मंत्री और आचार संहिता: आदेश 10568
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पंचायत चुनाव के दौरान मंत्री चुनाव वाले इलाक़े में क्या नहीं कर सकते, यह सामान्य प्रशासन विभाग ने एक आदेश में लिखा है। 1 आयोग ने 15.10.2026 को यह आदेश सब ज़िला निर्वाचन अधिकारियों (कलक्टर) को भेजा, सूचना और ज़रूरी कार्रवाई के लिए। 1 यह पेज उम्मीदवारों, रिटर्निंग अधिकारियों और प्रशिक्षकों के लिए है।
आदेश किसका है
यह सामान्य प्रशासन (ग्रुप-2) विभाग का आदेश है, जो राज्यपाल की आज्ञा से वरिष्ठ उप शासन सचिव ने जारी किया। 1 आदेश पर तारीख की जगह "यथा ई-हस्ताक्षरित" लिखा है; ई-हस्ताक्षर 13.10.2026 के हैं। 12
आयोग की घोषणा के हिसाब से चुनाव कराने के बारे में विभाग को जो पत्र मिला, उसकी प्रति इस आदेश के साथ लगी है। 1 विभाग ने आयोग को इसकी प्रति आयोग के 03.10.2026 के पत्र के क्रम में भेजी। 2 फिर आयोग ने अपने क्रमांक 10568 से, 15.10.2026 को, इसे हर ज़िला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) (पंचायत) को भेजा। 1
कब से कब तक
आयोग ने चुनाव कार्यक्रम 03.10.2026 को घोषित किया, और उसी दिन से चुनाव वाले इलाक़ों में आदर्श आचार संहिता लागू है। यह चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी। 1
मतदान चार चरणों में है। 1 ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का मतदान 22.10.2026, 28.10.2026, 03.11.2026 और 14.11.2026 को है; सरपंच और पंच का मतदान 24.10.2026, 30.10.2026, 05.11.2026 और 16.11.2026 को। 1
बालोतरा तीसरे और चौथे चरण में है। 34 पूरा कार्यक्रम: चुनाव कार्यक्रम
छह बातें
विभाग ने अधिकारियों से कहा है कि आचार संहिता के भाग-7 की पालना के साथ-साथ इन छह बातों की पालना भी पक्की करवाएँ। 1
- सरकारी दौरा नहीं। चुनाव पूरा होने तक मंत्री चुनाव वाले इलाक़े में सरकारी दौरे पर नहीं जाएँगे। 1 छूट सिर्फ़ तब है, जब कानून-व्यवस्था बिगड़ जाए या कोई आपात स्थिति हो, और उस विभाग के मंत्री का वहाँ होना ज़रूरी हो: तब यह रोक लागू नहीं होगी, पर विभाग के शासन सचिव इसकी सूचना आयोग को भेजेंगे। 1
- सरकारी गाड़ी नहीं। चुनाव वाले इलाक़े में दौरे पर मंत्री कोई सरकारी गाड़ी नहीं लेंगे। अपनी निजी गाड़ी लें, तो उस पर लाल बत्ती या सायरन जैसी चीज़ नहीं लगाएँगे। 1
- चुनाव वाले अधिकारियों को बुलाना नहीं। चुनाव वाले इलाक़े में दौरे पर रहते हुए मंत्री चुनाव से जुड़े अधिकारियों को नहीं बुलाएँगे। 1
- विश्राम गृह प्रचार के लिए नहीं। चुनाव वाले इलाक़े में रहते हुए मंत्री वहाँ के विश्राम गृह, डाक बंगले, दूसरे सरकारी आवास, या इनसे लगे परिसर, न प्रचार दफ़्तर की तरह इस्तेमाल करेंगे, न चुनाव से जुड़ी कोई बैठक करने के लिए। 1
- दूसरों को भी बराबर। दूसरे दलों और उम्मीदवारों को भी, बिना भेदभाव के, सरकारी विश्राम गृह, डाक बंगले और दूसरे सरकारी आवास इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाएगी। पर वे भी इन्हें चुनाव के काम में नहीं लेंगे। 1
- अधिकारी स्वागत में नहीं। मंत्रियों के दौरे के समय सरकारी अधिकारी उनके किसी स्वागत या प्रोटोकॉल में नहीं जाएँगे। 1
किन पर लागू
ये बातें उन बोर्ड और निगमों के अध्यक्षों पर भी उसी तरह लागू हैं, जिन्हें मंत्री या राज्य मंत्री का दर्जा मिला हुआ है। 1
आदेश किस-किस को गया
विभाग ने इसकी प्रतियाँ सूचना और ज़रूरी कार्रवाई के लिए भेजीं। उस सूची में ये भी हैं: 2
- सब मंत्रियों और राज्य मंत्रियों के विशिष्ट सहायक और निजी सचिव;
- महानिदेशक पुलिस;
- सब संभागीय आयुक्त और सब ज़िला कलक्टर;
- सब विभागाध्यक्ष, और सब निगमों और मंडलों के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक;
- निदेशक, पंचायती राज विभाग, इस निवेदन के साथ कि वे आयोग से मिले निर्देशों की पालना पक्की करवाएँ;
- आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव, उनके 03.10.2026 के पत्र के क्रम में। 2
आचार संहिता की बाक़ी बातें
आचार संहिता की बाक़ी बातें, जो हर उम्मीदवार और दल पर लागू हैं, उम्मीदवारों वाले पेज पर हैं: पंच और सरपंच, पंचायत समिति और ज़िला परिषद।
स्रोत
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