प्रत्याशी प्रबोधन: पंच और सरपंच
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यह पेज उनके लिए है जो वार्ड पंच या सरपंच का चुनाव लड़ना चाहते हैं, और उन अधिकारियों और मास्टर ट्रेनरों के लिए जो प्रत्याशी प्रबोधन कार्यशाला में यह सब समझाएँगे। पंच और सरपंच के वोट मतपेटी से पड़ेंगे। 1 ज़्यादातर बातें आयोग की मतपेटी मार्गदर्शिका के रिटर्निंग अधिकारी वाले अध्याय से हैं; जहाँ बाद के किसी आदेश ने कोई बात बदली है, वहाँ आदेश वाली बात लिखी है और यह भी बताया है कि क्या बदला।
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बालोतरा में तारीखें
| काम | तीसरा चरण | चौथा चरण |
|---|---|---|
| पंच और सरपंच के नामांकन, संवीक्षा, नाम वापसी और चुनाव चिह्न, सब एक ही दिन | 04.11.2026 (बुधवार) | 15.11.2026 (रविवार) |
| पंच और सरपंच का मतदान (सुबह 7 से शाम 6 बजे), फिर वहीं गिनती | 05.11.2026 (गुरुवार) | 16.11.2026 (सोमवार) |
| उपसरपंच का चुनाव | 06.11.2026 (शुक्रवार) | 17.11.2026 (मंगलवार) |
स्रोत: आदेश 10090, दि. 06.10.2026, पृ. 1; आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 9
तीसरे चरण में सिणधरी, गिडा, कल्याणपुर, गुडामालानी, धोरीमन्ना और समदड़ी पंचायत समितियाँ हैं; चौथे चरण में बालोतरा, पादरू, पायला कलां, पाटोदी और सिवाना। 4
नामांकन वाला दिन
पंच और सरपंच के नामांकन, उनकी संवीक्षा और नाम वापसी, तीनों काम एक ही दिन में ग्राम पंचायत मुख्यालय पर होंगे: पंचायत भवन में, या उस जगह जो ज़िला निर्वाचन अधिकारी तय करें। 5
| समय | क्या होगा |
|---|---|
| सुबह 8 से 11 बजे तक | नामांकन लिए जाएँगे |
| 11:30 बजे से | संवीक्षा (नामांकन पत्रों की जाँच) |
| दोपहर 2 बजे तक | नाम वापसी |
| नाम वापसी के तुरंत बाद | चुनाव चिह्न दिए जाएँगे |
स्रोत: आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 8
रिटर्निंग अधिकारी नामांकन पत्र सिर्फ़ उसी जगह, उसी तारीख और उसी समय पर लेंगे, जो ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की लोक सूचना में तय है। 7 समय निकल जाने के बाद पहुँचे, तो काम नहीं बनेगा। 8 इसलिए सारे काग़ज़ एक दिन पहले ही तैयार रखिए।
इस बार क्या अलग है
- संतान वाली शर्त नहीं रही। प्ररूप 4घ के बिन्दु 3 (संतान संबंधी योग्यता) की सूचना देना अब आवश्यक नहीं, क्योंकि यह प्रावधान हटा दिया गया है। 9 मतपेटी मार्गदर्शिका में 4घ के चार बिन्दुओं में संतान वाला बिन्दु अब भी छपा है; 10 उसे लागू न मानिए।
- पढ़ाई की कोई शर्त नहीं। पंचायती राज विभाग की 22.02.2019 की अधिसूचना से शैक्षणिक योग्यता वाले प्रावधान खत्म कर दिए गए। अब किसी भी पद के लिए शैक्षणिक योग्यता की ज़रूरत नहीं। 11
- मतपत्र पर सिर्फ़ चुनाव चिह्न छपे होंगे। उम्मीदवारों के नाम नामांकन की प्रक्रिया पूरी होते ही मतदान दल के कार्मिक मतपत्र पर हाथ से लिखेंगे। 12
- पंच के लिए 40 और सरपंच के लिए 40 चिह्न, अलग-अलग, आयोग के आदेश 4191 (17.10.2025) से। 12
- नोटा भी रहेगा। इसका स्टीकर आयोग छपवाता है, और यह आख़िरी उम्मीदवार के ठीक बाद वाली जगह पर लगेगा। 12
कौन चुनाव लड़ सकता है
- उसी पंचायत का मतदाता। पंच या सरपंच का चुनाव वही लड़ सकता है जो उसी पंचायत क्षेत्र के किसी भी वार्ड का मतदाता हो। यह ज़रूरी नहीं कि जिस वार्ड से पंच का चुनाव लड़ रहे हैं, उसी वार्ड के मतदाता हों। जैसे, वार्ड 5 का मतदाता उसी पंचायत के वार्ड 8 से पंच का चुनाव भी लड़ सकता है और सरपंच का भी। 7
- उम्र 21 साल। जो मतदाता नामांकन पत्रों की संवीक्षा के दिन 21 साल का हो गया है, वह पंच या सरपंच का चुनाव लड़ सकता है। मतदाता सूची में लिखी उम्र सिर्फ़ अंदाज़न होती है, इसलिए नामांकन के लिए उसे प्रमाण नहीं माना जाता; संवीक्षा के समय उम्मीदवार की उम्र पर आपत्ति की जा सकती है। 11
- आरक्षित सीट। जो वार्ड या सरपंच पद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या महिला के लिए आरक्षित है, उस पर उसी वर्ग का व्यक्ति लड़ सकता है। अन्य पिछड़े वर्ग की सीट पर विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC) के प्रमाण पत्र वाले भी पात्र हैं। महिला की सीट से कोई पुरुष नहीं लड़ सकता। 7
- अनारक्षित सीट। जो वार्ड या सरपंच पद आरक्षित नहीं है, उस पर किसी भी जाति या वर्ग का व्यक्ति, महिला या पुरुष, लड़ सकता है। 11 अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग का व्यक्ति सामान्य वार्ड से लड़ने के अयोग्य नहीं है। 1516
एक ही सीट से
पंचायती राज अधिनियम की धारा 19ख के हिसाब से एक पंचायती राज संस्था के चुनाव में एक से ज़्यादा सीटों पर नहीं लड़ सकते: 11
- पंच के चुनाव में एक से ज़्यादा वार्डों से नहीं;
- सरपंच का चुनाव लड़ रहे हैं तो पंच का नहीं, और पंच का लड़ रहे हैं तो सरपंच का नहीं।
स्रोत: मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 27
किसी ने एक से ज़्यादा सीटों के लिए नामांकन भर दिया, तो संवीक्षा में उसका नामांकन खारिज नहीं होगा। लेकिन नाम वापसी के तय समय तक उसने एक सीट छोड़कर बाकी सब से नाम वापस नहीं लिया, तो उसकी उम्मीदवारी सभी सीटों से वापस मानी जाएगी, यानी वह किसी भी सीट से उम्मीदवार नहीं रहेगा। 1113
सरकारी कर्मचारी
जो व्यक्ति संवीक्षा के दिन केन्द्र सरकार, राज्य सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकारी (लोकल अथॉरिटी) का पूरे समय का या पार्ट-टाइम वैतनिक कर्मचारी है, वह पंच या सरपंच का चुनाव नहीं लड़ सकता। 17
इसी तरह, कोई विश्वविद्यालय, निगम, संस्था, उपक्रम या सहकारी समिति, जिस पर राज्य सरकार का नियंत्रण है या जिसे राज्य सरकार से पूरा या कुछ पैसा मिलता है, उसमें वेतन वाली पूरे समय की या पार्ट-टाइम नौकरी करने वाला भी चुनाव नहीं लड़ सकता। यह धारा 19 के संशोधित खण्ड (ख) में है। 17
ऐसे कर्मचारी नामांकन भरें, तो संवीक्षा के समय सक्षम अधिकारी की दी हुई त्यागपत्र की स्वीकृति की प्रमाणित प्रति देनी होगी। यह आदेश संवीक्षा की तारीख से पहले वाले दिन तक का होना चाहिए, उसी दिन का नहीं। त्यागपत्र की स्वीकृति न दी, तो नामांकन पत्र अस्वीकार होगा। 17
इस बार पंच-सरपंच की संवीक्षा नामांकन वाले दिन ही है, यानी बालोतरा के तीसरे चरण में 04.11.2026 और चौथे चरण में 15.11.2026। 23 इसलिए स्वीकृति का आदेश तीसरे चरण में 03.11.2026 (मंगलवार) तक का, और चौथे चरण में 14.11.2026 (शनिवार) तक का होना चाहिए।
कौन चुनाव नहीं लड़ सकता
पंचायती राज अधिनियम की धारा 19 में अयोग्यताएँ लिखी हैं। ये पंच के लिए हैं, और धारा 26(1) से सरपंच के लिए भी यही लागू हैं। 18 इनमें से कुछ, जो उम्मीदवारों के काम की हैं:
| अयोग्यता | धारा |
|---|---|
| विधानसभा सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए जो अयोग्य है, वह पंच-सरपंच के लिए भी अयोग्य है; बस उम्र 25 की जगह 21 साल काफ़ी है | 19 (क) 19 |
| किसी भी पंचायती राज संस्था के अधीन कोई वैतनिक पद या लाभ का पद | 19 (घ) 17 |
| संबंधित पंचायती राज संस्था के किसी ठेके में खुद, भागीदार, नियोजक या कर्मचारी के ज़रिये अंश या हित | 19 (ङ) 17 |
| पाँच साल या ज़्यादा की सज़ा वाले अपराध में न्यायालय ने संज्ञान ले लिया हो और आरोप तय कर दिए हों | 19 (छछ) 20 |
| संबंधित पंचायत की ओर से या उसके विरुद्ध वकील के रूप में नियुक्त | 19 (ञ) 20 |
| पंचायत के लगाए कर या फीस को माँग नोटिस की तारीख से दो महीने तक न चुकाया हो (नामांकन भरने की तारीख से पहले जमा करके रसीद ले ली, तो अयोग्य नहीं) | 19 (झ) 20 |
| घर में कार्यशील स्वच्छ शौचालय न हो, या परिवार का कोई सदस्य खुले में शौच जाता हो | 19 (थ) 1816 |
स्वच्छ शौचालय यानी तीन दीवारों, एक दरवाज़े और छत से घिरा जलबंद (water sealed) शौचालय। परिवार में पति या पत्नी, बच्चे, और साथ रहने वाले माता-पिता गिने जाते हैं। 18
पुराने बकाये (नो-ड्यूज) और शौचालय की घोषणा कैसे देनी है, यह नामांकन वाले पेज पर है।
नामांकन पत्र जमा करना
- नामांकन पत्र प्ररूप 4 है। इसके साथ प्ररूप 4घ, शौचालय की घोषणा, और सिर्फ़ सरपंच के लिए उपाबन्ध-I B भी लगेगा। 219 पूरी सूची नामांकन वाले पेज पर है। हर फ़ॉर्म खाली और भरा हुआ, आमने-सामने: नामांकन अभ्यास।
- ये सब उम्मीदवार खुद अपने हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी के साथ रिटर्निंग अधिकारी को देगा, तय तारीख, तय समय और तय जगह पर। 8 किसी और के हाथ भेजा नामांकन खारिज हो सकता है। 22
- पंच-सरपंच के चुनाव में प्रस्तावक का प्रावधान नहीं है। 22
- प्ररूप 4घ नामांकन के साथ देना कानूनन आवश्यक है। इसे पूरा भरकर, हर पेज पर हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी लगाकर दीजिए, नहीं तो नामांकन पत्र खारिज हो जाएगा। 10
- उपाबन्ध-I B सिर्फ़ सरपंच के लिए है। सरपंच का उम्मीदवार इसे न दे, तो नामांकन अस्वीकार होगा। इसका कोई कॉलम खाली रह गया और रिटर्निंग अधिकारी के याद दिलाने पर भी नहीं भरा, तो संवीक्षा में नामांकन अस्वीकार करने योग्य होगा। 23
- उपाबन्ध-I B में लिखी बातें सही हैं या गलत, यह रिटर्निंग अधिकारी नहीं जाँचते, क्योंकि इससे पात्रता तय नहीं होती। यह आम लोगों की जानकारी के लिए है, इसलिए इसकी एक प्रति नोटिस बोर्ड पर लगेगी। 21
- शौचालय की घोषणा साथ नहीं दी, तो रिटर्निंग अधिकारी मीमो देंगे कि संवीक्षा से पहले अपने हस्ताक्षर वाली घोषणा दे दें। न दी, तो संवीक्षा में नामांकन खारिज हो सकता है। 22
जमानत राशि
- वार्ड पंच के लिए कोई जमानत राशि नहीं है। 21
- सरपंच के लिए नियम 56(3): सामान्य उम्मीदवार ₹500; अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला उम्मीदवार ₹250। राशि रसीद के ज़रिये जमा होगी, और रसीद नामांकन के साथ लगेगी। 2116
- अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग का उम्मीदवार ₹250 जमा करे, तो कलक्टर या राज्य सरकार के सक्षम किए अधिकारी का जाति प्रमाण पत्र भी लगाना होगा, चाहे सरपंच पद आरक्षित न भी हो। 21
- एक से ज़्यादा नामांकन पत्र भरें, तो जमानत राशि एक ही बार जमा करनी है। 21
रसीद
नामांकन पत्र देते समय रिटर्निंग अधिकारी उम्मीदवार को संवीक्षा का समय, तारीख और जगह बताएँगे। वे नामांकन पत्र पर वार्ड का क्रम संख्यांक और नामांकन पत्र का क्रम संख्यांक अपने हाथ से लिखेंगे, पहचान करने वाला कोई साथ आया हो तो उसका उल्लेख करेंगे, और नामांकन मिलने का समय लिखेंगे। फिर प्ररूप 4 में छपी रसीद उम्मीदवार को देंगे। 22 रसीद सँभालकर रखिए।
संवीक्षा: नामांकन कब खारिज होता है
नियम 27 के हिसाब से इन कारणों से नामांकन पत्र खारिज किया जा सकता है: 22
- उम्मीदवार चुनाव के लिए पात्र नहीं है, या धारा 19 की कोई अयोग्यता रखता है। 22
- उम्मीदवार वह व्यक्ति नहीं है जिसका नाम और मतदाता सूची की क्रम संख्या नामांकन पत्र में लिखी है। 22
- उम्मीदवार ने नामांकन पत्र खुद रिटर्निंग अधिकारी को नहीं दिया। 22
- नामांकन पत्र तय प्ररूप 4 में नहीं है। 22
- नामांकन पत्र के साथ प्ररूप 4घ नहीं है। 22
- उम्मीदवार उस पंचायत का मतदाता नहीं है। 22
- सरपंच के लिए: उपाबन्ध-I B ₹50 के नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर नहीं है, या उसके कॉलम खाली हैं और याद दिलाने पर भी नहीं भरे। हर उम्मीदवार के लिए: शौचालय की घोषणा नहीं दी, और याद दिलाने पर भी नहीं दी। 22
- प्ररूप 4, 4घ, उपाबन्ध-I B (सरपंच) या शौचालय की घोषणा पर उम्मीदवार के हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी नहीं है। 22
- सरपंच के चुनाव में जमानत राशि जमा नहीं करवाई। 22
- पद अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित है, और उस वर्ग का प्रमाण पत्र नहीं दिया। 22
- पद महिला के लिए आरक्षित है, और उम्मीदवार महिला नहीं है। 22
इन बातों से नामांकन खारिज नहीं होता
- उम्मीदवार का नाम किसी दूसरी पंचायत की मतदाता सूची में भी है, सिर्फ़ इस आधार पर नामांकन खारिज नहीं होगा। देखा यह जाता है कि नामांकन पत्र में लिखा व्यक्ति ही उम्मीदवार है। 15
- उम्मीदवार उसी पंचायत का मतदाता है, इसलिए मतदाता सूची की प्रमाणित नकल की ज़रूरत नहीं। 15
- दो-तीन नामांकन पत्र भरे और उनमें से एक भी स्वीकार हो गया, तो उम्मीदवार बना रहेगा। 15
- एक से ज़्यादा नामांकन पत्र स्वीकार हुए, तब भी उम्मीदवारों की सूची में नाम एक ही बार लिखा जाएगा। 15
नामांकन लेते समय रिटर्निंग अधिकारी हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी, मतदाता क्रम संख्या और वार्ड संख्या मिलाते हैं, और गलती हो तो उसी समय ठीक करवा देते हैं; वे यह भी पूछते हैं कि आप पंच के लिए लड़ रहे हैं या सरपंच के लिए। 24 उस समय साथ रहिए और जो पूछा जाए, साफ़ बताइए।
नाम वापसी
नियम 28 के हिसाब से उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकता है: 15
- नाम वापसी का नोटिस उम्मीदवार खुद आकर, दो प्रतियों में, अपने हस्ताक्षर करके रिटर्निंग अधिकारी को देगा। किसी और का दिया नोटिस अमान्य होगा।
- नोटिस तय जगह पर, तय समय के भीतर देना है। समय निकलने के बाद दिया नोटिस अमान्य होगा।
- एक बार नोटिस दे दिया, तो उसे वापस नहीं ले सकते।
- नोटिस से उम्मीदवार चुनाव से हटता है। दो नामांकन पत्रों में से सिर्फ़ एक वापस लेने के लिए यह नोटिस नहीं दिया जा सकता; एक नोटिस से सारे नामांकन पत्र वापस माने जाएँगे।
स्रोत: मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 35
रिटर्निंग अधिकारी नोटिस की एक प्रति पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगाएँगे; पंचायत कार्यालय न हो, तो पंचायत मुख्यालय पर किसी प्रमुख जगह पर। 13 नियमों में नाम वापसी का कोई फ़ॉर्म तय नहीं है; सुविधा के लिए एक मॉडल फ़ॉर्म बनाया गया है, जो रिटर्निंग अधिकारी उम्मीदवारों को देंगे। 13
बालोतरा में नाम वापसी नामांकन वाले दिन ही दोपहर 2 बजे तक है। 6
उम्मीदवारों की सूची और चुनाव चिह्न
नाम वापसी के बाद पंच और सरपंच के उम्मीदवारों की अलग-अलग सूची प्ररूप 5 में बनेगी, हिन्दी वर्णमाला के क्रम में, उम्मीदवार के मुख्य नाम से, उपनाम (सरनेम) से नहीं। जैसे, 'जयनारायण व्यास' का नाम 'ज' पर आएगा। 13 एक ही नाम के दो या ज़्यादा उम्मीदवार हों, तो उनके नाम के साथ पिता या पति का नाम जोड़कर, या जैसे रिटर्निंग अधिकारी ठीक समझें, उनमें फ़र्क किया जाएगा। 25
सूची की प्रति हर उम्मीदवार को दी जाएगी। 25 चुनाव चिह्न नाम वापसी खत्म होते ही दिए जाएँगे। 6
मतपत्र कैसा होगा
- सरपंच का मतपत्र सफ़ेद रंग का होगा, और पंच का गुलाबी। 12
- चिह्न एक कॉलम में दस-दस करके छपेंगे: चिह्न 1 से 10 मतपत्र पर, 11 से 20 पहली अतिरिक्त पर्ची पर, 21 से 30 दूसरी पर, और 31 से 40 तीसरी पर। 12
- सात अंकों की क्रम संख्या सिर्फ़ मतपत्र पर होगी; अतिरिक्त पर्चियों पर कोई क्रम संख्या नहीं होगी, और मतपत्र में प्रतिपर्ण (काउंटरफ़ॉइल) नहीं होगा। 12
- उम्मीदवारों के नाम मतदान दल के कार्मिक हाथ से लिखेंगे, और जो चिह्न काम में नहीं आए, वे कैंची से काट दिए जाएँगे। 1214
- नोटा आख़िरी उम्मीदवार के बाद वाली जगह पर होगा। जैसे, 6 उम्मीदवार हों तो नोटा मतपत्र पर सातवीं जगह पर; 12 उम्मीदवार हों तो पहली अतिरिक्त पर्ची की तीसरी जगह पर। 26
मतदान और गिनती
पंच और सरपंच का मतदान सुबह 7 से शाम 6 बजे तक होगा। 23 मतदान खत्म होते ही वोट ग्राम पंचायत मुख्यालय वाले मतदान केन्द्र पर गिने जाएँगे, 27 और नतीजा उसी दिन घोषित होगा। 14
- गिनती की जगह और शुरू होने का समय सब उम्मीदवारों को पहले ही बता दिया जाएगा। 28
- गिनती में पंच और सरपंच के उम्मीदवार बैठ सकते हैं, और सरपंच के दो गणन अभिकर्ता भी। जिस पंचायत में 20 या ज़्यादा वार्ड हैं, वहाँ ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ज़रूरत के हिसाब से सरपंच के 2 से ज़्यादा गणन अभिकर्ता की अनुमति दे सकते हैं। 28
- मतपेटी खोलकर सरपंच और पंच के मतपत्र काग़ज़ के रंग के हिसाब से अलग किए जाते हैं। 28
अभिकर्ता (एजेंट)
| निर्वाचन अभिकर्ता | मतदान अभिकर्ता | गणन अभिकर्ता | |
|---|---|---|---|
| सरपंच | नहीं | जितने मतदान बूथ, उतने तक | ज़्यादा से ज़्यादा 2; 20 या ज़्यादा वार्ड वाली पंचायत में ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) इससे ज़्यादा की अनुमति दे सकते हैं |
| पंच | नहीं | नहीं | नहीं |
स्रोत: ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 7; मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 38
सरपंच के मतदान अभिकर्ता की जगह लेने के लिए कोई रिलीवर (बदली वाला) अभिकर्ता नहीं रखा जा सकता। 29
नतीजा, जमानत की वापसी और शपथ
- नियम 51 और 52 के हिसाब से पंच और सरपंच के मिले वोटों का ब्योरा प्ररूप 7 में भरकर नतीजा घोषित होगा। 30
- सरपंच के जिस उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के 1/6 से कम मिले, उसकी जमानत राशि जब्त होगी। जीतने वाले उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के 1/6 से कम वोट मिले हों, तब भी उसकी जमानत लौटेगी। 30
- जिसने एक से ज़्यादा नामांकन के साथ एक से ज़्यादा बार जमानत जमा करवाई, उसकी सिर्फ़ एक जमानत जब्त होगी; बाकी लौटेगी। 30
- जमानत वापस लेने के लिए गिनती के बाद प्रपत्र 1 में आवेदन करना होगा। 3029
- आयोग के परिपत्र 2178 (20.06.2019) के हिसाब से, जो परिपत्र 2283 (09.07.2019) के साथ इस बार भी लागू है, नतीजा घोषित होते ही रिटर्निंग अधिकारी उन उम्मीदवारों की जमानत जब्त करने का आदेश प्रपत्र-2 में देंगे, जो चुने नहीं गए और जिन्हें वैध वोटों के 1/6 से कम मिले। 3132
- जिनकी जमानत लौटनी है पर अभी नहीं ली, वे 15 दिन के अंदर उपखण्ड कार्यालय से प्रपत्र-1 में आवेदन करके ले सकते हैं; नहीं ली, तो यह रकम सरकारी खज़ाने में जमा कर दी जाएगी। 32
- नतीजा घोषित होते ही चुने गए पंच और सरपंच को प्ररूप 11 में शपथ दिलाई जाएगी, ताकि वे उपसरपंच के चुनाव वाली बैठक में शामिल हो सकें। 30
- उपसरपंच का चुनाव अगले दिन होगा। 3023 उस बैठक का पूरा तरीका: उप-सरपंच का चुनाव
चुनाव को चुनौती: चुनाव याचिका
- चुनाव क़ानून की पुस्तिका (अंग्रेज़ी) में छपे नियम 80 के हिसाब से, इन नियमों या अधिनियम में हुए किसी चुनाव को उसी चुनाव का कोई भी उम्मीदवार चुनौती दे सकता है। इसके लिए नतीजा घोषित होने की तारीख से 30 दिन के अंदर, उस इलाक़े के ज़िला न्यायाधीश (डिस्ट्रिक्ट जज) के यहाँ याचिका देनी होगी। 35
- याचिका के आधार नियम में गिनाए गए हैं; जैसे, चुनाव की तारीख को जीता हुआ उम्मीदवार योग्य नहीं था या अयोग्य था, कोई भ्रष्ट आचरण हुआ, या कोई नामांकन ग़लत ढंग से खारिज कर दिया गया। 35
- याचिका के साथ ₹500 जमा करवाने होंगे, सामने वाले पक्ष के ख़र्च की सिक्योरिटी के तौर पर; इसके बिना याचिका दी हुई नहीं मानी जाएगी। याचिका की एक प्रति डाक के प्रमाण पत्र (सर्टिफ़िकेट ऑफ़ पोस्टिंग) के साथ संबंधित ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को भी भेजनी होगी। 36
नामांकन से पहले की जाँच-सूची
- [ ] मैं इसी पंचायत के किसी वार्ड का मतदाता हूँ; मतदाता सूची में अपनी क्रम संख्या और वार्ड देख लिए हैं।
- [ ] संवीक्षा के दिन मेरी उम्र 21 साल पूरी है। 11
- [ ] सीट आरक्षित है, तो मैं उसी वर्ग से हूँ और उसका प्रमाण पत्र साथ है।
- [ ] मैं सिर्फ़ एक सीट से लड़ रहा/रही हूँ: या पंच (एक वार्ड), या सरपंच।
- [ ] सरकारी या स्थानीय निकाय की नौकरी में था/थी, तो त्यागपत्र की स्वीकृति संवीक्षा से पहले वाले दिन तक की है।
- [ ] प्ररूप 4 पूरा भरा, हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी लगी। 922
- [ ] प्ररूप 4घ पूरा भरा, हर पेज पर हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी। 910
- [ ] शौचालय की घोषणा, हस्ताक्षर के साथ।
- [ ] सरपंच के लिए: उपाबन्ध-I B ₹50 के नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प पेपर पर, प्रमाणित, कोई कॉलम खाली नहीं। 9
- [ ] सरपंच के लिए: जमानत राशि (₹500 या ₹250) की रसीद; ₹250 वाले अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़े वर्ग के उम्मीदवार जाति प्रमाण पत्र भी लगाएँ। 2116
- [ ] पंचायत का कोई कर या फीस बकाया था, तो नामांकन से पहले जमा कर दिया और रसीद साथ है।
- [ ] सब काग़ज़ लेकर खुद, तय समय (सुबह 8 से 11 बजे) में पहुँचूँगा/पहुँचूँगी। 68
स्रोत: मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 26–34; आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 1–2; आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 8
प्रचार के नियम: वाहन, लाउडस्पीकर, पोस्टर और खर्च
आयोग का आदेश 5052 (23.12.2025) पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और ज़िला परिषद सदस्य, चारों के चुनाव पर लागू है। 39
वाहन
- चुनाव की अधिसूचना से लेकर चुनाव खत्म होने तक, प्रचार या चुनाव से जुड़ी यात्रा में बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर, और तांगा, ऊँटगाड़ी, बैलगाड़ी जैसा कोई भी पशु से चलने वाला वाहन काम में नहीं ले सकते। 40
- बाकी वाहन (आदेश के हिसाब से जीप, कार, तिपहिया टैम्पो जैसे): सरपंच का उम्मीदवार ज़्यादा से ज़्यादा 1 वाहन काम में ले सकता है। आदेश की इस सूची में पंच का नाम नहीं है। 40
- वाहन चलाने से कम से कम 24 घंटे पहले सरपंच का उम्मीदवार उपखण्ड अधिकारी को लिखकर बताएगा: वाहन का नंबर, वाहन किस तरह का है, और चालक का नाम और पता। इस पर इस आदेश के साथ लगे प्ररूप 'ख' में लिखित अनुमति मिलेगी, जो उसी वाहन पर लगाकर रखनी है। 40
- किसी भी चुनाव में 3 से ज़्यादा वाहनों की रैली या काफ़िला नहीं निकलेगा। मतदान खत्म होने के तय समय से पहले के 48 घंटों में ऐसी रैली या काफ़िला निकालना पूरी तरह मना है। 40
- मतदान के दिन वाहन चलाने के लिए रिटर्निंग अधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होगी। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 133 के साथ धारा 123(5) का उल्लंघन हुआ, तो यह अनुमति बिना किसी नोटिस के रद्द कर दी जाएगी। 40
लाउडस्पीकर
- उम्मीदवार के चुनाव कार्यालय पर लाउडस्पीकर बिल्कुल नहीं। 40
- मतदान खत्म होने से पहले के 48 घंटों में लाउडस्पीकर बिल्कुल नहीं। 40
- अस्पताल, स्कूल और धार्मिक स्थल के 100 मीटर के अंदर लाउडस्पीकर बिल्कुल नहीं। 41
- लाउडस्पीकर सुबह 6 से रात 10 बजे तक ही चल सकता है, और वह भी उस क्षेत्र के ज़िला मजिस्ट्रेट, उपखण्ड मजिस्ट्रेट या दूसरे सक्षम अधिकारी की प्ररूप 'ग' में लिखित अनुमति के बाद। आवेदन में साफ़ लिखना होगा कि लाउडस्पीकर कब, कैसे और कहाँ बजेगा। 41
पोस्टर, बैनर, होर्डिंग और कट-आउट
- पोस्टर छपवाते समय लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 127-क का पालन करना होगा। 41
- सार्वजनिक जगह पर लगाने हों, तो स्थानीय प्राधिकारी या कानून से अधिकृत सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति लेनी होगी। 41
- जहाँ स्थानीय कानून में इसका कोई प्रावधान नहीं, वहाँ किसी निजी संपत्ति पर सिर्फ़ आसानी से हटने वाली प्रचार सामग्री, जैसे झंडियाँ और बैनर, लग सकती है, और वह भी मालिक की लिखित अनुमति लेकर। 41
- किसी भी मतदान बूथ के भवन के 200 मीटर के अंदर कट-आउट, होर्डिंग, पोस्टर या बैनर नहीं लगेंगे। मतदान के दिन उम्मीदवार अपने चुनाव बूथ पर एक बैनर लगा सकते हैं, जो 2x5 फ़ुट से बड़ा न हो, और उस पर किसी दल के नेता या उम्मीदवार का फ़ोटो, चुनाव चिह्न या नारा न हो। 41
- आमसभा, जुलूस या रैली के लिए उस क्षेत्र के कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति ज़रूरी है। 41
खर्च की सीमा और हिसाब
सरपंच के लिए खर्च की अधिकतम सीमा ₹1,00,000 है। आदेश की इस तालिका में पंच का नाम नहीं है। 41
- चुनाव खर्च का हिसाब इस आदेश के साथ लगे प्ररूप 'क' में, नतीजा घोषित होने के 15 दिन के अंदर, ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) (कलक्टर) या उनके अधिकृत अधिकारी के सामने पेश करना होगा। 41
- यह हिसाब ज़िला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर 3 दिन तक लगेगा, और उसके बाद के 7 दिन में कोई भी व्यक्ति उस खर्च पर आपत्ति कर सकता है। 41
नियम तोड़ा तो
- इस आदेश को तोड़ने की शिकायत ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) या उनके अधिकृत अधिकारी से की जा सकती है। वे खुद जाँच करेंगे, या अपने किसी ऐसे अधीनस्थ अधिकारी से करवाएँगे जो तहसीलदार से नीचे के स्तर का न हो। शिकायत सही निकली, तो मामला उपखण्ड अधिकारी को भेजा जाएगा, और उपखण्ड अधिकारी सक्षम न्यायालय में परिवाद पेश करेंगे। 42
- आदेश में छपी धारा 22क के मुताबिक, पाबंदी तोड़ने वाले उम्मीदवार या उसके निर्वाचन अभिकर्ता को दोष सिद्ध होने पर ₹2,000 तक जुर्माना हो सकता है, और आयोग के आदेश से उसे छह साल तक पंचायती राज संस्था का सदस्य चुने जाने या सदस्य होने के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है। 39
आदर्श आचरण संहिता
आयोग के संकलन में 'राजनैतिक दलों और अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिये आदर्श आचरण संहिता' छपी है। उसकी वे बातें जो सीधे उम्मीदवार और उसके कार्यकर्ताओं के काम की हैं, नीचे हैं। 43
हमेशा
- ऐसा कोई काम नहीं, जिससे किसी धर्म, सम्प्रदाय या जाति के लोगों की भावना को ठेस पहुँचे या उनमें तनाव फैले। वोट के लिए धार्मिक, साम्प्रदायिक या जातीय भावनाओं का सहारा नहीं, और मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, गिरजाघर जैसे किसी पूजा-स्थल से प्रचार नहीं। 44
- दूसरे दलों की आलोचना उनकी नीतियों, कार्यक्रम, पुराने रिकॉर्ड और काम तक। किसी नेता या कार्यकर्ता के निजी जीवन पर नहीं, और बिना जाँचे आरोपों या झूठी बातों के सहारे नहीं। 44
- किसी के विचारों या काम का विरोध करने के लिए उसके घर के सामने प्रदर्शन या धरना नहीं। 44
- किसी की ज़मीन, मकान, अहाते या दीवार पर बिना अनुमति चुनाव चिह्न, झंडा, पोस्टर, नारा या बैनर नहीं, और अपने समर्थकों को भी इसकी छूट नहीं। 44
- केन्द्र सरकार, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी के किसी कर्मचारी को अपना निर्वाचन, मतदान या गणन अभिकर्ता न बनाएँ, और न उसे प्रचार के किसी काम में लगाएँ। 45
ये काम भ्रष्ट आचरण और अपराध हैं
संहिता इन कामों को चुनाव कानून के तहत भ्रष्ट आचरण और अपराध बताती है: 44
- मतदान खत्म होने के तय समय से पहले के 48 घंटों में सार्वजनिक सभा करना। 44
- किसी चुनाव सभा में गड़बड़ी करना या बाधा डालना। 44
- मतदान केन्द्र में या उसके 100 मीटर के अंदर वोट माँगना। 44
- मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक लाने या ले जाने के लिए वाहन लगाना। 44
- मतदान केन्द्र में या उसके आस-पास गड़बड़ करना, या मतदान के काम में बाधा डालना। 44
- मतदाताओं को रिश्वत देना, डराना-धमकाना, या किसी दूसरे के नाम से वोट डलवाना। 44
सभा और जुलूस
- दूसरे दल या उम्मीदवार की सभा या जुलूस में बाधा नहीं; उनकी सभा में सवाल पूछकर या अपने पर्चे बाँटकर भी नहीं। जहाँ किसी दूसरे की सभा चल रही हो, वहाँ से अपना जुलूस नहीं ले जाना, और किसी दूसरे के लगाए पोस्टर नहीं हटाने। 45
- सभा से पहले देख लें कि वहाँ कोई निषेधाज्ञा तो लागू नहीं; लागू हो तो उसका पूरा पालन करें, और छूट चाहिए तो समय रहते सक्षम अधिकारी से लें। सभा की जगह और समय की सूचना पहले से स्थानीय पुलिस को दें। 45
- लाउडस्पीकर की अनुमति समय रहते सक्षम अधिकारी से लें; बिना अनुमति लाउडस्पीकर नहीं, और अनुमति के बाद भी ऊँची आवाज़ में नहीं। 45
- सभा में कोई गड़बड़ करे, तो ड्यूटी पर तैनात पुलिस की मदद लें; खुद उस पर कोई कार्यवाही न करें। 45
- जुलूस कब और कहाँ से शुरू होगा, कब और कहाँ खत्म होगा और किस रास्ते से जाएगा, यह पहले तय करें और पुलिस को समय रहते बताएँ। जुलूस सड़क के एक ओर रहे, यातायात न रुके, और पुलिस की सलाह मानें। 46
- जुलूस में किसी को ऐसी चीज़ लेकर न चलने दें, जिसका उत्तेजना में गलत इस्तेमाल हो सके। दूसरे दल के नेताओं या उम्मीदवारों के पुतले न ले जाएँ, न जलाएँ। 47
मतदान के दिन
- चुनाव ड्यूटी वाले अधिकारियों का सहयोग करें, और अपने अधिकृत कार्यकर्ताओं को बिल्ले या पहचान पत्र दें। 47
- मतदाताओं को दी जाने वाली पहचान पर्चियाँ सादे सफ़ेद काग़ज़ पर हों; उन पर कोई चिह्न, उम्मीदवार का नाम या दल का नाम न हो। 47
- शराब: संहिता के 'सामान्य आचरण' वाले हिस्से में लिखा है कि मतदान के दिन और उससे एक दिन पहले न शराब खरीदी जाए, न किसी को पेश की जाए, न बाँटी जाए। 'मतदान दिवस' वाले हिस्से में लिखा है कि मतदान के दिन और उससे पहले के 48 घंटों में किसी को शराब पेश न करें, न बाँटें। 4447 आयोग के कानून-व्यवस्था वाले आदेश 980 में यह भी लिखा है कि मतदान खत्म होने से पहले के 48 घंटों में और गिनती के दिन शराब के इस्तेमाल, बिक्री और बाँटने पर रोक लगाई जाए। 48 इस चुनाव के लिए वित्त (आबकारी) विभाग ने मतदान वाले इलाक़े और उसके 5 किलोमीटर के दायरे में सूखा दिवस तय किए हैं; तारीखें चुनाव कार्यक्रम पर हैं। 49
- उम्मीदवार के कैम्प सादे हों: टैंट नहीं; पोस्टर, झंडे, चिह्न या कोई प्रचार सामग्री नहीं; खाने की चीज़ें नहीं; और भीड़ नहीं। मतदान केन्द्र के 200 मीटर के अंदर कैम्प किसी भी हालत में नहीं। 50
- मतदान केन्द्र और उसके 100 मीटर के अंदर किसी मतदाता से वोट न माँगें, न अपने कार्यकर्ताओं को माँगने दें। 51
- मतदान के दिन वाहन का परमिट लें और उसे वाहन पर ऐसे लगाएँ कि साफ़ दिखे। परमिट वाले वाहन में भी उम्मीदवार, उसके परिवार वालों, निर्वाचन एजेंट और उसके परिवार वालों के सिवा किसी मतदाता को न बिठाएँ। कार्यकर्ता किसी भी वाहन से दूसरे मतदाताओं को मतदान केन्द्र तक न लाएँ, न ले जाएँ। 51
- किसी दूसरे के नाम से वोट डालने की कोशिश नहीं। 51
- मतदाताओं के सिवा कोई भी व्यक्ति आयोग के वैध पास के बिना मतदान केन्द्र में नहीं जाएगा। 51
पर्यवेक्षक
आयोग पर्यवेक्षक नियुक्त करता है। चुनाव के संचालन को लेकर उम्मीदवार या उसके अभिकर्ता को कोई खास शिकायत या परेशानी हो, तो वे पर्यवेक्षक को बता सकते हैं। 51
संहिता में सत्ताधारी दल के लिए अलग नियम भी हैं, जैसे सरकारी वाहन, विश्राम गृह और सरकारी खर्च पर विज्ञापन के बारे में। 52
मंत्रियों के लिए, संहिता के भाग-7 के साथ, सामान्य प्रशासन विभाग ने ये बातें भी तय की हैं। आयोग ने 15.10.2026 को यह आदेश भेजा। 53
- चुनाव पूरा होने तक चुनाव वाले इलाक़े में सरकारी दौरा नहीं। कानून-व्यवस्था बिगड़ जाए या कोई आपात स्थिति हो और उस विभाग के मंत्री का वहाँ होना ज़रूरी हो, तो यह रोक लागू नहीं होगी, पर विभाग के शासन सचिव इसकी सूचना आयोग को भेजेंगे। 53
- दौरे में सरकारी वाहन नहीं, और निजी वाहन पर लाल बत्ती या सायरन नहीं। 53
- चुनाव के काम वाले किसी अधिकारी को अपने पास बुलाना नहीं। 53
- विश्राम गृह, डाक बंगले और सरकारी आवास, न प्रचार दफ़्तर की तरह, न चुनाव से जुड़ी कोई बैठक करने के लिए। 53 दूसरे दलों और उम्मीदवारों को भी बिना भेदभाव के इनके इस्तेमाल की अनुमति दी जाएगी, पर वे भी इन्हें चुनाव के काम में नहीं लेंगे। 53
- अधिकारी मंत्रियों के स्वागत या प्रोटोकॉल में नहीं जाएँगे। 53
ये बातें उन बोर्ड और निगमों के अध्यक्षों पर भी लागू हैं, जिन्हें मंत्री या राज्य मंत्री का दर्जा मिला है। 53 पूरा आदेश एक पेज पर: मंत्री और आचार संहिता
रिटर्निंग अधिकारी से क्या पूछें
ये बातें आपकी जगह के हिसाब से तय होंगी:
- नामांकन वाले दिन ठीक किस भवन में बैठेंगे।
- लाउडस्पीकर की अनुमति (आदेश 5052 का प्ररूप 'ग') के लिए आवेदन किसके पास देना है। आदेश में ज़िला मजिस्ट्रेट, उपखण्ड मजिस्ट्रेट या दूसरे सक्षम अधिकारी, तीनों लिखे हैं। 41
दोहराइए: पंच और सरपंच, क्रम से
स्रोत
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- 1.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 3कख
- 2.आदेश 10090, दि. 06.10.2026, पृ. 1कखगघङचछ
- 3.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 9कखगघङचछ
- 4.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 12कख
- 5.आदेश 9809, दि. 02.10.2026, पृ. 1कखग
- 6.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 8कखगघङचछजझ
- 7.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 26कखग
- 8.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 33–34कखगघ
- 9.आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 1कखगघङच
- 10.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 32कखग
- 11.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 27कखगघङचछजझञट
- 12.आदेश 9809, दि. 02.10.2026, पृ. 2कखगघङचछ
- 13.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 36कखगघङचछ
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- 15.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 35कखगघङचछजझ
- 16.आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 2कखगघ
- 17.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 29कखगघङ
- 18.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 31कखग
- 19.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 28 पाठ में
- 20.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 30कखग
- 21.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 33कखगघङचछ
- 22.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 34कखगघङचछजझञटठडढणतथदध
- 23.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 32–33 पाठ में
- 24.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 34–35 पाठ में
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- 26.आदेश 9809, दि. 02.10.2026, पृ. 2–3 पाठ में
- 27.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 6कख
- 28.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 38कखगघङ
- 29.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 7कखगघङ
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- 31.पत्र 594, दि. 19.01.2026, संकलन पृ. 400कख
- 32.परिपत्र 2178, दि. 20.06.2019 (पत्र 594 के साथ), संकलन पृ. 401कखग
- 33.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 168कख
- 34.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 73कख
- 35.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 131कख
- 36.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 132 पाठ में
- 37.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 26–34 पाठ में
- 38.आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 1–2 पाठ में
- 39.आदेश 5052, दि. 23.12.2025, संकलन पृ. 98कख
- 40.आदेश 5052, दि. 23.12.2025, संकलन पृ. 99कखगघङचछ
- 41.आदेश 5052, दि. 23.12.2025, संकलन पृ. 100कखगघङचछजझञटठ
- 42.आदेश 5052, दि. 23.12.2025, संकलन पृ. 101 पाठ में
- 43.संकलन, पृ. 80–84 पाठ में
- 44.संकलन, पृ. 80कखगघङचछजझञटठ
- 45.संकलन, पृ. 81कखगघङ
- 46.संकलन, पृ. 81–82 पाठ में
- 47.संकलन, पृ. 82कखगघ
- 48.आदेश 980, दि. 24.01.2026, संकलन पृ. 86 पाठ में
- 49.आदेश 10542, दि. 15.10.2026, पृ. 1 पाठ में
- 50.संकलन, पृ. 82–83 पाठ में
- 51.संकलन, पृ. 83कखगघङ
- 52.संकलन, पृ. 83–84 पाठ में
- 53.आदेश 10568, दि. 15.10.2026, पृ. 1कखगघङचछज
- 54.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 7 पाठ में