्योंकि ये सभी आयोग के संकलन में छपे हैं। अब ये संकलन के पेज नंबर के साथ यहाँ हैं। आदेश 879 का विषय भी ठीक किया गया: यह मतपत्रों की छपाई का आदेश है। 204
- 12.10.2026 ("जो आदेश हमारे पास हैं"): आदेश 9508, 5475 और 5468 इस सूची में जोड़े गए। 4320544
चुनाव कार्यक्रम
- 10.10.2026 ("गिनती, प्रमुख और प्रधान"): पहले यहाँ यह समय सिर्फ़ प्रमुख और प्रधान के चुनाव का लिखा था; आदेश में यही समय चारों पदों के लिए है। 206
प्रश्नोत्तर: पंचायत चुनाव 2026
पहले इस पेज पर, जहाँ दो पुस्तिकाएँ अलग बात कहती थीं, वहाँ दोनों बातें लिखी थीं; अब हर जवाब में एक ही नियम है।
- 10.10.2026 (मतदाता 18 साल से कम का लगे तो?): पहले यहाँ लिखा था "वोट मत रोकिए"। "मत" का मतलब वोट भी होता है, इसलिए इसे उल्टा पढ़ा जा सकता था। सही बात: ऐसे मतदाता को वोट डालने से नहीं रोकना है, उससे उम्र की लिखित घोषणा लेनी है। 12811 नियम वही है। इस प्रश्नोत्तर में जहाँ भी "मत" का मतलब "नहीं" था, वहाँ अब "न" लिखा है।
- 11.10.2026 (मतदाता स्याही लगवाने से मना करे, या उसकी अंगुली पर पहले से स्याही हो?): पहले यहाँ लिखा था कि पहला सहायक किस अंगुली का निशान जाँचे, यह किसी पुस्तिका में नहीं लिखा, और RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है; दूसरे दिन किस अंगुली पर स्याही लगेगी, यह ऊपर है। 70
- 12.10.2026 (पंच-सरपंच वाले दिन वोटर की किस अंगुली पर स्याही लगेगी?): पहले यहाँ लिखा था कि पंच + सरपंच वाले दिन दाएँ हाथ की तर्जनी तभी, अगर पहले वाले मतदान का निशान तब भी दिख रहा हो। यह बदला गया है: पंच + सरपंच वाले दिन हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगती है। 70
- 12.10.2026 (चुनाव ड्यूटी पर लगे कर्मचारी अपना वोट कैसे डालें?): पहले यहाँ लिखा था कि पंच-सरपंच के वोट के लिए डाक मतपत्र की बात मार्गदर्शिका में साफ़ नहीं लिखी, और अपने रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: आयोग के आदेश में जो छपा है, वह ऊपर है। 8
- 12.10.2026 (ड्यूटी पर लगे हम लोग ख़ुद वोट कैसे डालें?): पहले यहाँ लिखा था कि पंच/सरपंच के वोट के लिए RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: आयोग के आदेश में जो छपा है, वह ऊपर है। 8
- 12.10.2026 (मतपेटी वाले दिन चारों सहायक मतदान अधिकारी क्या करेंगे?): पहले यहाँ चौथे सहायक के काम में सिर्फ़ बाएँ हाथ की तर्जनी लिखी थी। पंच + सरपंच वाले दिन हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगती है। 70
- 12.10.2026 (मतपेटी वाले दिन चारों सहायक मतदान अधिकारी क्या करेंगे?): पहले यहाँ लिखा था कि चौथा सहायक देखता है कि दोनों मतपत्र पेटी में जाएँ; मार्गदर्शिका में लिखा है कि वह मतदाता को समझाए कि मतपत्र पंच-सरपंच वाली मतपेटी में ही डाले। 71
- 12.10.2026 (मशीन वाले बूथ पर कितनी सील, टैग और फ़ॉर्म मिलेंगे?): पहले ऊपर वाली बात के आख़िर में लिखा था कि दोनों बातें छपी हैं, RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: पत्र 1299 में छपा है कि दोनों पदों के लिए एक साथ लगी MPSV कन्ट्रोल यूनिट पर स्टिकर की ज़रूरत नहीं। 3
- 12.10.2026 (मतदाता सूची की कितनी प्रतियाँ मिलेंगी, और उनमें क्या देखना है?): पहले यहाँ लिखा था कि दोनों पुस्तिकाओं की गिनती अलग है, और गिनती पर शक हो तो RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: दोनों सूचियाँ अलग-अलग तरह के बूथ की हैं, और यह उन्हीं सूचियों के ऊपर छपा है। 207208
- 12.10.2026 (मतपेटी वाले बूथ पर कौन-सी ख़ास चीज़ें सँभालनी हैं?): पहले यहाँ लिखा था कि हर बूथ को कितने मतपत्र मिलेंगे, यह आदेश में नहीं लिखा, और RO से मिलाइए। यह हटा दिया गया है: आदेश का नोट बताता है कि मार्गदर्शिका का बूथ वाला हिसाब बना रहता है। 209
- 12.10.2026 (कौन-सी बैलेट यूनिट किस पद की है, यह कैसे पहचानें?): पहले यहाँ लिखा था कि दोनों जगह की बात अलग है, और कन्ट्रोल यूनिट पर स्टीकर न मिले या कोई शक हो, तो RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: पत्र 1299 में छपा है कि दोनों पदों वाली MPSV कन्ट्रोल यूनिट पर स्टीकर की ज़रूरत नहीं। 3
- 12.10.2026 (हर बूथ को कितने मतपत्र मिलेंगे?): पहले यहाँ लिखा था कि 2026 में हर बूथ को कितने मतपत्र मिलेंगे, यह आदेश में नहीं लिखा, और RO से मिलाइए। यह हटा दिया गया है: आदेश का नोट बताता है कि मार्गदर्शिका का बूथ वाला हिसाब बना रहता है। 209
- 12.10.2026 (मतदान के बाद मतदान अधिकारी कौन-से लिफ़ाफ़े बनाता है?): पहले यहाँ सिर्फ़ खराब मतपत्रों वाला फ़र्क लिखा था, और यह कि लिफ़ाफ़े पर "पंच" या "सरपंच" साफ़ लिखिए। निविदत्त मतपत्रों वाला फ़र्क और परिशिष्ट-15 की तालिका अब जोड़ी गई है। "साफ़ लिखिए" वाली बात हटा दी गई है, क्योंकि यह किसी छपे पन्ने पर नहीं मिली। 13
- 12.10.2026 (मतदान अभिकर्ता कब पहुँचे? देर से आए तो क्या करें?): पहले यहाँ लिखा था कि मतपेटी मार्गदर्शिका में अभिकर्ता के पहुँचने का समय नहीं लिखा, और पंच/सरपंच वाले बूथ के लिए RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: मतपेटी के बारे में जो छपा है, वह ऊपर है। 39
- 12.10.2026 (गणन अभिकर्ता कितने हो सकते हैं?): पहले यहाँ लिखा था कि सरपंच के कितने गणन अभिकर्ता बैठेंगे, यह RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: नियम का अंग्रेज़ी पाठ ऊपर है। 210
- 12.10.2026 (मोबाइल, हथियार, धूम्रपान: बूथ पर क्या मना है?): पहले यहाँ लिखा था कि ये सारे निर्देश मतपेटी मार्गदर्शिका में अलग से नहीं लिखे। हथियार वाली धारा 134-ख के बारे में यह सही नहीं था: वह मतपेटी मार्गदर्शिका में भी छपी है। 211
- 12.10.2026 (स्याही किस अंगुली पर, कहाँ तक, और कब लगानी है?): पहले यहाँ दोनों दिनों के लिए सिर्फ़ बाएँ हाथ की तर्जनी लिखी थी; पंच + सरपंच वाले दिन की बात ऊपर जोड़ी गई है। 70
- 12.10.2026 (मतदाता स्याही लगवाने से मना करे, या उसकी अंगुली पर पहले से स्याही हो?): पहले यहाँ लिखा था कि पहले वाले मतदान का निशान अभी दिख रहा हो, तो बाद वाले मतदान में दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगती है। यह बदला गया है: पंच + सरपंच वाले दिन हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगती है। 70
- 12.10.2026 (मतदाता सूची की चिन्हित प्रति में नाम पर कौन-से निशान लगाएँ?): पहले यहाँ लिखा था कि दोनों पुस्तिकाएँ यहाँ अलग बात लिखती हैं, और शक हो तो RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: दोनों पुस्तिकाएँ अलग-अलग चुनावों की हैं; मशीन वाले चुनाव में ईवीएम मार्गदर्शिका की बात लागू है, मतपेटी वाले में मतपेटी मार्गदर्शिका की। 236
- 12.10.2026 (मतपेटी वाले दिन निविदत्त मतपत्र कैसे दें?): परिशिष्ट-15 वाली बात जोड़ी गई। 13
- 12.10.2026 (मतपेटी वाले दिन मतदाता से मतपत्र ख़राब हो जाए तो?): पहले यहाँ लिखा था "लिफ़ाफ़े पर छपा नाम देखिए"। यह हटा दिया गया है: इन लिफ़ाफ़ों पर नाम छपा मिलेगा, यह किसी छपे पन्ने पर नहीं मिला; परिशिष्ट-15 के हिसाब से ये लिफ़ाफ़े मतदान दल को तैयार करने हैं। परिशिष्ट-15 वाली बात भी जोड़ी गई। 13
- 12.10.2026 (मतदाता मतपत्र बिना निशान लगाए लौटा दे, तो?): पहले यहाँ लिखा था कि कोई मतदाता फिर भी बिना निशान लगाए मतपत्र लौटाए, तो क्या करें, यह पुस्तिका में नहीं लिखा, और RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: मार्गदर्शिका में छपा है कि अब ऐसी कोई कार्यवाही मतदान केन्द्र पर नहीं होगी, और मतदाता नोटा का विकल्प इस्तेमाल कर सकता है। 11
- 12.10.2026 (मतदाता मतदान का तरीका न माने (जैसे वोट सबको दिखाए), तो?): पहले यहाँ लिखा था कि मतपेटी मार्गदर्शिका में यह स्थिति अलग से नहीं लिखी, और RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: जो छपा है, वह ऊपर है। 212213214
- 12.10.2026 (मतदान स्थगित कब किया जा सकता है?): पहले यहाँ लिखा था कि मतपेटी मार्गदर्शिका में बूथ पर स्थगन का तरीका नहीं लिखा, और RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: ऊपर वही है जो मार्गदर्शिका में छपा है। 215216
- 12.10.2026 (स्थगित मतदान दोबारा कब और कैसे शुरू होगा?): पहले यहाँ यह भी लिखा था कि मतपेटी मार्गदर्शिका में यह तारीख़ नहीं लिखी, तो RO से पक्का कर लीजिए। यह हटा दिया गया है: पंच/सरपंच के मामले में यह बात मशीन वाली पुस्तिका में छपी है, जो ऊपर है। 217
- 12.10.2026 (बूथ पर कब्ज़ा (booth capturing) हो रहा हो तो?): पहले यहाँ लिखा था कि मतपेटी मार्गदर्शिका में बूथ कब्ज़े पर अलग से कुछ नहीं लिखा, और RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: मार्गदर्शिका में जो छपा है, वह ऊपर है। 151218
- 12.10.2026 (मशीन या कागज़ात कोई छीन ले जाए, या कोई गड़बड़ हो जाए, तो?): पहले यहाँ लिखा था कि मतपेटी मार्गदर्शिका में ऐसे मामलों का तरीका अलग से नहीं लिखा, और RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: मार्गदर्शिका में जो छपा है, वह ऊपर है। 215151
- 12.10.2026 (मतपेटी वाले दिन कौन-से लिफ़ाफ़े सीलबंद होते हैं?): पहले यहाँ सिर्फ़ ख़राब मतपत्रों वाला फ़र्क लिखा था, और लिखा था "लिफ़ाफ़े पर छपा नाम देखिए"। यह हटा दिया गया है: इन लिफ़ाफ़ों पर नाम छपा मिलेगा, यह किसी छपे पन्ने पर नहीं मिला। निविदत्त मतपत्रों वाला फ़र्क और परिशिष्ट-15 की तालिका जोड़ी गई। 13
- 12.10.2026 (उम्र कितनी होनी चाहिए, और किस दिन की गिनें?): पहले यहाँ लिखा था कि दोनों बातें छपी हैं, इसलिए उम्र 21 के आसपास हो तो रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए, और पंच-सरपंच के लिए आम तौर पर फ़र्क नहीं पड़ेगा। यह बदल दिया गया है: पंच-सरपंच के नामांकन और संवीक्षा इस बार एक ही दिन हैं, इसलिए उनके लिए दोनों बातों से एक ही तारीख निकलती है; रिटर्निंग अधिकारी से पक्का करने वाली बात अब सिर्फ़ ज़िला परिषद और पंचायत समिति के लिए है। 103104
- 12.10.2026 (क्या प्रस्तावक चाहिए?): पहले यहाँ लिखा था कि पुस्तिकाओं में प्रस्तावक का नियम नहीं छपा, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: नियम ऊपर है। 115
- 12.10.2026 (उप सरपंच का मतपत्र कैसा होता है?): पहले यहाँ लिखा था कि आदेश 9809 उप सरपंच के मतपत्र पर कुछ नहीं कहता, और RO से पूछ लीजिए। आदेश 9809 के बारे में यह बात सही है, पर उप सरपंच के मतपत्र का प्रारूप आयोग के 01.01.2026 के आदेश में अलग से तय है, जो ऊपर है। 92
- 12.10.2026 (चुनाव ड्यूटी पर हूँ। क्या मैं डाक से वोट दे सकता हूँ?): पहले यहाँ लिखा था कि पंच/सरपंच के वोट के लिए डाक वोट का तरीक़ा पुस्तिका में नहीं लिखा, और RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: आयोग का आदेश यह रीति सिर्फ़ पंचायत समिति और ज़िला परिषद के लिए तय करता है, जो ऊपर है। 8
- 12.10.2026 (डाक मतपत्र मिलने के बाद मेरी ड्यूटी कट गई। अब बूथ पर जाकर वोट दे सकता हूँ?): पहले यहाँ लिखा था कि ऐसा मतदाता बूथ पर आ जाए तो क्या करना है, यह पुस्तिका में नहीं लिखा, और RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: आदेश में छपा है कि वह अपने बूथ पर ख़ुद जाकर वोट नहीं डाल सकता। 219
- 12.10.2026 (वोटरों को गाड़ियों से ढोने या रिश्वत की शिकायत आए तो क्या करें?): पहले यहाँ लिखा था कि वोटरों को रिश्वत देने की सज़ा वाली धारा पुस्तिका में नहीं लिखी, और RO से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: धारा 173 ऊपर है। 220
- 12.10.2026 (मतपेटी वाले दिन और मशीन वाले दिन दल के लोगों के नाम एक जैसे हैं?): पहले यहाँ लिखा था कि मशीन वाले दिन दल में कितने लोग होंगे, इस पर स्रोत अलग हैं, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। अब एक ही नियम लिखा है; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 222
- 12.10.2026 (मतदान दल में कितने लोग होंगे?): पहले यहाँ आदेश 5096 का पाँच लोगों वाला दल और मार्गदर्शिका की संख्या, दोनों लिखी थीं, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछने को कहा था। अब एक ही नियम लिखा है; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 2922
- 12.10.2026 (मशीन वाले बूथ में मेज़ें और प्रकोष्ठ कैसे लगाएँ?): पहले यहाँ आदेश 5096 वाली संख्या भी लिखी थी, और यह भी कि बूथ की बाकी बनावट रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। ये दोनों बातें हटा दी गई हैं; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 2922
- 12.10.2026 (बैलेट यूनिट का स्लाइड स्विच किस नंबर पर रहे? किसी पद के उम्मीदवार ज़्यादा हों तो?): पहले यहाँ लिखा था कि अतिरिक्त बैलेट यूनिट प्रकोष्ठ में कहाँ रखी जाए, यह मार्गदर्शिका में नहीं लिखा, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है। 41221
- 12.10.2026 (गणन अभिकर्ता कितने हो सकते हैं?): पहले यहाँ यह भी लिखा था कि मार्गदर्शिकाओं में छपे नियम 70(1) के हिन्दी शब्द "ज़्यादा से ज़्यादा दो" से मेल नहीं खाते। यह बात हटा दी गई है; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 74222210
- 12.10.2026 (मतदान ठीक समय पर शुरू न हो पाए तो क्या करें?): पहले यहाँ लिखा था कि मतपेटी वाले दिन मतदान देर से शुरू होने पर क्या करें, यह मतपेटी मार्गदर्शिका में नहीं लिखा, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है। 39
- 12.10.2026 (मतपेटी वाले दिन सामान कहाँ जमा होगा?): पहले यहाँ लिखा था कि मतदान दल किस काउंटर पर क्या जमा करे, यह मतपेटी मार्गदर्शिका में नहीं लिखा, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है। 22314
- 12.10.2026 (उप सरपंच चुनाव के काग़ज़ किस लिफ़ाफ़े में जाएँगे, और सील होंगे या नहीं?): पहले यहाँ लिखा था कि P-41 सील होगा या नहीं, इस पर किताबें अलग हैं, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। अब उप सरपंच वाले अध्याय का नियम लिखा है; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 3366224 (30.10.2026 को यह फिर बदला: नीचे देखिए।)
- 12.10.2026 (मतदान के बाद मतदान अधिकारी कौन-से लिफ़ाफ़े बनाता है?): पहले यहाँ खराब और निविदत्त मतपत्रों के लिफ़ाफ़ों के नंबर दोनों तरह लिखे थे, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछने को कहा था। अब एक ही नियम लिखा है: खराब मतपत्र पंच के P-13 में, सरपंच के P-12 में; निविदत्त मतपत्र पंच के P-17 में, सरपंच के P-16 में; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 111413
- 12.10.2026 (मतपेटी वाले दिन निविदत्त मतपत्र कैसे दें?): पहले यहाँ खराब और निविदत्त मतपत्रों के लिफ़ाफ़ों के नंबर दोनों तरह लिखे थे, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछने को कहा था। अब एक ही नियम लिखा है: खराब मतपत्र पंच के P-13 में, सरपंच के P-12 में; निविदत्त मतपत्र पंच के P-17 में, सरपंच के P-16 में; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 111413
- 12.10.2026 (मतपेटी वाले दिन मतदाता से मतपत्र ख़राब हो जाए तो?): पहले यहाँ खराब और निविदत्त मतपत्रों के लिफ़ाफ़ों के नंबर दोनों तरह लिखे थे, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछने को कहा था। अब एक ही नियम लिखा है: खराब मतपत्र पंच के P-13 में, सरपंच के P-12 में; निविदत्त मतपत्र पंच के P-17 में, सरपंच के P-16 में; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 111413
- 12.10.2026 (मतपेटी वाले दिन कौन-से लिफ़ाफ़े सीलबंद होते हैं?): पहले यहाँ खराब और निविदत्त मतपत्रों के लिफ़ाफ़ों के नंबर दोनों तरह लिखे थे, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछने को कहा था। अब एक ही नियम लिखा है: खराब मतपत्र पंच के P-13 में, सरपंच के P-12 में; निविदत्त मतपत्र पंच के P-17 में, सरपंच के P-16 में; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 111413
- 12.10.2026 (वोटरों को गाड़ियों से ढोने या रिश्वत की शिकायत आए तो क्या करें?): पहले यहाँ लिखा था कि पुस्तिका में FIR की धारा दो तरह छपी है, और FIR किस धारा में लिखी जाए, यह पुलिस और RO देखेंगे। यह हटा दिया गया है: पुलिस और RO वाली बात किसी छपे पन्ने पर नहीं है, और FIR दर्ज करवाने की बात ऊपर है; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 202225
- 12.10.2026 (नतीजा कैसे घोषित होगा, और उसके तुरंत बाद क्या-क्या होता है?): पहले यहाँ यह भी लिखा था कि सरपंच की जमानत पर मार्गदर्शिकाओं के शब्द अलग हैं ("1/6 भाग से अधिक" और "1/6 भाग अथवा इससे अधिक")। यह बात हटा दी गई है; नियम वही है। स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 108177106
- 12.10.2026 (मशीन वाले बूथ पर कितनी सील, टैग और फ़ॉर्म मिलेंगे?): पहले यहाँ लिखा था कि ईवीएम मार्गदर्शिका ज़िला परिषद + पंचायत समिति वाली MPSV की कन्ट्रोल यूनिट पर पीला और नीला, दोनों स्टिकर बताती है, और आयोग का पत्र 1299 कहता है कि उस पर स्टिकर की ज़रूरत नहीं। अब यहाँ एक ही नियम लिखा है, पत्र 1299 वाला। स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 323
- 12.10.2026 (कौन-सी बैलेट यूनिट किस पद की है, यह कैसे पहचानें?): पहले यहाँ लिखा था कि मार्गदर्शिका कन्ट्रोल यूनिट के कैण्डसेट सैक्शन के कवर पर पीला और नीला, दोनों स्टीकर बताती है, पत्र 1299 कहता है कि उनकी ज़रूरत नहीं, और स्टीकर मिलें तो ठीक, न मिलें तो इसे कमी न मानिए। अब यहाँ एक ही नियम लिखा है, पत्र 1299 वाला। स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 323
- 13.10.2026 (मतदाता को देने से पहले मतपत्र की पीठ पर क्या-क्या होना चाहिए?): पहले यहाँ लिखा था कि पंच के मतपत्र पर मतदान अधिकारी (पंच) के, और सरपंच के मतपत्र पर मतदान अधिकारी (सरपंच) के हस्ताक्षर होंगे। इससे लग सकता था कि ये दो अलग लोग हैं। ये एक ही व्यक्ति हैं: दल के वही एक मतदान अधिकारी दोनों मतपत्रों पर हस्ताक्षर करेंगे। 642465
- 13.10.2026 (END बटन किस बैलेट यूनिट पर काम करेगा?): पहले यहाँ मार्गदर्शिका वाला नियम लिखा था: आख़िरी बैलेट यूनिट को छोड़कर बाकी सबका END बटन मास्क और आख़िरी का अनमास्क, आंशिक मतदान के लिए मतदाता दूसरी बैलेट यूनिट का END बटन दबाता है, और एक ही पद का चुनाव हो, तो सबका मास्क। 4145 यह बदल दिया गया है: आयोग के आदेश 9508 (28.09.2026) में MPSV और MPMV की हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रखने को कहा गया है, और MPSV के लिए आदेश 5468 (04.08.2026) में भी यही लिखा था; इनमें आख़िरी बैलेट यूनिट वाली छूट नहीं है। 4344
- 13.10.2026 (मॉक पोल का हर वोट कैसे डलवाएँ?): पहले यहाँ यह भी लिखा था कि END (आंशिक मतदान) दबाने पर भी लम्बी बीप आती है। 45 यह हटा दिया गया है: आयोग के आदेश 5468 (04.08.2026) और 9508 (28.09.2026) में हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रखने को कहा गया है। 4443
- 13.10.2026 (नतीजे में "Under Vote" और "Unfinished Voter" क्या होते हैं?): परिभाषाओं के नीचे आदेश 5468 और 9508 की बातें जोड़ी गई हैं: हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क, और अंडर वोट की संख्या रिजेक्टेड वोटों में जोड़ना। 444387
- 14.10.2026 (मोबाइल, हथियार, धूम्रपान: बूथ पर क्या मना है?): पहले यहाँ लिखा था कि मोबाइल और धूम्रपान वाले निर्देश मतपेटी मार्गदर्शिका में अलग से नहीं लिखे, और मतपेटी वाले दिन के लिए RO से पुष्टि कर लीजिए। यह हटा दिया गया है। मोबाइल के लिए पंचायत चुनावों पर आयोग का 24.12.2009 वाला आदेश ऊपर जोड़ा गया है: मतदान के दिन बूथ में और उसके 100 मीटर के घेरे में मोबाइल फ़ोन न ले जाए, न चलाए; ड्यूटी पर लगे अधिकारी इस रोक से बाहर हैं, पर बूथ में उनका फ़ोन साइलेंट पर रहे। 226
- 14.10.2026 (कोई VIP, पर्यवेक्षक या मीडिया वाला बूथ पर आए तो?): पहले यहाँ लिखा था कि ये बातें ईवीएम मार्गदर्शिका में हैं, मतपेटी मार्गदर्शिका में अलग से नहीं लिखीं। यह हटा दिया गया है। मीडिया के लिए पंचायत चुनावों पर आयोग का 23.01.2026 वाला आदेश ऊपर जोड़ा गया है: ज़िला निर्वाचन अधिकारी, ज़िला जनसंपर्क अधिकारी की सिफ़ारिश पर, अधिस्वीकृत पत्रकारों और दूसरे मीडियाकर्मियों को प्रवेश पत्र दे सकते हैं, पर पंचायत मुख्यालय वाली गिनती की जगह पर प्रवेश पत्र वाले पत्रकार मौजूद नहीं रह सकते; प्रवेश पत्र वाला पत्रकार भी बूथ के अंदर न फ़ोटो ले सकता है, न वीडियो बना सकता है, न मोबाइल ला सकता है; जो न माने, उसे मतदान अधिकारी बूथ में आने से रोक सकते हैं या बाहर जाने को कह सकते हैं। 227
- 14.10.2026 (कौन चुनाव लड़ सकता है? क्या उसी वार्ड का वोटर होना ज़रूरी है?): पहले यहाँ लिखा था कि वार्ड 5 का मतदाता उसी पंचायत के वार्ड 8 से पंच का चुनाव लड़ सकता है, "और सरपंच का भी"। इससे लग सकता था कि वह दोनों का चुनाव एक साथ लड़ सकता है। धारा 19ख में लिखा है कि जो सरपंच का चुनाव लड़ रहा है, वह उसी पंचायत में पंच का चुनाव नहीं लड़ सकता। अब लिखा है: पंच का, या फिर सरपंच का; दोनों एक साथ नहीं। 104228
- 14.10.2026 (उम्र कितनी होनी चाहिए, और किस दिन की गिनें?): पहले यहाँ लिखा था कि ज़िला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में नामांकन और संवीक्षा अलग-अलग दिन हैं, और जिसका 21वाँ जन्मदिन इन दो दिनों के बीच पड़ता है, वह जन्म का प्रमाण साथ रखे और रिटर्निंग अधिकारी से पक्का कर ले। यह हटा दिया गया है। ज़िला परिषद और पंचायत समिति के लिए अब वह लिखा है जो नामांकन पत्र (प्ररूप 4-क) की घोषणा में छपा है: उम्मीदवार लिखता है कि उसने कितने साल की उम्र पूरी कर ली है। 229
- 14.10.2026 (मतदान अधिकारी बीमारी या किसी मजबूरी में बूथ पर न आ सकें तो?): पहले यहाँ लिखा था कि मतपेटी वाले चुनाव में मतदान अधिकारी या दल का कोई और सदस्य बूथ पर न पहुँचे, तो RO "किसी भी व्यक्ति" को उसकी जगह लगा सकते हैं। नियम 31 में एक शर्त और है: जो व्यक्ति इस चुनाव में किसी उम्मीदवार के लिए काम करता रहा हो, चाहे नौकरी पर या वैसे ही, उसे मतदान अधिकारी या दल का सदस्य नहीं बनाया जा सकता। अब यह शर्त भी लिखी है। 230
- 14.10.2026 (मतदाता स्याही लगवाने से मना करे, या उसकी अंगुली पर पहले से स्याही हो?): पहले यहाँ लिखा था कि अंगुली पर पहले से स्याही का निशान हो, तो मतपत्र न दें; कौन-सी अंगुली देखनी है, यह नहीं लिखा था। मतपेटी वाले दिन बाईं तर्जनी पर मशीन वाले दिन का निशान रहता है, इसलिए अब लिखा है: उस दिन दाएँ हाथ की तर्जनी देखिए, और उस पर पहले से स्याही हो, तो मतपत्र न दीजिए। 75
- 14.10.2026 (ड्यूटी पर लगे हम लोग ख़ुद वोट कैसे डालें?): पहले यहाँ लिखा था कि डाक मतपत्र का आवेदन मतदान के दिन से कम से कम चार दिन पहले पहुँचना चाहिए। आयोग के 29.01.2026 वाले आदेश में ज़िला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव के लिए यह अवधि कम से कम सात दिन है, या RO इससे कम जितनी अवधि की अनुमति दें। अब यही लिखा है। 8
- 14.10.2026 (गिनती की टेबल पर मेरे बूथ की मशीन का क्या होता है?): पहले यहाँ लिखा था कि गिनती के लिए सिर्फ़ कन्ट्रोल यूनिट चाहिए। गिनती के आदेश में यह बात MPSV और MPMV मशीन के लिए है; BEL की MK-V या M3A मशीन से नतीजा निकालने के लिए बैलेट यूनिट को कन्ट्रोल यूनिट से जोड़ना ज़रूरी है। अब यह भी लिखा है, और नतीजा निकालने वाले सवाल में भी। 80
- 14.10.2026 (नतीजे के बाद मशीन और SDMM का क्या होता है?): पहले यहाँ लिखा था कि नतीजे के बाद मशीनों से बैटरी निकालकर कन्ट्रोल और बैलेट यूनिटें ज़िला निर्वाचन अधिकारी को लौटा दी जाती हैं। आयोग के आदेश में यह बात MPSV और MPMV मशीन के लिए है; M3A और MK-5 मशीनें RO की सुरक्षित हिरासत में सीलबंद रखी जाती हैं, और जहाँ कोई याचिका या अदालती मामला न हो, वहाँ नतीजे के 30 दिन बाद क्लीयर की जाती हैं। अब दोनों बातें अलग-अलग लिखी हैं। 196
- 14.10.2026 (पंच और सरपंच का मतदान कब है, और उनके नामांकन कब होंगे?): पहले यहाँ लिखा था कि मतदान के बाद "वहीं गिनती" होगी। आयोग की समय-सारणी में पंच-सरपंच की गिनती मतदान ख़त्म होते ही ग्राम पंचायत मुख्यालय पर है। अब यही लिखा है। 3130
- 14.10.2026 (फ़ोटोकॉपी चलेगी? नया बना कार्ड या एक्सपायर हुआ कार्ड?): पहले यहाँ लिखा था कि पहचान का दस्तावेज़ मूल हो, चुनाव की घोषणा से पहले जारी हुआ हो, और उस पर लिखी वैधता की तारीख तक ही मान्य है; और यह कि परिवार का मुखिया साथ आए सदस्यों की पहचान कर सकता है। आयोग के आदेश में ये तीनों शर्तें उन 11 दूसरे फ़ोटो वाले दस्तावेज़ों के लिए लिखी हैं, जो वोटर कार्ड न दिखा पाने पर चलते हैं; और मुखिया तभी पहचान कर सकता है, जब सभी सदस्य उसके साथ आएँ और वह उनकी पहचान पक्की कर सके। अब यही लिखा है। 27139
- 14.10.2026 (कोई मतपत्र बूथ से बाहर ले जाए या मतपेटी से छेड़छाड़ करे तो?): पहले यहाँ लिखा था कि मतपेटी में मतपत्र के अलावा कुछ और डालना धारा 136 का अपराध है। धारा 136 में अपराध तब है, जब कोई उस मतपत्र के अलावा, जिसे डालने का उसे क़ानूनी हक़ है, कपट से कोई चीज़ मतपेटी में डाले। अब यही लिखा है। 231
- 14.10.2026 (चार सवाल: "मतपेटी वाले बूथ पर कौन-सी ख़ास चीज़ें सँभालनी हैं?", "पंच-सरपंच का मतदान सामान कहाँ से मिलेगा, और मिलते ही क्या जाँचें?", "मतदाता को देने से पहले मतपत्र की पीठ पर क्या-क्या होना चाहिए?", "मतपत्र को कैसे मोड़ना है?"): पहले इन चार जवाबों में मतपत्र की पीठ वाली सील पर "पं.रा.स." लिखा था। आयोग के आदेश 1031 (27.01.2026) में यह "पं.रा.सं." है; अब चारों जवाबों में यही लिखा है। 142
- 15.10.2026 (शपथ पत्र (उपाबन्ध-I B और I A) में कौन-सी जानकारी देनी है?): पहले यहाँ लिखा था कि इस शपथ पत्र में चल रहे आपराधिक मामलों की जानकारी देनी है। आदेशों में इस शपथ पत्र के लिए न्यायालय में लंबित मामले लिखे हैं, सिर्फ़ आपराधिक मामले नहीं; अब यही लिखा है। आपराधिक मामलों की जानकारी प्ररूप 4घ में जाती है। 144232
- 16.10.2026 (मतदान के बीच मशीन या मतपेटी बदलनी पड़े तो?): पहले यहाँ लिखा था कि मशीन में ख़राबी, मशीन छीनी जाना या नष्ट होना जैसी हर घटना RO को बताइए और डायरी में लिखिए। मार्गदर्शिका यह बात हर घटना के लिए नहीं कहती, इन हालात के लिए कहती है: मशीन छीन ली जाए, खो जाए, नष्ट हो जाए या इतनी बिगड़ जाए कि नतीजा पता न चल सके; ख़राबी की वजह से मतदान हो ही न सके; बूथ कैप्चरिंग हो; या प्रक्रिया में ऐसी गलती हो जाए जिससे मतदान दूषित हो सकता है। अब यही लिखा है। 217
- 16.10.2026 (कौन-सा नामांकन फ़ॉर्म भरना है, और साथ में क्या-क्या लगेगा?): पहले यहाँ जमानत की रसीद और सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म एक ही बात में लिखे थे, और उसके बाद लिखा था "यह न दिया, तो भी नामांकन खारिज नहीं होगा"। इससे लग सकता था कि रसीद न लगे तो भी चलेगा। सरपंच, पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य के नामांकन में जमानत की रसीद लगाना ज़रूरी है; खारिज न होने वाली छूट सिर्फ़ सांख्यिकी सूचना के फ़ॉर्म के लिए है। अब यही लिखा है। 233234143
- 28.10.2026 (पंच-सरपंच वाले पेज पर "मतदाता की पहचान, स्याही" वाला हिस्सा): पहले इस हिस्से का शीर्षक दोनों पेजों पर एक था, "मतदाता की पहचान, स्याही, प्ररूप-12 रजिस्टर"; परिचय में लिखा था "रजिस्टर व सूची में क्या लिखना है"; और स्याही कब लगानी है, इसके जवाब में दोनों दिनों के लिए एक ही बात थी: "पहचान हो जाने के बाद और रजिस्टर में हस्ताक्षर से पहले लगाइए"। इससे लग सकता था कि पंच-सरपंच वाले दिन भी मतदाताओं का रजिस्टर (प्ररूप-12) भरा जाता है। ऐसा नहीं है: पंचायत चुनाव के मतपत्र पर प्रतिपर्ण नहीं होता, और मतपत्र मतदाता के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लिए बिना दिया जाता है। 70 पंच-सरपंच वाले पेज पर अब शीर्षक "मतदाता की पहचान, स्याही, चिन्हित सूची" है, और एक नया सवाल जोड़ा गया है: "पंच-सरपंच वाले दिन भी प्ररूप-12 (मतदाताओं का रजिस्टर) भरना है क्या?" स्याही वाली बात अब उस दिन के चौथे सहायक के काम के हिसाब से लिखी है: वह पहले दोनों मतपत्र अपने पास रखता है, फिर स्याही लगाता है, और मतपत्र ऐसे लौटाता है कि स्याही उन पर न लगे। 7
- 30.10.2026 (उप सरपंच चुनाव के काग़ज़ किस लिफ़ाफ़े में जाएँगे, और सील होंगे या नहीं?): पहले यहाँ लिखा था कि P-41 सील नहीं करना है। यह ग़लत था: उप-सरपंच के एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों, तो नियम 66(7) से उनके चुनाव पर नियम 59 और 60 लागू होते हैं, और नियम 60(1) में रिटर्निंग अधिकारी चुनाव के मतपत्रों और बाक़ी काग़ज़ों के पैकेट बनाकर उन्हें सील करते हैं। 6768 अब लिखा है कि P-41 भी सील कीजिए।
स्रोतों में फ़र्क
- 30.10.2026 ("उप-सरपंच: बाक़ी काग़ज़ों वाला लिफ़ाफ़ा सील होगा या नहीं"): पहले यहाँ "इस साइट पर" में लिखा था कि P-41 को सील नहीं करना है, जैसा उप-सरपंच वाले अध्याय-7 में छपा है। यह ग़लत था: उप-सरपंच के एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों, तो नियम 66(7) से उनके चुनाव पर नियम 59 और 60 लागू होते हैं, और नियम 60(1) में रिटर्निंग अधिकारी चुनाव के मतपत्रों और बाक़ी काग़ज़ों के पैकेट बनाकर उन्हें सील करते हैं। 6768 अब लिखा है कि P-41 भी सील होगा।
प्रशिक्षण की स्लाइड और पुस्तिकाएँ
हर सेट की पुस्तिका उसी सेट की स्लाइड से बनती है, इसलिए दोनों की सूची एक ही है। पहले यह सूची हर स्लाइड सेट और पुस्तिका के आख़िर में छपती थी; अब सिर्फ़ यहाँ है, और स्लाइड बनाते समय अपने-आप लिखी जाती है। पुस्तिका में हर स्लाइड एक हिस्सा है, और स्लाइड के नोट्स उस हिस्से की टिप्पणी हैं।
Prashikshan_Panch_Sarpanch_2026 और Pustika_Prashikshan_Panch_Sarpanch_2026
- सुधार, 11.10.2026 · “पुनर्मतदान हो, तो मध्यमा पर स्याही” वाली स्लाइड: पहले यहाँ यह भी लिखा था कि पंच + सरपंच के पुनर्मतदान में, जिस मतदाता को दूसरे दिन बाईं तर्जनी पर स्याही लगी थी, उसके लिए इसी स्लाइड की दोनों बातें अलग अंगुली बताती हैं, और RO से पूछ लीजिए। यह बात हटा दी गई है: यहाँ अब सिर्फ़ वही है जो आदेश 2235 में छपा है।
- अद्यतन, 11.10.2026 · “पहचान के दस्तावेज़” वाली स्लाइड के नोट्स में “दोनों मार्गदर्शिकाओं के परिशिष्ट में आयोग का आदेश 603 (19.01.2026) छपा है।” के बाद यह बात जोड़ी गई: “आयोग के 30.07.2026 के आदेश 5310 ने उसकी जगह ले ली है, इसलिए यह सूची आदेश 5310 से है।” 252627
- सुधार, 11.10.2026 · “चैलेंज” वाली स्लाइड: पहले यहाँ लिखा था कि चैलेंज होने पर बूथ पर क्या लिखना है और कैसे तय करना है, यह इन पन्नों में नहीं लिखा। यह सही नहीं था: पहचान तय करने का नियम मार्गदर्शिका में छपा है, और मतदान अधिकारी की डायरी में चैलेंज वाले वोटों का ख़ाना भी छपा है।
- सुधार, 11.10.2026 · “पहले सहायक: सूची में निशान, अंगुली, पर्ची” वाली स्लाइड में पहले लिखा था कि दूसरे दिन बाईं तर्जनी पर पहले दिन का निशान दिख सकता है, और तब किस अंगुली का निशान देखकर रोकें, यह किसी पुस्तिका में नहीं मिला; रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है। अब वहाँ मार्गदर्शिका की यह बात है कि पहले दिन बाईं तर्जनी पर लगा निशान अंगुली पर रहता है, इसलिए बाद वाले दिन के चुनाव में दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगाई जाएगी। 70
- सुधार, 11.10.2026 · चित्र “दोहराइए: दूसरे दिन की स्याही” वाली स्लाइड हटा दी गई है। उसमें लिखा था कि दूसरे दिन बाईं तर्जनी पर पहले दिन का निशान दिख रहा हो, तो स्याही दाएँ हाथ की तर्जनी पर, नहीं तो बाएँ हाथ की तर्जनी पर; और यह कि किस अंगुली का निशान देखकर मतदाता को रोकना है, यह किसी पुस्तिका में नहीं मिला, रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। दूसरे दिन की स्याही का नियम अब “मतपेटी वाले दिन: स्याही किस अंगुली पर” वाली स्लाइड में है: पंच + सरपंच वाले दिन हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर। 703031
- सुधार, 11.10.2026 · “किताब चुप है: दूसरे दिन कौन सी अंगुली देखें” वाली स्लाइड हटा दी गई है। उसमें भी लिखा था कि दूसरे दिन किस अंगुली का निशान देखकर मतदाता को रोकना है, यह किसी पुस्तिका में नहीं मिला; रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए।
- सुधार, 11.10.2026 · “मतपेटी वाली मार्गदर्शिका स्याही के बारे में क्या मानकर चलती है” वाली स्लाइड हटा दी गई है। उसमें गलत लिखा था कि मार्गदर्शिका स्याही की अंगुली बदलने की बात सिर्फ़ एक हालत के लिए लिखती है (पहले पंच-सरपंच, फिर पंचायत समिति और ज़िला परिषद), और यह कि अपने बूथ के लिए रिटर्निंग अधिकारी से पक्का कर लीजिए। मार्गदर्शिका के स्याही वाले बिंदु में यह बात हर उस हालत के लिए है जब दोनों चुनाव अलग-अलग दिन हों: बाद वाले दिन के चुनाव में दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही। 7071
- सुधार, 11.10.2026 · “दो बातें छपी हैं: अंगुली पर पहले से स्याही” वाली स्लाइड हटा दी गई है, और “पहले सहायक: सूची में निशान, अंगुली, पर्ची” वाली स्लाइड के नोट्स में उसकी ओर इशारा भी। उसमें आख़िर में लिखा था कि मतदान अधिकारी उसके बाद क्या लिखें, यह इन पन्नों में नहीं है, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। मार्गदर्शिका की दोनों बातें अपनी-अपनी जगह हैं: पहले सहायक वाली स्लाइड में (ऐसे मतदाता को वोट नहीं देने दिया जाएगा), और चौथे सहायक वाली स्लाइड में (मतपत्र न दीजिए, मतदान अधिकारी के पास भेजिए), साथ में मार्गदर्शिका की यह बात भी कि आम तौर पर ऐसा होगा नहीं, क्योंकि पहला सहायक अंगुली देखकर ही मतदाता को आगे भेजता है। 67
- सुधार, 11.10.2026 · “दो बातें छपी हैं: पंच + सरपंच का पुनर्मतदान” वाली स्लाइड हटा दी गई है। उसमें लिखा था कि जिस मतदाता को दूसरे दिन बाईं तर्जनी पर स्याही लगी थी, उसके लिए आदेश 2235 की तालिका और उसका स्पष्टीकरण अलग अंगुली बताते हैं, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। पुनर्मतदान का नियम अब “पुनर्मतदान हो, तो मध्यमा पर स्याही” वाली स्लाइड में है: पंच + सरपंच के पुनर्मतदान में दाएँ हाथ की मध्यमा। 2870
- अद्यतन, 12.10.2026 · “आदेश 1408: स्याही कहाँ से कहाँ तक” वाली स्लाइड: आख़िर की दो बातें, दूसरे दिन (पंच + सरपंच) की स्याही के बारे में, जोड़ी गई हैं।
- सुधार, 12.10.2026 · “चौथे सहायक: मतपत्र लीजिए, स्याही लगाइए” वाली स्लाइड: पहले यहाँ लिखा था कि स्याही बाएँ हाथ की तर्जनी पर लगाइए, और दूसरे दिन बाईं तर्जनी पर पहले दिन का निशान दिख रहा हो, तो दाएँ हाथ की तर्जनी पर। यह बदला गया है: पंच-सरपंच का मतदान दूसरे दिन होता है, इसलिए इस दिन हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगाइए। 703031
- सुधार, 12.10.2026 · “मतपेटी वाले दिन: स्याही किस अंगुली पर” वाली स्लाइड: पहले यहाँ एक तालिका थी कि पहले दिन का निशान अभी दिख रहा हो, तो दाएँ हाथ की तर्जनी, और न दिख रहा हो, तो बाएँ हाथ की तर्जनी। यह तालिका हटा दी गई है: दूसरे दिन (पंच + सरपंच) हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगती है।
- सुधार, 12.10.2026 · “खारिज मतपत्र: रिटर्निंग अधिकारी का फ़ैसला” वाली स्लाइड के नोट्स में अब यह लिखा है: “शक वाले मतपत्रों की अलग गड्डी: आगे "शक वाले मतपत्र: अलग गड्डी ज़रूरी नहीं" वाली स्लाइड देखिए।” पहले यहाँ लिखा था कि इस पर दो बातें छपी हैं। 6263
- सुधार, 12.10.2026 · “सौंपिए, और गिनती में साथ रहिए” वाली स्लाइड: पहले यहाँ लिखा था कि इनमें से आपको क्या भरकर देना है, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: यह सूची पंच/सरपंच चुनाव के पूरे रिकॉर्ड की है, और बूथ पर बनने वाले काग़ज़ और लिफ़ाफ़े मार्गदर्शिका में अलग से छपे हैं। 212014
- सुधार, 12.10.2026 · “मतपत्र की पीठ पर हस्ताक्षर कौन करेगा” वाली स्लाइड: पहले यहाँ लिखा था कि ये दो अलग लोग हैं या वही एक मतदान अधिकारी, यह नहीं लिखा, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: दल में मतदान अधिकारी एक ही होते हैं, यह मार्गदर्शिका में छपा है। “बूथ का सामान, और हर मतपत्र पर दो काम” वाली स्लाइड के नोट्स में भी पहले लिखा था कि पीठ पर हस्ताक्षर कौन करेगा, इस पर दो बातें छपी हैं; अब वहाँ यही नियम है। 6424
- सुधार, 12.10.2026 · “लेखे और कुछ लिफ़ाफ़े कौन भरेगा” वाली स्लाइड: पहले यहाँ लिखा था कि बूथ से कौन सा काग़ज़ किस लिफ़ाफ़े में भेजना है, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: बूथ पर बनने वाले आठ सील लिफ़ाफ़े मार्गदर्शिका में छपे हैं, जो इसी स्लाइड पर हैं। 14
- सुधार, 12.10.2026 · “लेखे और कुछ लिफ़ाफ़े कौन भरेगा” वाली स्लाइड: पहले यहाँ, और इस सेट में दो और जगह, लिखा था कि पेपर सील का लेखा, मतपत्रों का लेखा और Form of Statistics कौन बनाएगा, यह नहीं लिखा, या साफ़ नहीं। यह हटा दिया गया है: मतदान ख़त्म होने पर काग़ज़ और लिफ़ाफ़े तैयार करने का काम मार्गदर्शिका ने मतदान अधिकारी को दिया है। 20
- सुधार, 12.10.2026 · “शक वाले मतपत्र: अलग गड्डी ज़रूरी नहीं” वाली स्लाइड: पहले यहाँ इसे दो अलग बातों की तरह दिखाया गया था, और लिखा था कि अलग गड्डी बनानी है या नहीं, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: मार्गदर्शिका अलग गड्डी को ज़रूरी नहीं कहती, और उसके नमूनों में वह बनती दिखाई गई है; इसी स्लाइड पर दोनों बातें हैं। 6263
- सुधार, 12.10.2026 · “दो बातें छपी हैं: मतपत्र पर उम्मीदवारों के नाम” वाली स्लाइड हटा दी गई है, और “मतपत्र पहचानिए” वाली स्लाइड के नोट्स में उसकी ओर इशारा भी। मतपत्र पर उम्मीदवारों के नाम कैसे आएँगे, यह “मतपत्र पहचानिए” वाली स्लाइड में आयोग के आदेश के हिसाब से है; मार्गदर्शिका में क्या छपा है, यह प्रशिक्षकों के लिए 'स्रोतों में फ़र्क' पेज पर है। 162
- सुधार, 12.10.2026 · “दो बातें छपी हैं: खराब मतपत्रों के लिफ़ाफ़े का नंबर” वाली स्लाइड में पहले दो नंबर लिखे थे, और लिखा था कि कौन सा नंबर किसका है, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। अब स्लाइड “खराब मतपत्रों का लिफ़ाफ़ा” में एक ही नियम है: पंच के खराब मतपत्र P-13 में, सरपंच के P-12 में। “लिफ़ाफ़े बनाइए: पंच के चार, सरपंच के चार” वाली स्लाइड के नोट्स में भी पहले लिखा था कि यह नंबर मार्गदर्शिका में दो जगह अलग-अलग छपा है; यह हटा दिया गया है। 1413
- सुधार, 12.10.2026 · चित्र “दोहराइए: मतपेटी वाला दिन (2/2)” के “लिफ़ाफ़े” वाले डिब्बे में पहले लिखा था कि खराब मतपत्रों के लिफ़ाफ़े का नंबर मार्गदर्शिका में दो जगह अलग-अलग छपा है, और कौन सा नंबर किसका है, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। अब वहाँ एक ही नियम है: खराब मतपत्र पंच के P-13 में, सरपंच के P-12 में; निविदत्त मतपत्र पंच के P-17 में, सरपंच के P-16 में। 1413
- सुधार, 12.10.2026 · लिफ़ाफ़ों वाली तालिका और दो सूचियों में पहले निविदत्त मतपत्रों का लिफ़ाफ़ा पंच का P-16 और सरपंच का P-17 लिखा था। अब पंच का P-17 और सरपंच का P-16 है, जैसा मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-15 में छपा है; नई स्लाइड “निविदत्त मतपत्रों का लिफ़ाफ़ा” भी जोड़ी गई है। 1413
- सुधार, 12.10.2026 · “चौथे सहायक: मतपत्र लीजिए, स्याही लगाइए” वाली स्लाइड के नोट्स में पहले लिखा था कि स्याही कहाँ से कहाँ तक लगे, इस पर दो बातें छपी हैं; अब वहाँ सिर्फ़ यह इशारा है कि यह साझा हिस्से की स्याही वाली स्लाइडों में है।
- सुधार, 12.10.2026 · परिचय वाली बातों में (पहली स्लाइड के नोट्स, पूरक पत्रक का "यह डेक कैसे पढ़ें" और डेक की पुस्तिका का "इस पुस्तिका के बारे में") पहले लिखा था कि जहाँ दो पन्नों पर अलग-अलग बात छपी है, वहाँ दोनों बातें वैसी ही लिखी हैं जैसी छपी हैं, और कोई बात साफ़ न हो, तो अपने रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। अब वहाँ लिखा है कि जहाँ स्रोतों में अलग-अलग बात छपी है, वहाँ यहाँ एक ही नियम लिखा है, और स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह प्रशिक्षकों के लिए साइट के 'स्रोतों में फ़र्क' पेज पर है।
- सुधार, 12.10.2026 · “आदेश में साफ़ नहीं: दोनों दिन दल एक ही रहेगा?” वाली स्लाइड हटा दी गई है। आपके दल में कौन-कौन है, यह अपने नियुक्ति आदेश में देखिए; इस पर क्या-क्या छपा है, यह प्रशिक्षकों के लिए 'स्रोतों में फ़र्क' पेज पर है। 1
- सुधार, 12.10.2026 · “स्याही लगाइए: कौन लगाता है, कौन जाँचता है” वाली स्लाइड में पहले लिखा था: “आम तौर पर हर मतदाता को बाएँ हाथ की तर्जनी पर।” अब लिखा है: पहले दिन हर मतदाता को बाएँ हाथ की तर्जनी पर, दूसरे दिन हर मतदाता को दाएँ हाथ की तर्जनी पर। 69703031
- सुधार, 12.10.2026 · “दो बातें छपी हैं: स्याही लगाने का तरीका” वाली स्लाइड अब “स्याही लगाने का तरीका” है, और उसमें सिर्फ़ आदेश 1408 का तरीका है। मार्गदर्शिका के पाठ वाला तरीका प्रशिक्षकों के लिए 'स्रोतों में फ़र्क' पेज पर है। 69
- सुधार, 13.10.2026 · “बूथ का सामान, और हर मतपत्र पर दो काम” वाली स्लाइड में पहले लिखा था कि पंच के मतपत्र पर मतदान अधिकारी (पंच) हस्ताक्षर करेंगे, और सरपंच के मतपत्र पर मतदान अधिकारी (सरपंच)। इससे लग सकता था कि ये दो अलग लोग हैं। ये एक ही व्यक्ति हैं: दल के वही एक मतदान अधिकारी दोनों मतपत्रों पर हस्ताक्षर करेंगे। अब वहाँ यही लिखा है, और “मतपत्र की पीठ पर हस्ताक्षर कौन करेगा” वाली स्लाइड में भी यह बात साफ़ लिखी है। 642465
- सुधार, 31.10.2026 · “नियम 50: मतपत्र सिर्फ़ इन पाँच वजहों से नामंज़ूर” वाली स्लाइड में दूसरी वजह पहले सिर्फ़ यह थी कि मतपत्र पर एक से ज़्यादा उम्मीदवारों के लिए निशान लगे हों। किसी उम्मीदवार और नोटा, दोनों के लिए निशान वाला मतपत्र भी इसी वजह से नामंज़ूर होगा; अब स्लाइड में यह भी है, और उसका शीर्षक “नियम 50: मतपत्र सिर्फ़ इन वजहों से नामंज़ूर” है। चित्र “दोहराइए: मतपेटी वाला दिन” के सवाल वाले डिब्बे में भी यही बदला है। 910
- सुधार, 31.10.2026 · चित्र “दोहराइए: मतपेटी वाला दिन” में पहले लिखा था कि मतपत्र में नियम 50 की कोई वजह न हो, तो वह वैध है और गिना जाएगा। आयोग के आदेश 1031 में एक बात और है: गिनती में जिस मतपत्र की पीठ पर सील न हो और मतदान अधिकारी के हस्ताक्षर भी न हों, उसे रिटर्निंग अधिकारी नामंज़ूर करेंगे; पर अगर उन्हें यक़ीन हो जाए कि यह मतदान अधिकारी या सहायक मतदान अधिकारी की किसी भूल से, या उनसे यह काम न हो पाने से हुआ है, तो नहीं। अब चित्र में इसके बाद यही सवाल है, और यह बात “न सील, न हस्ताक्षर: आदेश 1031” वाली नई स्लाइड में भी है। 142
- सुधार, 31.10.2026 · “रंग से पहचानिए” वाली स्लाइड में आयोग के 1299 (03.02.2026) को पहले “आदेश” लिखा था। यह ज़िला निर्वाचन अधिकारियों को लिखा गया पत्र है, जिसमें “विषय” और “महोदय” लिखा है; अब “पत्र 1299” लिखा है। स्रोतों की सूची और हर स्लाइड के स्रोत में भी 1299 अब “पत्र” है। 3
Prashikshan_ZP_PS_MPSV_2026 और Pustika_Prashikshan_ZP_PS_MPSV_2026
- सुधार, 11.10.2026 · “पुनर्मतदान हो, तो मध्यमा पर स्याही” वाली स्लाइड: पहले यहाँ यह भी लिखा था कि पंच + सरपंच के पुनर्मतदान में, जिस मतदाता को दूसरे दिन बाईं तर्जनी पर स्याही लगी थी, उसके लिए इसी स्लाइड की दोनों बातें अलग अंगुली बताती हैं, और RO से पूछ लीजिए। यह बात हटा दी गई है: यहाँ अब सिर्फ़ वही है जो आदेश 2235 में छपा है।
- अद्यतन, 11.10.2026 · “पहचान के दस्तावेज़” वाली स्लाइड के नोट्स में “दोनों मार्गदर्शिकाओं के परिशिष्ट में आयोग का आदेश 603 (19.01.2026) छपा है।” के बाद यह बात जोड़ी गई: “आयोग के 30.07.2026 के आदेश 5310 ने उसकी जगह ले ली है, इसलिए यह सूची आदेश 5310 से है।” 252627
- अद्यतन, 11.10.2026 · “दूसरा मतदान अधिकारी: रजिस्टर भरिए, पर्ची दीजिए” वाली स्लाइड के नोट्स में पहले सिर्फ़ 50-50 के बंडल वाली बात थी। इस दिन वहाँ यह इशारा जोड़ा गया कि एक बंडल में कितनी पर्चियाँ होंगी, इस पर किताब में दो बातें छपी हैं, और “दो बातें छपी हैं: पर्चियों के बंडल” वाली स्लाइड जोड़ी गई। 14056
- अद्यतन, 12.10.2026 · “आदेश 1408: स्याही कहाँ से कहाँ तक” वाली स्लाइड: आख़िर की दो बातें, दूसरे दिन (पंच + सरपंच) की स्याही के बारे में, जोड़ी गई हैं।
- सुधार, 12.10.2026 · “दूसरा सहायक मतदान अधिकारी: रजिस्टर भरिए, पर्ची दीजिए” वाली स्लाइड के नोट्स में अब यह लिखा है: “नीली पर्ची किसे दी जाए: MPSV वाले बूथ पर दोनों पर्चियाँ तीसरा सहायक मतदान अधिकारी लेता है; "नीली पर्ची किसे: MPSV वाले बूथ पर" वाली स्लाइड देखिए।” पहले यहाँ लिखा था कि इस पर किताब में दो बातें छपी हैं। अध्याय 12 से यह बात साफ़ होती है। 23556
- सुधार, 12.10.2026 · “पर्चियाँ रखिए, रजिस्टर वाला क्रम न तोड़िए” वाली स्लाइड के नोट्स में अब यह लिखा है: “पर्चियाँ कौन लेगा और कौन रखेगा: आगे "पर्चियाँ कौन लेगा और रखेगा" वाली स्लाइड देखिए।” पहले यहाँ लिखा था कि इस पर किताब में दो बातें छपी हैं। अध्याय 12 से यह बात साफ़ होती है। 57
- सुधार, 12.10.2026 · परिचय वाली बातों में (पहली स्लाइड के नोट्स, पूरक पत्रक का "यह डेक कैसे पढ़ें" और डेक की पुस्तिका का "इस पुस्तिका के बारे में") पहले लिखा था कि जहाँ दो पन्नों पर अलग-अलग बात छपी है, वहाँ दोनों बातें वैसी ही लिखी हैं जैसी छपी हैं, और कोई बात साफ़ न हो, तो अपने रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। अब वहाँ लिखा है कि जहाँ स्रोतों में अलग-अलग बात छपी है, वहाँ यहाँ एक ही नियम लिखा है, और स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह प्रशिक्षकों के लिए साइट के 'स्रोतों में फ़र्क' पेज पर है।
- सुधार, 12.10.2026 · “दो बातें छपी हैं: पर्चियों के बंडल” वाली स्लाइड हटा दी गई है, और “दूसरा मतदान अधिकारी: रजिस्टर भरिए, पर्ची दीजिए” वाली स्लाइड के नोट्स में उसकी ओर इशारा भी। अब वहाँ एक ही बात है: पर्चियाँ बंडल में, बूथ के मतदाताओं की संख्या देखकर दी जाएँगी। एक बंडल में कितनी पर्चियाँ होंगी, इस पर मार्गदर्शिका में क्या छपा है, यह प्रशिक्षकों के लिए 'स्रोतों में फ़र्क' पेज पर है। 56
- सुधार, 12.10.2026 · “पर्चियाँ रखिए, रजिस्टर वाला क्रम न तोड़िए” वाली स्लाइड से यह बात हटा दी गई है: “मार्गदर्शिका के मशीन वाले हिस्से में यही काम पीठासीन अधिकारी के नाम से लिखा है।” MPSV वाले बूथ पर पर्चियाँ तीसरा सहायक मतदान अधिकारी लेता है और अपने पास इकट्ठी करता है; मार्गदर्शिका में यह बात किस-किस के नाम से छपी है, यह प्रशिक्षकों के लिए 'स्रोतों में फ़र्क' पेज पर है। 23557
- सुधार, 12.10.2026 · “मतदान के बाद मशीन सील कीजिए” वाली स्लाइड के नोट्स से यह इशारा हटा दिया गया है कि पहले पावर स्विच बंद हो या पहले यूनिटें अलग हों, इस पर मार्गदर्शिका में दो बातें छपी हैं। स्लाइड में जो क्रम है, वही मानिए: पहले पावर स्विच बंद, फिर यूनिटें अलग। 1918
- सुधार, 12.10.2026 · “दो बातें छपी हैं: MPSV वाले दिन दल में कितने लोग” वाली स्लाइड अब “MPSV वाले दिन दल में कितने लोग” है। पहले उसमें आयोग के आदेश 5096 (हर बूथ के लिए 5 लोगों का दल) और मार्गदर्शिका की बात आमने-सामने रखी थीं। अब एक ही बात है: MPSV मशीन वाले बूथ पर मतदान अधिकारी के साथ 3 सहायक मतदान अधिकारी, और M-2/M-3/MK-4/MK-5 मशीन वाले बूथ पर 4। आपके दल में कौन-कौन है, यह अपने नियुक्ति आदेश में देखिए। 29221
- सुधार, 12.10.2026 · “दो बातें छपी हैं: नीली पर्ची किसे” वाली स्लाइड अब “नीली पर्ची किसे: MPSV वाले बूथ पर” है। पहले उसमें मार्गदर्शिका की अलग-अलग बातें आमने-सामने रखी थीं, और लिखा था कि आपके बूथ पर नीली पर्ची कौन लेगा, रिटर्निंग अधिकारी से पूछिए। अब एक ही बात है: MPSV वाले बूथ पर पीली और नीली, दोनों पर्चियाँ तीसरा सहायक मतदान अधिकारी लेता है, जो कंट्रोल यूनिट का प्रभारी है। 23556
- सुधार, 12.10.2026 · “दो बातें छपी हैं: पर्चियाँ कौन रखेगा” वाली स्लाइड अब “पर्चियाँ कौन लेगा और रखेगा” है। पहले उसमें लिखा था कि यह काम मार्गदर्शिका में एक जगह तीसरे मतदान अधिकारी और दूसरी जगह पीठासीन अधिकारी के नाम से छपा है, और आपके बूथ पर कौन रखेगा, रिटर्निंग अधिकारी से पूछिए। अब एक ही बात है: MPSV वाले बूथ पर पर्ची तीसरा सहायक मतदान अधिकारी लेता है; सारी पर्चियाँ मतदान के अंत में अलग कवर में सील होंगी। 23522157
- सुधार, 12.10.2026 · “दो बातें छपी हैं: काग़ज़ों के पैकेट सील हों या नहीं” वाली स्लाइड अब “काग़ज़ों के पैकेट: कौन-से सील होंगे” है। पहले उसमें अध्याय 17 की यह बात भी थी कि सारे पैकेट सील कीजिए, और लिखा था कि कौन-सा पैकेट सील होगा, रिटर्निंग अधिकारी से पूछिए। अब एक ही नियम है: कौन-से पैकेट सील होंगे और कौन-से नहीं, यह सामान जमा वाले अध्याय की सूची में लिखा है। 171615
- सुधार, 12.10.2026 · “दो बातें छपी हैं: पहले पावर स्विच बंद या पहले यूनिटें अलग” वाली स्लाइड अब “मतदान बंद होने पर: पहले स्विच बंद, फिर यूनिटें अलग” है। पहले उसमें अध्याय 17 की सूची वाला उल्टा क्रम भी था, और लिखा था कि आपके बूथ पर कौन-सा क्रम मानना है, रिटर्निंग अधिकारी से पूछिए। अब एक ही नियम है: पहले पावर स्विच बंद, फिर यूनिटें अलग। 121819
- सुधार, 12.10.2026 · “दो बातें छपी हैं: कंट्रोल यूनिट पर स्टीकर” वाली स्लाइड अब “कंट्रोल यूनिट पर स्टीकर” है। पहले उसमें मार्गदर्शिका की यह बात भी थी कि कंट्रोल यूनिट पर पीला और नीला, दोनों स्टीकर चिपके होंगे। अब सिर्फ़ आयोग के पत्र 1299 की बात है: दोनों पदों के लिए काम आ रही कंट्रोल यूनिट पर स्टीकर की ज़रूरत नहीं। 323
- सुधार, 12.10.2026 · “किताब में ठीक यह छपा है” वाली दोनों स्लाइडें अब “इन बातों का ध्यान रखिए” हैं; नोट्स से शब्द-चयन वाली बात हटा दी गई है।
- सुधार, 12.10.2026 · “आदेश में साफ़ नहीं: दोनों दिन दल एक ही रहेगा?” वाली स्लाइड हटा दी गई है। आपके दल में कौन-कौन है, यह अपने नियुक्ति आदेश में देखिए; इस पर क्या-क्या छपा है, यह प्रशिक्षकों के लिए 'स्रोतों में फ़र्क' पेज पर है। 1
- सुधार, 12.10.2026 · “स्याही लगाइए: कौन लगाता है, कौन जाँचता है” वाली स्लाइड में पहले लिखा था: “आम तौर पर हर मतदाता को बाएँ हाथ की तर्जनी पर।” अब लिखा है: पहले दिन हर मतदाता को बाएँ हाथ की तर्जनी पर, दूसरे दिन हर मतदाता को दाएँ हाथ की तर्जनी पर। 69703031
- सुधार, 12.10.2026 · “दो बातें छपी हैं: स्याही लगाने का तरीका” वाली स्लाइड अब “स्याही लगाने का तरीका” है, और उसमें सिर्फ़ आदेश 1408 का तरीका है। मार्गदर्शिका के पाठ वाला तरीका प्रशिक्षकों के लिए 'स्रोतों में फ़र्क' पेज पर है। 69
- सुधार, 13.10.2026 · “END बटन देखिए, परिणाम अनुभाग खोलना सीखिए” वाली स्लाइड पर, और “दोहराइए: मशीन जोड़ना (2/2)” वाली स्लाइड पर भी, पहले मार्गदर्शिका और संकलन वाला नियम था: दोनों पदों का चुनाव एक साथ हो, तो आख़िरी बैलेट यूनिट का END बटन अनमास्क (Un Mask), बाकी सबका मास्क; और मशीन से सिर्फ़ एक पद का चुनाव हो, तो सब बैलेट यूनिट के END बटन मास्क। अब वहाँ एक ही नियम है: हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रहेगा, चाहे दोनों पदों का चुनाव एक साथ हो या एक ही पद का। यह आयोग के आदेश 9508 (28.09.2026) का नियम है; MPSV के लिए आदेश 5468 (04.08.2026) में भी यही लिखा था। “एक नज़र में: मशीन वाला पूरा दिन” वाली स्लाइड पर भी अब लिखा है कि हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क हो। 41424344
- सुधार, 13.10.2026 · “बटन दबाने पर मशीन क्या करती है” वाली तालिका से “END बटन (आंशिक मतदान): लम्बी बीप” वाली पंक्ति हटा दी गई है, और उसके नीचे की यह बात भी: “तय संख्या से कम वोट आंशिक मतदान है: दूसरी बैलेट यूनिट का END बटन। कंट्रोल यूनिट इसे UNDER VOTE में जमा करती है।” अब वहाँ लिखा है कि मतदाता एक वोट ज़िला परिषद सदस्य के लिए और एक पंचायत समिति सदस्य के लिए डालता है। कारण: आयोग के आदेश 5468 (04.08.2026) और 9508 (28.09.2026) में हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रखने को कहा गया है। 454443
- सुधार, 13.10.2026 · “वोट डलवाइए: बत्तियाँ और बीप पहचानिए” वाली स्लाइड से ये दो बातें हटा दी गई हैं: “आंशिक मतदान: एक पद में वोट, या किसी में नहीं।” और “इसके लिए मतदाता दूसरी बैलेट यूनिट का END बटन काम में लेगा; कंट्रोल यूनिट इसे UNDER VOTE दिखाती है।” “दोहराइए: मतदान का दिन, मशीन पर” वाली स्लाइड से भी “आंशिक मतदान के लिए END बटन” हटा दिया गया है। कारण: आयोग के आदेश 5468 (04.08.2026) और 9508 (28.09.2026) में हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रखने को कहा गया है। किसी एक पद में ही वोट डालने के बारे में आदेश क्या नहीं बताते, यह साइट के 'बैलेट यूनिट रखिए और मतदान कराइए' पेज पर, 'वोट डलवाइए' में लिखा है। 494443
- सुधार, 13.10.2026 · “मॉक पोल में ये ध्यान रखिए” वाली स्लाइड से यह बात हटा दी गई है: “मतदाता दोनों पदों में वोट डाल सकता है, किसी एक पद में, या किसी में नहीं।” कारण: आयोग के आदेश 5468 (04.08.2026) और 9508 (28.09.2026) में हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रखने को कहा गया है। किसी एक पद में ही वोट डालने के बारे में आदेश क्या नहीं बताते, यह साइट के 'बैलेट यूनिट रखिए और मतदान कराइए' पेज पर, 'वोट डलवाइए' में लिखा है। 454443
- सुधार, 14.10.2026 · “लिफ़ाफ़े भरिए: ये चपड़ी से सील होंगे” वाली स्लाइड के नीचे पहले लिखा था कि दोनों चुनावों में एक ही काम आए काग़ज़ों का एक साझा लिफ़ाफ़ा बनेगा। मार्गदर्शिका में ऐसे दो लिफ़ाफ़े हैं, जैसा उसी स्लाइड की तालिका में भी लिखा है: निर्वाचक नामावली की चिन्हित प्रति का PE-42 और मतदाताओं के रजिस्टर का PE-43, और दोनों अलग-अलग सीलबंद होंगे। अब स्लाइड पर यही लिखा है। 54
- सुधार, 14.10.2026 · “पूर्वाभ्यास में हर काम ख़ुद करके देखिए” वाली स्लाइड पर पहले लिखा था कि डाक मतपत्र का आवेदन मतदान से कम से कम चार दिन पहले करना है, जैसा मार्गदर्शिका में छपा है। आयोग के 29.01.2026 वाले आदेश 1134 में ज़िला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव के लिए यह अवधि कम से कम सात दिन है, या रिटर्निंग अधिकारी जितना कम समय दें; और दोनों के लिए प्ररूप 1 अलग-अलग, अपने-अपने रिटर्निंग अधिकारी को जाता है। अब स्लाइड पर यही लिखा है। 8
- सुधार, 16.10.2026 · “Close, RESULT-I और मिलान कीजिए” वाली स्लाइड पर पहले Close के डिस्प्ले का क्रम यह लिखा था: CLOSING, NUMBER OF POSTS 2, तारीख़ (DTE) और समय (TME), TOTAL VOTERS, फिर RJSCU और RJSDM वाले दो नंबर, आख़िर में POLL CLOSED। मार्गदर्शिका में ये छह डिब्बे दो कॉलम में छपे हैं, और इन्हें बाएँ से दाएँ, पंक्ति-दर-पंक्ति पढ़ लिया गया था। अगले पन्ने पर RESULT-I के डिब्बे भी इसी तरह छपे हैं, और वहीं लिखा है कि कन्ट्रोल यूनिट का सीरियल नंबर (RJSCU वाला) संदेशों में दूसरे नंबर पर आता है; यानी डिब्बे ऊपर से नीचे पढ़े जाते हैं, पहले बायाँ कॉलम, फिर दायाँ। अब स्लाइड पर यह क्रम है: CLOSING, तारीख़ और समय, RJSCU और RJSDM वाले दो नंबर, NUMBER OF POSTS 2, TOTAL VOTERS, आख़िर में POLL CLOSED। 4647
- सुधार, 31.10.2026 · “MPSV वाले दिन दल में कितने लोग” और “कंट्रोल यूनिट पर स्टीकर” वाली स्लाइडों में आयोग के 1299 (03.02.2026) को पहले “आदेश” लिखा था। यह ज़िला निर्वाचन अधिकारियों को लिखा गया पत्र है, जिसमें “विषय” और “महोदय” लिखा है; अब “पत्र 1299” लिखा है। स्रोतों की सूची और हर स्लाइड के स्रोत में भी 1299 अब “पत्र” है। 3
- सुधार, 31.10.2026 · “रंग से पहचानिए” वाली स्लाइड में आयोग के 1299 (03.02.2026) को पहले “आदेश” लिखा था। यह ज़िला निर्वाचन अधिकारियों को लिखा गया पत्र है, जिसमें “विषय” और “महोदय” लिखा है; अब “पत्र 1299” लिखा है। स्रोतों की सूची और हर स्लाइड के स्रोत में भी 1299 अब “पत्र” है। 3
Prashikshan_Ginti_ZP_PS_2026 और Pustika_Prashikshan_Ginti_ZP_PS_2026
- सुधार, 12.10.2026 · “गणन अभिकर्ता कितने” वाली स्लाइड: पहले यहाँ इसे दो अलग बातों की तरह दिखाया गया था, और लिखा था कि कितने अभिकर्ता बैठेंगे, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: नियम 70(2) और आदेश, दोनों में यह संख्या टेबलों से तय होती है, जैसा इसी स्लाइड पर लिखा है। 74236
- सुधार, 12.10.2026 · “गड़बड़ वाली मशीन: आदेश क्या कहता है” वाली स्लाइड: यहाँ शीर्षक पहले 'दो बातें छपी हैं: गड़बड़ वाली मशीन' था, और पैरा 15 वाली बात में 'जो भी उस मतदान केन्द्र के संबंध में लागू होती हो' छूट गया था। यह ठीक कर दिया गया है: पैरा 15 और 17 एक ही बात कहते हैं। 76
- सुधार, 12.10.2026 · “गड़बड़ वाली मशीन: आदेश क्या कहता है” वाली स्लाइड: पहले यहाँ आख़िर में लिखा था कि ऐसा मामला आए, तो रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: आगे क्या करना है, यह आदेश के पैरा 23 में छपा है, जो इसी स्लाइड पर है। 237
- सुधार, 12.10.2026 · “गड़बड़ वाली मशीन: आदेश क्या कहता है” वाली स्लाइड: 'दोहराइए: मशीन वाली गिनती' वाले चित्र में पहले लिखा था कि पिंक पेपर सील से छेड़छाड़ मिले, तो आगे क्या करना है, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: आगे की बात आदेश के पैरा 15 और 17 में छपी है, जो 'गड़बड़ वाली मशीन: आदेश क्या कहता है' वाली स्लाइड पर है। 72
- सुधार, 12.10.2026 · “गिनती के बाद MPSV पर क्या सील हो” वाली स्लाइड: पहले यहाँ, और 'दोहराइए: मशीन वाली गिनती' वाले चित्र में, लिखा था कि गिनती के बाद क्या सील हो, इस पर पुस्तिका और आदेश में फ़र्क़ है, और कौन सा तरीक़ा अपनाना है, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: ईवीएम मार्गदर्शिका में भी MPSV के लिए आयोग के आदेश वाली बात छपी है, और मशीन की पुस्तिका SDMM की सील आयोग की तय प्रक्रिया पर छोड़ती है। 7879
- सुधार, 12.10.2026 · “लॉटरी का तरीक़ा” वाली स्लाइड: पहले यहाँ इसे दो अलग बातों की तरह दिखाया गया था, और लिखा था कि तरीक़े पर शक हो, तो रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: नियम तरीक़ा रिटर्निंग अधिकारी पर छोड़ता है, और आयोग का आदेश उसके कदम बताता है; दोनों इसी स्लाइड पर हैं। 8384
- सुधार, 12.10.2026 · “दोबारा गिनती: मशीन वाले वोट” वाली स्लाइड: पहले यहाँ लिखा था कि मशीन वाली दोबारा गिनती के कदम नहीं छपे, और रिटर्निंग अधिकारी से पूछिए। यह हटा दिया गया है: मशीन वाले चुनाव में कौन से नियम लागू होते हैं, यह नियम 58(5) में छपा है, और परिणाम दोबारा देखने का तरीक़ा आदेश में; दोनों इसी स्लाइड पर हैं। 8586
- सुधार, 12.10.2026 · “MPSV और MPMV: आदेश में सिर्फ़ मेमोरी मॉड्यूल की सील” वाली स्लाइड: पहले यहाँ लिखा था कि मशीन की निर्देश पुस्तिका में इससे अलग तरीक़ा लिखा है, और कौन सा तरीक़ा अपनाना है, यह रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। यह हटा दिया गया है: ईवीएम मार्गदर्शिका में भी MPSV के लिए यही बात छपी है, और मशीन की पुस्तिका SDMM की सील आयोग की तय प्रक्रिया पर छोड़ती है। 7879
- सुधार, 12.10.2026 · “दो बातें छपी हैं: पुस्तिका का कौन सा अध्याय” वाली स्लाइड अब “MPSV से रिज़ल्ट: पुस्तिका का अध्याय 6” है। पहले उसमें आदेश और पुस्तिका की बातें आमने-सामने रखी थीं; अब एक ही बात है कि गिनती का तरीक़ा पुस्तिका के अध्याय 6 में है। “पहले मशीन देखिए, फिर रिज़ल्ट निकालिए” वाली स्लाइड पर भी अब आदेश के हवाले से अध्याय का नंबर नहीं लिखा। आदेश में कौन-सा अध्याय लिखा है, यह प्रशिक्षकों के लिए 'स्रोतों में फ़र्क' पेज पर है। 808182
- सुधार, 12.10.2026 · परिचय वाली बातों में (पहली स्लाइड के नोट्स, पूरक पत्रक का "यह डेक कैसे पढ़ें" और डेक की पुस्तिका का "इस पुस्तिका के बारे में") पहले लिखा था कि जहाँ दो पन्नों पर अलग-अलग बात छपी है, वहाँ दोनों बातें वैसी ही लिखी हैं जैसी छपी हैं, और कोई बात साफ़ न हो, तो अपने रिटर्निंग अधिकारी से पूछ लीजिए। अब वहाँ लिखा है कि जहाँ स्रोतों में अलग-अलग बात छपी है, वहाँ यहाँ एक ही नियम लिखा है, और स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह प्रशिक्षकों के लिए साइट के 'स्रोतों में फ़र्क' पेज पर है।
- अद्यतन, 13.10.2026 · “Under Vote और Unfinished Voter समझिए” के ठीक बाद “Under Vote: आयोग के आदेश 5468 और 9508” वाली स्लाइड जोड़ी गई है। उसमें लिखा है कि Under Vote और Unfinished Voter की दोनों परिभाषाएँ संकलन में जैसी छपी हैं, वैसी दी गई हैं; कि आयोग के आदेश 5468 और 9508 में अब हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रखने को कहा गया है; और आदेश 9508 के बिंदु D की यह बात: अंडर वोट की संख्या शून्य के अलावा कुछ और दिखे, तो उस संख्या को रिजेक्टेड वोटों में जोड़कर अंतिम परिणाम शीट तैयार की जाए। 444387
- सुधार, 31.10.2026 · पहली स्लाइड के नोट्स में आयोग के 1299 (03.02.2026) को पहले “आदेश” लिखा था। यह ज़िला निर्वाचन अधिकारियों को लिखा गया पत्र है, जिसमें “विषय” और “महोदय” लिखा है; अब “पत्र 1299” लिखा है। स्रोतों की सूची और हर स्लाइड के स्रोत में भी 1299 अब “पत्र” है। 3
स्रोत
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- 94.आदेश 10297, दि. 09.10.2026, पृ. 2कख
- 95.राजस्थान हाई कोर्ट: रिट याचिका 5292/2010, मांगी देवी बनाम राजस्थान राज्य, पृ. 1 पाठ में
- 96.राजस्थान हाई कोर्ट: रिट याचिका 5292/2010, मांगी देवी बनाम राजस्थान राज्य, पृ. 2 पाठ में
- 97.सुप्रीम कोर्ट: प्रद्युत बोरदोलोई बनाम स्वपन रॉय, पृ. 1 पाठ में
- 98.आदेश 10297, दि. 09.10.2026, पृ. 3कख
- 99.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 168 पाठ में
- 100.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 73 पाठ में
- 101.परिपत्र 2178, दि. 20.06.2019, संकलन पृ. 249कखग
- 102.पत्र 594, दि. 19.01.2026, संकलन पृ. 400कखग
- 103.आदेश 9809, दि. 02.10.2026, पृ. 1कखगघङचछ
- 104.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 27कखगघङच
- 105.आदेश 753, दि. 20.01.2026, संकलन पृ. 447कखग
- 106.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 7कखगघङ
- 107.परिपत्र 2178, दि. 20.06.2019, संकलन पृ. 249–250कख
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- 109.आदेश 5052, दि. 23.12.2025, संकलन पृ. 100कख
- 110.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 64कख
- 111.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 152 पाठ में
- 112.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 119कखग
- 113.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 151कख
- 114.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 182 पाठ में
- 115.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 120कख
- 116.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 3कखगघङ
- 117.MPSV अनुदेश पुस्तिका, पृ. 5 पाठ में
- 118.MPSV अनुदेश पुस्तिका, पृ. 31 पाठ में
- 119.MPSV अनुदेश पुस्तिका, पृ. 32कख
- 120.आदेश 49, दि. 01.01.2026, संकलन पृ. 283 पाठ में
- 121.MPSV अनुदेश पुस्तिका, पृ. 22 पाठ में
- 122.MPSV अनुदेश पुस्तिका, पृ. 29 पाठ में
- 123.MPSV अनुदेश पुस्तिका, पृ. 30 पाठ में
- 124.MPSV अनुदेश पुस्तिका, पृ. 15कख
- 125.MPSV अनुदेश पुस्तिका, पृ. 16 पाठ में
- 126.आदेश 1161, दि. 30.01.2026, संकलन पृ. 280 पाठ में
- 127.आदेश 1161, दि. 30.01.2026, संकलन पृ. 279, 280 पाठ में
- 128.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 91कखगघ
- 129.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 22 पाठ में
- 130.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 92 पाठ में
- 131.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंच, सरपंच), पृ. 2 पाठ में
- 132.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंच, सरपंच), पृ. 3 पाठ में
- 133.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंच, सरपंच), पृ. 1 पाठ में
- 134.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंच, सरपंच), पृ. 6 पाठ में
- 135.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंच, सरपंच), पृ. 8 पाठ में
- 136.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंच, सरपंच), पृ. 12कख
- 137.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंच, सरपंच), पृ. 11 पाठ में
- 138.आयोग के खाली नामांकन फ़ॉर्म (पंचायत समिति, ज़िला परिषद सदस्य), पृ. 10 पाठ में
- 139.आदेश 5310, दि. 30.07.2026, पृ. 2कख
- 140.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 28कख
- 141.आदेश 5101, दि. 26.12.2025, संकलन पृ. 15 पाठ में
- 142.आदेश 1031, दि. 27.01.2026, संकलन पृ. 163कखगघङचछ
- 143.आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 3कखगघ
- 144.आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 1कख
- 145.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 25 पाठ में
- 146.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 61कख
- 147.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 31कख
- 148.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 28कखग
- 149.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 60 पाठ में
- 150.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 62 पाठ में
- 151.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 41कखग
- 152.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 107 पाठ में
- 153.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 179कख
- 154.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 181कख
- 155.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 101 पाठ में
- 156.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 89कख
- 157.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 102कखग
- 158.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 152कख
- 159.आदेश 5052, दि. 23.12.2025, संकलन पृ. 98, 100 पाठ में
- 160.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 90 पाठ में
- 161.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 36कखग
- 162.आदेश 9809, दि. 02.10.2026, पृ. 2कखगघ
- 163.परिपत्र 2178, दि. 20.06.2019, संकलन पृ. 250 पाठ में
- 164.परिपत्र 2178, दि. 20.06.2019 (पत्र 594 के साथ), संकलन पृ. 402कखगघ
- 165.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 27 पाठ में
- 166.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 94कख
- 167.आयोग का पत्र स्पे. 1, दि. 20.10.2026, पृ. 1 पाठ में
- 168.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 26 पाठ में
- 169.आदेश 1323, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 396 पाठ में
- 170.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 33कख
- 171.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 35कख
- 172.आदेश 4191, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 177 पाठ में
- 173.आदेश 4191, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 177, 178 पाठ में
- 174.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 78कख
- 175.आदेश 1323, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 397कखगघङच
- 176.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 70 पाठ में
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- 178.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 72 पाठ में
- 179.आदेश 10568, दि. 15.10.2026, पृ. 1कख
- 180.संकलन, पृ. 80 पाठ में
- 181.आदेश 10520, दि. 14.10.2026, पृ. 1 पाठ में
- 182.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 105कख
- 183.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 6कख
- 184.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 104 पाठ में
- 185.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 3 पाठ में
- 186.आदेश 745, दि. 20.01.2026, संकलन पृ. 438 पाठ में
- 187.आदेश 745, दि. 20.01.2026, संकलन पृ. 439 पाठ में
- 188.पत्र 1100, दि. 28.01.2026, संकलन पृ. 328कखग
- 189.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 300 पाठ में
- 190.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 125 पाठ में
- 191.MPSV अनुदेश पुस्तिका, पृ. 42 पाठ में
- 192.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 11 पाठ में
- 193.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 292 पाठ में
- 194.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 116 पाठ में
- 195.आदेश 1024, दि. 27.01.2026, संकलन पृ. 315 पाठ में
- 196.आदेश 1024, दि. 27.01.2026, संकलन पृ. 316कखग
- 197.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 219 पाठ में
- 198.आदेश 9496, दि. 28.09.2026, पृ. 3 पाठ में
- 199.संकलन, पृ. 84 पाठ में
- 200.आदेश 10542, दि. 15.10.2026, पृ. 1 पाठ में
- 201.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 12 पाठ में
- 202.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 106कख
- 203.आदेश 5052, दि. 23.12.2025, संकलन पृ. 99, 100 पाठ में
- 204.संकलन, पृ. 1–9 पाठ में
- 205.आदेश 5475, दि. 04.08.2026, पृ. 1 पाठ में
- 206.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 10 पाठ में
- 207.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 91 पाठ में
- 208.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 175 पाठ में
- 209.आदेश 9809, दि. 02.10.2026, पृ. 3कख
- 210.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 127कख
- 211.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 50 पाठ में
- 212.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 49 पाठ में
- 213.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 66 पाठ में
- 214.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 129 पाठ में
- 215.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 40कख
- 216.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 68 पाठ में
- 217.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 23कख
- 218.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 69 पाठ में
- 219.आदेश 1134, दि. 29.01.2026, संकलन पृ. 224 पाठ में
- 220.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 22 पाठ में
- 221.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 43कख
- 222.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 76 पाठ में
- 223.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 8 पाठ में
- 224.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 85 पाठ में
- 225.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 140 पाठ में
- 226.आदेश 685, दि. 20.01.2026, संकलन पृ. 111 पाठ में
- 227.आदेश 922, दि. 23.01.2026, संकलन पृ. 114 पाठ में
- 228.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 63 पाठ में
- 229.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 145 पाठ में
- 230.आदेश 5096, दि. 26.12.2025, संकलन पृ. 120 पाठ में
- 231.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 143 पाठ में
- 232.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 1 पाठ में
- 233.आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 2 पाठ में
- 234.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 2 पाठ में
- 235.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 29कखगघ
- 236.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 172 पाठ में
- 237.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 297, 298 पाठ में