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मशीन वाली गिनती: ज़िला परिषद और पंचायत समिति

साइट पर काम चल रहा है · अपडेट 03.11.2026अगर कोई त्रुटि दिखे तो डेवलपर भरत चौधरी (व्याख्याता, रा.उ.मा.वि., जेठन्तरी — ब्लॉक: समदड़ी, जिला: बालोतरा) को बताइए:
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इस पेज पर

ज़िला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के वोट मशीन से पड़ते हैं, और इनकी गिनती ज़िला मुख्यालय पर ही होगी। 1 यह पेज गिनती करवाने वाले रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, गणना पर्यवेक्षक और गणना सहायक के लिए है: हॉल तैयार करने से लेकर रिज़ल्ट, प्रमाण-पत्र, और मशीनें व कागज़ सील करने तक।

हर बात के आगे आयोग के आदेश या मार्गदर्शिका का पन्ना लिखा है। यह पेज ज़्यादातर आयोग के पत्र 1299 (दिनांक 03.02.2026) पर टिका है, जो ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मशीन वाली गिनती के लिए जारी हुआ। 2 पंच और सरपंच की गिनती के लिए मतपेटी वाला दिन पेज देखिए। जहाँ स्रोतों में किसी बात पर अलग-अलग बात छपी है, वहाँ यहाँ एक ही नियम लिखा है; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह प्रशिक्षकों के लिए अलग पेज स्रोतों में फ़र्क पर है।

कौन से नियम लागू हैं

गिनती के नियम राजस्थान पंचायतीराज (निर्वाचन) नियम, 1994 में हैं। नियम 49 में पंच पद की गिनती की बात है, और मशीन से गिनती के लिए अध्याय IV-क के नियम 49-डी में। नियम 58(5) के तहत यही प्रावधान ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव पर, ज़रूरी बदलाव के साथ, लागू किए गए हैं। 2

आदेश में मशीनों की ढुलाई, सुरक्षित रखने और गिनती के लिए ये नियम गिनाए गए हैं: 49-क, 51, 54, 55-क, 47-घ, 49-ग, 49-घ, 50-क, 52-क और 53-क। निर्वाचन अभिकर्ता और गणन अभिकर्ता की नियुक्ति के प्रावधान अध्याय-10 में हैं। 3

कब और कहाँ

गिनती की तारीख़ और समय रिटर्निंग अधिकारी नियम 49-घ के तहत तय करेंगे, आयोग के घोषित मतगणना कार्यक्रम को ध्यान में रखकर। 3

गिनती ज़िला मुख्यालय पर ही होगी। जगह रिटर्निंग अधिकारी तय करेंगे, ज़िला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर। 3

हो सके तो गिनती एक ही भवन में हो। जिन ज़िलों में निर्वाचन क्षेत्र और बूथ ज़्यादा हैं, वहाँ ज़िला निर्वाचन अधिकारी दो भवन भी चुन सकते हैं, पर कोशिश रहे कि दोनों पास-पास हों। 3

मशीन कौन सी है, इससे कमरा और स्टीकर तय होते हैं:

मशीन कंट्रोल यूनिट गिनती का कमरा स्टीकर
BEL की ईवीएम (M3A, MK-5 Model) दोनों पदों की कंट्रोल और बैलेट यूनिट अलग-अलग दोनों पदों की गिनती अलग-अलग कक्ष या हॉल में ज़िला परिषद वाली कंट्रोल यूनिट और उसके कैरिंग बक्से पर पीला स्टीकर; पंचायत समिति वाली यूनिट पर नीले रंग का स्टीकर
ECIL की MPSV और MPMV ईवीएम, दोनों पदों का चुनाव साथ दोनों पदों के लिए एक ही कंट्रोल यूनिट दोनों पदों की गिनती एक ही कक्ष या हॉल में स्टीकर की ज़रूरत नहीं; पर यूनिट सिर्फ़ एक पद के लिए लगी हो, तो सिंगल पोस्ट सिंगल वोट ईवीएम की तरह यथा स्थिति स्टीकर लगेंगे

स्रोत: पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 288, 289

हॉल बड़ा हो, तो उसे अस्थायी पार्टीशन से एक से ज़्यादा कक्षों में बाँटकर एक से ज़्यादा निर्वाचन क्षेत्रों की गिनती की जा सकती है। हो सके तो हर कक्ष का प्रभारी अलग सहायक रिटर्निंग अधिकारी हो। 3

सूचना। गिनती की तारीख़, समय और जगह की सूचना हर उम्मीदवार या उसके निर्वाचन अभिकर्ता को लिखकर दीजिए, मतदान की तारीख़ से कम से कम एक सप्ताह पहले। किसी मजबूरी में तारीख़, समय या जगह बदले, तो बदलाव की सूचना भी फिर से लिखकर दीजिए। 3

हॉल। हॉल इतना बड़ा हो कि आपके कर्मचारियों, उम्मीदवारों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं के लिए पूरी जगह रहे, और रोशनी ठीक हो। गिनती अस्थायी ढाँचे में नहीं होनी चाहिए। भवन के परिसर में सुरक्षा दोहरी और पूरी हो, और भीड़-भाड़ न हो। 3

टेबल और स्टाफ़

हर गिनती वाली जगह पर कितनी टेबल लगेंगी, यह पहले से तय कर लीजिए। इसी से तय होगा कि कितने गणना पर्यवेक्षक और गणना सहायक लगेंगे, और हर उम्मीदवार कितने गणन अभिकर्ता रख सकता है। 4

एक कमरे में कई टेबल हों, तो उन पर क्रम से नंबर डालिए। टेबलों के बीच पर्यवेक्षकों, सहायकों और उम्मीदवारों या एजेंटों के बैठने की जगह छोड़िए। 4

एक कमरे में एक साथ कई निर्वाचन क्षेत्रों की गिनती हो सकती है; वरना एक क्षेत्र की गिनती पूरी होने पर ही उन टेबलों पर अगला क्षेत्र लिया जाए। साथ-साथ करें, तो जगह पूरी हो और गोपनीयता बनी रहे। जिस क्षेत्र की गिनती चल रही है, कमरे में बस उसी के उम्मीदवार और एजेंट रहें; बाकी उसी भवन के एक तय कमरे में इंतज़ार करें। 5

टेबल पर क्या रखें। हर गिनती टेबल पर: नीली स्याही का बॉल-पॉइंट पेन; सीलें तोड़कर खोलने के लिए चाकू या ब्लेड; प्रारूप 14 के भाग 1 में दर्ज वोटों का लेखा; और कागज़ की दो शीट। प्रारूप 14 के भाग 2 में गणना पर्यवेक्षक गिनती का परिणाम लिखेंगे। 6

स्टाफ़। गणना पर्यवेक्षक और गणना सहायक रिटर्निंग अधिकारी लगाएँगे, ज़िला निर्वाचन अधिकारी से अनुमोदन लेकर। हर टेबल पर एक गणना पर्यवेक्षक और एक गणना सहायक होगा। 4

गणना पर्यवेक्षक राजपत्रित या उसके बराबर के अधिकारी हों; ये राज्य सरकार के विभागों के, या राज्य सरकार के अधीन निगमों, मंडलों, संस्थानों के भी हो सकते हैं। गणना सहायक राजपत्रित न भी हों, पर हो सके तो सुपरवाइज़री पद पर काम करने वाले कर्मचारियों के स्तर के हों। 4

किसी राजनैतिक दल या उम्मीदवार से जुड़े व्यक्ति को पर्यवेक्षक या सहायक न बनाइए। सब निष्पक्ष और कर्तव्यनिष्ठ हों। रिज़र्व स्टाफ़ समेत सबको ठीक से प्रशिक्षण देना भी ज़रूरी है। 4

ईवीएम, एसडीएमएम या डीएमएम (अगर MPSV या MPMV मशीनें लगी हैं) और चुनाव के बाकी कागज़ात सील करने के लिए भी सहायक लगेंगे। इन्हें भी रिटर्निंग अधिकारी ज़िला निर्वाचन अधिकारी के अनुमोदन से लगाएँगे। 4

MPSV या MPMV से दोनों पदों की गिनती साथ-साथ हो, तो एक अतिरिक्त गणना सहायक लगेगा। 7

गणन अभिकर्ता

  1. नियम 70 के तहत उम्मीदवार या उसका निर्वाचन अभिकर्ता, गिनती के समय अपनी तरफ़ से मौजूद रहने के लिए, प्ररूप-10 में गणन अभिकर्ता नियुक्त कर सकता है। 4
  2. गणन अभिकर्ता गिनती की टेबलों से ज़्यादा नहीं होंगे, और इन टेबलों में रिटर्निंग अधिकारी की टेबल भी गिनी जाती है। इसके ऊपर एक रिलीफ़ (Relief) एजेंट भी रखा जा सकता है। 4
  3. प्ररूप-10 के एक ही पत्र पर एक से ज़्यादा अभिकर्ता नियुक्त हो सकते हैं। जिसे अभिकर्ता बनाया जा रहा है, उसके हस्ताक्षर सहमति के तौर पर होने चाहिए; ये न हों, तो नियुक्ति मान्य नहीं होगी। 4
  4. नियुक्ति पत्र और बैज पर गणन अभिकर्ता की ऐसी फ़ोटो होनी चाहिए जिस पर उसने ख़ुद हस्ताक्षर किए हों, और जिसे उम्मीदवार या उसके निर्वाचन अभिकर्ता ने प्रमाणित किया हो। नियुक्ति पत्र दो फ़ोटो के साथ, गिनती के दिन से कम से कम दो दिन पहले, रिटर्निंग अधिकारी को देने हैं; दोनों फ़ोटो उम्मीदवार या उसके निर्वाचन अभिकर्ता से प्रमाणित हों। 6
  5. नियुक्ति पत्र की दो प्रतियों में से एक, फ़ोटो लगाकर, रिटर्निंग अधिकारी उसी समय लौटा देंगे। दूसरी फ़ोटो से वे फ़ोटो वाला बैज जारी करेंगे। बैज पर टेबल क्रमांक, उम्मीदवार का नाम, चुनाव का विवरण और निर्वाचन क्षेत्र संख्या लिखी हो। 6
  6. गिनती शुरू होने से कम से कम आधा घंटा पहले गणन अभिकर्ता प्ररूप-10 की घोषणा पढ़कर रिटर्निंग अधिकारी को, या नियम 58 के तहत उनके अधिकृत अधिकारी को, देगा, और उनके सामने उस पर हस्ताक्षर करेगा। 6
  7. अभिकर्ताओं, उम्मीदवारों और निर्वाचन अभिकर्ताओं को साफ़ बता दीजिए: गिनती के बीच कमरे से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा, और जो बाहर गया, उसे दोबारा अंदर नहीं आने दिया जाएगा। 6
  8. सारे बैज एक अलग रजिस्टर में चढ़ेंगे। बैज पर क्रम संख्या होगी और रिटर्निंग अधिकारी की सील लगेगी। गिनती के दिन बिना बैज और बिना नियुक्ति पत्र के किसी गणन अभिकर्ता को भवन में नहीं आने दिया जाएगा। उम्मीदवार और उसके निर्वाचन अभिकर्ता को भी फ़ोटो वाले बैज मिलेंगे। 6
  9. यह व्यवस्था रिटर्निंग अधिकारी समय रहते राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को बताएँगे, नियम-49 घ वाली सूचना के साथ ही। ज़िला स्तर पर दलों को ज़िला निर्वाचन अधिकारी भी बताएँगे। 6
  10. गणन अभिकर्ता सिर्फ़ उसी टेबल पर बैठेगा जो उसे दी गई है। सिर्फ़ उम्मीदवार और उसका निर्वाचन अभिकर्ता किसी भी टेबल पर जा सकते हैं। 6
गणन अभिकर्ताओं की संख्या नियम और आदेश, दोनों में टेबलों से तय होती है। नियम 70(2) में लिखा है कि उम्मीदवार उतने गणन अभिकर्ता नियुक्त कर सकता है, जितनी टेबलें रिटर्निंग अधिकारी ने मतों की गिनती के लिए उपलब्ध कराई हैं, और एक रिटर्निंग अधिकारी की टेबल के लिए, और एक अवमुक्ति (Reliever) अभिकर्ता। 89 आदेश के पैरा 4 में लिखा है कि हर उम्मीदवार कितने गणन अभिकर्ता नियुक्त कर सकता है, यह इसी पर टिका है कि गिनती की हर जगह पर कितनी टेबलें लगें। पैरा 6 में लिखा है कि गणन अभिकर्ता टेबलों की संख्या से ज़्यादा नहीं होंगे, इन टेबलों में रिटर्निंग अधिकारी की टेबल भी शामिल है, और एक रिलीफ़ एजेंट भी रखा जा सकता है। 4 पैरा 10 में अंदर आने वालों की सूची में "प्रति गणन मेज पर एक गणन अभिकर्ता" लिखा है। 10

कौन अंदर आ सकता है

नियम 58 के साथ पढ़े जाने वाले नियम 68, 70 और नियम 49 घ के उप नियम-(4) के हिसाब से, रिटर्निंग अधिकारी सिर्फ़ इन 4 तरह के लोगों को गिनती की जगह में आने देंगे: 10

  • (क) मतदान अधिकारी और सहायक मतदान अधिकारी, जो पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य की इस गिनती में गणना पर्यवेक्षक और गणना सहायक हैं। 10
  • (ख) राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकृत व्यक्ति। 10
  • (ग) चुनाव की ड्यूटी पर लगे लोक-सेवक। 10
  • (घ) उम्मीदवार, उनके निर्वाचन अभिकर्ता, और हर गणन मेज पर एक गणन अभिकर्ता। 10

पुलिस। गिनती केंद्र पर ड्यूटी वाले पुलिस कर्मचारी और अधिकारी को रिटर्निंग अधिकारी कानून-व्यवस्था या ऐसे ही किसी काम से कमरे में बुला सकते हैं। आम हालत में पुलिस को गिनती के कमरे में नहीं आने देना चाहिए, क्योंकि कोई उम्मीदवार या दल शिकायत कर सकता है कि कमरे में बेवजह पुलिस का दिखावा किया गया। 10

कौन अभिकर्ता नहीं बन सकता। मंत्री, सांसद, विधायक, प्रधान या ज़िला प्रमुख, और सुरक्षा कवर पाने वाला कोई भी व्यक्ति किसी उम्मीदवार का निर्वाचन अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता या गणन अभिकर्ता नहीं बन सकता; आदेश की इस सूची में कुछ और पद भी गिनाए गए हैं। इनमें से कोई ख़ुद उम्मीदवार न हो, तो उसे गिनती केंद्र में नहीं आने दिया जा सकता। 10

नियम 49, 49-घ और 68 में बताए लोगों के अलावा किसी को गिनती केंद्र में न आने दिया जाए। मंत्रियों, सांसदों, विधायकों वगैरह के गिनती केंद्र में आने पर रोक के बारे में आयोग का एक अलग आदेश भी है; उसका पालन हो। 11

गिनती के कमरे के अंदर और आसपास भीड़ से बचने के लिए, कमरे में सिर्फ़ उन्हीं उम्मीदवारों और अभिकर्ताओं को रहने दें जिनके क्षेत्र की गिनती चल रही है। कमरे में लोगों का आना-जाना ठीक से चले, ताकि भीड़ और गड़बड़ न हो। 12

अनुशासन और गोपनीयता

गिनती के कमरे में धूम्रपान बिल्कुल मना है। 6

जो व्यक्ति गिनती के दौरान रिटर्निंग अधिकारी के क़ानूनी निर्देश नहीं मानता या ग़लत बर्ताव करता है, उसे कमरे से बाहर निकाल दिया जाएगा; इसके लिए बाहर मौजूद पुलिस अधिकारी की मदद ली जा सकती है। रिटर्निंग अधिकारी देखेंगे कि पूरी गिनती में व्यवस्था और अनुशासन बना रहे। 13

गिनती के दौरान हर अधिकारी, लिपिक, उम्मीदवार, निर्वाचन अभिकर्ता, गणन अभिकर्ता, और गिनती या उसके रिकॉर्ड से जुड़ा हर व्यक्ति वोटों की गोपनीयता बनाए रखेगा। लोक-प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 128 इन चुनावों में भी लागू है; गिनती शुरू करने से पहले कमरे में मौजूद सबको इसके प्रावधान समझा दीजिए। 10

गिनती के कमरों के अंदर बैरिकेडिंग ऐसी हो कि उम्मीदवार या उनके गणन अभिकर्ता या निर्वाचन अभिकर्ता किसी मतपत्र को छू न पाएँ, पर गिनती आसानी से देख सकें। आदेश में यहाँ "मतपत्र" शब्द ही छपा है। 11

आदेश के पैरा 32 में यह भी लिखा है कि "मतदान केन्द्र" के बाहर बैरिकेडिंग और सुरक्षा के उपाय हों, और वहाँ बिजली, पानी, टॉयलेट वगैरह की पूरी व्यवस्था हो। 11

मीडिया की व्यवस्था भी ठीक से की जाए। मीडिया कर्मियों के आने के बारे में, और गिनती केंद्र पर मोबाइल फ़ोन के इस्तेमाल के बारे में, आयोग के अलग निर्देश हैं; उनका पालन हो। 11

डाक मतपत्र

  1. डाक मतपत्र सबसे पहले गिने जाएँगे, उसी कमरे में जहाँ उस निर्वाचन क्षेत्र की गिनती होनी है। ध्यान रहे: उस क्षेत्र की मशीनों की गिनती पूरी होने से पहले डाक मतपत्रों की गिनती पूरी हो जाए। 10
  2. गिनती शुरू होने के तय समय के बाद आया डाक मतपत्र का कोई लिफ़ाफ़ा खोला नहीं जाएगा। उसे बिना खोले अस्वीकार कीजिए, अलग लिफ़ाफ़े में रखकर सील कीजिए, और उस पर विवरण लिख दीजिए। ऐसे देर से आए मतपत्र प्ररूप-7 वाले परिणाम पत्र में दर्ज नहीं होंगे। 10
  3. चुनाव ड्यूटी वाले स्टाफ़ को डाक मतपत्र नियम 35 के तहत मिलता है। इन्हें गिनने और अस्वीकार करने की रीति आयोग के आदेश क्रमांक 1134 दिनांक 29.01.2026 (सां. आ. 153/2026) में है। 10
  4. फिर वैध वोट गिने जाएँगे: हर उम्मीदवार और नोटा को डाक मतपत्रों से कितने वोट मिले, यह गिनकर उम्मीदवारों को सुनाया जाएगा। मशीन में दर्ज उम्मीदवारवार वोटों में डाक मतपत्रों के वैध वोट जोड़कर, नतीजा प्रारूप 7 वाले परिणाम पत्र में सही जगह भरा जाएगा। 14
  5. इसके बाद हर पद के लिए वैध और अस्वीकार हुए डाक मतपत्रों के अलग-अलग बंडल एक पैकेट में रखे जाएँगे। पैकेट पर रिटर्निंग अधिकारी या सहायक रिटर्निंग अधिकारी की मुहर लगेगी, और जो उम्मीदवार या अभिकर्ता चाहें, उनकी भी। पहचान के लिए उस पर ज़िला परिषद या पंचायत समिति का नाम, निर्वाचन क्षेत्र संख्या, गिनती की तारीख़ और अंदर रखी चीज़ों का छोटा ब्यौरा लिखा जाएगा। 14

कंट्रोल यूनिट और उसकी सील

  1. नियम 49-ग के हिसाब से गिनती से पहले कंट्रोल यूनिटों की संवीक्षा और निरीक्षण होगा, और उम्मीदवार या अभिकर्ता इनकी सीलें देख सकेंगे। 14
  2. कंट्रोल यूनिटें टेबलों पर बूथों के क्रम से बँटेंगी: बूथ संख्या एक वाली यूनिट टेबल संख्या 1 पर, बूथ संख्या 2 वाली टेबल संख्या 2 पर, और इसी तरह आगे। 14
  3. किसी पंचायत समिति निर्वाचन क्षेत्र में बूथ कम हों, तो रिटर्निंग अधिकारी ठीक समझें तो एक ही टेबल पर उस क्षेत्र के बूथों की मशीनें एक-एक करके गिनी जा सकती हैं। यह बँटवारा रिटर्निंग अधिकारी या सहायक रिटर्निंग अधिकारी अपने पास लिखकर रखें, और इसका चार्ट गिनती के कमरों के बोर्ड पर भी लगाएँ। 14
  4. बूथ का रिज़ल्ट जानने के लिए सिर्फ़ कंट्रोल यूनिट चाहिए, बैलेट यूनिट नहीं। फिर भी बैलेट यूनिटें संग्रहण केंद्र पर क्षेत्रवार और बूथवार, कंट्रोल यूनिटों के साथ रखी जाएँ। बैलेट यूनिट गिनती हॉल में तभी लाई जाए जब किसी उम्मीदवार या अभिकर्ता की माँग पर, या किसी ख़ास मामले में, उसकी जाँच ज़रूरी हो। पर ध्यान रहे: भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) की MK-V मॉडल वाली ईवीएम में रिज़ल्ट जानने के लिए कंट्रोल यूनिट के साथ बैलेट यूनिट जोड़ना ज़रूरी है। 14
  5. हर कंट्रोल यूनिट के साथ उस बूथ का प्रारूप 14 में दर्ज वोटों का लेखा, और मतदान अधिकारी की घोषणा भी टेबल पर दी जाए। 14
  6. कंट्रोल यूनिटें बूथों से कैरिंग बक्सों में, सील होकर आएँगी। बक्सों पर 3 X 6 से.मी. के पीले या नीले स्टीकर होंगे, ताकि पता रहे कि मशीन ज़िला परिषद की है या पंचायत समिति की। 14
  7. बक्सा टेबल पर आते ही उस पर मतदान अधिकारी की लगाई सील जाँचिए। बक्से की सील ठीक न भी मिले, तो भी यूनिट में गड़बड़ की आशंका नहीं, बशर्ते यूनिट पर लगी सील, ख़ासकर स्ट्रिप सील और पिंक सील, अविकल (Intact) हों। 14
  8. बक्सों की सीलें हटाइए, कंट्रोल यूनिट निकालिए और गिनती टेबल पर रखिए, ताकि उम्मीदवार या अभिकर्ता उसकी स्ट्रिप सील, स्पेशल टैग और पिंक पेपर सीलें देख-जाँच सकें। 15
  9. हर कंट्रोल यूनिट की क्रम संख्या जाँचिए: यह वही यूनिट हो जो आपने उस बूथ के मतदान अधिकारी को दी थी, और कैंडिडेट सैट सैक्शन की सील वही हो जो मशीन देने से पहले आपने लगाई थी। मतदान अधिकारी ने भी बूथ पर स्ट्रिप सील और स्पेशल टैग पर सील लगाई है। इनमें से कोई सील ख़राब हो, तो भी गड़बड़ की आशंका नहीं, बशर्ते परिणाम अनुभाग के भीतरी कवर पर लगी पिंक पेपर सील अविकल (Intact) हो। 15
  10. गिनती से पहले टेबल के पास मौजूद उम्मीदवारों, निर्वाचन अभिकर्ताओं या गणन अभिकर्ताओं को बक्सों और यूनिट पर लगी पेपर सीलें और बाकी ज़रूरी सीलें देखने दीजिए, ताकि वे तसल्ली कर लें कि सीलें अविकल (intact) हैं। आप ख़ुद भी तसल्ली कीजिए कि मशीन के साथ कोई गड़बड़ नहीं हुई। 15
  11. परिणाम अनुभाग का बाहरी कवर खोलने पर मतदान अधिकारी की सील वाला भीतरी कवर दिखेगा; इस सील को भी जाँचिए। मुहर ख़राब हो, तो भी गड़बड़ की आशंका नहीं, बशर्ते पिंक पेपर सील अविकल हो और उससे छेड़छाड़ न हुई हो। 15
  12. भीतरी कवर में दो पेपर सील होंगी। इनकी क्रम संख्या को उस संख्या से मिलाइए जो मतदान अधिकारी ने प्रारूप 14 के भाग I में मद सं. 9 पर पेपर सील लेखे में दी है। टेबल के पास मौजूद उम्मीदवारों या अभिकर्ताओं को भी यह मिलान करने दीजिए। 15
  13. नंबर न मिलें, तो हो सकता है लेखे में भूल हो, या पहली नज़र में यह मशीन से छेड़छाड़ का शक हो। इसका फ़ैसला मतदान अधिकारी के लौटाए बिना इस्तेमाल हुए पेपर सीलों के नंबर, बूथ पर उम्मीदवारों या अभिकर्ताओं की शिकायतें, और बाकी हालात जाँचकर कीजिए। लिपिकीय भूल निकले, तो उस अंतर को नज़रअंदाज़ कर दीजिए। 15

गड़बड़ मिले तो। तसल्ली हो जाए कि मशीन में सच में गड़बड़ हुई है, या यह वह मशीन नहीं जो उस बूथ को दी गई थी, तो मशीन अलग रख दीजिए और उसके वोट न गिनिए। ऐसे मामले की रिपोर्ट आयोग को कीजिए। पूरी गिनती रोकना ज़रूरी नहीं है। 15

आगे क्या करना है, यह आदेश के पैरा 15, 17 और 23 में है। पैरा 15 कहता है कि ऐसी मशीन के वोट न गिनें, और पैरा 22 में लिखी प्रक्रिया अपनाएँ, "जो भी उस मतदान केन्द्र के संबंध में लागू होती हो"; पैरा 22 तब के लिए है, जब गिनती पूरी होने से पहले रोकनी पड़े। 16 पैरा 17 कहता है कि मशीन अलग रखें, उसके वोट न गिनें, रिपोर्ट आयोग को करें, और पूरी गिनती रोकना ज़रूरी नहीं। 15 नियम 49ग(4) में लिखा है कि रिटर्निंग अधिकारी की तसल्ली हो जाए कि मशीन के साथ सच में गड़बड़ी हुई है, तो उस मशीन के वोट नहीं गिने जाएँगे, और उस बूथ के लिए नियम 49 ख में लिखी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। 17 आदेश के पैरा 23 में एक स्थिति यह है: गिनती पूरी होने से पहले रिपोर्ट हो कि किसी बूथ की मशीन को इतना नुकसान पहुँचाया गया है, या उसमें ऐसी गड़बड़ कर दी गई है, कि उस बूथ का परिणाम तय नहीं किया जा सकता; तब ऐसे सब तथ्यों की रिपोर्ट आयोग को तुरंत की जाए, और उस बूथ के वोटों की गिनती पर आयोग के निर्देशों की प्रतीक्षा की जाए। 18 पैरा 23 के मुताबिक़ नियम 48-ख और 49-क में आयोग गिनती रोकने का, और ज़रूरत हो तो नया मतदान कराने का, आदेश दे सकता है। 19 यानी पैरा 15 और 17 में टकराव नहीं: उस मशीन के वोट न गिनिए; पूरी गिनती रोकना ज़रूरी नहीं, और गिनती रोकनी पड़े, तभी पैरा 22 वाली प्रक्रिया। 16

रिज़ल्ट निकालना

बूथ का रिज़ल्ट कंट्रोल यूनिट से निकलता है। आदेश में हर तरह की मशीन के लिए अपने कदम लिखे हैं।

आदेश के पैरा 18 वाले कदम

आदेश के पैरा 18 में गिनती के लिए ये कदम लिखे हैं: 20

  1. पीछे के कम्पार्टमेंट में लगे पावर स्विच को दबाकर ऑन कीजिए, और कंट्रोल यूनिट ऑन कीजिए। ऑन करते ही प्रदर्शन अनुभाग में हरी बत्ती चमकने लगेगी। 20
  2. परिणाम-अनुभाग के भीतरी कवर के ऊपरी छेद के नीचे लगे परिणाम बटन के ऊपर की पेपर-सील निकालिए। 20
  3. परिणाम बटन दबाइए। 20
  4. बूथ पर हर उम्मीदवार को मिले वोटों की कुल संख्या कंट्रोल यूनिट के पैनल पर अपने आप, एक-एक करके, दिखेगी। 20
  5. यह रिज़ल्ट प्रारूप 14 "मतगणना का परिणाम" के भाग II में उम्मीदवारवार, नोटा सहित, लिख लीजिए। 20
  6. ज़रूरत हो, तो उम्मीदवारों या अभिकर्ताओं को रिज़ल्ट लिखने देने के लिए परिणाम बटन फिर से दबाइए। 20
  7. रिज़ल्ट लिख लेने के बाद परिणाम-अनुभाग का कवर बंद कीजिए, और कंट्रोल यूनिट को "स्विच ऑफ" कर दीजिए। 20

बैलेट यूनिट जोड़नी पड़ेगी। अपग्रेडेड पोस्ट 2006 MK-V, M3A वाली EVM में रिज़ल्ट निकालने के लिए उससे जुड़ी बैलेट यूनिट को कंट्रोल यूनिट से जोड़ना होगा; बाकी तरीक़ा वैसा ही रहेगा। आदेश के पैरा 12 में भी लिखा है कि BEL की MK-V मॉडल वाली ईवीएम में रिज़ल्ट के लिए कंट्रोल यूनिट के साथ बैलेट यूनिट कनेक्ट करना ज़रूरी है। 21

नियम 49घ(5) में लिखा है: मशीन के साथ गड़बड़ी न होने की तसल्ली के बाद, रिटर्निंग अधिकारी कंट्रोल यूनिट पर "Result" के रूप में चिह्नित बटन दबाकर गिनती करेंगे, और डिस्प्ले पैनल पर डाले गए कुल वोट और हर उम्मीदवार के वोट दिखेंगे। 22

पैरा 18 के कदमों के साथ आदेश मशीन का नाम नहीं लिखता। इसके आख़िर में BEL की MK-V और M3A की बात है, और ECIL की MPSV और MPMV के लिए अगला पैरा 19 अलग से है। 20

MPSV और MPMV (ECIL)

ECIL की MPSV और MPMV ईवीएम से दोनों पदों का चुनाव साथ हुआ हो, तो रिज़ल्ट के लिए सिर्फ़ कंट्रोल यूनिट चाहिए। दोनों पदों का रिज़ल्ट इसी एक कंट्रोल यूनिट में दिखता है, इसलिए ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की गिनती एक ही कमरे में होगी। 20

MPSV से रिज़ल्ट निकालने का पूरा तरीक़ा आयोग की वेबसाइट पर मिलने वाली MPSV अनुदेश पुस्तिका में है, और MPMV का तरीक़ा भी MPSV जैसा ही है। रिटर्निंग अधिकारी गिनती से पहले इन निर्देशों को अच्छी तरह पढ़ लें। 20

इस पुस्तिका में गिनती का तरीक़ा अध्याय 6 "मतगणना स्थल पर प्रक्रिया" में है; नीचे के कदम इसी अध्याय से हैं। 2324

पुस्तिका के कदम।

  1. कंट्रोल यूनिट की सील जाँचकर ही सील हटाइए, यूनिट कैरिंग केस से निकालिए और गिनती टेबल पर रखिए। Candidate Section, Result सेक्शन और लंबी स्ट्रिप सील जाँचिए, फिर ये सीलें हटाकर Result सेक्शन का कवर खोलिए। 23
  2. कवर खुलने पर 'Result-I' और 'Result-II' बटन के नीचे दो छेद वाली पिंक पेपर सील दिखेगी। Result सेक्शन के भीतरी कम्पार्टमेंट के विशेष टैग की सील न तोड़िए, न खोलिए। 23
  3. पिंक पेपर सील सही है, तो कंट्रोल यूनिट से छेड़छाड़ नहीं हुई। कैरिंग केस, Candidate Set Section या Result Section की कोई सील ख़राब मिले, पर पिंक पेपर सील सही हो, तो उस बूथ का परिणाम घोषित किया जा सकता है। पिंक पेपर सील से छेड़छाड़ मिले, तो कंट्रोल यूनिट अलग रख दीजिए, और उसके वोटों का परिणाम निकालने की कोशिश न कीजिए। 23
  4. पिंक पेपर सील सही होने की जाँच के बाद कंट्रोल यूनिट का पावर स्विच ON कीजिए; हरा लैंप जलेगा। 23
  5. 'RESULT-I' बटन पर लगी पिंक पेपर सील को अंदर कीजिए, और 'RESULT-I' बटन दबाइए। बूथ पर हर उम्मीदवार को मिले वोटों की कुल संख्या दिखेगी, और UNDER VOTES और UNFINISHED VOTERS की संख्या भी। 23
  6. परिणाम लिखने के लिए ज़रूरत हो, तो 'RESULT-I' बटन कितनी भी बार दबाया जा सकता है। 25
  7. कंट्रोल यूनिट का स्विच ऑफ़ करके उसके पीछे का डिब्बा बंद कीजिए। परिणाम लिख लेने के बाद परिणाम अनुभाग का कवर बंद कीजिए। 25
  8. SDMM निकालने से पहले कंट्रोल यूनिट बंद कीजिए। फिर Cand. Set के बाहरी और भीतरी कम्पार्टमेंट की सील हटाकर दरवाज़ा खोलिए, और बैटरी पैक और SDMM बाहर निकालिए। 25
  9. चुनाव का सारा डेटा SDMM में रहता है, इसलिए SDMM को आयोग की तय प्रक्रिया से सील कीजिए; इसके निर्देश आयोग ने अलग से दिए हैं (नीचे मेमोरी मॉड्यूल वाला हिस्सा देखिए)। 25
गिनती के बाद सील: आयोग का आदेश कहता है कि MPSV और MPMV से गिनती पूरी होने पर ईवीएम सील नहीं होगी, सिर्फ़ एसडीएमएम या डीएमएम निकालकर सील होगा। 26 ईवीएम मार्गदर्शिका में भी यही लिखा है: ECIL की MPSV ईवीएम सील नहीं करनी है, सिर्फ़ उसका SDMM आयोग के पत्र के मुताबिक़ सील होगा। 27 मशीन की निर्देश पुस्तिका में परिणाम अनुभाग का कवर रिटर्निंग अधिकारी की सील और उम्मीदवारों के हस्ताक्षर के साथ सील करने, और Cand. Set सेक्शन का कवर सील करने के क़दम भी लिखे हैं; पर SDMM की सील वह आयोग की तय प्रक्रिया पर छोड़ती है, और कहती है कि इसके बाद मशीन नए SDMM के साथ फिर चुनाव में काम आ सकती है। 25 यानी सील आयोग के आदेश के मुताबिक़ होगी: मशीन नहीं, सिर्फ़ एसडीएमएम या डीएमएम सील होगा। 28 27 25

पहले कौन सा रिज़ल्ट। मशीन पहले पद पर ज़िला परिषद सदस्य और दूसरे पद पर पंचायत समिति सदस्य के लिए सैट होती है। इसलिए रिज़ल्ट दिखाते समय पहले ज़िला परिषद सदस्य का रिज़ल्ट दिखेगा, फिर पंचायत समिति सदस्य का। 7

बैठने का तरीक़ा। कंट्रोल यूनिट बीच में रखिए। एक तरफ़ पंचायत समिति सदस्य के रिज़ल्ट का डाटा लिखने वाले गणना सहायक बैठें, और दूसरी तरफ़ ज़िला परिषद सदस्य का डाटा लिखने वाले। ज़िला परिषद के उम्मीदवारों के गणन अभिकर्ता ज़िला परिषद वाले सहायकों की तरफ़ बैठेंगे, और पंचायत समिति वालों के अभिकर्ता पंचायत समिति वाले सहायकों की तरफ़। 7

टेबल पर लेखन सामग्री भी दोनों पदों के हिसाब से रखिए। आदेश के बिंदु संख्या 12 से 19 वाले बाकी निर्देश भी यथास्थिति लागू रहेंगे। 7

Under Vote और Unfinished Voter। रिज़ल्ट दिखाते समय इन मशीनों में Under Vote & Unfinished Voter की संख्या भी दिखेगी। 20

  • Under Vote: मतदाता ने किसी उम्मीदवार को वोट दिए बिना END बटन दबा दिया; यानी किसी भी पद पर वोट नहीं दिया, या दो में से एक पद पर वोट देकर END बटन दबा दिया। ऐसे में उस पद के वोट, वोट डालने आए मतदाताओं से कम होंगे, और यही अंतर Under Vote की संख्या में दिखेगा। 20
  • Unfinished Voters: वे मतदाता जिन्होंने दो में से एक ही पद पर वोट दिया, END बटन नहीं दबाया, और बूथ छोड़कर चले गए; तब मतदान अधिकारी ने अगले मतदाता के लिए कंट्रोल यूनिट बंद करके फिर से ऑन की। जो वोट Unfinished Voters ने नहीं दिए, वे Under Vote में भी गिने जाएँगे; जिस पद पर वोट नहीं दिया गया, वह उस पद के लिए Under Vote में होगा। 29
ऊपर की दोनों परिभाषाएँ संकलन में जैसी छपी हैं, वैसी दी गई हैं। आयोग के आदेश 5468 और 9508 में अब हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रखने को कहा गया है; पूरी बात आदेश 9508 वाले पेज पर है। 3031 आदेश 9508 के बिंदु D में यह भी लिखा है: MPSV या MPMV मशीन में अंडर वोट (under vote) की संख्या शून्य के अलावा कुछ और दिखे, तो परिणाम में उस संख्या को रिजेक्टेड वोटों में जोड़कर अंतिम परिणाम शीट तैयार की जाए। 32

प्रारूप 14 और प्ररूप-7

  1. जैसे ही हर उम्मीदवार और नोटा के वोट कंट्रोल यूनिट के पैनल पर दिखें, गणना पर्यवेक्षक उन्हें उम्मीदवारवार अलग-अलग, प्रारूप 14 के भाग II "गणना का परिणाम" में लिखेंगे। 7
  2. भाग II में यह भी लिखना है कि उसमें दिखे वोटों का कुल जोड़ उसी प्रारूप के भाग I की मद 5 में दिखाए कुल वोटों से मिलता है या नहीं, और दोनों में कोई अंतर तो नहीं। 7
  3. प्रारूप पूरा भरकर गणना पर्यवेक्षक उस पर हस्ताक्षर करेंगे, और टेबल के पास मौजूद उम्मीदवारों या अभिकर्ताओं के भी हस्ताक्षर करवाएँगे। फिर यह प्रारूप रिटर्निंग अधिकारी या सहायक रिटर्निंग अधिकारी को सौंपा जाएगा। 7
  4. रिटर्निंग अधिकारी या सहायक रिटर्निंग अधिकारी तसल्ली करेंगे कि प्रारूप ठीक से और पूरा भरा है, फिर ख़ुद हस्ताक्षर करेंगे, और इसे अंतिम परिणाम पत्र (प्ररूप-7) बना रहे अधिकारी को सौंपेंगे। 7
  5. प्ररूप-7 मशीनों के वोटों और डाक मतपत्रों की गिनती के बाद भरा जाएगा: हर उम्मीदवार और नोटा के मशीन वाले वोटों में डाक मतपत्रों के वैध वोट, नोटा सहित, जोड़कर। 7 प्ररूप-7 का हर कॉलम, आयोग के खाली फ़ॉर्म के साथ: प्ररूप-7: परिणाम की विवरणी
  6. आयोग ने किसी बूथ पर नया मतदान करवाया हो, तो परिणाम पत्र में उस नए मतदान की गिनती ही जोड़ी जाएगी। जब तक नए मतदान का नतीजा परिणाम पत्र में न आ जाए, कुल जोड़ न लगाइए। 33
  7. कुल जोड़ ज़रूर जाँचिए। ग़लत जोड़ से नतीजा और उसकी घोषणा, दोनों बिगड़ते हैं। आयोग इस प्रारूप के किसी भी अंतर को गंभीरता से लेगा, और यह कठोर अनुशासनिक कार्यवाही की वजह बनेगा। 19
  8. निविदत्त मतपत्र (Tentered Vote) के लिफ़ाफ़े नहीं खोले जाएँगे, और निविदत्त वोट गिने नहीं जाएँगे। 19
  9. आम तौर पर मशीन में दर्ज हर वोट वैध है, और इसकी वैधता पर कोई विवाद नहीं उठेगा। ज़्यादा से ज़्यादा यह हो सकता है कि किसी बूथ का रिज़ल्ट दिखते समय कुछ उम्मीदवार या अभिकर्ता उसे ठीक से न लिख पाए हों। दोबारा जाँचना पड़े, तो परिणाम-बटन दबाइए; उस बूथ का रिज़ल्ट कंट्रोल यूनिट के पैनल पर फिर दिखेगा। 19

गिनती रुके, मशीन बिगड़े, या दोबारा मतदान हो

गिनती बीच में रोकनी पड़े। नियम 49-क के तहत किसी मजबूरी में गिनती पूरी होने से पहले रोकनी या स्थगित करनी पड़े, तो सारी मशीनें और चुनाव के बाकी कागज़ सील कर दीजिए। उम्मीदवार या उनके अभिकर्ता मशीनों और पैकेटों पर अपनी सील लगाना चाहें, तो लगाने दीजिए। 19

सील की हुई मशीनें और पैकेट एक अलग कमरे में रखिए। कमरा आपकी और उम्मीदवारों की सील से बंद और सुरक्षित हो। आपके तालों के साथ उम्मीदवार भी अपने ताले लगा सकते हैं। 19

मशीन बिगड़े या खो जाए। नियम 48-ख और 49-क के तहत आयोग, सारे हालात देखकर, गिनती रोकने का, और ज़रूरत हो तो नया मतदान करवाने का, आदेश दे सकता है। गिनती पूरी होने से पहले रिटर्निंग अधिकारी को पता चले कि किसी बूथ की मशीन के साथ इनमें से कुछ हुआ है: 19

  • मतदान अधिकारी की अभिरक्षा से ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से निकाल ली गई; 19
  • ग़लती से या जानबूझकर नष्ट हो गई या कर दी गई, या खो गई; 19
  • इतना नुक़सान पहुँचा या ऐसी गड़बड़ हुई कि उस बूथ का रिज़ल्ट तय नहीं हो सकता; 19
  • मतदान या गिनती के दौरान मशीन में तकनीकी ख़राबी आ गई; 19
  • बूथ पर मतदान प्रक्रिया दूषित हो गई; 19
  • बूथ कैप्चरिंग की वजह से बूथ का रिज़ल्ट तय नहीं हो सकता; 19

तो ऐसे सारे तथ्यों की रिपोर्ट तुरंत आयोग को कीजिए, और उस बूथ के वोटों की गिनती के बारे में आयोग के निर्देश का इंतज़ार कीजिए। 34

दोबारा मतदान के बाद गिनती। किसी बूथ पर मतदान दोबारा हुआ हो, तो उसके वोटों की गिनती की तारीख़, समय और जगह तय कीजिए, और हर उम्मीदवार या उसके निर्वाचन अभिकर्ता को लिखकर सूचना दीजिए। इस गिनती में भी, जहाँ तक लागू हो, ऊपर वाला पूरा तरीक़ा अपनाइए। 34

वोट बराबर हों

गिनती के बाद कुछ उम्मीदवारों के वोट बराबर निकलें, और सिर्फ़ एक वोट जुड़ने से ही उनमें से कोई जीत सकता हो, तो रिटर्निंग अधिकारी उन उम्मीदवारों या उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं के सामने तुरंत लॉटरी निकालेंगे। 34

  1. लॉटरी की कार्यवाही का विवरण लिखा जाएगा। मौजूद उम्मीदवार, या उनके निर्वाचन या गणन अभिकर्ता, हस्ताक्षर करें तो उनके हस्ताक्षर भी उस पर करवाए जाएँगे। 34
  2. यह विवरण बाकी कागज़ों के साथ अलग लिफ़ाफ़े में रखकर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाएगा। 34
  3. अंतिम परिणाम-पत्र (प्ररूप-7) में, जिस उम्मीदवार के पक्ष में लॉट निकला, उसके वोटों के आगे उसी हिसाब से प्रविष्टि की जाएगी। 34
  4. लॉटरी निकालने की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। 34
नियम 51 में बस इतना लिखा है कि वोट बराबर हों, तो परिणाम "ऐसी रीति से लाट निकालकर" घोषित किया जाएगा "जो रिटर्निंग अधिकारी उचित समझे"। 35 आयोग के आदेश में ऊपर वाले कदम लिखे हैं: सामने लॉटरी, लिखित विवरण, अलग लिफ़ाफ़ा, प्ररूप-7 में प्रविष्टि, और वीडियोग्राफी। 34

दोबारा गिनती

आदेश में लिखा है कि जो क़ानूनी प्रावधान लागू हैं, उनमें वोटों की पुनर्गणना की प्रक्रिया भी बताई गई है। 3

मशीन से चुनाव में कौन से नियम लागू होते हैं, यह नियम 58(5) में लिखा है: नियम 24क से 31, 35, 45, 46, 48, 48क, 48ख, 48ग, 49क, 49ख, 51 और 54, और अध्याय 4क, ज़रूरी बदलाव के साथ। मत-पत्रों की पुनर्गणना वाला नियम 49 इस सूची में नहीं है। 36

नियम 49 के उप नियम (6) और (7) में दोबारा गिनती की बात है, पर उनकी भाषा मत-पत्रों की है, मशीन की नहीं। उप नियम (6) कहता है कि गिनती की जगह पर मौजूद हर उम्मीदवार, गिनती के दौरान कभी भी, मत-पत्रों की पुनर्गणना के लिए रिटर्निंग अधिकारी को लिखकर प्रार्थना कर सकता है; रिटर्निंग अधिकारी, कारण लिखकर, प्रार्थना नामंज़ूर कर सकते हैं या पुनर्गणना का आदेश दे सकते हैं। उप नियम (7) कहता है कि ठीक पिछली गिनती के सही होने पर तसल्ली न हो, तो रिटर्निंग अधिकारी अपने विवेक से एक बार या कई बार पुनर्गणना कर सकते हैं। 37

मशीन के वोटों की गिनती के बारे में नियम 49घ(5) में लिखा है कि रिटर्निंग अधिकारी कंट्रोल यूनिट का "Result" बटन दबाकर गिनती करेंगे, जिससे कुल वोट और हर उम्मीदवार के वोट दिखेंगे। 22 आदेश के पैरा 18.2 में लिखा है कि ज़रूरत हो, तो उम्मीदवारों और उनके अभिकर्ताओं को परिणाम नोट करने देने के लिए परिणाम-बटन फिर से दबाया जाए। 20 पैरा 21.5 में लिखा है कि मशीन में दर्ज हर वोट आम तौर पर वैध वोट है; फिर से जाँचना पड़े, तो परिणाम-बटन दबाकर उस बूथ का परिणाम कंट्रोल यूनिट पर दोबारा दिखाया जा सकता है। 19

घोषणा और प्रमाण-पत्र

गिनती की हर उलझन पूरी तरह सुलझ जाए और गिनती पूरी हो जाए, तब प्रारूप 7 में अंतिम परिणाम-पत्र बनाइए। फिर उसमें दर्ज हर उम्मीदवार के कुल वोट घोषित कीजिए, और परिणाम घोषित कीजिए। 19

गिनती पूरी होने पर रिटर्निंग अधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम का विवरण प्ररूप-7 में तैयार करेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने कुछ और निर्देश न दिया हो, तो परिणाम घोषित किए जाएँगे। जिस उम्मीदवार को सबसे ज़्यादा वैध वोट मिले, उसे निर्वाचित घोषित किया जाएगा। 34

निर्वाचित घोषित उम्मीदवार को आयोग के तय प्रारूप में निर्वाचन का प्रमाण-पत्र दिया जाएगा। प्रमाण-पत्र देते समय उससे प्राप्ति रसीद ली जाएगी, और उस पर उसके हस्ताक्षर लिए जाएँगे। 34

निर्वाचित सदस्य को शपथ दिलाने के प्रावधान राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 24 में, और राजस्थान पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 75 और 76 में हैं। 3

परिणाम घोषित होने पर ये कागज़ात राज्य निर्वाचन आयोग को भेजे जाएँगे: 34

क्रम कागज़
1 अंतिम परिणाम-पत्र (प्ररूप-7)
2 सारणी-क में ज़िला परिषद के निर्वाचित सदस्यों की सूची
3 सारणी-ख में पंचायत समिति के निर्वाचित सदस्यों की सूची
4 सारणी-क और सारणी-ख की सॉफ़्ट कॉपी (CD)

स्रोत: पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 298

क्रम 1, 2 और 3 वाले कागज़ों पर रिटर्निंग अधिकारी का नाम और साफ़ हस्ताक्षर, तारीख़ और जगह, और रिटर्निंग अधिकारी की मोहर होनी चाहिए। 34

गिनती के बाद: सील और सुरक्षा

कंट्रोल यूनिट दोबारा सील करना

किसी कंट्रोल यूनिट का उम्मीदवारवार रिज़ल्ट तय होकर प्रारूप 14 के भाग II "गणना का परिणाम" में, और प्रारूप 7 वाले अंतिम परिणाम-पत्र में चढ़ जाए, तो नियम 52-क के तहत यूनिट को रिटर्निंग अधिकारी की सील से, और जो उम्मीदवार या निर्वाचन अभिकर्ता चाहें उनकी सीलों से, दोबारा सील कीजिए। 34

सील ऐसे करनी है कि यूनिट में दर्ज रिज़ल्ट न मिटे, और यूनिट उसकी स्मृति बनाए रखे। इसमें आयोग के सांविधिक आदेश सं. 56/09 (पत्र क्रमांक 6306 दिनांक 18.12.09) के निर्देश मानिए। 34

  1. सील हटाकर कंट्रोल यूनिट के कैंडिडेट सैट सेक्शन की बैटरी निकालिए। फिर कैंडिडेट सेक्शन का कवर दोबारा सील कीजिए। 28
  2. परिणाम-सेक्शन का बाहरी कवर बंद कीजिए और उसे दोबारा सील कीजिए। 28
  3. दोबारा सील की गई कंट्रोल यूनिट को उसके कैरिंग बक्से में रखिए, और बक्से को दोबारा सील कीजिए। 28
  4. कैरिंग बक्से के हैंडल पर एड्रेस टैग मज़बूती से लगाइए। उस पर लिखा हो: पंचायत समिति या ज़िला परिषद का नाम; निर्वाचन क्षेत्र संख्या; जिस बूथ पर यूनिट लगी थी, उसकी क्रम संख्या और नाम; कंट्रोल यूनिट की क्रम संख्या; मतदान की तारीख़; और गणना की तारीख़। 28
  5. अपनी सील के साथ, उम्मीदवार या उनके अभिकर्ता चाहें, तो उनकी सीलें भी लगने दीजिए। 28

बैटरी क्यों निकालें। ताकि समय बीतने के साथ बैटरी फूल न जाए और मशीन को नुक़सान न पहुँचे। बैटरी निकालने से रिज़ल्ट नहीं मिटता; कंट्रोल यूनिट अपनी स्मृति बनाए रखती है। 28

बैलेट यूनिटें भी इसी सांविधिक आदेश संख्या 6306 दिनांक 18.12.09 (सां.आ. 56/09) के हिसाब से सील होंगी। दोबारा सील की गई कंट्रोल यूनिटें और बैलेट यूनिटें सुरक्षित भंडारण के लिए ख़ास तौर पर बने बड़े बक्सों में रखी जाएँ। 28

मतदान यूनिट आम तौर पर गिनती के समय खोलनी नहीं पड़ती। जाँच या सत्यापन के लिए किसी मतदान यूनिट को उसके कैरिंग बक्से से निकाला जाए, तो उसके बाद उसे वापस बक्से में रखकर सील कर दीजिए। इस तरह चुनाव में लगी सारी कंट्रोल यूनिटें और मतदान यूनिटें भंडारण की जगह ले जाने के लिए तैयार की जाएँ। 28

MPSV और MPMV: सिर्फ़ मेमोरी मॉड्यूल सील होगा

ECIL की MPSV और MPMV मशीनों से मतदान हुआ हो, तो गिनती पूरी होने पर इन ईवीएम को सील नहीं किया जाएगा। इनकी कंट्रोल यूनिट में लगा एसडीएमएम या डीएमएम निकालकर सिर्फ़ उसी को सील करना है। 26 ईवीएम मार्गदर्शिका में भी MPSV के लिए यही लिखा है। 27 मशीन की निर्देश पुस्तिका भी SDMM की सील आयोग की तय प्रक्रिया पर छोड़ती है। 25 तीनों की बात ऊपर MPSV और MPMV से रिज़ल्ट वाले नोट में है।

सिक्योर डिटेचेबल मेमोरी मॉड्यूल (SDMM) को सील करने के निर्देश आयोग के पत्रांक 710 दिनांक 20.01.2026 में हैं, और डिटेचेबल मेमोरी मॉड्यूल (DMM) के पत्रांक 830 दिनांक 23.01.2026 में। 28

एसडीएमएम या डीएमएम सील करने के बाद यह MPSV या MPMV ईवीएम अगले मतदान में नया एसडीएमएम या डीएमएम लगाकर फिर काम में ली जा सकेगी। 28

चुनाव के कागज़ों के पैकेट

नियम 53-क में बताए चुनाव के कागज़ों के पैकेट, और आयोग के सांविधिक आदेश 59/09 (पत्रांक 6491 दिनांक 20.12.09) में बताए पैकेट, किसी सक्षम न्यायालय के आदेश के बिना न खोले जाएँगे, न उनके अंदर की चीज़ें देखी जाएँगी, न किसी के सामने पेश की जाएँगी। इसलिए इन्हें सुरक्षित रखने में ख़ास सावधानी चाहिए। जहाँ मशीनें लगी हैं, वहाँ ये पैकेट हैं: 38

क्रम पैकेट
(i) प्रारूप 12 में मतदाता रजिस्टरों के पैकेट
(ii) बिना इस्तेमाल हुए डाक मतपत्रों के पैकेट
(iii) इस्तेमाल हुए डाक मतपत्रों के पैकेट, चाहे वे विधिमान्य हों या प्रतिक्षेपित, देर से आए डाक मतपत्रों वाले लिफ़ाफ़ों समेत
(iv) बिना इस्तेमाल हुई मतदाता पर्चियों के पैकेट
(v) इस्तेमाल हुए और बिना इस्तेमाल हुए निविदत्त मतपत्रों के पैकेट
(vi) बिना इस्तेमाल हुए (अधिशेष) मतपत्रों के पैकेट, जो मतदान यूनिटों पर लगाने और निविदत्त मतपत्र के रूप में काम लेने के लिए छपे थे
(vii) निर्वाचक नामावली की चिह्नित प्रतियों के पैकेट
(viii) निर्वाचकों की घोषणाओं और उनके हस्ताक्षरों के अनुप्रमाणन के पैकेट

स्रोत: पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 300

(iii) और (viii) वाले पैकेट गिनती के समय ही बन जाएँगे, और गिनती ख़त्म होते ही आपकी सील से सील होंगे। उम्मीदवार, निर्वाचन अभिकर्ता या गणन अभिकर्ता चाहें, तो अपनी सील भी लगा सकते हैं। मौजूद उम्मीदवारों और अभिकर्ताओं को बता दीजिए कि वे इन पैकेटों पर अपनी सील ज़रूर लगाएँ; यह उनके अपने हित में है, ताकि किसी पैकेट में गड़बड़ न हो सके। 38

(i), (iv), (v) और (vii) वाले पैकेट मतदान अधिकारियों से सील होकर आएँगे। गिनती में इनकी ज़रूरत नहीं होती, इसलिए मिलते ही इन्हें सील करके लोहे के संदूक में रख दीजिए। 38

पैकेट सील करने के काम की देखरेख के लिए एक ज़िम्मेदार प्रभारी अधिकारी लगाइए। वरना ज़रूरी कागज़ इधर-उधर हो सकते हैं, और कोई न्यायालय इन्हें पेश करने को कहे, तो मुश्किल और गड़बड़ होगी। लोहे के हर संदूक पर दो ताले लगें, और हर ताला सील हो। 38

कार्यवाही लिखिए। गिनती की जगह पर ही मशीनें और कागज़ सील हो जाने के बाद कार्यवाही लिखिए। इसमें हो: गिनती हॉल में मौजूद उम्मीदवारों या अभिकर्ताओं का पूरा विवरण; यह बात कि उनसे मशीनों और पैकेटों पर, चाहें तो, अपनी सील लगाने को कहा गया; और किन्होंने सील लगाई, किन्होंने मना किया। 38

कार्यवाही विवरण पर आप हस्ताक्षर कीजिए, और जो उम्मीदवार या अभिकर्ता मौजूद हों और हस्ताक्षर करना चाहें, उनके भी करवाइए। इसे एक लिफ़ाफ़े में रखकर सील कीजिए, और कागज़ों के पैकेटों के साथ रखिए। 39

सुरक्षित अभिरक्षा

परिणाम घोषित होते ही, उसी दिन, सारी मशीनें और पैकेटों वाले सील बंद संदूक सरकारी कोषागार या उपकोषागार में, या ईवीएम के सुरक्षित भंडारण के लिए ज़िला निर्वाचन अधिकारी की तय जगह पर, दो तालों के अंदर, ज़िला निर्वाचन अधिकारी की सुरक्षित अभिरक्षा में रखे जाएँगे। 11

हर संदूक के एक ताले की चाबी कोषागार अधिकारी को, या कोषागार संहिता के तहत अधिकृत कोषागार या उपकोषागार के किसी दूसरे अधिकारी को, सौंपी जाए। दूसरे ताले की चाबी ज़िला निर्वाचन अधिकारी, या इसके लिए उनका नामित कोई वरिष्ठ अधिकारी, अपने पास रखें। 11

गिनती से पहले जिस कमरे में ईवीएम और कागज़ रखे थे, उसके बाहर का सशस्त्र पुलिस रक्षक दल गिनती ख़त्म होते ही नहीं हटेगा; यह तब तक रहेगा जब तक मशीनें और रिकॉर्ड कोषागार या उपकोषागार नहीं भेज दिए जाते। जहाँ तक हो सके, ढुलाई में भी यही दल साथ रहे, और यह बात दल की लॉग बुक में लिखी जाए। 11

सील बंद मशीनों और कागज़ों का निस्तारण उसी रीति से होगा जो आयोग नियम 53-ख के तहत जारी होने वाले आदेश में तय करेगा। 11

गिनती टेबल की जाँच-सूची

  • गिनती की तारीख़, समय और जगह की लिखित सूचना, मतदान की तारीख़ से कम से कम एक सप्ताह पहले। 3
  • हर टेबल पर एक गणना पर्यवेक्षक और एक गणना सहायक; MPSV या MPMV पर एक अतिरिक्त गणना सहायक। 40
  • गणन अभिकर्ताओं के नियुक्ति पत्र दो फ़ोटो के साथ, गिनती से कम से कम दो दिन पहले; बैज रजिस्टर में चढ़े। 6
  • प्ररूप-10 की घोषणा, गिनती से कम से कम आधा घंटा पहले। 6
  • टेबल पर नीला बॉल-पॉइंट पेन, चाकू या ब्लेड, प्रारूप 14 के भाग 1 का लेखा, और कागज़ की दो शीट। 6
  • धारा 128 के प्रावधान गिनती से पहले कमरे में सबको समझाए गए। 10
  • डाक मतपत्र सबसे पहले, और मशीनों की गिनती ख़त्म होने से पहले पूरे। 10
  • बूथ क्रम से कंट्रोल यूनिट, साथ में प्रारूप 14 का लेखा और मतदान अधिकारी की घोषणा; बँटवारे का चार्ट बोर्ड पर। 14
  • स्ट्रिप सील, स्पेशल टैग, पिंक पेपर सील, और दो पेपर सीलों की क्रम संख्या (प्रारूप 14 के भाग I की मद सं. 9 से) जाँची गई। 15
  • प्रारूप 14 के भाग II का जोड़ भाग I की मद 5 से मिलाया, और हस्ताक्षर हुए। 7
  • प्ररूप-7 में मशीन और डाक के वोट, नोटा सहित, जुड़े; नए मतदान का नतीजा कुल जोड़ से पहले। 33
  • बराबर वोट हों, तो लॉटरी की वीडियोग्राफी। 34
  • प्रमाण-पत्र की रसीद ली; प्ररूप-7, सारणी-क, सारणी-ख और CD आयोग को। 34
  • कंट्रोल यूनिट की बैटरी निकाली, यूनिट दोबारा सील, एड्रेस टैग लगा; MPSV या MPMV से सिर्फ़ एसडीएमएम या डीएमएम सील। 28
  • लोहे के हर संदूक पर दो ताले, हर ताला सील; उसी दिन कोषागार या तय भंडारण में। 39

दोहराइए: मशीन वाली गिनती

गणन अभिकर्ता प्ररूप-10 में नियुक्ति; नियुक्ति पत्र दो फ़ोटो के साथ, गिनती के दिन से कम से कम दो दिन पहले, रिटर्निंग अधिकारी को; प्ररूप-10 की घोषणा गिनती शुरू होने से कम से कम आधा घंटा पहले। 4 6 देखिए
डाक मतपत्र सबसे पहले उसी कमरे में जहाँ उस क्षेत्र की गिनती होनी है; उस क्षेत्र की मशीनों की गिनती पूरी होने से पहले डाक मतपत्रों की गिनती पूरी हो जाए। गिनती शुरू होने के तय समय के बाद आया लिफ़ाफ़ा खोला नहीं जाएगा। 10 देखिए

उम्मीदवारों या अभिकर्ताओं को स्ट्रिप सील, स्पेशल टैग और पिंक पेपर सीलें देखने दीजिए; भीतरी कवर की दो पेपर सीलों की क्रम संख्या प्रारूप 14 के भाग I की मद सं. 9 से मिलाइए। परिणाम अनुभाग के भीतरी कवर पर लगी पिंक पेपर सील अविकल (Intact) है? 15 देखिए

हाँ कैरिंग केस या बाकी कोई सील ख़राब मिले, तो भी गड़बड़ की आशंका नहीं; उस बूथ का परिणाम घोषित किया जा सकता है। 15 23
नहीं पिंक पेपर सील से छेड़छाड़ मिले, तो कंट्रोल यूनिट अलग रख दीजिए, और उसके वोटों का परिणाम निकालने की कोशिश न कीजिए। आगे क्या करना है, यह ऊपर कंट्रोल यूनिट और उसकी सील वाले हिस्से में है। 23 15
रिज़ल्ट कंट्रोल यूनिट ऑन कीजिए और परिणाम बटन दबाइए (MPSV में 'RESULT-I'); हर उम्मीदवार को मिले वोटों की कुल संख्या पैनल पर दिखेगी। रिज़ल्ट दिखाते समय पहले ज़िला परिषद सदस्य का रिज़ल्ट दिखेगा, फिर पंचायत समिति सदस्य का। 20 23 7 देखिए
प्रारूप 14, फिर प्ररूप-7 गणना पर्यवेक्षक हर उम्मीदवार और नोटा के वोट प्रारूप 14 के भाग II में लिखें, जोड़ भाग I की मद 5 से मिलाएँ, हस्ताक्षर करें और करवाएँ, फिर प्रारूप सौंपें। प्ररूप-7 में मशीन वाले वोटों में डाक मतपत्रों के वैध वोट, नोटा सहित, जोड़िए; कुल जोड़ ज़रूर जाँचिए। 7 19 देखिए
वोट बराबर हों और सिर्फ़ एक वोट जुड़ने से ही कोई जीत सकता हो, तो रिटर्निंग अधिकारी उन उम्मीदवारों या उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं के सामने तुरंत लॉटरी निकालेंगे; लॉटरी की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी। 34 देखिए
घोषणा गिनती की हर उलझन सुलझ जाए, तब प्रारूप 7 में अंतिम परिणाम-पत्र। जिसे सबसे ज़्यादा वैध वोट मिले, वह निर्वाचित घोषित; प्रमाण-पत्र देते समय उससे प्राप्ति रसीद और हस्ताक्षर। 19 34 देखिए
ध्यान दीजिए MPSV और MPMV में गिनती के बाद ईवीएम सील नहीं होती; सिर्फ़ एसडीएमएम या डीएमएम निकालकर सील होता है, आयोग के निर्देशों से। 26 27 देखिए
संदूक और अभिरक्षा कागज़ों के पैकेट लोहे के संदूक में; हर संदूक पर दो ताले, और हर ताला सील। परिणाम घोषित होते ही, उसी दिन, सारी मशीनें और सील बंद संदूक सरकारी कोषागार या उपकोषागार में, या ज़िला निर्वाचन अधिकारी की तय जगह पर, उनकी सुरक्षित अभिरक्षा में। 38 11 देखिए
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स्रोत

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