मतपेटी वाला दिन
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इस पेज पर
पंच और सरपंच के वोट मतपेटी से पड़ेंगे, और उनकी गिनती उसी दिन, मतदान ख़त्म होते ही, ग्राम पंचायत मुख्यालय पर होगी। 123 यह पेज मतदान दल और रिटर्निंग अधिकारी के लिए है: एक दिन पहले, नामांकन वाले दिन मतपत्र तैयार करने से लेकर परिणाम और लिफ़ाफ़ों तक। आख़िर में वैध और अवैध मतपत्र पहचानने का अभ्यास है।
एक दिन पहले: नामांकन वाला दिन
पंच और सरपंच के नामांकन उनके मतदान से एक दिन पहले होंगे: बालोतरा में तीसरे चरण में 04.11.2026 को, और चौथे चरण में 15.11.2026 को। 45 पूरा कार्यक्रम चुनाव कार्यक्रम वाले पेज पर है।
नामांकन, संवीक्षा और नाम वापसी, तीनों काम उसी एक दिन ग्राम पंचायत मुख्यालय पर होंगे: पंचायत भवन में, या उस जगह जो ज़िला निर्वाचन अधिकारी तय करें। 6 ये काम रिटर्निंग अधिकारी करवाएँगे, और उनकी मदद मतदान दल के वे कार्मिक करेंगे, जो मतदान अधिकारी की योग्यता रखते हों। 6
उस दिन नामांकन सुबह 8 से 11 बजे तक लिए जाएँगे, संवीक्षा 11:30 बजे से होगी, नाम वापसी दोपहर 2 बजे तक होगी, और उसके तुरंत बाद चुनाव चिह्न दिए जाएँगे। 7 नामांकन के काग़ज़ और नियम: नामांकन।
नाम वापसी के बाद पंच और सरपंच के उम्मीदवारों की अलग-अलग सूची प्ररूप-5 में लगेगी, हिन्दी वर्णमाला के क्रम में, और चुनाव चिह्न भी इसी क्रम में दिए जाएँगे। 6 नामांकन से जुड़े सब काग़ज़ पी-1 लिफ़ाफ़े में रखे जाएँगे, और यह लिफ़ाफ़ा सील नहीं होगा। 6 सूची किस क्रम में बनती है, चिह्न कैसे मिलता है और सूची किसे-किसे दी जाती है, यह नाम वापसी के बाद: प्ररूप-5 की सूची पेज पर है।
मतपत्र पर नाम लिखना
मतपत्र पर सिर्फ़ चुनाव चिह्न छपे आएँगे; उम्मीदवार के नाम की जगह ख़ाली होगी। 6 प्ररूप-5 की सूची लगते ही, ग्राम पंचायत पर ही, मतदान दल के अधिकारी और कार्मिक हर उम्मीदवार को मिले चिह्न के सामने वाली ख़ाली जगह पर उसका सही नाम काले बॉलपेन से लिखेंगे। 6 वोट इन्हीं मतपत्रों से पड़ेंगे, जो मतदान दल ने ख़ुद तैयार किए हैं। 6
चिह्न एक कॉलम में दस-दस छपे होते हैं: 1 से 10 मतपत्र पर, 11 से 20 पहली अतिरिक्त पर्ची पर, 21 से 30 दूसरी पर, और 31 से 40 तीसरी पर। 8 उम्मीदवार ज़्यादा हों, तो ज़रूरत के हिसाब से पहली, दूसरी और तीसरी पर्ची मतपत्र के नीचे चिपकाकर मतपत्र पूरा किया जाएगा। 9 जो चिह्न काम में नहीं आए, उन्हें कैंची या ब्लेड से काटकर अलग कर दिया जाएगा। 9
नोटा का स्टीकर आयोग से छपकर आएगा, और आख़िरी उम्मीदवार के ठीक बाद वाली जगह पर चिपकाया जाएगा। जैसे, 6 उम्मीदवार हों तो मतपत्र पर सातवीं जगह पर; 12 हों तो पहली अतिरिक्त पर्ची की तीसरी जगह पर। 89
मतपत्र और नोटा के स्टीकर ज़िले से मिलने वाली चुनाव सामग्री के साथ आएँगे: काला बॉलपेन, काला कार्बन, फेविस्टिक, कैंची या ब्लेड, स्टील का स्केल, स्टेपलर, यू-पिन, मतपत्र तैयार करते समय नीचे रखने के लिए हार्डबोर्ड, और बाक़ी ज़रूरी सामान। 9 अतिरिक्त पर्चियाँ नामांकन पूरे होने के बाद, योग्य उम्मीदवारों की गिनती देखकर, ज़िला निर्वाचन अधिकारी तुरंत रिटर्निंग अधिकारी को देंगे। 9
मतदान से पहले
बूथ पर आपको बैंगनी रंग का स्टाम्प पैड, अमिट स्याही की शीशी, एरोक्रॉस मार्क वाली रबड़ की मोहरें, और एक सुभिन्नकारी रबड़ सील मिलेगी, जिस पर "पं.रा.सं." लिखा होता है। 101112
हर मतपत्र पर दो काम न भूलिए: मतपत्र की पीठ पर दाईं तरफ़ सबसे ऊपर "पं.रा.सं." वाली सील, और पीठ पर ही मतदान अधिकारी के पूरे हस्ताक्षर। 111312 पंच और सरपंच, दोनों के मतपत्रों पर हस्ताक्षर दल के मतदान अधिकारी (PO) करेंगे, क्योंकि आयोग के आदेश 1031 में पीठ पर हस्ताक्षर मतदान अधिकारी के लिखे हैं, और दल में मतदान अधिकारी एक ही होते हैं। 1214 मार्गदर्शिका में भी हस्ताक्षर का काम मतदान अधिकारी के कामों में है; दूसरे और तीसरे सहायक मतदान अधिकारी के कामों में हस्ताक्षर नहीं है। 151617
मतपत्र पर चुनाव चिह्न छपे होंगे, और हर मतपत्र पर 7 अंकों का एक नंबर होगा; इसमें काउंटर फ़ाइल नहीं होती। सरपंच का मतपत्र सफ़ेद होगा, और पंच का गुलाबी। 8
बैठने का तरीक़ा: पहले तीन सहायक मतदान अधिकारी अंदर आने वाले दरवाज़े के पास बैठेंगे, और चौथा सहायक मतदान अधिकारी अंदर दूसरी तरफ़, मतपेटी के पास। बूथ का नक्शा एक नज़र वाले पेज पर है। 13
पंच के उम्मीदवार कोई मतदान अभिकर्ता नहीं रख सकते। सरपंच का उम्मीदवार हर बूथ के लिए एक मतदान अभिकर्ता रख सकता है। बूथ में सिर्फ़ पंच का उम्मीदवार, और सरपंच का उम्मीदवार या उसका मतदान अभिकर्ता बैठ सकता है। 13
सरपंच का उम्मीदवार, या उसका निर्वाचन अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति प्ररूप-9 (परिशिष्ट-16) में करेगा। उसी फ़ॉर्म में मतदान अभिकर्ता घोषणा करता है कि वह इस चुनाव में क़ानून या नियमों में मना की गई कोई बात नहीं करेगा। इस घोषणा पर वह मतदान अधिकारी के सामने हस्ताक्षर करेगा, और नीचे मतदान अधिकारी भी हस्ताक्षर करेंगे। 18
मतपेटी तैयार करना
- मतदान शुरू होने से करीब 15 मिनट पहले, वहाँ मौजूद उम्मीदवारों के सामने मतपेटी खाली करके दिखाइए, फिर उसे तैयार कीजिए। 19
- पेपर सील पर अपने पूरे हस्ताक्षर कीजिए, और जो उम्मीदवार या अभिकर्ता चाहें, उनके भी करवाइए। 19
- परिशिष्ट-21 वाली घोषणा, जो मतदान अधिकारी करते हैं, उम्मीदवारों और अभिकर्ताओं के सामने पढ़कर सुनाई जाएगी, और उस पर हस्ताक्षर करवाए जाएँगे। कोई न आए या हस्ताक्षर न करना चाहे, तो भी मतपेटी तय समय पर ही तैयार होगी। 19
- मतपेटी की खिड़की से देखते हुए पेपर सील के हिस्से पर "पं.रा.सं." लिखा जाएगा। फिर खिड़की का कवर और सुराख़ का कवर तार से बाँधे जाएँगे, और साथ में डोरे से भी बाँधकर सील किए जाएँगे। 19
- मतपेटी पर पिंक पेपर सील भी लगेगी। आयोग की इस सील पर क्रम संख्या छपी होती है और यह 10 इंच लंबी है; इसे गत्ते के टुकड़े की मदद से मतपेटी पर लगाइए। 19
- पंच-सरपंच वाली मतपेटी पर बाहर सफ़ेद लेबल लगेगा; लेबल का नमूना परिशिष्ट-28 में है। बूथ पर एक ही मतपेटी लगे, तो उस पर 1/1 लिखिए। दो लगें, तो पहली पर 1/2 और दूसरी पर 2/2; ज़्यादा लगें, तो इसी तरह आगे। 19 परिशिष्ट-28 के नमूने में सफ़ेद लेबल पर ये ख़ाने हैं: पंचायत सर्किल का नाम, पंचायत सर्किल के वार्ड की संख्या, मतदान बूथ की क्रम संख्या व नाम, और मतपेटी की क्रम संख्या। 20

मतदान शुरू होने से पहले मतदान अधिकारी अभिकर्ताओं और उम्मीदवारों के सामने बताएँगे कि मतपेटी खाली है, और उनसे पेपर सील पर हस्ताक्षर करने को कहेंगे। मतदान के बीच नई मतपेटी काम में ली जाए, तो फिर से यही घोषणा होगी। 21
परिशिष्ट-21 की घोषणा के भाग-1 में मतदान अधिकारी चार बातें लिखते हैं: बनावटी मतदान से अभिकर्ताओं और वहाँ मौजूद लोगों को दिखा दिया गया कि मतपेटी खाली है; पेपर सील पर उन्होंने ख़ुद हस्ताक्षर कर दिए और जो अभिकर्ता मौजूद थे और चाहते थे, उनके भी करवा लिए; चिह्नित प्रति में डाक मतपत्र और निर्वाचक ड्यूटी प्रमाण पत्रों वाले निशानों के अलावा कोई निशान नहीं है, यह दिखा दिया गया; और अभिकर्ताओं को बूथ पर काम आने वाले मतपत्रों के पहले और आख़िरी क्रम संख्यांक नोट करने दिए गए, और मतपत्रों के बंडल दिखा दिए गए। जिन अभिकर्ताओं ने घोषणा पर हस्ताक्षर करने से मना किया, उनके नाम भी इसमें लिखे जाते हैं। 22 दूसरी या तीसरी मतपेटी काम में ली जाए, तो भाग-2 में पहली दो बातें फिर लिखी जाती हैं। 23
मतदान के दौरान
मतपत्र मोड़ना। मतपत्र ऐसे मोड़े जाएँगे कि एक उम्मीदवार के खाने का निशान दूसरे उम्मीदवार के खाने में न छपे। पहला मोड़ खड़ा होगा, ताकि चुनाव चिह्न उम्मीदवार के नाम पर आ जाए और मुड़े हुए मतपत्र की चौड़ाई दो इंच रहे। दूसरा मोड़ आड़ा होगा, ऐसे कि "पं.रा.सं." वाला निशान बाहर दिखता रहे। मोड़ सीधे हों, ताकि मतपत्र मतपेटी के सुराख़ में आसानी से जाए। तब मतदाता मतदान कक्ष से मतपत्र उसी तरह मोड़कर लाएगा, और वोट गुप्त रहेगा। 1312
लाइन। महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग लाइन होनी चाहिए। एक बार में तीन या चार मतदाताओं को ही अंदर आने दीजिए। दिव्यांग, बुज़ुर्ग, और गोद में बच्चे वाली महिलाओं को लाइन में खड़े बाक़ी लोगों से पहले अंदर आने दीजिए। दिव्यांग मतदाताओं को बूथ में आने के लिए ज़रूरी मदद भी करनी चाहिए। दिव्यांग और बुज़ुर्ग मतदाताओं को वोट देने में पहले मौक़ा मिलेगा, यह बताने वाले प्लेकार्ड ऐसी जगह लगाइए जहाँ आसानी से दिखें। 3
एक चुनाव, एक वोट। किसी का नाम एक से ज़्यादा वार्डों में हो, तब भी वह पंच के चुनाव में एक ही वार्ड से, और सरपंच के चुनाव में एक ही पंचायत के एक ही वार्ड से वोट दे सकता है। किसी चुनाव में एक से ज़्यादा वोट दिए, तो उस चुनाव में उसके सारे वोट रद्द हो जाएँगे। जो व्यक्ति जेल में या पुलिस हिरासत में है, वह वोट नहीं दे सकता। 13
मतपत्र का नंबर। बूथ में कोई उम्मीदवार या उसका अभिकर्ता, मतदाता को दिए गए मतपत्र का नंबर नोट नहीं कर सकता (नियम 39(3))। 19
दिव्यांग मतदाता। दृष्टिबाधित या दिव्यांग मतदाता कहे, तो मतदान अधिकारी नियम 41 के हिसाब से मतदान कक्ष में जाकर उसकी मर्ज़ी से वोट लगाएँगे और मतपत्र मतपेटी में डाल देंगे। इसके लिए कोई फ़ॉर्म नहीं है, पर मतदाता सूची में उसके नाम के आगे "AA" लिख दीजिए। 21
कम उम्र का लगे। जिसका नाम सूची में है और पहचान पक्की है, पर उम्र बहुत कम लगती है, उससे उम्र की घोषणा परिशिष्ट 13 में लीजिए: जिस 1 जनवरी के हिसाब से मतदाता सूची तैयार हुई या उसका पुनरीक्षण हुआ, उस दिन उसकी उम्र के बारे में। घोषणा लेने से पहले उसे बता दीजिए कि झूठी घोषणा पर राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 18-क (परिशिष्ट-3) में सज़ा का प्रावधान है। ऐसे मतदाताओं की सूची परिशिष्ट 14 में बनाइए। घोषणा से मना करके बिना वोट दिए जो चले गए, उनकी सूची परिशिष्ट 14 के भाग II में। ये काग़ज़ पंच-सरपंच के लिए लिफ़ाफ़ा P-1 में जाएँगे, जो सील नहीं होगा। 243
खराब मतपत्र। किसी मतदाता का मतपत्र ग़लती से खराब हो जाए, तो उसे दूसरा मतपत्र दे दीजिए (नियम 42)। चिह्नित मतदाता सूची में उसके नाम के आगे दोनों मतपत्रों के नंबर लिखिए: पहले वाले का भी और नए वाले का भी। खराब मतपत्र की पीठ पर मतदान अधिकारी ख़ुद "खराब-रद्द" लिखकर उसे तय लिफ़ाफ़े में रखेंगे। 24
लौटाया गया मतपत्र अब नहीं होता। पहले नियम 43 में था कि मतपत्र लेकर कोई वोट न देना चाहे, तो मतपत्र "लौटाया-निरस्त" लिखकर रखा जाए। अधिसूचना 1531 (12.11.2014) से यह नियम हटा दिया गया है, और उसकी जगह मतपत्र पर नोटा (इनमें से कोई नहीं) है; अब मतदान केन्द्र पर ऐसी कोई कार्यवाही नहीं की जाती। जो किसी को वोट नहीं देना चाहता, वह नोटा पर निशान लगा सकता है। 24 नियम 40 में वोट डालने की तय प्रक्रिया लिखी है: मतदाता किसी उम्मीदवार के सामने या नोटा पर निशान लगाता है, मतपत्र मोड़ता है और मतपेटी में डालता है; यह नियम भी इसी अधिसूचना 1531 से बदलकर लिखा गया है। 25 मतपेटी से जो मतपत्र बिना किसी निशान के निकले, वह गिनती में नामंजूर होता है (नियम 50(1)(iii))। 2627 पर कोई मतदाता यह प्रक्रिया मानने से ही इनकार करे, जैसे मतपत्र मतपेटी में डालने की जगह लौटाने पर अड़ा रहे, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 132-क के तहत उसका मतपत्र रद्द किया जा सकता है (यह धारा मतपेटी मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-2 में छपी है)। 2829 राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 22 से यह धारा पंचायत चुनाव पर भी लागू है। 3031 मतपत्र लेखा (परिशिष्ट-26) में ऐसे मतपत्र मद 4(क) में लिखे जाते हैं: "मतदान प्रक्रिया के अतिक्रमण के कारण रद्द किये गये मतपत्र"; "लौटाया" नाम की कोई मद उसमें नहीं है। 32 मोहर की तीनों लाइनें और ऐसे मतदाता के लिए चार क़दम, एक पेज पर: रद्द मतपत्र की मोहर।
निविदत्त (टेंडर) मतपत्र। किसी मतदाता का वोट कोई और डाल गया हो और असली मतदाता बाद में आए, तो उसे निविदत्त मतपत्र दिया जाएगा (नियम 44)। यह वही साधारण मतपत्र है, बस इतना फ़र्क़ है: 21
- मतपत्र की पीठ पर मतदान अधिकारी ख़ुद "निविदत्त मतपत्र" लिखकर नीचे हस्ताक्षर करेंगे। 21
- यह इस्तेमाल हो रहे मतपत्रों में सबसे आख़िरी क्रमांक से शुरू होगा। 21
- मतदाता मतदान कक्ष में वोट लगाकर यह मतपत्र मतदान अधिकारी को देगा, मतपेटी में नहीं डालेगा। 21
- पंच और सरपंच, दोनों के लिए अलग-अलग प्ररूप-6 भरा जाएगा, और चिह्नित मतदाता सूची में उस मतदाता के नाम के आगे "TEND" लिखा जाएगा। 21 प्ररूप-6 के कॉलम-4 में निविदत्त वोट की क्रम संख्या, कॉलम-5 में उस व्यक्ति के मतपत्र की क्रम संख्या जो इस मतदाता की जगह पहले वोट दे चुका है, और कॉलम-6 में निविदत्त वोट देने वाले के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लिया जाएगा। 21
- निविदत्त मतपत्र न मतपेटी में जाते हैं, न गिने जाते हैं। ये अलग सील किए गए लिफ़ाफ़ों में रहते हैं। 2124
पहचान पर आपत्ति। पंचायत चुनाव में न चैलेंज लिस्ट बनेगी, न चैलेंज फ़ीस लगेगी। जो आयोग के बताए किसी दस्तावेज़ से अपनी पहचान न दिखाए और पूछे गए सवालों के जवाब भी न दे, उसे मतपत्र नहीं दिया जाएगा। पर मतदाता सूची में छपाई की ग़लती की वजह से किसी को वोट देने से मना न कीजिए। पहचान पक्की हो जाए, तो उसे वोट देने से रोका नहीं जा सकता, और वोटर होने की उसकी योग्यता पर कोई आपत्ति नहीं उठाई जा सकती; जैसे, यह नहीं कहा जा सकता कि वह पंचायत क्षेत्र में नहीं रहता, या उसकी उम्र 18 साल से कम है। ऐसी आपत्तियों की जाँच मतदान अधिकारी नियम 37 में नहीं कर सकते। 24 उम्र बहुत कम लगे, तो क्या करना है, यह ऊपर "कम उम्र का लगे" वाले हिस्से में लिखा है।
मतदान बंद करना और लिफ़ाफ़े
तय समय पर मतदान अधिकारी बाहर आकर, लाइन में जितने लोग खड़े हैं, उन्हें लाइन के आख़िरी व्यक्ति से 1 नंबर से शुरू करके अपने हस्ताक्षर वाली पर्ची देंगे। इससे समय से पहले लाइन में लगे लोग वोट दे पाएँगे, और बाद में कोई लाइन में नहीं जुड़ पाएगा। 3
पर्चियाँ पहले से छापकर रखी जा सकती हैं: नीचे की फ़ाइल में नंबर वाली पर्चियाँ हैं, सीधी लाइनों पर काटकर हस्ताक्षर करने के लिए। यह सुझाई गई पर्ची है, आयोग का निर्धारित प्ररूप नहीं।
सावधान: ये फ़ाइलें आयोग की बनाई या जारी की हुई नहीं हैं, सिर्फ़ पूरक प्रशिक्षण सामग्री हैं। अंतिम और मान्य स्रोत आयोग के मूल आदेश और नियम ही हैं।
मतदान ख़त्म होने पर मतपेटी सील करने के बारे में भी मतदान अधिकारी परिशिष्ट-21 के हिसाब से घोषणा करेंगे। 21 घोषणा के भाग-3 में लिखा जाता है कि मतपेटी उस समय बूथ में मौजूद मतदान अभिकर्ताओं के सामने सील की गई, और उन्हें इजाज़त दी गई कि वे चाहें, तो अपनी मुहर भी लगा सकते हैं। 33
पंच-सरपंच वाली मतपेटी की गिनती उसी दिन, मतदान ख़त्म होते ही, पंचायत मुख्यालय पर होगी। इसलिए इस मतपेटी पर टेप या डोरी बाँधने, या इसे थैले में बंद करने की ज़रूरत नहीं है। 3
पंच-सरपंच के चुनाव के लिए मतदान अधिकारी की डायरी अलग होगी (परिशिष्ट-23-B)। कोई अनहोनी या अचानक घटना हो, तो उसी समय डायरी में लिख लीजिए। 3 यह डायरी मतपेटी के साथ लिफ़ाफ़ा P-43 में रखकर गिनती के समय रिटर्निंग अधिकारी को दी जाएगी। 34
मतदान अधिकारी के लिफ़ाफ़े। हर बूथ पर पंच के चार और सरपंच के चार, सील किए हुए लिफ़ाफ़े बनेंगे:
| लिफ़ाफ़े में क्या | पंच | सरपंच |
|---|---|---|
| जो मतपत्र काम में नहीं आए | P-4 | P-3 |
| चिह्नित मतदाता सूची | P-5 | P-6 |
| खराब और रद्द मतपत्र | P-13 | P-12 |
| निविदत्त मतपत्र और उनकी सूची | P-17 | P-16 |
स्रोत: मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 23; मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 110
ये लिफ़ाफ़े मतदान के बाद मतपेटियों के साथ ही, पर अलग से, रिटर्निंग अधिकारी को सौंपे जाएँगे। 35 परिशिष्ट-15 में लिखा है कि पंच-सरपंच वाले लिफ़ाफ़े पंचायत मुख्यालय पर रिटर्निंग अधिकारी को सौंपे जाएँ। 3637
कुछ गड़बड़ हो जाए तो
पंच-सरपंच के चुनाव में ऐसी रिपोर्ट रिटर्निंग अधिकारी भेजते हैं, रिटर्निंग अधिकारी की हैसियत से। 38
- मतदान रोकना। नियम 48 में मतदान सिर्फ़ ख़ास हालात में ही रोका जाए। रोकना पड़े, तो रिटर्निंग अधिकारी उसी समय ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को बताएँगे, और आगे का काम उनके निर्देश पर होगा। 39
- मतपेटी खराब हो, खो जाए, या तोड़-फोड़ हो। किसी बूथ की मतपेटी ग़लती से या जान-बूझकर खराब कर दी जाए, खो जाए, या उससे तोड़-फोड़ हो, और इससे उस बूथ के मतदान का नतीजा बिगड़ जाए, तो पूरी बात मतदान अधिकारी की डायरी में लिखी जाएगी, और रिटर्निंग अधिकारी तुरंत ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को रिपोर्ट भेजेंगे (नियम 48-क)। मतदान के तरीक़े में कोई चूक या गड़बड़ी हो जाए, जिससे मतदान दूषित हो जाए, तो भी रिपोर्ट तुरंत जाएगी। 3938
- बूथ कैप्चरिंग। बूथ पर कब्ज़ा हो जाए, तो रिपोर्ट इसी तरह जाएगी (नियम 48-ख)। 38
- रिपोर्ट में क्या हो। बूथ का नाम, वार्ड नंबर, पंचायत समिति और ज़िला परिषद के निर्वाचन क्षेत्र की क्रम संख्या, और घटना का ब्योरा। रिपोर्ट साफ़ हो, क्योंकि अस्पष्ट रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं हो पाएगी। दोबारा मतदान क्यों ज़रूरी है, यह भी रिटर्निंग अधिकारी साफ़ लिखेंगे। 38
- रिपोर्ट के बाद। ऐसी रिपोर्ट भेजने पर रिटर्निंग अधिकारी गिनती भी रोक देंगे; आगे का काम राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के बाद ही होगा। तब तक मतदान दल अपने कागज़ात सील करके ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) के पास जमा करवा दे। 38
- ध्यान रखिए: छोटी-मोटी घटना पर ऐसी रिपोर्ट न भेजी जाए। जो भी हो, वह डायरी में सही जगह लिख लीजिए। 38
मतदान में बाधा: स्थगन, बूथ कैप्चरिंग, मशीन या मतपेटी नष्ट, दोनों दिन एक PDF में
मतदान कब स्थगित हो और कौन करे, स्थगित मतदान और नए मतदान में क्या फ़र्क़ है, बूथ पर कब्ज़ा हो तो क्या करें, मशीन या मतपेटी छीन ली जाए या नष्ट हो जाए, या मतदान के तरीक़े में चूक हो जाए, तो रिपोर्ट किसे जाए और डायरी में क्या लिखें: मशीन वाले दिन (ज़िला परिषद, पंचायत समिति) और मतपेटी वाले दिन (पंच, सरपंच) का तरीका आमने-सामने, सब एक रंगीन PDF में, हर बात के साथ उसका स्रोत: 393440
सावधान: ये फ़ाइलें आयोग की बनाई या जारी की हुई नहीं हैं, सिर्फ़ पूरक प्रशिक्षण सामग्री हैं। अंतिम और मान्य स्रोत आयोग के मूल आदेश और नियम ही हैं।
ड्यूटी पर लागू क़ानून
मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-2 में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की चुनाव अपराध वाली धाराओं के अंश छपे हैं। 28 इनमें से ये चार बूथ के काम से सीधे जुड़ी हैं:
- धारा 128, गोपनीयता। वोट दर्ज करने या गिनने से जुड़ी ड्यूटी करने वाला हर अधिकारी, लिपिक, अभिकर्ता या दूसरा व्यक्ति मतदान की गोपनीयता बनाए रखेगा, और ऐसी कोई जानकारी किसी को नहीं देगा जिससे गोपनीयता टूटे (क़ानून में बताए किसी काम के लिए देने को छोड़कर)। तोड़ने पर तीन महीने तक की क़ैद, या जुर्माना, या दोनों। 4142
- धारा 129, किसी उम्मीदवार के लिए काम नहीं। चुनाव की ड्यूटी पर लगा कोई अधिकारी या लिपिक, अपना वोट डालने के अलावा, ऐसा कोई काम नहीं करेगा जिससे किसी उम्मीदवार के जीतने की संभावना बढ़े। न वह, न पुलिस दल का कोई सदस्य, किसी को वोट देने के लिए मनाएगा, न किसी के वोट पर किसी तरह असर डालने की कोशिश करेगा। तोड़ने पर छह महीने तक की क़ैद, या जुर्माना, या दोनों; यह संज्ञेय अपराध है। 42
- धारा 134, सरकारी कर्तव्य तोड़ना। जिस पर यह धारा लागू है, वह बिना वाजिब कारण अपना सरकारी कर्तव्य तोड़े, तो पाँच सौ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है; यह भी संज्ञेय अपराध है। 29
- धारा 135, मतपत्र बाहर ले जाना। कोई बूथ से मतपत्र बिना इजाज़त बाहर ले जाए, या ले जाने की कोशिश करे, या ऐसे काम में जान-बूझकर मदद करे या उकसाए, तो एक साल तक की क़ैद, या पाँच सौ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों। मतदान अधिकारी के पास ऐसा मानने की वजह हो, तो वे उस व्यक्ति के बूथ छोड़ने से पहले उसे गिरफ़्तार कर सकते हैं या पुलिस अधिकारी से करवा सकते हैं, और उसकी तलाशी ले सकते हैं या पुलिस से करवा सकते हैं। किसी महिला की तलाशी दूसरी महिला ही लेगी, पूरी शालीनता से। 43
पूरी बात एक PDF में
मतपत्र खराब हो जाए, कोई मतपत्र लेकर बाहर जाए, निविदत्त वोट हो, या मतपेटी भर जाए या खराब हो जाए, तो क्या करें, कौन करे और कागज़ किस लिफ़ाफ़े में जाए, मार्गदर्शिका के पेजों के हवाले से, असली मतपेटी के चित्रों के साथ, एक रंगीन PDF में: 442124384336
सावधान: ये फ़ाइलें आयोग की बनाई या जारी की हुई नहीं हैं, सिर्फ़ पूरक प्रशिक्षण सामग्री हैं। अंतिम और मान्य स्रोत आयोग के मूल आदेश और नियम ही हैं।
गिनती
पंच और सरपंच की गिनती मतदान ख़त्म होते ही ग्राम पंचायत मुख्यालय पर होगी, रिटर्निंग अधिकारी की देखरेख में और उनके निर्देश पर। सब बूथों के मतदान दल के कार्मिक गिनती में रिटर्निंग अधिकारी के पास रहेंगे। 245
गिनती की जगह और गिनती शुरू होने का समय सब उम्मीदवारों को पहले से बताया जाएगा। 4647
कौन बैठ सकता है। हर उम्मीदवार को गिनती के समय मौजूद रहने का हक़ है। स्टाफ़ के अलावा पंच और सरपंच के उम्मीदवार, और सरपंच के दो गणन अभिकर्ता बैठ सकते हैं। जिस पंचायत में 20 या उससे ज़्यादा वार्ड हैं, वहाँ ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ज़रूरत के हिसाब से सरपंच के उम्मीदवार को दो से ज़्यादा गणन अभिकर्ताओं की इजाज़त दे सकते हैं (नियम 70(1))। 4647
सब मतपेटियाँ आ गईं? आदेश कहता है कि सरपंच की गिनती शुरू करने से पहले पक्का कर लीजिए कि सब बूथों की मतपेटियाँ गिनती की जगह पहुँच गई हैं। 2 मार्गदर्शिका यह भी लिखती है: पंचायत मुख्यालय से बाहर, उसी पंचायत के किसी गाँव में बहुत ख़ास हालात में बूथ बना हो और उसकी मतपेटी आने में देर हो, तो उम्मीदवारों को बताकर बाक़ी मतपेटियों की गिनती शुरू कर दीजिए। 4546 गिनती रिटर्निंग अधिकारी की देखरेख में, और उनके निर्देश के हिसाब से होगी। 2
गिनती के क़दम
- रिटर्निंग अधिकारी गिनती के लिए दो दल बनाएँगे: पहले दल को सरपंच की गिनती का काम दिया जाएगा, और दूसरे दल को पंचों की गिनती का। 2
- एक-एक मतपेटी खोलकर मतपत्र काग़ज़ के रंग से अलग कीजिए: पंच के गुलाबी, सरपंच के सफ़ेद। फिर पंच के मतपत्र वार्ड के हिसाब से अलग कीजिए। 246
- 50-50 मतपत्रों की गड्डी बनाकर रबर बैंड लगाइए: पंच के मतपत्रों की वार्ड के हिसाब से (दूसरा दल), और सरपंच के मतपत्रों की (पहला दल)। हर वार्ड में और पंचायत में एक-एक गड्डी 50 से कम की हो सकती है। 246
- हर बूथ के हर वार्ड में पंच के कितने मतपत्र निकले, एक काग़ज़ पर लिखिए और बूथ पर डाले गए वोटों से मिलाइए। सरपंच के मतपत्रों की गिनती भी बूथ के हिसाब से लिखिए और मिलाइए। यही हर मतपेटी के लिए कीजिए। 246
- हर वार्ड के पंच के मतपत्र मतदान दल के एक-एक कर्मचारी को गिनने के लिए दीजिए। सरपंच के वोट रिटर्निंग अधिकारी ख़ुद, या सहायक मतदान अधिकारियों की मदद से गिनेंगे। 48
- उम्मीदवार के हिसाब से, नोटा समेत, मतपत्र छाँटिए। हर गिनती कर्मचारी एक पर्ची पर हर उम्मीदवार और नोटा के वोट लिखकर हस्ताक्षर करेगा, पर्ची पर वार्ड का नंबर ज़रूर लिखेगा, और हर उम्मीदवार और नोटा की गड्डियाँ एक पैकेट में बाँधकर, सबसे ऊपर पर्ची रखकर, रिटर्निंग अधिकारी को देगा। 4946
- कौन सा मतपत्र वैध है और कौन सा अवैध, इसका फ़ैसला रिटर्निंग अधिकारी करेंगे (नीचे देखिए)। 49
- जैसे-जैसे गिनती पूरी हो, वैसे-वैसे पंच और सरपंच का परिणाम घोषित कीजिए। किसी पद का परिणाम घोषित होने के बाद उस पद के बाक़ी उम्मीदवारों को गिनती की जगह पर रुकने न दीजिए। 49
- परिणाम प्ररूप-7 में लिखिए। फिर जीते हुए प्रतिनिधियों को प्ररूप-11 में शपथ दिलाइए, जीते हुए उम्मीदवार को निर्वाचन का प्रमाण पत्र दीजिए, और उनसे हस्ताक्षर की हुई रसीद लीजिए। 49 प्ररूप-7 की हस्ताक्षर की हुई प्रति इन्हें भेजिए: आयुक्त, पंचायती राज विभाग, शासन सचिवालय, जयपुर; ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत); नए चुने गए सरपंच; पंचायत का दफ़्तर (अगर हो); और उस पंचायत समिति का दफ़्तर, जिसमें यह पंचायत आती है। 50 प्ररूप-7 का हर कॉलम, आयोग के खाली फ़ॉर्म और SLMT के भरे हुए नमूने के साथ: प्ररूप-7: परिणाम की विवरणी
बराबर वोट। दो उम्मीदवारों के वोट बराबर हों, तो परिणाम लॉट निकालकर घोषित होगा, उस तरीक़े से जो रिटर्निंग अधिकारी ठीक समझें (नियम 51)। 27
दोबारा गिनती। तीनों जगह की बात:
- आदेश: किन्हीं दो उम्मीदवारों के बीच जीत का अंतर बहुत कम हो और कोई उम्मीदवार दोबारा गिनती माँगे, तो रिटर्निंग अधिकारी ठीक समझें तो दोबारा गिनती करवा दें। 49
- मार्गदर्शिका: कोई उम्मीदवार कारण बताकर दोबारा गिनती माँगे और रिटर्निंग अधिकारी ठीक समझें, तो दोबारा गिनती करवा दें, ताकि भरोसा बने; ख़ासकर तब, जब दो उम्मीदवारों के बीच बहुत कम वोटों का अंतर हो। 46
- नियम 49: गिनती की जगह मौजूद हर उम्मीदवार, गिनती के दौरान कभी भी, उस वार्ड के मतपत्र दोबारा गिनने की लिखित अर्ज़ी दे सकता है। रिटर्निंग अधिकारी कारण लिखकर या तो अर्ज़ी नामंज़ूर करेंगे, या दोबारा गिनती का आदेश देंगे। पिछली गिनती के सही होने पर भरोसा न हो, तो रिटर्निंग अधिकारी अपनी ओर से भी एक या ज़्यादा बार दोबारा गिनती करवा सकते हैं। 47
गिनती के बीच मतपत्र खो जाएँ या खराब हो जाएँ। गिनती के दौरान मतपत्र रिटर्निंग अधिकारी के पास से ग़लत तरीक़े से ले जाए जाएँ, ग़लती से या जान-बूझकर खराब कर दिए जाएँ, खो जाएँ, या किसी तरह बिगाड़ दिए जाएँ, और इससे नतीजा तय करना मुश्किल हो जाए, तो रिटर्निंग अधिकारी तुरंत ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को रिपोर्ट भेजेंगे (नियम 49-क)। उनका आदेश आने तक गिनती नहीं होगी। तब तक सब मतपत्र और चुनाव के कागज़ात, जिस हालत में हैं उसी हालत में, जो भी लिफ़ाफ़े या बक्से पास हों उनमें, वहाँ मौजूद उम्मीदवारों और अभिकर्ताओं के सामने सील कर दीजिए। उनमें से कोई हस्ताक्षर करना चाहे, तो उसके हस्ताक्षर भी करवा लीजिए, और गिनती आगे न बढ़ाइए। 38
रिटर्निंग अधिकारी के लिफ़ाफ़े।
| लिफ़ाफ़ा | इसमें क्या रहेगा | सील? |
|---|---|---|
| P-1 | मतदाताओं की उम्र वाली घोषणाएँ और उनकी सूची; मतदान अभिकर्ता और गणन अभिकर्ता की नियुक्ति के फ़ॉर्म; कार्यकारी मतदाता सूची की बाक़ी प्रतियाँ और दूसरे काग़ज़ | नहीं |
| P-8 | सरपंच के वैध मतपत्र | हाँ |
| P-9 | पंच के वैध मतपत्र | हाँ |
| P-28 | गिनती में खारिज हुए सरपंच के मतपत्र | हाँ |
| P-29 | गिनती में खारिज हुए पंच के मतपत्र | हाँ |
| P-10 | पंच और सरपंच के सांख्यिकीय फ़ॉर्म, और बूथ के हिसाब से मतदान के आँकड़े (महिला, पुरुष, थर्ड जेंडर) | नहीं |
| P-11 | प्ररूप-7 (निर्वाचन का परिणाम) | नहीं |
| P-42 | जमानत (प्रतिभूति निक्षेप) की रसीद बुक और ज़ब्त राशि | नहीं |
| P-33 | पंच-सरपंच के चुनाव की पिंक पेपर सील का लेखा; जो पेपर सीलें काम में नहीं आईं या खराब हुईं; और बचे हुए फ़ॉर्म | नहीं |
| P-40 | उपसरपंच के चुनाव के वैध और अवैध मतपत्र | हाँ |
| P-41 | उपसरपंच के चुनाव का बाक़ी रिकॉर्ड | हाँ |
स्रोत: मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 23; मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 24
रिटर्निंग अधिकारी की इसी सूची में ये भी हैं: मतदान अधिकारी की डायरी (परिशिष्ट-23-B), और परिणाम पत्र भेजने के लिए डाक के लिफ़ाफ़े। 51
P-41 भी सील होगा। उप-सरपंच के एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों तो नियम 66(7) के मुताबिक़ नियम 59 और 60 लागू होते हैं, 52 और नियम 60(1) में रिटर्निंग अधिकारी मतपत्रों और चुनाव के बाक़ी काग़ज़ों के पैकेट बनाकर उन्हें सील करते हैं। 53 उप-सरपंच वाले अध्याय में P-41 के आगे "इस लिफाफे को सील नहीं करना है।" छपा है; स्रोतों में क्या छपा है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है। 54
कौन सा मतपत्र वैध, कौन सा अवैध
नियम 50 के हिसाब से कोई मतपत्र सिर्फ़ इन वजहों से नामंज़ूर होगा: 2726
- मतपत्र पर कोई ऐसा निशान हो, जिससे मतदाता पहचाना जा सके। 27
- मतपत्र पर एक से ज़्यादा उम्मीदवारों के लिए निशान लगे हों, या किसी उम्मीदवार और नोटा, दोनों के लिए। 2726
- मतपत्र के सामने वाले हिस्से पर कोई वोट न लगा हो, या वोट पीछे की तरफ़ लगा हो, या वोट उस मोहर के बजाय किसी और चीज़ से लगाया गया हो जो इसी काम के लिए दी गई है। 27
- वोट किसे दिया गया, यह तय न हो पाए, या मतपत्र जाली हो। 27
- मतपत्र इतना फटा या बिगड़ा हो कि असली मतपत्र के रूप में उसकी पहचान न हो सके। 27
इनके सिवा किसी और वजह से कोई मतपत्र नामंज़ूर नहीं होगा। जो मतपत्र नियम 50 के तहत नामंज़ूर नहीं हुआ, वह वैध है और गिना जाएगा। 2747
न सील, न हस्ताक्षर। आयोग के आदेश 1031 में एक बात और है: गिनती में जिस मतपत्र की पीठ पर सील न लगी हो और जिस पर मतदान अधिकारी के हस्ताक्षर भी न हों, उसे रिटर्निंग अधिकारी नामंज़ूर करेंगे। पर अगर रिटर्निंग अधिकारी को यक़ीन हो जाए कि यह चूक मतदान अधिकारी या सहायक मतदान अधिकारी की किसी भूल से, या उनसे यह काम न हो पाने से हुई है, तो वह मतपत्र नामंज़ूर नहीं होगा। 12
खारिज मतपत्रों के साथ क्या होगा। खारिज मतपत्रों की अलग गड्डी बनेगी। रिटर्निंग अधिकारी उन्हें दोबारा देखकर, और उम्मीदवारों को बताकर, आख़िरी फ़ैसला करेंगे। हर खारिज मतपत्र पर खारिज करने का कारण लिखकर सील लगेगी और रिटर्निंग अधिकारी हस्ताक्षर करेंगे। कोई उम्मीदवार खारिज मतपत्रों की क्रम संख्या जानना चाहे, तो उसे नोट करवा दी जाए। 494627
जिन मतपत्रों को रिटर्निंग अधिकारी नामंज़ूर करने लायक़ समझें, उन्हें हर उम्मीदवार को देखने का ठीक-ठाक मौक़ा दिया जाएगा, पर उम्मीदवार उन्हें उठा नहीं सकते। वैध है या नहीं, इस पर रिटर्निंग अधिकारी का फ़ैसला आख़िरी है। 4727
गिनती की पूरी बात एक PDF में
कौन सा मतपत्र वैध और कौन सा अस्वीकार, आयोग की सचित्र पुस्तिका के 18 नमूनों के चित्रों के साथ; फिर शक वाले और अस्वीकार मतपत्रों का क्या करें, दोबारा गिनती, वोट बराबर हों तो लाट, और गिनती के बाद लिफ़ाफ़े, नतीजा, जमानत और शपथ, सब एक रंगीन PDF में, हर बात के साथ उसका स्रोत: 505758
सावधान: ये फ़ाइलें आयोग की बनाई या जारी की हुई नहीं हैं, सिर्फ़ पूरक प्रशिक्षण सामग्री हैं। अंतिम और मान्य स्रोत आयोग के मूल आदेश और नियम ही हैं।
ख़ुद करके देखिए
अभ्यास: वैध या अवैध?
मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-34 में 19 नमूना मतपत्र हैं: 8 वैध और 11 अवैध। हर नमूने के नीचे लिखा है कि मतपत्र पर क्या है, और वह वैध होगा या अवैध। 59

सरपंच के मतपत्र पर पहले उम्मीदवार के खाने में साफ़ निशान है।
वैध, पहले उम्मीदवार के लिए। गणना दल ख़ुद ही इसे पहले उम्मीदवार के पक्ष में वैध मान लेगा। (वैध उदाहरण 6) 60
चित्र: SLMT प्रशिक्षण सामग्री, पृष्ठ 87
पहले उम्मीदवार के खाने में निशान है, और तीसरे उम्मीदवार के खाने में भी। पहले खाने वाला निशान घड़ी की उल्टी दिशा में है; तीसरे खाने वाला उसी की छाप है, जो मतपत्र ग़लत मोड़ने से पड़ गई।
वैध, पहले उम्मीदवार के लिए। गणना दल पहले इसे संदेहपूर्ण मतपत्रों के बंडल में रखेगा, और रिटर्निंग अधिकारी की जाँच में यह वैध माना जाएगा, क्योंकि असली निशान, जो घड़ी की उल्टी दिशा में होता है, पहले उम्मीदवार के खाने में है। (वैध उदाहरण 2) 55
चित्र: SLMT प्रशिक्षण सामग्री, पृष्ठ 85
एक निशान किसी उम्मीदवार के खाने में है, और दूसरा नोटा (इनमें से कोई नहीं) के खाने में।
अवैध। यहाँ एक से ज़्यादा वोट दिए गए हैं: एक उम्मीदवार के लिए और दूसरा नोटा के लिए। गणना दल इसे संदेहपूर्ण मतपत्रों के बंडल में रखेगा, और जाँच में रिटर्निंग अधिकारी इसे नामंज़ूर करेंगे। (अवैध उदाहरण 10) 62
चित्र: SLMT प्रशिक्षण सामग्री, पृष्ठ 93
दूसरे उम्मीदवार के खाने में साफ़ निशान है, और एक और निशान का ज़्यादातर हिस्सा मतपत्र के छायांकित हिस्से में है।
वैध, दूसरे उम्मीदवार के लिए। गणना दल ख़ुद ही इसे वैध मान लेगा। (वैध उदाहरण 3) 63
चित्र: SLMT प्रशिक्षण सामग्री, पृष्ठ 86
निशान मतपत्र की ख़ाली जगह में लगा है।
अवैध। गणना दल इसे संदेहपूर्ण मतपत्रों के बंडल में रखेगा, और जाँच में रिटर्निंग अधिकारी इसे नामंज़ूर करेंगे। (अवैध उदाहरण 4) 64
प्रशिक्षण सामग्री की स्लाइड पर इस चित्र के ऊपर एक और नमूना लगा है, जिसमें उसी ख़ाली जगह में पेन से लकीरें हैं। यहाँ नीचे वाला नमूना दिखाया है, जिसमें मोहर का निशान साफ़ दिखता है। चित्र: SLMT प्रशिक्षण सामग्री, पृष्ठ 90
निशान मतपत्र के पीछे की तरफ़ लगा है।
अवैध। वोट मतपत्र के पीछे लगा हो, तो नियम 50 में यह नामंज़ूर होने की एक वजह है। गणना दल इसे संदेहपूर्ण मतपत्रों के बंडल में रखेगा, और जाँच में रिटर्निंग अधिकारी इसे नामंज़ूर करेंगे। (अवैध उदाहरण 11) 6527
प्रशिक्षण सामग्री में यह चित्र 'अवैध मतपत्र - उदाहरण - 10' नाम से है; मार्गदर्शिका में यही हालत अवैध उदाहरण 11 है। चित्र: SLMT प्रशिक्षण सामग्री, पृष्ठ 94
पहले उम्मीदवार के खाने में मोहर का निशान है, और मतपत्र पर कहीं और स्याही का धब्बा है।
वैध, पहले उम्मीदवार के लिए। गणना दल पहले इसे संदेहपूर्ण मतपत्रों के बंडल में रखेगा, और रिटर्निंग अधिकारी की जाँच में यह वैध माना जाएगा, क्योंकि मोहर का निशान पहले उम्मीदवार के खाने में है और बाक़ी जगह सिर्फ़ स्याही का धब्बा है। (वैध उदाहरण 1) 55
चित्र: SLMT प्रशिक्षण सामग्री, पृष्ठ 85
पहले उम्मीदवार के खाने में हल्का निशान है।
वैध, पहले उम्मीदवार के लिए। गणना दल ख़ुद ही इसे पहले उम्मीदवार के पक्ष में वैध मान लेगा। (वैध उदाहरण 7) 67
स्लाइड पर इसी हालत का एक और चित्र है, जिसमें निशान नहीं दिखता। यहाँ वह चित्र है, जिसमें हल्का निशान दिखता है। चित्र: SLMT प्रशिक्षण सामग्री, पृष्ठ 88
निशान दी गई एरोक्रॉस मार्क मोहर से नहीं लगाया गया है।
अवैध। वोट दी गई मोहर के बजाय किसी और चीज़ से लगा हो, तो नियम 50 में यह नामंज़ूर होने की एक वजह है। गणना दल इसे संदेहपूर्ण मतपत्रों के बंडल में रखेगा, और जाँच में रिटर्निंग अधिकारी इसे नामंज़ूर करेंगे। (अवैध उदाहरण 2 और 3) 566427
चित्र अवैध उदाहरण 2 का है, जिसमें मोहर की जगह ✓ का निशान बनाया गया है। अवैध उदाहरण 3 के स्कैन में कोई निशान दिखाई नहीं देता, इसलिए उसका चित्र यहाँ नहीं लगाया। चित्र: SLMT प्रशिक्षण सामग्री, पृष्ठ 89
तीसरे उम्मीदवार के खाने में साफ़ निशान का ज़्यादा हिस्सा है, और एक निशान का कुछ हिस्सा छायांकित हिस्से में है।
वैध, तीसरे उम्मीदवार के लिए। गणना दल ख़ुद ही इसे वैध मान लेगा। (वैध उदाहरण 4) 63
चित्र: SLMT प्रशिक्षण सामग्री, पृष्ठ 86
दूसरे उम्मीदवार के खाने में एक निशान है।
वैध, दूसरे उम्मीदवार के लिए। मार्गदर्शिका में इस नमूने के ऊपर लिखा है "अभ्यर्थी-2 के लिए मान्य", और गणना दल ख़ुद ही इसे वैध मान लेगा। (वैध उदाहरण 8) 67
ध्यान दीजिए: इस नमूने के नीचे मार्गदर्शिका में भी और SLMT की सामग्री में भी वही बात छपी है, जो वैध उदाहरण 3 के नीचे है (साफ़ निशान, और एक और निशान का ज़्यादातर हिस्सा छायांकित हिस्से में)। पर चित्र में एक ही निशान दिखता है। इससे जवाब नहीं बदलता, क्योंकि निशान दूसरे उम्मीदवार के खाने में है। चित्र: SLMT प्रशिक्षण सामग्री, पृष्ठ 88
दोहराइए: मतपेटी वाला दिन
मतपत्र में नियम 50 की वजहों में से कोई है: पहचान वाला निशान; एक से ज़्यादा उम्मीदवारों के लिए, या उम्मीदवार और नोटा दोनों के लिए निशान; सामने कोई वोट नहीं, या वोट पीछे, या दी गई मोहर के बजाय किसी और चीज़ से; वोट किसे दिया तय नहीं, या मतपत्र जाली; या इतना फटा या बिगड़ा कि असली मतपत्र के रूप में पहचान न हो सके? 2726 देखिए
स्रोत
पाठ में लगी छोटी संख्या पर टैप कीजिए, उसका स्रोत वहीं दिख जाएगा। ↗ वाली कड़ी मूल PDF नए टैब में खोलती है।
- 1.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 3कख
- 2.आदेश 1323, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 396कखगघङचछजझञटठ
- 3.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 21कखगघङचछज
- 4.आदेश 10090, दि. 06.10.2026, पृ. 1 पाठ में
- 5.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 9 पाठ में
- 6.आदेश 9809, दि. 02.10.2026, पृ. 1कखगघङचछ
- 7.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 8 पाठ में
- 8.आदेश 9809, दि. 02.10.2026, पृ. 2कखगघङ
- 9.आदेश 9809, दि. 02.10.2026, पृ. 3कखगघङ
- 10.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 15 पाठ में
- 11.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 16कखग
- 12.आदेश 1031, दि. 27.01.2026, संकलन पृ. 163कखगघङचछज
- 13.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 17कखगघङच
- 14.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 7 पाठ में
- 15.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 9 पाठ में
- 16.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 10 पाठ में
- 17.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 11 पाठ में
- 18.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 113 पाठ में
- 19.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 18कखगघङचछज
- 20.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 131 पाठ में
- 21.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 19कखगघङचछजझञटठडढ
- 22.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 117 पाठ में
- 23.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 118 पाठ में
- 24.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 20कखगघङचछजझञटठ
- 25.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 105 पाठ में
- 26.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 109कखगघ
- 27.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 71कखगघङचछजझञटठडढणतथदधनपफबभम
- 28.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 46कख
- 29.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 49कख
- 30.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 54 पाठ में
- 31.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 57 पाठ में
- 32.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 129 पाठ में
- 33.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 119 पाठ में
- 34.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 125कख
- 35.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 23कखगघङचछ
- 36.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 110कखगघङचछ
- 37.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 111 पाठ में
- 38.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 41कखगघङचछज
- 39.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 40कखग
- 40.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 107 पाठ में
- 41.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 47 पाठ में
- 42.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 48कख
- 43.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 50कख
- 44.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 4 पाठ में
- 45.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 37कखग
- 46.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 38कखगघङचछजझञटठड
- 47.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 70कखगघङचछ
- 48.आदेश 1323, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 396, 397 पाठ में
- 49.आदेश 1323, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 397कखगघङचछज
- 50.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 39कख
- 51.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 24कख
- 52.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 126 पाठ में
- 53.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 124 पाठ में
- 54.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 44 पाठ में
- 55.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 140कखगघङ
- 56.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 144कखग
- 57.आयोग की सचित्र दृष्टान्त पुस्तिका, पृ. 1 पाठ में
- 58.आयोग की सचित्र दृष्टान्त पुस्तिका, पृ. 8 पाठ में
- 59.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 140–149कख
- 60.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 142कख
- 61.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 146कख
- 62.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 148कख
- 63.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 141कख
- 64.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 145कख
- 65.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 149 पाठ में
- 66.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 147कख
- 67.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 143कख






