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नाम वापसी के बाद: प्ररूप-5 की सूची

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इस पेज पर

नाम वापसी का तय समय ख़त्म होते ही रिटर्निंग अधिकारी बचे हुए उम्मीदवारों की सूची प्ररूप-5 में तैयार करवाते हैं, पंच की और सरपंच की अलग-अलग। 12 यह पेज रिटर्निंग अधिकारी और प्रशिक्षकों के लिए है: नाम किस क्रम में लिखें, चुनाव चिह्न कैसे मिलता है, सूची की प्रति किसे-किसे देनी है, पूरी पंचायत निर्विरोध हो तो क्या करें, और इस बार मतपत्र पर नाम हाथ से कैसे लिखे जाएँगे। यही बातें एक रंगीन PDF में भी हैं, पेज के आख़िर में।

हर बात के आगे आयोग के आदेश, नियम या मार्गदर्शिका का पन्ना लिखा है। "नियम" यानी राजस्थान पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994, 3 और "मार्गदर्शिका" यानी मतपेटी वाले चुनाव की, रिटर्निंग अधिकारियों और मतदान अधिकारियों के लिए मार्गदर्शिका 2026। इस बार पंच और सरपंच के मतपत्र आयोग के आदेश क्रमांक एफ 7(1)(3)/पंचा/रानिआ/14-15/9809, दिनांक 02.10.2026 के अनुसार तैयार होंगे; उसकी बातें नीचे आदेश के हवाले के साथ लिखी हैं। 4

एक नज़र में

  1. नाम वापसी पूरी: नाम वापसी का तय समय ख़त्म होते ही, जिनका नामांकन मंज़ूर हुआ और जिन्होंने नाम वापस नहीं लिया, उनकी सूची बनती है। 12
  2. प्ररूप-5 में सूची: पंच की और सरपंच की अलग-अलग, हिन्दी वर्णमाला के क्रम से। 2
  3. चिह्न उसी क्रम में: सूची के क्रम से हर उम्मीदवार को आयोग का तय चुनाव चिह्न। 4
  4. प्रकाशन और प्रतियाँ: उम्मीदवार, वार्ड और पंचायत कार्यालय। 5
  5. मतपत्र पर नाम हाथ से: मतदान दल, काले बॉल पेन से, ग्राम पंचायत पर ही। 4

दो अलग सूचियाँ, दो अलग प्ररूप-5

नाम वापसी के बाद बचे हुए उम्मीदवारों की अंतिम सूची पंच के लिए और सरपंच के लिए अलग-अलग प्ररूप-5 में बनेगी: पंच की सूची हर वार्ड की अलग, और सरपंच की पूरी पंचायत की एक। 2 पंच का प्ररूप-5 मार्गदर्शिका के परिशिष्ट 8-B में है, और सरपंच का परिशिष्ट 8-A में। 267

मार्गदर्शिका में छपे दोनों नमूनों में तीन कॉलम हैं: क्र.स., पते सहित अभ्यर्थी की क्रम संख्या और नाम, और आवंटित सुभिन्न प्रतीक। 67

हर वार्ड की प्ररूप-5 सूची में उम्मीदवारों के बाद, सूची के अंत में नोटा (इनमें से कोई नहीं) भी दिखाया जाता है। 1

चुनाव चिह्न कैसे मिलता है

उम्मीदवारों के नाम हिन्दी वर्णमाला के क्रम से प्ररूप-5 में लिखे जाते हैं, और इसी क्रम में हर उम्मीदवार को आयोग का तय चुनाव चिह्न आवंटित होता है। 4

कितने चिह्न। आयोग की अधिसूचना क्रमांक प.4(5)(1)पंचा/रानिआ/19/4191, दिनांक 17.10.2025 में पंच के लिए 40 (सारणी-1) और सरपंच के लिए 40 (सारणी-2) मुक्त प्रतीक तय हैं। 8 आदेश 9809 के अनुसार क्रम 1 से 10 तक के चिह्न मतपत्र पर होंगे, और 11 से 20, 21 से 30 और 31 से 40 तक के चिह्न तीन अतिरिक्त स्लिपों पर। 9 मार्गदर्शिका में प्ररूप-5 पर पंच के 10 और सरपंच के 20 चिह्न पहले से छपे होने की बात है; 102 आदेश 9809 का नोट नीचे इसके बाद: मतपत्र में है।

चिह्न कम पड़ें तो। राज्य निर्वाचन आयोग के तय चिह्न कम पड़ें, तो रिटर्निंग अधिकारी, उसी आयोग की बताई रीति से, ऐसे दूसरे चिह्न दे सकते हैं जो भारत निर्वाचन आयोग ने किसी राजनैतिक दल के लिए आरक्षित न किए हों, और इसकी सूचना राज्य निर्वाचन आयोग और ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को देंगे। 1

नाम किस क्रम में लिखें

दोनों सूचियों में नाम हिन्दी वर्णमाला के क्रम से लिखे जाते हैं। मार्गदर्शिका ने इसके छह नियम दिए हैं; हर नियम के साथ यहाँ उसी के उदाहरण हैं। 2

1. क्रम मुख्य नाम से, पर लिखें पूरा नाम

क्रम तय करते समय उम्मीदवार का मुख्य नाम देखा जाता है, उपनाम नहीं; पर सूची में नाम पूरा, उपनाम के साथ लिखा जाता है। 2 जैसे "जयनारायण व्यास": मुख्य नाम "जयनारायण" है, और "व्यास" उपनाम। यह नाम "ज" के हिसाब से रखा जाएगा, "व" के हिसाब से नहीं; पर सूची में और मतपत्र पर भी पूरा नाम "जयनारायण व्यास" ही लिखा जाएगा, क्योंकि वे उपनाम से प्रसिद्ध हैं। 2 इसी तरह शिवहरि महावर "शि" से, आनन्द सक्सेना "आ" से, और माहिर खान "मा" से रखे जाएँगे। 2

2. श्री, श्रीमती, सुश्री नहीं; उपनाम लिखें

नामों के पहले श्री, श्रीमती, सुश्री नहीं लिखे जाएँगे। पर सुखाड़िया, नेहरू, शेखावत, चतुर्वेदी, माथुर, पालीवाल जैसे उपनाम लिखे जाएँगे, क्योंकि उपनाम से ही कई लोग जल्दी और ठीक से पहचाने जाते हैं। 2

3. तीन "स": पहले श, फिर ष, फिर स

हिन्दी वर्णमाला में तीन तरह के "स" हैं, और उनका सही क्रम श, ष, स है। इसलिए शंकरलाल, षट्दर्शन और सरवर चन्द भंडारी इसी क्रम में लिखे जाएँगे। 5 "श्र" को भी "श" के बराबर गिनिए: श्री नारायण नाम का कोई उम्मीदवार हो, तो वह शंकरलाल से भी पहले आएगा। 5

4. "ऋ" स्वर है; "हाजी" उपनाम है

ऋषिकुमार, त्रिलोकचन्द और डालचन्द में पहला नाम ऋषिकुमार आएगा, क्योंकि ऋ स्वर है; दूसरा डालचन्द, और तीसरा त्रिलोकचन्द। 5 हाजी मोहम्मद पूरा लिखा जाएगा, पर क्रम "म" से, क्योंकि हाजी उपनाम है। 5 ग्यानचन्द और ज्ञानचन्द में ग्यानचन्द पहले आएगा, और ज्ञानचन्द बाद में। 5

5. मानक वर्णमाला: परिशिष्ट-19

सुविधा के लिए मानक हिन्दी वर्णमाला मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-19 में दी गई है; पूरी तालिका नीचे है। 511

6. एक ही नाम के दो या ज़्यादा उम्मीदवार

उनके नाम के साथ पिता या पति का नाम जोड़कर, या किसी और रीति से जो रिटर्निंग अधिकारी ठीक समझें, नाम एक-दूसरे से अलग किए जाएँगे। 5

मानक हिन्दी वर्णमाला (परिशिष्ट-19)

प्ररूप-5 में नामों का क्रम इसी वर्णमाला से तय होता है। 2 अक्षर और उनका क्रम मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-19 से हैं; पढ़ने में आसानी के लिए यहाँ समूहों के नाम जोड़े हैं, और मात्राएँ क पर लगाकर दिखाई हैं। 11

समूह अक्षर, इसी क्रम में
स्वर अ आ इ ई उ ऊ ऋ ए ऐ ओ औ
मात्राएँ (इन्हीं स्वरों की) का कि की कु कू कृ के कै को कौ
अनुस्वार, विसर्ग अं, अः
अनुनासिकता चिह्न (चन्द्रबिन्दु) अँ
व्यंजन क ख ग घ ङ · च छ ज झ ञ · ट ठ ड ढ ण ड़ ढ़ · त थ द ध न · प फ ब भ म · य र ल व ळ · श ष स ह
संयुक्त व्यंजन क्ष त्र ज्ञ श्र (द्य, द्व, द्ध)
हल् व्यंजन ड् (व्यंजन के नीचे हल् का चिह्न)
गृहीत स्वन ऑ (मात्रा: कॉ); ख़ ज़ फ़ (अर्धचन्द्र, नुक्ता)

मार्गदर्शिका में यह तालिका राजस्थान सरकार के भाषा विभाग की "नागरी लिपि एवं वर्तनी के मानक स्वरूप के बारे में मार्गदर्शक पुस्तिका, 1992" से ली गई है; वर्णमाला का यह मानक रूप केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय ने तय किया था। 11

सूची का प्रकाशन: किसे कितनी प्रति

पंच और सरपंच की प्ररूप-5 सूचियों की प्रतियाँ इस तरह प्रकाशित और बाँटी जाएँगी: 5

प्ररूप-5 सूची की प्रति प्रतियाँ
(क) चुनाव लड़ रहे हर उम्मीदवार को 1 5
(ख) सरपंच की सूची, हर वार्ड में 1 5
(ग) पंच की सूची, उसी (संबंधित) वार्ड में 1 5
(घ) पंचायत कार्यालय पर 1 5

नियम 29(3)(ii) के अनुसार उम्मीदवारों के नाम वर्णमाला के क्रम में, हर नाम के साथ उसका चिह्न; सूची वार्ड में किसी सहजदृश्य जगह पर चिपकाकर प्रकाशित की जाती है, और प्रकाशित सूची की मूल प्रति चुनाव लड़ रहे हर उम्मीदवार को दी जाती है। 1

पूरी पंचायत निर्विरोध हो तो

अगर पूरी पंचायत में सभी वार्ड पंच और सरपंच निर्विरोध निर्वाचित हों, तो: 5

  1. ऊपर वाला प्रकाशन नहीं होगा। 5
  2. सूची की दो प्रतियाँ बनेंगी: एक पंचायत कार्यालय पर, और दूसरी ऑफिस कॉपी, लिफ़ाफ़े में बंद। 5
  3. रिटर्निंग अधिकारी परिणाम नियम 29(2) के अनुसार निर्विरोध घोषित करेंगे। 5
  4. प्ररूप-7 (परिशिष्ट-10) भरेंगे और उस पर हस्ताक्षर करेंगे। 5

प्ररूप-7 के बारे में: प्ररूप-7: पंच और सरपंच के परिणाम की विवरणी। 5

किसी वार्ड में एक ही उम्मीदवार हो और उसका नामांकन मंज़ूर हुआ हो, तो रिटर्निंग अधिकारी उसे निर्वाचित घोषित करेंगे। 1 किसी वार्ड या पंचायत में एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों, तो मतदान तय जगह पर, तय तारीख़ और तय समय पर होगा। 5

इसके बाद: मतपत्र

आयोग के आदेश क्रमांक एफ 7(1)(3)/पंचा/रानिआ/14-15/9809, दिनांक 02.10.2026 के अनुसार ज़िला निर्वाचन अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मतपत्रों पर प्रतीक चिह्न हों और उम्मीदवार की जानकारी की जगह ख़ाली हो। 4 आदेश के शब्द:

"अभ्यर्थी को आवंटित किए गए प्रतीक चिन्ह के सामने रिक्त स्थान पर अभ्यर्थी का नाम काले बाल पैन से मतदान दलों के अधिकारी/कार्मिकों द्वारा लिखा जाएगा।" 4

यह काम प्ररूप-5 में सूची दिखाए जाने के तुरंत बाद, ग्राम पंचायत स्तर पर ही होगा; मतदान दल उम्मीदवारों के शुद्ध नाम लिखेंगे, और वोट इन्हीं मतपत्रों से पड़ेंगे, जो मतदान दलों ने तैयार किए। 4

मार्गदर्शिका में सूची के आधार पर मतपत्र ज़िला स्तर पर छपवाने की बात है। 5 आदेश 9809 का नोट: "पंच/सरपंच पद के निर्वाचन हेतु पूर्व जारी आदेशों, परिपत्रों, मार्गदर्शिकाओं में वर्णित प्रावधानों/दिशा-निर्देशों को उक्त आदेश में वर्णित प्रक्रिया संबंधी प्रावधानों की हद तक अप्रभावी (Inoperative) माना जाए।" 12

मतपत्र आयोग के तय प्ररूप में होंगे, और उनमें सारा विवरण देवनागरी लिपि में, हिन्दी में लिखा जाएगा। 1

मतपत्र और अतिरिक्त स्लिप कैसे तैयार हों, नोटा का स्टीकर कहाँ लगे, और मतदान दल को ज़िले से क्या सामान मिलेगा: मतपेटी वाला दिन: मतपत्र पर नाम लिखना।

PDF में

इस पेज की बातें, और आदेश 9809 के अनुसार मतपत्र और स्लिप का चित्र, एक रंगीन PDF में, रिटर्निंग अधिकारियों और प्रशिक्षकों को भेजने या छापने के लिए: 4912

सावधान: ये फ़ाइलें आयोग की बनाई या जारी की हुई नहीं हैं, सिर्फ़ पूरक प्रशिक्षण सामग्री हैं। अंतिम और मान्य स्रोत आयोग के मूल आदेश और नियम ही हैं।

पुस्तिकारंगीन PDFरिटर्निंग अधिकारियों और प्रशिक्षकों के लिए: WhatsApp पर भेजिए या रंगीन छापिए। इस पेज की बातें, और आदेश 9809 के अनुसार मतपत्र और स्लिप का चित्र; हर बात के साथ उसका स्रोत। पन्ना A4 से थोड़ा लम्बा है; A4 पर छापें तो 'Fit' चुनिए।PDF · 5 पेज · 0.8 MBखोलिएडाउनलोड

स्रोत

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  1. 1.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 63कखगघङचछ
  2. 2.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 36कखगघङचछजझञटठ
  3. 3.आदेश 793, दि. 20.01.2026, संकलन पृ. 432 पाठ में
  4. 4.आदेश 9809, दि. 02.10.2026, पृ. 1कखगघङचछज
  5. 5.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 37कखगघङचछजझञटठडढणतथदधनप
  6. 6.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 94कख
  7. 7.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 99कख
  8. 8.आदेश 4191, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 177–178 पाठ में
  9. 9.आदेश 9809, दि. 02.10.2026, पृ. 2कख
  10. 10.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 5 पाठ में
  11. 11.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 116कखग
  12. 12.आदेश 9809, दि. 02.10.2026, पृ. 3कख