नामांकन: फ़ॉर्म और काग़ज़
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यह पेज उनके लिए है जो पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य या ज़िला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ना चाहते हैं, और उन अधिकारियों और मास्टर ट्रेनरों के लिए जो उन्हें नामांकन समझाते हैं। नामांकन के साथ कौन-से काग़ज़ लगेंगे, यह आयोग के दो आदेश बताते हैं: पंच और सरपंच के लिए आदेश 10055, और ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए आदेश 10062। दोनों 06.10.2026 के हैं। इस बारे में पहले जारी हुए आदेशों की जगह अब इन्हीं के निर्देश चलेंगे। 12
पंच और सरपंच के सारे फ़ॉर्म, आयोग के खाली फ़ॉर्म और काल्पनिक उदाहरण से भरे फ़ॉर्म आमने-सामने, गलती पकड़ने के सवालों के साथ: नामांकन अभ्यास। पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य के लिए: नामांकन अभ्यास: पंचायत समिति और ज़िला परिषद।
कौन-सा फ़ॉर्म
पंच और सरपंच का नामांकन पत्र प्ररूप 4 है। ज़िला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य का नामांकन पत्र प्ररूप 4-क है। 12
नामांकन पत्र की सारी प्रविष्टियाँ भरनी हैं। संतान संबंधी योग्यता वाले कॉलम को छोड़कर कोई भी कॉलम खाली नहीं होना चाहिए। 12
प्ररूप 4घ
नामांकन पत्र के साथ प्ररूप 4घ भी भरना है, चारों पदों के लिए, और इसे पूरा भरना आवश्यक है। 12 पंच और सरपंच वाले आदेश में लिखा है कि इसका भी कोई कॉलम खाली नहीं होना चाहिए। 1 ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य वाले आदेश में इसके साथ 'संतान संबंधी योग्यता को छोड़कर' भी लिखा है। 2 दोनों आदेशों में बिन्दु 3 की सूचना देना आवश्यक नहीं बताया गया है (नीचे तालिका)। 12
| बिन्दु | किस बारे में सूचना | यह किसलिए है |
|---|---|---|
| 1 | विचाराधीन आपराधिक मामले | उम्मीदवार की योग्यता/अयोग्यता तय करने के लिए |
| 2 | आपराधिक प्रकरणों में दोषसिद्धि | उम्मीदवार की योग्यता/अयोग्यता तय करने के लिए |
| 3 | संतान संबंधी योग्यता | यह प्रावधान अब हटा दिया गया है, इसलिए सूचना देनी आवश्यक नहीं |
| 4 | सम्पत्ति | सिर्फ़ मतदाताओं की जानकारी के लिए; इसके आधार पर योग्यता/अयोग्यता तय नहीं होती |
स्रोत: आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 1; आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 1
नामांकन के साथ कौन-से काग़ज़
| काग़ज़ | पंच और सरपंच (आदेश 10055) | ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य (आदेश 10062) |
|---|---|---|
| नामांकन पत्र | प्ररूप 4 | प्ररूप 4-क |
| प्ररूप 4घ | आवश्यक, पूरा भरा हुआ | आवश्यक, पूरा भरा हुआ |
| शपथ पत्र | केवल सरपंच पद के लिए: उपाबन्ध-I B | उपाबन्ध-I A |
| शौचालय की घोषणा | आवश्यक; प्रमाणित करवाने की ज़रूरत नहीं | आवश्यक; प्रमाणित करवाने की ज़रूरत नहीं |
| नो-ड्यूज | धारा 19 (झ) और 19 (ड) में कोई बकाया नहीं, तो किसी भी तरह का नो-ड्यूज देने की ज़रूरत नहीं | वही |
| चरित्र प्रमाण पत्र | लगाना आवश्यक नहीं | लगाना आवश्यक नहीं |
| जाति प्रमाण पत्र | आरक्षित वार्ड से लड़ने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग के उम्मीदवार को; और सरपंच पद का उम्मीदवार सामान्य वार्ड से जमानत राशि में रियायत चाहे, तब भी | आरक्षित वार्ड से लड़ने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग के उम्मीदवार को; और सामान्य वार्ड से जमानत राशि में रियायत चाहिए, तब भी |
| जमानत राशि | केवल सरपंच पद के लिए: नियम 56(3), रसीद लगानी आवश्यक | नियम 58, रसीद लगानी आवश्यक |
| सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म | भरवाया जाएगा; न देने पर नामांकन पत्र खारिज नहीं होगा | वही |
स्रोत: आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 1–3; आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 1–3
हर काग़ज़ के बारे में आदेश जो कहते हैं, वह नीचे है।
शपथ पत्र
सरपंच का शपथ पत्र उपाबन्ध-I B पर होगा, और ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य का उपाबन्ध-I A पर। इसमें न्यायालय में लंबित मामलों, परिसम्पत्तियों और देयता (Dues) की सूचना देनी है। 12
यह 50 रुपये के गैर न्यायिक स्टाम्प पेपर (Non Judicial Stamp Paper) पर बनेगा, और नामांकन पत्र के साथ जमा होगा। 12
शपथ पत्र न्यायाधीश, किसी न्यायिक या कार्यपालक मजिस्ट्रेट, उच्च न्यायालय या सेशन न्यायालय के नियुक्त किए शपथ कमिश्नर, या किसी नोटरी पब्लिक के सामने सम्यक रूप से प्रमाणित होना चाहिए। इसका भी कोई कॉलम खाली नहीं होना चाहिए। 12
शौचालय की घोषणा
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 19 (थ) के प्रावधान के हिसाब से, चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के घर में कार्यशील स्वच्छ शौचालय होना चाहिए। 56
घर में कार्यशील स्वच्छ शौचालय होने और खुले में शौच न जाने की घोषणा (अंडरटेकिंग) आयोग के तय प्ररूप में भरकर, नामांकन पत्र के साथ जमा करवाना आवश्यक है। इसे प्रमाणित करवाने की आवश्यकता नहीं है। 56
नो-ड्यूज: कब चाहिए, कब नहीं
जिस उम्मीदवार पर धारा 19 (झ) और धारा 19 (ड) में कोई राशि बकाया नहीं है, उसे किसी भी तरह का नो-ड्यूज देने की आवश्यकता नहीं है। 56
बकाया हो, तो आदेश दो हालतें बताते हैं:
| धारा | किसका बकाया | कब चुनाव लड़ने के लिए निर्योग्य होगा |
|---|---|---|
| 19 (झ) | संबंधित पंचायती राज संस्था का लगाया कोई कर या फीस, जिसे जमा करवाने का नोटिस संस्था ने दिया हो | नोटिस की तारीख से 2 महीने तक बकाया जमा न करवाया हो |
| 19 (ड) | पहले किसी पंचायती राज संस्था का सभापति/उपसभापति रहते हुए पंचायती राज संस्था का शोध्य (Dues) | नोटिस मिलने के बाद दो महीने तक जमा न करवाया हो, और चुनाव की अधिसूचना जारी होने से कम से कम दो महीने पहले राज्य सरकार की जारी व्यतिक्रमियों (Defaulter) की सूची में नाम आ गया हो |
स्रोत: आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 2; आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 2
दोनों हालतों में, उम्मीदवार बकाया राशि अपना नामांकन पत्र जमा करने से पहले जमा कर दे, और जमा की रसीद या नो-ड्यूज प्रमाण पेश कर दे, तो वह निर्योग्य नहीं होगा। 56
चरित्र और जाति प्रमाण पत्र
चरित्र प्रमाण पत्र संलग्न करना आवश्यक नहीं है। 56
जाति प्रमाण पत्र के बारे में आदेश ये बातें कहते हैं:
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग का कोई उम्मीदवार आरक्षित वार्ड के लिए नामांकन भरता है, तो वह कलक्टर या राज्य सरकार (राजस्थान सरकार) के प्राधिकृत अधिकारी का जारी किया हुआ जाति प्रमाण पत्र देगा। 56
- इन वर्गों के उम्मीदवार पर साधारण वार्ड से चुनाव लड़ने की कोई रोक नहीं है। 56
- कोई पुरुष उम्मीदवार महिला के लिए आरक्षित किसी वार्ड से नामांकन भरने का हकदार नहीं है। 56
जमानत राशि
| पद | नियम | सामान्य वर्ग | महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग |
|---|---|---|---|
| सरपंच | नियम 56(3) | ₹500 | ₹250 |
| ज़िला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य | नियम 58 | ₹500 | ₹250 |
स्रोत: आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 2; आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 2
ये नियम राजस्थान पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के हैं। राशि जमा करवाकर उसकी रसीद भी लगानी आवश्यक है। 56
अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग का व्यक्ति सामान्य वार्ड से भी नामांकन भर सकता है। सामान्य वार्ड से नामांकन भरकर वह जमानत राशि में रियायत चाहे, तो उसे कलक्टर या राज्य सरकार (राजस्थान सरकार) के प्राधिकृत अधिकारी का जारी किया हुआ जाति प्रमाण पत्र देना आवश्यक होगा। 56
सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म
नामांकन पत्र के साथ उम्मीदवार से सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म भी भरवाया जाएगा। यह न देने पर नामांकन पत्र खारिज नहीं किया जाएगा, पर जहाँ तक हो सके इसे भरवाना चाहिए, ताकि उम्मीदवारों के बारे में सामान्य जानकारी मिल सके। 78
कौन-सी कॉपी चलेगी
नामांकन पत्र, प्ररूप 4घ, शपथ पत्र (उपाबन्ध-I B या I A) और शौचालय की घोषणा के प्ररूप आयोग ने ज़िला निर्वाचन अधिकारियों को काफ़ी मात्रा में दे दिए हैं। 78
- उम्मीदवार पहले वही प्ररूप काम में लें, जो आयोग ने रिटर्निंग अधिकारी, उपखण्ड अधिकारी या ज़िला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध करवाए हैं। 78
- आयोग के दिए प्ररूप न मिलें, तो उनकी फ़ोटोकॉपी काम में ली जाए। 78
- इनके अलावा टाइप किया हुआ प्ररूप भी काम में लिया जा सकता है, अगर उसमें सारी प्रविष्टियाँ ज्यों की त्यों हों। 78
- हाथ से लिखकर बनाया हुआ (हस्तलिखित) नामांकन पत्र, यानी सादे काग़ज़ पर हाथ से उतारा हुआ फ़ॉर्म, और इसी तरह बनाए साथ वाले प्ररूप/पत्र, स्वीकार्य नहीं होंगे। यह रोक फ़ॉर्म की नकल पर है, जानकारी भरने पर नहीं: आयोग के छपे फ़ॉर्म, उसकी फ़ोटोकॉपी या टाइप किए फ़ॉर्म में उम्मीदवार की जानकारी हाथ से भरी हो या कंप्यूटर पर टाइप करके छापी गई हो, फ़ॉर्म दोनों तरह चलेगा। 78
खाली कॉलम: मीमो, फिर अलग शपथ पत्र
नामांकन पत्र और उसके साथ लगने वाले घोषणा/शपथ पत्रों का कोई भी कॉलम खाली नहीं छोड़ा जाएगा। छूट सिर्फ़ संतान संबंधी योग्यता वाले कॉलम को है। 78
कोई कॉलम खाली रह गया, तो रिटर्निंग अधिकारी उम्मीदवार को इस बारे में एक मीमो देंगे। 78
पहले जमा किए शपथ पत्र में ही सुधार करना विधिपूर्ण नहीं होगा। आपत्ति दूर करने के लिए अलग से शपथ पत्र देना आवश्यक होगा। 78
नामांकन जमा करने से पहले हर काग़ज़ का हर कॉलम एक बार फिर देख लीजिए।
संविदा, मानदेय या योजना वाले पद: लाभ का पद
संविदा, मानदेय या किसी सरकारी योजना में काम करने वाले लोग चुनाव लड़ सकते हैं या नहीं, यह इस पर टिका है कि उनका पद 'लाभ का पद' (Office of Profit) है या नहीं। आयोग ने 09.10.2026 के पत्र 10297 में सात पदों के बारे में यह मार्गदर्शन दिया है। पत्र नागौर के ज़िला निर्वाचन अधिकारी के पूछने पर जारी हुआ, और इसकी प्रति हर ज़िला निर्वाचन अधिकारी और हर रिटर्निंग अधिकारी को भेजी गई है। 910
दोनों मार्गदर्शिकाओं में धारा 19 की अयोग्यताओं में लिखा है कि भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन लाभ का पद रखने वाला पंच-सरपंच का चुनाव नहीं लड़ सकता। 1112 पर अधिनियम की धारा 19 का शीर्षक ही है 'किसी पंच या सदस्य के रूप में निर्वाचन के लिए अर्हताएं', यानी ये शर्तें पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य के चुनाव पर भी हैं। 1314 इसी धारा के खंड (घ) में लिखा है कि किसी भी पंचायती राज संस्था के अधीन वेतन वाला पद या लाभ का पद रखने वाला भी चुनाव नहीं लड़ सकता। 1516
पत्र कहता है कि 'लाभ का पद' की परिभाषा संविधान, अधिनियम, नियम या परिपत्र में साफ़ नहीं लिखी है। इसलिए यह मार्गदर्शन सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के पहले के फ़ैसलों के आधार पर दिया गया है। 9
| पद | पत्र क्या कहता है |
|---|---|
| संविदा कार्मिक (राजस्थान संविदा नियम, 2022 के तहत नियुक्त) | प्रद्युत बोरदोलोई और जया बच्चन वाले फ़ैसलों के सिद्धान्तों के हिसाब से इसे लाभ का पद माना जाए। रिटर्निंग अधिकारी यह देखेंगे कि इनकी नियुक्ति राज्य सरकार या विभाग करता है, और सेवा शर्तें, नियंत्रण और सेवा ख़त्म करने की शक्ति सरकार के पास है। संविदा होते हुए भी इन पर सरकारी सेवा जैसा ही नियंत्रण माना जाता है। |
| आशा सहयोगिनी | फ़ैसला नीचे लिखे परीक्षणों पर होगा। आख़िरी फ़ैसले से पहले रिटर्निंग अधिकारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का परिपत्र, क्रमांक 186, दिनांक 13.07.2022 देखेंगे, और नियुक्ति पत्र, मानदेय की प्रकृति, अवधि और सरकारी नियंत्रण जाँचेंगे। |
| साथिन | महिला अधिकारिता विभाग ने इस बारे में कोई निर्देश जारी नहीं किया है। फ़ैसला आशा सहयोगिनी की तरह ही होगा। |
| आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सहायिका | लाभ का पद नहीं है (बॉम्बे उच्च न्यायालय, रिट याचिका 8022/2021)। पर महिला एवं बाल विकास विभाग के परिपत्र, क्रमांक 4244, दिनांक 12.01.2023 के बिन्दु 12 के हिसाब से, चुनाव लड़ने के लिए नामांकन की तारीख से परिणाम आने तक अवैतनिक अवकाश लेना होगा। चुनाव जीत जाएँ, तो पद की शपथ लेने से पहले आंगनवाड़ी वाले पद से त्याग पत्र देना होगा। |
| विद्या संबल योजना में काम करने वाले | इन पर सीधे लागू होने वाला सर्वोच्च न्यायालय या उच्च न्यायालय का कोई फ़ैसला नहीं है, इसलिए फ़ैसला नीचे लिखे परीक्षणों पर होगा। आम तौर पर इनका वेतन या मानदेय राज्य सरकार देती है; फिर भी रिटर्निंग अधिकारी नियुक्ति पत्र, मानदेय की प्रकृति, अवधि और सरकारी नियंत्रण जाँचेंगे। किसी भी तरह का संशय हो, तो चुनाव में भाग लेने से पहले त्याग पत्र ले लेना उचित होगा। |
| राशन डीलर (उचित मूल्य दुकानदार) | पत्र के हिसाब से इसे लाभ का पद मानना उचित नहीं है। पत्र के मुताबिक़, राजस्थान उच्च न्यायालय (जोधपुर पीठ) का 04.12.2014 वाला मांगी देवी बनाम राजस्थान राज्य फ़ैसला यह तय करता है कि नियमों के दायरे में रहते हुए एक राशन डीलर वैध रूप से राजस्थान में पंचायती राज का चुनाव लड़ सकता है। पत्र बताता है कि उस मामले में सरपंच चुनाव के नामांकन को इस आधार पर चुनौती दी गई थी कि उम्मीदवार उचित मूल्य की दुकान चला रहा था और उसके ख़िलाफ़ जाँच चल रही थी। न्यायालय ने कहा कि सिर्फ़ इस आधार पर उसे राजस्थान पंचायती राज अधिनियम की धारा 19 में अयोग्य नहीं माना जा सकता, और याचिका खारिज कर दी। |
| प्रशासक | आयोग पहले ही जाँच करके इस बारे में निर्देश जारी कर चुका है। रिटर्निंग अधिकारी उसी आदेश के हिसाब से अपने स्तर पर फ़ैसला करेंगे। |
स्रोत: आदेश 10297, दि. 09.10.2026, पृ. 1–2
रिटर्निंग अधिकारी किस आधार पर तय करेंगे
नामांकन पत्रों की संवीक्षा के समय रिटर्निंग अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के प्रद्युत बोरदोलोई बनाम स्वपन रॉय वाले फ़ैसले में बताए गए परीक्षणों के आधार पर फ़ैसला करें, यही उचित होगा। पत्र में इस फ़ैसले का हवाला ऐसे लिखा है: "Pradyut Bardoloi v/s Swapon Roy (2001) 2 SCC 1"। इस फ़ैसले में सर्वोच्च न्यायालय ने लाभ का पद तय करने के लिए पाँच प्रमुख परीक्षण बताए हैं: 10
- क्या नियुक्ति सरकार ने की है? 10
- क्या सरकार को उसे हटाने का अधिकार है? 10
- क्या उस पद के साथ कोई वेतन, मानदेय या दूसरा आर्थिक लाभ या परिलाभ जुड़ा है? 10
- पद पर बैठा व्यक्ति काम किस तरह का करता है? 10
- सरकार उस पद पर कितना नियंत्रण रखती है? 10
सर्वोच्च न्यायालय के जया बच्चन बनाम भारत संघ (Jaya Bachchan v/s Union of India (2006) 5 SCC 266) वाले फ़ैसले के हिसाब से, यह बात मायने नहीं रखती कि सच में कोई आर्थिक लाभ मिला या नहीं। देखना यह है कि उस पद से आर्थिक लाभ या मानदेय मिल सकता है या नहीं। 10
यह बात पत्र में नहीं लिखी, यह हमारी सलाह है: ऐसे किसी पद पर काम कर रहे हैं, तो ऊपर वाले काग़ज़ (नियुक्ति पत्र, सेवा शर्तें, मानदेय के काग़ज़) नामांकन से पहले तैयार रखिए।
पूरी बात, अदालत के फ़ैसलों की प्रति और उदाहरण अलग पेज पर हैं: लाभ का पद: रिटर्निंग अधिकारी के लिए। राशन डीलर वाले मांगी देवी फ़ैसले की उच्च न्यायालय की प्रति भी वहीं है: मांगी देवी वाला फ़ैसला।
कहाँ और कब भरें
पंच और सरपंच
पंच और सरपंच के नामांकन की प्रक्रिया वे रिटर्निंग अधिकारी करवाएँगे, जिन्हें ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ने नियुक्त किया है। उनकी मदद के लिए मतदान दल के ऐसे कार्मिक लगेंगे, जो मतदान अधिकारी की योग्यता रखते हों। 18
पंच और सरपंच के नामांकन, उनकी संवीक्षा और नाम वापसी, तीनों काम एक ही दिन में ग्राम पंचायत मुख्यालय पर होंगे: पंचायत भवन में, या उस जगह जो ज़िला निर्वाचन अधिकारी तय करें। 18
उस दिन नामांकन सुबह 8 से 11 बजे तक लिए जाएँगे, संवीक्षा 11:30 बजे से होगी, नाम वापसी दोपहर 2 बजे तक होगी और उसके तुरंत बाद चुनाव चिह्न दिए जाएँगे। 19
संवीक्षा में पंच या सरपंच का पत्र किन आधारों पर खारिज हो सकता है, और रिटर्निंग अधिकारी क्या-क्या देखें: नामनिर्देशन पत्रों की जाँच।
बालोतरा में यह दिन किस तारीख को है, यह चुनाव कार्यक्रम वाले पेज पर देखिए।
पंचायत समिति सदस्य
नामांकन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक भरे जाएँगे। 20 आख़िरी तारीख वाली पंक्ति में '(सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर)' भी लिखा है। 21
बालोतरा की तारीखें चुनाव कार्यक्रम वाले पेज पर हैं।
ज़िला परिषद सदस्य
बालोतरा में ज़िला परिषद सदस्य के नामांकन तीसरे चरण की समय-सारणी से होंगे, सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक। 22
तारीखें चुनाव कार्यक्रम वाले पेज पर हैं।
प्रत्याशी प्रबोधन कार्यशाला: 10.10.2026 (शनिवार)
10.10.2026 को दोपहर 3 बजे के बाद हर रिटर्निंग अधिकारी 'प्रत्याशी प्रबोधन कार्यशाला' करवाएँगे। 23
इसमें रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी और DLMT/BLMT, पंचायती राज संस्थाओं के संभावित प्रत्याशियों को नामांकन भरने की प्रक्रिया और दिशा-निर्देश समझाएँगे। मीडिया और सोशल मीडिया की भागीदारी भी रहेगी। 23
कार्यशाला के लिए दो अलग पेज हैं: प्रत्याशी प्रबोधन: पंच और सरपंच और प्रत्याशी प्रबोधन: पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य।
दोहराइए: नामांकन के काग़ज़
स्रोत
पाठ में लगी छोटी संख्या पर टैप कीजिए, उसका स्रोत वहीं दिख जाएगा। ↗ वाली कड़ी मूल PDF नए टैब में खोलती है।
- 1.आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 1कखगघङचछजझञटठ
- 2.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 1कखगघङचछजझञटठ
- 3.आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 1–3कखग
- 4.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 1–3कखग
- 5.आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 2कखगघङचछजझञटठडढणतथद
- 6.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 2कखगघङचछजझञटठडढणतथद
- 7.आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 3कखगघङचछजझञटठ
- 8.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 3कखगघङचछजझञटठ
- 9.आदेश 10297, दि. 09.10.2026, पृ. 1कख
- 10.आदेश 10297, दि. 09.10.2026, पृ. 3कखगघङचछजझ
- 11.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 28 पाठ में
- 12.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 64–65 पाठ में
- 13.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 54 पाठ में
- 14.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 144 पाठ में
- 15.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 55 पाठ में
- 16.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 145 पाठ में
- 17.आदेश 10297, दि. 09.10.2026, पृ. 1–2 पाठ में
- 18.आदेश 9809, दि. 02.10.2026, पृ. 1कखग
- 19.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 8कख
- 20.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 7–8कख
- 21.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 7 पाठ में
- 22.आदेश 9867, दि. 03.10.2026, पृ. 2कख
- 23.आदेश 10253, दि. 08.10.2026, पृ. 1कख