प्रत्याशी प्रबोधन: पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य
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यह पेज उनके लिए है जो पंचायत समिति सदस्य या ज़िला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ना चाहते हैं, और उन अधिकारियों और मास्टर ट्रेनरों के लिए जो प्रत्याशी प्रबोधन कार्यशाला में यह सब समझाएँगे। बालोतरा में इन दोनों पदों के वोट ईवीएम से पड़ेंगे, और यहाँ ECIL की MPSV मशीन लगेगी। 1
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नामांकन किसके पास
| पद | रिटर्निंग अधिकारी को कौन नियुक्त करते हैं | मुख्यालय |
|---|---|---|
| पंचायत समिति सदस्य | ज़िला निर्वाचन अधिकारी, नियम 58(2) के तहत | पंचायत समिति स्तर पर |
| ज़िला परिषद सदस्य | राज्य निर्वाचन आयोग | ज़िला स्तर पर |
स्रोत: ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 6
पंचायती राज संस्थाओं के सभी चुनावों में उम्मीदवार को अपना नामांकन पत्र खुद जाकर रिटर्निंग अधिकारी को देना होगा। किसी और के हाथ भेजा, तो वह सही तरीके से जमा हुआ नहीं माना जाएगा और खारिज हो जाएगा। नाम वापसी का नोटिस भी उम्मीदवार को खुद जाकर रिटर्निंग अधिकारी को देना होगा। 3
बालोतरा में तारीखें
पंचायत समिति सदस्य: नामांकन
| काम | तीसरा चरण | चौथा चरण |
|---|---|---|
| सार्वजनिक सूचना | 19.10.2026 (सोमवार) | 31.10.2026 (शनिवार) |
| नामांकन की आखिरी तारीख (दोपहर 3 बजे तक) | 23.10.2026 (शुक्रवार) | 04.11.2026 (बुधवार) |
| संवीक्षा (सुबह 11 बजे से) | 24.10.2026 (शनिवार) | 05.11.2026 (गुरुवार) |
| नाम वापसी (दोपहर 3 बजे तक), उसके तुरंत बाद चुनाव चिह्न और लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची | 26.10.2026 (सोमवार) | 06.11.2026 (शुक्रवार) |
स्रोत: आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 7–8
नामांकन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक भरे जाएँगे। 4 आख़िरी तारीख वाली पंक्ति में '(सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर)' भी लिखा है। 5
तीसरे चरण में सिणधरी, गिडा, कल्याणपुर, गुडामालानी, धोरीमन्ना और समदड़ी पंचायत समितियाँ हैं; चौथे चरण में बालोतरा, पादरू, पायला कलां, पाटोदी और सिवाना। 6
ज़िला परिषद सदस्य: नामांकन
ज़िला परिषद के नामांकन उस चरण के हिसाब से होते हैं, जिसमें ज़िले का चुनाव शुरू होता है। बालोतरा का चुनाव तीसरे चरण से शुरू होता है, इसलिए पूरे ज़िले के ज़िला परिषद नामांकन तीसरे चरण की तारीखों पर होंगे, सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक। 7
| काम | तारीख |
|---|---|
| सार्वजनिक सूचना | 19.10.2026 (सोमवार) |
| नामांकन की आखिरी तारीख (दोपहर 3 बजे तक) | 23.10.2026 (शुक्रवार) |
| संवीक्षा (सुबह 11 बजे से) | 24.10.2026 (शनिवार) |
| नाम वापसी (दोपहर 3 बजे तक), उसके तुरंत बाद चुनाव चिह्न और लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची | 26.10.2026 (सोमवार) |
स्रोत: आदेश 9867, दि. 03.10.2026, पृ. 2–3
मतदान और गिनती
| काम | तीसरा चरण | चौथा चरण |
|---|---|---|
| ज़िला परिषद और पंचायत समिति का मतदान (सुबह 7 से शाम 6 बजे) | 03.11.2026 (मंगलवार) | 14.11.2026 (शनिवार) |
स्रोत: आदेश 10090, दि. 06.10.2026, पृ. 1; आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 9
ज़िला परिषद और पंचायत समिति के वोटों की गिनती 20.11.2026 (शुक्रवार) को सुबह 8 बजे से ज़िला मुख्यालय पर होगी। बालोतरा के दोनों चरणों के वोट उसी दिन गिने जाएँगे। 10 मतदान खत्म होते ही मशीनें और बाकी काग़ज़ ज़िला मुख्यालय पहुँचाए जाते हैं। 2
कौन चुनाव लड़ सकता है
- उसी संस्था का मतदाता। राजस्थान पंचायती राज अधिनियम की धारा 19 के हिसाब से जिसका नाम किसी पंचायती राज संस्था की मतदाता सूची में दर्ज है, वह उस संस्था के सदस्य का चुनाव लड़ सकता है, अगर उस पर कोई अयोग्यता लागू न हो। 11
- उम्र 21 साल। धारा 19 में लिखा है कि जिसने 21 साल की उम्र पूरी कर ली है, वह 25 साल से कम उम्र होने के आधार पर अयोग्य नहीं होगा। 11
कौन-से काग़ज़
| काग़ज़ | पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य (आदेश 10062) |
|---|---|
| नामांकन पत्र | प्ररूप 4-क |
| प्ररूप 4घ | आवश्यक, पूरा भरा हुआ; बिन्दु 3 (संतान संबंधी योग्यता) की सूचना देना आवश्यक नहीं |
| शपथ पत्र | उपाबन्ध-I A, 50 रुपये के गैर न्यायिक स्टाम्प पेपर पर, सम्यक रूप से प्रमाणित |
| शौचालय की घोषणा | आवश्यक; प्रमाणित करवाने की ज़रूरत नहीं |
| नो-ड्यूज | धारा 19 (झ) और 19 (ड) में कोई बकाया नहीं, तो किसी भी तरह का नो-ड्यूज देने की ज़रूरत नहीं |
| चरित्र प्रमाण पत्र | लगाना आवश्यक नहीं |
| जाति प्रमाण पत्र | आरक्षित वार्ड से लड़ने वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग के उम्मीदवार को; और सामान्य वार्ड से जमानत राशि में रियायत चाहिए, तब भी |
| जमानत राशि | नियम 58: सामान्य ₹500; महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग ₹250; रसीद लगानी आवश्यक |
| सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म | भरवाया जाएगा; न देने पर नामांकन पत्र खारिज नहीं होगा |
स्रोत: आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 1–3
हर काग़ज़ के बारे में आदेश जो कहता है, वह नामांकन वाले पेज पर है। सादे काग़ज़ पर हाथ से उतारकर बनाया हुआ नामांकन पत्र, और इसी तरह बनाए साथ वाले प्ररूप, स्वीकार्य नहीं होंगे; जानकारी हाथ से भरें या कंप्यूटर पर टाइप करके, दोनों चलेगा। कौन-सी कॉपी चलेगी, यह वहीं देखिए। 15 हर फ़ॉर्म खाली और भरा हुआ: नामांकन अभ्यास: पंचायत समिति और ज़िला परिषद।
एक संस्था, एक सीट
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम की धारा 19ख के तहत कोई व्यक्ति पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में एक से ज़्यादा पंचायत समिति निर्वाचन क्षेत्रों से, और ज़िला परिषद सदस्य के चुनाव में एक से ज़्यादा ज़िला परिषद निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव नहीं लड़ सकता। 13
किसी ने एक ही पंचायती राज संस्था में एक से ज़्यादा सीटों के लिए नामांकन भरा, तो संवीक्षा में उसका नामांकन इस वजह से खारिज नहीं होगा। पर नाम वापसी के तय समय के अंदर उसने एक सीट छोड़कर बाकी सब सीटों से नाम वापस नहीं लिया, तो सभी सीटों से उसकी उम्मीदवारी वापस मान ली जाएगी। 13
धारा 20 के तहत एक से ज़्यादा पंचायती राज संस्थाओं में एक साथ सदस्य रहने पर रोक है, पर चुनाव लड़ने पर नहीं। 13
संवीक्षा, नाम वापसी और जमानत
ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में मशीनें लगें, तो नियम 58(5) के हिसाब से नियम 24क से 31 तक और कुछ दूसरे नियम, ज़रूरी बदलाव के साथ, इन चुनावों पर भी लागू होते हैं। संवीक्षा का नियम 27 और नाम वापसी का नियम 28 इन्हीं में आते हैं। 18
संवीक्षा
नियम 27 के हिसाब से रिटर्निंग अधिकारी इन कारणों से नामांकन पत्र खारिज कर सकते हैं: 19
- उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए पात्र नहीं है, या अयोग्य हो गया है। 19
- उम्मीदवार वह व्यक्ति नहीं है जिसका नाम या मतदाता सूची की क्रम संख्या नामांकन पत्र में लिखी है। 19
- उम्मीदवार के हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी असली नहीं है, या धोखे, दबाव या अनुचित प्रभाव से ली गई है। 19
- नामांकन पत्र देने के नियम 25 का पालन नहीं हुआ, जैसे उम्मीदवार ने नामांकन पत्र खुद जाकर नहीं दिया। 193
इनके अलावा आयोग के आदेश 10062 की एक बात भी जान लीजिए: नामांकन पत्र या उसके साथ लगी किसी घोषणा या शपथ पत्र का कोई कॉलम खाली रहा (संतान वाले कॉलम को छोड़कर), तो रिटर्निंग अधिकारी आपको मीमो देंगे। शपथ पत्र के बारे में आदेश कहता है: पहले दिए शपथ पत्र में ही सुधार करना मान्य नहीं होगा, इसलिए कमी पूरी करने के लिए अलग से शपथ पत्र देना होगा। मीमो मिलने के बाद भी खाली कॉलम नहीं भरा, या जहाँ अलग से शपथ पत्र देना ज़रूरी है वहाँ नहीं दिया, तो नामांकन पत्र अस्वीकार करने योग्य होगा। 15
प्रस्तावक भी पूरे होने चाहिए। नियम 58(5) के अंग्रेज़ी पाठ में लिखा है कि मान्यता प्राप्त दल के उम्मीदवार के नामांकन पत्र पर उसी निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदाता के, और बाक़ी उम्मीदवारों के नामांकन पत्र पर उसी क्षेत्र के पाँच मतदाताओं के, प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर न हों, तो उम्मीदवार ठीक से नामांकित नहीं माना जाएगा। एक मतदाता एक ही उम्मीदवार का प्रस्तावक बन सकता है। 20
- संवीक्षा के समय उम्मीदवार खुद वहाँ मौजूद रह सकता है, कोई दूसरा व्यक्ति नहीं। 19
- रिटर्निंग अधिकारी नामांकन पत्र पर अपना फ़ैसला लिखेंगे, और खारिज करें तो उसके कारण भी छोटे में लिखेंगे। 21
- संवीक्षा उसी दिन पूरी होगी; कार्यवाही आगे के लिए टाली नहीं जा सकती। 21
नाम वापसी
नियम 28 के हिसाब से: 21
- नाम वापसी का नोटिस लिखकर, उम्मीदवार के हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी के साथ, उम्मीदवार को खुद जाकर रिटर्निंग अधिकारी को देना है। 213
- नोटिस दो प्रतियों में, तय तारीख और समय तक देना है। समय निकलने के बाद दिया नोटिस नहीं लिया जाएगा। 21
- एक बार दिया नोटिस वापस नहीं लिया जा सकता। 21
नियमों में नाम वापसी का कोई फ़ॉर्म तय नहीं है। मार्गदर्शिका में सुविधा के लिए जो मॉडल फ़ॉर्म (परिशिष्ट-21) छपा है, वह सरपंच और पंच पद के लिए है। 2223 नियम 58(5) के हिसाब से नियम 28 मशीन वाले चुनाव पर भी लागू होता है, 24 और नियम 28 में कोई फ़ॉर्म नहीं माँगा गया। 25 इसलिए ऊपर लिखी शर्तें पूरी करने वाला लिखित नोटिस काफ़ी है।
जमानत कब लौटेगी, कब जब्त होगी
पंचायती राज चुनावों में जमानत लौटाने और जब्त करने का तरीका आयोग के परिपत्र 2178 (20.06.2019) में है। आयोग के पत्र 594 (19.01.2026) के हिसाब से यह परिपत्र, और इसके साथ परिपत्र 2283 (09.07.2019), इस बार भी लागू हैं। 26
- नाम वापस लेने वाले उम्मीदवारों की, और उन हारे हुए उम्मीदवारों की जमानत लौटेगी जिन्हें कुल वैध वोटों का 1/6 या इससे ज़्यादा मिला। इसके लिए नतीजा घोषित होने के बाद प्रपत्र-1 में आवेदन करना होगा। 27
- जीतने वाले उम्मीदवार की जमानत जब्त नहीं होगी, उसे वोट कितने भी मिले हों। जब्त उसी की होगी जो चुना नहीं गया और 1/6 से कम वोट लाया। 28
- जिन्हें कुल वैध वोटों के 1/6 से कम मिले, उनकी जमानत जब्त करने का आदेश नतीजा घोषित होने के 3 दिन के अंदर प्रपत्र-2A में होगा। 27
- जिनकी जमानत लौटनी है, वे 15 दिन के अंदर प्रपत्र-1 में आवेदन करके ले सकते हैं। आदेश में आवेदन लेने वाले की जगह "रिटर्निंग अधिकारी पंचायत (उपखण्ड अधिकारी)/रिटर्निंग अधिकारी जिला परिषद् (जिला कलक्टर)" लिखा है। जो रकम इस समय में नहीं ली गई, वह अगले 7 दिन में सरकारी खज़ाने में जमा कर दी जाएगी। 27
चुनाव को चुनौती: चुनाव याचिका
- चुनाव क़ानून की पुस्तिका (अंग्रेज़ी) में छपे नियम 80 के हिसाब से, इन नियमों या अधिनियम में हुए किसी चुनाव को उसी चुनाव का कोई भी उम्मीदवार चुनौती दे सकता है। इसके लिए नतीजा घोषित होने की तारीख से 30 दिन के अंदर, उस इलाक़े के ज़िला न्यायाधीश (डिस्ट्रिक्ट जज) के यहाँ याचिका देनी होगी। 31
- याचिका के आधार नियम में गिनाए गए हैं; जैसे, चुनाव की तारीख को जीता हुआ उम्मीदवार योग्य नहीं था या अयोग्य था, कोई भ्रष्ट आचरण हुआ, या कोई नामांकन ग़लत ढंग से खारिज कर दिया गया। 31
- याचिका के साथ ₹500 जमा करवाने होंगे, सामने वाले पक्ष के ख़र्च की सिक्योरिटी के तौर पर; इसके बिना याचिका दी हुई नहीं मानी जाएगी। याचिका की एक प्रति डाक के प्रमाण पत्र (सर्टिफ़िकेट ऑफ़ पोस्टिंग) के साथ संबंधित ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को भी भेजनी होगी। 32
दल के उम्मीदवार
आयोग के चुनाव चिह्न वाले आदेश के मुताबिक कोई उम्मीदवार किसी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल का उम्मीदवार तभी माना जाएगा, जब ये सब बातें पूरी हों: 33
- उम्मीदवार ने अपने नामांकन पत्र में यह घोषणा की हो। 33
- दल की राज्य इकाई के अध्यक्ष या मुखिया ने, या उनके अधिकृत व्यक्ति ने, प्ररूप 'ख' में यह लिखित सूचना नामांकन की आखिरी तारीख को दोपहर 3 बजे तक रिटर्निंग अधिकारी को दे दी हो। 33
- अध्यक्ष ने नियम 58 के उपनियम (5) के तहत किसी और व्यक्ति को अधिकृत किया है और उसी ने रिटर्निंग अधिकारी को पत्र भेजा है, तो उस अधिकृत व्यक्ति के नमूने के हस्ताक्षर प्ररूप 'क' में नामांकन की आखिरी तारीख को दोपहर 3 बजे तक रिटर्निंग अधिकारी के पास पहुँच गए हों। 33
- प्ररूप 'क' और प्ररूप 'ख' पर हस्ताक्षर केवल स्याही से किए गए हों। 33
बालोतरा में नामांकन की आखिरी तारीखें ऊपर तारीखें वाले हिस्से में हैं।
- यहाँ 'अध्यक्ष' का मतलब दल की राज्य इकाई का अध्यक्ष है; जहाँ अध्यक्ष का पद नहीं है, वहाँ सचिव। 34
- प्ररूप 'क' या 'ख' पर अनुलिपि (फ़ैक्सिमिली) हस्ताक्षर या रबड़ स्टाम्प वाले हस्ताक्षर नहीं माने जाएँगे, और फ़ैक्स, ई-मेल या व्हाट्सऐप से भेजा कोई प्ररूप स्वीकार नहीं होगा। 34
प्रतिस्थानी (सब्स्टिट्यूट) उम्मीदवार
- प्ररूप 'ख' के स्तम्भ 6 में लिखा प्रतिस्थानी उम्मीदवार दल का उम्मीदवार तभी माना जाएगा, जब दल के मुख्य उम्मीदवार का नामांकन संवीक्षा में नियम 27 के तहत रद्द हो जाए, या मुख्य उम्मीदवार नियम 28 के तहत नाम वापस ले ले; और प्रतिस्थानी का अपना नामांकन खारिज न हुआ हो और उसने नाम वापस न लिया हो। 34
- मुख्य उम्मीदवार का नामांकन स्वीकार हो गया और उसने नाम वापस नहीं लिया, और प्रतिस्थानी का नामांकन भी स्वीकार होकर वह भी मैदान में रहा, तो प्रतिस्थानी दल का उम्मीदवार नहीं माना जाएगा; उसे आदेश के खण्ड 12 के हिसाब से मुक्त चिह्न मिलेगा। 34
दल ने उम्मीदवार बदला, या एक से ज़्यादा नाम दिए
- दल पहले वाले उम्मीदवार का मनोनयन रद्द करके दूसरा उम्मीदवार दे सकता है, पर तभी जब नए प्ररूप 'ख' में साफ़ लिखा हो कि पहले वाले का मनोनयन रद्द किया गया है, और अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर वाला यह प्ररूप 'ख' खण्ड 6 वाले समय के अंदर रिटर्निंग अधिकारी को मिल जाए। 34
- एक ही निर्वाचन क्षेत्र के लिए अलग-अलग उम्मीदवारों के नाम वाले एक से ज़्यादा प्ररूप 'ख' पहुँचे, और दल यह नहीं बता पाया कि पहले वाले वापस ले लिए गए हैं, तो रिटर्निंग अधिकारी उसी उम्मीदवार को दल का मानेंगे जिसका नामांकन पत्र सबसे पहले मिला था। बाकी दल के उम्मीदवार नहीं माने जाएँगे। 34
- दल ने एक ही प्ररूप 'ख' नोटिस में एक ही निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक से ज़्यादा उम्मीदवार (स्तम्भ 6 वाले प्रतिस्थानी के अलावा) दे दिए, तो उनमें से कोई भी दल का उम्मीदवार नहीं माना जाएगा। हाँ, दल ने बाद के प्ररूप 'ख' नोटिस से पहले वाले सब नाम रद्द करके खण्ड 6 के हिसाब से एक ही उम्मीदवार दिया, तो वही दल का उम्मीदवार माना जाएगा। 34
चुनाव चिह्न
- किसी दल का आरक्षित चिह्न सिर्फ़ उसी दल के उम्मीदवार को मिलेगा, किसी और को नहीं; और दल के उम्मीदवार को उसी दल का आरक्षित चिह्न मिलेगा, कोई दूसरा नहीं। 33
- बाकी उम्मीदवारों के मुक्त चिह्न: पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में आदेश की सारणी-2 वाले, और ज़िला परिषद सदस्य के चुनाव में सारणी-3 वाले। 33
- जिस उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त दल ने खड़ा नहीं किया, उसे मुक्त चिह्नों में से ही चिह्न मिलेगा। वह नामांकन पत्र में इन्हीं में से अपनी पसंद लिख सकता है; पसंद पर विचार किया जाएगा, पर कोई दूसरा चिह्न नहीं माँगा जा सकता। 35
- पसंद वही गिनी जाएगी जो उम्मीदवार के पहले नामांकन पत्र में लिखी है, भले ही वह नामांकन पत्र संवीक्षा में खारिज हो गया हो; बाद के नामांकन पत्रों में लिखे चिह्नों पर विचार नहीं होगा। 35
- दल के खड़े किए उम्मीदवार के लिए उस नामांकन पत्र में लिखा दल का आरक्षित चिह्न देखा जाएगा, जिसमें उसने खुद को उस दल का उम्मीदवार बताया है, भले ही वह पहला नामांकन पत्र न हो। अलग-अलग नामांकन पत्रों में अलग-अलग दलों का उम्मीदवार बताया, तो वह नामांकन पत्र देखा जाएगा जिसमें बताए दल ने खण्ड 6 के नोटिस से उसे चुना है; एक से ज़्यादा दलों ने चुना, तो बाद वाले नामांकन पत्र की घोषणा मानी जाएगी। 35
- पहले नामांकन पत्र में खुद को दल का उम्मीदवार बताया और मुक्त चिह्न भी चुने, पर दल ने मंज़ूरी नहीं दी, तो उसी पहले पत्र के मुक्त चिह्न देखे जाएँगे। चिह्न नहीं चुने और दल ने मंज़ूरी नहीं दी, तो दूसरे नामांकन पत्र के चिह्न पहले माने जाएँगे; दूसरे और तीसरे में भी यही हो, तो चौथे के। किसी भी नामांकन पत्र में चिह्न नहीं चुने, तो खण्ड 12 के तहत मुक्त चिह्न मिलेगा। 35
- निर्दलीय उम्मीदवारों में किसी चिह्न को पहली पसंद में एक ही उम्मीदवार ने लिखा, तो वह उसे मिलेगा। एक से ज़्यादा ने लिखा, तो वहाँ मौजूद उम्मीदवारों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं के सामने लॉट निकाला जाएगा। 35
- इसके बाद दूसरी पसंद, फिर तीसरी पसंद देखी जाएगी। फिर भी किसी को चिह्न नहीं मिला, या उसने पसंद ही नहीं लिखी, तो बचे हुए मुक्त चिह्नों में से सबसे ऊपर वाला दिया जाएगा; ऐसे उम्मीदवारों का क्रम उनके नामों की हिन्दी वर्णमाला से होगा। 36
- चिह्न देने का रिटर्निंग अधिकारी का फ़ैसला अंतिम होगा; पर वह आयोग के निर्देशों से मेल न खाए, तो आयोग उसे बदल सकता है। 36
अभिकर्ता (एजेंट)
ज़िला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में उम्मीदवार इन्हें नियुक्त कर सकता है:
- एक निर्वाचन अभिकर्ता;
- हर मतदान बूथ में एक मतदान अभिकर्ता;
- मतगणना केन्द्र में गणन अभिकर्ता।
स्रोत: ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 6–7
मतदान अभिकर्ता की जगह लेने वाला कोई रिलीवर अभिकर्ता नियुक्त करने का प्रावधान नहीं है। 3 गणन अभिकर्ताओं में एक रिलीवर रखा जा सकता है; नीचे देखिए।
नियुक्ति कैसे होगी
- निर्वाचन अभिकर्ता: प्ररूप-8 में; नामांकन पत्र देते समय, या चुनाव से पहले किसी भी समय। 38
- मतदान अभिकर्ता: उम्मीदवार या उसका निर्वाचन अभिकर्ता हर मतदान बूथ के लिए एक मतदान अभिकर्ता प्ररूप-9 में, दो प्रतियों में, अपने हस्ताक्षर से नियुक्त करेगा, और दोनों प्रतियाँ मतदान अभिकर्ता को देगा। मतदान के दिन मतदान अभिकर्ता ये प्रतियाँ मतदान अधिकारी को देगा और उनके सामने उसमें लिखी घोषणा पर हस्ताक्षर करेगा। इससे पहले वह बूथ पर कोई काम नहीं कर सकता। 39
- गणन अभिकर्ता: गिनती के लिए जितनी टेबलें लगेंगी, उतने; इनके अलावा एक रिटर्निंग अधिकारी की टेबल के लिए, और एक रिलीवर (अवमुक्ति) अभिकर्ता। नियुक्ति प्ररूप-10 में, दो प्रतियों में होगी। दूसरी प्रति गणन अभिकर्ता गिनती के दिन रिटर्निंग अधिकारी (या उनके अधिकृत अधिकारी) को देगा और उनके सामने घोषणा पर हस्ताक्षर करेगा। 39
मतदान के दिन बूथ पर
- मतदान अभिकर्ताओं से कहा जाना चाहिए कि वे मतदान शुरू होने से एक घंटा पहले बूथ पर आ जाएँ। 40
- कोई मतदान अभिकर्ता देर से आए, तब भी उसे बूथ की कार्यवाही में शामिल होने दिया जाना चाहिए; पर जो तैयारी पहले हो चुकी, उसे उसके लिए नए सिरे से शुरू करने की ज़रूरत नहीं। 40
- बूथ में प्रवेश प्ररूप-9 पेश करने पर ही मिलेगा। 40
- ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में उम्मीदवारों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर रिटर्निंग अधिकारी मतदान अधिकारी को भेजेंगे। मतदान अधिकारी प्ररूप-9 पर पहले से किए हस्ताक्षर देखेंगे, मतदान अभिकर्ता से अपने सामने फिर हस्ताक्षर करवाएँगे, दोनों हस्ताक्षर मिलाएँगे, और उसे काग़ज़ का बैज देंगे। यह बैज लगाकर ही वह ज़रूरत के हिसाब से बूथ में आ-जा सकेगा। 4041
मशीन पर आपका नाम
- MPSV में ज़िला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य, दोनों के लिए एक ही कन्ट्रोल यूनिट होगी और दो बैलेट यूनिट। 4243
- दोनों बैलेट यूनिट अलग-अलग मतदान प्रकोष्ठ में रखी जाएँगी: पहले प्रकोष्ठ में ज़िला परिषद सदस्य की बैलेट यूनिट, दूसरे में पंचायत समिति सदस्य की। 43
- उम्मीदवार नोटा मिलाकर 15 तक हों तो एक बैलेट यूनिट, 30 तक हों तो दो बैलेट यूनिट, और इस तरह दोनों पदों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा चार बैलेट यूनिट काम में ली जा सकती हैं। 42
- मतपत्र, स्टीकर और एड्रेस टैग का रंग: ज़िला परिषद सदस्य पीला, पंचायत समिति सदस्य नीला। 3
मशीन पर वोट कैसे पड़ता है, यह MPSV मशीन से मतदान वाले पेज पर है, और स्क्रीन पर खुद मशीन को चला के देखिए।
नामांकन से पहले की जाँच-सूची
- [ ] प्ररूप 4-क की सारी प्रविष्टियाँ भरी हैं। 44
- [ ] प्ररूप 4घ पूरा भरा है। 44
- [ ] शपथ पत्र उपाबन्ध-I A पर, 50 रुपये के गैर न्यायिक स्टाम्प पेपर पर, प्रमाणित करवाया है। 44
- [ ] नामांकन पत्र और उसके साथ लगे घोषणा और शपथ पत्रों का कोई कॉलम खाली नहीं है (संतान संबंधी योग्यता वाले कॉलम को छोड़कर)। 4415
- [ ] शौचालय की घोषणा भरी है। 16
- [ ] जमानत राशि (₹500 या ₹250) जमा करवाकर रसीद लगाई है; सामान्य वार्ड से रियायत ले रहे हैं, तो जाति प्रमाण पत्र भी। 16
- [ ] आरक्षित वार्ड से लड़ रहे हैं, तो जाति प्रमाण पत्र लगाया है। 16
- [ ] प्ररूप आयोग के दिए हुए हैं (रिटर्निंग अधिकारी, उपखण्ड अधिकारी या ज़िला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से); वे न मिले हों, तो उनकी फ़ोटोकॉपी; या टाइप किए हुए, जिनमें सारी प्रविष्टियाँ ज्यों की त्यों हैं। सादे काग़ज़ पर हाथ से उतारा हुआ कोई नहीं; जानकारी हाथ से भरी हो या कंप्यूटर से, दोनों चलेगा। 15
- [ ] एक ही पंचायत समिति निर्वाचन क्षेत्र या एक ही ज़िला परिषद निर्वाचन क्षेत्र से लड़ रहे हैं। 13
- [ ] नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के हस्ताक्षर हैं: मान्यता प्राप्त दल का उम्मीदवार हूँ, तो एक; नहीं, तो पाँच; सब इसी निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता, और उनमें से किसी ने किसी दूसरे उम्मीदवार के प्रस्तावक के तौर पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। 20
- [ ] सब काग़ज़ लेकर खुद जाऊँगा/जाऊँगी: सुबह 11 से दोपहर 3 बजे के बीच, आख़िरी तारीख तक। 3445
प्रचार के नियम: वाहन, लाउडस्पीकर, पोस्टर और खर्च
आयोग का आदेश 5052 (23.12.2025) पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और ज़िला परिषद सदस्य, चारों के चुनाव पर लागू है। 46
वाहन
- चुनाव की अधिसूचना से लेकर चुनाव खत्म होने तक, प्रचार या चुनाव से जुड़ी यात्रा में बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर, और तांगा, ऊँटगाड़ी, बैलगाड़ी जैसा कोई भी पशु से चलने वाला वाहन काम में नहीं ले सकते। 47
- बाकी वाहन (आदेश के हिसाब से जीप, कार, तिपहिया टैम्पो जैसे): ज़िला परिषद सदस्य का उम्मीदवार ज़्यादा से ज़्यादा 3, और पंचायत समिति सदस्य का उम्मीदवार ज़्यादा से ज़्यादा 2 वाहन काम में ले सकता है। 47
- वाहन चलाने से कम से कम 24 घंटे पहले उम्मीदवार या उसका निर्वाचन अभिकर्ता रिटर्निंग अधिकारी को लिखकर बताएगा: वाहन का नंबर, वाहन किस तरह का है, और चालक का नाम और पता। इस पर रिटर्निंग अधिकारी इस आदेश के साथ लगे प्ररूप 'ख' में लिखित अनुमति देंगे, जो उसी वाहन पर लगाकर रखनी है। 47
- किसी भी चुनाव में 3 से ज़्यादा वाहनों की रैली या काफ़िला नहीं निकलेगा। मतदान खत्म होने के तय समय से पहले के 48 घंटों में ऐसी रैली या काफ़िला निकालना पूरी तरह मना है। 47
- मतदान के दिन वाहन चलाने के लिए रिटर्निंग अधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होगी। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 133 के साथ धारा 123(5) का उल्लंघन हुआ, तो यह अनुमति बिना किसी नोटिस के रद्द कर दी जाएगी। 47
लाउडस्पीकर
- उम्मीदवार के चुनाव कार्यालय पर लाउडस्पीकर बिल्कुल नहीं। 47
- मतदान खत्म होने से पहले के 48 घंटों में लाउडस्पीकर बिल्कुल नहीं। 47
- अस्पताल, स्कूल और धार्मिक स्थल के 100 मीटर के अंदर लाउडस्पीकर बिल्कुल नहीं। 48
- लाउडस्पीकर सुबह 6 से रात 10 बजे तक ही चल सकता है, और वह भी उस क्षेत्र के ज़िला मजिस्ट्रेट, उपखण्ड मजिस्ट्रेट या दूसरे सक्षम अधिकारी की प्ररूप 'ग' में लिखित अनुमति के बाद। आवेदन में साफ़ लिखना होगा कि लाउडस्पीकर कब, कैसे और कहाँ बजेगा। 48
पोस्टर, बैनर, होर्डिंग और कट-आउट
- पोस्टर छपवाते समय लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 127-क का पालन करना होगा। 48
- सार्वजनिक जगह पर लगाने हों, तो स्थानीय प्राधिकारी या कानून से अधिकृत सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति लेनी होगी। 48
- जहाँ स्थानीय कानून में इसका कोई प्रावधान नहीं, वहाँ किसी निजी संपत्ति पर सिर्फ़ आसानी से हटने वाली प्रचार सामग्री, जैसे झंडियाँ और बैनर, लग सकती है, और वह भी मालिक की लिखित अनुमति लेकर। 48
- किसी भी मतदान बूथ के भवन के 200 मीटर के अंदर कट-आउट, होर्डिंग, पोस्टर या बैनर नहीं लगेंगे। मतदान के दिन उम्मीदवार अपने चुनाव बूथ पर एक बैनर लगा सकते हैं, जो 2x5 फ़ुट से बड़ा न हो, और उस पर किसी दल के नेता या उम्मीदवार का फ़ोटो, चुनाव चिह्न या नारा न हो। 48
- आमसभा, जुलूस या रैली के लिए उस क्षेत्र के कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति ज़रूरी है। 48
खर्च की सीमा और हिसाब
| पद | खर्च की अधिकतम सीमा |
|---|---|
| ज़िला परिषद सदस्य | ₹3,00,000 |
| पंचायत समिति सदस्य | ₹1,50,000 |
स्रोत: आदेश 5052, दि. 23.12.2025, संकलन पृ. 100
- चुनाव खर्च का हिसाब इस आदेश के साथ लगे प्ररूप 'क' में, नतीजा घोषित होने के 15 दिन के अंदर, ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) (कलक्टर) या उनके अधिकृत अधिकारी के सामने पेश करना होगा। 48
- यह हिसाब ज़िला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर 3 दिन तक लगेगा, और उसके बाद के 7 दिन में कोई भी व्यक्ति उस खर्च पर आपत्ति कर सकता है। 48
नियम तोड़ा तो
- इस आदेश को तोड़ने की शिकायत ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) या उनके अधिकृत अधिकारी से की जा सकती है। वे खुद जाँच करेंगे, या अपने किसी ऐसे अधीनस्थ अधिकारी से करवाएँगे जो तहसीलदार से नीचे के स्तर का न हो। शिकायत सही निकली, तो मामला उपखण्ड अधिकारी को भेजा जाएगा, और उपखण्ड अधिकारी सक्षम न्यायालय में परिवाद पेश करेंगे। 49
- आदेश में छपी धारा 22क के मुताबिक, पाबंदी तोड़ने वाले उम्मीदवार या उसके निर्वाचन अभिकर्ता को दोष सिद्ध होने पर ₹2,000 तक जुर्माना हो सकता है, और आयोग के आदेश से उसे छह साल तक पंचायती राज संस्था का सदस्य चुने जाने या सदस्य होने के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है। 46
आदर्श आचरण संहिता
आयोग के संकलन में 'राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिये आदर्श आचरण संहिता' छपी है। उसकी वे बातें जो सीधे उम्मीदवार और उसके कार्यकर्ताओं के काम की हैं, नीचे हैं। 50
हमेशा
- ऐसा कोई काम नहीं, जिससे किसी धर्म, सम्प्रदाय या जाति के लोगों की भावना को ठेस पहुँचे या उनमें तनाव फैले। वोट के लिए धार्मिक, साम्प्रदायिक या जातीय भावनाओं का सहारा नहीं, और मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरजाघर जैसे किसी पूजा-स्थल से प्रचार नहीं। 51
- दूसरे दलों की आलोचना उनकी नीतियों, कार्यक्रम, पुराने रिकॉर्ड और काम तक। किसी नेता या कार्यकर्ता के निजी जीवन पर नहीं, और बिना जाँचे आरोपों या झूठी बातों के सहारे नहीं। 51
- किसी के विचारों या काम का विरोध करने के लिए उसके घर के सामने प्रदर्शन या धरना नहीं। 51
- किसी की ज़मीन, मकान, अहाते या दीवार पर बिना अनुमति चुनाव चिह्न, झंडा, पोस्टर, नारा या बैनर नहीं, और अपने समर्थकों को भी इसकी छूट नहीं। 51
- केन्द्र सरकार, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी के किसी कर्मचारी को अपना निर्वाचन, मतदान या गणन अभिकर्ता न बनाएँ, और न उसे प्रचार के किसी काम में लगाएँ। 52
ये काम भ्रष्ट आचरण और अपराध हैं
संहिता इन कामों को चुनाव कानून के तहत भ्रष्ट आचरण और अपराध बताती है: 51
- मतदान खत्म होने के तय समय से पहले के 48 घंटों में सार्वजनिक सभा करना। 51
- किसी चुनाव सभा में गड़बड़ी करना या बाधा डालना। 51
- मतदान केन्द्र में या उसके 100 मीटर के अंदर वोट माँगना। 51
- मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक लाने या ले जाने के लिए वाहन लगाना। 51
- मतदान केन्द्र में या उसके आस-पास गड़बड़ करना, या मतदान के काम में बाधा डालना। 51
- मतदाताओं को रिश्वत देना, डराना-धमकाना, या किसी दूसरे के नाम से वोट डलवाना। 51
सभा और जुलूस
- दूसरे दल या उम्मीदवार की सभा या जुलूस में बाधा नहीं; उनकी सभा में सवाल पूछकर या अपने पर्चे बाँटकर भी नहीं। जहाँ किसी दूसरे की सभा चल रही हो, वहाँ से अपना जुलूस नहीं ले जाना, और किसी दूसरे के लगाए पोस्टर नहीं हटाने। 52
- सभा से पहले देख लें कि वहाँ कोई निषेधाज्ञा तो लागू नहीं; लागू हो तो उसका पूरा पालन करें, और छूट चाहिए तो समय रहते सक्षम अधिकारी से लें। सभा की जगह और समय की सूचना पहले से स्थानीय पुलिस को दें। 52
- लाउडस्पीकर की अनुमति समय रहते सक्षम अधिकारी से लें; बिना अनुमति लाउडस्पीकर नहीं, और अनुमति के बाद भी ऊँची आवाज़ में नहीं। 52
- सभा में कोई गड़बड़ करे, तो ड्यूटी पर तैनात पुलिस की मदद लें; खुद उस पर कोई कार्यवाही न करें। 52
- जुलूस कब और कहाँ से शुरू होगा, कब और कहाँ खत्म होगा और किस रास्ते से जाएगा, यह पहले तय करें और पुलिस को समय रहते बताएँ। जुलूस सड़क के एक ओर रहे, यातायात न रुके, और पुलिस की सलाह मानें। 53
- जुलूस में किसी को ऐसी चीज़ लेकर न चलने दें, जिसका उत्तेजना में गलत इस्तेमाल हो सके। दूसरे दल के नेताओं या उम्मीदवारों के पुतले न ले जाएँ, न जलाएँ। 54
मतदान के दिन
- चुनाव ड्यूटी वाले अधिकारियों का सहयोग करें, और अपने अधिकृत कार्यकर्ताओं को बिल्ले या पहचान पत्र दें। 54
- मतदाताओं को दी जाने वाली पहचान पर्चियाँ सादे सफ़ेद काग़ज़ पर हों; उन पर कोई चिह्न, उम्मीदवार का नाम या दल का नाम न हो। 54
- शराब: संहिता के 'सामान्य आचरण' वाले हिस्से में लिखा है कि मतदान के दिन और उससे एक दिन पहले न शराब खरीदी जाए, न किसी को पेश की जाए, न बाँटी जाए। 'मतदान दिवस' वाले हिस्से में लिखा है कि मतदान के दिन और उससे पहले के 48 घंटों में किसी को शराब पेश न करें, न बाँटें। 5154 आयोग के कानून-व्यवस्था वाले आदेश 980 में यह भी लिखा है कि मतदान खत्म होने से पहले के 48 घंटों में और गिनती के दिन शराब के इस्तेमाल, बिक्री और बाँटने पर रोक लगाई जाए। 55 इस चुनाव के लिए वित्त (आबकारी) विभाग ने मतदान वाले इलाक़े और उसके 5 किलोमीटर के दायरे में सूखा दिवस तय किए हैं; तारीखें चुनाव कार्यक्रम पर हैं। 56
- उम्मीदवार के कैम्प सादे हों: टैंट नहीं; पोस्टर, झंडे, चिह्न या कोई प्रचार सामग्री नहीं; खाने की चीज़ें नहीं; और भीड़ नहीं। मतदान केन्द्र के 200 मीटर के अंदर कैम्प किसी भी हालत में नहीं। 57
- मतदान केन्द्र और उसके 100 मीटर के अंदर किसी मतदाता से वोट न माँगें, न अपने कार्यकर्ताओं को माँगने दें। 58
- मतदान के दिन वाहन का परमिट लें और उसे वाहन पर ऐसे लगाएँ कि साफ़ दिखे। परमिट वाले वाहन में भी उम्मीदवार, उसके परिवार वालों, निर्वाचन एजेंट और उसके परिवार वालों के सिवा किसी मतदाता को न बिठाएँ। कार्यकर्ता किसी भी वाहन से दूसरे मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक न लाएँ, न ले जाएँ। 58
- किसी दूसरे के नाम से वोट डालने की कोशिश नहीं। 58
- मतदाताओं के सिवा कोई भी व्यक्ति आयोग के वैध पास के बिना मतदान केन्द्र में नहीं जाएगा। 58
पर्यवेक्षक
आयोग पर्यवेक्षक नियुक्त करता है। चुनाव के संचालन को लेकर उम्मीदवार या उसके अभिकर्ता को कोई खास शिकायत या परेशानी हो, तो वे पर्यवेक्षक को बता सकते हैं। 58
संहिता में सत्ताधारी दल के लिए अलग नियम भी हैं, जैसे सरकारी वाहन, विश्राम गृह और सरकारी खर्च पर विज्ञापन के बारे में। 59
मंत्रियों के लिए, संहिता के भाग-7 के साथ, सामान्य प्रशासन विभाग ने ये बातें भी तय की हैं। आयोग ने 15.10.2026 को यह आदेश भेजा। 60
- चुनाव पूरा होने तक चुनाव वाले इलाक़े में सरकारी दौरा नहीं। कानून-व्यवस्था बिगड़ जाए या कोई आपात स्थिति हो और उस विभाग के मंत्री का वहाँ होना ज़रूरी हो, तो यह रोक लागू नहीं होगी, पर विभाग के शासन सचिव इसकी सूचना आयोग को भेजेंगे। 60
- दौरे में सरकारी वाहन नहीं, और निजी वाहन पर लाल बत्ती या सायरन नहीं। 60
- चुनाव के काम वाले किसी अधिकारी को अपने पास बुलाना नहीं। 60
- विश्राम गृह, डाक बंगले और सरकारी आवास, न प्रचार दफ़्तर की तरह, न चुनाव से जुड़ी कोई बैठक करने के लिए। 60 दूसरे दलों और उम्मीदवारों को भी बिना भेदभाव के इनके इस्तेमाल की अनुमति दी जाएगी, पर वे भी इन्हें चुनाव के काम में नहीं लेंगे। 60
- अधिकारी मंत्रियों के स्वागत या प्रोटोकॉल में नहीं जाएँगे। 60
ये बातें उन बोर्ड और निगमों के अध्यक्षों पर भी लागू हैं, जिन्हें मंत्री या राज्य मंत्री का दर्जा मिला है। 60 पूरा आदेश एक पेज पर: मंत्री और आचार संहिता
रिटर्निंग अधिकारी से क्या पूछें
- नामांकन किस भवन में, किस कमरे में जमा होगा।
- जमानत राशि कहाँ और कैसे जमा होगी, और रसीद कौन देगा।
- जिसका 21वाँ जन्मदिन नामांकन और संवीक्षा के दिन के बीच पड़ता है: उसकी उम्र किस दिन की मानी जाएगी (ऊपर कौन चुनाव लड़ सकता है देखिए)। 1312
- लाउडस्पीकर की अनुमति (आदेश 5052 का प्ररूप 'ग') के लिए आवेदन किसके पास देना है। आदेश में ज़िला मजिस्ट्रेट, उपखण्ड मजिस्ट्रेट या दूसरे सक्षम अधिकारी, तीनों लिखे हैं। 48 आदेश के साथ छपे प्ररूप 'ग' (अनुमति पत्र) पर जारी करने वाले की जगह "रिटर्निंग अधिकारी जिला परिषद/पंचायत समिति/ग्राम पंचायत" और "उपखण्ड अधिकारी" छपा है। 61
दोहराइए: पंचायत समिति और ज़िला परिषद
स्रोत
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- 1.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 3कख
- 2.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 6कखग
- 3.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 7कखगघङचछजझ
- 4.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 7–8कखगघङचछ
- 5.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 7कख
- 6.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 12कख
- 7.आदेश 9867, दि. 03.10.2026, पृ. 1–3कख
- 8.आदेश 9867, दि. 03.10.2026, पृ. 2–3कखगघङ
- 9.आदेश 10090, दि. 06.10.2026, पृ. 1कख
- 10.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 9कखगघ
- 11.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 54कख
- 12.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 54–56कख
- 13.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 27कखगघङचछ
- 14.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 1–3 पाठ में
- 15.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 3कखगघ
- 16.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 2कखगघ
- 17.आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 2 पाठ में
- 18.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 74 पाठ में
- 19.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 62कखगघङचछ
- 20.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 120कखग
- 21.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 63कखगघङचछज
- 22.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 72 पाठ में
- 23.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 212 पाठ में
- 24.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 169 पाठ में
- 25.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 152 पाठ में
- 26.पत्र 594, दि. 19.01.2026, संकलन पृ. 400 पाठ में
- 27.परिपत्र 2178, दि. 20.06.2019 (पत्र 594 के साथ), संकलन पृ. 402कखगघ
- 28.आदेश 753, दि. 20.01.2026, संकलन पृ. 447कख
- 29.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 119कखगघ
- 30.परिपत्र 2178, दि. 20.06.2019 (पत्र 594 के साथ), संकलन पृ. 401–402 पाठ में
- 31.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 131कख
- 32.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 132 पाठ में
- 33.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 180कखगघङचछजझ
- 34.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 181कखगघङचछ
- 35.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 182कखगघङच
- 36.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 183कख
- 37.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 6–7कख
- 38.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 75कख
- 39.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 76कखग
- 40.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 19कखगघ
- 41.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 20 पाठ में
- 42.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 15कखग
- 43.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 29कखग
- 44.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 1कखगघङ
- 45.आदेश 9867, दि. 03.10.2026, पृ. 2 पाठ में
- 46.आदेश 5052, दि. 23.12.2025, संकलन पृ. 98कख
- 47.आदेश 5052, दि. 23.12.2025, संकलन पृ. 99कखगघङचछ
- 48.आदेश 5052, दि. 23.12.2025, संकलन पृ. 100कखगघङचछजझञटठ
- 49.आदेश 5052, दि. 23.12.2025, संकलन पृ. 101 पाठ में
- 50.संकलन, पृ. 80–84 पाठ में
- 51.संकलन, पृ. 80कखगघङचछजझञटठ
- 52.संकलन, पृ. 81कखगघङ
- 53.संकलन, पृ. 81–82 पाठ में
- 54.संकलन, पृ. 82कखगघ
- 55.आदेश 980, दि. 24.01.2026, संकलन पृ. 86 पाठ में
- 56.आदेश 10542, दि. 15.10.2026, पृ. 1 पाठ में
- 57.संकलन, पृ. 82–83 पाठ में
- 58.संकलन, पृ. 83कखगघङ
- 59.संकलन, पृ. 83–84 पाठ में
- 60.आदेश 10568, दि. 15.10.2026, पृ. 1कखगघङचछज
- 61.आदेश 5052, दि. 23.12.2025, संकलन पृ. 104 पाठ में