पंचायत समिति और ज़िला परिषद चुनाव के सवाल-जवाब (मशीन)
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पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य का चुनाव मशीन से होता है; यहाँ उसी के सवाल-जवाब हैं, और वे भी जो दोनों चुनावों में एक जैसे हैं। हर जवाब के साथ दिया पन्ना खोलकर खुद मिलाइए; स्रोतों में कहाँ फ़र्क है, यह स्रोतों में फ़र्क पेज पर है।
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बुनियादी बातें: कौन-सा पद, मतपेटी या मशीन, रंग
इस हिस्से में: चार पद, दो मतदान दिवस, किसका वोट मतपेटी से और किसका मशीन से, रंग, दल के नाम, रिटर्निंग अधिकारी, एजेंट, गिनती की जगह और स्याही।
इस बार किन पदों के लिए वोट पड़ेंगे, और किसमें मतपेटी लगेगी, किसमें मशीन? दोनों चुनाव
- इस बार चार पदों के चुनाव हैं: ज़िला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और वार्ड पंच। 1
- मशीन (पंचायत समिति/ज़िला परिषद): वोट ईवीएम से पड़ेंगे। बालोतरा में मशीन ECIL की MPSV है। 1
- मतपेटी (पंच/सरपंच): हर ज़िले में वोट मतपेटी से पड़ेंगे। 1
- ईवीएम मार्गदर्शिका में पंच-सरपंच का मतदान मशीन से कराने की बात भी लिखी है। इस बार वह लागू नहीं: पंच-सरपंच के लिए मतपेटी ही लगेगी। 21
दोनों मतदान एक ही दिन होंगे या अलग-अलग? दोनों चुनाव
- अलग-अलग दिन। हर चरण में पहले ज़िला परिषद और पंचायत समिति का मतदान होता है, फिर किसी दूसरी तारीख को पंच और सरपंच का। 34
- बालोतरा में ज़िला परिषद + पंचायत समिति का मतदान 03.11.2026 (तीसरा चरण) और 14.11.2026 (चौथा चरण) को है। 43
- पंच + सरपंच का मतदान 05.11.2026 (तीसरा चरण) और 16.11.2026 (चौथा चरण) को है। 43
- दोनों दिन मतदान सुबह 7 से शाम 6 बजे तक। जो मतदाता 6 बजे तक मतदान केन्द्र के परिसर में पहुँच गए, वे कतार में लगकर वोट डाल सकेंगे। 534
मतपत्र, स्टीकर और पता-टैग के रंग कैसे याद रखें?
| पद | रंग |
|---|---|
| पंच | गुलाबी |
| सरपंच | सफ़ेद |
| पंचायत समिति सदस्य | नीला |
| ज़िला परिषद सदस्य | पीला |
स्रोत: ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 7
मतपेटी वाले दिन और मशीन वाले दिन दल के लोगों के नाम एक जैसे हैं? दोनों चुनाव
- मार्गदर्शिकाओं में नहीं, इसी में सबसे ज़्यादा गड़बड़ होती है। "मतदान अधिकारी" शब्द पंच-सरपंच वाले दिन बूथ के प्रभारी के लिए आता है, पर ईवीएम मार्गदर्शिका में मशीन वाले दिन दल के बाकी लोगों के लिए। 678
- मतपेटी (पंच/सरपंच): दल 5 लोगों का: एक मतदान अधिकारी और 4 सहायक मतदान अधिकारी। मतदान अधिकारी ही बूथ का प्रभारी है और पीठासीन अधिकारी का काम करता है। 9107
- मशीन (पंचायत समिति/ज़िला परिषद): ईवीएम मार्गदर्शिका बूथ के प्रभारी को "पीठासीन अधिकारी" और बाकी लोगों को "मतदान अधिकारी" कहती है। 6
- मशीन वाले दिन: MPSV मशीन वाले बूथ पर मतदान अधिकारी के साथ 3 सहायक मतदान अधिकारी, और M-2/M-3/MK-4/MK-5 वाले बूथ पर 4। 11
रिटर्निंग अधिकारी कौन होंगे?
- पंचायत समिति सदस्य के रिटर्निंग अधिकारी को ज़िला निर्वाचन अधिकारी नियम 58(2) के तहत नियुक्त करते हैं, पंचायत समिति स्तर पर। ज़िला परिषद सदस्य के रिटर्निंग अधिकारी को राज्य निर्वाचन आयोग नियुक्त करता है, ज़िला स्तर पर। 11
किस उम्मीदवार के कितने एजेंट हो सकते हैं?
| उम्मीदवार | निर्वाचन अभिकर्ता | मतदान अभिकर्ता | गणन अभिकर्ता |
|---|---|---|---|
| पंच | नहीं | नहीं | नहीं |
| सरपंच | नहीं | हर बूथ पर एक | ज़्यादा से ज़्यादा 2 |
| पंचायत समिति / ज़िला परिषद सदस्य | एक | हर बूथ पर एक | मतगणना केन्द्र में |
स्रोत: ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 6–7; मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 17; मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 38
- मतदान अभिकर्ता की जगह लेने वाला कोई रिलीवर अभिकर्ता नहीं रखा जा सकता। 2
तारीखें (बालोतरा, चरण 3 और 4)
बालोतरा ज़िले की तारीखें: नामांकन, दोनों मतदान, गिनती। सब तारीखें आयोग के संशोधन के बाद की हैं।
बालोतरा में किस पद का वोट मशीन से पड़ेगा और किसका मतपेटी से? दोनों चुनाव
बालोतरा की कौन-सी पंचायत समिति किस चरण में है?
- ज़िले की 11 पंचायत समितियों और 448 ग्राम पंचायतों में चुनाव दो चरणों में होगा। 17
- तीसरा चरण (6 पंचायत समितियाँ, कुल 618 बूथ): सिणधरी, गिडा, कल्याणपुर, गुडामालानी, धोरीमन्ना, समदड़ी। 17
- चौथा चरण (5 पंचायत समितियाँ, कुल 469 बूथ): बालोतरा, पादरू, पायला कलां, पाटोदी, सिवाना। 17
- ड्यूटी से पहले अपने ज़िले के निर्देश ज़रूर मिला लीजिए।
ज़िला परिषद और पंचायत समिति का मतदान किस दिन है, और दल कब रवाना होगा?
- तीसरा चरण: दल की रवानगी 02.11.2026 (सोमवार), मतदान 03.11.2026 (मंगलवार)। 4
- चौथा चरण: दल की रवानगी 13.11.2026 (शुक्रवार), मतदान 14.11.2026 (शनिवार)। 3
- मतदान सुबह 7 से शाम 6 बजे तक होगा। 43
- आयोग ने 06.10.2026 को पहले तीन चरणों के मतदान एक-एक दिन पहले कर दिए। ऊपर तीसरे चरण की तारीखें इसी संशोधन (आदेश 10090) की हैं; चौथे चरण की तारीखें नहीं बदलीं। 1843
पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य के नामांकन कब भरे जाएँगे?
- पंचायत समिति, तीसरा चरण: सूचना 19.10.2026, आख़िरी तारीख 23.10.2026 (दोपहर 3 बजे तक), संवीक्षा 24.10.2026 (सुबह 11 बजे से), नाम वापसी 26.10.2026 (दोपहर 3 बजे तक), फिर उसी समय चुनाव चिह्न। 19
- पंचायत समिति, चौथा चरण: सूचना 31.10.2026, आख़िरी तारीख 04.11.2026, संवीक्षा 05.11.2026, नाम वापसी 06.11.2026। 19
- नामांकन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक भरे जाएँगे। 19
- ज़िला परिषद: बालोतरा का चुनाव तीसरे चरण से शुरू होता है, इसलिए पूरे ज़िले के ज़िला परिषद नामांकन तीसरे चरण की तारीखों पर होंगे: सूचना 19.10.2026 से नाम वापसी 26.10.2026 तक। 20
- ध्यान दें, तारीख बदली है: 03.10.2026 के मूल कार्यक्रम में ज़िला परिषद के नामांकन 08.10.2026 से 15.10.2026 तक थे; पत्र 9867 ने बालोतरा के लिए इन्हें ऊपर वाली तारीखों पर कर दिया। 2122
मतदान दल: कौन क्या करेगा
दल में कौन-कौन होता है, किस दिन किसका क्या नाम है, और नियुक्ति से बूथ तक किसका क्या काम है।
दो मतदान दिवस क्यों हैं? किस दिन क्या होगा? दोनों चुनाव
- हर चरण में पहले ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य का मतदान होता है, फिर किसी दूसरी तारीख को पंच और सरपंच का। 34
- ज़िला परिषद और पंचायत समिति के वोट ईवीएम (मशीन) से पड़ेंगे; पंच और सरपंच के वोट हर ज़िले में मतपेटी से। 1
- इसलिए पंच/सरपंच के लिए मार्गदर्शिका में मशीन वाला जो तरीका लिखा है, वह इस चुनाव में लागू नहीं है। 1
मतदान दल में कितने लोग होंगे?
- MPSV मशीन वाले बूथ पर मतदान अधिकारी के साथ 3 सहायक मतदान अधिकारी, और M-2/M-3/MK-4/MK-5 वाले बूथ पर 4। 11
"मतदान अधिकारी" कौन है? दोनों मार्गदर्शिकाओं में नाम अलग क्यों हैं? दोनों चुनाव
- मतपेटी (पंच/सरपंच): बूथ का प्रभारी "मतदान अधिकारी" कहलाता है और वही पीठासीन अधिकारी का काम करता है; उसके साथ सहायक मतदान अधिकारी 1 से 4 होते हैं। 7108
- मशीन (पंचायत समिति/ज़िला परिषद): मशीन से मतदान हो, तो ईवीएम मार्गदर्शिका मतदान अधिकारी को "पीठासीन अधिकारी" और सहायक मतदान अधिकारी को "मतदान अधिकारी" कहती है। 6
- यानी मार्गदर्शिकाओं में एक ही शब्द मतपेटी वाले दिन बूथ के प्रभारी के लिए है और मशीन वाले दिन दल के बाकी लोगों के लिए। कोई निर्देश पढ़ें, तो पहले देखिए कि वह किस दिन का है। 67
नियुक्ति आदेश मिलते ही क्या करूँ?
- आदेश में अपने मतदान केन्द्र का नाम और नंबर, निर्वाचन क्षेत्र का क्रमांक और बूथ की सही जगह देख लीजिए; दल के बाकी लोगों के नाम भी इसी आदेश में होते हैं। 23
- उनसे संपर्क कर लीजिए: घर-दफ़्तर का पता और मोबाइल नंबर ले लीजिए, अपना दे दीजिए। 23
- जितनी हो सकें, उतनी प्रशिक्षण कक्षाओं में जाइए; याददाश्त या पुराने अनुभव के भरोसे न रहिए, निर्देश समय-समय पर बदलते रहते हैं। 2310
- मार्गदर्शिका और ज़रूरी पत्र-आदेश ध्यान से पढ़िए; कोई भी शंका हो तो अपने रिटर्निंग अधिकारी से पूछकर दूर कर लीजिए। 23
मतदान अधिकारी बीमारी या किसी मजबूरी में बूथ पर न आ सकें तो?
- दल बनाते समय ज़िला निर्वाचन अधिकारी दल के किसी सहायक मतदान अधिकारी को अधिकृत कर सकते हैं कि मतदान अधिकारी की अपरिहार्य अनुपस्थिति में वह उनका काम करे। 2425
- ऐसी अनुपस्थिति में भी मतदान अधिकारी अपनी ज़िम्मेदारी से मुक्त नहीं होते। 25
- पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) में उस सहायक मतदान अधिकारी को भी साथ ले जाइए; मशीन पर दोनों ख़ुद हाथ से काम करके देखें, सिर्फ़ प्रदर्शन देखकर संतुष्ट न हों। 24
- पंचायत चुनाव में मतदान अधिकारी ही बूथ का पीठासीन अधिकारी होता है। बूथ पर मतदान अधिकारी या दल का कोई और सदस्य न पहुँचे, तो RO किसी व्यक्ति को उसकी जगह लगा सकते हैं और ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को इसकी सूचना देते हैं (नियम 31)। पर जो व्यक्ति इस चुनाव में किसी उम्मीदवार के लिए काम करता रहा हो, चाहे नौकरी पर या वैसे ही, उसे मतदान अधिकारी या दल का सदस्य नहीं बनाया जा सकता। 26627
ड्यूटी पर लगे हम लोग ख़ुद वोट कैसे डालें?
- जो वोट डालना चाहें, वे डाक मतपत्र के लिए प्ररूप 1 में संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को आवेदन करें, साथ में नियुक्ति आदेश की दूसरी प्रति लगाकर, तुरंत। 28
- आयोग के 29.01.2026 वाले आदेश के हिसाब से आवेदन मतदान के दिन से कम से कम सात दिन पहले पहुँचना चाहिए, या RO इससे कम जितनी अवधि की अनुमति दें। ज़िला परिषद और पंचायत समिति के आवेदन अलग-अलग, अपने-अपने RO को भेजे जाते हैं। 29
- नियम 35 में संशोधन से पंचायत चुनाव में भी ड्यूटी वाले अधिकारी डाक से वोट दे सकते हैं, पर चुनाव ड्यूटी प्रमाण-पत्र (EDC) का प्रावधान नहीं है। 15
सामग्री लेते समय क्या-क्या जाँच लूँ?
- मतदान से एक दिन पहले, रवाना होते समय पूरी सामग्री मिलेगी; उसकी सूची परिशिष्ट-5 में है। रवाना होने से पहले जाँच लीजिए कि सब मिल गया। 28
- मशीन वही हो जो आपके बूथ के लिए है: एड्रेस टैग पर बूथ का नंबर और नाम देखिए; बैलेट यूनिट पर लगा मतपत्र भी उसी चुनाव और बूथ का हो। 28
- मतदाता सूची की तीनों प्रतियाँ पूरी और एक जैसी हों, उन्हीं वार्डों की हों, और अनुपूरक सूची के हिसाब से नाम काटे जा चुके हों। 30
- निविदत्त मतपत्र आपके ही वार्ड के हों, उनमें कोई खराबी न हो और उनके क्रमांक दिए गए ब्यौरे से मिलें। 30
- अभ्यर्थियों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं के नमूना हस्ताक्षर (प्ररूप-8) की प्रतियाँ भी देख लीजिए; इनसे बूथ पर अभिकर्ता के प्ररूप-9 का मिलान होगा। 30
- कुछ भी ख़राब मिले, तो तुरंत सामग्री बाँटने वाले अधिकारी या RO को बताइए। 30
बूथ पर कितने बजे पहुँचना है, तैयारी कब शुरू करनी है?
मशीन वाले दिन प्रथम, द्वितीय और तृतीय सहायक मतदान अधिकारी क्या-क्या करेंगे?
- प्रथम सहायक मतदान अधिकारी: चिन्हित मतदाता सूची और मतदाता की पहचान। 33
- द्वितीय सहायक मतदान अधिकारी: मतदाता रजिस्टर (प्ररूप-12) और अमिट स्याही; ज़िला परिषद की पीली और पंचायत समिति की नीली पर्ची देकर मतदाता को आगे भेजता है। 3435
- तृतीय सहायक मतदान अधिकारी: दोनों पदों की एक ही कन्ट्रोल यूनिट; मतदान अधिकारी के पास बैठता है; पर्ची लेकर और अंगुली पर स्याही देखकर ही मतदाता को मतदान कक्ष में जाने देता है। 3635
- चतुर्थ सहायक मतदान अधिकारी का काम सिर्फ़ M-2/M-3/MK-4/MK-5 मशीनों के लिए लिखा है, MPSV के लिए नहीं। 3738
बूथ के अन्दर कौन-कौन आ सकता है?
- मतदाताओं के अलावा नियम 24-क में ये लोग: दल के सदस्य, ड्यूटी पर लगे लोक सेवक, राज्य निर्वाचन आयोग से अधिकृत व्यक्ति, अभ्यर्थी, मतदाता की गोद का बच्चा, और पहचान में मदद के लिए मतदान अधिकारी के बुलाए लोग। 25
- अभ्यर्थी का निर्वाचन अभिकर्ता, और हर अभ्यर्थी का एक मतदान अभिकर्ता। 25
- मतदान अभिकर्ता प्ररूप-9 दिखाकर ही अन्दर आएगा, और एक समय में बूथ में एक अभ्यर्थी का एक ही अभिकर्ता रहेगा। 3239
सामग्री और बूथ की बनावट
सामान कहाँ से मिलेगा, उसमें क्या-क्या है, और बूथ में मेज़ें और प्रकोष्ठ कैसे लगें।
चुनाव का सामान कहाँ से और किस रूप में मिलेगा?
मशीन वाले बूथ पर कितनी सील, टैग और फ़ॉर्म मिलेंगे?
| चीज़ | हर मतदान दल को |
|---|---|
| पिंक पेपर सील | 6 |
| ABCD स्ट्रिप सील | 6 |
| कन्ट्रोल यूनिट के स्पेशल टैग | 5 |
| कन्ट्रोल यूनिट के एड्रेस टैग | पीले 6, नीले 6 |
| बैलेट यूनिट के एड्रेस टैग | पीले 5, नीले 5 |
| निविदत्त मतपत्र | ज़िला परिषद (पीले) 20, पंचायत समिति (नीले) 20 |
| मतदाता सूची की कार्यकारी प्रतियाँ | 3 |
| प्ररूप-9 (मतदान अभिकर्ता की नियुक्ति) | 10 |
| प्ररूप-13 (निविदत्त वोटों की सूची) | 2 |
| प्ररूप-14 (वोटों और पेपर सील का लेखा) | हर पद के 2 |
स्रोत: ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 175–177
- बैलेट यूनिट "ज़रूरत के हिसाब से" मिलेंगी। 43
- ध्यान दें: यह सूची दोनों पदों के लिए अलग-अलग मशीन लिखती है, हर एक की 1 कन्ट्रोल यूनिट। MPSV में दोनों पदों की एक ही कन्ट्रोल यूनिट होती है। 434445
- कन्ट्रोल यूनिट पर स्टिकर: आयोग के पत्र 1299 (03.02.2026) के अनुसार ज़िला परिषद और पंचायत समिति, दोनों पदों के लिए काम आ रही MPSV कन्ट्रोल यूनिट पर स्टिकर लगाने की ज़रूरत नहीं; सिर्फ़ एक पद के लिए काम आए, तो सिंगल पोस्ट मशीन की तरह उस पर भी स्टिकर लगेंगे। यानी ऐसी कन्ट्रोल यूनिट पर स्टिकर न मिले, तो इसे कमी न मानिए। 45
- गिनती में कमी हो, तो सामान लेते समय ही बताइए।
मशीन वाले बूथ के सामान में और क्या-क्या आएगा?
- हर बूथ के लिए: बैंगनी स्टाम्प पैड और स्याही, मतदान अधिकारी की पीतल की सील, 2 ऐरो क्रॉस सील, ईवीएम की पुस्तिका, और बिल्ले: मतदान अधिकारी का 1, सहायक मतदान अधिकारियों के 5, मतदान अभिकर्ताओं के 10। 43
- 2 कार्ड-बोर्ड मतदान प्रकोष्ठ ड्रॉइंग पिन के साथ, और एक अतिरिक्त; 'Exit' और 'Entrance' की तख़्तियाँ, और दिव्यांग व वरिष्ठ नागरिकों को पहले वोट दिलाने वाली तख़्ती। 46
- 10 cc अमिट स्याही की 1 शीशी, सुभिन्नकारी चिन्ह की रबड़ सील, 3 मोमबत्ती, चपड़ी (सीलिंग वैक्स) की 5 छड़ें, ईवीएम के लिए 4 मीटर धागा, 12 मीटर सुतली, गोंद, कार्बन पेपर और 1 डमी बैलेट शीट। 47
- मतदान अधिकारी की डायरी, घोषणाओं के प्ररूप, मतदाताओं का रजिस्टर (प्ररूप-12) और पीली-नीली मतदाता पर्चियाँ, मतदाताओं की संख्या के हिसाब से। 48
- बॉल पेन, ब्लेड, माचिस, बाल्टी, इमरजेंसी लाइट, बाँस और ताला: इन पर ख़र्च कलक्टर (ज़िला निर्वाचन अधिकारी) अपने विवेक से करेंगे। 49
मतदाता सूची की कितनी प्रतियाँ मिलेंगी, और उनमें क्या देखना है? दोनों चुनाव
- मतपेटी पुस्तिका: पंच/सरपंच चुनाव में वार्ड की चार कार्यकारी प्रतियाँ मिलेंगी; ज़िला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव के लिए भी वार्ड/निर्वाचन क्षेत्र की चार। 40
- ईवीएम मार्गदर्शिका की सामान-सूची में ज़िला परिषद और पंचायत समिति के मशीन वाले बूथ के लिए 3 कार्यकारी प्रतियाँ लिखी हैं। 43
- यानी दोनों गिनतियों में टकराव नहीं है। मतपेटी पुस्तिका की सामान-सूची मतपेटी से होने वाले चुनाव की है; उसमें हर बूथ के लिए चार प्रतियाँ हैं, पंच/सरपंच वाले बूथ के लिए भी और पंचायत समिति/ज़िला परिषद वाले बूथ के लिए भी। ईवीएम मार्गदर्शिका की सूची उस बूथ की है, जहाँ ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य का चुनाव ईवीएम से एक साथ हो; उसमें हर मतदान दल के लिए 3 प्रतियाँ हैं। 505143
- हर प्रति देखिए: पूरी हो, सब एक जैसी हों, प्रमाणित हों, उसी निर्वाचन क्षेत्र की हों जिसका मतदान आपके बूथ पर है, और उनमें सब वार्डों या निर्वाचन क्षेत्रों की छपी सूचियाँ संशोधन सूचियों समेत लगी हों। 40
मशीन वाले बूथ में मेज़ें और प्रकोष्ठ कैसे लगाएँ?
- ईवीएम मार्गदर्शिका के अनुलग्नक-6 में बूथ का नक्शा है: सहायक मतदान अधिकारी 1 और 2 की मेज़ें, उनके पास दोनों पदों के मतदान अभिकर्ता, अपनी-अपनी कन्ट्रोल यूनिट के साथ सहायक मतदान अधिकारी 3 और 4, दोनों पदों के अलग प्रकोष्ठ, और मतदान अधिकारी। 52
- पर यह नक्शा दो कन्ट्रोल यूनिट और चार सहायक मतदान अधिकारी दिखाता है। MPSV में दोनों पदों की एक ही कन्ट्रोल यूनिट होती है। और जब चारों पदों के चुनाव एक साथ न हों, मार्गदर्शिका MPSV वाले दल में मतदान अधिकारी के साथ 3 सहायक मतदान अधिकारी बताती है। 52441145
- MPSV के लिए मार्गदर्शिका इतना साफ़ कहती है: दोनों बैलेट यूनिट अलग-अलग प्रकोष्ठ में, पहले में ज़िला परिषद की, दूसरे में पंचायत समिति की; प्रकोष्ठ मतदान अधिकारी की मेज़ से पर्याप्त दूरी पर हों, पर केबल पाँच मीटर की ही है। 5336
मशीन तैयार करना और मॉक पोल
MPSV मशीन लेने से लेकर मॉक पोल, सील और असली मतदान शुरू होने तक, उसी क्रम में जिसमें काम आता है।
मशीन लेते समय क्या-क्या जाँचना है?
- मशीनें देते समय मतदान अधिकारी से प्राप्ति के हस्ताक्षर लिए जाएँगे। उसी समय पक्का कीजिए कि मशीनों पर लगी सब सीलें सुरक्षित हैं। 54
- मशीन का नंबर मशीन के पीछे के स्टीकर, मतपत्र और एड्रेस टैग पर लिखे अंकन से मिलाइए। 54
- MPSV में दोनों पदों के लिए एक ही कन्ट्रोल यूनिट और दो बैलेट यूनिट का सैट होता है। 44
- कन्ट्रोल यूनिट का कैण्डसेट सैक्शन ठीक से मुहरबंद हो और उसका एड्रेस टैग मज़बूती से जुड़ा हो। बैटरी जाँचने के लिए पीछे के कक्ष का पावर स्विच ऑन-ऑफ़ करके देख लीजिए। 44
- ज़रूरी संख्या में बैलेट यूनिट मिली हों, और हर यूनिट की स्क्रीन के अंदर मतपत्र ठीक से लगा हो। 44
कौन-सी बैलेट यूनिट किस पद की है, यह कैसे पहचानें?
- ज़िला परिषद सदस्य की बैलेट यूनिट पर पीला एड्रेस टैग, उसके कैरिंग बक्से पर पीला स्टीकर और स्क्रीन के अंदर पीला मतपत्र। पंचायत समिति सदस्य की यूनिट पर यही सब नीले रंग में। 44
- कन्ट्रोल यूनिट दोनों पदों की एक ही है। 44 आयोग के पत्र 1299 (03.02.2026) में लिखा है कि MPSV की कन्ट्रोल यूनिट दोनों पदों के लिए काम आए, तो उस पर स्टीकर लगाने की ज़रूरत नहीं होगी; सिर्फ़ एक पद के लिए काम आए, तो सिंगल पोस्ट मशीन की तरह उस पर भी स्टीकर लगेंगे। 45
बैलेट यूनिट कन्ट्रोल यूनिट से कैसे जोड़ें, पहले कौन-सी लगेगी?
- बैलेट यूनिट RO के स्तर पर पहले से तैयार होकर आती हैं। मशीन जोड़ने का काम मतदान अधिकारी उम्मीदवारों या उनके अभिकर्ताओं के सामने, पूरी पारदर्शिता से करेगा। 55
- पहले स्थान पर ज़िला परिषद सदस्य की बैलेट यूनिट, दूसरे स्थान पर पंचायत समिति सदस्य की। 55
- जोड़ने से पहले देखिए: मतपत्र स्क्रीन के नीचे ठीक लगा है; RO के लगाए दोनों एड्रेस टैग (ऊपर और नीचे, दाहिनी तरफ़) सही जगह हैं; कन्ट्रोल यूनिट के उम्मीदवार खंड के बाईं ओर RO की मुहर सही जगह है। 55
- कन्ट्रोल यूनिट का पीछे का ढक्कन खोलिए और उसके फ़ीमेल कनेक्टर में बैलेट यूनिट का मेल कनेक्टर लगाइए। दूसरी बैलेट यूनिट की केबल पहली बैलेट यूनिट के पीछे वाले कनेक्टर में जोड़िए। 55
बैलेट यूनिट का स्लाइड स्विच किस नंबर पर रहे? किसी पद के उम्मीदवार ज़्यादा हों तो?
END बटन किस बैलेट यूनिट पर काम करेगा?
- हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क (बंद) रहेगा, चाहे दोनों पदों का चुनाव एक साथ हो या एक ही पद का। यह आयोग के आदेश 9508 (28.09.2026) का नियम है; MPSV के लिए आदेश 5468 (04.08.2026) में भी यही लिखा था। आदेश 9508 से क्या बदला, यह आदेश 9508 वाले पेज पर है। 5657
आदेश 9508 ने बिंदु A के उप-बिंदु 8 में क्या बदला?
- आदेश 9508 (28.09.2026) का बिंदु A मतदान दल के रवाना होने के समय की बातें बताता है। इसमें लिखा है कि आयोग के पहले के आदेश 5475 और 5468 (दोनों 04.08.2026 के) में बिंदु A के उप-बिंदु 8 की जगह अब नई बात लागू होगी। 56
- पहले, आदेश 5475 (MPMV मशीनें) के उप-बिंदु 8 में: एक से ज़्यादा बैलेट यूनिट हों, तो आख़िरी बैलेट यूनिट को छोड़कर बाकी सब बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रहे। 58
- पहले, आदेश 5468 (M3A, MK-5 और MPSV मशीनें) के उप-बिंदु 8 में: सब बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रहे। 57
- अब: MPMV हो या MPSV, रवाना होने से पहले देख लीजिए कि हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क है। 56
- यानी MPMV मशीन में अब आख़िरी बैलेट यूनिट का END बटन भी मास्क रहेगा। MPSV मशीन में बात पहले जैसी ही है; बालोतरा ज़िला आदेश 5468 की सूची में है। 585756
- इसी बिंदु A के नोट में एक जाँच और है: M3A, MPSV या MPMV, कोई भी मशीन हो, कन्ट्रोल यूनिट का पावर स्विच ON करके डिस्प्ले देखिए। INOPERATIVE, TRNG not connected या ERROR-3 दिखे, तो कन्ट्रोल यूनिट बदलवाइए। 56
मशीन चालू करके मॉक पोल से पहले क्या दिखाना है?
- कन्ट्रोल यूनिट का पीछे का ढक्कन खोलकर स्विच ON कीजिए। बीप होगी और ON लैम्प पर हरी बत्ती जलेगी। शुरू का प्रदर्शन पूरा होने तक रुकिए। 59
- CLEAR दबाइए। यह बीप के साथ लगभग 25 सेकंड चलता है। फिर डिस्प्ले पर एक-एक करके TOTAL VOTERS 0, हर उम्मीदवार के आगे VOTES - 0, POLLED VOTES 0 जैसे संदेश आते हैं, और आख़िर में END। 59
- इनकी जगह Invalid operation आए, तो CRC (Close, Result-1, Clear) फिर से पूरा कीजिए। 59
- यह डिस्प्ले बूथ पर मौजूद मतदान अभिकर्ताओं को दिखाइए, ताकि वे देख लें कि मशीन में पहले से कोई वोट दर्ज नहीं है। 59
मॉक पोल ज़रूरी है? उसमें वोट कौन डालता है और कितने?
- हाँ। मतदान शुरू होने से पहले मतदान अधिकारी को मतदान अभिकर्ताओं या मतदान दल के सदस्यों के सामने ईवीएम से मॉक पोल करना ज़रूरी है। 60
- मॉक पोल में वोट मतदान अभिकर्ता या मतदान दल के सदस्य डालते हैं; जिन्होंने भाग लिया, उनके नाम प्रमाण-पत्र में लिखे जाते हैं। 5960
- नोटा समेत हर उम्मीदवार को कम से कम 1-1 वोट देना ज़रूरी है। 61
- समय हो तो ज़्यादा या कम मतदाताओं के वोट डलवाने में कोई आपत्ति नहीं। हर उम्मीदवार को बराबर वोट मिलें, यह भी ज़रूरी नहीं। 61
मॉक पोल का हर वोट कैसे डलवाएँ?
- वोट डालने वाले का नाम मॉक पोल प्रमाण-पत्र में लिखिए, और उसे पर्ची दीजिए: ज़िला परिषद सदस्य के लिए पीली, पंचायत समिति सदस्य के लिए नीली। 6059
- मतदान अधिकारी दोनों पर्चियाँ अलग-अलग रखेगा, फिर उसे वोट डालने देगा। 62
- BALLOT बटन दबाइए: कन्ट्रोल यूनिट पर लाल Busy लैम्प, और दोनों बैलेट यूनिट पर हरी बत्ती। 62
- पहली बैलेट यूनिट पर बटन दबाने से तीर लैम्प लाल और छोटी बीप; दूसरी पर लम्बी बीप। 62
- उसने दोनों पदों में किस उम्मीदवार को वोट दिया, उसकी क्रम संख्या प्रमाण-पत्र में लिखिए और उसके हस्ताक्षर लीजिए। 60
मॉक पोल के बाद नतीजा कैसे मिलाएँ? फ़र्क़ निकले तो क्या करें?
- मॉक पोल के अंत में Close दबाइए, फिर RESULT-I। 63
- दोनों पदों का डिस्प्ले वाला नतीजा, परिशिष्ट-19 के अनुसार अलग-अलग बनाए लेखे से मिलाइए, और उम्मीदवारों और अभिकर्ताओं को संतुष्ट कीजिए। 6460
- नतीजों में फ़र्क़ निकले, तो तुरंत RO को बताइए और उनके निर्देश के अनुसार काम कीजिए। 65
- मिलान के बाद CLEAR दबाइए: कुल मतदाता और हर उम्मीदवार के वोट 0 हो जाते हैं। डिस्प्ले पर END दिखे, तो कन्ट्रोल यूनिट बंद कीजिए। 66
- मॉक पोल के वोट CLEAR करना न भूलिए; मार्गदर्शिका इसे चेतावनी के रूप में लिखती है। 67
मॉक पोल के प्रमाण-पत्र कितने बनेंगे, और कहाँ जाएँगे?
- दोनों पदों के अलग-अलग प्रमाण-पत्र बनेंगे, परिशिष्ट-19 के प्ररूप में। 6862
- ज़िला परिषद सदस्य वाला: मतदान अधिकारी की घोषणाओं (परिशिष्ट-7) के साथ लिफ़ाफ़ा PE-56 में। पंचायत समिति सदस्य वाला: परिशिष्ट-7 के साथ लिफ़ाफ़ा PE-55 में। 6967
- मतदान अधिकारी प्रमाण-पत्र पर हस्ताक्षर करेगा, और अपनी डायरी (परिशिष्ट-8) के बिन्दु 25 में मॉक पोल का ब्योरा और जारी प्रमाण-पत्र लिखेगा। 6567
मॉक पोल के बाद कन्ट्रोल यूनिट कैसे सील करें, और कौन हस्ताक्षर करेगा?
- सबसे पहले कन्ट्रोल यूनिट स्विच ऑफ़ कीजिए; परिणाम अनुभाग सील करने से पहले यह मार्गदर्शिका की चेतावनी है। 67
- अंदर वाले खंड के दरवाज़े पर पिंक पेपर सील लगाइए। मतदान अधिकारी उसकी पिंक सतह पर सीरियल नंबर के नीचे पूरे हस्ताक्षर करेगा; मौजूद और इच्छुक उम्मीदवार या अभिकर्ता भी हस्ताक्षर करें। सील का क्रमांक ख़ुद नोट कीजिए और उन्हें भी नोट कराइए। 67
- फिर विशेष टैग: उस पर कन्ट्रोल यूनिट का क्रमांक लिखकर मतदान अधिकारी हस्ताक्षर करेगा, और उम्मीदवार या अभिकर्ता चाहें तो वे भी। हरा धागा, गाँठ और चपड़ी (लाख) से सील। ख़राब या टूटा टैग किसी भी हालत में काम में न लीजिए। 70
- आख़िर में बाहर का ढक्कन बंद करके धागे से सील, मतदान अधिकारी की मुहर के साथ एड्रेस टैग, और ABCD स्ट्रिप सील, जिस पर लगाने से पहले मतदान अधिकारी पूरे हस्ताक्षर करेगा। 71
असली मतदान शुरू करने से ठीक पहले मशीन के साथ क्या करें?
- दोनों बैलेट यूनिट अलग-अलग मतदान प्रकोष्ठ में लगाइए: पहले में ज़िला परिषद सदस्य की, दूसरे में पंचायत समिति सदस्य की। 5336
- प्रकोष्ठ मतदान अधिकारी की मेज़ से पर्याप्त दूरी पर हों, पर बैलेट यूनिट और कन्ट्रोल यूनिट के बीच की केबल पाँच मीटर लंबी है, इसलिए प्रकोष्ठ इसी हिसाब से बनाइए। 53
- केबल ऐसे बिछाइए कि मतदाताओं को आने-जाने में दिक़्क़त न हो और उस पर चलना न पड़े। चाहें तो दोनों तरफ़ टेबल की टाँग से बाँध सकते हैं। 53
- कन्ट्रोल यूनिट स्विच ऑन कीजिए, TOTAL दबाकर पक्का कीजिए कि कुल मतदाता शून्य दिख रहे हैं, और तय समय पर मतदान शुरू कीजिए। 53
मशीन में ख़राबी दिखे, तो क्या हम उसे खोलकर ठीक कर सकते हैं?
ड्यूटी से पहले मशीन चलाकर अभ्यास कहाँ करें?
- इसी साइट पर MPSV मशीन का स्क्रीन वाला अभ्यास है: मशीन जाँचिए और जोड़िए, मॉक पोल कीजिए, सील लगाइए, वोट डालकर देखिए और मतदान बंद कीजिए।
अभिकर्ता (एजेंट)
किस पद का उम्मीदवार कौन-सा अभिकर्ता रख सकता है, बूथ पर उसे कैसे जाँचें, और बदली या गिनती के अभिकर्ता के नियम।
किस पद के उम्मीदवार कौन-से अभिकर्ता रख सकते हैं?
| पद | निर्वाचन अभिकर्ता | मतदान अभिकर्ता | गणन अभिकर्ता |
|---|---|---|---|
| पंच | नहीं | नहीं | नहीं |
| सरपंच | नहीं | हर बूथ के लिए एक | ज़्यादा से ज़्यादा दो (q:s7-09 देखिए) |
| पंचायत समिति / ज़िला परिषद सदस्य | एक | हर बूथ में एक | गिनती की टेबलों के हिसाब से |
स्रोत: ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 6–7; ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 18; मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 17; ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 171–172
मशीन वाले बूथ (पंचायत समिति/ज़िला परिषद) में अंदर कौन-कौन आ सकता है?
- मतदाताओं के अलावा सिर्फ़ ये (नियम 24-क): सहायक मतदान अधिकारी; चुनाव ड्यूटी पर पुलिस या लोकसेवक; राज्य निर्वाचन आयोग से अधिकृत व्यक्ति; उम्मीदवार, उसका निर्वाचन अभिकर्ता और हर उम्मीदवार का एक मतदान अभिकर्ता; मतदाता की गोद का बच्चा; और वे लोग जिन्हें मतदान अधिकारी मतदाता की पहचान के लिए बुलाएँ। 25
- "ड्यूटी पर लोकसेवक" में आम पुलिस अफ़सर नहीं आता, जब तक आप उसे क़ानून-व्यवस्था या किसी और काम से न बुलाएँ। केन्द्र और राज्य के मंत्री भी इसमें नहीं आते। 25
- किसी के बूथ में होने पर शक हो, तो उससे अंदर आने का प्राधिकार-पत्र माँगिए। बड़े अफ़सर या मंत्री समेत नेता तभी अंदर आएँ जब उनके पास आयोग का जारी प्राधिकार-पत्र हो। 74
- पहचान में मदद के लिए रखे व्यक्ति को आम तौर पर बूथ के दरवाज़े के बाहर बिठाइए, ज़रूरत हो तभी अंदर बुलाइए। 32
- नेताओं के नाम या फ़ोटो वाला बैज या चिह्न लगाए किसी व्यक्ति को बूथ के अंदर या उसके 100 मीटर तक न आने दें। 32
मतदान अभिकर्ता कब पहुँचे? देर से आए तो क्या करें?
मतदान अभिकर्ता का प्ररूप-9 कैसे जाँचें?
- नियुक्ति प्ररूप-9 में, दो प्रतियों में होती है, उम्मीदवार या उसके निर्वाचन अभिकर्ता के हस्ताक्षर से। फ़ॉर्म में सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और ज़िला परिषद सदस्य की पंक्तियाँ हैं; जो लागू न हो, वह काटी जाती है। 7576
- मतदान के दिन अभिकर्ता दोनों प्रतियाँ मतदान अधिकारी को देगा और आपके सामने फ़ॉर्म की घोषणा पर हस्ताक्षर करेगा, कि वह क़ानून या नियमों में मना की गई कोई बात नहीं करेगा। 7576
- दोनों प्रतियाँ मतदान अधिकारी अपने पास रखेंगे। जब तक यह न हो, अभिकर्ता बूथ पर कोई काम नहीं कर सकता। 75
- RO उम्मीदवारों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर आपको भेजेंगे। प्ररूप-9 पर के हस्ताक्षर उनसे मिलाइए, अभिकर्ता से आपके सामने फिर हस्ताक्षर करवाकर वे भी मिलाइए, फिर उसे काग़ज़ का बैज दीजिए। 77
- बैज लगाकर ही अभिकर्ता ज़रूरत के हिसाब से बूथ में आ-जा सकेगा। 32
- मतदान के बाद मतदान अभिकर्ताओं के नियुक्ति-पत्र (प्ररूप-9, दोनों चुनावों के) लिफ़ाफ़ा PE-57 में रखे जाते हैं; यह लिफ़ाफ़ा सील नहीं होता। 787980
मतदान अभिकर्ता थक जाए, तो उसकी जगह कोई दूसरा (रिलीवर) बैठ सकता है?
उम्मीदवार अपना मतदान अभिकर्ता बदल दे, या अभिकर्ता की मृत्यु हो जाए, तो?
- मतदान शुरू होने से पहले किसी भी समय उम्मीदवार अपने हस्ताक्षर की लिखित घोषणा से नियुक्ति रद्द कर सकता है। 81
- यह घोषणा RO के पास, या कुछ हालात में उस बूथ के मतदान अधिकारी के पास जमा होती है। RO के पास आई घोषणा या मृत्यु की रिपोर्ट की ख़बर RO तुरंत उस बूथ के मतदान अधिकारी को देंगे। 81
- नियुक्ति रद्द हो, या मतदान बंद होने से पहले अभिकर्ता की मृत्यु हो जाए, तो उम्मीदवार या उसका निर्वाचन अभिकर्ता मतदान बंद होने से पहले किसी भी समय नया मतदान अभिकर्ता नियुक्त कर सकता है, उसी तरीक़े से (प्ररूप-9)। 8175
- नए अभिकर्ता का पत्र: नियुक्ति मतदान से कम से कम 7 दिन पहले हो तो RO को; बाक़ी हालात में RO को या उस बूथ के मतदान अधिकारी को। 81
निर्वाचन अभिकर्ता कौन रख सकता है, और कैसे?
- सिर्फ़ पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य का उम्मीदवार। सरपंच और पंच के उम्मीदवार निर्वाचन अभिकर्ता नहीं रख सकते। 275
- नियुक्ति प्ररूप-8 में: नामांकन पत्र देते समय, या चुनाव से पहले किसी भी समय। फ़ॉर्म पर उम्मीदवार और अभिकर्ता हस्ताक्षर करते हैं, और RO "अनुमोदित" लिखकर हस्ताक्षर करते हैं। 7582
- उम्मीदवार अपने हस्ताक्षर की लिखित घोषणा मतदान अधिकारी के पास दाखिल करके नियुक्ति कभी भी रद्द कर सकता है। रद्द होने या अभिकर्ता की मृत्यु पर नया अभिकर्ता नियुक्त हो सकता है। 75
- जो व्यक्ति क़ानून के तहत चुनाव लड़ने या वोट देने के लिए अयोग्य ठहराया गया है, वह अयोग्यता रहने तक निर्वाचन अभिकर्ता नहीं बन सकता। 75
- आचार संहिता: केन्द्र सरकार, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी के किसी कर्मचारी को अपना निर्वाचन, मतदान या गणन अभिकर्ता न बनाएँ। 83
गणन अभिकर्ता कितने हो सकते हैं? दोनों चुनाव
- मशीन (पंचायत समिति/ज़िला परिषद): जितनी टेबलें RO ने गिनती के लिए लगाई हैं उतने, और ऊपर से एक RO की टेबल के लिए और एक रिलीवर। नियुक्ति प्ररूप-10 में, दो प्रतियों में। 7384
- मशीन (पंचायत समिति/ज़िला परिषद): गिनती के दिन गणन अभिकर्ता दूसरी प्रति RO को (या नियम 58 के तहत उनके अधिकृत अफ़सर को) देगा और उनके सामने घोषणा पर हस्ताक्षर करेगा। उसके बाद ही उसे गिनती की जगह काम करने दिया जाएगा। 81
- मतपेटी (सरपंच): मार्गदर्शिकाएँ कहती हैं ज़्यादा से ज़्यादा दो गणन अभिकर्ता। जिस पंचायत में 20 या ज़्यादा वार्ड हैं, वहाँ ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ज़रूरत के हिसाब से 2 से ज़्यादा की अनुमति दे सकते हैं। 214 नियम 70(1) के अंग्रेज़ी पाठ में लिखा है: सरपंच का उम्मीदवार "not more than 2 counting agents" नियुक्त कर सकता है। 85
- पंच: पंच का उम्मीदवार कोई गणन अभिकर्ता नहीं रख सकता। 2
गणन अभिकर्ता बदलना हो, या गिनती पूरी होने से पहले उसकी मृत्यु हो जाए, तो?
- उम्मीदवार गिनती शुरू होने से पहले किसी भी समय, अपने हस्ताक्षर वाली लिखित घोषणा देकर, गणन अभिकर्ता की नियुक्ति रद्द कर सकता है। यह घोषणा RO के पास, या नियम 49 के तहत उनके अधिकृत अफ़सर के पास जमा होती है (नियम 72(1))। 86
- गिनती पूरी होने से पहले गणन अभिकर्ता की मृत्यु हो जाए, तो उम्मीदवार या उसका निर्वाचन अभिकर्ता यह बात तुरंत लिखकर RO को, या उनके अधिकृत अफ़सर को, बताए (नियम 72(2))। 86
- नियुक्ति रद्द हुई हो या अभिकर्ता की मृत्यु हुई हो, दोनों हालात में उम्मीदवार या उसका निर्वाचन अभिकर्ता नियम 70(1) में बताए तरीक़े से नया गणन अभिकर्ता नियुक्त कर सकता है (नियम 72(3))। नए अभिकर्ता पर भी नियम 70(2) और 70(3) वैसे ही लागू हैं (नियम 72(4))। 86
- नियुक्ति का पत्र प्ररूप-10 में, दो प्रतियों में, हस्ताक्षर करके बनता है (नियम 70(1), 70(2))। 85
- अभिकर्ता गिनती के दिन पत्र की दूसरी प्रति RO, या उनके अधिकृत अफ़सर, के सामने पेश करके उसमें छपी घोषणा पर हस्ताक्षर करता है। ऐसा किए बिना वह गिनती की जगह कोई काम नहीं कर सकता (नियम 70(3))। 85
मतदान शुरू करना और निष्पक्ष मतदान
समय पर शुरुआत, अभिकर्ताओं के सामने क्या दिखाना है, लाइन, स्याही की शीशी, और बूथ के आस-पास क्या मना है।
मतदान ठीक समय पर शुरू न हो पाए तो क्या करें?
- दोनों दिन मतदान सुबह 7 बजे शुरू होना है। 534
- शुरुआती काम तय समय तक पूरे हो जाने चाहिए; न हों, तो तय समय पर कुछ मतदाताओं को अंदर बुला लीजिए और सहायक मतदान अधिकारी उनकी पहचान वग़ैरह करते रहें। 8788
- मशीन तैयार करने में थोड़ी देर हो जाए, तब भी मतदाताओं को तय समय पर अंदर बुलाकर वोट से पहले की कार्यवाही शुरू कर दीजिए। 88
- किसी वजह से मतदान देर से शुरू हो, तब भी मतदान ख़त्म होने का समय आगे नहीं बढ़ता। 87
मतदान शुरू करने से पहले अभिकर्ताओं के सामने क्या-क्या दिखाना और पढ़ना है?
- मतदाता सूची की चिन्हित प्रति दिखाइए कि उसमें डाक मतपत्र वाले निशानों के सिवा कोई निशान नहीं है, और प्ररूप 12 का मतदाता रजिस्टर दिखाइए कि उसमें अभी कोई प्रविष्टि नहीं है। 87
- सबको वोट की गोपनीयता बनाए रखने की याद दिलाइए: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 128 पढ़कर सुनाइए। 8789
- परिशिष्ट-7 की घोषणा पढ़िए और उस पर हस्ताक्षर कीजिए; जो अभिकर्ता चाहें, वे भी करें, और जो इनकार करें उनके नाम लिख लीजिए। ज़िला परिषद की घोषणा पर ज़िला परिषद वाले और पंचायत समिति की पर पंचायत समिति वाले अभिकर्ता हस्ताक्षर करें। 89
अमिट स्याही की शीशी कैसे रखें कि गिरे नहीं?
लाइन कैसे लगवाएँ, किसे पहले जाने दें?
- पुरुषों और महिलाओं की अलग-अलग लाइन; एक बार में तीन या चार मतदाताओं को ही बूथ में आने दीजिए। 8790
- दिव्यांग, बुज़ुर्ग और गोद में बच्चा लिए महिलाओं को लाइन में खड़े बाकी लोगों से पहले जाने दीजिए; दिव्यांग को अंदर आने में मदद भी कीजिए। 8790
- पुरुषों और महिलाओं को बारी-बारी से समूहों में अंदर आने दीजिए; व्हील चेयर के लिए पक्का रैंप न हो तो लकड़ी का रैंप लगवाइए। 89
- दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता वाला पोस्टर (प्लेकार्ड) ऐसी जगह लगाइए जहाँ आसानी से दिखे। 8990
मतदान के बीच मशीन या मतपेटी बदलनी पड़े तो?
- नई मशीन से भी मॉक पोल की पूरी प्रक्रिया कीजिए, फिर परिशिष्ट-7 वाली अतिरिक्त घोषणा पढ़िए। 89
- मशीन छीन ली जाए, खो जाए, नष्ट हो जाए या इतनी बिगड़ जाए कि नतीजा पता न चल सके, या ख़राबी की वजह से मतदान हो ही न सके, तो तुरंत RO को बताइए और डायरी में लिखिए; बूथ कैप्चरिंग या प्रक्रिया की ऐसी गलती पर भी, जिससे मतदान दूषित हो सकता है। 91
बूथ के पास प्रचार, बैज और उम्मीदवार की टेबल पर क्या नियम है?
- पंचायतीराज अधिनियम की धारा 22 से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की चुनाव-अपराध वाली धाराएँ पंचायत चुनावों पर भी लागू होती हैं। 92
- बूथ के अंदर और बूथ से 100 मीटर तक प्रचार करना अपराध है; पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है (धारा 130)। 92
- मतदान अभिकर्ता अपने उम्मीदवार के नाम या चुनाव चिन्ह का बैज नहीं लगा सकता; नेताओं के नाम या फ़ोटो वाले बैज लगाए किसी को भी बूथ में या 100 मीटर तक न आने दीजिए। 9232
- उम्मीदवार अपना चुनाव बूथ 100 मीटर के बाहर लगा सकते हैं: एक मेज़, दो कुर्सियाँ और छतरी या तिरपाल। वहाँ से ऐसी पर्ची बाँटी जा सकती है जिस पर न चुनाव चिन्ह हो, न उम्मीदवार का नाम। 9392
- वहाँ भीड़ लगे या मतदाताओं को प्रभावित किया जाए, तो ज़ोनल मजिस्ट्रेट या किसी ज़िम्मेदार अधिकारी को बताइए; लाउडस्पीकर या मेगाफ़ोन की आवाज़ से बूथ की कार्यवाही में बाधा पड़े, तो आप उसे पुलिस से फ़ौरन बंद करवा सकते हैं (धारा 131)। 9392
मोबाइल, हथियार, धूम्रपान: बूथ पर क्या मना है?
- आयोग के निर्देश से बूथ पर मोबाइल, कॉर्डलेस फ़ोन वग़ैरह ले जाना सख़्त मना है; बूथ से 100 मीटर तक का इलाक़ा बूथ का "नेबरहुड" माना गया है। 94
- RO, मतदान अधिकारी, पुलिस और शांति के लिए ड्यूटी पर लगे अधिकारी के सिवा कोई भी मतदान के दिन हथियार लेकर बूथ के आस-पास नहीं जा सकता (धारा 134-ख)। सज़ा: दो साल तक की क़ैद या जुर्माना या दोनों; अपराध संज्ञेय है। 9495
- बूथ में धूम्रपान की इजाज़त नहीं। 32
- हथियार वाली धारा 134-ख मतपेटी मार्गदर्शिका में भी छपी है। 96
- पंचायत चुनावों के लिए आयोग का आदेश (24.12.2009): मतदान के दिन बूथ में और उसके 100 मीटर के घेरे में कोई मोबाइल फ़ोन न ले जाए, न चलाए। कोई ले आए, तो वहाँ तैनात पुलिस अधिकारी फ़ोन अपने पास रख लेगा और घेरे से बाहर जाने पर लौटा देगा। गिनती की जगह पर भी मोबाइल मना है। 97
- ड्यूटी पर लगे पुलिस अधिकारी, मजिस्ट्रेट, मतदान अधिकारी और सहायक मतदान अधिकारी, RO/ARO, ज़िला निर्वाचन अधिकारी और पर्यवेक्षक इस रोक से बाहर हैं, पर मतदान के दौरान बूथ में उनका फ़ोन साइलेंट पर रहे। 97
कोई VIP, पर्यवेक्षक या मीडिया वाला बूथ पर आए तो?
- सब दलों और उम्मीदवारों से एक-सा व्यवहार कीजिए और हर विवाद पर निष्पक्ष फ़ैसला कीजिए। 89
- VIP वोट देने आए, तो उसे बूथ में ख़ास तवज्जो न दीजिए, हाथ भी न मिलाइए। 93
- आयोग के पर्यवेक्षक बूथ का निरीक्षण कर सकते हैं; वे आयोग का बैज और नियुक्ति पत्र रखते हैं। उनसे शिष्टता से पेश आइए और ज़रूरी जानकारी दीजिए। 32
- आयोग या DEO का अधिकार-पत्र वाला मीडियाकर्मी अंदर आए, तो वोट डालते मतदाता की फ़ोटो न ले, और कैमरा/वीडियो/मोबाइल अंदर न लाए; बाहर लाइन की फ़ोटो ले सकता है। 32
- पंचायत चुनावों के लिए आयोग का आदेश (23.01.2026): ज़िला निर्वाचन अधिकारी, ज़िला जनसंपर्क अधिकारी की सिफ़ारिश पर और अपनी संतुष्टि से, अधिस्वीकृत पत्रकारों और दूसरे मीडियाकर्मियों को बूथ और गिनती की जगह के प्रवेश पत्र दे सकते हैं। पर पंचायत मुख्यालय पर होने वाली गिनती की जगह पर प्रवेश पत्र वाले पत्रकार या फ़ोटोग्राफ़र मौजूद नहीं रह सकते। प्रवेश पत्र वाला पत्रकार भी बूथ के अंदर न फ़ोटो ले सकता है, न वीडियो बना सकता है, न मोबाइल ला सकता है। 98
- जो मीडियाकर्मी यह न माने, उसे मतदान अधिकारी बूथ के भवन में आने से रोक सकते हैं या बाहर जाने को कह सकते हैं, भले उसके पास प्रवेश पत्र हो। 98
मतदाता की पहचान, स्याही, प्ररूप-12 रजिस्टर
कौन-सा पहचान-पत्र चलेगा, शक हो तो क्या करें, उम्र पर सवाल, स्याही कहाँ लगेगी, और रजिस्टर व सूची में क्या लिखना है।
मतदाता पहचान के लिए कौन-से कागज़ दिखा सकता है?
- सबसे पहले भारत निर्वाचन आयोग का वोटर कार्ड (EPIC, निर्वाचक फोटो पहचान पत्र)। 99
- वोटर कार्ड न हो, तो इनमें से कोई एक फ़ोटो वाला दस्तावेज़: आधार कार्ड; VB-G RAM G / मनरेगा कार्ड; बैंक या डाकघर की फ़ोटो वाली पासबुक; श्रम मंत्रालय की योजना का स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड / आयुष्मान भारत हैल्थ कार्ड; ड्राइविंग लाइसेंस; पैन कार्ड; भारतीय पासपोर्ट; फ़ोटो वाला पेंशन दस्तावेज़; केन्द्र/राज्य सरकार, लोक उपक्रम या पब्लिक लिमिटेड कंपनी का कर्मचारी फ़ोटो पहचान पत्र; सांसद/विधायक का सरकारी पहचान पत्र; UDID (दिव्यांगता) कार्ड। 100
- पुस्तिकाओं में छपी पुरानी सूची (ईवीएम मार्गदर्शिका का परिशिष्ट-16, मतपेटी मार्गदर्शिका का परिशिष्ट-22) की जगह आयोग का आदेश 5310 मानिए; यह आदेश पुराने आदेश 559 और 603 की जगह आया है। 9910115
फ़ोटोकॉपी चलेगी? नया बना कार्ड या एक्सपायर हुआ कार्ड?
- वोटर कार्ड (EPIC) न दिखा पाएँ, तो 11 दूसरे फ़ोटो वाले दस्तावेज़ों में से कोई एक मूल (original) दस्तावेज़ चलेगा, उसकी फ़ोटोकॉपी नहीं। 99
- यह दूसरा दस्तावेज़ चुनाव की घोषणा से पहले जारी हुआ हो। इस चुनाव की घोषणा आयोग के 03.10.2026 के प्रेस नोट से हुई। 991025
- इस दूसरे दस्तावेज़ पर कोई अवधि (वैधता की तारीख) लिखी हो, तो वह उसी तारीख तक मान्य है। 103
- परिवार का मुखिया अपने वोटर कार्ड या ऊपर वाले दस्तावेज़ के आधार पर परिवार के दूसरे सदस्यों की पहचान कर सकता है, बशर्ते सभी सदस्य उसके साथ आएँ और मुखिया उनकी पहचान पक्की कर सके। 103
पहचान पर शक हो, या कोई किसी और के नाम से वोट डालने आए, तो?
- प्रथम सहायक मतदान अधिकारी पहले ख़ुद तसल्ली करे; शक बचे तो मामला मतदान अधिकारी को दें। मतदान अधिकारी मतदाता से सवाल पूछ सकते हैं। 101104
- पर्दा करने वाली महिलाओं की पहचान महिला सहायक मतदान अधिकारी या महिला कर्मचारी से करवाइए। अभिकर्ता मरे हुए, बाहर गए या फ़र्ज़ी मतदाताओं की सूची दें, तो ऐसे नामों पर दस्तावेज़ ख़ास ध्यान से देखिए। 101
- कोई दूसरे के नाम से वोट डालता पकड़ा जाए, तो उसे लिखित शिकायत के साथ पुलिस को सौंपिए। 101105
- फ़र्ज़ी पहचान-पत्र से या किसी और बनकर वोट डालने की कोशिश पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 172 में कार्रवाई होती है; धारा 174 में सज़ा: एक साल तक की क़ैद या जुर्माना या दोनों। 103106
मतदाता उम्मीदवार की दी हुई पर्ची लाए, या कोई पर्ची न लाए, तो?
सूची में छपाई की ग़लती हो, या कोई कहे "यह इस गाँव का नहीं है", तो?
- फ़ोटो वाली सूची में छपाई की छोटी ग़लती पर ध्यान न दीजिए, जैसे 21 साल की उम्र 12 छप गई हो; बस यह पक्का कीजिए कि विवरण सामने खड़े व्यक्ति का ही है। 104108
- ग़लती लिपिक या छपाई की हो और मतदान अधिकारी संतुष्ट हों, तो वे कारण लिखकर दर्ज करें। 101109
- एक बार पहचान पक्की हो जाए, तो उसकी योग्यता पर एतराज़ नहीं सुना जाता, जैसे "यहाँ का निवासी नहीं" या "18 साल से कम"। अयोग्यता की जाँच बूथ पर नहीं होती (नियम 37)। 109108
मतदाता 18 साल से कम का लगे तो?
- पहचान और सूची में नाम को लेकर आपको तसल्ली हो, तो सिर्फ़ उम्र के शक पर वोट न रोकिए; उससे उम्र की लिखित घोषणा लीजिए। उम्र उस साल की 1 जनवरी से गिनी जाती है जिसके हवाले से मतदाता सूची बनी या संशोधित हुई है। 109108
- घोषणा लेने से पहले उसे बता दीजिए कि झूठी घोषणा पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 18-क में अपराध है। 10990
- घोषणा परिशिष्ट-10 पर; सूची परिशिष्ट-11: भाग-I में घोषणा देने वाले, भाग-II में मना करके बिना वोट डाले लौटने वाले। ये कागज़ PE-57 (विविध कागज़ात) में, बिना सील। 10911078
स्याही किस अंगुली पर, कहाँ तक, और कब लगानी है?
- पहले दिन (ज़िला परिषद + पंचायत समिति) हर मतदाता की बाएँ हाथ की तर्जनी पर। 11111234
- स्याही नाख़ून के आख़िरी सिरे से पहले जोड़ के नीचे तक, ब्रश से; यह आदेश 1408 का तरीका है। 111
- पहचान हो जाने के बाद और रजिस्टर में हस्ताक्षर से पहले लगाइए, ताकि मतदाता के जाने तक सूख जाए; जाने से पहले देख लीजिए कि निशान साफ़ है। अंगुली पर तेल या ग्रीस हो तो पहले कपड़े से पोंछ दीजिए। 113114
- महिला मतदाता की अंगुली न छुइए; वह ख़ुद मेज़ पर अंगुली रखे। 115116
- बाईं तर्जनी न हो, तो बाएँ हाथ की कोई और अंगुली, तर्जनी से क्रम से (नियम 38 क)। बाएँ हाथ में कोई अंगुली न हो, तो दाएँ हाथ की तर्जनी पर; वह भी न हो, तो दाएँ हाथ की कोई और अंगुली, तर्जनी से क्रम से। दोनों हाथों में कोई अंगुली न हो, तभी बाँह के सिरे पर। 115113117
- स्याही लगाना द्वितीय सहायक मतदान अधिकारी के ज़िम्मे है। 113
मतदाता स्याही लगवाने से मना करे, या उसकी अंगुली पर पहले से स्याही हो?
- स्याही लगवाने से मना करे, पहले से निशान हो, या निशान मिटाने की कोशिश करे: उसे वोट नहीं डालने देना है। 113115116 पर पंचायतीराज के किसी पद का चुनाव कुछ ही दिन पहले हो चुका हो, या पुनर्मतदान हो, तो बाईं तर्जनी पर पहले वाला निशान होगा; ऐसे में आयोग के आदेश 2235 के हिसाब से चलिए। 113117
- पुनर्मतदान में पहले वाले मतदान का निशान नहीं देखा जाता; स्याही मध्यमा (बीच वाली) अंगुली पर लगती है। 113118
- ज़िला परिषद और पंचायत समिति का मतदान पहले होता है, इसलिए उनके पुनर्मतदान में बाएँ हाथ की मध्यमा पर। 1183
प्ररूप-12 (मतदाताओं का रजिस्टर) कैसे भरें?
- प्ररूप-12 द्वितीय सहायक मतदान अधिकारी भरते हैं; ज़िला परिषद और पंचायत समिति दोनों के लिए एक ही रजिस्टर। 114119
- स्तम्भ 1: लगातार क्रम संख्या, 1 से शुरू; हर पेज पर 15 क्रम संख्याएँ। 115119
- स्तम्भ 2: चिन्हित प्रति के अनुसार वार्ड नंबर और मतदाता की क्रम संख्या। जैसे पहला मतदाता वार्ड 1 की सूची में क्रम 518 पर, दूसरा वार्ड 3 में क्रम 313 पर हो। 115119
- स्तम्भ 3: मतदाता के हस्ताक्षर या अंगूठा। पढ़ा-लिखा मतदाता अपना नाम लिखे, सिर्फ़ कोई निशान नहीं; अंगूठा भी लगाने से मना करे तो वोट नहीं। अंगूठा बाएँ हाथ का; वह न हो तो दाएँ का। 11912035
- स्तम्भ 4 (अभियुक्ति): पहचान वाले दस्तावेज़ के नंबर के आख़िरी 4 अंक; नंबर 4 अंकों से छोटा हो तो पूरा नंबर। 104115
- मतदाता रजिस्टर के क्रम से ही वोट डालें; क्रम टूटे तो उस मतदाता और जिसकी बारी छूटी, दोनों के आगे टिप्पणी लिखिए। 121
आक्षेपित वोट, निविदत्त वोट, नियम न मानने पर
पहचान पर एतराज़ (आक्षेपित वोट), किसी और के नाम से वोट पड़ जाने पर निविदत्त वोट, ख़राब मतपत्र, और मतदान का तरीका न मानने वाला मतदाता।
आक्षेपित वोट (challenge) क्या है, और एतराज़ कब उठ सकता है?
- मतदान अभिकर्ता को किसी मतदाता की पहचान पर शक हो, तो वह एतराज़ (चुनौती) उठा सकता है। 33
- एतराज़ उसी वक़्त उठ सकता है जब प्रथम सहायक मतदान अधिकारी मतदाता का विवरण पढ़कर सुनाता है; बाद के किसी चरण में नहीं। 3334107
- फ़ैसला मतदान अधिकारी ख़ुद करते हैं; ज़रूरत हो तो मतदाता से सवाल पूछते हैं। 10434107
- पंचायत चुनाव में न कोई चुनौती फ़ीस है, न आक्षेपित वोटों की कोई तय सूची बनती है। 104108
निविदत्त वोट (tendered vote) किसे दिया जाता है?
- जब कोई मतदाता आए और पता चले कि उसके नाम से कोई और पहले ही वोट डाल चुका है। 109123
- पहले उससे पहचान के बारे में सवाल पूछिए; तसल्ली हो, तो वह मशीन या पेटी में वोट नहीं डालता, उसे अलग से निविदत्त मतपत्र मिलता है। 124123
- ऐसे मामले मतदान अधिकारी मतदान अभिकर्ता की मदद से तय करते हैं और ख़ुद निपटाते हैं। 109124
- गिनती के समय निविदत्त मतपत्र के लिफ़ाफ़े खोले नहीं जाते और निविदत्त वोटों की गिनती नहीं होती। 125
मशीन वाले दिन निविदत्त मतपत्र कैसे दें?
- निविदत्त मतपत्र उसी डिज़ाइन का होता है जो बैलेट यूनिट पर लगता है; उसकी पीठ पर "निविदत्त मतपत्र" की मुहर लगाइए (मुहर न हो तो हाथ से लिखिए) और नीचे हस्ताक्षर कीजिए। हर चुनाव (ज़िला परिषद, पंचायत समिति) का अलग। 109126
- बूथ को 20 निविदत्त मतपत्र मिलते हैं; कम पड़ें तो ज़ोनल मजिस्ट्रेट को बताइए। 109
- क्रम: सवाल पूछना, बाईं तर्जनी पर स्याही, प्ररूप-13 (निविदत्त वोटों की सूची) में प्रविष्टि और उस पर मतदाता के हस्ताक्षर या अंगूठा, फिर मतपत्र। 124
- मतदाता तीर-क्रॉस वाली मुहर से उम्मीदवार या नोटा के निशान पर मुहर लगाकर, मोड़कर, मतदान अधिकारी को देता है। चिन्हित प्रति में उसके नाम पर 'टी' लिखिए। 109124105
- लिफ़ाफ़े: इस्तेमाल हुए निविदत्त मतपत्र ज़िला परिषद PE-47, पंचायत समिति PE-46; प्ररूप-13 की सूची ज़िला परिषद PE-49, पंचायत समिति PE-48; बिना इस्तेमाल वाले PE-50 और PE-51। सब सीलबंद। 109124127
- प्ररूप-14 भाग-1 की मद 7 में सभी निविदत्त मतपत्रों का हिसाब लिखिए। 124
मतदाता मतदान का तरीका न माने (जैसे वोट सबको दिखाए), तो?
- मतदान अधिकारी पहले चेतावनी दें; फिर भी न माने तो उसे वोट डालने नहीं देना है (नियम 40 क)। 104124
- उसकी मतदाता पर्ची वापस लेकर रद्द कर दीजिए। 104124
- प्ररूप-12 के स्तम्भ 4 (अभियुक्ति) में टिप्पणी लिखकर पूरे हस्ताक्षर कीजिए; स्तम्भ 1 की क्रम संख्या, उसकी या आगे वालों की, न बदलिए। 124104
- मतदान के अंत में मशीन के कुल वोट = रजिस्टर के स्तम्भ 1 के कुल मतदाता, घटाइए ऐसे रोके गए मतदाता। 128
दृष्टिहीन और शिथिलांग मतदाता
जो मतदाता देख नहीं सकते या शरीर से अशक्त हैं, उनका वोट कैसे डलवाएँ और उसका रिकॉर्ड कैसे रखें।
दृष्टिहीन या शिथिलांग मतदाता वोट कैसे डालेगा?
ऐसे मतदाता का रिकॉर्ड कैसे रखें?
लाइन और बूथ में उन्हें क्या सुविधा देनी है?
- दिव्यांग, दृष्टिबाधित, बुज़ुर्ग और गोद में बच्चा लिए महिला को लाइन में खड़े दूसरों से पहले जाने दीजिए। 10490
- दिव्यांग और दृष्टिबाधित मतदाता को बूथ के अंदर आने में ज़रूरी मदद भी कीजिए। 10490
- व्हील चेयर के लिए पक्का रैंप न हो तो लकड़ी का रैंप लगवाइए। 89
- प्राथमिकता वाला पोस्टर (प्लेकार्ड) ऐसी जगह लगाइए जहाँ दिखे। 8990
जिसके अंगूठे या अंगुलियाँ न हों, वह रजिस्टर में निशान और स्याही कैसे लगवाए?
- रजिस्टर में अंगूठा बाएँ हाथ का; बायाँ अंगूठा न हो तो दायाँ; दोनों अंगूठे न हों तो बाएँ हाथ की तर्जनी से शुरू करके कोई अंगुली, फिर दाएँ हाथ की। 11935
- कोई अंगुली न हो, तो वह ख़ुद वोट दर्ज नहीं कर सकता; मतदान अधिकारी की मदद लेता है। 35
- स्याही: दोनों हाथों में कोई अंगुली न हो, तभी बाँह के सिरे पर लगती है; उससे पहले दाएँ हाथ की अंगुली पर। 117
मतदान अधिकारी मतदान कक्ष के अंदर कब जा सकते हैं?
- नियम 36 ख: जब शक हो कि मतदाता बैलेट यूनिट से छेड़छाड़ कर रहा है, या बहुत देर से कक्ष में रुका है, या बैलेट यूनिट ठीक से काम नहीं कर रही। 129104
- अंदर जाते समय मौजूद मतदान अभिकर्ताओं को साथ ले जाइए। 129104
- मशीन चलाना समझाने के लिए अंदर न जाइए; DEO की दी हुई डमी बैलेट यूनिट से बाहर, अभिकर्ताओं के सामने समझाइए। 129
स्थगन, मतदान रोकना, अनियमितताएँ
बूथ पर हिंसा, आपदा, बूथ पर कब्ज़ा, मशीन छिन जाना या कोई बड़ी गड़बड़ी हो, तो मतदान अधिकारी क्या करें।
मतदान स्थगित कब किया जा सकता है?
- नियम 48 सपठित नियम 58 के तहत: प्राकृतिक आपदा (बाढ़, तेज़ तूफ़ान), बूथ पर बलवा या हिंसा जिससे मतदान असंभव हो जाए, या कोई और पर्याप्त कारण। 130
- बलवा या खुली हिंसा हो, तो पहले पुलिस बल से काबू कीजिए; काबू न हो और मतदान चलाना असंभव हो जाए, तभी स्थगित कीजिए। 130
- हल्की बारिश के छींटे, ज़ोर की हवा या मामूली लड़ाई-झगड़ा मतदान स्थगित करने के लिए काफ़ी कारण नहीं हैं। 91
- यह अधिकार कम से कम, सिर्फ़ तब इस्तेमाल कीजिए जब मतदान करवाना सच में असंभव हो गया हो। 130
स्थगित करने के बाद बूथ पर क्या करें?
- मौजूद सब लोगों के सामने औपचारिक घोषणा कीजिए कि मतदान अब उस तारीख़ को होगा जो राज्य निर्वाचन आयोग बाद में अधिसूचित करेगा। 130
- मतदान अभिकर्ताओं के सामने मशीन की दोनों तरह की यूनिट और सारे चुनाव कागज़ात ऐसे सील करके सुरक्षित रखिए, जैसे मतदान सामान्य रूप से पूरा हुआ हो। 130
- हर स्थगन की पूरी जानकारी तुरंत RO को दीजिए। 13091
स्थगित मतदान दोबारा कब और कैसे शुरू होगा?
- नई तारीख़ और समय राज्य निर्वाचन आयोग तय करता है। 13091
- मतदान वहीं से आगे चलता है जहाँ रुका था; सिर्फ़ वही मतदाता वोट डालेंगे जिन्होंने स्थगन से पहले वोट नहीं डाला था। 130
- RO आपको चिन्हित प्रति वाला मुहरबंद पैकेट, पहले इस्तेमाल हुआ मतदाता रजिस्टर (प्ररूप-12) और नई मशीन (कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट) देंगे। 130
- शुरू करने से पहले वह पैकेट और रजिस्टर मौजूद उम्मीदवारों या अभिकर्ताओं के सामने खोलिए; वही चिन्हित प्रति और वही रजिस्टर काम में लीजिए। 130
- नियम वैसे ही लागू होते हैं जैसे पहले वाले मतदान पर। जहाँ मतदान दल न पहुँचने या किसी और कारण से मतदान शुरू ही नहीं हो सका, वहाँ भी यही तरीका है। 131
- पंच/सरपंच के स्थगित मतदान की तारीख़ और समय: मशीन वाली पुस्तिका के मुताबिक़ ये ज़िला निर्वाचन अधिकारी तय करते हैं। 91
बूथ पर कब्ज़ा (booth capturing) हो रहा हो तो?
- आपकी राय में बूथ पर कब्ज़ा किया जा रहा है, तो कंट्रोल यूनिट तुरंत बंद कीजिए ('Close' बटन) और बैलेट यूनिट कंट्रोल यूनिट से अलग कर दीजिए, ताकि आगे वोट दर्ज न हों। 13191
- एक बार 'Close' दबने के बाद मशीन और वोट नहीं लेती; मतदान उस दिन के लिए, या नई मशीन मिलने तक, रुक जाता है। 131132
- RO को मतदान बंद करने की रिपोर्ट तभी कीजिए जब पक्का हो कि कब्ज़ा हो रहा है; सिर्फ़ आशंका या शक पर नहीं। 131
- मशीन बंद करने के बाद जल्द से जल्द पूरे तथ्यों के साथ RO को रिपोर्ट कीजिए; RO तुरंत राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेंगे। 132
- मशीन और सारे चुनाव कागज़ात वैसे ही सील करके सुरक्षित रखिए जैसे मतदान बंद होने पर रखते हैं। 132
- बूथ पर कब्ज़ा धारा 135 क के तहत अपराध है। 95133134
आयोग किन हालात में मतदान शून्य करके नया मतदान करवा सकता है?
- नियम 48-क और 48-ख के तहत, जब: कोई अनधिकृत व्यक्ति मशीन उठा ले जाए; मशीन दुर्घटना से नष्ट हो जाए, खो जाए, या इतनी बिगड़ जाए या बिगाड़ दी जाए कि नतीजा पता न चल सके; वोट दर्ज करते समय मशीन में तकनीकी ख़राबी आ जाए; प्रक्रिया में ऐसी भूल या अनियमितता हो जिससे मतदान दूषित हो सकता हो; या बूथ पर कब्ज़ा हो जाए (नियम 48-ख)। 131
- ऐसी कोई घटना आपके बूथ पर हो, तो पूरे तथ्यों की रिपोर्ट तुरंत RO को भेजिए, ताकि वे आयोग से निर्देश ले सकें। 131
- नया मतदान उसी तरह होता है जैसे मूल मतदान; बूथ के सभी मतदाता फिर से वोट डाल सकते हैं, और पहले मतदान का स्याही का निशान नहीं देखा जाता। 131
- पुनर्मतदान का आदेश राज्य निर्वाचन आयोग देता है; पंच/सरपंच के लिए मशीन वाली पुस्तिका ज़िला निर्वाचन अधिकारी लिखती है। 135
- नए मतदान में स्याही किस अंगुली पर लगेगी, यह आयोग के आदेश 2235 दिनांक 25.06.2019 में है; पूरी तालिका "एक नज़र में" पेज पर देखिए। 131136
किसी को बूथ से बाहर निकालना पड़े तो?
मशीन या कागज़ात कोई छीन ले जाए, या कोई गड़बड़ हो जाए, तो?
मतदान दल के लिए कौन-से काम अपराध हैं?
- पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 22 से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धाराएँ 125 से 136 पंचायत चुनावों पर लागू होती हैं। 92
- चुनाव ड्यूटी पर लगा अधिकारी या कर्मचारी किसी उम्मीदवार के पक्ष में असर डाले: धारा 129। 92
- मतदान अधिकारी या सहायक मतदान अधिकारी बिना किसी कारण के ऐसा काम करे जिससे सरकारी कार्यवाही भंग हो: धारा 134। 95
- सरकारी कर्मचारी किसी उम्मीदवार का निर्वाचन अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता या गणना अभिकर्ता बने: धारा 134 क। 95
मतदान समाप्ति, प्ररूप-14, सीलबंदी
तय समय पर मतदान बंद करना, मशीन का Close, वोटों का लेखा, मशीन और लिफ़ाफ़ों की सील, और मतपेटी वाले दिन के कागज़।
मतदान कब बंद होता है, और उस समय लाइन में खड़े लोगों का क्या?
- दोनों दिन मतदान शाम 6 बजे तक है; 6 बजे तक मतदान परिसर में पहुँच चुके मतदाता वोट डाल सकते हैं। 534
- बंद होने से कुछ मिनट पहले, बूथ परिसर में इंतज़ार कर रहे सबके सामने घोषणा कीजिए। हर एक को आपके पूरे हस्ताक्षर और क्रम संख्या वाली पर्ची दीजिए; पर्चियाँ लाइन के आख़िरी छोर से, 1 से शुरू करके, आगे की ओर बाँटिए। 138139110
- समय निकल जाए तब भी, पर्ची वाले सब लोग वोट डाल लें तब तक मतदान चलाइए; पुलिस से कहिए कि अब कोई नया व्यक्ति लाइन में न जुड़े। सबके वोट के बाद समाप्ति की औपचारिक घोषणा कीजिए; उसके बाद किसी को वोट नहीं। 138
- मतदान देर से शुरू हुआ हो, तब भी बंद तय समय पर ही होगा। 13987
'Close' बटन कब और कैसे दबाएँ?
- अनुमति पाए आख़िरी मतदाता के वोट के बाद ही; पहले पक्का कर लीजिए कि तय समय पर मौजूद कोई मतदाता रह तो नहीं गया। 'Close' दबने के बाद मशीन कोई वोट नहीं लेती। 138
- 'Close' तभी काम करता है जब कंट्रोल यूनिट का 'Busy' लैंप न जल रहा हो। 138
- आख़िरी वोट के बाद भूल से 'Ballot' दब जाए, या आख़िरी मतदाता 'Ballot' दबने के बाद वोट डालने से मना कर दे, और 'Busy' जलता रहे: बैलेट यूनिट कंट्रोल यूनिट से अलग कीजिए और 'Power' स्विच फिर से चालू कीजिए; 'Busy' बुझ जाएगा और 'Close' काम करेगा। 138
- 'Close' दबाने पर डिस्प्ले मशीन में दर्ज कुल वोट दिखाता है; यह संख्या तुरंत प्ररूप-14 के भाग I में लिखिए, और 'Close' बटन पर कैप वापस लगाइए। 138
'Total' बटन कब दबाते हैं?
- डायरी (परिशिष्ट-8 का बिंदु 16) में लिखने के लिए 10.00, 1.00 और 3.00 बजे, और मतदान बंद करते समय; सिर्फ़ तब जब 'Busy' लैंप न जल रहा हो। 38
- मतदान के अंत में कुल वोट 'Total' बटन दबाकर भी देखे जाते हैं; ज़रूरत हो तो इसे दोबारा दबा सकते हैं। 128
- पुस्तिका दोनों तरीके बताती है: एक जगह 'Close' दबाने के बाद का डिस्प्ले, दूसरी जगह 'Total' बटन। 138128
वोटों का लेखा (प्ररूप-14) कैसे भरें?
- नियम 47 ग के तहत मशीन में दर्ज वोटों का लेखा प्ररूप-14 के भाग 1 में बनाना है। इसे ख़ुद भरिए, पहले कच्चा भर लीजिए। 128104
- मशीन के कुल वोट = प्ररूप-12 रजिस्टर के स्तम्भ 1 के कुल मतदाता, घटाइए वे मतदाता जिन्हें (अभियुक्ति स्तम्भ के अनुसार) गोपनीयता तोड़ने पर वोट नहीं डालने दिया गया। 128
- मद 7 में निविदत्त मतपत्रों का हिसाब; मद 9 में पिंक पेपर सील का हिसाब, उसका अलग लेखा नहीं बनता। 12478
- ज़िला परिषद और पंचायत समिति का प्ररूप-14 अलग-अलग बनता है: ज़िला परिषद वाला PE-54 में, पंचायत समिति वाला PE-53 में; दोनों की एक-एक अतिरिक्त प्रति डायरी वाले लिफ़ाफ़े PE-52 में। 12812778
- भरा हुआ नमूना: पुस्तिका उसे "परिशिष्ट-8" बताती है, पर नमूना असल में परिशिष्ट-9 है (परिशिष्ट-8 डायरी है)। 128124140139
- मतदान ख़त्म होते समय मौजूद कोई भी मतदान अभिकर्ता माँगे, तो प्ररूप-14 की प्रमाणित प्रति उसे दीजिए। 128
मशीन सील कैसे करें?
- प्ररूप-14 भरने के बाद: कंट्रोल यूनिट का पावर स्विच बंद कीजिए और बैलेट यूनिट व कंट्रोल यूनिट को अलग कीजिए। 128
- बैलेट यूनिट पर लगा एड्रेस टैग सील कीजिए; मौजूद उम्मीदवार या अभिकर्ता चाहें तो उस पर हस्ताक्षर करें। टैग पर ब्योरा साफ़ लिखिए। 128
- दोनों यूनिट अपने-अपने कैरिंग बक्सों में रखिए; बक्से के दोनों तरफ़ के दो छेदों में धागा डालकर सील कीजिए, और चुनाव की जानकारी व मतदान अधिकारी की मुहर-हस्ताक्षर वाला एड्रेस टैग लगाइए। 128
- मशीन सबके सामने सील कीजिए। 110
मशीन वाले दिन कौन-से लिफ़ाफ़े सील होंगे, कौन-से नहीं?
- चपड़ी से सीलबंद, हर एक अलग: PE-42 चिन्हित प्रति; PE-43 मतदाता रजिस्टर; इस्तेमाल हुई पर्चियाँ (पंचायत समिति PE-44, ज़िला परिषद PE-45); इस्तेमाल हुए निविदत्त मतपत्र (पंचायत समिति PE-46, ज़िला परिषद PE-47); निविदत्त वोटों की सूची (पंचायत समिति PE-48, ज़िला परिषद PE-49); बिना इस्तेमाल वाले निविदत्त मतपत्र PE-50 और PE-51। 12778109124121
- बिना सील: PE-52 डायरी (दोनों प्ररूप-14 की अतिरिक्त प्रति के साथ); PE-53 और PE-54 प्ररूप-14; PE-55 और PE-56 घोषणाएँ; PE-57 विविध कागज़ात; P-2 सांख्यिकी। 12778
- चपड़ी सिर्फ़ उन्हीं लिफ़ाफ़ों पर लगाइए जिन पर लगनी है, बाक़ी पर नहीं; हर लिफ़ाफ़े पर पूरा ब्योरा लिखिए। 14178
- कोई सूचना शून्य हो, तब भी हर लिफ़ाफ़ा बनाइए और उसका प्ररूप भरकर रखिए; ख़ाली प्ररूप पर 'शून्य' लिखिए। 141110
विविध कागज़ात वाले लिफ़ाफ़े (PE-57) में क्या जाता है?
- बिना इस्तेमाल हुई मतदाता पर्चियाँ; बिना इस्तेमाल हुए एड्रेस टैग और स्पेशल टैग; मतदान अभिकर्ताओं के नियुक्ति पत्र (प्ररूप-9); नामावली की बाक़ी प्रतियाँ (चिन्हित प्रति छोड़कर); उम्र की घोषणाएँ और उनकी सूची; बिना इस्तेमाल हुई या ख़राब पेपर सील और स्ट्रिप सील; और बाक़ी कागज़। 7879141
- दोनों चुनावों का एक ही PE-57 बनता है, और यह सील नहीं होता। 7879
मशीन वाले दिन समाप्ति की घोषणा और डायरी का क्या?
- मतदान बंद होने पर परिशिष्ट-7 के भाग-3 वाली घोषणा कीजिए; मौजूद अभिकर्ता हस्ताक्षर करें, और जो मना करें उनके नाम लिख दीजिए। 127
- घोषणाएँ ज़िला परिषद वाली PE-56 में, पंचायत समिति वाली PE-55 में, बिना सील। 127
- मतदान अधिकारी की डायरी (परिशिष्ट-8) दोनों चुनावों की एक ही होती है; लिफ़ाफ़ा PE-52, बिना सील। 13978
सामग्री जमा कराना
मतदान के बाद सीधे संग्रहण स्थल, अलग-अलग काउंटर, हर जगह रसीद, और मतपेटी वाले दिन RO को सौंपना।
मतदान के बाद सामग्री कहाँ और कैसे जमा करानी है?
- मतदान ख़त्म होते ही जल्द से जल्द कागज़ों के पैकेट बंद कीजिए। 141
- बूथ पर समय बिताए बिना सीधे उस संग्रहण स्थल पर पहुँचिए जो ज़िला निर्वाचन अधिकारी/निर्वाचन अधिकारी बताएँ; रास्ते में न कहीं और जाइए, न बेवजह रुकिए। 79141
- आम तौर पर तीन काउंटर होते हैं; ज़िला निर्वाचन अधिकारी/निर्वाचन अधिकारी इसमें बदलाव कर सकते हैं। 79
- हर काउंटर पर सामान अच्छी तरह सँभलवाइए और संबंधित अधिकारी से रसीद लेकर ही काउंटर छोड़िए; इसमें कोई लापरवाही माफ़ नहीं है। 141
काउंटर 1 पर क्या जमा होता है?
काउंटर 2 पर क्या जमा होता है?
- सीलबंद लिफ़ाफ़े PE-42 से PE-51: चिन्हित प्रति, मतदाता रजिस्टर (प्ररूप-12), इस्तेमाल हुई पर्चियाँ, इस्तेमाल हुए निविदत्त मतपत्र, निविदत्त वोटों की सूची, और बिना इस्तेमाल वाले निविदत्त मतपत्र। 79
- ये सब लिफ़ाफ़े अलग-अलग सील होते हैं, फिर इन सबका एक अलग पैकेट बनता है। 79
- विविध कागज़ात वाला PE-57 भी यहीं जमा होता है, बिना सील। 79
काउंटर 3 पर क्या जमा होता है?
- बाक़ी चुनाव सामग्री: मतदान अधिकारी की पीतल की सील, पुस्तिकाएँ और क़ानूनी किताबें, ईवीएम की पुस्तिका, स्टाम्प पैड, अमिट स्याही और उसकी शीशी, तीर-क्रॉस वाली मुहर, धातु का रूलर। 141
- कपड़े के पर्दे या कार्डबोर्ड कम्पार्टमेंट, सुभेदक चिन्ह की सीलें, रबर सीलें, बिना इस्तेमाल वाली बैलेट/कंट्रोल यूनिट, कैनवास बैग, डमी बैलेट यूनिट और बाक़ी सामान। 141
नामांकन: कब, कहाँ, किसके पास
पंच-सरपंच और पंचायत समिति-ज़िला परिषद सदस्य के नामांकन: तारीख, समय, जगह, रिटर्निंग अधिकारी कौन, और नामांकन देते समय क्या होता है।
पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य के नामांकन कहाँ और किस समय?
- नामांकन पत्र रिटर्निंग अधिकारी या सहायक रिटर्निंग अधिकारी को दिए जाते हैं; किन तारीख़ों पर और किन घंटों में, यह ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की अधिसूचना तय करती है। 142
- पंचायत समिति सदस्य के चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी का मुख्यालय पंचायत समिति स्तर पर होता है, और ज़िला परिषद सदस्य के चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी का ज़िला स्तर पर। 11
- पंचायत समिति सदस्य के नामांकन सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक। 19
- बालोतरा में ज़िला परिषद सदस्य के नामांकन तीसरे चरण की समय-सारणी से, सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक। 143
नामांकन, संवीक्षा और नाम वापसी की तारीखें कौन तय करता है?
- नियम 58(1) में ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत), आयोग के तय कार्यक्रम के हिसाब से, अधिसूचना से नामांकन की तारीखें और समय तय करते हैं। संवीक्षा नामांकन की आख़िरी तारीख के अगले दिन होती है, और नाम वापसी का दिन भी इसी अधिसूचना में तय होता है। 142
- पंचायत समिति और ज़िला परिषद का मतदान, नाम वापसी की तारीख के 7 दिन बाद से पहले नहीं हो सकता। 142
- 2026 में पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य के नामांकन की समय-सारणी (लोक सूचना, नामांकन की आख़िरी तारीख और समय, संवीक्षा, नाम वापसी, और उसके तुरंत बाद चिह्न और उम्मीदवारों की सूची) आयोग के आदेश 9836 के परिशिष्ट-A में है। मतदान और गिनती की समय-सारणी अलग है; पहले तीन चरणों के लिए उसे आदेश 10090 (06.10.2026) ने संशोधित किया। 2134
पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य के नामांकन की 2026 की तारीखें क्या हैं?
| पंचायत समिति का चरण | सूचना | नामांकन की आख़िरी तारीख (दोपहर 3 बजे तक) | संवीक्षा (सुबह 11 बजे से) | नाम वापसी (दोपहर 3 बजे तक) |
|---|---|---|---|---|
| पहला | 08.10.2026 | 13.10.2026 | 14.10.2026 | 15.10.2026 |
| दूसरा | 13.10.2026 | 16.10.2026 | 17.10.2026 | 19.10.2026 |
| तीसरा | 19.10.2026 | 23.10.2026 | 24.10.2026 | 26.10.2026 |
| चौथा | 31.10.2026 | 04.11.2026 | 05.11.2026 | 06.11.2026 |
स्रोत: आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 7–8
- चारों चरणों में नामांकन सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक लिए जाते हैं। 144
- बालोतरा की सिणधरी, गिडा, कल्याणपुर, गुडामालानी, धोरीमन्ना और समदड़ी पंचायत समितियाँ तीसरे चरण में हैं; बालोतरा, पादरू, पायला कलां, पाटोदी और सिवाना चौथे चरण में। 17
- बालोतरा ज़िला परिषद सदस्य: सूचना 19.10.2026, नामांकन 23.10.2026 दोपहर 3 बजे तक, संवीक्षा 24.10.2026 सुबह 11 बजे से, नाम वापसी 26.10.2026 दोपहर 3 बजे तक। 143
क्या उम्मीदवार को नामांकन खुद आकर देना होगा?
नामांकन लेने वाले रिटर्निंग अधिकारी कौन होते हैं?
- पंचायत समिति: हर पंचायत समिति के सदस्यों के चुनाव के लिए ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त करते हैं, और मदद के लिए सहायक रिटर्निंग अधिकारी भी लगा सकते हैं। 146
- ज़िला परिषद: रिटर्निंग अधिकारी और उनकी मदद के लिए सहायक रिटर्निंग अधिकारी राज्य निर्वाचन आयोग नियुक्त करता है। 146
- पंचायत समिति और ज़िला परिषद के रिटर्निंग अधिकारी और सहायक रिटर्निंग अधिकारी का काम नियम 58(2) से 58(4) में है: उनका काम वही है जो पंच-सरपंच के चुनाव में नियम 24 रिटर्निंग अधिकारी को देता है। 142
पंचायत समिति या ज़िला परिषद का नामांकन मिलने पर रिटर्निंग अधिकारी क्या लिखते हैं?
- प्ररूप 4-क का भाग-IV रिटर्निंग अधिकारी खुद भरते हैं: नामांकन पत्र का क्रम संख्यांक, और किस तारीख को कितने बजे उम्मीदवार ने यह उन्हें दिया। 147148
- नियम 58 पंच-सरपंच वाले नियम 26 को यहाँ भी लागू करता है: रिटर्निंग अधिकारी उम्मीदवार को संवीक्षा का दिन, समय और जगह बताते हैं, और नामांकन पत्र पर अपने हाथ से क्रम संख्यांक, देने वाले का नाम और मिलने की तारीख-समय लिखते हैं। 142149
नामांकन के काग़ज़: फ़ॉर्म, शपथ पत्र और दस्तावेज़
कौन-सा फ़ॉर्म, उसमें क्या भरना है, शपथ पत्र, शौचालय की घोषणा, बकाया, और कौन-से काग़ज़ नहीं चाहिए।
कौन-सा नामांकन फ़ॉर्म भरना है, और साथ में क्या-क्या लगेगा?
- नामांकन पत्र प्ररूप 4-क। 150
- चारों पदों के लिए प्ररूप 4घ, पूरा भरा हुआ। 151150
- शपथ पत्र: सरपंच के लिए उपाबन्ध-I B, पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य के लिए उपाबन्ध-I A। पंच के लिए यह शपथ पत्र नहीं। 151150152
- घर में स्वच्छ शौचालय होने की घोषणा, सबके लिए; इसे प्रमाणित नहीं करवाना। 153154
- जमानत की रसीद (सरपंच, पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य), यह ज़रूरी है; और सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म, यह न दिया तो भी नामांकन खारिज नहीं होगा, फिर भी जहाँ तक हो सके भरवाइए। 153154155
पंचायत समिति और ज़िला परिषद के नामांकन पत्र (प्ररूप 4-क) में क्या होता है?
- भाग-I मान्यता प्राप्त दल के उम्मीदवार के लिए है, भाग-II बाकी उम्मीदवारों के लिए; जो लागू न हो, उसे काट दिया जाता है। दोनों भाग प्रस्तावक भरते और हस्ताक्षर करते हैं। 147156
- भाग-III में उम्मीदवार अपनी सहमति देकर लिखता है: कितने साल की उम्र पूरी की; किस दल ने खड़ा किया, या पसंद के कौन-से चिह्न (दो खाने); अपना और पिता या पति का नाम हिन्दी में देवनागरी में सही लिखा है, और मतपत्र पर ऐसे ही लिखा जाए; वह योग्य है, अयोग्य नहीं; और किसी दूसरे निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन भरा है या नहीं। 148
- अनुसूचित जाति, जनजाति या पिछड़े वर्ग का उम्मीदवार यह भी लिखता है, और जाति प्रमाण पत्र की अधिप्रमाणित (authenticated) प्रति साथ लगाता है। 148
- भाग-IV रिटर्निंग अधिकारी भरते हैं। प्ररूप 4-क के साथ प्ररूप 4घ भी देना है। 148157
फ़ॉर्म कहाँ मिलेंगे; फ़ोटोकॉपी, टाइप किया या हाथ से लिखा चलेगा?
- पहले वही प्ररूप काम में लें, जो आयोग ने रिटर्निंग अधिकारी, उपखण्ड अधिकारी या ज़िला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध करवाए हैं। 155158
- वे न मिलें, तो उनकी फ़ोटोकॉपी। टाइप किया प्ररूप भी चलेगा, अगर उसमें सारी प्रविष्टियाँ ज्यों की त्यों हों। 155158
- सादे काग़ज़ पर हाथ से उतारकर बनाया हुआ नामांकन पत्र, और इसी तरह बने साथ वाले प्ररूप, स्वीकार नहीं होंगे। मार्गदर्शिका में हाथ से या कार्बन से फ़ॉर्म की नकल बनाने की छूट लिखी है; वह अब लागू नहीं। छपे, फ़ोटोकॉपी या टाइप किए फ़ॉर्म में उम्मीदवार की जानकारी हाथ से भरी हो या कंप्यूटर पर टाइप करके छापी गई हो, दोनों चलेगा। 155158159
आपराधिक मामलों और सम्पत्ति वाले फ़ॉर्म (घ वाला प्ररूप) में क्या-क्या भरना है?
| बिन्दु | किस बारे में | ज़रूरी? |
|---|---|---|
| 1 | विचाराधीन आपराधिक मामले | हाँ |
| 2 | आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि | हाँ |
| 3 | संतान संबंधी योग्यता | नहीं, यह प्रावधान हट गया |
| 4 | सम्पत्ति | हाँ; सिर्फ़ मतदाताओं की जानकारी के लिए |
स्रोत: आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 1; आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 1
शपथ पत्र किस काग़ज़ पर और किसके सामने बनेगा?
शपथ पत्र (उपाबन्ध-I B और I A) में कौन-सी जानकारी देनी है?
किसी फ़ॉर्म का कोई कॉलम खाली रह जाए तो?
- कोई कॉलम खाली नहीं छोड़ना; छूट सिर्फ़ संतान संबंधी योग्यता वाले कॉलम को है। 155158
- कॉलम खाली मिला, तो रिटर्निंग अधिकारी उम्मीदवार को मीमो देंगे। 155158
- पहले वाले शपथ पत्र में ही सुधार करना विधिपूर्ण नहीं; अलग से नया शपथ पत्र देना होगा। 155158
- मीमो के बाद भी कॉलम नहीं भरा, या जहाँ अलग शपथ पत्र देना ज़रूरी है वहाँ नहीं दिया, तो नामांकन अस्वीकार करने योग्य होगा। 155158
शौचालय वाली घोषणा क्या है, और न दी तो?
- हर उम्मीदवार आयोग के तय प्रारूप में घोषणा देता है कि घर में चालू स्वच्छ शौचालय है। यह नामांकन पत्र के साथ जाती है; इसे प्रमाणित नहीं करवाना। 153154159
- घर में ऐसा शौचालय न हो और परिवार का कोई सदस्य खुले में शौच जाए, तो व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता। 160
- स्वच्छ शौचालय यानी पानी की सील वाला (water sealed) शौचालय, जो तीन दीवारों, दरवाज़े और छत से घिरा हो। परिवार के सदस्य यानी उस व्यक्ति के पति या पत्नी, बच्चे, और उसके साथ रहने वाले उसके माता-पिता। 161
पंचायत का कोई बकाया हो, तो 'नो ड्यूज़' प्रमाण पत्र चाहिए?
- पंचायती राज संस्था का कोई टैक्स या फ़ीस माँग के नोटिस के 2 महीने बाद भी बाकी है, तो उम्मीदवार अयोग्य है। नामांकन देने से पहले चुका दे और रसीद या नो ड्यूज़ दिखा दे, तो अयोग्य नहीं। 153154
- पहले सरपंच, उप सरपंच, प्रधान, उप प्रधान, प्रमुख या उप प्रमुख रहे व्यक्ति का बकाया: नोटिस के 2 महीने बाद भी न चुकाया हो, और नाम अधिसूचना से कम से कम 2 महीने पहले जारी डिफ़ॉल्टर सूची में हो, तो अयोग्य। नामांकन से पहले चुका दे और रसीद दिखा दे, तो अयोग्य नहीं। 153154162
- ऐसा कोई बकाया ही नहीं, तो किसी तरह का नो ड्यूज़ प्रमाण पत्र नहीं चाहिए। 153154
- पुराने पंच या सरपंच का टेलीफ़ोन या चाय-पानी का बकाया टैक्स या फ़ीस नहीं है; इससे रोक नहीं लगती। 163
प्रस्तावक
पंच-सरपंच में प्रस्तावक नहीं; पंचायत समिति और ज़िला परिषद में कितने, कौन बन सकता है, और नामांकन पत्र में उनका हिस्सा।
क्या प्रस्तावक चाहिए?
- हाँ। पंचायत समिति और ज़िला परिषद के चुनाव वाले नियम 58 के मुताबिक़: मान्यता प्राप्त दल के उम्मीदवार के लिए एक प्रस्तावक, और बाक़ी उम्मीदवारों के लिए पाँच प्रस्तावक, सब उसी निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता। दल का उम्मीदवार माने जाने के लिए उसे दल की राज्य इकाई के अध्यक्ष या प्रमुख के, या उनके अधिकृत व्यक्ति के, दस्तख़त वाला पत्र नामांकन की आख़िरी तारीख को दोपहर 3 बजे तक पेश करना होगा। एक मतदाता एक से ज़्यादा उम्मीदवार का प्रस्तावक नहीं बन सकता; ऐसा हो, तो रिटर्निंग अधिकारी को सबसे पहले मिले नामांकन के अलावा बाक़ी सब अवैध होंगे। 142157
पंचायत समिति या ज़िला परिषद में प्रस्तावक कौन बन सकता है, और वह फ़ॉर्म में क्या भरता है?
- प्रस्तावक उसी निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता हो, जिससे उम्मीदवार लड़ रहा है: दल के उम्मीदवार का एक प्रस्तावक भी, और बाकी उम्मीदवारों के पाँचों प्रस्तावक भी। 157
- दल का उम्मीदवार: प्ररूप 4-क का भाग-I प्रस्तावक भरता है: अपना नाम, और उस निर्वाचन क्षेत्र में आने वाली पंचायत की वार्ड मतदाता सूची में अपना क्रम संख्यांक, फिर हस्ताक्षर। 147
- बाकी उम्मीदवार: भाग-II की तालिका में पाँचों प्रस्तावक अपना वार्ड नंबर और मतदाता सूची का क्रम संख्यांक, पंचायत, निर्वाचन क्षेत्र संख्या, पूरा नाम, हस्ताक्षर और तारीख भरते हैं। फ़ॉर्म पर ही लिखा है कि प्रस्तावक उस निर्वाचन क्षेत्र के पाँच मतदाता हों। 156
- भाग-I और भाग-II में से जो लागू न हो, उसे काट दिया जाता है। 147
एक मतदाता दो उम्मीदवारों का प्रस्तावक बन जाए तो?
- एक मतदाता एक से ज़्यादा उम्मीदवार का प्रस्तावक नहीं बन सकता। 157
- उसने एक से ज़्यादा उम्मीदवारों के नामांकन पर प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर कर दिए, तो रिटर्निंग अधिकारी को जो नामांकन सबसे पहले मिला, वही बचेगा; बाकी सब अवैध घोषित होंगे। 157
- कौन-सा नामांकन पहले मिला, यह भाग-IV से दिखता है: रिटर्निंग अधिकारी उसमें हर नामांकन पत्र का क्रम संख्यांक और मिलने की तारीख और समय लिखते हैं। 148
क्या प्रस्तावक उम्मीदवार की जगह नामांकन पत्र जमा कर सकता है?
जमानत राशि
किसे जमानत देनी है, कितनी, न दी तो क्या होगा, और कब लौटती या ज़ब्त होती है।
जमानत राशि कितनी है, और किसे देनी है?
- सरपंच (नियम 56(3)) और पंचायत समिति/ज़िला परिषद सदस्य (नियम 58): ₹500; महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए ₹250। राशि रसीद से जमा होगी, रसीद नामांकन के साथ लगेगी। 164153154165142
- अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग का उम्मीदवार ₹250 दे, तो जाति प्रमाण पत्र भी लगेगा, चाहे सीट आरक्षित न हो। 152154
- एक से ज़्यादा नामांकन पत्र भरें, तो जमानत एक ही बार जमा करनी है। 152165142
जमानत जमा न की, तो?
- जमानत जमा न हो, तो उम्मीदवार को सही तरीके से नामांकित नहीं माना जाता। 142
जमानत कब लौटती है, और कब ज़ब्त होती है?
- जो उम्मीदवार नहीं जीता और जिसे कुल वैध मतों का कम से कम छठा हिस्सा (1/6) भी नहीं मिला, उसकी जमानत ज़ब्त होती है। 164165166
- जिसे 1/6 या उससे ज़्यादा वोट मिले, उसे जमानत वापस मिलती है। 166
- जीतने वाले को जमानत हमेशा वापस मिलती है, चाहे उसे 1/6 से कम वोट मिले हों। 164
- जिसने अपना नामांकन वापस ले लिया, उसे भी नतीजे के बाद आवेदन करने पर जमानत वापस मिलती है। 166
जमानत वापस कैसे मिलेगी?
योग्यता और अयोग्यता
कौन चुनाव लड़ सकता है: मतदाता होना, उम्र, एक से ज़्यादा सीट, सरकारी कर्मचारी, लाभ का पद, आपराधिक मामले, और कानून की बाकी रोकें।
कौन चुनाव लड़ सकता है? क्या उसी वार्ड का वोटर होना ज़रूरी है?
- वह व्यक्ति, जिसका नाम उस पंचायती राज संस्था की मतदाता सूची में है। 168
- आरक्षित सीट पर उसी वर्ग का व्यक्ति; अन्य पिछड़े वर्ग की सीट पर विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC) वाले भी पात्र; महिला की सीट से पुरुष नहीं। अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग का व्यक्ति सामान्य सीट से लड़ सकता है। 159169
- पढ़ाई की कोई शर्त नहीं (पंचायती राज विभाग की 22.02.2019 की अधिसूचना)। 170
उम्र कितनी होनी चाहिए, और किस दिन की गिनें?
- कम से कम 21 साल। 170171
- मतदाता सूची में लिखी उम्र सिर्फ़ अंदाज़न होती है; नामांकन के लिए उसे पक्का नहीं माना जाता। जैसे, सूची में 21 साल लिखा हो पर स्कूल के प्रमाण पत्र से संवीक्षा की तारीख को उम्र 20 साल 10 महीने निकले, तो वह योग्य नहीं, और यह बात साफ़ हो जाए तो नामांकन खारिज होगा। 170
- नामांकन पत्र (प्ररूप 4-क) की घोषणा में उम्मीदवार लिखता है कि उसने कितने साल की उम्र पूरी कर ली है। 148
एक आदमी दो सीटों से नामांकन भर दे तो?
- धारा 19ख: पंच के चुनाव में दो वार्डों से नहीं; पंच और सरपंच दोनों का नहीं; पंचायत समिति के दो निर्वाचन क्षेत्रों से नहीं; ज़िला परिषद के दो निर्वाचन क्षेत्रों से नहीं। 170172
- ऐसा नामांकन संवीक्षा में खारिज नहीं होगा। पर नाम वापसी के समय तक एक सीट छोड़कर बाकी सब से नाम वापस नहीं लिया, तो सभी सीटों से उम्मीदवारी वापस मानी जाएगी। 170173
- धारा 20: अलग-अलग पंचायती राज संस्थाओं में चुनाव लड़ने पर रोक नहीं, एक साथ सदस्य रहने पर रोक है। 170172
संविदा कार्मिक, आशा सहयोगिनी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या राशन डीलर चुनाव लड़ सकते हैं?
- यह इस पर टिका है कि उनका पद 'लाभ का पद' है या नहीं। आयोग ने 09.10.2026 के आदेश 10297 में सात पदों पर मार्गदर्शन दिया है। 174
- लाभ का पद माना जाए: राजस्थान संविदा नियम, 2022 के तहत नियुक्त संविदा कार्मिक। 174
- लाभ का पद नहीं माना: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका (बॉम्बे उच्च न्यायालय का फ़ैसला), और राशन डीलर (राजस्थान उच्च न्यायालय का फ़ैसला: नियमों के दायरे में रहते हुए राशन डीलर चुनाव लड़ सकता है)। आंगनवाड़ी वालों को नामांकन की तारीख से परिणाम तक अवैतनिक अवकाश लेना होगा, और जीतने पर शपथ से पहले त्याग पत्र देना होगा; यह महिला एवं बाल विकास विभाग के 12.01.2023 के परिपत्र में लिखा है। 175
- रिटर्निंग अधिकारी जाँचकर तय करेंगे: आशा सहयोगिनी, साथिन और विद्या संबल वाले (विद्या संबल वालों में संशय हो, तो चुनाव से पहले त्याग पत्र लेना उचित बताया है); प्रशासक के लिए आयोग के पहले वाले निर्देश चलेंगे। 176
- संवीक्षा में रिटर्निंग अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के पाँच प्रमुख परीक्षणों के आधार पर फ़ैसला करें, यही उचित बताया है: क्या नियुक्ति सरकार ने की है; क्या सरकार को उसे हटाने का अधिकार है; क्या पद के साथ कोई वेतन, मानदेय या दूसरा आर्थिक लाभ जुड़ा है; काम किस तरह का है; और सरकार उस पद पर कितना नियंत्रण रखती है। 177
- उसी आदेश में जया बच्चन वाले फ़ैसले की बात भी है: असल में कोई आर्थिक लाभ मिला या नहीं, यह निर्णायक नहीं; देखना यह है कि पद से आर्थिक लाभ या मानदेय मिल सकता है या नहीं। संशय हो, तो रिटर्निंग अधिकारी उस पद का नियुक्ति पत्र, सेवा की शर्तें, वेतन या मानदेय, और सरकारी नियंत्रण देखेंगे। 177
कानून में किन वजहों से कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता?
| # | रोक |
|---|---|
| 1 | राज्य विधान सभा के चुनाव के लिए किसी कानून में अयोग्य हो; पर सिर्फ़ 25 साल से कम उम्र होना रोक नहीं, अगर 21 साल पूरे हैं |
| 2 | चुनाव याचिका पर अदालत ने भ्रष्ट आचरण का दोषी पाया हो |
| 3 | स्थानीय प्राधिकारी या विश्वविद्यालय में, या राज्य सरकार के नियंत्रण वाले या उसके पूरे या कुछ पैसे से चलने वाले निगम, निकाय, उपक्रम या सहकारी समिति में पूरे समय या पार्ट-टाइम वेतन वाली नियुक्ति हो |
| 4 | राज्य सरकार की नौकरी से नैतिक अधमता वाले कदाचार पर बर्खास्त हुआ हो और सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य घोषित हो |
| 5 | किसी पंचायती राज संस्था में वेतन वाला पद या लाभ का पद रखता हो |
| 6 | उस पंचायती राज संस्था के किसी ठेके में हिस्सा या हित हो |
| 7 | शरीर या मन का ऐसा दोष या रोग हो, जिससे वह काम न कर सके |
| 8 | किसी अपराध में दोषी ठहरकर 6 महीने या ज़्यादा की सज़ा हुई हो, और फ़ैसला पलटा न गया हो, सज़ा माफ़ या क्षमा न हुई हो |
| 9 | 5 साल या ज़्यादा सज़ा वाले अपराध के मुकदमे में अदालत ने संज्ञान लेकर आरोप तय कर दिए हों |
| 10 | धारा 38 में अयोग्य ठहराया गया हो |
| 11 | उस पंचायती राज संस्था का टैक्स या फ़ीस, माँग के नोटिस के 2 महीने बाद भी न चुकाया हो |
| 12 | उस पंचायती राज संस्था के लिए या उसके ख़िलाफ़ वकील के रूप में काम कर रहा हो |
| 13 | राजस्थान मृत्यु भोज निवारण अधिनियम, 1960 में दोषी ठहराया गया हो |
| 14 | पहले सरपंच, उप सरपंच, प्रधान, उप प्रधान, प्रमुख या उप प्रमुख रहा हो, उसका बकाया नोटिस के 2 महीने बाद भी न चुकाया हो, और नाम अधिसूचना से कम से कम 2 महीने पहले कलक्टर (पंचायत) को दी गई डिफ़ॉल्टर सूची में हो |
| 15 | आरक्षित सीट पर उस वर्ग का न हो, या महिला सीट पर महिला न हो |
| 16 | घर में चालू स्वच्छ शौचालय न हो और परिवार का कोई सदस्य खुले में शौच जाए |
स्रोत: पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 60; पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 61; मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 31
- ऊपर की तालिका में क्रम 8, 13 और 4 वाली रोक दोषसिद्धि या बर्खास्तगी से 6 साल बाद हट जाती है। क्रम 2 वाली रोक उस आदेश की तारीख से 6 साल तक रहती है। 161
- क्रम 11 वाला टैक्स या फ़ीस, और क्रम 14 वाला बकाया, नामांकन पत्र भरने से पहले चुका दिया हो, तो यह रोक नहीं। 161
- किसी निगमित कम्पनी, या राजस्थान में लागू क़ानून के तहत रजिस्टर्ड सहकारी समिति का शेयरधारक या सदस्य होने भर से, उस कम्पनी या समिति और पंचायती राज संस्था के बीच हुए ठेके में उसका हित नहीं माना जाता। 161
- ये योग्यताएँ और रोकें सरपंच पर भी लागू हैं। 162
- उम्मीदवार नामांकन पत्र में घोषणा करता है कि वह इन रोकों में नहीं आता। 178148
उम्मीदवार पर FIR या आपराधिक मुकदमा हो, तो क्या वह लड़ सकता है?
- रोक के लिए दोनों बातें चाहिए: अपराध की सज़ा 5 साल या ज़्यादा हो सकती हो, और अदालत संज्ञान लेकर आरोप तय कर चुकी हो। 160163
- जिस मामले में अदालत ने अभी आरोप तय नहीं किए, वह इस रोक में नहीं आता; सिर्फ़ FIR दर्ज होने से यह शर्त पूरी नहीं होती। 160163
- दोषी ठहराकर 6 महीने या ज़्यादा की सज़ा हुई हो, और फ़ैसला पलटा न गया हो, सज़ा माफ़ या क्षमा न हुई हो, तो रोक है; दोषसिद्धि से 6 साल बाद फिर से लड़ सकता है। 160161
- हर उम्मीदवार प्ररूप 4घ में अपनी दोषसिद्धि और आरोप तय हुए लंबित मामले बताता है; 4घ में ऐसा मामला दिखे, तो वह योग्य नहीं। 163151150
- विधान सभा के लिए अयोग्य व्यक्ति पंचायत का चुनाव भी नहीं लड़ सकता, इसलिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 वाली दोषसिद्धि की अयोग्यता भी लागू रहती है। 179180
पंचायत का वकील चुनाव लड़ सकता है?
किसी पंचायती राज संस्था का सदस्य दूसरी संस्था का चुनाव लड़ सकता है?
- हाँ। रोक एक साथ दो संस्थाओं का सदस्य रहने पर है, दूसरी संस्था का चुनाव लड़ने पर नहीं। 172170
- चुना गया, तो जिस दिन चुना गया उसी दिन पहले वाली सीट खाली हो जाती है। पर पहले वाली सीट किसी दूसरी पंचायती राज संस्था में हो और उस संस्था का कार्यकाल चुने जाने की तारीख से 4 महीने के भीतर ख़त्म होने वाला हो, तो वह सीट इस तरह खाली नहीं होती। 172
- एक साथ दो या ज़्यादा संस्थाओं में चुना गया, तो चुने जाने की तारीख से, या इनमें से बाद वाली तारीख से, 14 दिन के भीतर सक्षम प्राधिकारी को बताए कि किसमें रहेगा; बाकी सीट खाली हो जाएगी। 172
- यह सूचना अंतिम है, बदली नहीं जा सकती। समय पर न बताए, तो सक्षम प्राधिकारी तय करेंगे कि कौन-सी सीट रहेगी। 172
आरक्षित सीट और जाति प्रमाण-पत्र
आरक्षित और महिला सीट से कौन लड़ सकता है, जाति प्रमाण पत्र किसका बना हो, कब लगेगा, और न हो तो क्या।
आरक्षित सीट से कौन लड़ सकता है?
- अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग की सीट से सिर्फ़ उसी वर्ग का व्यक्ति। 160162
- महिला की सीट से सिर्फ़ महिला; कोई पुरुष उस वार्ड से नामांकन भरने का पात्र नहीं। 160149
- अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग की महिला की सीट से सिर्फ़ उसी वर्ग की महिला। 160162
- अनारक्षित सीट से किसी भी जाति या वर्ग का व्यक्ति, महिला हो या पुरुष। 170
- अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग का व्यक्ति सामान्य सीट से भी लड़ सकता है। 149153154
जाति प्रमाण पत्र किसका बना होना चाहिए, और कब लगेगा?
- आरक्षित सीट से लड़ने वाला अनुसूचित जाति, जनजाति या अन्य पिछड़े वर्ग का उम्मीदवार, कलक्टर या राजस्थान सरकार के अधिकृत अधिकारी का दिया प्रमाण पत्र नामांकन के साथ लगाता है। 153154149
- सामान्य सीट से लड़ने वाला ऐसा उम्मीदवार ₹250 वाली छूट चाहे, तो भी जाति प्रमाण पत्र लगेगा। 153154152
- प्ररूप 4-क के भाग-III में उम्मीदवार लिखता है कि वह किस वर्ग का है, और प्रमाण पत्र की अधिप्रमाणित प्रति साथ लगाता है। 148
दल के उम्मीदवार और चुनाव चिह्न
किसे दल का उम्मीदवार माना जाता है, दल का पत्र कौन और कब तक देता है, और उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न कैसे बँटते हैं।
पंचायत समिति या ज़िला परिषद में किसे दल का उम्मीदवार माना जाता है?
- मान्यता प्राप्त दल का उम्मीदवार तभी माना जाता है, जब ये चारों बातें पूरी हों। 181
- पहली: उम्मीदवार ने अपने नामांकन पत्र में लिखा हो कि उसे वह दल खड़ा कर रहा है। 181
- दूसरी: दल की राज्य इकाई के अध्यक्ष या मुखिया, या उनके अधिकृत व्यक्ति की लिखित सूचना प्ररूप 'ख' में, नामांकन की आख़िरी तारीख को दोपहर 3 बजे तक RO को मिल जाए। 181157
- तीसरी: अगर दल की राज्य इकाई के अध्यक्ष ने किसी और व्यक्ति को अधिकृत किया है और वही व्यक्ति RO को सूचना भेज रहा है, तो उसके नमूना हस्ताक्षर प्ररूप 'क' में, नामांकन की आख़िरी तारीख को दोपहर 3 बजे तक RO को मिल जाएँ। 181
- चौथी: प्ररूप 'क' और 'ख' पर हस्ताक्षर सिर्फ़ स्याही से हों। 181
- सिर्फ़ नामांकन पत्र में दल का नाम लिख देना काफ़ी नहीं। 181
दल का प्ररूप 'ख' कौन साइन करता है, और RO हस्ताक्षर किससे मिलाता है?
- दल की राज्य इकाई के अध्यक्ष या मुखिया, या उनका अधिकृत व्यक्ति। 181
- "अध्यक्ष" का मतलब राज्य इकाई का अध्यक्ष है; जहाँ राज्य इकाई में अध्यक्ष का पद नहीं, वहाँ सचिव। 182
- दल अपने अध्यक्ष (या सचिव) के नमूने के हस्ताक्षर चुनाव की लोकसूचना जारी होने से पहले आयोग को देते हैं; आयोग उन्हें ज़िला निर्वाचन अधिकारी के ज़रिए RO को भेजता है। 182
- सूचना अधिकृत व्यक्ति भेजे, तो उसके नमूने के हस्ताक्षर प्ररूप 'क' में, उसी समय तक (आख़िरी तारीख, दोपहर 3 बजे) RO को मिलने चाहिए। 181
- प्ररूप 'क' और 'ख' पर हस्ताक्षर सिर्फ़ स्याही से। 181
दल का आरक्षित चिह्न किसे मिलता है? क्या दल के उम्मीदवार को वह अपने-आप मिल जाता है?
- आरक्षित चिह्न सिर्फ़ उसी उम्मीदवार को मिलता है, जिसे वह दल खड़ा करे; किसी और को नहीं। 181
- दल के उम्मीदवार को सिर्फ़ उसी दल का आरक्षित चिह्न मिलता है। 181
- अपने-आप नहीं: पहले वह दल का उम्मीदवार माना जाना चाहिए, यानी नामांकन पत्र में घोषणा हो और दल का प्ररूप 'ख' समय पर RO को मिले। 181
- आरक्षित चिह्न तभी मिलता है, जब राज्य में मान्यता प्राप्त वह दल उस सीट पर एक ही उम्मीदवार खड़ा करे। 157
जो किसी दल का उम्मीदवार नहीं, उसे चिह्न कैसे मिलता है?
- हर लड़ने वाले उम्मीदवार को एक चिह्न मिलता है, और अलग-अलग उम्मीदवारों को अलग-अलग चिह्न। 181
- दल के उम्मीदवार के सिवा बाकी सबको चिह्न सिर्फ़ मुक्त चिह्नों में से मिलता है: पंचायत समिति के लिए सारणी-2 से, ज़िला परिषद के लिए सारणी-3 से। 183
- उम्मीदवार नामांकन पत्र में ही अपनी पसंद के चिह्न लिखता है, और RO पसंद के क्रम से चिह्न देता है। 157183
- पहली पसंद का चिह्न सिर्फ़ एक उम्मीदवार ने माँगा हो, तो उसे वही मिलता है; फिर इसी तरह दूसरी पसंद, फिर तीसरी पसंद। 184
- जिसे अपनी तीनों पसंद में से कोई चिह्न न मिले, या जिसने पसंद दी ही नहीं, उसे सारणी में ऊपर से पहला बचा मुक्त चिह्न मिलता है; ऐसे उम्मीदवारों को एक-एक करके, लड़ने वालों की हिन्दी वर्णमाला वाली सूची के क्रम से। 185
उम्मीदवार ने कई नामांकन पत्र भरे और हर पत्र में अलग चिह्न माँगे; कौन-सी पसंद मानी जाएगी?
- सिर्फ़ सबसे पहले दिए गए नामांकन पत्र में लिखी पसंद मानी जाती है, भले वह पहला पत्र संवीक्षा में खारिज हो गया हो। 183157
- बाद के पत्रों में लिखे चिह्नों पर विचार नहीं होता। 183
- दल के उम्मीदवार के लिए छूट: जिस पत्र में उसने खुद को उस दल का उम्मीदवार बताया, उसमें दल का आरक्षित चिह्न माना जाता है, चाहे वह पहला पत्र न हो। 183
दो या ज़्यादा उम्मीदवार एक ही चिह्न चाहें तो?
चिह्नों की सूची कौन तय करता है, और RO का दिया चिह्न बदला जा सकता है?
- पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्यों के चिह्न, और उन पर पाबंदियाँ, राज्य निर्वाचन आयोग राजपत्र में अधिसूचना निकालकर तय करता है। 157
- RO का चिह्न देना अंतिम है, सिवाय तब जब वह आयोग के निर्देशों से मेल न खाए; ऐसे में आयोग उसे बदल सकता है। 185157
- आयोग इस बारे में निर्देश भी दे सकता है, जैसे कोई बात साफ़ करनी हो, कोई अड़चन दूर करनी हो या कोई कमी पूरी करनी हो। 185
संवीक्षा
नामांकन पत्रों की जाँच: कब होती है, कौन मौजूद रहता है, किन आधारों पर पत्र खारिज होता है और फ़ैसला कैसे दर्ज होता है।
संवीक्षा कब और कहाँ होती है?
संवीक्षा के समय कौन मौजूद रह सकता है, और उसे क्या मौका मिलता है?
- सिर्फ़ उम्मीदवार खुद; उनके सिवा कोई और नहीं। 149
- RO हर उम्मीदवार को उम्मीदवारों के दिए नामांकन पत्र देखने की पूरी उचित सुविधा देता है। 149
- हर उम्मीदवार को किसी भी नामांकन पत्र पर आपत्ति करने का उचित मौका देना भी RO का काम है। 149
- पंचायत समिति और ज़िला परिषद की संवीक्षा पर भी यही नियम लागू है। 142146
RO किन आधारों पर नामांकन खारिज कर सकता है? क्या इसके लिए किसी की आपत्ति ज़रूरी है?
- नियम 27 में खारिज करने के ये आधार हैं: (क) उम्मीदवार चुनाव के योग्य नहीं या अयोग्य है; (ख) वह वह व्यक्ति नहीं, जिसका मतदाता सूची वाला नाम या क्रमांक नामांकन पत्र में लिखा है; (ग) उसके हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी असली नहीं, या धोखे, दबाव या अनुचित प्रभाव से लिए गए; (घ) नियम 25 (नामांकन पेश करने का नियम) का पालन नहीं हुआ। 149
- आपत्ति ज़रूरी नहीं: RO किसी की आपत्ति पर भी पत्र खारिज कर सकता है और खुद अपनी ओर से भी। 149
- दोनों हालत में खारिज करने के लिए इनमें से कोई आधार बनना चाहिए। 149
- आई हुई हर आपत्ति का फ़ैसला RO ही करता है। 149
- पंचायत समिति और ज़िला परिषद पर भी यही नियम लागू है। 142
संवीक्षा में नामांकन किन वजहों से खारिज होता है?
संवीक्षा का फ़ैसला कैसे दर्ज करें? क्या सिर्फ़ "खारिज" लिख देना काफ़ी है?
नाम वापसी
नाम वापसी की सूचना कौन, कैसे और कब तक दे सकता है।
उम्मीदवार नाम वापस कैसे लेगा?
- नियम 28: नाम वापसी का नोटिस उम्मीदवार खुद आकर, दो प्रतियों में, अपने हस्ताक्षर करके देगा; किसी और का दिया नोटिस अमान्य। 169189
- तय जगह और तय समय के भीतर ही; दिया हुआ नोटिस वापस नहीं हो सकता; एक नोटिस से उसके सारे नामांकन पत्र वापस माने जाएँगे। 169
- रिटर्निंग अधिकारी एक प्रति पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगाते हैं। नियमों में नोटिस का फ़ॉर्म तय नहीं; सुविधा के लिए एक मॉडल फ़ॉर्म है। 173
उम्मीदवारों की अंतिम सूची और निर्विरोध चुनाव
नाम वापसी के बाद सूची में कौन आता है, किस क्रम में, और सीट पर एक ही उम्मीदवार बचे तो क्या होता है।
उम्मीदवारों की सूची कैसे बनती है, और चिह्न कब मिलते हैं?
- सूची में पहले मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के उम्मीदवार आते हैं, फिर बाकी उम्मीदवार; दोनों हिस्सों में नाम हिन्दी वर्णमाला के क्रम में रहते हैं। 142190
- दल के उम्मीदवार को उसके दल का आरक्षित चिह्न; बाकी को मुक्त चिह्न, पहले नामांकन पत्र में दी पसंद के क्रम से, और कई लोग एक ही चिह्न चाहें तो लॉट निकालकर। 191
अंतिम सूची में किसका नाम आता है, किसका नहीं?
- नाम वापसी का समय खत्म होते ही RO हर सीट के लिए प्ररूप 5 (Form V) में उन उम्मीदवारों की सूची बनाता है, जिनका नामांकन स्वीकार हुआ और जिन्होंने नाम वापस नहीं लिया। 189144
- जिसका नामांकन खारिज हुआ या जिसने नाम वापस ले लिया, उसका नाम सूची में नहीं आता। 189
- सूची के आख़िर में नोटा (इनमें से कोई नहीं) भी दिखाया जाता है। 188
पंचायत समिति और ज़िला परिषद की सूची में नाम किस क्रम में लिखे जाते हैं?
मतगणना
पंच-सरपंच के वोटों की गिनती: मतदान खत्म होते ही, ग्राम पंचायत पर, रिटर्निंग अधिकारी की देख-रेख में। पंचायत समिति और ज़िला परिषद की गिनती आगे अलग से।
गिनती के बाद मतपत्र, काग़ज़ और मशीनें कितने समय रखी जाती हैं, और उन्हें कौन खुलवा सकता है?
- नतीजा लिखने के बाद RO कन्ट्रोल यूनिट फिर से सील करते हैं, ऐसे कि नतीजा मिटे नहीं और यूनिट की मेमोरी में बना रहे। मौजूद उम्मीदवार चाहें तो अपनी सील भी लगा सकते हैं (नियम 52-क(1))। 192
- चुनाव के सारे काग़ज़ ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की अभिरक्षा में रहते हैं (नियम 53-क(1))। 193194
- डाक मतपत्रों के पैकेट (इस्तेमाल हुए या नहीं), निविदत्त मतपत्रों के पैकेट, मतदाता सूची की चिन्हित प्रति, प्ररूप 12 का मतदाता रजिस्टर, और मतदाताओं की घोषणा और उनके हस्ताक्षरों के सत्यापन वाले पैकेट, सक्षम न्यायालय के आदेश के बिना न खोले जाते हैं, न जाँचे या पेश किए जाते हैं (नियम 53-क(2))। 193194
- ऐसी सीलबंद कन्ट्रोल यूनिट ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की अभिरक्षा में रहती है, और सक्षम न्यायालय के आदेश के बिना न खोली जाती है, न जाँची या पेश की जाती है (नियम 53-क(3))। मशीनें कितने समय ज्यों की त्यों रखी जाएँ, यह आयोग तय करता है (नियम 53-ख)। 194
- बाकी चुनाव काग़ज़ आयोग की शर्तों और फ़ीस पर कोई भी देख सकता है, और अर्ज़ी देने पर उनकी प्रति मिलती है (नियम 53-क(4))। 194
- आयोग या सक्षम न्यायालय कुछ और न कहे, तो मतपत्रों (इस्तेमाल हुए या नहीं) और निविदत्त मतपत्रों के पैकेट 6 महीने रखकर आयोग के बताए तरीक़े से नष्ट होते हैं। नियम 53-क(2) में गिनाए बाकी पैकेट या काग़ज़ 1 साल रखकर नष्ट होते हैं, और बाकी सब चुनाव काग़ज़ उतने समय रखे जाते हैं जितना आयोग कहे (नियम 53-ख)। 195194
- इस्तेमाल हुए डाक मतपत्रों के प्रतिपर्ण (counterfoil) वाले पैकेट आयोग की पहले से मंज़ूरी के बिना नष्ट नहीं होते (नियम 53-ख का परंतुक)। 195194
नतीजे के बाद शपथ उसी समय न हो पाए, तो कब तक और किसके सामने ली जा सकती है?
- पंच, सरपंच, प्रधान, उप प्रधान, प्रमुख, उप प्रमुख और पंचायत समिति व ज़िला परिषद सदस्य की शपथ या प्रतिज्ञान प्ररूप-11 में होता है (नियम 75)। 196
- नतीजा घोषित होने के 3 महीने के भीतर किसी भी समय शपथ लेनी है (नियम 76(1))। 196
- शपथ इनमें से किसी के सामने हो सकती है: RO; संबंधित तहसीलदार, या कलेक्टर का इसके लिए नियुक्त अफ़सर; पंच हो तो सरपंच; या पंचायत, पंचायत समिति या ज़िला परिषद की किसी बैठक में (नियम 76(2))। 196
- भरे गए शपथ फ़ॉर्म ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) के दफ़्तर में भेजे या रखे जाते हैं, और 5 साल बाद नष्ट होते हैं। 196
पंचायत समिति और ज़िला परिषद के वोट कहाँ गिने जाएँगे?
- गिनती ज़िला मुख्यालय पर ही होगी। जगह RO तय करेंगे, ज़िला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर। 19711
- इसीलिए मतदान ख़त्म होते ही मशीनें और चुनाव के काग़ज़ ज़िला मुख्यालय पहुँचाए जाते हैं। 11
- पंच और सरपंच की गिनती अलग होती है: ग्राम पंचायत मुख्यालय पर, RO मतदान के तुरंत बाद करते हैं। 11
- MPSV में दोनों पदों की एक ही कन्ट्रोल यूनिट होती है, इसलिए दोनों पदों की गिनती एक ही कक्ष या हॉल में होगी। 198
- गिनती की तारीख़, समय और जगह की लिखित सूचना RO हर उम्मीदवार या उसके निर्वाचन अभिकर्ता को देंगे, मतदान की तारीख़ से कम से कम एक हफ़्ता पहले। 197
गिनती की टेबल पर मेरे बूथ की मशीन का क्या होता है?
- MPSV या MPMV मशीन में गिनती के लिए सिर्फ़ कन्ट्रोल यूनिट चाहिए। MPSV में दोनों पदों का नतीजा उसी एक कन्ट्रोल यूनिट से निकलता है। 199
- बैलेट यूनिटें संग्रहण केन्द्र पर कन्ट्रोल यूनिट के साथ, बूथ के हिसाब से रखी जाती हैं। गिनती हॉल में वे तभी आती हैं जब किसी उम्मीदवार या अभिकर्ता की माँग पर या किसी ख़ास मामले में जाँच ज़रूरी हो। 200
- पर BEL की MK-V या M3A मशीन हो, तो नतीजा निकालने के लिए बैलेट यूनिट को कन्ट्रोल यूनिट से जोड़ना ज़रूरी है। 199
- कन्ट्रोल यूनिटें बूथ के क्रम से गिनती की टेबलों पर बाँटी जाती हैं। मशीन के साथ आपके बूथ का वोटों का लेखा और आपकी घोषणा भी टेबल पर दी जाती है। 200
- गिनती से पहले उम्मीदवार और अभिकर्ता कैरिंग बक्से और कन्ट्रोल यूनिट की सीलें देखकर तसल्ली करते हैं। RO मशीन का नंबर भी मिलाते हैं, कि यह वही मशीन है जो उस बूथ को दी गई थी। 201
- कोई सील टूटी हो, तब भी गड़बड़ी नहीं मानी जाती, बशर्ते परिणाम वाले हिस्से के भीतरी ढक्कन पर लगी पिंक पेपर सील सही-सलामत हो। यानी बूथ पर पिंक पेपर सील ठीक से लगाना बहुत ज़रूरी है। 202
- RO को भरोसा हो जाए कि मशीन से छेड़छाड़ हुई है, या यह वह मशीन नहीं जो बूथ को दी गई थी, तो वह मशीन अलग रखी जाती है, उसके वोट नहीं गिने जाते और आयोग को रिपोर्ट जाती है। पूरी गिनती रोकनी ज़रूरी नहीं। 202
मशीन से नतीजा कैसे निकलता है, और पहले किस पद का आता है?
- कन्ट्रोल यूनिट का पावर स्विच ऑन करते हैं, परिणाम बटन के ऊपर की पेपर सील हटाते हैं, और परिणाम बटन दबाते हैं। हर उम्मीदवार के वोट एक-एक करके पैनल पर दिखते हैं, और नोटा सहित प्ररूप-14 के भाग II में लिखे जाते हैं। 199
- BEL की MK-V या M3A मशीन से नतीजा निकालने के लिए बैलेट यूनिट को कन्ट्रोल यूनिट से जोड़ना ज़रूरी है; MPSV और MPMV में सिर्फ़ कन्ट्रोल यूनिट चाहिए। 199
- ज़रूरत हो तो अभिकर्ताओं को लिखने देने के लिए परिणाम बटन फिर से दबाया जा सकता है। लिखने के बाद ढक्कन बंद करके मशीन स्विच ऑफ कर देते हैं। 199
- मशीन में पहला पद ज़िला परिषद सदस्य का और दूसरा पंचायत समिति सदस्य का सेट होता है। इसलिए नतीजे में पहले ज़िला परिषद, फिर पंचायत समिति का नतीजा आता है। 203
- दोनों पदों की गिनती साथ होने से एक गणना सहायक ज़्यादा लगता है। कन्ट्रोल यूनिट बीच में, एक तरफ़ पंचायत समिति का डाटा लिखने वाला, दूसरी तरफ़ ज़िला परिषद का। हर पद के गणन अभिकर्ता अपने पद वाले सहायक की तरफ़ बैठते हैं। 203
नतीजे में "Under Vote" और "Unfinished Voter" क्या होते हैं?
- गिनती वाले पत्र 1299 के हिसाब से, MPSV नतीजा दिखाते समय Under Vote और Unfinished Voter की गिनती भी दिखाती है। 204
- Under Vote: मतदाता ने किसी पद के लिए वोट दिए बिना END दबा दिया, यानी किसी पद को वोट नहीं दिया, या एक पद को देकर END दबा दिया। उस पद के वोट, आए मतदाताओं से जितने कम हैं, वही Under Vote है। 199
- Unfinished Voter: मतदाता ने सिर्फ़ एक पद को वोट दिया, END नहीं दबाया और बूथ छोड़कर चला गया, और अगले मतदाता के लिए मतदान अधिकारी ने कन्ट्रोल यूनिट बंद करके फिर चालू की। जो वोट नहीं दिया गया, वह उस पद के Under Vote में भी गिना जाता है। 205
- इसलिए नतीजे में किसी पद के वोट आए मतदाताओं से कम दिखें, तो इसकी वजह ऊपर वाले Under Vote हो सकते हैं। 205
- ऊपर की दोनों परिभाषाएँ संकलन में छपी बात से ली गई हैं। आयोग के आदेश 5468 और 9508 में अब हर बैलेट यूनिट का END बटन मास्क रखने को कहा गया है; पूरी बात आदेश 9508 वाले पेज पर है। 5756
- आदेश 9508 के बिंदु D में यह भी लिखा है: MPSV या MPMV मशीन में अंडर वोट (under vote) की संख्या शून्य के अलावा कुछ और दिखे, तो परिणाम में उस संख्या को रिजेक्टेड वोटों में जोड़कर अंतिम परिणाम शीट तैयार की जाए। 206
गिनती में मेरे प्ररूप-14 का क्या काम है?
- गणना पर्यवेक्षक मशीन पर दिखे वोट प्ररूप-14 के भाग II में लिखकर देखते हैं कि उनका कुल योग भाग I की मद 5 के कुल वोटों से मिलता है या नहीं। भाग I वही है जो आप बूथ पर भरते हैं। 207
- फ़ॉर्म पूरा होने पर गणना पर्यवेक्षक हस्ताक्षर करते हैं, टेबल पर मौजूद उम्मीदवार या अभिकर्ता भी करते हैं, फिर RO या सहायक RO जाँचकर हस्ताक्षर करते हैं। 203
- यही फ़ॉर्म अंतिम परिणाम पत्र, प्ररूप-7, बनाने वाले अफ़सर को जाता है। प्ररूप-7 में मशीन के वोट और डाक मतपत्रों के मान्य वोट, नोटा सहित, उम्मीदवार-वार जोड़े जाते हैं। 203
- निविदत्त वोटों के लिफ़ाफ़े नहीं खोले जाते, न वे वोट गिने जाते। 208
- मतलब: बूथ पर कुल वोट सही लिखिए। गिनती में मशीन का योग आपके लिखे योग से ही मिलाया जाता है।
गिनती हॉल में कौन आ सकता है, और गणन अभिकर्ता के लिए क्या ज़रूरी है?
- RO सिर्फ़ ये 4 तरह के लोग अंदर आने देंगे: गणना पर्यवेक्षक और गणना सहायक; राज्य निर्वाचन आयोग से अधिकृत व्यक्ति; चुनाव ड्यूटी पर लोकसेवक; उम्मीदवार, उनके निर्वाचन अभिकर्ता और हर गिनती टेबल पर एक गणन अभिकर्ता। 209
- पुलिस को RO सिर्फ़ क़ानून-व्यवस्था जैसे काम से अंदर बुला सकते हैं। मंत्री, सांसद, विधायक, नगरपालिका अध्यक्ष/सभापति/मेयर, प्रधान/ज़िला प्रमुख या सुरक्षा कवर वाला कोई व्यक्ति किसी का अभिकर्ता नहीं बन सकता, और ख़ुद उम्मीदवार न हो तो अंदर नहीं आ सकता। 209
- गणन अभिकर्ता के नियुक्ति पत्र, दो फ़ोटो के साथ, गिनती के दिन से कम से कम दो दिन पहले RO को देने होते हैं। RO फ़ोटो वाला बैज जारी करते हैं, और बैज व नियुक्ति पत्र के बिना अंदर आने नहीं दिया जाता। 210
- गिनती शुरू होने से कम से कम आधा घंटा पहले गणन अभिकर्ता प्ररूप-10 की घोषणा पर RO के सामने, या नियम 58 के तहत RO के अधिकृत किसी दूसरे अधिकारी के सामने, हस्ताक्षर करता है। 210
- गणन अभिकर्ता अपनी दी गई टेबल पर ही बैठता है; उम्मीदवार और निर्वाचन अभिकर्ता किसी भी टेबल पर जा सकते हैं। गिनती के बीच हॉल से बाहर गया, तो दोबारा अंदर नहीं आने दिया जाएगा। 210
- कितने गणन अभिकर्ता हो सकते हैं, यह q:s7-09 में है। 73
डाक मतपत्र कब गिने जाते हैं?
- डाक मतपत्र सबसे पहले गिने जाते हैं, उसी कक्ष में जहाँ उस निर्वाचन क्षेत्र की गिनती होती है। ध्यान यह कि मशीनों की गिनती पूरी होने से पहले डाक मतपत्रों की गिनती पूरी हो जाए। 209
- गिनती शुरू होने के तय समय के बाद आया डाक मतपत्र का लिफ़ाफ़ा खोला नहीं जाता: बिना खोले अस्वीकार, अलग लिफ़ाफ़े में सील, और उसका नतीजा प्ररूप-7 में नहीं जुड़ता। 209
- डाक मतपत्र गिनने का तरीक़ा आयोग के आदेश क्रमांक 1134, दिनांक 29.01.2026 में है। 211
नतीजे के बाद मशीन और SDMM का क्या होता है?
- MPSV की कन्ट्रोल यूनिट में SDMM नाम का डिवाइस होता है, जिसमें दोनों पदों के वोटों का डाटा जमा होता है। 212
- नतीजा घोषित होते ही, गिनती कक्ष में ही, RO या सहायक RO की निगरानी में SDMM सील किया जाता है, और सीलबंद करके सुरक्षित रखा जाता है, ताकि अदालत चाहे तो वोटों का रिकार्ड फिर देख सके। 212
- MPSV और MPMV: मशीनों से बैटरी निकाल ली जाती है, और कन्ट्रोल व बैलेट यूनिटें RO आगे के चुनावों के लिए ज़िला निर्वाचन अधिकारी को लौटा देते हैं। 213
- M3A और MK-5: मतदान में काम आई ये मशीनें ज़िला मुख्यालय पर कोषागार में, या ज़िला निर्वाचन अधिकारी की तय की हुई जगह पर, RO की सुरक्षित हिरासत में रखी जाती हैं। चुनाव याचिका दायर करने की मियाद नतीजे से 30 दिन है। याचिका दायर हो, तो उसके निपटारे के तीन महीने बाद तक, और अपील हो तो अपील के निपटारे तक, मशीनें सीलबंद रखी जाती हैं। जहाँ कोई याचिका या अदालती मामला न हो, वहाँ नतीजे के 30 दिन बाद मशीनें क्लीयर की जाती हैं: सील हटाई जाती है, कन्ट्रोल यूनिट की सूचना हटाई जाती है, और बैलेट यूनिट पर लगा मतपत्र भी हटाया जाता है। 213
डाक मतपत्र
चुनाव ड्यूटी वाले कर्मचारी पंचायत समिति और ज़िला परिषद के लिए डाक से वोट कैसे देते हैं, और कौन-सी चूक मतपत्र नामंज़ूर करवा देती है।
चुनाव ड्यूटी पर हूँ। क्या मैं डाक से वोट दे सकता हूँ?
- हाँ, पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य के चुनाव में। नियम 35 में संशोधन के बाद चुनाव ड्यूटी वाले अधिकारी आयोग की बताई रीति से डाक से वोट दे सकते हैं। 1629
- चुनाव कर्त्तव्य प्रमाण-पत्र (EDC) का प्रावधान नहीं है। 1615
- "चुनाव ड्यूटी पर मतदाता" कौन: मतदान अभिकर्ता, मतदान अधिकारी, RO या कोई और लोकसेवक, जो किसी पंचायती राज संस्था में मतदाता है और ड्यूटी की वजह से अपने बूथ पर वोट नहीं दे पा रहा। अधिग्रहित गाड़ियों के ड्राइवर, खलासी वग़ैरह इसमें नहीं आते। 29
डाक मतपत्र के लिए आवेदन कैसे और कब तक करें?
- प्ररूप-1 में, अपने निर्वाचन क्षेत्र के RO को लिखित सूचना दीजिए। 29214
- समय: मतदान की तारीख़ से कम से कम 7 दिन पहले, या RO इससे कम जितनी अवधि की इजाज़त दें। 29
- ज़िला परिषद और पंचायत समिति के लिए अलग-अलग प्ररूप-1 दीजिए। 29214
- फ़ॉर्म में लिखना है: नाम, पता, पंचायत समिति/ज़िला परिषद और निर्वाचन क्षेत्र संख्या, ग्राम पंचायत, वार्ड संख्या, मतदाता सूची में आपका क्रम संख्या, और ड्यूटी का ब्योरा। 29214
- आयोग के निर्देश में लिखा है कि अच्छा यही होगा कि RO पहले प्रशिक्षण में ही आवेदन-पत्र देकर भरवा लें और वापस ले लें; इसके लिए प्रशिक्षण की जगह पर डाक मतपत्र का हैल्प डैस्क रखा जाए। 215
- पुलिसकर्मियों के लिए आयोग का सुझाव है कि आवेदन-पत्र ड्यूटी आदेश के साथ ही पुलिस अधीक्षक या पुलिस आयुक्त कार्यालय से मिल जाएँ; और हक़दार पुलिसकर्मियों को मतपत्र मतदान दलों की रवानगी के समय हाथ में दिया जाए। 216
डाक मतपत्र कैसे मिलेगा, और उसके साथ क्या आता है?
- RO जल्दी से जल्दी डाक से भेजते हैं या हाथ में दिलवाते हैं। हो सके तो प्रशिक्षण सत्र में ही ख़ुद देते हैं। 215
- साथ में आता है: मतदाता की घोषणा का फ़ॉर्म, छोटा लिफ़ाफ़ा 'क', बड़ा लिफ़ाफ़ा 'ख', और वोट देने के अनुदेश। लिफ़ाफ़ा 'ख' पर डाक टिकट RO लगाकर देते हैं। 215
- मतपत्र आम मतपत्र जैसा ही होता है; बस उसके पीछे 'डाक मतपत्र' की मुहर और RO के हस्ताक्षर होते हैं। 29
- RO एक रजिस्टर में आपका ब्योरा और मतपत्र का क्रम संख्या लिखते हैं। चिह्नित मतदाता सूची में आपके नाम के सामने 'डाक मतपत्र' (P.B.) लिखा जाता है, पर मतपत्र का क्रम संख्या नहीं। 215
डाक मतपत्र मिलने के बाद मेरी ड्यूटी कट गई। अब बूथ पर जाकर वोट दे सकता हूँ?
- नहीं। डाक मतपत्र जारी होने के बाद ड्यूटी रद्द हो जाए, तब भी वोट डाक मतपत्र से ही देना होगा। अपने बूथ पर जाकर वोट नहीं दे सकते। 215
- मतदान अधिकारी के लिए: ऐसे मतदाता के नाम के सामने चिह्नित प्रति में 'डाक मतपत्र' (P.B.) लिखा होगा। आदेश के मुताबिक़ जिसे डाक मतपत्र जारी हो चुका है, उसकी चुनाव ड्यूटी रद्द भी हो जाए, तब भी वह डाक मतपत्र से ही वोट देगा; अपने बूथ पर ख़ुद जाकर वोट नहीं डाल सकता। 215
डाक मतपत्र पर वोट देकर वापस कैसे भेजें?
- साथ आए अनुदेशों के हिसाब से वोट दीजिए, और मतपत्र छोटे लिफ़ाफ़े 'क' में रखकर बंद कीजिए। 217
- घोषणा-पत्र पर अपने हस्ताक्षर किसी राजपत्रित अधिकारी, मतदान अधिकारी या RO से अनुप्रमाणित करवाइए। फिर लिफ़ाफ़ा 'क' और घोषणा, दोनों बड़े लिफ़ाफ़े 'ख' में बंद करके RO को भेजिए। 217
- डाक से भेजिए या किसी और तरीक़े से, पर इतने पहले कि गिनती शुरू होने के तय समय से पहले RO तक पहुँच जाए। 217
- आसानी के लिए RO अपने दफ़्तर में, मतदान दलों की रवानगी की जगह पर और वापसी पर सामग्री जमा करने की जगह पर सील्ड बॉक्स रखते हैं, पंचायत समिति और ज़िला परिषद के लिए अलग-अलग। बंद लिफ़ाफ़ा उसी में डाल सकते हैं। 217
- ग़लती से मतपत्र या काग़ज़ ख़राब हो जाएँ, तो उन्हें RO को लौटाइए। RO को तसल्ली हो जाए, तो दूसरा सैट मिल जाता है। 217
किन चूकों से डाक मतपत्र नामंज़ूर हो जाता है?
- गिनती शुरू होने के तय समय के बाद पहुँचा लिफ़ाफ़ा 'ख' खोला ही नहीं जाता, और उसका वोट नहीं गिना जाता। 218209
- लिफ़ाफ़ा 'ख' में घोषणा न हो, या उस पर ठीक से हस्ताक्षर और अनुप्रमाणन न हो, या घोषणा में लिखा मतपत्र का क्रम संख्या लिफ़ाफ़ा 'क' पर लिखे नंबर से अलग हो: तब लिफ़ाफ़ा 'क' खोले बिना मतपत्र नामंज़ूर। 218
- मतपत्र पर वोट के निशान के अलावा कोई निशान या लिखावट हो जिससे मतदाता की पहचान हो सके, तो भी मतपत्र नामंज़ूर होता है। 218
- मतलब: घोषणा पर अनुप्रमाणन करवाना न भूलिए, और लिफ़ाफ़ा समय से भेजिए।
- डाक मतपत्र गिनती में सबसे पहले गिने जाते हैं (q:s16-57 देखिए)। 209
चुनाव अपराध और सज़ा
बूथ पर कौन-सा काम अपराध है, उसकी कितनी सज़ा है और मतदान अधिकारी उस वक़्त क्या कर सकते हैं। सज़ा जहाँ "तक" लिखी है, वहाँ उसका मतलब है ज़्यादा से ज़्यादा इतनी।
लोकसभा-विधानसभा चुनाव वाले अपराध क्या पंचायत चुनाव पर भी लागू होते हैं?
- हाँ। राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 22 के हिसाब से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 125, 126, 127, 127क, 128, 129, 130, 131, 132, 132क, 133, 134, 134क, 134ख, 135, 135क, 135ख, 135ग और 136 पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव में भी लागू होती हैं। 92
- यानी जो काम लोकसभा और विधानसभा चुनाव में अपराध है, वो पंचायत चुनाव में भी अपराध है। कोई ऐसा करे तो आप ड्यूटी पर लगे पुलिस वालों की मदद ले सकते हैं। 92
- इन धाराओं का पूरा पाठ पुस्तिका के परिशिष्ट-2 में छपा है, और प्रतिरूपण वाली भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएँ परिशिष्ट-1 में। 92219
बूथ के पास कितनी दूरी तक प्रचार मना है?
- मतदान के दिन बूथ के अंदर और बूथ से 100 मीटर तक प्रचार करना अपराध है। 92
- इस दायरे में, जगह सरकारी हो या निजी, कोई वोट नहीं माँगेगा, किसी वोटर को किसी उम्मीदवार को वोट देने या न देने के लिए नहीं मनाएगा, और चुनाव से जुड़ा कोई निशान या सूचना (सरकारी सूचना छोड़कर) नहीं दिखाएगा (धारा 130)। 220
- सज़ा: ढाई सौ रुपये तक का जुर्माना। ये संज्ञेय अपराध है। ऐसा प्रचार करने वाले को पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है। 22092
- मतदान अभिकर्ता अपने उम्मीदवार के चुनाव-चिह्न या नाम वाला बैज नहीं पहन सकता। ऐसा बैज भी धारा 130 में अपराध माना जाता है। 92
- उम्मीदवार अपना चुनावी बूथ (मंडप) मतदान बूथ से 100 मीटर की दूरी के बाद ही लगा सकते हैं। 92
कोई दूसरे के नाम से वोट डालने आ जाए तो ये कौन-सा अपराध है?
- ये "निर्वाचन में प्रतिरूपण" है, भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 172। 219
- किसी और के नाम से (वो ज़िंदा हो या मर चुका हो) या नकली नाम से मतपत्र माँगना या वोट डालना, और एक बार वोट डाल चुकने के बाद उसी चुनाव में अपने नाम से फिर मतपत्र माँगना, ये सब इसमें आता है। जो किसी से इस तरह वोट डलवाए, वो भी। 219
- सज़ा: एक साल तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों (धारा 174)। चुनाव में असम्यक् असर डालने की भी यही सज़ा है। 219
बूथ कैप्चरिंग किसे कहते हैं और इसकी सज़ा क्या है?
- कानून में इसका नाम "बूथ का बलात् ग्रहण" है (धारा 135क)। बूथ कैप्चरिंग इसी धारा में अपराध है। 22195
- इसमें ये सब आता है: बूथ पर कब्ज़ा करके मतदान कर्मियों से मतपत्र या मतदान मशीनें छिनवा लेना; बूथ पर कब्ज़ा करके सिर्फ़ अपने समर्थकों को वोट डालने देना और बाकी को रोकना; वोटर को डरा-धमकाकर बूथ तक आने से रोकना; मतगणना की जगह पर इसी तरह कब्ज़ा करना। 221222
- कोई सरकारी कर्मचारी किसी उम्मीदवार के फ़ायदे के लिए ऐसा करे, इसमें मदद करे या चुपचाप होने दे, तो वो भी इसी में आता है। 222
- सज़ा: कम से कम एक साल और तीन साल तक की जेल, साथ में जुर्माना। सरकारी कर्मचारी करे तो कम से कम तीन साल और पाँच साल तक की जेल, साथ में जुर्माना। ये संज्ञेय अपराध है। 221222
- कोई EVM, मतपत्र या चुनाव के कागज़ ज़बरदस्ती लेने की कोशिश करे या ले जाए, तो तुरंत रिटर्निंग अधिकारी और पुलिस अधिकारी को रिपोर्ट कीजिए। 95
वोट की गोपनीयता तोड़ने पर क्या होता है?
- वोट दर्ज करने या गिनने के काम से जुड़ा हर अधिकारी, लिपिक, अभिकर्ता या कोई और व्यक्ति मतदान की गोपनीयता बनाए रखेगा और रखवाने में मदद करेगा। 223
- वो किसी को ऐसी कोई बात नहीं बताएगा जिससे गोपनीयता टूटे। कानून ने जिस काम के लिए बताने की इजाज़त दी है, सिर्फ़ वो छूट है। 223
- सज़ा: तीन महीने तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों (धारा 128)। ये नियम मतदान अभिकर्ता और गणन अभिकर्ता पर भी लागू है। 223
कोई मतपत्र बूथ से बाहर ले जाए या मतपेटी से छेड़छाड़ करे तो?
- बिना इजाज़त मतपत्र बूथ से बाहर ले जाना, ले जाने की कोशिश करना या इसमें जानबूझकर मदद करना अपराध है (धारा 135)। सज़ा: एक साल तक की जेल, या पाँच सौ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों। ये संज्ञेय अपराध है। 221
- मतदान अधिकारी को इसका शक हो तो वो उस व्यक्ति के बूथ छोड़ने से पहले उसे गिरफ़्तार कर सकते हैं या पुलिस अधिकारी से करवा सकते हैं, और उसकी तलाशी ले सकते हैं या पुलिस से दिलवा सकते हैं। 221
- किसी महिला की तलाशी सिर्फ़ दूसरी महिला लेगी, पूरी शालीनता से। तलाशी में मिला मतपत्र सुरक्षित रखने के लिए पुलिस अधिकारी को सौंप दीजिए। 221
- मतपेटी में उस मतपत्र के अलावा, जिसे डालने का क़ानूनी हक़ हो, कपट से कुछ और डालना, बिना अधिकार मतपेटी या मतपत्र खोलना, ले जाना या नष्ट करना, और बिना अधिकार किसी को मतपत्र देना, किसी से लेना या अपने पास रखना, ये धारा 136 के अपराध हैं। 224
- सज़ा: RO, ARO, मतदान अधिकारी या चुनाव ड्यूटी वाला कोई अधिकारी या लिपिक करे तो दो साल तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों। कोई और करे तो छह महीने तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों। ये संज्ञेय अपराध है। 224
ड्यूटी पर लगे कर्मचारी के लिए कौन-से काम अपराध हैं?
- जिला निर्वाचन अधिकारी, RO, ARO, मतदान अधिकारी, सहायक मतदान अधिकारी या चुनाव के काम पर लगाया गया कोई भी अधिकारी या लिपिक चुनाव के काम में किसी उम्मीदवार की जीत बढ़ाने वाला कोई काम नहीं करेगा। अपना वोट डालना इसमें नहीं आता। 223220
- ये लोग और पुलिस वाले किसी को वोट देने के लिए नहीं मनाएँगे और किसी के वोट पर किसी भी तरह असर डालने की कोशिश नहीं करेंगे (धारा 129)। सज़ा: छह महीने तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों। ये संज्ञेय अपराध है। 22092
- बिना ठोस वजह अपनी चुनाव ड्यूटी तोड़ना धारा 134 का अपराध है: पाँच सौ रुपये तक का जुर्माना। 22595
- कोई सरकारी कर्मचारी किसी उम्मीदवार का निर्वाचन अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता या गणन अभिकर्ता बने तो तीन महीने तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों (धारा 134क)। 22595
- मतपेटी या मतपत्र से गड़बड़ी ड्यूटी वाला करे तो सज़ा आम आदमी से ज़्यादा है, ऊपर वाला सवाल देखिए। 224
बूथ पर कोई हंगामा करे, लाउडस्पीकर बजाए या आपकी बात न माने तो?
- मतदान के दिन बूथ के अंदर, गेट पर या आसपास मेगाफ़ोन या लाउडस्पीकर चलाना, या ऐसा चिल्लाना या हंगामा करना जिससे वोट डालने आए लोग परेशान हों या ड्यूटी वालों के काम में दख़ल पड़े, अपराध है (धारा 131)। सज़ा: तीन महीने तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों। 220
- ऐसा करने वाले को आप तुरंत पुलिस से गिरफ़्तार करवा सकते हैं, और लाउडस्पीकर या मेगाफ़ोन पुलिस से फ़ौरन बंद करवा सकते हैं। पुलिस ऐसा साधन ज़ब्त भी कर सकती है। 92220225
- जो बूथ में बदतमीज़ी करे या आपके कानूनी निर्देश न माने, उसे आप, पुलिस या आपका अधिकृत व्यक्ति बूथ से बाहर निकाल सकते हैं (धारा 132)। पर इस ताकत से किसी हक़दार वोटर को वोट डालने से नहीं रोका जा सकता। 225
- बाहर निकाला गया व्यक्ति आपकी इजाज़त के बिना फिर अंदर आए तो तीन महीने तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों। ये संज्ञेय अपराध है। 225
- जिसे मतपत्र दिया जा चुका हो और वो वोट डालने की तय प्रक्रिया मानने से मना करे, उसका मतपत्र रद्द किया जा सकता है (धारा 132क)। 225
मतदान के दिन बूथ के पास हथियार लेकर कौन आ सकता है?
- सिर्फ़ RO, मतदान अधिकारी, पुलिस अधिकारी और बूथ पर शांति-व्यवस्था के लिए लगाए गए ड्यूटी वाले लोग। इनके अलावा कोई भी मतदान के दिन बूथ के आसपास आयुध अधिनियम, 1959 वाला कोई हथियार लेकर नहीं जाएगा (धारा 134ख)। 225221
- सज़ा: दो साल तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों। दोषी के पास मिले हथियार ज़ब्त हो सकते हैं और उनका लाइसेंस आयुध अधिनियम की धारा 17 के तहत रद्द माना जाएगा। 221
मतदान से पहले शराब और चुनावी सभाओं पर क्या रोक है?
- मतदान ख़त्म होने के तय समय से पहले के 48 घंटों में उस मतदान क्षेत्र में होटल, ढाबे, दुकान या किसी भी सार्वजनिक या निजी जगह पर शराब या ऐसी कोई नशीली चीज़ न बेची जाएगी, न दी जाएगी, न बाँटी जाएगी (धारा 135ग)। 22295
- सज़ा: छह महीने तक की जेल, या दो हज़ार रुपये तक का जुर्माना, या दोनों। दोषी के पास मिली शराब ज़ब्त हो सकती है। 222
- इन्हीं 48 घंटों में चुनावी सभा, जुलूस, सिनेमा या टीवी पर प्रचार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के ज़रिए प्रचार पर भी रोक है (धारा 126)। 92
वोटरों को गाड़ियों से ढोने या रिश्वत की शिकायत आए तो क्या करें?
- गाड़ियाँ ग़ैरकानूनी ढंग से किराये पर लेकर वोटरों को लाना-ले जाना अपराध है (धारा 133)। सज़ा: तीन महीने तक की जेल और जुर्माना। 22592
- पुस्तिका साफ़ कहती है कि इसे रोकने का कोई कारगर साधन आपके पास नहीं है। शिकायत आए तो शिकायत करने वाले को समझाइए कि वो संबंधित थाने में FIR दर्ज करवाए। साथ ही दौरे पर आए ज़ोनल मजिस्ट्रेट या RO/ARO को और पुलिस वालों को तुरंत बताइए। 9295
- शिकायत करने वाला बाद में ऐसे उम्मीदवार के ख़िलाफ़ चुनाव याचिका में भी इस बात का इस्तेमाल कर सकता है। 95
- चुनाव में रिश्वत की सज़ा पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी) में छपी भारतीय न्याय संहिता की धारा 173 में है: एक साल तक की क़ैद (सादी या कठोर), या जुर्माना, या दोनों; खाने-पीने, मनोरंजन या रसद के रूप में दी गई रिश्वत ("treating") पर सिर्फ़ जुर्माना। 226
पंचायती राज संस्था का कोई कर्मचारी चुनाव में प्रचार करे, तो?
पंचायत चुनाव के नियमों में "भ्रष्ट आचरण" किसे कहा गया है?
- रिश्वत: उम्मीदवार या कोई और व्यक्ति, किसी को उम्मीदवार बनने, न बनने या नाम वापस लेने के लिए, या मतदाता को वोट देने या न देने के लिए, कोई भी फ़ायदा दे, देने की पेशकश करे या वादा करे; या ऐसा कर चुकने के इनाम के तौर पर दे (नियम 79(1))। 196
- यह "फ़ायदा" सिर्फ़ पैसा या पैसे में आँकी जा सकने वाली चीज़ नहीं: हर तरह की दावत-मनोरंजन और इनाम के बदले नौकरी भी इसमें आती है। चुनाव पर सच में किया गया जायज़ ख़र्च इसमें नहीं आता। 227
- अनुचित दबाव: वोट के अधिकार में सीधा या परोक्ष दख़ल, जैसे किसी भी तरह की चोट, सामाजिक बहिष्कार या जाति-समुदाय से निकालने की धमकी, या भगवान की नाराज़गी का डर दिखाना (नियम 79(2))। नीति का एलान, सार्वजनिक काम का वादा, या दख़ल की नीयत के बिना कोई क़ानूनी हक़ इस्तेमाल करना, दबाव नहीं माना जाता। 196227
- उम्मीदवार या कोई और व्यक्ति जाति, नस्ल, समुदाय या धर्म के नाम पर वोट देने या न देने की सुनियोजित अपील करे; या धार्मिक प्रतीकों का, या राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय चिह्न जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों का, इस्तेमाल करे या उनके नाम पर अपील करे, ताकि उस उम्मीदवार की जीत की संभावना बढ़े (नियम 79(3))। 196227
- किसी उम्मीदवार के निजी चरित्र या आचरण, या उसकी उम्मीदवारी या नाम वापसी के बारे में ऐसी झूठी बात छापना, जिसे छापने वाला झूठ मानता हो या सच न मानता हो, और जिससे उस उम्मीदवार की जीत की संभावना को नुक़सान पहुँचे (नियम 79(4))। 196227
- उम्मीदवार ख़ुद, या उसकी तरफ़ से कोई और, पैसे देकर या वैसे ही, मतदाताओं को बूथ तक लाने-ले जाने के लिए गाड़ी या नाव का इंतज़ाम करे; उम्मीदवार को ख़ुद या उसके परिवार वालों को ले जाना इसमें नहीं आता (नियम 79(5))। चुनाव से जुड़े किसी नियम या आदेश के ख़िलाफ़ ख़र्च करना, या उसकी मंज़ूरी देना, भी भ्रष्ट आचरण है (नियम 79(6))। 196227
- यह भ्रष्ट आचरण नहीं: मतदाता अपने ख़र्च से सार्वजनिक वाहन, ट्राम या रेल से बूथ तक आए-जाए; या कोई मतदाता अकेले, या कई मतदाता मिलकर, अपने ख़र्च से बिना इंजन वाली गाड़ी या नाव किराए पर लें (नियम 79(5) के परंतुक)। 196227
विशेष परिस्थितियाँ
जो हालात रोज़ नहीं आते, पर आ जाएँ तो नियम क्या कहता है: नामांकन से उप सरपंच तक, पड़ाव के हिसाब से।
नामांकन
दल का प्ररूप 'क' या 'ख' फ़ैक्स, ई-मेल या व्हाट्सऐप से आए, या उस पर रबड़ की मुहर वाले हस्ताक्षर हों, तो?
एक दल ने एक ही सीट के लिए दो उम्मीदवारों के नाम भेज दिए तो?
- एक ही प्ररूप 'ख' में एक सीट के लिए एक से ज़्यादा उम्मीदवार बताए हों (स्तम्भ 6 के प्रतिस्थानी उम्मीदवार के सिवा), तो उनमें से कोई भी उस दल का उम्मीदवार नहीं माना जाएगा। 182
- पर दल बाद के प्ररूप 'ख' से पहले के सब नाम रद्द करके एक सीट के लिए एक ही उम्मीदवार बताए, और वह तय समय (नामांकन की आख़िरी तारीख, दोपहर 3 बजे) तक पहुँचे, तो बाद वाली सूचना का उम्मीदवार दल का उम्मीदवार माना जाएगा। 228
- राज्य में मान्यता प्राप्त दल का आरक्षित चिह्न भी तभी मिलता है, जब वह दल उस सीट पर एक ही उम्मीदवार खड़ा करे। 157
दल ने पहले एक उम्मीदवार को मंज़ूरी दी, अब उसे बदलना चाहता है तो?
- बदल सकता है, अगर नए प्ररूप 'ख' में साफ़ लिखा हो कि पहले वाले की मंज़ूरी रद्द की गई है, और अधिकृत व्यक्ति का साइन किया यह प्ररूप नामांकन की आख़िरी तारीख को दोपहर 3 बजे तक RO को मिल जाए। तब नया उम्मीदवार ही दल का उम्मीदवार है। 228
- एक सीट के लिए अलग-अलग उम्मीदवारों वाले एक से ज़्यादा प्ररूप 'ख' आएँ, और दल यह न बता पाए कि पहले वाले वापस ले लिए गए, तो RO सिर्फ़ उसी उम्मीदवार को दल का उम्मीदवार मानेगा जिसका नामांकन पत्र सबसे पहले मिला था; बाकी दल के उम्मीदवार नहीं माने जाएँगे। 182
उम्मीदवार ने नामांकन पत्र में खुद को दल का उम्मीदवार लिखा, पर दल ने उसे मंज़ूरी नहीं दी तो?
- तब वह दल का उम्मीदवार नहीं है: इसके लिए पत्र में घोषणा के साथ दल का प्ररूप 'ख' भी समय पर पहुँचना चाहिए। 181
- पहले पत्र में दल का नाम लिखा और मुक्त चिह्न भी चुने: उन्हीं मुक्त चिह्नों पर विचार होगा। 183
- पहले पत्र में दल का नाम लिखा पर कोई चिह्न नहीं चुना: दूसरे पत्र के चिह्न "पहले पत्र" वाले माने जाएँगे; दूसरे और तीसरे पत्र भी ऐसे ही हों, तो चौथे पत्र के चिह्न देखे जाएँगे। 183
- किसी भी पत्र में चिह्न न चुना हो, तो उसे मुक्त चिह्न उसी तरीके से मिलेगा जैसे पसंद न देने वाले को: सारणी में ऊपर से पहला बचा चिह्न। 184
संवीक्षा
नाम वापसी और निर्विरोध
दल के मुख्य उम्मीदवार का नामांकन खारिज हो जाए या वह नाम वापस ले ले, तो प्रतिस्थानी उम्मीदवार का क्या होगा?
- दल प्ररूप 'ख' के स्तम्भ 6 में प्रतिस्थानी उम्मीदवार (Substitute Candidate) का नाम लिखता है। 182
- मुख्य उम्मीदवार का पत्र संवीक्षा में खारिज हो जाए, या वह नाम वापस ले ले, तो प्रतिस्थानी उम्मीदवार दल का उम्मीदवार माना जाएगा, बशर्ते उसका अपना पत्र खारिज न हुआ हो और उसने नाम वापस न लिया हो। 182
- मुख्य उम्मीदवार का पत्र स्वीकार हुआ और उसने नाम वापस नहीं लिया, तो प्रतिस्थानी उम्मीदवार (अगर वह भी मैदान में रहे) दल का उम्मीदवार नहीं माना जाएगा; उसे मुक्त चिह्न मिलेगा। 182
उम्मीदवार ने अलग-अलग नामांकन पत्रों में अलग-अलग दल लिखे, तो कौन-सा माना जाएगा?
उम्मीदवार ने ऐसा चिह्न माँगा जो मुक्त चिह्नों की सारणी में नहीं है, तो?
मतगणना और नतीजा
गिनती की जगह पर कब्ज़ा हो जाए, तो?
- गिनती की जगह पर बूथ कैप्चरिंग ऐसे हो कि वहाँ की गिनती का नतीजा पता न चल सके, तो RO तुरंत आयोग को रिपोर्ट करते हैं (नियम 48-ख(1))। 229
- गिनती की जगह पर कब्ज़े का मतलब: कोई उस जगह को क़ब्ज़े में लेकर गिनती करने वालों को मतपत्र या मशीनें सौंपने पर मजबूर करे, और ऐसा कुछ करे जिससे गिनती ठीक से न चल सके (नियम 48-ख की व्याख्या)। 230
- सरकारी सेवा का कोई व्यक्ति किसी उम्मीदवार की जीत की संभावना बढ़ाने के लिए ख़ुद ऐसा करे, या इसमें मदद करे या आँख मूँद ले, तो वह भी बूथ कैप्चरिंग है (नियम 48-ख की व्याख्या)। 230
- रिपोर्ट मिलने पर आयोग सब हालात देखकर या तो संबंधित बूथ का मतदान शून्य करके नया मतदान करवा सकता है; या, अगर तसल्ली हो कि कब्ज़े ने गिनती पर ऐसा असर डाला है जिससे चुनाव के नतीजे पर असर पड़ता है, तो उस निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव ही रद्द (countermand) कर सकता है (नियम 48-ख(2))। 229
- मशीन वाले चुनाव पर भी नियम 48-ख और 48-ग लागू हैं (नियम 58(5))। 142
दो उम्मीदवारों के वोट बराबर हों, तो जीत किसकी?
स्रोत
पाठ में लगी छोटी संख्या पर टैप कीजिए, उसका स्रोत वहीं दिख जाएगा। ↗ वाली कड़ी मूल PDF नए टैब में खोलती है।
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- 106.आदेश 5310, दि. 30.07.2026, पृ. 3 पाठ में
- 107.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 9कखगघ
- 108.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 20कखगघ
- 109.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 91कखगघङचछजझञटठ
- 110.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 22कखगघ
- 111.आदेश 1408, दि. 04.02.2026, संकलन पृ. 240कख
- 112.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 5 पाठ में
- 113.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 93कखगघङच
- 114.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 11कखग
- 115.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 27कखगघङच
- 116.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 11कख
- 117.आदेश 2235, दि. 25.06.2019, संकलन पृ. 242कखग
- 118.आदेश 2235, दि. 25.06.2019, संकलन पृ. 243कख
- 119.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 94कखगघङ
- 120.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 28 पाठ में
- 121.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 96कख
- 122.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 10 पाठ में
- 123.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 19कखगघ
- 124.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 92कखगघङचछजझञटठ
- 125.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 81 पाठ में
- 126.आदेश 6318, दि. 18.12.2009, संकलन पृ. 281 पाठ में
- 127.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 104कखगघङच
- 128.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 103कखगघङचछजझञट
- 129.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 98कखग
- 130.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 99कखगघङचछजझञ
- 131.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 100कखगघङचछज
- 132.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 101कखग
- 133.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 51 पाठ में
- 134.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 57कख
- 135.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 24 पाठ में
- 136.आदेश 2235, दि. 25.06.2019, संकलन पृ. 242, 243 पाठ में
- 137.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 49 पाठ में
- 138.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 102कखगघङचछ
- 139.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 12कखगघ
- 140.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 195 पाठ में
- 141.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 109कखगघङचछज
- 142.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 119कखगघङचछजझञटठडढणतथदधन
- 143.आदेश 9867, दि. 03.10.2026, पृ. 2कख
- 144.आदेश 9836, दि. 03.10.2026, पृ. 8कखगघ
- 145.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 4कख
- 146.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 74कखगघङ
- 147.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 143कखगघ
- 148.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 145कखगघङचछजझ
- 149.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 101कखगघङचछजझञटठडढणतथ
- 150.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 1कखगघङचछजझञ
- 151.आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 1कखगघङचछज
- 152.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 33कखगघ
- 153.आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 2कखगघङचछजझञट
- 154.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 2कखगघङचछजझञटठ
- 155.आदेश 10055, दि. 06.10.2026, पृ. 3कखगघङचछजझ
- 156.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 144कख
- 157.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 120कखगघङचछजझञटठड
- 158.आदेश 10062, दि. 06.10.2026, पृ. 3कखगघङचछज
- 159.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 26कखग
- 160.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 61कखगघङचछजझञ
- 161.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 62कखगघङ
- 162.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 31कखगघङ
- 163.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 30कखगघङच
- 164.आदेश 753, दि. 20.01.2026, संकलन पृ. 447कखग
- 165.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 118कखग
- 166.परिपत्र 2178, दि. 20.06.2019 (पत्र 594 के साथ), संकलन पृ. 401, 402कखगघङ
- 167.परिपत्र 2178, दि. 20.06.2019 (पत्र 594 के साथ), संकलन पृ. 402कखग
- 168.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 54 पाठ में
- 169.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 35कखगघ
- 170.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 27कखगघङचछज
- 171.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 60कखग
- 172.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 63कखगघङच
- 173.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 36कख
- 174.आदेश 10297, दि. 09.10.2026, पृ. 1कख
- 175.आदेश 10297, दि. 09.10.2026, पृ. 2 पाठ में
- 176.आदेश 10297, दि. 09.10.2026, पृ. 1–2 पाठ में
- 177.आदेश 10297, दि. 09.10.2026, पृ. 3कख
- 178.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 141 पाठ में
- 179.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 28 पाठ में
- 180.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 29 पाठ में
- 181.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 180कखगघङचछजझञटठडढण
- 182.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 181कखगघङचछजझ
- 183.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 182कखगघङचछजझञटठ
- 184.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 182, 183कखग
- 185.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 183कखगघ
- 186.आदेश 9867, दि. 03.10.2026, पृ. 1कख
- 187.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 34 पाठ में
- 188.मतपेटी मार्गदर्शिका, पृ. 63कखगघङ
- 189.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 102कखगघङच
- 190.पत्र 1100, दि. 28.01.2026, संकलन पृ. 328 पाठ में
- 191.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 180, 182–183 पाठ में
- 192.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 116कख
- 193.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 167कख
- 194.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 117कखगघङच
- 195.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 168कख
- 196.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 129कखगघङचछजझञटठ
- 197.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 289कख
- 198.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 288, 289, 295 पाठ में
- 199.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 295कखगघङच
- 200.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 293कख
- 201.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 293, 294 पाठ में
- 202.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 294कख
- 203.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 296कखगघ
- 204.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 288, 295 पाठ में
- 205.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 295, 296कख
- 206.आदेश 9508, दि. 28.09.2026, पृ. 2 पाठ में
- 207.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 296, 294 पाठ में
- 208.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 297 पाठ में
- 209.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 292कखगघङच
- 210.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 291कखग
- 211.पत्र 1299, दि. 03.02.2026, संकलन पृ. 289, 292 पाठ में
- 212.आदेश 710, दि. 20.01.2026, संकलन पृ. 354कख
- 213.आदेश 1024, दि. 27.01.2026, संकलन पृ. 316कख
- 214.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 115कखग
- 215.आदेश 1134, दि. 29.01.2026, संकलन पृ. 224कखगघङच
- 216.आदेश 1134, दि. 29.01.2026, संकलन पृ. 224, 225 पाठ में
- 217.आदेश 1134, दि. 29.01.2026, संकलन पृ. 225कखगघङ
- 218.आदेश 1134, दि. 29.01.2026, संकलन पृ. 226कखग
- 219.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 136कखगघ
- 220.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 139कखगघङच
- 221.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 141कखगघङचछज
- 222.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 142कखगघङ
- 223.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 138कखगघ
- 224.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 143कखग
- 225.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 140कखगघङचछज
- 226.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 22 पाठ में
- 227.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 130कखगघङच
- 228.आदेश 4196, दि. 17.10.2025, संकलन पृ. 181, 180कख
- 229.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 107कख
- 230.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 108कख
- 231.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 109 पाठ में