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उप-सरपंच का चुनाव

साइट पर काम चल रहा है · अपडेट 03.11.2026अगर कोई त्रुटि दिखे तो डेवलपर भरत चौधरी (व्याख्याता, रा.उ.मा.वि., जेठन्तरी — ब्लॉक: समदड़ी, जिला: बालोतरा) को बताइए:
WhatsApp: +91-7357578216
इस पेज पर

पंच और सरपंच चुने जाने के बाद, नए पंच और सरपंच मिलकर, पंचों में से एक उप-सरपंच चुनते हैं। 12 यह चुनाव वही रिटर्निंग अधिकारी करवाते हैं, जिन्होंने पंच और सरपंच का चुनाव करवाया। 34 यह पेज रिटर्निंग अधिकारी के लिए भी है, और वोट देने वाले पंचों और सरपंच के लिए भी: नोटिस से लेकर परिणाम और लिफ़ाफ़ों तक।

हर बात के आगे मार्गदर्शिका या आयोग के आदेश का पन्ना लिखा है। जहाँ स्रोतों में किसी बात पर अलग-अलग बात छपी है, वहाँ यहाँ एक ही नियम लिखा है; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह प्रशिक्षकों के लिए अलग पेज स्रोतों में फ़र्क पर है।

कब होगा

उप-सरपंच का चुनाव, वार्ड पंच और सरपंच के चुनाव की तारीख के अगले दिन होगा (नियम 65(1))। 2 मार्गदर्शिका भी यही कहती है: पंच और सरपंच का परिणाम घोषित करने के बाद, अगले दिन वही रिटर्निंग अधिकारी उप-सरपंच का चुनाव करवाएँगे। 3

बालोतरा में यह किस दिन है, यहाँ देखिए: बालोतरा की तारीखें

इस चुनाव वाले दिन का पूरा समय आयोग ने 20.10.2026 के पत्र में तय किया है: आयोग की समय-सारणी। 5

रिटर्निंग अधिकारी चाहें, तो कारण लिखकर, उप-सरपंच का चुनाव किसी बाद की तारीख पर भी रख सकते हैं। 2

उप-सरपंच के चुनाव के लिए बुलाई गई बैठक को "पहली मीटिंग" कहा जाता है। 4

उप-चुनाव। धारा 20 के तहत उप-सरपंच का उप-चुनाव ज़रूरी हो जाए, तो रिटर्निंग अधिकारी सरपंच और पंचों को बैठक की तारीख, समय और जगह वाला नोटिस तामील करवाकर उनकी बैठक बुलाएँगे, और नियम 65 और 66, जहाँ तक हो सके, लागू होंगे (नियम 67)। 6

आयोग की समय-सारणी

आयोग ने 20.10.2026 के पत्र में उप-सरपंच के चुनाव वाले दिन का पूरा समय तय किया है। 5 तारीखें वही हैं, जो पहले घोषित कार्यक्रम में थीं: चारों चरणों में उप-सरपंच का चुनाव 25.10.2026, 31.10.2026, 06.11.2026 और 17.11.2026 को है। 5 हर चरण में यह पंच और सरपंच के मतदान के अगले दिन पड़ता है। 57

क्या होगा समय
बैठक का नोटिस जारी करना सुबह 9:00 बजे से पहले
बैठक शुरू सुबह 10:00 बजे
नामनिर्देशन पत्र देना सुबह 11:00 बजे तक
नामनिर्देशन पत्रों की संवीक्षा (जाँच) सुबह 11:30 बजे तक
चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की सूची बनाना और चुनाव चिह्न देना सुबह 11:30 से दोपहर 12:00 बजे तक
मतदान, अगर ज़रूरी हो दोपहर 12:00 से 1:00 बजे के बीच
गिनती और परिणाम की घोषणा मतदान ख़त्म होते ही

स्रोत: आयोग का पत्र स्पे. 1, दि. 20.10.2026, पृ. 1

इसी पत्र में आयोग ने लिखा है कि नियम 65 और 66 की पालना पूरी तरह होनी है, और बैठक का नोटिस मतदान से कम से कम दो घंटे पहले पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगना है। 5 बैठक 10:00 बजे और नामनिर्देशन 11:00 बजे तक: यही नियम 66(1) वाला एक घंटा है, जो नीचे नामांकन में है। 52

कौन कराता है, कौन वोट देता है

चुनाव कौन कराएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिस अधिकारी को पंच और सरपंच के चुनाव का रिटर्निंग अधिकारी बनाया है, वही उप-सरपंच के चुनाव का भी रिटर्निंग अधिकारी है (नियम 65)। 4 नियम 65 में रिटर्निंग अधिकारी का मतलब वह अधिकारी है, जो नियम 23 के उप-नियम (2) में नियुक्त हुआ है। 2

बैठक किसकी। वार्ड पंच का परिणाम घोषित होने के बाद, रिटर्निंग अधिकारी नए चुने गए पंचों और सरपंच की बैठक बुलाएँगे (नियम 65(2))। 2

कौन खड़ा हो सकता है। उप-सरपंच के लिए सिर्फ़ निर्वाचित पंच ही खड़े हो सकते हैं (नियम 66(1))। 1

कौन वोट देगा। इस चुनाव में मतदाता पंच और सरपंच हैं। 1 डाक से या प्रॉक्सी से वोट देने का कोई प्रावधान नहीं है। 1

पहले शपथ। पंच और सरपंच का परिणाम घोषित होते ही, चुने गए पंचों और सरपंच को प्ररूप-11 (परिशिष्ट-18) में शपथ दिलाई जाती है, ताकि वे उप-सरपंच के चुनाव वाली बैठक में शामिल हो सकें। 3

बैठक का नोटिस

नियमों में नोटिस का कोई फ़ॉर्म तय नहीं है; मार्गदर्शिका में इसका एक मॉडल फ़ॉर्म है, परिशिष्ट-29। 48 नोटिस के छपे फ़ॉर्म जिला निर्वाचन अधिकारी से मिलेंगे; कम पड़ें, तो कार्बन लगाकर ज़रूरत भर प्रतियाँ बना लीजिए। 4 छपे फ़ॉर्म पहले से भरकर तैयार रखिए; पूरा चुनाव कार्यक्रम जिला निर्वाचन अधिकारी पहले ही दे चुके हैं। 4

परिशिष्ट-29 वाले नोटिस में ये बातें भरी जाती हैं: 8

  • बैठक की तारीख, समय और जगह। 8
  • नामनिर्देशन पत्र लेने का आख़िरी समय। 8
  • नाम-निर्देशित उम्मीदवारों की सूची बनाकर बैठक में पढ़ना, नामनिर्देशन पत्रों की जाँच और नाम वापसी, और चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की सूची बनाना: इन सबका समय, कितने बजे से कितने बजे तक। 8
  • मतदान, अगर ज़रूरी हो, कितने बजे से कितने बजे तक। 8

किसे देना है। नोटिस हर निर्वाचित पंच और सरपंच को दिया जाना है, चाहे वे मौजूद हों या नहीं। 4 किसी को हाथ में न दिया जा सके, तो उसके घर पर नोटिस चिपकाकर तामील पूरी की जाती है। 4 रिटर्निंग अधिकारी बैठक का समय और जगह, उपस्थित सरपंच और पंचों को भी बताएँगे (नियम 65(2))। 2

नोटिस बोर्ड पर। नोटिस, मतदान के लिए तय समय से कम से कम दो घंटे पहले, पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी लगाया जाना ज़रूरी है। 42 जैसे, मतदान सुबह 11.00 बजे हो, तो नोटिस सुबह 9.00 बजे तक लग जाना चाहिए। 4 इस चुनाव में आयोग ने नोटिस जारी करने का समय सुबह 9:00 बजे से पहले रखा है, और ज़रूरत हो तो मतदान दोपहर 12:00 बजे से है। 5 जहाँ पंचायत का कोई कार्यालय ही न हो, या चुनाव पंचायत मुख्यालय से अलग किसी जगह पर हो, वहाँ नोटिस किसी ऐसी जगह लगाया जाएगा, जहाँ वह आसानी से दिखे (नियम 65(2))। 2

नामांकन

कौन प्रस्ताव रखेगा। बैठक में मौजूद सरपंच या कोई भी निर्वाचित पंच, उप-सरपंच के लिए किसी पंच का नाम लिखकर प्रस्तावित कर सकता है। 42

सिर्फ़ एक घंटा। सब प्रस्ताव बैठक शुरू होने के एक घंटे के अंदर ही दिए जा सकते हैं; उसके बाद कोई प्रस्ताव नहीं लिया जाएगा (नियम 66(1))। 2 यह एक घंटा, नोटिस में लिखे बैठक शुरू होने के समय से गिना जाता है। जैसे, नोटिस में बैठक सुबह 9.00 बजे शुरू होनी लिखी हो, तो नामनिर्देशन सुबह 10.00 बजे तक ही लिए जा सकेंगे, बाद में नहीं। 4 इस चुनाव में बैठक सुबह 10:00 बजे शुरू होगी, इसलिए नामनिर्देशन पत्र सुबह 11:00 बजे तक ही लिए जाएँगे। 5

फ़ॉर्म। नियमों में नामनिर्देशन पत्र का कोई फ़ॉर्म तय नहीं है; मार्गदर्शिका में इसका मॉडल फ़ॉर्म "ख" दिया है। 4 उप-सरपंच के लिए खड़े होने वालों को इसकी प्रतियाँ दे दीजिए। 4 कोई इस फ़ॉर्म की जगह किसी भी काग़ज़ पर नाम प्रस्तावित करे, तो भी उसे लीजिए; मॉडल फ़ॉर्म ख में न भरने की वजह से कोई नामनिर्देशन पत्र खारिज नहीं हो सकता। 4

मॉडल फ़ॉर्म ख में ये जगहें हैं: पंचायत, पंचायत समिति और ज़िले का नाम; उम्मीदवार का नाम (जो उसी पंचायत का निर्वाचित पंच है); प्रस्तावक के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान, और उसके नीचे "निर्वाचित पंच/सरपंच"; "मेरी सहमति है" के नीचे उम्मीदवार के हस्ताक्षर; और तारीख। 9

उम्मीदवार की सहमति। प्रस्ताव पर प्रस्तावक और उम्मीदवार, दोनों के हस्ताक्षर होंगे। 4 उम्मीदवार बैठक में मौजूद हो, तो रिटर्निंग अधिकारी उसकी ज़बानी सहमति लेकर, ख़ुद प्रस्ताव पर यह बात लिख देंगे; तब लिखी हुई सहमति ज़रूरी नहीं है (नियम 66(2))। 46 उम्मीदवार बैठक में नहीं है और प्रस्ताव पर उसके हस्ताक्षर भी नहीं हैं, तो उसकी अलग से लिखी हुई सहमति लेना "कानूनन जरूरी" है, और यह सहमति प्रस्ताव के साथ ही दी जाएगी। 42 ऐसी सहमति प्रस्ताव के साथ न लगी हो, तो प्रस्ताव खारिज हो जाएगा। 4 रिटर्निंग अधिकारी यह बात बैठक शुरू होते ही सबको बता दें। 4

मिलने का समय। हर प्रस्ताव पर, वह कितने बजे मिला, यह लिखकर हस्ताक्षर कर दीजिए। 4

जाँच और उम्मीदवारों की सूची

  1. प्रस्ताव देने का समय ख़त्म होने के बाद, रिटर्निंग अधिकारी एक काग़ज़ पर सब उम्मीदवारों के नाम लिखकर बैठक में पढ़ेंगे (नियम 66(3))। 16
  2. फिर रिटर्निंग अधिकारी सब प्रस्ताव, बैठक में मौजूद पंचों, सरपंच और ख़ासकर उम्मीदवारों को बताएँगे, किसी को एतराज़ हो तो उसे सुनेंगे, और अपना फ़ैसला लिखेंगे। 16
  3. कोई प्रस्ताव खारिज हो, तो रिटर्निंग अधिकारी उसका कारण थोड़े में ज़रूर लिखेंगे (नियम 66(4))। 16

मार्गदर्शिका में प्रस्ताव खारिज होने की चार वजहें लिखी हैं: 1

  • प्रस्ताव पर प्रस्तावक के हस्ताक्षर नहीं हैं। 1
  • प्रस्ताव तय समय में नहीं दिया गया। 1
  • उम्मीदवार बैठक में नहीं था, और प्रस्ताव के साथ उसकी लिखी हुई सहमति नहीं है। 1
  • उम्मीदवार, निर्वाचित पंचों में से नहीं है। 1

नियम 66(3) में दो वजहें लिखी हैं: उम्मीदवार अधिनियम के हिसाब से उप-सरपंच बनने का पात्र नहीं है, या इस नियम की बातों का पालन नहीं हुआ। रिटर्निंग अधिकारी किसी के एतराज़ पर भी, और अपनी ओर से भी, प्रस्ताव खारिज कर सकते हैं। 6

चुनाव लड़ने वालों की सूची। जाँच पूरी होते ही चुनाव लड़ने वालों की सूची प्ररूप-5 में बनेगी, और जिनके नामांकन सही पाए गए, उनके नाम बैठक में पढ़कर सुनाए जाएँगे (नियम 66(5))। ये नाम हिन्दी वर्णमाला के क्रम में होंगे। 16

एक ही उम्मीदवार हो तो। सिर्फ़ एक ही उम्मीदवार हो, तो उसे उप-सरपंच चुना गया घोषित कर दिया जाएगा (नियम 66(6))। एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों, तब गुप्त मतदान से वोट पड़ेंगे (नियम 66(7))। 16

नाम वापसी। परिशिष्ट-29 वाले नोटिस के कार्यक्रम में "नाम निर्देशन पत्रों की जाँच एवं नाम वापसी" का समय भरने की जगह है। 8

मतपत्र

उप-सरपंच के चुनाव में गुप्त मतदान होगा, और वोट मतपत्र से पड़ेंगे। 1

  • चुनाव लड़ने वाले हर उम्मीदवार को चुनाव चिह्न मिलेगा। उम्मीदवारों की सूची हिन्दी वर्णमाला के क्रम में बनेगी, और सरपंच के मतपत्र पर जिस क्रम में चिह्न पहले से छपे हैं, उसी क्रम से चिह्न उम्मीदवारों को दिए जाएँगे। 1
  • सूची में सबसे आख़िर में नोटा (इनमें से कोई नहीं) का विकल्प और चिह्न रहेगा। 1
  • एक ही नाम के दो उम्मीदवार हों, तो उन्हें पिता के नाम से अलग पहचाना जाएगा। 1
  • उप-सरपंच के खाली मतपत्र जिला निर्वाचन अधिकारी से मिलेंगे; उन पर चुनाव चिह्न छपे होंगे, पर उम्मीदवार के नाम की जगह खाली रहेगी। 1
  • रिटर्निंग अधिकारी मतपत्र की पीठ पर हस्ताक्षर करके उसे प्रमाणित करेंगे। 1
मतपत्र का प्रारूप। आयोग का आदेश 42 (सा.आ. 142/2026), तारीख 01.01.2026, नियम 66(7) और 59(9) के तहत उप-सरपंच के मतपत्र का प्रारूप तय करता है, और 05.12.2019 वाले पिछले आदेश की जगह लेता है; उसकी बातें नीचे हैं। 10

आदेश 42 के हिसाब से मतपत्र

  • मतपत्र का ब्यौरा (आदेश के शब्दों में "विशिष्टियाँ") हिन्दी में, देवनागरी लिपि में होगा। 11
  • ऊपर के हिस्से में: सबसे ऊपर काली सीमा रेखा; बाईं ओर मतपत्र का क्रमांक; दाईं ओर पंचायत सर्किल का नाम, और उसके नीचे साधारण निर्वाचन के लिए "सा.नि./20......." या उप-निर्वाचन के लिए "उ.नि./20......"; फिर एक काली सीमा रेखा, जो ऊपर के हिस्से को बाक़ी मतपत्र से अलग करेगी। 10
  • उम्मीदवारों और नोटा के सब पैनल (खाने) छायादार पट्टी से अलग होंगे, और पहली छायादार पट्टी में "उप सरपंच चुनाव" लिखा होगा। 10
  • हर पैनल में बाईं ओर उम्मीदवार का नाम या नोटा (इनमें से कोई नहीं), और दाईं ओर उसका चुनाव चिह्न होगा। 10
  • मतपत्र के नीचे भी एक काली सीमा रेखा होगी। 11
  • नाम, चुनाव लड़ने वालों की सूची के हिसाब से हिन्दी वर्णमाला के क्रम में, एक के नीचे एक, पहले, दूसरे, तीसरे स्तम्भ में लिखे जाएँगे; आख़िरी उम्मीदवार के बाद नोटा (इनमें से कोई नहीं) होगा। 12
क्या नाप
मतपत्र की चौड़ाई 4 इंच; दो या ज़्यादा स्तम्भ हों, तो हर स्तम्भ 4 इंच
ऊपर का हिस्सा 2.5 से.मी.
हर छायादार पट्टी की ऊँचाई 1.25 से.मी.
हर पैनल की ऊँचाई 2.5 से.मी.
चुनाव चिह्न 3.5 x 2.0 से.मी. (चौड़ाई x ऊँचाई) से बड़ा नहीं
दो स्तम्भों के बीच छायादार खड़ी लाइन 1 से.मी. मोटी, पहले पैनल से उस स्तम्भ के आख़िरी पैनल तक

स्रोत: आदेश 42, दि. 01.01.2026, संकलन पृ. 156, 157, 158

कितने स्तम्भ। स्तम्भ इस बात से तय होंगे कि नोटा को मिलाकर कुल कितने उम्मीदवार हैं (आदेश नोटा को भी इसी गिनती में जोड़ता है):

नोटा समेत उम्मीदवार स्तम्भ
9 तक एक
9 से ज़्यादा, 18 तक दो
18 से ज़्यादा तीन, और आगे भी इसी तरह

स्रोत: आदेश 42, दि. 01.01.2026, संकलन पृ. 157

दो स्तम्भ हों और नोटा समेत उम्मीदवारों की गिनती विषम हो, तो दाहिने (आख़िरी) स्तम्भ का आख़िरी पैनल पूरा छायादार होगा। 11 तीन या ज़्यादा स्तम्भ हों, तो आख़िरी स्तम्भ को छोड़कर बाक़ी सब स्तम्भों में बराबर उम्मीदवार होंगे; आख़िरी स्तम्भ में नोटा के बाद एक से ज़्यादा पैनल खाली रह सकते हैं, और वे पूरे छायादार होंगे। 11 दो या ज़्यादा स्तम्भ हों, तो ऊपर के हिस्से की बातें, ऊपर बताए तरीके से ही लिखी जाएँगी। 12

आदेश में दिए उदाहरण:

नोटा समेत कुल पहला स्तम्भ दूसरा स्तम्भ तीसरा स्तम्भ पूरे छायादार खाली पैनल
12 6 उम्मीदवार 5 उम्मीदवार, फिर नोटा नहीं कोई नहीं
13 7 उम्मीदवार 5 उम्मीदवार, फिर नोटा नहीं आख़िरी 1
20 7 उम्मीदवार 7 उम्मीदवार 5 उम्मीदवार, फिर नोटा आख़िरी 1
22 8 उम्मीदवार 8 उम्मीदवार 5 उम्मीदवार, फिर नोटा आख़िरी 2
27 9 उम्मीदवार 9 उम्मीदवार 8 उम्मीदवार, फिर नोटा कोई नहीं

स्रोत: आदेश 42, दि. 01.01.2026, संकलन पृ. 157

नमूना मतपत्र। एक स्तम्भ और दो स्तम्भ वाले नमूना मतपत्र, आदेश के साथ लगे परिशिष्ट-1 और परिशिष्ट-2 में हैं। 12 परिशिष्ट-1 के नमूने में 8 उम्मीदवार और नोटा, एक ही स्तम्भ में हैं। 14 परिशिष्ट-2 के नमूने में दो स्तम्भ हैं: पहले में 7 उम्मीदवार, दूसरे में 5 उम्मीदवार और नोटा, और दूसरे स्तम्भ का आख़िरी पैनल छायादार। 15

मतदान

एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों, तो वोट गुप्त रूप से पड़ेंगे, और नियम 59 और 60 वाला तरीका, ज़रूरी बदलाव के साथ, लागू होगा (नियम 66(7))। 6

  1. रिटर्निंग अधिकारी वोट देने वाले पंचों और सरपंच को ऐरोक्रास मार्कसील देंगे। 1
  2. मतपत्र देने से पहले, मतदान अधिकारी मतदाताओं (पंच और सरपंच) की सूची में टिक (√) लगाएँगे। 1
  3. मतदाता मतपत्र मोड़कर, रिटर्निंग अधिकारी के सामने रखी मतपेटी में डालेगा। 1
  4. कोई मतदाता अपने वोट की गोपनीयता तोड़े, तो उससे मतपत्र लेकर निरस्त कर दिया जाएगा, और रिटर्निंग अधिकारी मतपत्र पर यह बात लिखकर हस्ताक्षर करेंगे। 1
  5. कोई मतदाता शरीर की अक्षमता या आँखों से न दिखने की वजह से ख़ुद वोट न दे सके, तो रिटर्निंग अधिकारी उसकी मदद करेंगे। 9

गिनती और परिणाम

मतदान ख़त्म होते ही वोटों की गिनती की जाएगी। 9

मतपत्र इन वजहों से खारिज किए जा सकते हैं: 9

  1. मतपत्र पर लगे किसी निशान या हस्ताक्षर से मतदाता की पहचान हो जाती हो। 9
  2. एक से ज़्यादा उम्मीदवारों को, या एक उम्मीदवार और नोटा, दोनों को वोट दिया गया हो। 9
  3. मतपत्र के सामने वाले हिस्से पर कोई निशान न हो, या निशान पीठ पर लगा हो, या निशान ऐसे लगा हो कि पता न चले वोट किसे दिया, या निशान रिटर्निंग अधिकारी की दी हुई एरोक्रास सील के बजाय किसी और चीज़ से लगाया गया हो। 9
  4. मतपत्र जाली हो। 9
  5. मतदाता मतपत्र को गुप्त न रख पाया हो। 9

परिणाम। जिसे सबसे ज़्यादा वोट मिलें, उसे उप-सरपंच चुना गया घोषित किया जाएगा। 9 परिणाम की घोषणा प्ररूप-7 (परिशिष्ट-10) में होगी। 9 नोटा को मिले वोटों की, परिणाम तय करने में कोई भूमिका नहीं होगी। 9 नियम 66(7) में, एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों, तो नियम 59 और 60 में लिखा तरीक़ा, ज़रूरी बदलावों के साथ, लागू होता है। 16 नियम 59 प्रधान के चुनाव का नियम है। 17 नियम 59(14)(g) में लिखा है: फ़ॉर्म VII-A में परिणाम घोषित होते ही, रिटर्निंग अधिकारी उसकी एक प्रति पंचायत समिति के नोटिस बोर्ड पर लगवाएँगे, और उसकी प्रति चुने गए उम्मीदवार को, राज्य निर्वाचन आयोग को (राजपत्र में चुने गए उम्मीदवार का नाम छपवाने के लिए), जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को और निदेशक, पंचायती राज विभाग को देंगे। 18 यानी वोट से चुने गए उप-सरपंच को भी परिणाम की प्रति दी जाएगी। 1816

बराबर वोट। एक से ज़्यादा उम्मीदवारों के वोट बराबर हों, तो लॉटरी निकाली जाएगी। 9 नियम 66(7) कहता है कि उप-सरपंच के चुनाव में एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों, तो वोट गुप्त मतदान से लिए जाएँगे, और नियम 59 और 60 में लिखा तरीक़ा, ज़रूरी बदलावों के साथ, लागू होगा। 16 नियम 59(14)(d) में लिखा है: गिनती पूरी होने पर कुछ उम्मीदवारों के वोट बराबर हों, और एक वोट और मिलने से उनमें से कोई चुना जा सकता हो, तो रिटर्निंग अधिकारी उन उम्मीदवारों के बीच तुरंत लॉटरी से फ़ैसला करेंगे, और जिसके नाम लॉटरी निकले, उसे एक वोट ज़्यादा मिला मानकर आगे बढ़ेंगे। 18 यानी उप-सरपंच चुनाव में भी सबसे ज़्यादा वोट वाले उम्मीदवारों के वोट बराबर हों, तो लॉटरी से फ़ैसला रिटर्निंग अधिकारी तुरंत करेंगे। 1816

जीतने के बाद शपथ। अधिनियम की धारा 24 कहती है: किसी पंचायतीराज संस्था का हर सदस्य, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष, अपना काम सँभालने से पहले, सक्षम प्राधिकारी के सामने तय प्ररूप में शपथ लेगा या प्रतिज्ञान करेगा, और उस पर हस्ताक्षर करेगा। 19 अधिनियम में "उपाध्यक्ष" (Deputy Chairperson) का मतलब, पंचायत के मामले में, उप-सरपंच है। 20 नियम 76 कहता है कि शपथ नतीजा घोषित होने के 3 महीने के भीतर ली जाएगी; इस अवधि में, नतीजा घोषित होने के बाद कभी भी, यह ली जा सकती है: रिटर्निंग अधिकारी के सामने, या संबंधित तहसीलदार या कलेक्टर के इस काम के लिए नियुक्त किसी अधिकारी के सामने, या पंचायत की किसी बैठक में। 21

कोई नामांकन न आए

मार्गदर्शिका का अध्याय-7 कहता है: एक भी उम्मीदवार का नामांकन न आए, तो "राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव प्रक्रिया नये सिरे से प्रारम्भ होगी"। 1

लिफ़ाफ़े और कार्यवाही

गिनती के बाद, खारिज और वैध मतपत्र रबर बैंड से अलग-अलग बाँधकर, एक ही लिफ़ाफ़े P-40 में रखकर सील कर दिए जाएँगे। 9 नामनिर्देशन पत्र, उम्मीदवारों की सूची, मतदाताओं की सूची, नोटिस जैसे बाक़ी काग़ज़ लिफ़ाफ़ा P-41 में रखे जाएँगे। 9 P-41 भी सील होगा। उप-सरपंच के एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों तो नियम 59 और 60 लागू होते हैं, 16 और नियम 60(1) में रिटर्निंग अधिकारी मतपत्रों और चुनाव के बाक़ी काग़ज़ों के पैकेट बनाकर उन्हें सील करते हैं। 18 लिफ़ाफ़ों की सूची में भी P-41 के आगे "सील करना है" लिखा है। 22 मार्गदर्शिका के उप-सरपंच वाले हिस्से में P-41 के आगे "इस लिफाफे को सील नहीं करना है।" छपा है। 9

लिफ़ाफ़ा इसमें क्या रहेगा सील?
P-40 उप-सरपंच चुनाव के वैध और खारिज मतपत्र, रबर बैंड से अलग-अलग बँधे हुए हाँ
P-41 उप-सरपंच चुनाव के बाक़ी काग़ज़: नामनिर्देशन पत्र, उम्मीदवारों की सूची, मतदाताओं की सूची, नोटिस वग़ैरह हाँ

स्रोत: मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 44; मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 40; पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 124

मार्गदर्शिका की लिफ़ाफ़ों वाली सूची में ये दोनों लिफ़ाफ़े "उपसरपंच चुनाव के लिफाफे" के नीचे हैं, इस शर्त के साथ कि उप-सरपंच चुनाव कराने के निर्देश दिए जाएँ, तो इन्हें काम में लेना है। 22

कार्यवाही का विवरण कौन बनाएगा? उप-सरपंच चुनाव के लिए नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी बैठक की कार्यवाही का विवरण तैयार करेगा। 116

उसके बाद। उप-सरपंच का चुनाव पूरा होने के बाद ही, मतदान दल के साथ उस जगह के लिए निकलना है, जो जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ने बताई है। 23 उस दिन जाना जिला मुख्यालय हो, तो चुनाव के काग़ज़ बताए गए तरीके से जमा करवाकर रसीद ली जाएगी। 23

रिटर्निंग अधिकारी की जाँच-सूची

अध्याय-7 इस चुनाव को कराने वाले अधिकारी को रिटर्निंग अधिकारी कहता है। 4 हर बात ऊपर अपने हिस्से में, स्रोत के साथ, लिखी है।

  • पंच और सरपंच का परिणाम घोषित होते ही, चुने गए पंचों और सरपंच की शपथ, प्ररूप-11 (परिशिष्ट-18) में। 3
  • आयोग की समय-सारणी: नोटिस सुबह 9:00 बजे से पहले, बैठक 10:00 बजे, नामनिर्देशन 11:00 बजे तक, संवीक्षा 11:30 तक, मतदान ज़रूरी हो तो 12:00 से 1:00 बजे। 5
  • परिशिष्ट-29 वाले नोटिस भरकर तैयार; हर निर्वाचित पंच और सरपंच तक, और हाथ में न दिए जा सकें तो घर पर चिपकाकर। 4
  • पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर नोटिस, मतदान से कम से कम दो घंटे पहले। 42
  • मॉडल फ़ॉर्म ख की प्रतियाँ, खड़े होने वालों के लिए। 4
  • बैठक शुरू होते ही यह बताना: ग़ैरहाज़िर उम्मीदवार की लिखी सहमति प्रस्ताव के साथ न लगी, तो प्रस्ताव खारिज। 4
  • हर प्रस्ताव पर मिलने का समय और हस्ताक्षर; बैठक शुरू होने के एक घंटे बाद कोई प्रस्ताव नहीं। 42
  • नाम पढ़ना, एतराज़ सुनना, फ़ैसला लिखना; खारिज करें, तो कारण थोड़े में लिखना। 16
  • चुनाव लड़ने वालों की सूची प्ररूप-5 में, हिन्दी वर्णमाला के क्रम में, और नाम पढ़कर सुनाना। 1
  • एक ही उम्मीदवार हो, तो चुना गया घोषित; ज़्यादा हों, तो गुप्त मतदान। 1
  • मतपत्र की पीठ पर हस्ताक्षर; मतदाताओं के लिए ऐरोक्रास मार्कसील; मतपेटी अपने सामने। 1
  • मतदान ख़त्म होते ही गिनती; परिणाम प्ररूप-7 (परिशिष्ट-10) में। 9
  • मतपत्र P-40 में, बाक़ी काग़ज़ P-41 में; दोनों सील करके। 92318
  • बैठक की कार्यवाही का विवरण (ऊपर वाला नोट देखिए)। 16
  • उप-सरपंच का चुनाव पूरा होने के बाद ही, जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की बताई जगह के लिए रवाना। 23

दोहराइए: उप-सरपंच का चुनाव

अगले दिन, बैठक का नोटिस उप-सरपंच का चुनाव वार्ड पंच और सरपंच के चुनाव की तारीख के अगले दिन; रिटर्निंग अधिकारी चाहें, तो कारण लिखकर बाद की तारीख भी रख सकते हैं। नोटिस हर निर्वाचित पंच और सरपंच को; हाथ में न दिया जा सके, तो घर पर चिपकाकर। पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर, मतदान से कम से कम दो घंटे पहले। 2 4 42 इस चुनाव में नोटिस सुबह 9:00 बजे से पहले, बैठक 10:00 बजे। 5 देखिए
नामांकन: सिर्फ़ एक घंटा बैठक में मौजूद सरपंच या कोई भी निर्वाचित पंच, किसी पंच का नाम लिखकर प्रस्तावित करे। सब प्रस्ताव, नोटिस में लिखे बैठक शुरू होने के समय से एक घंटे के अंदर; उसके बाद कोई प्रस्ताव नहीं। हर प्रस्ताव पर मिलने का समय लिखकर हस्ताक्षर। 42 2 4 इस चुनाव में सुबह 11:00 बजे तक। 5 देखिए

उम्मीदवार बैठक में मौजूद है? 46 देखिए

हाँ रिटर्निंग अधिकारी उसकी ज़बानी सहमति लेकर ख़ुद प्रस्ताव पर लिख देंगे; लिखी हुई सहमति ज़रूरी नहीं। 46
नहीं प्रस्ताव पर उसके हस्ताक्षर भी न हों, तो उसकी लिखी हुई सहमति प्रस्ताव के साथ ही चाहिए; न लगी हो, तो प्रस्ताव खारिज। 42 4
जाँच प्रस्ताव का समय ख़त्म होने पर रिटर्निंग अधिकारी सब उम्मीदवारों के नाम बैठक में पढ़ेंगे, एतराज़ सुनेंगे, और फ़ैसला लिखेंगे; खारिज करें, तो कारण थोड़े में। फिर चुनाव लड़ने वालों की सूची प्ररूप-5 में, हिन्दी वर्णमाला के क्रम में, पढ़कर सुनाई जाएगी। 16 देखिए
कोई नामांकन न आए तो राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करेगा। 1 देखिए

सिर्फ़ एक ही उम्मीदवार है? 16 देखिए

हाँ उसे उप-सरपंच चुना गया घोषित कर दिया जाएगा। 16
नहीं एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों, तो गुप्त मतदान से वोट पड़ेंगे। 16
मतदान रिटर्निंग अधिकारी मतपत्र की पीठ पर हस्ताक्षर करके उसे प्रमाणित करेंगे, और वोट देने वाले पंचों और सरपंच को ऐरोक्रास मार्कसील देंगे; मतदान अधिकारी सूची में टिक (√) लगाएँगे; मतदाता मतपत्र मोड़कर रिटर्निंग अधिकारी के सामने रखी मतपेटी में डालेगा। डाक से या प्रॉक्सी से वोट देने का कोई प्रावधान नहीं। 1 देखिए
गिनती और परिणाम मतदान ख़त्म होते ही गिनती। जिसे सबसे ज़्यादा वोट मिलें, वह उप-सरपंच चुना गया घोषित, प्ररूप-7 (परिशिष्ट-10) में; नोटा के वोटों की परिणाम तय करने में कोई भूमिका नहीं। 9 सबसे ज़्यादा वोट वाले उम्मीदवारों के वोट बराबर हों, तो लॉटरी से फ़ैसला रिटर्निंग अधिकारी तुरंत करेंगे। 9 1816 देखिए
लिफ़ाफ़े वैध और खारिज मतपत्र रबर बैंड से अलग-अलग बाँधकर लिफ़ाफ़ा P-40 में, सील करके; नामनिर्देशन पत्र, उम्मीदवारों और मतदाताओं की सूची, नोटिस जैसे बाक़ी काग़ज़ P-41 में, वह भी सील करके। 92318 देखिए
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स्रोत

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  1. 1.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 43कखगघङचछजझञटठडढणतथदधनपफबभमयरलवशसह3334353637
  2. 2.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 74कखगघङचछजझञटठडढणतथदध
  3. 3.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 39कखगघ
  4. 4.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 42कखगघङचछजझञटठडढणतथदधनपफबभमयरलवशसह333435
  5. 5.आयोग का पत्र स्पे. 1, दि. 20.10.2026, पृ. 1कखगघङचछजझञटठ
  6. 6.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 75कखगघङचछजझञटठडढणतथ
  7. 7.आदेश 10567, दि. 15.10.2026, पृ. 1 पाठ में
  8. 8.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 132कखगघङचछ
  9. 9.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 44कखगघङचछजझञटठडढणतथदधनपफ
  10. 10.आदेश 42, दि. 01.01.2026, संकलन पृ. 156कखगघ
  11. 11.आदेश 42, दि. 01.01.2026, संकलन पृ. 157कखगघङच
  12. 12.आदेश 42, दि. 01.01.2026, संकलन पृ. 158कखग
  13. 13.आदेश 42, दि. 01.01.2026, संकलन पृ. 156, 157, 158 पाठ में
  14. 14.आदेश 42, दि. 01.01.2026, संकलन पृ. 159 पाठ में
  15. 15.आदेश 42, दि. 01.01.2026, संकलन पृ. 160 पाठ में
  16. 16.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 126कखगघङचछ
  17. 17.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 121 पाठ में
  18. 18.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 124कखगघङचछजझ
  19. 19.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 58 पाठ में
  20. 20.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 52 पाठ में
  21. 21.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 129 पाठ में
  22. 22.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 112कख
  23. 23.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 40कखगघङच