पंच-सरपंच चुनाव के सवाल-जवाब (मतपेटी)
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पंच और सरपंच का चुनाव मतपेटी से होता है; यहाँ उसी के सवाल-जवाब हैं, और वे भी जो दोनों चुनावों में एक जैसे हैं। हर जवाब के साथ दिया पन्ना खोलकर खुद मिलाइए; स्रोतों में कहाँ फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है।
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बुनियादी बातें: कौन-सा पद, मतपेटी या मशीन, रंग
इस हिस्से में: चार पद, दो मतदान दिवस, किसका वोट मतपेटी से और किसका मशीन से, रंग, दल के नाम, रिटर्निंग अधिकारी, एजेंट, गिनती की जगह और स्याही।
इस बार किन पदों के लिए वोट पड़ेंगे, और किसमें मतपेटी लगेगी, किसमें मशीन? दोनों चुनाव
- इस बार चार पदों के चुनाव हैं: ज़िला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और वार्ड पंच। 1
- मशीन (पंचायत समिति/ज़िला परिषद): वोट ईवीएम से पड़ेंगे। बालोतरा में मशीन ECIL की MPSV है। 1
- मतपेटी (पंच/सरपंच): हर ज़िले में वोट मतपेटी से पड़ेंगे। 1
- ईवीएम मार्गदर्शिका में पंच-सरपंच का मतदान मशीन से कराने की बात भी लिखी है। इस बार वह लागू नहीं: पंच-सरपंच के लिए मतपेटी ही लगेगी। 21
दोनों मतदान एक ही दिन होंगे या अलग-अलग? दोनों चुनाव
- अलग-अलग दिन। हर चरण में पहले ज़िला परिषद और पंचायत समिति का मतदान होता है, फिर किसी दूसरी तारीख को पंच और सरपंच का। 34
- बालोतरा में ज़िला परिषद + पंचायत समिति का मतदान 03.11.2026 (तीसरा चरण) और 14.11.2026 (चौथा चरण) को है। 43
- पंच + सरपंच का मतदान 05.11.2026 (तीसरा चरण) और 16.11.2026 (चौथा चरण) को है। 43
- दोनों दिन मतदान सुबह 7 से शाम 6 बजे तक। जो मतदाता 6 बजे तक मतदान केन्द्र के परिसर में पहुँच गए, वे कतार में लगकर वोट डाल सकेंगे। 534
मतपत्र, स्टीकर और पता-टैग के रंग कैसे याद रखें?
| पद | रंग |
|---|---|
| पंच | गुलाबी |
| सरपंच | सफ़ेद |
| पंचायत समिति सदस्य | नीला |
| ज़िला परिषद सदस्य | पीला |
स्रोत: ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 7
पंच और सरपंच के वोट एक ही मतपेटी में डलेंगे?
मतपेटी वाले दिन और मशीन वाले दिन दल के लोगों के नाम एक जैसे हैं? दोनों चुनाव
- मार्गदर्शिकाओं में नहीं, इसी में सबसे ज़्यादा गड़बड़ होती है। "मतदान अधिकारी" शब्द पंच-सरपंच वाले दिन बूथ के प्रभारी के लिए आता है, पर ईवीएम मार्गदर्शिका में मशीन वाले दिन दल के बाकी लोगों के लिए। 91011
- मतपेटी (पंच/सरपंच): दल 5 लोगों का: एक मतदान अधिकारी और 4 सहायक मतदान अधिकारी। मतदान अधिकारी ही बूथ का प्रभारी है और पीठासीन अधिकारी का काम करता है। 121310
- मशीन (पंचायत समिति/ज़िला परिषद): ईवीएम मार्गदर्शिका बूथ के प्रभारी को "पीठासीन अधिकारी" और बाकी लोगों को "मतदान अधिकारी" कहती है। 9
- मशीन वाले दिन: MPSV मशीन वाले बूथ पर मतदान अधिकारी के साथ 3 सहायक मतदान अधिकारी, और M-2/M-3/MK-4/MK-5 वाले बूथ पर 4। 14
रिटर्निंग अधिकारी कौन होंगे?
किस उम्मीदवार के कितने एजेंट हो सकते हैं?
| उम्मीदवार | निर्वाचन अभिकर्ता | मतदान अभिकर्ता | गणन अभिकर्ता |
|---|---|---|---|
| पंच | नहीं | नहीं | नहीं |
| सरपंच | नहीं | हर बूथ पर एक | ज़्यादा से ज़्यादा 2 |
| पंचायत समिति / ज़िला परिषद सदस्य | एक | हर बूथ पर एक | मतगणना केन्द्र में |
स्रोत: ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 6–7; मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 17; मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 38
वोट कहाँ और कब गिने जाएँगे?
पंच-सरपंच वाले दिन वोटर की किस अंगुली पर स्याही लगेगी?
- पहले दिन (ज़िला परिषद + पंचायत समिति) हर मतदाता की बाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगती है। 212234 स्याही नाखून के आखिरी सिरे से पहले जोड़ के नीचे तक, ब्रश से लगती है; यह आदेश 1408 का तरीका है। 21
- मतपेटी वाली मार्गदर्शिका में लिखा है: पहले दिन बाईं तर्जनी पर लगा निशान मतदाता की अंगुली पर रहता है, इसलिए बाद वाले दिन के चुनाव में मतदाता के दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगाई जाएगी। 22
- इस बार हर चरण में पहले ज़िला परिषद + पंचायत समिति का मतदान है, फिर किसी दूसरी तारीख को पंच + सरपंच का। 34 यानी पंच + सरपंच वाले दिन हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगेगी। 2234
चुनाव ड्यूटी पर लगे कर्मचारी अपना वोट कैसे डालें?
- नियम 35 में संशोधन करके पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में भी डाक मतपत्र का प्रावधान किया गया है। चुनाव ड्यूटी प्रमाण-पत्र (EDC) का प्रावधान नहीं है। 2324
- नियम 35 के मुताबिक़ चुनाव ड्यूटी पर लगे अधिकारी उस रीति से डाक से वोट दे सकते हैं, जो राज्य निर्वाचन आयोग तय करे। आयोग के 29.01.2026 वाले आदेश में यह रीति पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए तय की गई है; यानी इस आदेश में पंच और सरपंच के चुनाव के लिए डाक से वोट की रीति तय नहीं है। 2523
तारीखें (बालोतरा, चरण 3 और 4)
बालोतरा ज़िले की तारीखें: नामांकन, दोनों मतदान, गिनती। सब तारीखें आयोग के संशोधन के बाद की हैं।
बालोतरा में किस पद का वोट मशीन से पड़ेगा और किसका मतपेटी से? दोनों चुनाव
बालोतरा की कौन-सी पंचायत समिति किस चरण में है?
- ज़िले की 11 पंचायत समितियों और 448 ग्राम पंचायतों में चुनाव दो चरणों में होगा। 26
- तीसरा चरण (6 पंचायत समितियाँ, कुल 618 बूथ): सिणधरी, गिडा, कल्याणपुर, गुडामालानी, धोरीमन्ना, समदड़ी। 26
- चौथा चरण (5 पंचायत समितियाँ, कुल 469 बूथ): बालोतरा, पादरू, पायला कलां, पाटोदी, सिवाना। 26
- ड्यूटी से पहले अपने ज़िले के निर्देश ज़रूर मिला लीजिए।
पंच और सरपंच का मतदान कब है, और उनके नामांकन कब होंगे?
- तीसरा चरण: नामांकन 04.11.2026 (बुधवार), मतदान 05.11.2026 (गुरुवार)। 4
- चौथा चरण: नामांकन 15.11.2026 (रविवार), मतदान 16.11.2026 (सोमवार)। 3
- मतदान सुबह 7 से शाम 6 बजे तक; गिनती मतदान ख़त्म होते ही ग्राम पंचायत मुख्यालय पर। 43
- नामांकन वाले दिन ही संवीक्षा और नाम वापसी भी होगी, ग्राम पंचायत मुख्यालय पर: पंचायत भवन में, या उस जगह जो ज़िला निर्वाचन अधिकारी तय करें। 15
- उस दिन नामांकन सुबह 8 से 11 बजे तक, संवीक्षा 11:30 बजे से, नाम वापसी दोपहर 2 बजे तक, और उसके तुरंत बाद चुनाव चिह्न। 27
- उपसरपंच का चुनाव: तीसरे चरण में 06.11.2026 (शुक्रवार)। 4 चौथे चरण में 17.11.2026 (मंगलवार)। 3
मतदान दल: कौन क्या करेगा
दल में कौन-कौन होता है, किस दिन किसका क्या नाम है, और नियुक्ति से बूथ तक किसका क्या काम है।
दो मतदान दिवस क्यों हैं? किस दिन क्या होगा? दोनों चुनाव
- हर चरण में पहले ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य का मतदान होता है, फिर किसी दूसरी तारीख को पंच और सरपंच का। 34
- ज़िला परिषद और पंचायत समिति के वोट ईवीएम (मशीन) से पड़ेंगे; पंच और सरपंच के वोट हर ज़िले में मतपेटी से। 1
- इसलिए पंच/सरपंच के लिए मार्गदर्शिका में मशीन वाला जो तरीका लिखा है, वह इस चुनाव में लागू नहीं है। 1
मतदान दल में कितने लोग होंगे?
"मतदान अधिकारी" कौन है? दोनों मार्गदर्शिकाओं में नाम अलग क्यों हैं? दोनों चुनाव
- मतपेटी (पंच/सरपंच): बूथ का प्रभारी "मतदान अधिकारी" कहलाता है और वही पीठासीन अधिकारी का काम करता है; उसके साथ सहायक मतदान अधिकारी 1 से 4 होते हैं। 101311
- मशीन (पंचायत समिति/ज़िला परिषद): मशीन से मतदान हो, तो ईवीएम मार्गदर्शिका मतदान अधिकारी को "पीठासीन अधिकारी" और सहायक मतदान अधिकारी को "मतदान अधिकारी" कहती है। 9
- यानी मार्गदर्शिकाओं में एक ही शब्द मतपेटी वाले दिन बूथ के प्रभारी के लिए है और मशीन वाले दिन दल के बाकी लोगों के लिए। कोई निर्देश पढ़ें, तो पहले देखिए कि वह किस दिन का है। 910
नियुक्ति आदेश मिलते ही क्या करूँ?
- आदेश में अपने मतदान केन्द्र का नाम और नंबर, निर्वाचन क्षेत्र का क्रमांक और बूथ की सही जगह देख लीजिए; दल के बाकी लोगों के नाम भी इसी आदेश में होते हैं। 28
- उनसे संपर्क कर लीजिए: घर-दफ़्तर का पता और मोबाइल नंबर ले लीजिए, अपना दे दीजिए। 28
- जितनी हो सकें, उतनी प्रशिक्षण कक्षाओं में जाइए; याददाश्त या पुराने अनुभव के भरोसे न रहिए, निर्देश समय-समय पर बदलते रहते हैं। 2813
- मार्गदर्शिका और ज़रूरी पत्र-आदेश ध्यान से पढ़िए; कोई भी शंका हो तो अपने रिटर्निंग अधिकारी से पूछकर दूर कर लीजिए। 28
- रवाना होने से पहले सरपंच चुनाव के RO और उनके सभी मतदान दलों के मतदान अधिकारी व सहायक मतदान अधिकारी एक-दूसरे से मिलकर जान-पहचान कर लें। 13
मतदान अधिकारी बीमारी या किसी मजबूरी में बूथ पर न आ सकें तो?
- पंचायत चुनाव में मतदान अधिकारी ही बूथ का पीठासीन अधिकारी होता है। बूथ पर मतदान अधिकारी या दल का कोई और सदस्य न पहुँचे, तो RO किसी व्यक्ति को उसकी जगह लगा सकते हैं और ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को इसकी सूचना देते हैं (नियम 31)। पर जो व्यक्ति इस चुनाव में किसी उम्मीदवार के लिए काम करता रहा हो, चाहे नौकरी पर या वैसे ही, उसे मतदान अधिकारी या दल का सदस्य नहीं बनाया जा सकता। 29930
ड्यूटी पर लगे हम लोग ख़ुद वोट कैसे डालें?
बूथ पर कितने बजे पहुँचना है, तैयारी कब शुरू करनी है?
मतपेटी वाले दिन चारों सहायक मतदान अधिकारी क्या करेंगे?
- पहला (पहचान): कार्यकारी मतदाता सूची रखता है, पहचान करता है और प्रविष्टि ज़ोर से बोलता है; मतदाता की पहचान पर आपत्ति (चैलेंज) सिर्फ़ इसी के पास हो सकती है, बाद में नहीं। 31
- दूसरा (पंच मतपत्र): पंच की चिन्हित सूची में नाम रेखांकित करता है और पंच मतपत्र के नंबर के आख़िरी 3 अंक नाम के आगे लिखता है (1,00,331 हो तो 331; आख़िरी तीन अंक शून्य हों तो पूरी संख्या); फिर मुड़ा मतपत्र खोलकर मतदाता के दाएँ हाथ में देता है। 32
- तीसरा (सरपंच मतपत्र): सरपंच की चिन्हित सूची में यही करता है, पर आख़िरी 4 अंक लिखता है (1,00,331 हो तो 0331); आख़िरी तीन अंक शून्य हों तो पूरी संख्या। फिर पहचान पर्ची फाड़ दी जाती है। 33
- चौथा: मतपेटी का प्रभारी; अमिट स्याही लगाता है, ऐरोक्रॉस मार्क सील देता है और मतदाता को समझाता है कि दोनों मतपत्र पंच-सरपंच वाली मतपेटी में ही डाले। 3435 पंच + सरपंच वाले दिन स्याही हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर लगेगी। 2234
- बैठने का क्रम: पहले तीन सहायक प्रवेश द्वार के पास, चौथा अन्दर मतपेटी के पास; नक्शा परिशिष्ट 11 में है। 18
मतपेटी वाले दिन बूथ प्रभारी (मतदान अधिकारी) के ख़ास काम क्या हैं?
- मतदान से लगभग 15 मिनट पहले मतपेटी ख़ाली दिखाकर तैयार करना, और घोषणा (परिशिष्ट-21) पढ़कर उपस्थित उम्मीदवारों/अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर करवाना। 23
- मतपत्रों की पीठ पर अपने पूरे हस्ताक्षर करना और सुभिन्नकारी चिन्ह लगाना; सुविधा के लिए पहले से हस्ताक्षर कर सकते हैं, पर 50 से ज़्यादा हस्ताक्षरित मतपत्र एक बार में न रहें। 31
- दृष्टिबाधित और दिव्यांग मतदाताओं को उनकी इच्छा के अनुसार वोट डालने में मदद करना; निविदत्त और चैलेंज वाले मामले तय करना। 31
- सहायक मतदान अधिकारियों के काम पर नज़र रखना और जिसका काम धीमा हो, उसकी मदद करना। 31
- नियम 24-क में बताए लोगों के अलावा किसी और को बूथ से बाहर करना। 31
बूथ के अन्दर कौन-कौन आ सकता है?
- मतदाताओं के अलावा नियम 24-क में ये लोग: दल के सदस्य, ड्यूटी पर लगे लोक सेवक, राज्य निर्वाचन आयोग से अधिकृत व्यक्ति, अभ्यर्थी, मतदाता की गोद का बच्चा, और पहचान में मदद के लिए मतदान अधिकारी के बुलाए लोग। 36
- पंच के उम्मीदवार मतदान अभिकर्ता नियुक्त नहीं कर सकते, वे ख़ुद मौजूद रह सकते हैं; सरपंच का उम्मीदवार हर बूथ के लिए एक मतदान अभिकर्ता रख सकता है। 23618
- मतदान अभिकर्ता प्ररूप-9 दिखाकर ही अन्दर आएगा, और एक समय में बूथ में एक अभ्यर्थी का एक ही अभिकर्ता रहेगा। 3738
सामग्री और बूथ की बनावट
सामान कहाँ से मिलेगा, उसमें क्या-क्या है, और बूथ में मेज़ें और प्रकोष्ठ कैसे लगें।
चुनाव का सामान कहाँ से और किस रूप में मिलेगा?
मतदाता सूची की कितनी प्रतियाँ मिलेंगी, और उनमें क्या देखना है? दोनों चुनाव
- मतपेटी पुस्तिका: पंच/सरपंच चुनाव में वार्ड की चार कार्यकारी प्रतियाँ मिलेंगी; ज़िला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव के लिए भी वार्ड/निर्वाचन क्षेत्र की चार। 39
- ईवीएम मार्गदर्शिका की सामान-सूची में ज़िला परिषद और पंचायत समिति के मशीन वाले बूथ के लिए 3 कार्यकारी प्रतियाँ लिखी हैं। 40
- यानी दोनों गिनतियों में टकराव नहीं है। मतपेटी पुस्तिका की सामान-सूची मतपेटी से होने वाले चुनाव की है; उसमें हर बूथ के लिए चार प्रतियाँ हैं, पंच/सरपंच वाले बूथ के लिए भी और पंचायत समिति/ज़िला परिषद वाले बूथ के लिए भी। ईवीएम मार्गदर्शिका की सूची उस बूथ की है, जहाँ ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य का चुनाव ईवीएम से एक साथ हो; उसमें हर मतदान दल के लिए 3 प्रतियाँ हैं। 414240
- हर प्रति देखिए: पूरी हो, सब एक जैसी हों, प्रमाणित हों, उसी निर्वाचन क्षेत्र की हों जिसका मतदान आपके बूथ पर है, और उनमें सब वार्डों या निर्वाचन क्षेत्रों की छपी सूचियाँ संशोधन सूचियों समेत लगी हों। 39
मतपेटी वाले बूथ पर कौन-सी ख़ास चीज़ें सँभालनी हैं?
- मतपेटियाँ: गिनती मिलाइए, हर मतपेटी खोलकर जाँचिए और फिर बंद कर दीजिए। 39
- मतपत्र: पंच का गुलाबी, सरपंच का सफ़ेद, और हर मतपत्र पर उसका क्रमांक। 39
- 2026 में मतपत्र पर सिर्फ़ चुनाव चिह्न छपे होंगे, पंच के लिए 40 और सरपंच के लिए 40; उम्मीदवारों के नाम मतदान दल के कार्मिक हाथ से लिखेंगे। पुस्तिका में छपे नाम वाली बात अब लागू नहीं। 639
- पुस्तिका के हिसाब से मतपत्रों की गिनती: सरपंच के लिए बूथ के मतदाता 100 के राउण्ड में (1012 मतदाता हों तो 1100 मतपत्र), पंच के लिए 10 के राउण्ड में (312 हों तो 320)। 43
- 2026 के लिए आदेश 9809: ज़िला निर्वाचन अधिकारी हर ग्राम पंचायत के कुल मतदाताओं से अंदाज़ा लगाकर सरपंच के मतपत्र "100 के गुणक में" निजी प्रेस से छपवाएँगे। 6 हर बूथ को कितने मिलेंगे, यह आदेश तय नहीं करता; उसके नोट में लिखा है कि पंच/सरपंच चुनाव के लिए पहले के आदेशों और मार्गदर्शिकाओं की बातें उसी हद तक अप्रभावी मानी जाएँ, जिस हद तक यह आदेश अपनी प्रक्रिया बताता है। यानी बूथ के लिए ऊपर लिखा मार्गदर्शिका वाला हिसाब ही रहेगा। 2043
- बैंगनी स्टाम्प पैड, अमिट स्याही की शीशी, "पं.रा.सं." लिखी सुभिन्नकारी रबड़ सील (हर मतपत्र की पीठ पर दाईं तरफ़ सबसे ऊपर लगती है), और ऐरो क्रॉस मार्क रबड़ सीलें, जिनमें दोनों तरफ़ रबड़ लगा है। 4445
मतपेटी और मतपत्र तैयार करना
पंच-सरपंच वाले दिन का सामान, इस बार का नया मतपत्र, उस पर निशान और हस्ताक्षर, मतपेटी तैयार करना, पेपर सील, लेबल और लिफ़ाफ़े।
पंच-सरपंच का मतदान सामान कहाँ से मिलेगा, और मिलते ही क्या जाँचें?
- सामान ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) से रिटर्निंग अधिकारी के पास आता है, और रिटर्निंग अधिकारी मतदान दल को देते हैं। यह लोहे की पेटी या थैले में मिलता है। 39
- सामान की सूची मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-7 में है। उससे मिलान कर लीजिए। 39
- मतपेटियाँ गिनिए, हर पेटी खोलकर जाँचिए और फिर बंद कीजिए। 39
- मतदाता सूची: वार्ड की चार कार्यकारी प्रतियाँ मिलेंगी। देखिए कि सब पूरी, एक जैसी और प्रमाणित हों, और संशोधन सूचियाँ जुड़ी हों। 39
- साथ में बैंगनी स्टाम्प पैड, अमिट स्याही की शीशी, "पं.रा.सं." वाली सुभिन्नकारी रबड़ सील और एरोक्रॉस मार्क रबड़ सील भी मिलेगी। 4445
इस बार पंच-सरपंच का मतपत्र कैसा होगा?
- मतपत्र पर सिर्फ़ चुनाव चिह्न छपे होंगे; उम्मीदवारों के नाम नहीं। 6
- पंच के लिए 40 और सरपंच के लिए 40 चिह्न, अलग-अलग (आयोग का आदेश 4191, 17.10.2025)। 6
- चिह्न एक कॉलम में दस-दस: 1 से 10 मतपत्र पर, 11 से 20 पहली अतिरिक्त पर्ची पर, 21 से 30 दूसरी पर, 31 से 40 तीसरी पर। 6
- सात अंकों की क्रम संख्या सिर्फ़ मतपत्र पर होगी, अतिरिक्त पर्चियों पर नहीं; प्रतिपर्ण (काउंटरफ़ॉइल) नहीं होगा। 6
- मार्गदर्शिका में लिखा है कि ज़िला स्तर पर नाम और चिह्न छपे मतपत्र आएँगे, और पंच के 10 और सरपंच के 20 चिह्न होंगे। यह अब लागू नहीं; आदेश 9809 से अलग पुरानी बातें नहीं मानी जाएँगी। 39461920
मतपत्र पर उम्मीदवारों के नाम कौन लिखेगा, और बचे चिह्नों का क्या होगा?
नोटा मतपत्र पर कहाँ आएगा?
- नोटा का स्टीकर आयोग छपवाता है। यह आख़िरी उम्मीदवार के ठीक बाद वाली जगह पर लगेगा। 6
- जैसे, 6 उम्मीदवार हों तो नोटा मतपत्र पर सातवीं जगह पर; 12 उम्मीदवार हों तो पहली अतिरिक्त पर्ची की तीसरी जगह पर। 47
- पुराना "लौटाया-निरस्त" वाला नियम 43 अधिसूचना 1531 (12.11.14) से हटा दिया गया; उसकी जगह मतपत्र पर नोटा का विकल्प दिया गया है। 48
हर बूथ को कितने मतपत्र मिलेंगे?
- मार्गदर्शिका के हिसाब से: सरपंच के मतपत्र बूथ के कुल मतदाताओं को 100 के राउंड में करके, जैसे 1012 मतदाता हों तो 1100 मतपत्र। 39
- पंच के मतपत्र कुल मतदाताओं को 10 के राउंड में करके, जैसे 312 मतदाता हों तो 320 मतपत्र। 43
- 2026 के लिए आदेश 9809: ज़िला निर्वाचन अधिकारी हर ग्राम पंचायत के कुल मतदाताओं से अंदाज़ा लगाकर सरपंच के मतपत्र "100 के गुणक में" छपवाएँगे। 6
- अतिरिक्त पर्चियाँ: सरपंच के लिए पहली 20%, दूसरी 5%, तीसरी 1%; पंच के लिए 5%, 2%, 1%। 6
- छपाई निजी प्रेस से होगी, और छपे मतपत्र ज़िला स्तर पर सुरक्षित रखे जाएँगे। 100-100 के बंडल बनेंगे; सरपंच का मतपत्र सफ़ेद, पंच का गुलाबी। 6
- 2026 में हर बूथ को कितने मतपत्र मिलेंगे, यह आदेश तय नहीं करता। उसके नोट में लिखा है कि पंच/सरपंच चुनाव के लिए पहले के आदेशों और मार्गदर्शिकाओं की बातें उसी हद तक अप्रभावी मानी जाएँ, जिस हद तक यह आदेश अपनी प्रक्रिया बताता है। यानी बूथ के लिए ऊपर लिखा मार्गदर्शिका वाला हिसाब ही रहेगा। 2043
मतदाता को देने से पहले मतपत्र की पीठ पर क्या-क्या होना चाहिए?
- पीठ पर दाईं तरफ़ सबसे ऊपर "पं.रा.सं." वाली सुभिन्नकारी सील। यह लगाना न भूलें। 441845
- उसी पीठ पर मतदान अधिकारी (PO) के पूरे हस्ताक्षर, पंच और सरपंच दोनों के मतपत्रों पर, क्योंकि आयोग के आदेश 1031 में पीठ पर हस्ताक्षर मतदान अधिकारी के लिखे हैं, और दल में मतदान अधिकारी एक ही होते हैं। 4513 मार्गदर्शिका में भी हस्ताक्षर का काम मतदान अधिकारी के कामों में है; दूसरे और तीसरे सहायक मतदान अधिकारी के कामों में हस्ताक्षर नहीं है। 313234
- सुविधा के लिए पहले से हस्ताक्षर करके रख सकते हैं, पर 50 से ज़्यादा हस्ताक्षर किए मतपत्र एक साथ न रहें, ताकि मतदान खत्म होने पर कम से कम हस्ताक्षर किए मतपत्र बचें। 31
- मतदाता को दिए मतपत्र की क्रम संख्या चिह्नित मतदाता सूची में उसके नाम के सामने लिखी जाती है; हर चुनाव की चिह्नित प्रति अलग होती है। 31
मतपत्र को कैसे मोड़ना है?
- पहला मोड़ खड़ा (vertical), ताकि चुनाव चिह्न उम्मीदवार के नाम पर आ जाए और मुड़े मतपत्र की चौड़ाई दो इंच रहे। 18
- दूसरा मोड़ आड़ा (horizontal), इस तरह कि "पं.रा.सं." वाला निशान बाहर दिखता रहे। 1845
- ऐसे मोड़ने से एक उम्मीदवार के खाने की मुहर दूसरे के खाने पर नहीं आती, और मोड़ सीधे हों तो मतपत्र पेटी के सुराख में आसानी से जाता है। मतदाता भी मतदान कक्ष से मतपत्र उसी तरह मोड़कर लाएगा, और वोट गुप्त रहेगा। 18
मतपेटी कब और कैसे तैयार करें?
- मतदान शुरू होने से करीब 15 मिनट पहले, वहाँ मौजूद उम्मीदवारों के सामने पेटी खाली दिखाकर तैयार कीजिए। 23
- पेपर सील पर अपने पूरे हस्ताक्षर कीजिए, और मौजूद उम्मीदवार या अभिकर्ता चाहें तो उनके भी। 23
- घोषणा (परिशिष्ट-21) उनके सामने पढ़कर सुनाइए और हस्ताक्षर करवाइए। यह घोषणा नई पेटी लगाने पर और मतदान खत्म होने पर भी होती है। 2349
- कोई उम्मीदवार या अभिकर्ता न आए, या हस्ताक्षर न करना चाहे, तब भी पेटी तय समय पर ही तैयार होगी। 23
- पेटी की खिड़की से दिखते पेपर सील के हिस्से पर "पं.रा.सं." लिखिए। फिर खिड़की का कवर और सुराख का कवर तार से बाँधिए, और डोरी से बाँधकर सील कीजिए। 23
पेपर सील कैसी होती है, और कैसे लगती है?
मतपेटी पर लेबल और नंबर कैसे लगाएँ?
मतदान के बाद पंच-सरपंच की पेटी पर टेप, डोरी या थैला लगाना है?
मतदान के बाद मतदान अधिकारी कौन-से लिफ़ाफ़े बनाता है?
| काग़ज़ | पंच | सरपंच |
|---|---|---|
| बिना काम आए मतपत्र | P-4 | P-3 |
| चिह्नित मतदाता सूची | P-5 | P-6 |
| खराब और रद्द मतपत्र | P-13 | P-12 |
| निविदत्त मतपत्र और सूची | P-17 | P-16 |
स्रोत: मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 23; मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 110
अभिकर्ता (एजेंट)
किस पद का उम्मीदवार कौन-सा अभिकर्ता रख सकता है, बूथ पर उसे कैसे जाँचें, और बदली या गिनती के अभिकर्ता के नियम।
किस पद के उम्मीदवार कौन-से अभिकर्ता रख सकते हैं?
| पद | निर्वाचन अभिकर्ता | मतदान अभिकर्ता | गणन अभिकर्ता |
|---|---|---|---|
| पंच | नहीं | नहीं | नहीं |
| सरपंच | नहीं | हर बूथ के लिए एक | ज़्यादा से ज़्यादा दो (q:s7-09 देखिए) |
| पंचायत समिति / ज़िला परिषद सदस्य | एक | हर बूथ में एक | गिनती की टेबलों के हिसाब से |
स्रोत: ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 6–7; ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 18; मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 17; ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 171–172
- पंच: वार्ड पंच का उम्मीदवार कोई अभिकर्ता नहीं रख सकता, क्योंकि वह ख़ुद हर जगह मौजूद रह सकता है। 2
मतपेटी वाले बूथ (पंच/सरपंच) में अंदर कौन बैठ सकता है?
मतदान अभिकर्ता कब पहुँचे? देर से आए तो क्या करें?
- तैयारी का कोई हिस्सा हो चुका हो, तो देर से आए अभिकर्ता के लिए उसे दोबारा शुरू करने की ज़रूरत नहीं। पर देर से आए अभिकर्ता को भी आगे की कार्यवाही में शामिल होने दीजिए। 37
- मतदान अधिकारी मतदान शुरू होने से लगभग 15 मिनट पहले, बूथ पर मौजूद उम्मीदवारों के सामने मतपेटियाँ खाली दिखाकर तैयार करते हैं। कोई उम्मीदवार या मतदान अभिकर्ता मौजूद न हो, या हस्ताक्षर न करना चाहे, तब भी मतपेटी तय समय पर ही तैयार की जाती है। 23
मतदान अभिकर्ता का प्ररूप-9 कैसे जाँचें?
- नियुक्ति प्ररूप-9 में, दो प्रतियों में होती है, उम्मीदवार या उसके निर्वाचन अभिकर्ता के हस्ताक्षर से। फ़ॉर्म में सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और ज़िला परिषद सदस्य की पंक्तियाँ हैं; जो लागू न हो, वह काटी जाती है। 5556
- मतदान के दिन अभिकर्ता दोनों प्रतियाँ मतदान अधिकारी को देगा और आपके सामने फ़ॉर्म की घोषणा पर हस्ताक्षर करेगा, कि वह क़ानून या नियमों में मना की गई कोई बात नहीं करेगा। 5556
- दोनों प्रतियाँ मतदान अधिकारी अपने पास रखेंगे। जब तक यह न हो, अभिकर्ता बूथ पर कोई काम नहीं कर सकता। 55
- बैज लगाकर ही अभिकर्ता ज़रूरत के हिसाब से बूथ में आ-जा सकेगा। 37
मतदान अभिकर्ता थक जाए, तो उसकी जगह कोई दूसरा (रिलीवर) बैठ सकता है?
उम्मीदवार अपना मतदान अभिकर्ता बदल दे, या अभिकर्ता की मृत्यु हो जाए, तो?
- मतदान शुरू होने से पहले किसी भी समय उम्मीदवार अपने हस्ताक्षर की लिखित घोषणा से नियुक्ति रद्द कर सकता है। 57
- यह घोषणा RO के पास, या कुछ हालात में उस बूथ के मतदान अधिकारी के पास जमा होती है। RO के पास आई घोषणा या मृत्यु की रिपोर्ट की ख़बर RO तुरंत उस बूथ के मतदान अधिकारी को देंगे। 57
- नियुक्ति रद्द हो, या मतदान बंद होने से पहले अभिकर्ता की मृत्यु हो जाए, तो उम्मीदवार या उसका निर्वाचन अभिकर्ता मतदान बंद होने से पहले किसी भी समय नया मतदान अभिकर्ता नियुक्त कर सकता है, उसी तरीक़े से (प्ररूप-9)। 5755
- नए अभिकर्ता का पत्र: नियुक्ति मतदान से कम से कम 7 दिन पहले हो तो RO को; बाक़ी हालात में RO को या उस बूथ के मतदान अधिकारी को। 57
गणन अभिकर्ता कितने हो सकते हैं? दोनों चुनाव
- मशीन (पंचायत समिति/ज़िला परिषद): जितनी टेबलें RO ने गिनती के लिए लगाई हैं उतने, और ऊपर से एक RO की टेबल के लिए और एक रिलीवर। नियुक्ति प्ररूप-10 में, दो प्रतियों में। 5458
- मशीन (पंचायत समिति/ज़िला परिषद): गिनती के दिन गणन अभिकर्ता दूसरी प्रति RO को (या नियम 58 के तहत उनके अधिकृत अफ़सर को) देगा और उनके सामने घोषणा पर हस्ताक्षर करेगा। उसके बाद ही उसे गिनती की जगह काम करने दिया जाएगा। 57
- मतपेटी (सरपंच): मार्गदर्शिकाएँ कहती हैं ज़्यादा से ज़्यादा दो गणन अभिकर्ता। जिस पंचायत में 20 या ज़्यादा वार्ड हैं, वहाँ ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ज़रूरत के हिसाब से 2 से ज़्यादा की अनुमति दे सकते हैं। 27 नियम 70(1) के अंग्रेज़ी पाठ में लिखा है: सरपंच का उम्मीदवार "not more than 2 counting agents" नियुक्त कर सकता है। 59
- पंच: पंच का उम्मीदवार कोई गणन अभिकर्ता नहीं रख सकता। 2
गणन अभिकर्ता बदलना हो, या गिनती पूरी होने से पहले उसकी मृत्यु हो जाए, तो?
- उम्मीदवार गिनती शुरू होने से पहले किसी भी समय, अपने हस्ताक्षर वाली लिखित घोषणा देकर, गणन अभिकर्ता की नियुक्ति रद्द कर सकता है। यह घोषणा RO के पास, या नियम 49 के तहत उनके अधिकृत अफ़सर के पास जमा होती है (नियम 72(1))। 60
- गिनती पूरी होने से पहले गणन अभिकर्ता की मृत्यु हो जाए, तो उम्मीदवार या उसका निर्वाचन अभिकर्ता यह बात तुरंत लिखकर RO को, या उनके अधिकृत अफ़सर को, बताए (नियम 72(2))। 60
- नियुक्ति रद्द हुई हो या अभिकर्ता की मृत्यु हुई हो, दोनों हालात में उम्मीदवार या उसका निर्वाचन अभिकर्ता नियम 70(1) में बताए तरीक़े से नया गणन अभिकर्ता नियुक्त कर सकता है (नियम 72(3))। नए अभिकर्ता पर भी नियम 70(2) और 70(3) वैसे ही लागू हैं (नियम 72(4))। 60
- नियुक्ति का पत्र प्ररूप-10 में, दो प्रतियों में, हस्ताक्षर करके बनता है (नियम 70(1), 70(2))। 59
- अभिकर्ता गिनती के दिन पत्र की दूसरी प्रति RO, या उनके अधिकृत अफ़सर, के सामने पेश करके उसमें छपी घोषणा पर हस्ताक्षर करता है। ऐसा किए बिना वह गिनती की जगह कोई काम नहीं कर सकता (नियम 70(3))। 59
मतदान शुरू करना और निष्पक्ष मतदान
समय पर शुरुआत, अभिकर्ताओं के सामने क्या दिखाना है, लाइन, स्याही की शीशी, और बूथ के आस-पास क्या मना है।
मतदान ठीक समय पर शुरू न हो पाए तो क्या करें?
मतदान शुरू करने से पहले अभिकर्ताओं के सामने क्या-क्या दिखाना और पढ़ना है?
- सबको वोट की गोपनीयता बनाए रखने की याद दिलाइए: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 128 पढ़कर सुनाइए। 6162
- लगभग 15 मिनट पहले उपस्थित उम्मीदवारों के सामने मतपेटी ख़ाली दिखाइए, पेपर सील पर अपने पूरे हस्ताक्षर कीजिए और जो उम्मीदवार/अभिकर्ता चाहें उनके भी करवाइए; घोषणा (परिशिष्ट-21) पढ़कर सुनाइए और हस्ताक्षर करवाइए। 632349
- कोई उम्मीदवार न आए या हस्ताक्षर न करे, तब भी मतपेटी समय पर तैयार कर लीजिए। 23
- मतदाता सूची की चिन्हित प्रति अभिकर्ताओं और वहाँ मौजूद लोगों को दिखाइए, कि उसमें डाक मतपत्र और निर्वाचक ड्यूटी प्रमाण पत्र वाले निशानों के सिवा कोई निशान नहीं है। 64
- बूथ पर काम आने वाले मतपत्रों के पहले और आख़िरी क्रम संख्या अभिकर्ताओं को नोट करने दीजिए, और मतपत्रों के बंडल दिखाइए। 64
अमिट स्याही की शीशी कैसे रखें कि गिरे नहीं?
लाइन कैसे लगवाएँ, किसे पहले जाने दें?
- पुरुषों और महिलाओं की अलग-अलग लाइन; एक बार में तीन या चार मतदाताओं को ही बूथ में आने दीजिए। 6151
- दिव्यांग, बुज़ुर्ग और गोद में बच्चा लिए महिलाओं को लाइन में खड़े बाकी लोगों से पहले जाने दीजिए; दिव्यांग को अंदर आने में मदद भी कीजिए। 6151
- दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता वाला पोस्टर (प्लेकार्ड) ऐसी जगह लगाइए जहाँ आसानी से दिखे। 6251
मतदान के बीच मशीन या मतपेटी बदलनी पड़े तो?
- नई मतपेटी काम में लें, तो अभिकर्ताओं और उम्मीदवारों के सामने फिर से उसके ख़ाली होने की घोषणा कीजिए। 49
बूथ के पास प्रचार, बैज और उम्मीदवार की टेबल पर क्या नियम है?
- पंचायतीराज अधिनियम की धारा 22 से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की चुनाव-अपराध वाली धाराएँ पंचायत चुनावों पर भी लागू होती हैं। 65
- बूथ के अंदर और बूथ से 100 मीटर तक प्रचार करना अपराध है; पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है (धारा 130)। 65
- मतदान अभिकर्ता अपने उम्मीदवार के नाम या चुनाव चिन्ह का बैज नहीं लगा सकता; नेताओं के नाम या फ़ोटो वाले बैज लगाए किसी को भी बूथ में या 100 मीटर तक न आने दीजिए। 6537
- उम्मीदवार अपना चुनाव बूथ 100 मीटर के बाहर लगा सकते हैं: एक मेज़, दो कुर्सियाँ और छतरी या तिरपाल। वहाँ से ऐसी पर्ची बाँटी जा सकती है जिस पर न चुनाव चिन्ह हो, न उम्मीदवार का नाम। 6665
- वहाँ भीड़ लगे या मतदाताओं को प्रभावित किया जाए, तो ज़ोनल मजिस्ट्रेट या किसी ज़िम्मेदार अधिकारी को बताइए; लाउडस्पीकर या मेगाफ़ोन की आवाज़ से बूथ की कार्यवाही में बाधा पड़े, तो आप उसे पुलिस से फ़ौरन बंद करवा सकते हैं (धारा 131)। 6665
मोबाइल, हथियार, धूम्रपान: बूथ पर क्या मना है?
- आयोग के निर्देश से बूथ पर मोबाइल, कॉर्डलेस फ़ोन वग़ैरह ले जाना सख़्त मना है; बूथ से 100 मीटर तक का इलाक़ा बूथ का "नेबरहुड" माना गया है। 67
- RO, मतदान अधिकारी, पुलिस और शांति के लिए ड्यूटी पर लगे अधिकारी के सिवा कोई भी मतदान के दिन हथियार लेकर बूथ के आस-पास नहीं जा सकता (धारा 134-ख)। सज़ा: दो साल तक की क़ैद या जुर्माना या दोनों; अपराध संज्ञेय है। 6768
- बूथ में धूम्रपान की इजाज़त नहीं। 37
- हथियार वाली धारा 134-ख मतपेटी मार्गदर्शिका में भी छपी है। 69
- पंचायत चुनावों के लिए आयोग का आदेश (24.12.2009): मतदान के दिन बूथ में और उसके 100 मीटर के घेरे में कोई मोबाइल फ़ोन न ले जाए, न चलाए। कोई ले आए, तो वहाँ तैनात पुलिस अधिकारी फ़ोन अपने पास रख लेगा और घेरे से बाहर जाने पर लौटा देगा। गिनती की जगह पर भी मोबाइल मना है। 70
- ड्यूटी पर लगे पुलिस अधिकारी, मजिस्ट्रेट, मतदान अधिकारी और सहायक मतदान अधिकारी, RO/ARO, ज़िला निर्वाचन अधिकारी और पर्यवेक्षक इस रोक से बाहर हैं, पर मतदान के दौरान बूथ में उनका फ़ोन साइलेंट पर रहे। 70
कोई VIP, पर्यवेक्षक या मीडिया वाला बूथ पर आए तो?
- सब दलों और उम्मीदवारों से एक-सा व्यवहार कीजिए और हर विवाद पर निष्पक्ष फ़ैसला कीजिए। 62
- VIP वोट देने आए, तो उसे बूथ में ख़ास तवज्जो न दीजिए, हाथ भी न मिलाइए। 66
- आयोग के पर्यवेक्षक बूथ का निरीक्षण कर सकते हैं; वे आयोग का बैज और नियुक्ति पत्र रखते हैं। उनसे शिष्टता से पेश आइए और ज़रूरी जानकारी दीजिए। 37
- आयोग या DEO का अधिकार-पत्र वाला मीडियाकर्मी अंदर आए, तो वोट डालते मतदाता की फ़ोटो न ले, और कैमरा/वीडियो/मोबाइल अंदर न लाए; बाहर लाइन की फ़ोटो ले सकता है। 37
- पंचायत चुनावों के लिए आयोग का आदेश (23.01.2026): ज़िला निर्वाचन अधिकारी, ज़िला जनसंपर्क अधिकारी की सिफ़ारिश पर और अपनी संतुष्टि से, अधिस्वीकृत पत्रकारों और दूसरे मीडियाकर्मियों को बूथ और गिनती की जगह के प्रवेश पत्र दे सकते हैं। पर पंचायत मुख्यालय पर होने वाली गिनती की जगह पर प्रवेश पत्र वाले पत्रकार या फ़ोटोग्राफ़र मौजूद नहीं रह सकते। प्रवेश पत्र वाला पत्रकार भी बूथ के अंदर न फ़ोटो ले सकता है, न वीडियो बना सकता है, न मोबाइल ला सकता है। 71
- जो मीडियाकर्मी यह न माने, उसे मतदान अधिकारी बूथ के भवन में आने से रोक सकते हैं या बाहर जाने को कह सकते हैं, भले उसके पास प्रवेश पत्र हो। 71
मतदाता की पहचान, स्याही, चिन्हित सूची
कौन-सा पहचान-पत्र चलेगा, शक हो तो क्या करें, उम्र पर सवाल, स्याही कहाँ लगेगी, चिन्हित सूची में क्या लिखना है, और मतदाताओं का रजिस्टर क्यों नहीं भरना।
मतदाता पहचान के लिए कौन-से कागज़ दिखा सकता है?
- सबसे पहले भारत निर्वाचन आयोग का वोटर कार्ड (EPIC, निर्वाचक फोटो पहचान पत्र)। 72
- वोटर कार्ड न हो, तो इनमें से कोई एक फ़ोटो वाला दस्तावेज़: आधार कार्ड; VB-G RAM G / मनरेगा कार्ड; बैंक या डाकघर की फ़ोटो वाली पासबुक; श्रम मंत्रालय की योजना का स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड / आयुष्मान भारत हैल्थ कार्ड; ड्राइविंग लाइसेंस; पैन कार्ड; भारतीय पासपोर्ट; फ़ोटो वाला पेंशन दस्तावेज़; केन्द्र/राज्य सरकार, लोक उपक्रम या पब्लिक लिमिटेड कंपनी का कर्मचारी फ़ोटो पहचान पत्र; सांसद/विधायक का सरकारी पहचान पत्र; UDID (दिव्यांगता) कार्ड। 73
- पुस्तिकाओं में छपी पुरानी सूची (ईवीएम मार्गदर्शिका का परिशिष्ट-16, मतपेटी मार्गदर्शिका का परिशिष्ट-22) की जगह आयोग का आदेश 5310 मानिए; यह आदेश पुराने आदेश 559 और 603 की जगह आया है। 727423
फ़ोटोकॉपी चलेगी? नया बना कार्ड या एक्सपायर हुआ कार्ड?
- वोटर कार्ड (EPIC) न दिखा पाएँ, तो 11 दूसरे फ़ोटो वाले दस्तावेज़ों में से कोई एक मूल (original) दस्तावेज़ चलेगा, उसकी फ़ोटोकॉपी नहीं। 72
- यह दूसरा दस्तावेज़ चुनाव की घोषणा से पहले जारी हुआ हो। इस चुनाव की घोषणा आयोग के 03.10.2026 के प्रेस नोट से हुई। 72755
- इस दूसरे दस्तावेज़ पर कोई अवधि (वैधता की तारीख) लिखी हो, तो वह उसी तारीख तक मान्य है। 76
- परिवार का मुखिया अपने वोटर कार्ड या ऊपर वाले दस्तावेज़ के आधार पर परिवार के दूसरे सदस्यों की पहचान कर सकता है, बशर्ते सभी सदस्य उसके साथ आएँ और मुखिया उनकी पहचान पक्की कर सके। 76
पहचान पर शक हो, या कोई किसी और के नाम से वोट डालने आए, तो?
- पर्दा करने वाली महिलाओं की पहचान महिला सहायक मतदान अधिकारी या महिला कर्मचारी से करवाइए। अभिकर्ता मरे हुए, बाहर गए या फ़र्ज़ी मतदाताओं की सूची दें, तो ऐसे नामों पर दस्तावेज़ ख़ास ध्यान से देखिए। 74
- मतदाता न तो कोई मान्य दस्तावेज़ दिखाए और न पूछे गए सवालों का जवाब दे, तो उसे मतपत्र न दें। 48
- कोई दूसरे के नाम से वोट डालता पकड़ा जाए, तो उसे लिखित शिकायत के साथ पुलिस को सौंपिए। 7477
- फ़र्ज़ी पहचान-पत्र से या किसी और बनकर वोट डालने की कोशिश पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 172 में कार्रवाई होती है; धारा 174 में सज़ा: एक साल तक की क़ैद या जुर्माना या दोनों। 7678
मतदाता उम्मीदवार की दी हुई पर्ची लाए, या कोई पर्ची न लाए, तो?
- उम्मीदवार की पर्ची ज़रूरी नहीं। पर्ची न हो तब भी सूची में नाम ढूँढिए; पर्ची के लिए मतदाता को वापस न भेजिए। 7931
- पर्ची पहचान का सबूत नहीं है। उससे सिर्फ़ सूची की क्रम संख्या देखिए; नाम मतदाता ख़ुद बोलकर बताए। 74
- पर्ची पर उम्मीदवार का नाम या चुनाव चिन्ह छापना क़ानूनी अपराध है। 7931
- पर्ची न हो, तो पहला सहायक मतदान अधिकारी सादी पर्ची पर वार्ड नंबर और मतदाता का क्रमांक लिख देता है। 32
सूची में छपाई की ग़लती हो, या कोई कहे "यह इस गाँव का नहीं है", तो?
- फ़ोटो वाली सूची में छपाई की छोटी ग़लती पर ध्यान न दीजिए, जैसे 21 साल की उम्र 12 छप गई हो; बस यह पक्का कीजिए कि विवरण सामने खड़े व्यक्ति का ही है। 8048
- एक बार पहचान पक्की हो जाए, तो उसकी योग्यता पर एतराज़ नहीं सुना जाता, जैसे "यहाँ का निवासी नहीं" या "18 साल से कम"। अयोग्यता की जाँच बूथ पर नहीं होती (नियम 37)। 8148
मतदाता 18 साल से कम का लगे तो?
- पहचान और सूची में नाम को लेकर आपको तसल्ली हो, तो सिर्फ़ उम्र के शक पर वोट न रोकिए; उससे उम्र की लिखित घोषणा लीजिए। उम्र उस साल की 1 जनवरी से गिनी जाती है जिसके हवाले से मतदाता सूची बनी या संशोधित हुई है। 8148
- घोषणा लेने से पहले उसे बता दीजिए कि झूठी घोषणा पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 18-क में अपराध है। 8151
- यही घोषणा परिशिष्ट 13 पर और सूची परिशिष्ट-14 पर; पंच/सरपंच वाले ये कागज़ P-1 लिफ़ाफ़े में, बिना सील। 4851
स्याही किस अंगुली पर, कहाँ तक, और कब लगानी है?
- पंच + सरपंच वाले दिन (बाद वाला चुनाव) हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर: मतपेटी वाली मार्गदर्शिका में लिखा है कि पहले दिन बाईं तर्जनी पर लगा निशान मतदाता की अंगुली पर रहता है, इसलिए बाद वाले दिन के चुनाव में दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगाई जाएगी। 2234
- स्याही नाख़ून के आख़िरी सिरे से पहले जोड़ के नीचे तक, ब्रश से; यह आदेश 1408 का तरीका है। 21
- मतदाता दूसरे और तीसरे सहायक से पंच व सरपंच के मतपत्र लेकर चौथे सहायक के पास आता है; चौथा सहायक पहले दोनों मतपत्र अपने पास रख लेता है, फिर स्याही लगाकर उसे थोड़ा सूखने देता है, ताकि निशान न मिटे। निशान लगाने के बाद वह दोनों मुड़े हुए मतपत्र मतदाता को इस तरह लौटाता है कि स्याही मतपत्र पर न लगे, वरना मतपत्र ख़राब हो जाएगा। 34
- महिला मतदाता की अंगुली न छुइए; वह ख़ुद मेज़ पर अंगुली रखे। 8234
- आदेश 2235 के निर्देश लागू करते समय मतदाता के हाथ की वह अंगुली न हो, जिस पर स्याही लगनी है, तो नियम 38 के स्पष्टीकरण के हिसाब से काम होगा। 83
- स्याही लगाना चौथे सहायक मतदान अधिकारी के ज़िम्मे है। 34
मतदाता स्याही लगवाने से मना करे, या उसकी अंगुली पर पहले से स्याही हो?
- स्याही लगवाने से मना करे, पहले से निशान हो, या निशान मिटाने की कोशिश करे: उसे वोट नहीं डालने देना है। 848234 पर पंचायतीराज के किसी पद का चुनाव कुछ ही दिन पहले हो चुका हो, या पुनर्मतदान हो, तो बाईं तर्जनी पर पहले वाला निशान होगा; ऐसे में आयोग के आदेश 2235 के हिसाब से चलिए। 8485
- ऐसे मतदाता को मतपत्र न देकर मतदान अधिकारी के हवाले कीजिए। 34
- मतपेटी वाली मार्गदर्शिका में लिखा है: पहले दिन बाईं तर्जनी पर लगा निशान मतदाता की अंगुली पर रहता है, इसलिए बाद वाले दिन के चुनाव में मतदाता के दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगाई जाएगी। 22 इस बार हर चरण में पहले ज़िला परिषद + पंचायत समिति का मतदान है, फिर पंच + सरपंच का; यानी पंच + सरपंच वाले दिन हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर। 2234
- पंच-सरपंच वाले दिन मतदाता के दाएँ हाथ की तर्जनी देखिए: नियम 38 में वही अंगुली देखी जाती है जिस पर स्याही लगनी है, और आदेश 2235 के हिसाब से अलग-अलग दिन के मतदान में पहले वाले चुनाव का निशान दिख रहा हो, तो बाद वाले चुनाव की स्याही दाएँ हाथ की तर्जनी पर लगती है। 85 उस तर्जनी पर पहले से स्याही हो, तो मतपत्र न दीजिए। 3485 आदेश 2235 में इसकी वजह भी लिखी है: पहले वाले चुनाव का बाईं तर्जनी वाला निशान दिखता रहे, तो स्याही लगाने में दिक़्क़त होती है। 85
- पुनर्मतदान में पहले वाले मतदान का निशान नहीं देखा जाता; स्याही मध्यमा (बीच वाली) अंगुली पर लगती है। 8483
- पंच और सरपंच का मतदान बाद में होता है, इसलिए उनके पुनर्मतदान में दाएँ हाथ की मध्यमा पर। 833
मतदाता सूची की चिन्हित प्रति में नाम पर कौन-से निशान लगाएँ?
- नाम के नीचे लाइन; महिला के नाम के बाईं ओर टिक (√); थर्ड जेंडर के नाम के बाईं ओर स्टार (*)। 8632
- वोटर कार्ड से पहचान हुई तो 'E'; दूसरे दस्तावेज़ से हुई तो नाम के पहले कोई निशान नहीं। 32
- दूसरा सहायक नाम के आगे पंच मतपत्र के नंबर के आख़िरी 3 अंक लिखता है (1,00,331 हो तो 331); तीसरा सहायक सरपंच मतपत्र के आख़िरी 4 अंक (0331)। आख़िरी तीन अंक शून्य हों, तो दोनों पूरी संख्या लिखते हैं। 3234
पंच-सरपंच वाले दिन भी प्ररूप-12 (मतदाताओं का रजिस्टर) भरना है क्या?
- नहीं। पंचायत चुनाव के मतपत्र पर प्रतिपर्ण (counterfoil) नहीं होता, और मतदाता को मतपत्र उसके हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लिए बिना ही दे दिया जाता है। 22
- पंच मतपत्र देने वाले दूसरे सहायक के सामान में चिन्हित मतदाता सूची (पंच), मुड़े हुए पंच मतपत्र और बॉलपैन हैं; कोई रजिस्टर नहीं। 32
- पंचायत चुनाव में नियम 39 के तहत सहायक मतदान अधिकारी चिन्हित मतदाता सूची में वोट देने वाले हर मतदाता के नाम के सामने उसे दिए मतपत्र की क्रम संख्या लिखते हैं; दूसरे चुनावों में यह नहीं लिखा जाता। 22
- दूसरा सहायक पंच मतपत्र के नंबर के आख़िरी 3 अंक लिखता है (1,00,331 हो तो 331); आख़िरी तीन अंक शून्य हों, तो पूरी संख्या लिखता है। 32 तीसरा सहायक सरपंच मतपत्र के आख़िरी 4 अंक लिखता है (0331); यहाँ भी आख़िरी तीन अंक शून्य हों, तो पूरी संख्या। 34
- लेकिन किस मतदाता को कौन-से क्रमांक का मतपत्र मिला, यह किसी भी व्यक्ति को नोट करने की इजाज़त नहीं। 22
- प्ररूप-12 (मतदाताओं का रजिस्टर) मशीन वाले दिन का कागज़ है: उसमें द्वितीय सहायक मतदान अधिकारी हर मतदाता की मतदाता सूची वाली क्रम संख्या लिखकर उसके हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लेते हैं। 87
- पंच-सरपंच वाले दिन भी कुछ ख़ास हालात के कागज़ों पर मतदाता के हस्ताक्षर या अंगूठा लिया जाता है, जैसे निविदत्त वोट का प्ररूप-6: उसके स्तम्भ 6 में निविदत्त वोट डालने वाले के हस्ताक्षर या अंगूठा, और चिन्हित सूची में उसके नाम के आगे "TEND"। 49
आक्षेपित वोट, निविदत्त वोट, नियम न मानने पर
पहचान पर एतराज़ (आक्षेपित वोट), किसी और के नाम से वोट पड़ जाने पर निविदत्त वोट, ख़राब मतपत्र, और मतदान का तरीका न मानने वाला मतदाता।
आक्षेपित वोट (challenge) क्या है, और एतराज़ कब उठ सकता है?
- मतदान अभिकर्ता को किसी मतदाता की पहचान पर शक हो, तो वह एतराज़ (चुनौती) उठा सकता है। 86
- एतराज़ उसी वक़्त उठ सकता है जब प्रथम सहायक मतदान अधिकारी मतदाता का विवरण पढ़कर सुनाता है; बाद के किसी चरण में नहीं। 867931
- फ़ैसला मतदान अधिकारी ख़ुद करते हैं; ज़रूरत हो तो मतदाता से सवाल पूछते हैं। 807931
- पंचायत चुनाव में न कोई चुनौती फ़ीस है, न आक्षेपित वोटों की कोई तय सूची बनती है। 8048
- मतदाता न मान्य दस्तावेज़ दिखाए, न सवालों का जवाब दे, तो मतपत्र नहीं मिलता; पहचान पक्की हो जाए तो मतपत्र देने से मना नहीं कर सकते। 48
निविदत्त वोट (tendered vote) किसे दिया जाता है?
मतपेटी वाले दिन निविदत्त मतपत्र कैसे दें?
- वही सामान्य मतपत्र देना है; मतदान अधिकारी उसकी पीठ पर "निविदत्त मतपत्र" लिखकर हस्ताक्षर करते हैं। 49
- यह मतपत्र काम में चल रही गड्डी के आख़िरी क्रमांकों में से लिया जाता है। 49
- मतदाता निशान लगाकर मतपत्र मतदान अधिकारी को देता है, पेटी में नहीं डालता। 49
- हर चुनाव (पंच, सरपंच) के लिए अलग प्ररूप-6 (परिशिष्ट-9) की सूची: स्तम्भ 4 में निविदत्त मतपत्र का नंबर, स्तम्भ 5 में उस मतपत्र का नंबर जो उसकी जगह वोट डाल चुके व्यक्ति को दिया गया था, स्तम्भ 6 में हस्ताक्षर या अंगूठा। 49
- चिन्हित सूची में उसके नाम के आगे "TEND" लिखिए। 49
- लिफ़ाफ़े: पंच P-17, सरपंच P-16, दोनों सीलबंद (मतपत्र और सूची साथ)। 53 मशीन वाले दिन यही सूची प्ररूप-13 कहलाती है। 88
मतपेटी वाले दिन मतदाता से मतपत्र ख़राब हो जाए तो?
मतदाता मतपत्र बिना निशान लगाए लौटा दे, तो?
- लौटाए गए मतपत्र को रद्द करने वाला नियम 43 हटा दिया गया है (अधिसूचना 1531, दिनांक 12.11.14); अब उसकी जगह नोटा का विकल्प है। 48
- मार्गदर्शिका में लिखा है कि अब नियम 43 वाली ऐसी कोई कार्यवाही मतदान केन्द्र पर नहीं की जाएगी; ऐसी स्थिति में मतदाता नोटा का विकल्प इस्तेमाल कर सकता है। 48
- नियम 40 में वोट डालने की तय प्रक्रिया लिखी है: मतदाता किसी उम्मीदवार के सामने या नोटा पर निशान लगाता है, मतपत्र मोड़ता है और मतपेटी में डालता है; नोटा इसी नियम में उसी अधिसूचना 1531 (12.11.2014) से जुड़ा, जिससे नियम 43 हटा। 89
- मतपेटी से जो मतपत्र बिना किसी निशान के निकले, वह गिनती में नामंजूर होता है (नियम 50(1)(iii))। 9091
- कोई मतदाता यह प्रक्रिया मानने से ही इनकार करे, जैसे मतपत्र मतपेटी में डालने की जगह लौटाने पर अड़ा रहे, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 132-क के तहत उसका मतपत्र रद्द किया जा सकता है; पंचायत चुनाव पर यह धारा राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 22 से लागू है। 92939495
- मतपत्र लेखा (परिशिष्ट-26) में ऐसे मतपत्र मद 4(क) में लिखे जाते हैं; "लौटाया" नाम की कोई मद नहीं है। 96
मतदाता मतदान का तरीका न माने (जैसे वोट सबको दिखाए), तो?
- नियम 40(1): मतदाता मतपत्र पर निशान लगाकर उसे ऐसे मोड़ेगा कि उसका वोट छिपा रहे, और फिर उसे मतपेटी में डालेगा। 97
- धारा 132क (मतपेटी मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-2 में छपी): मतदाता वोट डालने की तय प्रक्रिया मानने से इनकार करे, तो उसे जारी किया गया मतपत्र रद्द किया जा सकता है। मतपत्र लेखे में इसका ख़ाना भी है: "मतदान प्रक्रिया के अतिक्रमण के कारण रद्द किये गये मतपत्र"। 989396
दृष्टिहीन और शिथिलांग मतदाता
जो मतदाता देख नहीं सकते या शरीर से अशक्त हैं, उनका वोट कैसे डलवाएँ और उसका रिकॉर्ड कैसे रखें।
दृष्टिहीन या शिथिलांग मतदाता वोट कैसे डालेगा?
ऐसे मतदाता का रिकॉर्ड कैसे रखें?
- मतदाता सूची में उसके नाम के आगे "AA" लिखिए। 49
लाइन और बूथ में उन्हें क्या सुविधा देनी है?
- दिव्यांग, दृष्टिबाधित, बुज़ुर्ग और गोद में बच्चा लिए महिला को लाइन में खड़े दूसरों से पहले जाने दीजिए। 8051
- दिव्यांग और दृष्टिबाधित मतदाता को बूथ के अंदर आने में ज़रूरी मदद भी कीजिए। 8051
- मतदान केन्द्र पर पक्का रैंप न हो, तो अस्थायी रैंप बनवाया जाता है। 99
- प्राथमिकता वाला पोस्टर (प्लेकार्ड) ऐसी जगह लगाइए जहाँ दिखे। 6251
स्थगन, मतदान रोकना, अनियमितताएँ
बूथ पर हिंसा, आपदा, बूथ पर कब्ज़ा, मशीन छिन जाना या कोई बड़ी गड़बड़ी हो, तो मतदान अधिकारी क्या करें।
मतदान स्थगित कब किया जा सकता है?
- नियम 48: आपातकाल में, जैसे लोक शांति भंग होने का अंदेशा हो, रिटर्निंग अधिकारी मतदान बंद कर सकते हैं और उसे बाद के किसी दिन के लिए स्थगित करने की घोषणा कर सकते हैं; वह दिन ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत), या उनका नामित कोई अधिकारी, अधिसूचित करेंगे। 100
- स्थगन सिर्फ़ ख़ास हालात में किया जाए; उसका ब्योरा तुरंत ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को भेजा जाए, और आगे की कार्यवाही उनके निर्देश से हो। 101100
बूथ पर कब्ज़ा (booth capturing) हो रहा हो तो?
- बूथ पर कब्ज़ा धारा 135 क के तहत अपराध है। 6810295
- बूथ पर कब्ज़ा हो जाए, तो उसकी रिपोर्ट भी उसी तरह भेजी जाए जैसे मतपेटी खोने या ख़राब होने पर: घटना का पूरा ब्योरा मतदान अधिकारी की डायरी में, और रिपोर्ट तुरंत ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को, ताकि वह बिना देरी राज्य निर्वाचन आयोग तक पहुँचे। 101103
- नियम 48-ख: बूथ पर कब्ज़ा ऐसे हुआ हो कि वहाँ के मतदान का नतीजा तय न हो सके, तो RO तुरंत आयोग को रिपोर्ट करते हैं। आयोग सब हालात देखकर उस बूथ का मतदान शून्य घोषित करके वहाँ नए सिरे से मतदान का दिन और समय तय कर सकता है; या, अगर बहुत से बूथों पर कब्ज़े से चुनाव का नतीजा प्रभावित होने की संभावना हो, या गिनती पर ऐसा असर पड़ा हो कि नतीजा प्रभावित हो, तो उस निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव रद्द (प्रत्यादिष्ट) कर सकता है। 104
किसी को बूथ से बाहर निकालना पड़े तो?
- बूथ में दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्ति को नियम 45 के तहत बाहर निकलवाया जा सकता है। 10549
- यह RO या मतदान अधिकारी कर सकते हैं; निकाला गया व्यक्ति फिर अंदर नहीं आ सकता, पर इस कारण उसे वोट डालने से रोका नहीं जाना है। 49
- निकाला गया व्यक्ति बिना अनुमति फिर बूथ में घुसे, तो उसे गिरफ़्तार करवाया जा सकता है (धारा 132)। 659395
मशीन या कागज़ात कोई छीन ले जाए, या कोई गड़बड़ हो जाए, तो?
- कोई मतपेटी दुर्घटना से या जान-बूझकर नष्ट हो जाए, खो जाए, या उसमें तोड़-फोड़ हो, जिससे उस बूथ के मतदान का परिणाम प्रभावित हो, तो घटना का पूरा ब्योरा मतदान अधिकारी की डायरी में लिखा जाए और रिपोर्ट तुरंत ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को भेजी जाए (नियम 48-क)। 101103
- मतदान की प्रक्रिया में कोई भूल या अनियमितता हो जाए, जिससे मतदान दूषित हो, तो भी रिपोर्ट तुरंत ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को भेजी जाए। पुनर्मतदान वाली ऐसी रिपोर्ट किसी मामूली घटना पर न भेजी जाए। 101103
मतदान समाप्ति, प्ररूप-14, सीलबंदी
तय समय पर मतदान बंद करना, मशीन का Close, वोटों का लेखा, मशीन और लिफ़ाफ़ों की सील, और मतपेटी वाले दिन के कागज़।
मतदान कब बंद होता है, और उस समय लाइन में खड़े लोगों का क्या?
- दोनों दिन मतदान शाम 6 बजे तक है; 6 बजे तक मतदान परिसर में पहुँच चुके मतदाता वोट डाल सकते हैं। 534
- तय समय पर मतदान अधिकारी बाहर जाकर लाइन के आख़िरी व्यक्ति से शुरू करते हुए, 1 से क्रम संख्या डालकर, हस्ताक्षर वाली पर्चियाँ बाँटते हैं। 51
- इससे तय समय से पहले लाइन में लगे सब मतदाता समय निकलने के बाद भी वोट डाल सकते हैं, और तय समय के बाद कोई नया मतदाता लाइन में नहीं जुड़ सकता। 51
मतपेटी वाले दिन मतदान बंद होने पर क्या-क्या करना है?
- बंद होने पर भी परिशिष्ट-21 वाली घोषणा कीजिए। 49
- पंच/सरपंच की पेटी उसी दिन, मतदान के ठीक बाद, पंचायत मुख्यालय पर गिनी जाती है; इसलिए पेटी पर टेप-धागा या कपड़े का थैला नहीं चाहिए। 51
- पंच/सरपंच की डायरी अलग है: परिशिष्ट-23-B। 51
- पेपर सील का लेखा परिशिष्ट-24 में (किस क्रम संख्या की सील किस पेटी पर लगी, कौन ख़राब हुई या लौटाई गई); मतपत्रों का लेखा परिशिष्ट-26 में; सांख्यिकी प्ररूप परिशिष्ट-25। 106
- उम्र की घोषणाएँ और उनकी सूची P-1 लिफ़ाफ़े में, जो सील नहीं होता। 51
मतपेटी वाले दिन कौन-से लिफ़ाफ़े सीलबंद होते हैं?
- पंच के चार: P-4 बिना इस्तेमाल वाले मतपत्र, P-5 चिन्हित सूची, P-13 ख़राब मतपत्र। 5253 चौथा, P-17: निविदत्त मतपत्र और उनकी सूची। 53
- सरपंच के चार: P-3 बिना इस्तेमाल वाले मतपत्र, P-6 चिन्हित सूची, P-12 ख़राब मतपत्र। 5253 चौथा, P-16: निविदत्त मतपत्र और उनकी सूची। 53
- ये सीलबंद लिफ़ाफ़े मतदान के बाद पेटियों के साथ RO को सौंपे जाते हैं। 52
सामग्री जमा कराना
मतदान के बाद सीधे संग्रहण स्थल, अलग-अलग काउंटर, हर जगह रसीद, और मतपेटी वाले दिन RO को सौंपना।
मतपेटी वाले दिन सामान कहाँ जमा होगा?
- पंच/सरपंच की पेटी उसी दिन, मतदान के ठीक बाद, पंचायत मुख्यालय पर गिनी जाती है। 51
- सीलबंद लिफ़ाफ़े (पंच के चार, सरपंच के चार) मतदान के बाद पेटियों के साथ RO को सौंपे जाते हैं। 52
- RO की ड्यूटी में लिखा है कि उप सरपंच चुनाव के बाद वे मतदान दल के साथ उस जगह जाएँ जो ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) बताएँ; वह ज़िला मुख्यालय हो, तो कागज़ात निर्देश के अनुसार जमा कराकर रसीद लें। 107
नामांकन: कब, कहाँ, किसके पास
पंच-सरपंच और पंचायत समिति-ज़िला परिषद सदस्य के नामांकन: तारीख, समय, जगह, रिटर्निंग अधिकारी कौन, और नामांकन देते समय क्या होता है।
पंच-सरपंच के नामांकन कब, कहाँ और किसके पास होंगे?
- नामांकन, संवीक्षा और नाम वापसी, तीनों एक ही दिन ग्राम पंचायत मुख्यालय पर: पंचायत भवन में, या उस जगह जो ज़िला निर्वाचन अधिकारी तय करें। 15
- उस दिन सुबह 8 से 11 बजे तक नामांकन, 11:30 बजे से संवीक्षा, दोपहर 2 बजे तक नाम वापसी, और उसके तुरंत बाद चुनाव चिह्न। 27
- बालोतरा में यह दिन तीसरे चरण में 04.11.2026 है। 426 चौथे चरण में 15.11.2026 है। 326
- नामांकन सिर्फ़ उसी जगह, तारीख और समय पर लिए जाते हैं जो ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की लोक सूचना में तय है। 108
नामांकन, संवीक्षा और नाम वापसी की तारीखें कौन तय करता है?
- ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) लोक सूचना में जगह, तारीख और समय तय करते हैं। रिटर्निंग अधिकारी को उसी गाँव और उसी भवन में मौजूद रहना है जो लोक सूचना में लिखा है। 108
क्या उम्मीदवार को नामांकन खुद आकर देना होगा?
नामांकन लेने वाले रिटर्निंग अधिकारी कौन होते हैं?
- ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) के नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी, और उनकी मदद के लिए लगे मतदान दल के कार्मिक, नामांकन की पूरी प्रक्रिया करते हैं। 15
- पंच-सरपंच के चुनाव में यही रिटर्निंग अधिकारी नामांकन पत्र लेते हैं, उनकी जाँच करते हैं, उम्मीदवारों की सूची बनाते हैं, मतदान की व्यवस्था की देख-रेख करते हैं, गिनती करते हैं और नतीजा घोषित करते हैं। 14
नामांकन देते समय रिटर्निंग अधिकारी क्या करते हैं?
- हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी, मतदाता क्रम संख्या और वार्ड संख्या मिलाते हैं, और गलती हो तो उसी समय ठीक करवाते हैं। यह भी पूछते हैं कि पंच के लिए लड़ रहे हैं या सरपंच के लिए। 109
- नामांकन पत्र पर वार्ड का क्रम संख्यांक, नामांकन पत्र का क्रम संख्यांक और मिलने का समय लिखते हैं, और प्ररूप 4 में छपी रसीद उम्मीदवार को देते हैं। 110
- शौचालय की घोषणा साथ न हो, तो मीमो देते हैं कि संवीक्षा से पहले दे दें; न दी, तो संवीक्षा में नामांकन खारिज हो सकता है। 110
नामांकन के काग़ज़: फ़ॉर्म, शपथ पत्र और दस्तावेज़
कौन-सा फ़ॉर्म, उसमें क्या भरना है, शपथ पत्र, शौचालय की घोषणा, बकाया, और कौन-से काग़ज़ नहीं चाहिए।
कौन-सा नामांकन फ़ॉर्म भरना है, और साथ में क्या-क्या लगेगा?
- नामांकन पत्र प्ररूप 4। 111
- चारों पदों के लिए प्ररूप 4घ, पूरा भरा हुआ। 111112
- शपथ पत्र: सरपंच के लिए उपाबन्ध-I B, पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य के लिए उपाबन्ध-I A। पंच के लिए यह शपथ पत्र नहीं। 111112113
- घर में स्वच्छ शौचालय होने की घोषणा, सबके लिए; इसे प्रमाणित नहीं करवाना। 114115
- जमानत की रसीद (सरपंच, पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य), यह ज़रूरी है; और सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म, यह न दिया तो भी नामांकन खारिज नहीं होगा, फिर भी जहाँ तक हो सके भरवाइए। 114115116
पंच-सरपंच के नामांकन पत्र (प्ररूप 4) में क्या-क्या भरना है?
- पूरा नाम, लिंग, जाति (सिर्फ़ अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग हो तो), पंचायत का नाम और वार्ड संख्या के साथ मतदाता सूची का क्रम संख्यांक, और पिता या पति का नाम। 117
- चार घोषणाएँ: अधिनियम के तहत योग्य हूँ; धारा 19 की किसी अयोग्यता में नहीं आता; अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग का हूँ या नहीं हूँ; और नियम 56(3) वाली जमानत जमा कर दी है, जो सिर्फ़ सरपंच पर लागू है। 117
- आख़िर में तारीख, जगह और उम्मीदवार के हस्ताक्षर। 117
- जो हिस्सा लागू न हो, जैसे जाति वाली जानकारी या घोषणा का तीसरा बिन्दु, उसे काट दिया जाता है। 118
- इस चुनाव में प्रस्तावक नहीं होता। 110
फ़ॉर्म कहाँ मिलेंगे; फ़ोटोकॉपी, टाइप किया या हाथ से लिखा चलेगा?
- पहले वही प्ररूप काम में लें, जो आयोग ने रिटर्निंग अधिकारी, उपखण्ड अधिकारी या ज़िला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध करवाए हैं। 116119
- वे न मिलें, तो उनकी फ़ोटोकॉपी। टाइप किया प्ररूप भी चलेगा, अगर उसमें सारी प्रविष्टियाँ ज्यों की त्यों हों। 116119
- सादे काग़ज़ पर हाथ से उतारकर बनाया हुआ नामांकन पत्र, और इसी तरह बने साथ वाले प्ररूप, स्वीकार नहीं होंगे। मार्गदर्शिका में हाथ से या कार्बन से फ़ॉर्म की नकल बनाने की छूट लिखी है; वह अब लागू नहीं। छपे, फ़ोटोकॉपी या टाइप किए फ़ॉर्म में उम्मीदवार की जानकारी हाथ से भरी हो या कंप्यूटर पर टाइप करके छापी गई हो, दोनों चलेगा। 116119108
आपराधिक मामलों और सम्पत्ति वाले फ़ॉर्म (घ वाला प्ररूप) में क्या-क्या भरना है?
| बिन्दु | किस बारे में | ज़रूरी? |
|---|---|---|
| 1 | विचाराधीन आपराधिक मामले | हाँ |
| 2 | आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि | हाँ |
| 3 | संतान संबंधी योग्यता | नहीं, यह प्रावधान हट गया |
| 4 | सम्पत्ति | हाँ; सिर्फ़ मतदाताओं की जानकारी के लिए |
स्रोत: आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 1; आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 1
शपथ पत्र किस काग़ज़ पर और किसके सामने बनेगा?
- 50 रुपये के गैर न्यायिक स्टाम्प पेपर पर, नामांकन पत्र के साथ जमा होगा। 111112
- न्यायाधीश, न्यायिक या कार्यपालक मजिस्ट्रेट, उच्च न्यायालय या सेशन न्यायालय के नियुक्त शपथ कमिश्नर, या नोटरी पब्लिक के सामने प्रमाणित होना चाहिए। 111112
- मतपेटी (सरपंच): उपाबन्ध-I B न दिया, तो नामांकन अस्वीकार होगा। इसमें लिखी बातें सही हैं या नहीं, यह रिटर्निंग अधिकारी नहीं जाँचते; इसकी एक प्रति नोटिस बोर्ड पर लगती है। 121
शपथ पत्र (उपाबन्ध-I B और I A) में कौन-सी जानकारी देनी है?
- यह शपथ पत्र (उपाबन्ध-I B) सिर्फ़ सरपंच का उम्मीदवार देता है। पंच के नामांकन के साथ न जमानत ली जाती है, न यह शपथ पत्र। 111118
- इस शपथ पत्र में तीन बातें: न्यायालय में लंबित मामले, सम्पत्ति, और बकाया (Dues)। यह सर्वोच्च न्यायालय के फ़ैसले के पालन में लिया जाता है। 111112
- इसका भी कोई कॉलम खाली नहीं छोड़ना। 111112
किसी फ़ॉर्म का कोई कॉलम खाली रह जाए तो?
- कोई कॉलम खाली नहीं छोड़ना; छूट सिर्फ़ संतान संबंधी योग्यता वाले कॉलम को है। 116119
- कॉलम खाली मिला, तो रिटर्निंग अधिकारी उम्मीदवार को मीमो देंगे। 116119
- पहले वाले शपथ पत्र में ही सुधार करना विधिपूर्ण नहीं; अलग से नया शपथ पत्र देना होगा। 116119
- मीमो के बाद भी कॉलम नहीं भरा, या जहाँ अलग शपथ पत्र देना ज़रूरी है वहाँ नहीं दिया, तो नामांकन अस्वीकार करने योग्य होगा। 116119
शौचालय वाली घोषणा क्या है, और न दी तो?
- हर उम्मीदवार आयोग के तय प्रारूप में घोषणा देता है कि घर में चालू स्वच्छ शौचालय है। यह नामांकन पत्र के साथ जाती है; इसे प्रमाणित नहीं करवाना। 114115108
- घर में ऐसा शौचालय न हो और परिवार का कोई सदस्य खुले में शौच जाए, तो व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता। 122
- स्वच्छ शौचालय यानी पानी की सील वाला (water sealed) शौचालय, जो तीन दीवारों, दरवाज़े और छत से घिरा हो। परिवार के सदस्य यानी उस व्यक्ति के पति या पत्नी, बच्चे, और उसके साथ रहने वाले उसके माता-पिता। 123
- घोषणा साथ न हो, तो रिटर्निंग अधिकारी मीमो देकर संवीक्षा से पहले खुद के हस्ताक्षर वाली घोषणा माँगते हैं; न दी, तो संवीक्षा में नामांकन खारिज हो सकता है। 110
पंचायत का कोई बकाया हो, तो 'नो ड्यूज़' प्रमाण पत्र चाहिए?
- पंचायती राज संस्था का कोई टैक्स या फ़ीस माँग के नोटिस के 2 महीने बाद भी बाकी है, तो उम्मीदवार अयोग्य है। नामांकन देने से पहले चुका दे और रसीद या नो ड्यूज़ दिखा दे, तो अयोग्य नहीं। 114115
- पहले सरपंच, उप सरपंच, प्रधान, उप प्रधान, प्रमुख या उप प्रमुख रहे व्यक्ति का बकाया: नोटिस के 2 महीने बाद भी न चुकाया हो, और नाम अधिसूचना से कम से कम 2 महीने पहले जारी डिफ़ॉल्टर सूची में हो, तो अयोग्य। नामांकन से पहले चुका दे और रसीद दिखा दे, तो अयोग्य नहीं। 114115124
- ऐसा कोई बकाया ही नहीं, तो किसी तरह का नो ड्यूज़ प्रमाण पत्र नहीं चाहिए। 114115
- पुराने पंच या सरपंच का टेलीफ़ोन या चाय-पानी का बकाया टैक्स या फ़ीस नहीं है; इससे रोक नहीं लगती। 125
चरित्र प्रमाण पत्र और सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म ज़रूरी हैं?
उम्मीदवार हस्ताक्षर नहीं कर सकता, तो?
प्रस्तावक
पंच-सरपंच में प्रस्तावक नहीं; पंचायत समिति और ज़िला परिषद में कितने, कौन बन सकता है, और नामांकन पत्र में उनका हिस्सा।
क्या प्रस्तावक चाहिए?
- नहीं, पंच-सरपंच के चुनाव में प्रस्तावक का प्रावधान नहीं है। 110
क्या प्रस्तावक उम्मीदवार की जगह नामांकन पत्र जमा कर सकता है?
जमानत राशि
किसे जमानत देनी है, कितनी, न दी तो क्या होगा, और कब लौटती या ज़ब्त होती है।
जमानत राशि कितनी है, और किसे देनी है?
- पंच: वार्ड पंच के लिए कोई जमानत राशि नहीं। 8113
- सरपंच (नियम 56(3)) और पंचायत समिति/ज़िला परिषद सदस्य (नियम 58): ₹500; महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए ₹250। राशि रसीद से जमा होगी, रसीद नामांकन के साथ लगेगी। 127114115128129
- अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग का उम्मीदवार ₹250 दे, तो जाति प्रमाण पत्र भी लगेगा, चाहे सीट आरक्षित न हो। 113115
- एक से ज़्यादा नामांकन पत्र भरें, तो जमानत एक ही बार जमा करनी है। 113128129
जमानत जमा न की, तो?
जमानत कब लौटती है, और कब ज़ब्त होती है?
- जो उम्मीदवार नहीं जीता और जिसे कुल वैध मतों का कम से कम छठा हिस्सा (1/6) भी नहीं मिला, उसकी जमानत ज़ब्त होती है। 127128130
- जिसे 1/6 या उससे ज़्यादा वोट मिले, उसे जमानत वापस मिलती है। 130
- जीतने वाले को जमानत हमेशा वापस मिलती है, चाहे उसे 1/6 से कम वोट मिले हों। 127
- जिसने अपना नामांकन वापस ले लिया, उसे भी नतीजे के बाद आवेदन करने पर जमानत वापस मिलती है। 130
जमानत वापस कैसे मिलेगी?
जमानत ज़ब्त करने का आदेश कौन और कब देता है?
- सरपंच: नतीजा आते ही रिटर्निंग अधिकारी (पंचायत) उन उम्मीदवारों की जमानत ज़ब्त करने का आदेश देते हैं, जो नहीं जीते और जिन्हें 1/6 से कम वोट मिले। 131
योग्यता और अयोग्यता
कौन चुनाव लड़ सकता है: मतदाता होना, उम्र, एक से ज़्यादा सीट, सरकारी कर्मचारी, लाभ का पद, आपराधिक मामले, और कानून की बाकी रोकें।
कौन चुनाव लड़ सकता है? क्या उसी वार्ड का वोटर होना ज़रूरी है?
- उसी पंचायत के किसी भी वार्ड का मतदाता। जैसे, वार्ड 5 का मतदाता उसी पंचायत के वार्ड 8 से पंच का चुनाव लड़ सकता है, या फिर सरपंच का; दोनों एक साथ नहीं। 108132133
- आरक्षित सीट पर उसी वर्ग का व्यक्ति; अन्य पिछड़े वर्ग की सीट पर विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC) वाले भी पात्र; महिला की सीट से पुरुष नहीं। अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग का व्यक्ति सामान्य सीट से लड़ सकता है। 108118
- पढ़ाई की कोई शर्त नहीं (पंचायती राज विभाग की 22.02.2019 की अधिसूचना)। 132
उम्र कितनी होनी चाहिए, और किस दिन की गिनें?
- कम से कम 21 साल। 132134
- मार्गदर्शिका के एक ही पैरा में पहले संवीक्षा के दिन की उम्र लिखी है, और आगे नामांकन भरने की तारीख की। इस बार पंच-सरपंच के नामांकन, संवीक्षा और नाम वापसी एक ही दिन हैं, इसलिए दोनों से एक ही तारीख निकलती है। 13215
- मतदाता सूची में लिखी उम्र सिर्फ़ अंदाज़न होती है; नामांकन के लिए उसे पक्का नहीं माना जाता। जैसे, सूची में 21 साल लिखा हो पर स्कूल के प्रमाण पत्र से संवीक्षा की तारीख को उम्र 20 साल 10 महीने निकले, तो वह योग्य नहीं, और यह बात साफ़ हो जाए तो नामांकन खारिज होगा। 132
एक आदमी दो सीटों से नामांकन भर दे तो?
- धारा 19ख: पंच के चुनाव में दो वार्डों से नहीं; पंच और सरपंच दोनों का नहीं; पंचायत समिति के दो निर्वाचन क्षेत्रों से नहीं; ज़िला परिषद के दो निर्वाचन क्षेत्रों से नहीं। 132133
- ऐसा नामांकन संवीक्षा में खारिज नहीं होगा। पर नाम वापसी के समय तक एक सीट छोड़कर बाकी सब से नाम वापस नहीं लिया, तो सभी सीटों से उम्मीदवारी वापस मानी जाएगी। 13246
- धारा 20: अलग-अलग पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव लड़ने पर रोक नहीं, एक साथ सदस्य रहने पर रोक है। 132133
सरकारी कर्मचारी पंच या सरपंच का चुनाव लड़ सकता है?
- संवीक्षा के दिन जो केन्द्र या राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी का पूरे समय या पार्ट-टाइम वेतन वाला कर्मचारी है, वह नहीं लड़ सकता। सरकार के नियंत्रण या पैसे वाले विश्वविद्यालय, निगम, उपक्रम या सहकारी समिति के कर्मचारी पर भी यही बात है। 135
- ऐसा व्यक्ति नामांकन भरे, तो संवीक्षा में सक्षम अधिकारी की त्यागपत्र-स्वीकृति की प्रमाणित प्रति देनी होगी, जो संवीक्षा से पहले वाले दिन तक की हो, उसी दिन की नहीं। 135
- बालोतरा में पंच-सरपंच की संवीक्षा नामांकन वाले दिन ही होती है, इसलिए त्यागपत्र-स्वीकृति का आदेश नामांकन से एक दिन पहले तक का होना चाहिए। 13515 तीसरे चरण में नामांकन 04.11.2026 को है, तो स्वीकृति 03.11.2026 तक की हो। 426 चौथे चरण में नामांकन 15.11.2026 को है, तो स्वीकृति 14.11.2026 तक की हो। 326
संविदा कार्मिक, आशा सहयोगिनी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या राशन डीलर चुनाव लड़ सकते हैं?
- यह इस पर टिका है कि उनका पद 'लाभ का पद' है या नहीं। आयोग ने 09.10.2026 के आदेश 10297 में सात पदों पर मार्गदर्शन दिया है। 136
- लाभ का पद माना जाए: राजस्थान संविदा नियम, 2022 के तहत नियुक्त संविदा कार्मिक। 136
- लाभ का पद नहीं माना: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका (बॉम्बे उच्च न्यायालय का फ़ैसला), और राशन डीलर (राजस्थान उच्च न्यायालय का फ़ैसला: नियमों के दायरे में रहते हुए राशन डीलर चुनाव लड़ सकता है)। आंगनवाड़ी वालों को नामांकन की तारीख से परिणाम तक अवैतनिक अवकाश लेना होगा, और जीतने पर शपथ से पहले त्याग पत्र देना होगा; यह महिला एवं बाल विकास विभाग के 12.01.2023 के परिपत्र में लिखा है। 137
- रिटर्निंग अधिकारी जाँचकर तय करेंगे: आशा सहयोगिनी, साथिन और विद्या संबल वाले (विद्या संबल वालों में संशय हो, तो चुनाव से पहले त्याग पत्र लेना उचित बताया है); प्रशासक के लिए आयोग के पहले वाले निर्देश चलेंगे। 138
- संवीक्षा में रिटर्निंग अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के पाँच प्रमुख परीक्षणों के आधार पर फ़ैसला करें, यही उचित बताया है: क्या नियुक्ति सरकार ने की है; क्या सरकार को उसे हटाने का अधिकार है; क्या पद के साथ कोई वेतन, मानदेय या दूसरा आर्थिक लाभ जुड़ा है; काम किस तरह का है; और सरकार उस पद पर कितना नियंत्रण रखती है। 139
- उसी आदेश में जया बच्चन वाले फ़ैसले की बात भी है: असल में कोई आर्थिक लाभ मिला या नहीं, यह निर्णायक नहीं; देखना यह है कि पद से आर्थिक लाभ या मानदेय मिल सकता है या नहीं। संशय हो, तो रिटर्निंग अधिकारी उस पद का नियुक्ति पत्र, सेवा की शर्तें, वेतन या मानदेय, और सरकारी नियंत्रण देखेंगे। 139
कानून में किन वजहों से कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता?
| # | रोक |
|---|---|
| 1 | राज्य विधान सभा के चुनाव के लिए किसी कानून में अयोग्य हो; पर सिर्फ़ 25 साल से कम उम्र होना रोक नहीं, अगर 21 साल पूरे हैं |
| 2 | चुनाव याचिका पर अदालत ने भ्रष्ट आचरण का दोषी पाया हो |
| 3 | स्थानीय प्राधिकारी या विश्वविद्यालय में, या राज्य सरकार के नियंत्रण वाले या उसके पूरे या कुछ पैसे से चलने वाले निगम, निकाय, उपक्रम या सहकारी समिति में पूरे समय या पार्ट-टाइम वेतन वाली नियुक्ति हो |
| 4 | राज्य सरकार की नौकरी से नैतिक अधमता वाले कदाचार पर बर्खास्त हुआ हो और सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य घोषित हो |
| 5 | किसी पंचायती राज संस्था में वेतन वाला पद या लाभ का पद रखता हो |
| 6 | उस पंचायती राज संस्था के किसी ठेके में हिस्सा या हित हो |
| 7 | शरीर या मन का ऐसा दोष या रोग हो, जिससे वह काम न कर सके |
| 8 | किसी अपराध में दोषी ठहरकर 6 महीने या ज़्यादा की सज़ा हुई हो, और फ़ैसला पलटा न गया हो, सज़ा माफ़ या क्षमा न हुई हो |
| 9 | 5 साल या ज़्यादा सज़ा वाले अपराध के मुकदमे में अदालत ने संज्ञान लेकर आरोप तय कर दिए हों |
| 10 | धारा 38 में अयोग्य ठहराया गया हो |
| 11 | उस पंचायती राज संस्था का टैक्स या फ़ीस, माँग के नोटिस के 2 महीने बाद भी न चुकाया हो |
| 12 | उस पंचायती राज संस्था के लिए या उसके ख़िलाफ़ वकील के रूप में काम कर रहा हो |
| 13 | राजस्थान मृत्यु भोज निवारण अधिनियम, 1960 में दोषी ठहराया गया हो |
| 14 | पहले सरपंच, उप सरपंच, प्रधान, उप प्रधान, प्रमुख या उप प्रमुख रहा हो, उसका बकाया नोटिस के 2 महीने बाद भी न चुकाया हो, और नाम अधिसूचना से कम से कम 2 महीने पहले कलक्टर (पंचायत) को दी गई डिफ़ॉल्टर सूची में हो |
| 15 | आरक्षित सीट पर उस वर्ग का न हो, या महिला सीट पर महिला न हो |
| 16 | घर में चालू स्वच्छ शौचालय न हो और परिवार का कोई सदस्य खुले में शौच जाए |
स्रोत: पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 60; पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 61; मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 31
- ऊपर की तालिका में क्रम 8, 13 और 4 वाली रोक दोषसिद्धि या बर्खास्तगी से 6 साल बाद हट जाती है। क्रम 2 वाली रोक उस आदेश की तारीख से 6 साल तक रहती है। 123
- क्रम 11 वाला टैक्स या फ़ीस, और क्रम 14 वाला बकाया, नामांकन पत्र भरने से पहले चुका दिया हो, तो यह रोक नहीं। 123
- किसी निगमित कम्पनी, या राजस्थान में लागू क़ानून के तहत रजिस्टर्ड सहकारी समिति का शेयरधारक या सदस्य होने भर से, उस कम्पनी या समिति और पंचायती राज संस्था के बीच हुए ठेके में उसका हित नहीं माना जाता। 123
- ये योग्यताएँ और रोकें सरपंच पर भी लागू हैं। 124
- उम्मीदवार नामांकन पत्र में घोषणा करता है कि वह इन रोकों में नहीं आता। 117140
उम्मीदवार पर FIR या आपराधिक मुकदमा हो, तो क्या वह लड़ सकता है?
- रोक के लिए दोनों बातें चाहिए: अपराध की सज़ा 5 साल या ज़्यादा हो सकती हो, और अदालत संज्ञान लेकर आरोप तय कर चुकी हो। 122125
- जिस मामले में अदालत ने अभी आरोप तय नहीं किए, वह इस रोक में नहीं आता; सिर्फ़ FIR दर्ज होने से यह शर्त पूरी नहीं होती। 122125
- दोषी ठहराकर 6 महीने या ज़्यादा की सज़ा हुई हो, और फ़ैसला पलटा न गया हो, सज़ा माफ़ या क्षमा न हुई हो, तो रोक है; दोषसिद्धि से 6 साल बाद फिर से लड़ सकता है। 122123
- हर उम्मीदवार प्ररूप 4घ में अपनी दोषसिद्धि और आरोप तय हुए लंबित मामले बताता है; 4घ में ऐसा मामला दिखे, तो वह योग्य नहीं। 125111112
- विधान सभा के लिए अयोग्य व्यक्ति पंचायत का चुनाव भी नहीं लड़ सकता, इसलिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 वाली दोषसिद्धि की अयोग्यता भी लागू रहती है। 141135
पंचायत का वकील चुनाव लड़ सकता है?
किसी पंचायती राज संस्था का सदस्य दूसरी संस्था का चुनाव लड़ सकता है?
- हाँ। रोक एक साथ दो संस्थाओं का सदस्य रहने पर है, दूसरी संस्था का चुनाव लड़ने पर नहीं। 133132
- चुना गया, तो जिस दिन चुना गया उसी दिन पहले वाली सीट खाली हो जाती है। पर पहले वाली सीट किसी दूसरी पंचायती राज संस्था में हो और उस संस्था का कार्यकाल चुने जाने की तारीख से 4 महीने के भीतर ख़त्म होने वाला हो, तो वह सीट इस तरह खाली नहीं होती। 133
- एक साथ दो या ज़्यादा संस्थाओं में चुना गया, तो चुने जाने की तारीख से, या इनमें से बाद वाली तारीख से, 14 दिन के भीतर सक्षम प्राधिकारी को बताए कि किसमें रहेगा; बाकी सीट खाली हो जाएगी। 133
- यह सूचना अंतिम है, बदली नहीं जा सकती। समय पर न बताए, तो सक्षम प्राधिकारी तय करेंगे कि कौन-सी सीट रहेगी। 133
आरक्षित सीट और जाति प्रमाण-पत्र
आरक्षित और महिला सीट से कौन लड़ सकता है, जाति प्रमाण पत्र किसका बना हो, कब लगेगा, और न हो तो क्या।
आरक्षित सीट से कौन लड़ सकता है?
- अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग की सीट से सिर्फ़ उसी वर्ग का व्यक्ति। 122124
- महिला की सीट से सिर्फ़ महिला; कोई पुरुष उस वार्ड से नामांकन भरने का पात्र नहीं। 122126
- अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग की महिला की सीट से सिर्फ़ उसी वर्ग की महिला। 122124
- अनारक्षित सीट से किसी भी जाति या वर्ग का व्यक्ति, महिला हो या पुरुष। 132
- अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग का व्यक्ति सामान्य सीट से भी लड़ सकता है। 126114115
जाति प्रमाण पत्र किसका बना होना चाहिए, और कब लगेगा?
- आरक्षित सीट से लड़ने वाला अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग का उम्मीदवार, कलक्टर या राजस्थान सरकार के अधिकृत अधिकारी का दिया प्रमाण पत्र नामांकन के साथ लगाता है। 114115126
- सामान्य सीट से लड़ने वाला ऐसा उम्मीदवार ₹250 वाली छूट चाहे, तो भी जाति प्रमाण पत्र लगेगा। 114115113
- प्ररूप 4 में जाति सिर्फ़ अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग वाले लिखते हैं; जो लागू न हो, वह काट दिया जाता है। 117118
आरक्षित या महिला सीट पर प्रमाण पत्र न हो, या उम्मीदवार उस वर्ग का न हो, तो?
दल के उम्मीदवार और चुनाव चिह्न
किसे दल का उम्मीदवार माना जाता है, दल का पत्र कौन और कब तक देता है, और उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न कैसे बँटते हैं।
पंच और सरपंच के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न कैसे मिलते हैं?
- जिनका नामांकन स्वीकार हुआ और जिन्होंने नाम वापस नहीं लिया, उन्हें आयोग के तय किए चिह्नों में से चिह्न मिलते हैं। 15
- आयोग ने पंच और सरपंच के लिए अलग-अलग 40-40 चिह्न तय किए हैं। 6
- पंच और सरपंच की सूची प्ररूप-5 में अलग-अलग, हिन्दी वर्णमाला के क्रम में बनती है, और चिह्न भी उसी क्रम में दिए जाते हैं। 15
- सूची और चिह्न दोपहर 2 बजे नाम वापसी का समय खत्म होते ही। 27
संवीक्षा
नामांकन पत्रों की जाँच: कब होती है, कौन मौजूद रहता है, किन आधारों पर पत्र खारिज होता है और फ़ैसला कैसे दर्ज होता है।
संवीक्षा कब और कहाँ होती है?
- नामांकन, संवीक्षा और नाम वापसी तीनों एक ही दिन, ग्राम पंचायत मुख्यालय पर पंचायत भवन में या ज़िला निर्वाचन अधिकारी की तय जगह पर। 15
- पंच-सरपंच के उस दिन नामांकन सुबह 8 से 11 बजे तक, और संवीक्षा 11:30 बजे से। 27
- नामांकन पत्र लेते समय ही RO उसे देने वाले को संवीक्षा का दिन, समय और जगह बता देता है। 126110
- संवीक्षा उसी दिन पूरी करनी है; उसे अगले दिन के लिए टाला नहीं जा सकता। 126142
संवीक्षा के समय कौन मौजूद रह सकता है, और उसे क्या मौका मिलता है?
- सिर्फ़ उम्मीदवार खुद; उनके सिवा कोई और नहीं। 126
- RO हर उम्मीदवार को उम्मीदवारों के दिए नामांकन पत्र देखने की पूरी उचित सुविधा देता है। 126
- हर उम्मीदवार को किसी भी नामांकन पत्र पर आपत्ति करने का उचित मौका देना भी RO का काम है। 126
- पंचायत समिति और ज़िला परिषद की संवीक्षा पर भी यही नियम लागू है। 129143
RO किन आधारों पर नामांकन खारिज कर सकता है? क्या इसके लिए किसी की आपत्ति ज़रूरी है?
- नियम 27 में खारिज करने के ये आधार हैं: (क) उम्मीदवार चुनाव के योग्य नहीं या अयोग्य है; (ख) वह वह व्यक्ति नहीं, जिसका मतदाता सूची वाला नाम या क्रमांक नामांकन पत्र में लिखा है; (ग) उसके हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी असली नहीं, या धोखे, दबाव या अनुचित प्रभाव से लिए गए; (घ) नियम 25 (नामांकन पेश करने का नियम) का पालन नहीं हुआ। 126
- आपत्ति ज़रूरी नहीं: RO किसी की आपत्ति पर भी पत्र खारिज कर सकता है और खुद अपनी ओर से भी। 126
- दोनों हालत में खारिज करने के लिए इनमें से कोई आधार बनना चाहिए। 126
- आई हुई हर आपत्ति का फ़ैसला RO ही करता है। 126
- पंचायत समिति और ज़िला परिषद पर भी यही नियम लागू है। 129
संवीक्षा में नामांकन किन वजहों से खारिज होता है?
- मतपेटी (पंच/सरपंच), नियम 27: उम्मीदवार पात्र नहीं या धारा 19 की अयोग्यता; उम्मीदवार वह व्यक्ति नहीं जिसका नाम लिखा है; खुद आकर नहीं दिया; प्ररूप 4 में नहीं; साथ में 4घ नहीं; उस पंचायत का मतदाता नहीं। 110126
- सरपंच का उपाबन्ध-I B ₹50 के स्टाम्प पेपर पर नहीं, या कॉलम याद दिलाने पर भी खाली; शौचालय की घोषणा याद दिलाने पर भी नहीं दी; फ़ॉर्मों पर हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी नहीं। 110
- सरपंच की जमानत जमा नहीं; आरक्षित सीट पर वर्ग का प्रमाण पत्र नहीं; महिला सीट पर उम्मीदवार महिला नहीं। 110
- संवीक्षा उसी दिन पूरी होती है; रिटर्निंग अधिकारी उसे अगले दिन के लिए टाल नहीं सकते। 142143
किन बातों से नामांकन खारिज नहीं होता?
- नाम किसी दूसरी पंचायत की मतदाता सूची में भी है, सिर्फ़ इससे नहीं; देखा यह जाता है कि नामांकन में लिखा व्यक्ति ही उम्मीदवार है। 118
- उम्मीदवार उसी पंचायत का मतदाता है, इसलिए मतदाता सूची की प्रमाणित नकल की ज़रूरत नहीं। 118
- दो-तीन नामांकन भरे और एक भी स्वीकार हो गया, तो उम्मीदवार बना रहेगा; सूची में नाम एक ही बार आएगा। 118
- सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म न देने पर नामांकन खारिज नहीं होगा। 116
नामांकन लेते समय RO क्या देख ले, ताकि संवीक्षा में छोटी गलती से पत्र खारिज न हो?
- नाम या मतदाता सूची के क्रमांक में गलती दिखे, तो उसी समय ठीक करवा लीजिए। 110118
- पत्र में लिखा वार्ड नंबर वही हो, जिससे उम्मीदवार लड़ना चाहता है; गलती हो तो उसी समय ठीक करवाइए। 118
- पूछ लीजिए कि वह पंच के लिए लड़ रहा है या सरपंच के लिए। 118
- देख लीजिए कि हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी उसी व्यक्ति की है, जिसने फ़ॉर्म भरा। अंगूठा निशानी हो, तो पत्र लेते समय ही तसल्ली कर लीजिए, ताकि संवीक्षा में इस वजह से पत्र खारिज न हो। 110
संवीक्षा का फ़ैसला कैसे दर्ज करें? क्या सिर्फ़ "खारिज" लिख देना काफ़ी है?
नाम वापसी
नाम वापसी की सूचना कौन, कैसे और कब तक दे सकता है।
उम्मीदवार नाम वापस कैसे लेगा?
- नियम 28: नाम वापसी का नोटिस उम्मीदवार खुद आकर, दो प्रतियों में, अपने हस्ताक्षर करके देगा; किसी और का दिया नोटिस अमान्य। 118144
- तय जगह और तय समय के भीतर ही; दिया हुआ नोटिस वापस नहीं हो सकता; एक नोटिस से उसके सारे नामांकन पत्र वापस माने जाएँगे। 118
- रिटर्निंग अधिकारी एक प्रति पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगाते हैं। नियमों में नोटिस का फ़ॉर्म तय नहीं; सुविधा के लिए एक मॉडल फ़ॉर्म है। 46
- बालोतरा में नाम वापसी नामांकन वाले दिन ही दोपहर 2 बजे तक। 2726
नाम वापसी की आख़िरी घड़ी कब तक है?
उम्मीदवारों की अंतिम सूची और निर्विरोध चुनाव
नाम वापसी के बाद सूची में कौन आता है, किस क्रम में, और सीट पर एक ही उम्मीदवार बचे तो क्या होता है।
उम्मीदवारों की सूची कैसे बनती है, और चिह्न कब मिलते हैं?
- पंच और सरपंच की अलग-अलग सूची प्ररूप 5 में, हिन्दी वर्णमाला के क्रम में, मुख्य नाम से, उपनाम से नहीं। जैसे 'जयनारायण व्यास' 'ज' पर आएगा। 46
- एक जैसे नाम हों, तो पिता या पति का नाम जोड़कर, या जैसे रिटर्निंग अधिकारी ठीक समझें, फ़र्क किया जाता है। 19
- सूची की एक-एक प्रति हर उम्मीदवार को, सरपंच की सूची हर वार्ड में, पंच की सूची संबंधित वार्ड में, और पंचायत कार्यालय पर। 19
- चिह्न नाम वापसी खत्म होते ही दिए जाते हैं, पंच और सरपंच के अलग-अलग 40 चिह्नों में से। 276
अंतिम सूची में किसका नाम आता है, किसका नहीं?
- नाम वापसी का समय खत्म होते ही RO हर सीट के लिए प्ररूप 5 (Form V) में उन उम्मीदवारों की सूची बनाता है, जिनका नामांकन स्वीकार हुआ और जिन्होंने नाम वापस नहीं लिया। 14427
- जिसका नामांकन खारिज हुआ या जिसने नाम वापस ले लिया, उसका नाम सूची में नहीं आता। 144
- सूची के आख़िर में नोटा (इनमें से कोई नहीं) भी दिखाया जाता है। 142
हिन्दी वर्णमाला के क्रम में नाम लगाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
- नाम से पहले श्री, श्रीमती, सुश्री नहीं लिखे जाते; सुखाड़िया, नेहरू जैसे उपनाम लिखे जाते हैं, पर क्रम मुख्य नाम से बनता है। 46
- तीनों 'स' का क्रम श, ष, स है। 'श्र' को 'श' में गिनते हैं, इसलिए 'श्री नारायण' 'शंकरलाल' से पहले आएगा। 19
- 'ऋ' स्वर है, इसलिए 'ऋषिकुमार' पहले, फिर 'डालचन्द', फिर 'त्रिलोकचन्द'। 19
- 'हाजी मोहम्मद' 'म' पर आएगा, क्योंकि 'हाजी' उपनाम है; और 'ग्यानचन्द' 'ज्ञानचन्द' से पहले आएगा। 19
- पूरी वर्णमाला का क्रम मतपेटी मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-19 में है। 19
किसी सीट पर एक ही उम्मीदवार बचे तो?
पूरी पंचायत में सब निर्विरोध चुने जाएँ तो?
- सब वार्ड पंच और सरपंच निर्विरोध हों, तो सूची ऊपर वाले तरीके से नहीं बँटती। दो प्रतियाँ बनती हैं: एक पंचायत कार्यालय पर, दूसरी ऑफ़िस कॉपी वाले लिफ़ाफ़े में। 19
- रिटर्निंग अधिकारी नियम 29(2) में निर्विरोध घोषित करके प्ररूप 7 भरेंगे और हस्ताक्षर करेंगे। 19144
- किसी वार्ड या पंचायत में एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों, तो वहाँ मतदान तय जगह, तारीख और समय पर होगा। 19
मतगणना
पंच-सरपंच के वोटों की गिनती: मतदान खत्म होते ही, ग्राम पंचायत पर, रिटर्निंग अधिकारी की देख-रेख में। पंचायत समिति और ज़िला परिषद की गिनती आगे अलग से।
पंच-सरपंच के वोट कब, कहाँ और कौन गिनेगा?
गिनती शुरू करने से पहले क्या देख लें?
- सब बूथों से सील बंद मतपेटियाँ आ गई हैं, इसकी तसल्ली कर लीजिए। 19
- पंचायत मुख्यालय से बाहर किसी गाँव में खास हालात में बूथ बना हो और उसकी पेटी आने में देर हो, तो उम्मीदवारों को बताकर बाकी पेटियों की गिनती शुरू कर दीजिए। 145
- गिनती की जगह और शुरू होने का समय सब उम्मीदवारों को पहले ही बता दिया जाए। 7
- मतपत्र रखने के लिए कुछ काउंटिंग ट्रे और खाली मतपेटियाँ आपके पास होंगी। 7
गिनती में कौन-कौन बैठ सकता है?
पेटी खोलकर मतपत्र कैसे छाँटें और गड्डियाँ कैसे बनाएँ?
- पहले एक पेटी के सारे मतपत्र निकालकर सरपंच और पंच के मतपत्र काग़ज़ के रंग से अलग कीजिए (सरपंच सफ़ेद, पंच गुलाबी)। 76
- दूसरी छँटनी में पंच के मतपत्र वार्ड-वार अलग कीजिए। 7
- हर वार्ड के पंच मतपत्रों और सरपंच मतपत्रों की 50-50 की गड्डी रबड़ बैंड से बाँधिए; हर वार्ड में और पंचायत में एक-एक गड्डी 50 से कम की हो सकती है। 7
- उस बूथ के हर वार्ड के पंच मतपत्रों की गिनती और सरपंच मतपत्रों की गिनती एक काग़ज़ पर लिख लीजिए। फिर यही काम हर पेटी के लिए दोहराइए। 7
वोट कौन गिनेगा, और गिनने वाला पर्ची पर क्या लिखेगा?
- हर वार्ड के पंच मतपत्र मतदान दल के एक-एक कर्मचारी को गिनने को दिए जाते हैं; सरपंच के मतपत्र रिटर्निंग अधिकारी खुद गिनते हैं, ताकि काम जल्दी हो। 7
- गिनने वाला एक पर्ची पर हर उम्मीदवार और नोटा के वोट लिखकर हस्ताक्षर करेगा, और वार्ड संख्या ज़रूर लिखेगा। 7
- हर उम्मीदवार और नोटा की गड्डियाँ रबड़ बैंड से बाँधकर एक पैकेट में, सबसे ऊपर वही पर्ची रखकर, रिटर्निंग अधिकारी को देगा। 7
- इस गिनती में संदेह वाले मतपत्रों की अलग गड्डी बनाना ज़रूरी नहीं। किसी मतपत्र पर शक हो, तो रिटर्निंग अधिकारी से उसी समय फ़ैसला लेकर उसे उम्मीदवार की गड्डी में या खारिज वाली गड्डी में रखिए। 7
खारिज मतपत्रों का आखिरी फ़ैसला कौन करता है?
- रिटर्निंग अधिकारी खारिज मतपत्रों को दोबारा देखते हैं, संबंधित उम्मीदवारों को बताते हैं, और आखिरी फ़ैसला करते हैं। 7
- खारिज मतपत्र पर खारिज करने के कारण की सील लगाकर हस्ताक्षर करते हैं। कोई उम्मीदवार खारिज मतपत्रों की क्रम संख्या जानना चाहे, तो नोट करवा देते हैं। 7
- कौन-सा मतपत्र मान्य और कौन-सा खारिज, इसके चित्र वाले उदाहरण परिशिष्ट-33 में हैं। ये सिर्फ़ मार्गदर्शन के लिए हैं, अंतिम नहीं। 146
दोबारा गिनती कब हो सकती है?
गिनती के बाद मतपत्र और काग़ज़ किन लिफ़ाफ़ों में जाएँगे?
| लिफ़ाफ़ा | क्या | सील |
|---|---|---|
| P-9 | पंच के वैध मतपत्र | हाँ |
| P-29 | पंच के खारिज मतपत्र | हाँ |
| P-8 | सरपंच के वैध मतपत्र | हाँ |
| P-28 | सरपंच के खारिज मतपत्र | हाँ |
| P-1 | उम्र की घोषणाएँ, अभिकर्ता नियुक्ति के फ़ॉर्म, मतदाता सूची की बाकी प्रतियाँ | नहीं |
| P-10 | पंच और सरपंच के सांख्यिकी आँकड़े | नहीं |
| P-11 | प्ररूप 7 (परिणाम पत्र) | नहीं |
| P-42 | जमानत की रसीद बुक और जब्त राशि | नहीं |
स्रोत: मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 23; मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 38–39
- रिटर्निंग अधिकारी रिकॉर्ड तय लिफ़ाफ़ों (परिशिष्ट-15) में रखकर, जो सील होने हैं उन्हें सील करके, ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) के अधिकृत अधिकारियों को सौंपते हैं। 146
नतीजा कैसे घोषित होगा, और उसके तुरंत बाद क्या-क्या होता है?
- नियम 51 और 52 के तहत पंच और सरपंच के वोटों का ब्योरा प्ररूप 7 में भरकर नतीजा घोषित होगा। हस्ताक्षर की हुई प्रति आयुक्त पंचायती राज, ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत), नए सरपंच, पंचायत कार्यालय और पंचायत समिति कार्यालय को भेजी जाती है। 146
- सरपंच की जमानत: कुल वैध वोटों का 1/6 या ज़्यादा मिला तो लौटेगी, 1/6 से कम मिला और नहीं जीते तो जब्त; जीतने वाले को हमेशा लौटेगी। 127148149146
- एक से ज़्यादा जमानत जमा की हो, तो सिर्फ़ एक जब्त होगी। जमानत वापस लेने का आवेदन प्रपत्र-1 में। 146
- नतीजा घोषित होते ही चुने गए पंच और सरपंच को प्ररूप 11 में शपथ दिलाई जाती है, ताकि वे उप सरपंच वाली बैठक में शामिल हो सकें। 146
- उप सरपंच का चुनाव अगले दिन वही रिटर्निंग अधिकारी करवाएँगे। 146 पर RO लिखित कारण दर्ज करके उप सरपंच का चुनाव आगे की किसी तारीख को भी रख सकते हैं (नियम 65(1))। 143
दोबारा गिनती की माँग कैसे करनी है, और क्या RO ख़ुद भी दोबारा गिनवा सकते हैं?
- गिनती में मौजूद कोई भी उम्मीदवार गिनती के दौरान किसी भी समय वार्ड के मतपत्र दोबारा गिनने की माँग कर सकता है। माँग RO से, लिखित में करनी है (नियम 49(6))। 150
- RO कारण दर्ज करके या तो माँग नामंज़ूर करते हैं, या दोबारा गिनती का आदेश देते हैं (नियम 49(6))। 150
- पिछली गिनती के सही होने पर RO को ख़ुद तसल्ली न हो, तो वे अपने विवेक से सभी या किसी भी उम्मीदवार के मतपत्र एक बार या उससे ज़्यादा बार दोबारा गिनवा सकते हैं (नियम 49(7))। 150
पंच-सरपंच का मतपत्र किन आधारों पर खारिज हो सकता है?
- नियम 50(1) के पहले तीन आधार: मतपत्र पर ऐसा निशान जिससे मतदाता पहचाना जा सके; एक से ज़्यादा उम्मीदवारों पर, या उम्मीदवार और नोटा दोनों पर निशान; सामने कोई वोट नहीं, वोट पीठ पर, या वोट के लिए दिए गए साधन के बजाय किसी और चीज़ से निशान। 90
- बाकी तीन आधार: वोट अनिश्चित हो, यानी साफ़ न हो कि किसे दिया; मतपत्र जाली हो; या मतपत्र इतना फटा या बिगड़ा हो कि उसके असली होने की पहचान न हो सके। 90
- इन छह के अलावा किसी और कारण से कोई मतपत्र खारिज नहीं हो सकता (नियम 50(2))। 90
- जिस मतपत्र को RO खारिज करते हैं, उस पर थोड़े में कारण लिखते हैं। मतपत्र मान्य है या नहीं, इस पर RO का फ़ैसला अंतिम है (नियम 50(3), 50(4))। 90
- खारिज होने लायक़ माने जा रहे मतपत्रों को देखने का उचित मौक़ा RO हर उम्मीदवार को देते हैं, पर उम्मीदवार उन्हें हाथ नहीं लगा सकता (नियम 49(5))। 150
- जो मतपत्र नियम 50 के तहत खारिज नहीं हुआ, वह एक मान्य वोट गिना जाता है (नियम 49(8))। 150
गिनती के बाद मतपत्र, काग़ज़ और मशीनें कितने समय रखी जाती हैं, और उन्हें कौन खुलवा सकता है?
- चुनाव के सारे काग़ज़ ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की अभिरक्षा में रहते हैं (नियम 53(1))। 151
- इस्तेमाल हुए मतपत्रों के पैकेट (मान्य, निविदत्त या खारिज) और मतदाता सूची की चिन्हित प्रतियाँ, सक्षम न्यायालय के आदेश के बिना न खोली जाती हैं, न जाँची या पेश की जाती हैं (नियम 53(2))। 151
- आयोग या सक्षम न्यायालय कुछ और न कहे, तो इस्तेमाल हुए मतपत्रों के पैकेट 6 महीने रखकर आयोग के बताए तरीक़े से नष्ट होते हैं। नियम 53(2) में गिनाए बाकी पैकेट या काग़ज़ 1 साल रखकर नष्ट होते हैं, और बाकी सब चुनाव काग़ज़ उतने समय रखे जाते हैं जितना आयोग कहे (नियम 53(3))। 151
- इस्तेमाल हुए मतपत्रों के प्रतिपर्ण (counterfoil) वाले पैकेट आयोग की पहले से मंज़ूरी के बिना नष्ट नहीं होते (नियम 53(3) का परंतुक)। 151
नतीजे के बाद शपथ उसी समय न हो पाए, तो कब तक और किसके सामने ली जा सकती है?
- पंच, सरपंच, प्रधान, उप प्रधान, प्रमुख, उप प्रमुख और पंचायत समिति व ज़िला परिषद सदस्य की शपथ या प्रतिज्ञान प्ररूप-11 में होता है (नियम 75)। 152
- नतीजा घोषित होने के 3 महीने के भीतर किसी भी समय शपथ लेनी है (नियम 76(1))। 152
- शपथ इनमें से किसी के सामने हो सकती है: RO; संबंधित तहसीलदार, या कलेक्टर का इसके लिए नियुक्त अफ़सर; पंच हो तो सरपंच; या पंचायत, पंचायत समिति या ज़िला परिषद की किसी बैठक में (नियम 76(2))। 152
- भरे गए शपथ फ़ॉर्म ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) के दफ़्तर में भेजे या रखे जाते हैं, और 5 साल बाद नष्ट होते हैं। 152
उप सरपंच चुनाव
नतीजे के अगले दिन की बैठक: नोटिस, नामांकन, जाँच, मतपत्र, मतदान, गिनती और लिफ़ाफ़े।
उप सरपंच का चुनाव कब होगा, और कौन करवाएगा?
- पंचायती राज अधिनियम की धारा 27(2) और नियम 65 और 66 के तहत। 16
- जिस अधिकारी को पंच-सरपंच चुनाव का रिटर्निंग अधिकारी बनाया गया, वही उप सरपंच चुनाव का भी रिटर्निंग अधिकारी है (नियम 65)। 16
- पंच-सरपंच का नतीजा घोषित होने के अगले दिन। 146 पर RO लिखित कारण दर्ज करके इसे आगे की किसी तारीख को भी रख सकते हैं (नियम 65(1))। 143 बालोतरा में यह तीसरे चरण में 06.11.2026 को है। 426 चौथे चरण में 17.11.2026 को है। 326
- इसके लिए बुलाई बैठक को "पहली मीटिंग" कहा जाता है (नियम 65(2))। 16
बैठक का नोटिस किसे, कैसे और कब तक देना है?
- नियमों में नोटिस का फ़ॉर्म तय नहीं; सुविधा के लिए एक मॉडल नोटिस है। उसके छपे फ़ॉर्म ज़िला निर्वाचन अधिकारी देते हैं; कम पड़ें तो कार्बन से प्रतियाँ बना लीजिए, और पहले से भरकर रखिए। 16
- नोटिस सभी चुने गए पंचों और सरपंच को देना है, चाहे वे मौजूद हों या नहीं। हाथ में न दिया जा सके, तो उनके घर पर चिपकाकर तामील पूरी कीजिए। 16
- मतदान के तय समय से कम से कम दो घंटे पहले नोटिस पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी चिपकाना है। जैसे, मतदान 11.00 बजे हो तो नोटिस सुबह 9.00 बजे तक। 16
- मॉडल नोटिस का परिशिष्ट नंबर दोनों पुस्तिकाओं में अलग है (मतपेटी मार्गदर्शिका में परिशिष्ट-29, ईवीएम मार्गदर्शिका में परिशिष्ट-22); नाम से पहचानिए। 16153
उप सरपंच के लिए कौन खड़ा हो सकता है, और उसका नाम कौन रखेगा?
उप सरपंच का नामांकन कितने समय तक, और किस फ़ॉर्म में?
- नियम 66(1) में सिर्फ़ एक घंटा है, जो नोटिस में लिखे बैठक शुरू होने के समय से गिना जाता है। जैसे, बैठक 9.00 बजे शुरू हो, तो नामांकन 10.00 बजे तक ही, बाद में नहीं। 16
- मॉडल फ़ॉर्म "ख" उम्मीदवारों को दे दीजिए। कोई सादे काग़ज़ पर प्रस्ताव दे, तो भी लीजिए; फ़ॉर्म "ख" में न होने से नामांकन खारिज नहीं होता। 16
- हर प्रस्ताव पर मिलने का समय लिखकर हस्ताक्षर कीजिए। 16
- उम्मीदवार बैठक में मौजूद हो, तो उसकी मौखिक स्वीकृति लेकर आप खुद प्रस्ताव पर लिख दीजिए। मौजूद न हो और उसके हस्ताक्षर भी न हों, तो उसकी लिखित स्वीकृति साथ में लगानी कानूनन ज़रूरी है, नहीं तो प्रस्ताव खारिज होगा। यह बात बैठक शुरू होते ही बता दीजिए। 16
उप सरपंच का नामांकन किन वजहों से खारिज होता है?
- समय खत्म होने पर सब उम्मीदवारों के नाम एक काग़ज़ पर लिखकर बैठक में पढ़कर सुनाइए (नियम 66(3))। 154
- फिर सब प्रस्ताव मौजूद पंचों, सरपंच और खासकर उम्मीदवारों को बताइए, आपत्ति सुनिए और अपना फ़ैसला लिखिए। खारिज करें, तो कारण थोड़े में ज़रूर लिखिए। 154
- खारिज होने के चार कारण: प्रस्तावक के हस्ताक्षर नहीं; तय समय में नहीं दिया; मौजूद न रहे उम्मीदवार की लिखित स्वीकृति नहीं; उम्मीदवार चुने गए पंचों में से नहीं। 154
- तीसरे कारण में ईवीएम मार्गदर्शिका "प्रस्ताव के साथ या उसके ऊपर" स्वीकृति न होने की बात लिखती है; मतपेटी मार्गदर्शिका में सिर्फ़ "साथ"। 155154
एक ही उम्मीदवार बचे, या कोई नामांकन ही न आए, तो?
- जाँच के बाद सही पाए उम्मीदवारों की सूची प्ररूप 5 में, हिन्दी वर्णमाला के क्रम में बनाकर बैठक में पढ़कर सुनाइए। 154
- एक ही उम्मीदवार हो, तो उसे उप सरपंच निर्वाचित घोषित कर दीजिए। 154
- एक से ज़्यादा हों, तो गुप्त मतदान होगा। उप सरपंच चुनाव में डाक से या प्रॉक्सी से वोट देने का प्रावधान नहीं है। 154
- एक भी नामांकन न आए, तो राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करेगा। बैठक की कार्यवाही का ब्योरा रिटर्निंग अधिकारी लिखेंगे। 154
उप सरपंच का मतपत्र कैसा होता है?
- हर उम्मीदवार को चिह्न सरपंच के मतपत्र वाले चिह्नों के क्रम से मिलता है; उम्मीदवारों की सूची हिन्दी वर्णमाला के क्रम में; आखिर में नोटा। एक नाम के दो उम्मीदवार हों, तो पिता के नाम से फ़र्क। 154
- मतपत्र के खाली फ़ॉर्म, जिन पर चिह्न छपे होंगे और नाम की जगह खाली होगी, ज़िला निर्वाचन अधिकारी से मिलेंगे। इसका प्रारूप आयोग के 29.12.94 के आदेश से सरपंच के मतपत्र जैसा तय है। 154
- रिटर्निंग अधिकारी मतपत्र की पीठ पर हस्ताक्षर करके उसे प्रमाणित करेंगे। 154
- आयोग के 01.01.2026 के आदेश में उप सरपंच के मतपत्र का प्रारूप तय है; यह 05.12.2019 के आदेश की जगह लेता है। 156
- मतपत्र 4 इंच चौड़ा होगा। ऊपर 2.5 से.मी. का हिस्सा: बाईं ओर मतपत्र का क्रमांक, दाईं ओर पंचायत सर्किल का नाम, और उसके नीचे साधारण निर्वाचन के लिए "सा.नि./20……" या उप निर्वाचन के लिए "उ.नि./20……"। 156
- फिर 1.25 से.मी. की छायादार पट्टियाँ, जिनमें पहली पर "उप सरपंच चुनाव"; हर पैनल 2.5 से.मी.; बाईं ओर नाम और नोटा, दाईं ओर चिह्न; चिह्न ज़्यादा से ज़्यादा 3.5 x 2.0 से.मी. (चौड़ाई x ऊँचाई)। 156
- नोटा समेत 9 तक नाम हों, तो एक स्तम्भ; 9 से ज़्यादा और 18 तक, तो दो स्तम्भ, और संख्या विषम हो, तो दाहिने स्तम्भ का आख़िरी पैनल पूरा छायादार; 18 से ज़्यादा हों, तो तीन स्तम्भ, और आगे भी इसी तरह। हर स्तम्भ 4 इंच चौड़ा। 157
- स्तम्भों के बीच 1 से.मी. की छायादार खड़ी लाइन। उम्मीदवारों के नाम हिन्दी वर्णानुक्रम में, और आख़िरी उम्मीदवार के बाद नोटा। एक और दो स्तम्भ वाले नमूना मतपत्र आदेश के परिशिष्ट-1 और परिशिष्ट-2 पर हैं। 158
उप सरपंच के लिए वोट कैसे डलते हैं?
- वोट देने वाले चुने गए पंच और सरपंच हैं। नतीजे के तुरंत बाद उन्हें शपथ इसीलिए दिलाई जाती है कि वे इस बैठक में शामिल हो सकें। 146
- मतपत्र जारी करने से पहले मतदान अधिकारी पंच/सरपंच की सूची में उनके नाम पर टिक करेगा, और वोट के लिए एरोक्रॉस मार्क सील दी जाएगी। 154
- मतदाता मतपत्र मोड़कर रिटर्निंग अधिकारी के सामने रखी मतपेटी में डालेगा। उसने वोट की गोपनीयता तोड़ी, तो मतपत्र लेकर निरस्त कर दिया जाएगा, और रिटर्निंग अधिकारी उस पर यह लिखकर हस्ताक्षर करेंगे। 154
- कोई शारीरिक अक्षमता या दृष्टिहीनता के कारण खुद वोट न दे सके, तो रिटर्निंग अधिकारी उसकी मदद करेंगे। 159
उप सरपंच के वोट कब गिने जाएँगे, कौन-सा मतपत्र खारिज होगा, और वोट बराबर हों तो?
- मतदान खत्म होते ही गिनती। 159
- खारिज होगा अगर: निशान या हस्ताक्षर से मतदाता की पहचान हो सके; एक से ज़्यादा उम्मीदवारों को, या उम्मीदवार और नोटा दोनों को वोट; सामने कोई निशान नहीं, पीठ पर निशान, साफ़ पता न चले किसे वोट, या एरोक्रॉस सील के अलावा किसी और चीज़ से निशान; मतपत्र जाली; मतदाता ने मतपत्र गुप्त नहीं रखा। 159
- सबसे ज़्यादा वोट वाला जीतेगा; वोट बराबर हों तो लॉटरी निकाली जाएगी। नतीजा प्ररूप 7 में घोषित होगा। 159
- नोटा को मिले वोटों की नतीजा तय करने में कोई भूमिका नहीं। 159
उप सरपंच चुनाव के काग़ज़ किस लिफ़ाफ़े में जाएँगे, और सील होंगे या नहीं?
- वैध और खारिज मतपत्र रबड़ बैंड से अलग-अलग बाँधकर एक ही लिफ़ाफ़े P-40 में रखकर सील कीजिए। 15950
- बाकी फ़ॉर्म, जैसे नामांकन पत्र, उम्मीदवारों की सूची, मतदाताओं की सूची और नोटिस, लिफ़ाफ़ा P-41 में। 159
- P-41 भी सील कीजिए। उप सरपंच के एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों तो नियम 66(7) के मुताबिक़ नियम 59 और 60 लागू होते हैं, 160 और नियम 60(1) में रिटर्निंग अधिकारी मतपत्रों और चुनाव के बाक़ी काग़ज़ों के पैकेट बनाकर उन्हें सील करते हैं। 161 उप सरपंच वाले अध्याय में P-41 के आगे "इस लिफाफे को सील नहीं करना है।" छपा है। 159162
- पंच-सरपंच और उप सरपंच का चुनाव पूरा होने के बाद ही मतदान स्थल छोड़ना है। 101
डाक मतपत्र
चुनाव ड्यूटी वाले कर्मचारी पंचायत समिति और ज़िला परिषद के लिए डाक से वोट कैसे देते हैं, और कौन-सी चूक मतपत्र नामंज़ूर करवा देती है।
चुनाव ड्यूटी पर हूँ। क्या मैं डाक से वोट दे सकता हूँ?
- पुस्तिकाएँ डाक वोट की रीति सिर्फ़ पंचायत समिति और ज़िला परिषद के लिए बताती हैं, और आयोग का 29.01.2026 वाला आदेश भी यह रीति इन्हीं दो चुनावों के लिए तय करता है; यानी इस आदेश में पंच और सरपंच के चुनाव के लिए डाक वोट की रीति तय नहीं है। 242325
- चुनाव कर्त्तव्य प्रमाण-पत्र (EDC) का प्रावधान नहीं है। 2423
- "चुनाव ड्यूटी पर मतदाता" कौन: मतदान अभिकर्ता, मतदान अधिकारी, RO या कोई और लोकसेवक, जो किसी पंचायती राज संस्था में मतदाता है और ड्यूटी की वजह से अपने बूथ पर वोट नहीं दे पा रहा। अधिग्रहित गाड़ियों के ड्राइवर, खलासी वग़ैरह इसमें नहीं आते। 25
चुनाव अपराध और सज़ा
बूथ पर कौन-सा काम अपराध है, उसकी कितनी सज़ा है और मतदान अधिकारी उस वक़्त क्या कर सकते हैं। सज़ा जहाँ "तक" लिखी है, वहाँ उसका मतलब है ज़्यादा से ज़्यादा इतनी।
लोकसभा-विधानसभा चुनाव वाले अपराध क्या पंचायत चुनाव पर भी लागू होते हैं?
- हाँ। राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 22 के हिसाब से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 125, 126, 127, 127क, 128, 129, 130, 131, 132, 132क, 133, 134, 134क, 134ख, 135, 135क, 135ख, 135ग और 136 पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में भी लागू होती हैं। 65
- यानी जो काम लोकसभा और विधानसभा चुनाव में अपराध है, वो पंचायत चुनाव में भी अपराध है। कोई ऐसा करे तो आप ड्यूटी पर लगे पुलिस वालों की मदद ले सकते हैं। 65
- इन धाराओं का पूरा पाठ पुस्तिका के परिशिष्ट-2 में छपा है, और प्रतिरूपण वाली भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएँ परिशिष्ट-1 में। 65163
बूथ के पास कितनी दूरी तक प्रचार मना है?
- मतदान के दिन बूथ के अंदर और बूथ से 100 मीटर तक प्रचार करना अपराध है। 65
- इस दायरे में, जगह सरकारी हो या निजी, कोई वोट नहीं माँगेगा, किसी वोटर को किसी उम्मीदवार को वोट देने या न देने के लिए नहीं मनाएगा, और चुनाव से जुड़ा कोई निशान या सूचना (सरकारी सूचना छोड़कर) नहीं दिखाएगा (धारा 130)। 164
- सज़ा: ढाई सौ रुपये तक का जुर्माना। ये संज्ञेय अपराध है। ऐसा प्रचार करने वाले को पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है। 16465
- मतदान अभिकर्ता अपने उम्मीदवार के चुनाव-चिह्न या नाम वाला बैज नहीं पहन सकता। ऐसा बैज भी धारा 130 में अपराध माना जाता है। 65
- उम्मीदवार अपना चुनावी बूथ (मंडप) मतदान बूथ से 100 मीटर की दूरी के बाद ही लगा सकते हैं। 65
कोई दूसरे के नाम से वोट डालने आ जाए तो ये कौन-सा अपराध है?
- ये "निर्वाचन में प्रतिरूपण" है, भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 172। 163
- किसी और के नाम से (वो ज़िंदा हो या मर चुका हो) या नकली नाम से मतपत्र माँगना या वोट डालना, और एक बार वोट डाल चुकने के बाद उसी चुनाव में अपने नाम से फिर मतपत्र माँगना, ये सब इसमें आता है। जो किसी से इस तरह वोट डलवाए, वो भी। 163
- सज़ा: एक साल तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों (धारा 174)। चुनाव में असम्यक् असर डालने की भी यही सज़ा है। 163
बूथ कैप्चरिंग किसे कहते हैं और इसकी सज़ा क्या है?
- कानून में इसका नाम "बूथ का बलात् ग्रहण" है (धारा 135क)। बूथ कैप्चरिंग इसी धारा में अपराध है। 16568
- इसमें ये सब आता है: बूथ पर कब्ज़ा करके मतदान कर्मियों से मतपत्र या मतदान मशीनें छिनवा लेना; बूथ पर कब्ज़ा करके सिर्फ़ अपने समर्थकों को वोट डालने देना और बाकी को रोकना; वोटर को डरा-धमकाकर बूथ तक आने से रोकना; मतगणना की जगह पर इसी तरह कब्ज़ा करना। 165166
- कोई सरकारी कर्मचारी किसी उम्मीदवार के फ़ायदे के लिए ऐसा करे, इसमें मदद करे या चुपचाप होने दे, तो वो भी इसी में आता है। 166
- सज़ा: कम से कम एक साल और तीन साल तक की जेल, साथ में जुर्माना। सरकारी कर्मचारी करे तो कम से कम तीन साल और पाँच साल तक की जेल, साथ में जुर्माना। ये संज्ञेय अपराध है। 165166
- कोई EVM, मतपत्र या चुनाव के कागज़ ज़बरदस्ती लेने की कोशिश करे या ले जाए, तो तुरंत रिटर्निंग अधिकारी और पुलिस अधिकारी को रिपोर्ट कीजिए। 68
वोट की गोपनीयता तोड़ने पर क्या होता है?
- वोट दर्ज करने या गिनने के काम से जुड़ा हर अधिकारी, लिपिक, अभिकर्ता या कोई और व्यक्ति मतदान की गोपनीयता बनाए रखेगा और रखवाने में मदद करेगा। 167
- वो किसी को ऐसी कोई बात नहीं बताएगा जिससे गोपनीयता टूटे। कानून ने जिस काम के लिए बताने की इजाज़त दी है, सिर्फ़ वो छूट है। 167
- सज़ा: तीन महीने तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों (धारा 128)। ये नियम मतदान अभिकर्ता और गणन अभिकर्ता पर भी लागू है। 167
कोई मतपत्र बूथ से बाहर ले जाए या मतपेटी से छेड़छाड़ करे तो?
- बिना इजाज़त मतपत्र बूथ से बाहर ले जाना, ले जाने की कोशिश करना या इसमें जानबूझकर मदद करना अपराध है (धारा 135)। सज़ा: एक साल तक की जेल, या पाँच सौ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों। ये संज्ञेय अपराध है। 165
- मतदान अधिकारी को इसका शक हो तो वो उस व्यक्ति के बूथ छोड़ने से पहले उसे गिरफ़्तार कर सकते हैं या पुलिस अधिकारी से करवा सकते हैं, और उसकी तलाशी ले सकते हैं या पुलिस से दिलवा सकते हैं। 165
- किसी महिला की तलाशी सिर्फ़ दूसरी महिला लेगी, पूरी शालीनता से। तलाशी में मिला मतपत्र सुरक्षित रखने के लिए पुलिस अधिकारी को सौंप दीजिए। 165
- मतपेटी में उस मतपत्र के अलावा, जिसे डालने का क़ानूनी हक़ हो, कपट से कुछ और डालना, बिना अधिकार मतपेटी या मतपत्र खोलना, ले जाना या नष्ट करना, और बिना अधिकार किसी को मतपत्र देना, किसी से लेना या अपने पास रखना, ये धारा 136 के अपराध हैं। 168
- सज़ा: RO, ARO, मतदान अधिकारी या चुनाव ड्यूटी वाला कोई अधिकारी या लिपिक करे तो दो साल तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों। कोई और करे तो छह महीने तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों। ये संज्ञेय अपराध है। 168
ड्यूटी पर लगे कर्मचारी के लिए कौन-से काम अपराध हैं?
- जिला निर्वाचन अधिकारी, RO, ARO, मतदान अधिकारी, सहायक मतदान अधिकारी या चुनाव के काम पर लगाया गया कोई भी अधिकारी या लिपिक चुनाव के काम में किसी उम्मीदवार की जीत बढ़ाने वाला कोई काम नहीं करेगा। अपना वोट डालना इसमें नहीं आता। 167164
- ये लोग और पुलिस वाले किसी को वोट देने के लिए नहीं मनाएँगे और किसी के वोट पर किसी भी तरह असर डालने की कोशिश नहीं करेंगे (धारा 129)। सज़ा: छह महीने तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों। ये संज्ञेय अपराध है। 16465
- बिना ठोस वजह अपनी चुनाव ड्यूटी तोड़ना धारा 134 का अपराध है: पाँच सौ रुपये तक का जुर्माना। 16968
- कोई सरकारी कर्मचारी किसी उम्मीदवार का निर्वाचन अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता या गणन अभिकर्ता बने तो तीन महीने तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों (धारा 134क)। 16968
- मतपेटी या मतपत्र से गड़बड़ी ड्यूटी वाला करे तो सज़ा आम आदमी से ज़्यादा है, ऊपर वाला सवाल देखिए। 168
बूथ पर कोई हंगामा करे, लाउडस्पीकर बजाए या आपकी बात न माने तो?
- मतदान के दिन बूथ के अंदर, गेट पर या आसपास मेगाफ़ोन या लाउडस्पीकर चलाना, या ऐसा चिल्लाना या हंगामा करना जिससे वोट डालने आए लोग परेशान हों या ड्यूटी वालों के काम में दख़ल पड़े, अपराध है (धारा 131)। सज़ा: तीन महीने तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों। 164
- ऐसा करने वाले को आप तुरंत पुलिस से गिरफ़्तार करवा सकते हैं, और लाउडस्पीकर या मेगाफ़ोन पुलिस से फ़ौरन बंद करवा सकते हैं। पुलिस ऐसा साधन ज़ब्त भी कर सकती है। 65164169
- जो बूथ में बदतमीज़ी करे या आपके कानूनी निर्देश न माने, उसे आप, पुलिस या आपका अधिकृत व्यक्ति बूथ से बाहर निकाल सकते हैं (धारा 132)। पर इस ताकत से किसी हक़दार वोटर को वोट डालने से नहीं रोका जा सकता। 169
- बाहर निकाला गया व्यक्ति आपकी इजाज़त के बिना फिर अंदर आए तो तीन महीने तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों। ये संज्ञेय अपराध है। 169
- जिसे मतपत्र दिया जा चुका हो और वो वोट डालने की तय प्रक्रिया मानने से मना करे, उसका मतपत्र रद्द किया जा सकता है (धारा 132क)। 169
मतदान के दिन बूथ के पास हथियार लेकर कौन आ सकता है?
- सिर्फ़ RO, मतदान अधिकारी, पुलिस अधिकारी और बूथ पर शांति-व्यवस्था के लिए लगाए गए ड्यूटी वाले लोग। इनके अलावा कोई भी मतदान के दिन बूथ के आसपास आयुध अधिनियम, 1959 वाला कोई हथियार लेकर नहीं जाएगा (धारा 134ख)। 169165
- सज़ा: दो साल तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों। दोषी के पास मिले हथियार ज़ब्त हो सकते हैं और उनका लाइसेंस आयुध अधिनियम की धारा 17 के तहत रद्द माना जाएगा। 165
मतदान से पहले शराब और चुनावी सभाओं पर क्या रोक है?
- मतदान ख़त्म होने के तय समय से पहले के 48 घंटों में उस मतदान क्षेत्र में होटल, ढाबे, दुकान या किसी भी सार्वजनिक या निजी जगह पर शराब या ऐसी कोई नशीली चीज़ न बेची जाएगी, न दी जाएगी, न बाँटी जाएगी (धारा 135ग)। 16668
- सज़ा: छह महीने तक की जेल, या दो हज़ार रुपये तक का जुर्माना, या दोनों। दोषी के पास मिली शराब ज़ब्त हो सकती है। 166
- इन्हीं 48 घंटों में चुनावी सभा, जुलूस, सिनेमा या टीवी पर प्रचार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के ज़रिए प्रचार पर भी रोक है (धारा 126)। 65
वोटरों को गाड़ियों से ढोने या रिश्वत की शिकायत आए तो क्या करें?
- गाड़ियाँ ग़ैरकानूनी ढंग से किराये पर लेकर वोटरों को लाना-ले जाना अपराध है (धारा 133)। सज़ा: तीन महीने तक की जेल और जुर्माना। 16965
- पुस्तिका साफ़ कहती है कि इसे रोकने का कोई कारगर साधन आपके पास नहीं है। शिकायत आए तो शिकायत करने वाले को समझाइए कि वो संबंधित थाने में FIR दर्ज करवाए। साथ ही दौरे पर आए ज़ोनल मजिस्ट्रेट या RO/ARO को और पुलिस वालों को तुरंत बताइए। 6568
- शिकायत करने वाला बाद में ऐसे उम्मीदवार के ख़िलाफ़ चुनाव याचिका में भी इस बात का इस्तेमाल कर सकता है। 68
- चुनाव में रिश्वत की सज़ा पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी) में छपी भारतीय न्याय संहिता की धारा 173 में है: एक साल तक की क़ैद (सादी या कठोर), या जुर्माना, या दोनों; खाने-पीने, मनोरंजन या रसद के रूप में दी गई रिश्वत ("treating") पर सिर्फ़ जुर्माना। 170
पंचायती राज संस्था का कोई कर्मचारी चुनाव में प्रचार करे, तो?
पंचायत चुनाव के नियमों में "भ्रष्ट आचरण" किसे कहा गया है?
- रिश्वत: उम्मीदवार या कोई और व्यक्ति, किसी को उम्मीदवार बनने, न बनने या नाम वापस लेने के लिए, या मतदाता को वोट देने या न देने के लिए, कोई भी फ़ायदा दे, देने की पेशकश करे या वादा करे; या ऐसा कर चुकने के इनाम के तौर पर दे (नियम 79(1))। 152
- यह "फ़ायदा" सिर्फ़ पैसा या पैसे में आँकी जा सकने वाली चीज़ नहीं: हर तरह की दावत-मनोरंजन और इनाम के बदले नौकरी भी इसमें आती है। चुनाव पर सच में किया गया जायज़ ख़र्च इसमें नहीं आता। 171
- अनुचित दबाव: वोट के अधिकार में सीधा या परोक्ष दख़ल, जैसे किसी भी तरह की चोट, सामाजिक बहिष्कार या जाति-समुदाय से निकालने की धमकी, या भगवान की नाराज़गी का डर दिखाना (नियम 79(2))। नीति का एलान, सार्वजनिक काम का वादा, या दख़ल की नीयत के बिना कोई क़ानूनी हक़ इस्तेमाल करना, दबाव नहीं माना जाता। 152171
- उम्मीदवार या कोई और व्यक्ति जाति, नस्ल, समुदाय या धर्म के नाम पर वोट देने या न देने की सुनियोजित अपील करे; या धार्मिक प्रतीकों का, या राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय चिह्न जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों का, इस्तेमाल करे या उनके नाम पर अपील करे, ताकि उस उम्मीदवार की जीत की संभावना बढ़े (नियम 79(3))। 152171
- किसी उम्मीदवार के निजी चरित्र या आचरण, या उसकी उम्मीदवारी या नाम वापसी के बारे में ऐसी झूठी बात छापना, जिसे छापने वाला झूठ मानता हो या सच न मानता हो, और जिससे उस उम्मीदवार की जीत की संभावना को नुक़सान पहुँचे (नियम 79(4))। 152171
- उम्मीदवार ख़ुद, या उसकी तरफ़ से कोई और, पैसे देकर या वैसे ही, मतदाताओं को बूथ तक लाने-ले जाने के लिए गाड़ी या नाव का इंतज़ाम करे; उम्मीदवार को ख़ुद या उसके परिवार वालों को ले जाना इसमें नहीं आता (नियम 79(5))। चुनाव से जुड़े किसी नियम या आदेश के ख़िलाफ़ ख़र्च करना, या उसकी मंज़ूरी देना, भी भ्रष्ट आचरण है (नियम 79(6))। 152171
- यह भ्रष्ट आचरण नहीं: मतदाता अपने ख़र्च से सार्वजनिक वाहन, ट्राम या रेल से बूथ तक आए-जाए; या कोई मतदाता अकेले, या कई मतदाता मिलकर, अपने ख़र्च से बिना इंजन वाली गाड़ी या नाव किराए पर लें (नियम 79(5) के परंतुक)। 152171
विशेष परिस्थितियाँ
जो हालात रोज़ नहीं आते, पर आ जाएँ तो नियम क्या कहता है: नामांकन से उप सरपंच तक, पड़ाव के हिसाब से।
नामांकन
एक ही व्यक्ति ने दो वार्डों से पंच का, या पंच और सरपंच दोनों का नामांकन भर दिया तो?
- एक ही पंचायती राज चुनाव में कोई एक से ज़्यादा सीट से नहीं लड़ सकता: पंच एक से ज़्यादा वार्ड से नहीं, और सरपंच का उम्मीदवार पंच भी नहीं लड़ सकता। 46
- ऐसा पत्र संवीक्षा में इस वजह से खारिज नहीं होता। 46
- पर नाम वापसी का समय खत्म होने तक उसे एक सीट छोड़कर बाकी सब से नाम वापस लेना है। न लिया, तो उसकी उम्मीदवारी सभी सीटों से वापस मानी जाएगी और उसका नाम किसी सूची में नहीं आएगा। 46
संवीक्षा
कोई आपत्ति करे कि नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी उम्मीदवार की नहीं है, तो?
- यह खारिज करने का एक आधार है: हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी असली न हो, या धोखे, दबाव या अनुचित प्रभाव से ली गई हो। 126
- आपत्ति का फ़ैसला RO करता है और फ़ैसला उसी पत्र पर लिखता है; खारिज करे, तो वजह भी। 126
- ऐसी नौबत न आए, इसलिए पत्र लेते समय ही देख लीजिए कि हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी उसी की है जिसने फ़ॉर्म भरा। 110
मतदान से पहले
मतदान शुरू होने से पहले किसी उम्मीदवार की मौत हो जाए तो?
- पंच-सरपंच के चुनाव पर आयोग ने जो नियम लागू बताए हैं (23 से 54, 56, और 69 से 76), उनमें उम्मीदवार की मौत वाला नियम 73 भी है। 1560
- मतदान शुरू होने से पहले किसी लड़ रहे उम्मीदवार की मौत होने पर मतदान रद्द नहीं होता। 60
- पर मौत के बाद उस सीट पर एक ही उम्मीदवार बचे, तो RO मौत की बात से तसल्ली करके मतदान रद्द (countermand) करेगा और ज़िला निर्वाचन अधिकारी के ज़रिए आयोग को रिपोर्ट भेजेगा। 60
- फिर उस चुनाव की सारी कार्यवाही नए चुनाव की तरह शुरू से होगी। 60
- जो उस समय लड़ रहे उम्मीदवार थे, उन्हें दोबारा नामांकन भरने की ज़रूरत नहीं; और जिसने पहले नाम वापस लिया था, वह भी फिर से नामांकन भर सकता है। 60
मतदान के दिन
मतपेटी खो जाए, नष्ट हो जाए या उससे छेड़छाड़ हो जाए, तो उस बूथ के वोटों का क्या होगा?
- मतपेटी मतदान अधिकारी या RO की अभिरक्षा से ग़ैरक़ानूनी ढंग से ले जाई जाए, दुर्घटना से या जान-बूझकर नष्ट हो जाए या खो जाए, या इतनी बिगड़ जाए या उससे इतनी छेड़छाड़ हो कि उस बूथ का नतीजा पता न चल सके, तो RO तुरंत राज्य निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट करते हैं (नियम 48-क(1))। 172
- आयोग सब हालात देखकर दो में से एक रास्ता लेता है: उस बूथ का मतदान शून्य घोषित करके नए मतदान का दिन और समय तय करना; या, अगर तसल्ली हो कि नए मतदान से चुनाव का नतीजा किसी तरह नहीं बदलेगा, तो RO को आगे चुनाव पूरा करने के निर्देश देना (नियम 48-क(2))। 172
- नया मतदान हो, तो उस पर अधिनियम, नियम और आदेश वैसे ही लागू होते हैं जैसे पहले वाले मतदान पर (नियम 48-क(3))। 172
- आयोग ये अधिकार ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) या अपने किसी अधीनस्थ अफ़सर को सौंप सकता है (नियम 48-ग)। 150
मतगणना और नतीजा
गिनती पूरी होने से पहले किसी बूथ के मतपत्र खो जाएँ, नष्ट हों या उनसे छेड़छाड़ हो, तो?
- गिनती पूरी होने से पहले किसी बूथ के इस्तेमाल हुए मतपत्र RO की अभिरक्षा से ग़ैरक़ानूनी ढंग से ले जाए जाएँ, दुर्घटना से या जान-बूझकर नष्ट हों या खो जाएँ, या इतने बिगड़ें या उनसे इतनी छेड़छाड़ हो कि उस बूथ का नतीजा पता न चल सके, तो RO तुरंत आयोग को रिपोर्ट करते हैं (नियम 49-क(1))। 90
- आयोग या तो गिनती रुकवाकर उस बूथ का मतदान शून्य घोषित करता है और नए मतदान का दिन और समय तय करता है; या, अगर तसल्ली हो कि नए मतदान से नतीजा किसी तरह नहीं बदलेगा, तो गिनती फिर शुरू करके पूरी करने के निर्देश RO को देता है (नियम 49-क(2))। 90
- नए मतदान पर अधिनियम, नियम और आदेश वैसे ही लागू होते हैं जैसे पहले वाले मतदान पर। आयोग ये अधिकार ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) या किसी अधीनस्थ अफ़सर को सौंप सकता है (नियम 49-क(3), 49-ख)। 90
गिनती की जगह पर कब्ज़ा हो जाए, तो?
- गिनती की जगह पर बूथ कैप्चरिंग ऐसे हो कि वहाँ की गिनती का नतीजा पता न चल सके, तो RO तुरंत आयोग को रिपोर्ट करते हैं (नियम 48-ख(1))। 172
- गिनती की जगह पर कब्ज़े का मतलब: कोई उस जगह को क़ब्ज़े में लेकर गिनती करने वालों को मतपत्र या मशीनें सौंपने पर मजबूर करे, और ऐसा कुछ करे जिससे गिनती ठीक से न चल सके (नियम 48-ख की व्याख्या)। 150
- सरकारी सेवा का कोई व्यक्ति किसी उम्मीदवार की जीत की संभावना बढ़ाने के लिए ख़ुद ऐसा करे, या इसमें मदद करे या आँख मूँद ले, तो वह भी बूथ कैप्चरिंग है (नियम 48-ख की व्याख्या)। 150
- रिपोर्ट मिलने पर आयोग सब हालात देखकर या तो संबंधित बूथ का मतदान शून्य करके नया मतदान करवा सकता है; या, अगर तसल्ली हो कि कब्ज़े ने गिनती पर ऐसा असर डाला है जिससे चुनाव के नतीजे पर असर पड़ता है, तो उस निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव ही रद्द (countermand) कर सकता है (नियम 48-ख(2))। 172
दो उम्मीदवारों के वोट बराबर हों, तो जीत किसकी?
उप सरपंच
उप सरपंच का चुनाव नतीजे के अगले दिन न हो पाए, तो?
उप सरपंच का उप-चुनाव करवाना पड़े, तो बैठक कैसे बुलाई जाती है?
स्रोत
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