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RO के सवाल: सरपंच और पंच

साइट पर काम चल रहा है · अपडेट 03.11.2026अगर कोई त्रुटि दिखे तो डेवलपर भरत चौधरी (व्याख्याता, रा.उ.मा.वि., जेठन्तरी — ब्लॉक: समदड़ी, जिला: बालोतरा) को बताइए:
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सरपंच और पंच चुनाव 2026 के रिटर्निंग अधिकारी के सवाल, एक-एक करके, और हर सवाल का जवाब आयोग के आदेश या SLMT प्रशिक्षण सामग्री के उसी पृष्ठ के हवाले से जहाँ से वह लिया गया है।

सवाल उसी क्रम में हैं जिसमें RO का काम आगे बढ़ता है। नियम और प्रक्रिया शुरू से पढ़ने के लिए रिटर्निंग अधिकारी का मुख्य पेज देखिए।

हर जवाब के नीचे उसका स्रोत है। नीला लिंक दबाइए: आयोग के आदेश का वही पेज खुलेगा जहाँ से जवाब लिया गया है। बिना लिंक वाला स्रोत प्रशिक्षण सामग्री है, या ऐसा आदेश जिसकी PDF अभी इस साइट पर नहीं है।

1तैयारी: कानून, कार्यक्रम, RO 4 सवाल

कानून, कार्यक्रम, RO 4

A1पंच-सरपंच का चुनाव किन क़ानूनों और नियमों के तहत होता है, और किस आदेश के मुताबिक़ दोनों पदों पर वोट मतपत्र से डलते हैं?

मतपेटी वाली मार्गदर्शिका RO के लिए नामनिर्देशन के क़ानूनी प्रावधान गिनाती है: राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 19, 19ख, 20, 21 और 22 (परिशिष्ट-3), और राजस्थान पंचायतीराज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 23 से 54, 56 और 69 से 76 (परिशिष्ट-4)। 1 मार्गदर्शिका कहती है कि RO इन प्रावधानों को अच्छी तरह पढ़ ले। 1

दोनों पदों पर मतपेटी से चुनाव का फ़ैसला आयोग ने अपने पत्र क्रमांक एफ.7(1)(1)/पंचा/रानिआ/2024/1323, दिनांक 03.02.2026 में बताया है: "पंच एवं सरपंच पद का निर्वाचन मतपेटी के माध्यम से कराये जाने का निर्णय लिया गया है।" इसी पत्र के मुताबिक़ गिनती मतदान ख़त्म होते ही ग्राम पंचायत मुख्यालय पर, RO की देखरेख में होगी। 2

A2RO कौन बनता है, उसे कौन नियुक्त करता है, वह कहाँ बैठता है, और उसके मुख्य काम क्या हैं?
RO ग्राम पंचायत के मुख्यालय पर बैठकर पूरा निर्वाचन-कार्य करता है। 3 उसे जिला निर्वाचन अधिकारी नियुक्त करता है। 345 छह काम: (1) नाम निर्देशन लेना; (2) संवीक्षा करना और नाम वापसी का नोटिस लेना; (3) प्रतीक बाँटना और प्ररूप 5 की सूची लगाना; (4) मतदान दल के कर्मचारियों से मतपत्र पर काले बॉल पेन से नाम लिखवाना; (5) इन्हीं मतपत्रों से मतदान करवाना; (6) मतगणना पंचायत मुख्यालय पर करवाना; और आगे उपसरपंच का चुनाव। 6172

A3लोकसूचना, नामांकन, संवीक्षा, नाम वापसी, चिह्न, मतदान, गिनती और उपसरपंच का चुनाव: क्या ये सब एक ही दिन होते हैं? कौन-सा काम किस तारीख़ और किस समय?
सब एक ही दिन नहीं। नाम निर्देशन पत्र लेना, उनकी संवीक्षा और नाम वापसी एक ही दिन होते हैं। 7 आयोग की समय-सारणी में नामांकन की एक ही तारीख़ है; संवीक्षा (पूर्वाह्न 11:30 बजे से), नाम वापसी (अपराह्न 2:00 बजे तक) और प्रतीकों का आवंटन व लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची का प्रकाशन (2:00 बजे के तुरन्त बाद) के लिए सिर्फ़ समय दिए गए हैं, अलग तारीख़ नहीं। 8 नामांकन का समय प्रातः 8:00 से पूर्वाह्न 11:00 तक। 8 लोकसूचना की तारीख: चरण 1: 08.10.2026, चरण 2: 13.10.2026, चरण 3: 19.10.2026, चरण 4: 31.10.2026 (नियम 23 सपठित 56)। 8 नामांकन: 23.10, 29.10, 04.11, 15.11.2026। 98 पंच/सरपंच का वोट: 24.10 (शनिवार), 30.10 (शुक्रवार), 05.11 (गुरूवार), 16.11.2026 (सोमवार), प्रातः 7:00 से सायं 6:00 बजे तक। 910 मतगणना उसी तारीख को ग्राम पंचायत मुख्यालय पर, मतदान समाप्ति के तुरन्त बाद। 29 उपसरपंच: 25.10 (रविवार), 31.10 (शनिवार), 06.11 (शुक्रवार), 17.11.2026 (मंगलवार)। 910 मतदान दल का प्रस्थान 21.10 / 27.10 / 02.11 / 13.11। 910

A4नामांकन वाले दिन से पहले RO को क्या-क्या तैयार रखना है?

मतपेटी वाली मार्गदर्शिका के मुताबिक़ नामांकन से पहले ये बातें तय रहें:

  • प्रपत्रों का छपा सेट नामनिर्देशन शुरू होने से पहले निःशुल्क मिलेगा: प्ररूप-4 (परिशिष्ट 6-A), 4घ (6-B), क्रियाशील स्वच्छ शौचालय की घोषणा (6-C), उपाबन्ध-I-B (6-D) और उम्मीदवार की सूचना वाला फ़ॉर्म (6-E)। 1 RO पहुँचते ही फ़ॉर्म बाँटना शुरू कर सकता है, ताकि भरने वालों को दिक़्क़त न हो। 1
  • जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की लोक सूचना में जो जगह (गाँव और भवन), तारीख़ और समय लिखा है, वहीं नामनिर्देशन पत्र लेने हैं, उनकी संवीक्षा करनी है और नाम वापसी के नोटिस (परिशिष्ट-27) लेने हैं। 1 उस दिन RO को वहीं मौजूद रहना है। 1
  • RO पहले से अधिनियम की धारा 19, 19ख, 20, 21, 22 और निर्वाचन नियमों के नियम 23 से 54, 56, 69 से 76 पढ़ ले। 1

फ़ॉर्म कम पड़ें तो आयोग का पत्र 10055 (06.10.2026) बताता है: आयोग के प्ररूप न हों तो उनकी फोटो प्रति काम में ली जाए; सादे काग़ज़ पर हाथ से उतारकर बनाया नामनिर्देशन पत्र और साथ लगे प्ररूप स्वीकार्य नहीं होंगे; छपे, फोटो प्रति या टाइप किए प्ररूप में अभ्यर्थी की जानकारी हाथ से भरी हो या कंप्यूटर पर टाइप करके छापी गई हो, दोनों चलेगा। 11

2नामांकन और संवीक्षा 30 सवाल

एक नज़र में: पंच और सरपंच का नामांकन वाला दिन

कहाँ नामांकन, संवीक्षा और नाम वापसी, तीनों एक ही दिन ग्राम पंचायत मुख्यालय पर। 7
सुबह 8 से 11 बजे तक: नामांकन 8 वार्ड पंच के लिए कोई जमानत राशि नहीं है। 12 सरपंच के लिए नियम 56(3): सामान्य उम्मीदवार ₹500; अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला उम्मीदवार ₹250; रसीद नामांकन के साथ लगेगी। 1213
11:30 बजे से: संवीक्षा 8
दोपहर 2 बजे तक: नाम वापसी और उसके तुरंत बाद चुनाव चिह्न। 8
प्ररूप-5 और चुनाव चिह्न नाम वापसी के बाद पंच और सरपंच के उम्मीदवारों की अलग-अलग सूची प्ररूप-5 में लगेगी, हिन्दी वर्णमाला के क्रम में, और चुनाव चिह्न भी इसी क्रम में दिए जाएँगे। नामांकन से जुड़े सब काग़ज़ पी-1 लिफ़ाफ़े में रखे जाएँगे, और यह लिफ़ाफ़ा सील नहीं होगा। 7
पूरी बात: नामांकन और चुनाव कार्यक्रम वाले पेज। हर डिब्बे का स्रोत उसी डिब्बे में है।
लाभ का पद: संविदा, मानदेय या किसी योजना वाले पद पर आपत्ति आए, तो आयोग का पत्र 10297 (09.10.2026), अधिनियम की धारा 19, सर्वोच्च न्यायालय के फ़ैसलों की प्रति और उदाहरण लाभ का पद वाले पेज पर हैं। 14

नाम निर्देशन 10

B1नामांकन उम्मीदवार को ख़ुद देना है या कोई और भी दे सकता है? कहाँ और कितने बजे तक?
नामांकन अभ्यर्थी को ख़ुद RO को देना होता है; प्रस्तावक का प्रावधान नहीं है। 151617 तय तारीख़, तय समय और तय स्थान पर ही; नहीं तो विधि से प्रस्तुत नहीं माना जाएगा और पर्चा खारिज होगा। 1512 समय प्रातः 8:00 से पूर्वाह्न 11:00 बजे तक; स्थान वह गाँव और भवन जो जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की लोक सूचना में तय है, और RO को उस दिन वहीं मौजूद रहना है। 81 पर्चा (प्ररूप-4), प्ररूप 4घ, उपाबन्ध I-B (केवल सरपंच के लिए) और कार्यशील स्वच्छ शौचालय की घोषणा (परिशिष्ट 6-C) पर अभ्यर्थी ही हस्ताक्षर करेगा या अंगूठा लगाएगा; इन पर उसके हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान न होना नामंजूरी का आधार है। 1217 पहचान कराने के लिए कोई साथ आए तो उसका नाम RO पर्चे में दर्ज करता है। 1715

B2नामांकन के साथ कौन-कौन से काग़ज़ लेने हैं: सरपंच के लिए क्या, और पंच के लिए क्या?

आयोग का पत्र 10055 (06.10.2026) पहले के आदेशों की जगह यह सूची देता है: 18

  • नामनिर्देशन पत्र प्ररूप 4: पंच और सरपंच दोनों; सारी प्रविष्टियाँ भरनी हैं (संतान वाले कॉलम को छोड़कर)। 18
  • प्ररूप 4घ: दोनों। 18
  • उपाबन्ध I-B शपथ पत्र: केवल सरपंच, 50 रुपये के गैर-न्यायिक स्टाम्प पर, किसी न्यायाधीश, न्यायिक या कार्यपालक मजिस्ट्रेट, शपथ कमिश्नर या नोटरी पब्लिक के सामने प्रमाणित। 18
  • शौचालय की घोषणा: दोनों; आयोग के प्रारूप में, प्रमाणित करवाने की ज़रूरत नहीं। 13
  • नो-ड्यूज़: धारा 19(झ) और 19(ड) में कोई बकाया नहीं, तो किसी भी तरह का नो-ड्यूज़ नहीं चाहिए। 13
  • जाति प्रमाण पत्र: आरक्षित वार्ड/पद पर; सामान्य वार्ड से लड़ने वाले SC, ST, OBC अभ्यर्थी को तब, जब जमानत में रियायत चाहिए। 13
  • जमानत की रसीद: केवल सरपंच (सामान्य वर्ग 500 रुपये; महिला, SC, ST, OBC 250 रुपये)। 13
  • सांख्यिकी सूचना: न देने पर पर्चा खारिज नहीं होगा, पर जहाँ तक हो सके भरवाई जाए। 11
  • चरित्र प्रमाण पत्र लगाना ज़रूरी नहीं। 13 संतान वाली सूचना भी अब नहीं चाहिए: संतान संबंधी योग्यता के प्रावधान हटा दिए गए हैं। 18

B3प्ररूप-4, प्ररूप-4घ, शौचालय की घोषणा, उपाबंध I-B और सांख्यिकी फॉर्म: हर एक क्या है, और किसके लिए ज़रूरी है?
प्ररूप-4: नाम निर्देशन पत्र; दोनों पदों के लिए; कोई कॉलम खाली नहीं (संतान वाली योग्यता छोड़कर)। 1815 प्ररूप 4घ: अभ्यर्थी की घोषणा (लंबित मामले, दोषसिद्धि, सम्पत्ति); नाम निर्देशन पत्र के साथ ही लेना कानूनन ज़रूरी, इसके बिना पर्चा अधूरा और खारिज। 16 शौचालय की घोषणा (परिशिष्ट-6-सी): घर में कार्यशील शौचालय की घोषणा, दोनों पदों के लिए (पत्र 10055 में आधार धारा 19(थ), तस्वीर से पढ़ा)। 13 उपाबन्ध I-B: केवल सरपंच; 50 रुपये के स्टाम्प पर शपथ पत्र, किसी न्यायाधीश, न्यायिक या कार्यपालक मजिस्ट्रेट, शपथ कमिश्नर या नोटरी पब्लिक के सामने प्रमाणित। 18 सांख्यिकी फार्म (परिशिष्ट-6-E): मार्गदर्शिका में छपे इस फार्म के शीर्षक में जिला परिषद/पंचायत समिति सदस्य और सरपंच के उम्मीदवार लिखे हैं। 19 आयोग का पत्र 10055 इसे चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों से नामांकन के साथ भरवाने को कहता है; न देने से पर्चा खारिज नहीं होता, पर जहाँ तक हो सके भरवाया जाए। 11

B4क्या पंच-सरपंच के नामांकन में प्रस्तावक चाहिए? चाहिए तो कितने, और कौन बन सकता है?
पंच-सरपंच चुनाव में प्रस्तावक होता ही नहीं; इसलिए "कितने प्रस्तावक" और "एक मतदाता कितने अभ्यर्थियों का प्रस्तावक" वाले सवाल यहाँ उठते नहीं। 17 नामांकन अभ्यर्थी ख़ुद देता है। 15 (उपसरपंच के चुनाव में प्रस्तावक होता है: बैठक में मौजूद हर पंच या सरपंच किसी भी पंच का नाम लिखकर प्रस्तावित कर सकता है; देखिए G5।) 2021

B5सरपंच और पंच की जमानत राशि कितनी है, SC/ST/OBC और महिला को कितनी छूट है, और राशि कैसे जमा होती है, रसीद कौन देता है?
जमानत केवल सरपंच पद के लिए, नियम 56(3): सामान्य अभ्यर्थी 500 रुपये; अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला 250 रुपये। 221213 एक व्यक्ति कई पर्चे भरे तो भी एक ही जमानत। 2212 वार्ड पंच के लिए जमानत का प्रावधान नहीं। 1223 राशि पर्चे के साथ जमा होती है और रसीद पर्चे के साथ लगती है (आयोग का पत्र 10055)। 1312 आयोग के आदेश 753 के अनुसार जीतने वाला अभ्यर्थी निर्वाचित हो जाए और उसे छठा भाग वोट न भी मिले, तो भी उसकी जमानत लौटाई जाएगी। 24 अनारक्षित सरपंच पद पर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग का व्यक्ति 250 रुपये जमा करे, तो उसे जाति/वर्ग का प्रमाण-पत्र भी देना होगा। 1213 लौटाने/ज़ब्त करने की प्रक्रिया और 1/6 की सीमा G3 में दी गई है।

B6उम्मीदवार की कम से कम उम्र कितनी हो, और उसका नाम किस मतदाता सूची में होना चाहिए: पंच के लिए उसी वार्ड की, सरपंच के लिए उसी पंचायत की?
उम्र: नामनिर्देशन पत्र की संवीक्षा के दिन 21 साल पूरे होने चाहिए; पंच और सरपंच दोनों के लिए 21 वर्ष पर्याप्त है। 252627 मतदाता सूची में लिखी उम्र सिर्फ़ अनुमानित है, वह उम्र का प्रमाण नहीं मानी जाती; सही उम्र वही गिनी जाएगी जो वाक़ई है। 25 मार्गदर्शिका का उदाहरण: सूची में 21 साल लिखा हो, पर स्कूल के प्रमाण-पत्र से संवीक्षा की तारीख़ को उम्र 20 साल 10 महीने निकले, तो वह योग्य नहीं और यह साफ़ हो जाए तो पर्चा खारिज होगा। 25 मतदाता-सूची: अभ्यर्थी उसी पंचायत क्षेत्र के किसी भी वार्ड का मतदाता होना चाहिए, ज़रूरी नहीं कि उसी वार्ड का हो जहाँ से पंच का चुनाव लड़ रहा है; सरपंच के लिए भी उसी पंचायत क्षेत्र का मतदाता। 126 अभ्यर्थी उस पंचायत का मतदाता न हो, तो यह नामंजूरी का कारण है। 1715

B7आरक्षित पद पर जाति का कौन-सा प्रमाण पत्र चाहिए, और किसका जारी किया हुआ?

आरक्षित वार्ड/पद पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग का अभ्यर्थी कलक्टर या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत अधिकारी का जारी जाति प्रमाण पत्र नामनिर्देशन पत्र के साथ लगाएगा (नियम 25(1))। 1312 ये अभ्यर्थी सामान्य वार्ड से भी लड़ सकते हैं; वहाँ प्रमाण पत्र तब चाहिए जब जमानत में रियायत चाहिए। 13

अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित सीट पर: मार्गदर्शिका बताती है कि आयोग ने अपने आदेश दिनांक 30.10.14 से विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC) का प्रमाण पत्र रखने वाले को भी पात्र माना है। 121

B8क्या एक उम्मीदवार एक से अधिक नामांकन पत्र दे सकता है? क्या वह पंच और सरपंच दोनों के पर्चे एक साथ भर सकता है?

एक ही सीट के लिए एक से अधिक नामनिर्देशन पत्र भरे जा सकते हैं, और जमानत एक ही बार जमा होगी। 232212 संवीक्षा में एक-दो पर्चे खारिज हों और एक भी मंज़ूर हो जाए, तो वह उम्मीदवार बना रहता है; कई पर्चे मंज़ूर हों तब भी लड़ने वालों की सूची में नाम एक ही बार लिखा जाएगा। 23

पंच और सरपंच दोनों पदों पर एक साथ चुनाव नहीं लड़ा जा सकता, और वार्ड पंच एक से अधिक वार्ड से भी नहीं लड़ सकता (धारा 19ख)। 2825 कई सीटों के पर्चे संवीक्षा में खारिज नहीं होते; पर नाम वापसी के तय समय तक एक सीट छोड़कर बाक़ी सीटों से नाम वापस न लिया, तो वह किसी भी सीट से लड़ने वाला अभ्यर्थी नहीं माना जाएगा। 252829

B9नामांकन पत्र हाथ में आते ही RO को किस क्रम में क्या करना है: समय, पावती, सूचना?

मतपेटी वाली मार्गदर्शिका (पैरा 10-11) में ये काम लिखे हैं: 1217

  • अभ्यर्थी ख़ुद पर्चा (प्ररूप 4), प्ररूप 4घ, उपाबन्ध-I-B (केवल सरपंच) और शौचालय की घोषणा तय तारीख़, समय और जगह पर RO को देगा। 12 पंच-सरपंच चुनाव में प्रस्तावक नहीं होता। 17
  • शौचालय की घोषणा साथ न हो, तो अभ्यर्थी को मीमो दीजिए कि संवीक्षा से पहले ख़ुद के हस्ताक्षर वाली घोषणा दे; न दी, तो संवीक्षा में पर्चा खारिज किया जा सकता है। 17
  • अभ्यर्थी को संवीक्षा का समय, तारीख़ और जगह बताइए। 17
  • पर्चे पर अपनी हस्तलिपि से वार्ड का क्रम संख्यांक और उस वार्ड/सरपंच चुनाव के पर्चे का क्रम संख्यांक लिखिए। 17
  • पहचान कराने कोई साथ आया हो, तो उसका उल्लेख पर्चे के तीसरे पैरा में कीजिए; पर्चा मिलने का समय भी लिखिए। 17
  • पर्चे की रसीद, जो प्ररूप-4 (परिशिष्ट 6-A) में ही छपी है, अभ्यर्थी को दीजिए। 17

सरपंच के उपाबन्ध-I-B की एक प्रति नोटिस बोर्ड पर भी लगाइए। 12 उसकी जानकारी सही है या ग़लत, यह RO को नहीं जाँचना: उस जानकारी के आधार पर अपात्रता तय नहीं होती। 12 पत्र 10055 भी कहता है कि पर्चे या उसके साथ लगे घोषणा/शपथ पत्रों का कोई कॉलम (संतान वाले कॉलम को छोड़कर) ख़ाली हो, तो RO अभ्यर्थी को मीमो देगा। 11

B10क्या पंच-सरपंच का चुनाव पार्टी के आधार पर होता है? क्या किसी पार्टी का चुनाव चिह्न मिलता है?
पंच-सरपंच के चुनाव दलीय आधार पर नहीं होते; आयोग का पत्र 1100 (28.01.2026) यही कहता है। 30 इसलिए दल या पार्टी-चिह्न का सवाल नहीं उठता। 30 आयोग के पत्र 9809 (02.10.2026) के मुताबिक़ पंच-सरपंच के मतपत्र पर सिर्फ़ प्रतीक छपे होते हैं और अभ्यर्थी वाला स्थान ख़ाली रहता है; प्ररूप-5 लगते ही, ग्राम पंचायत पर, मतदान दल के अधिकारी/कर्मचारी हर अभ्यर्थी का नाम उसके प्रतीक के सामने काले बॉल पेन से हाथ से लिखते हैं। 731 नोटा (इनमें से कोई नहीं) का तय प्रतीक वाला स्टीकर आयोग छपवाकर देता है, और यह अंतिम अभ्यर्थी के बाद अगले स्थान पर चिपकाया जाता है। 31 सरपंच/पंच के निर्वाचन प्रतीकों की अलग अधिसूचना क्रमांक 4191 (17.10.2025) का पत्र 1100 में हवाला है; यह अधिसूचना आयोग के संकलन में छपी है, और उसके मुताबिक़ हर उम्मीदवार को आयोग के तय किए प्रतीकों में से एक दिया जाता है। 3032 (पत्र 1100 EVM मतपत्रों के बारे में है, पर ऊपर के ये वाक्य पंच-सरपंच के बारे में सीधे लिखे हैं।) 33 सरपंच के सांख्यिकी फार्म में एक प्रश्न है "यदि किसी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दल से सम्बंधित है"। 19 चिह्न किस क्रम में मिलते हैं, यह आयोग के पत्र 9809 में है: प्ररूप-5 में नाम हिन्दी वर्णमाला के क्रम में लिखे जाते हैं, और चुनाव चिह्न भी इसी क्रम में दिए जाते हैं (सवाल D3 देखिए)। 729

नामांकन लेते समय: फॉर्म, दस्तख़त और RO की जाँच 9

I1नामांकन के फॉर्म चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को RO कब से बाँट सकता है?
पंच और सरपंच के नामांकन के प्ररूप-4, प्ररूप-4घ, शौचालय की घोषणा, केवल सरपंच के लिए उपाबन्ध I-B और उम्मीदवार सूचना फॉर्म का छपा हुआ सैट निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले। 1 RO अपने पहुँचने के समय से ही नामांकन पत्र बाँट सकता है, ताकि चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों को कोई दिक़्क़त न हो। 1

I2कोई चुनाव लड़ने वाला RO से नामांकन का फॉर्म माँगे तो साथ में और क्या देना है, और प्ररूप 4-घ के बारे में उसे क्या बताना है?
फॉर्म माँगने वाले को RO नामांकन पत्र के साथ प्ररूप 4-घ ज़रूर दे, और सरपंच के लिए उपाबंध I-B भी साथ दे। 16 नामांकन पत्र जमा करते समय RO उम्मीदवार को साफ़ बता दे कि वह प्ररूप 4-घ की घोषणा पूरी भरकर, हर पृष्ठ पर हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी लगाकर नामांकन के साथ जमा करे, नहीं तो नामांकन पत्र खारिज कर दिया जाएगा। 16 4-घ के बिना सिर्फ़ प्ररूप 4 जमा हो तो वह अधूरा माना जाएगा। 16

I3नामांकन के किन-किन कागज़ों पर उम्मीदवार के अपने ही दस्तख़त या अंगूठा चाहिए, और अंगूठा हो तो RO को क्या करना है?
प्ररूप-4, प्ररूप 4-घ, सरपंच के लिए उपाबन्ध I-B और शौचालय की घोषणा, इन सब पर उम्मीदवार के हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान होना चाहिए, नहीं तो नामांकन पत्र खारिज किया जा सकता है। 17 प्ररूप-4 के साथ प्ररूप 4-घ, उपाबन्ध I-B (केवल सरपंच के लिए) और शौचालय की घोषणा, हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी के साथ, स्वयं अभ्यर्थी ही RO को देगा। 12 RO को यह जाँच करनी है कि हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी उसी व्यक्ति की है जिसने नामांकन भरा है। 17 अंगूठा निशानी हो, तो RO फॉर्म लेते समय ही ख़ुद संतुष्ट हो जाए, ताकि जाँच के समय इस आधार पर पर्चा खारिज न हो। 17

I4नामांकन लेते समय RO को उम्मीदवार से क्या पूछ लेना है, और पंच के नामांकन के साथ क्या नहीं लेना है?
RO उम्मीदवार से यह भी पूछ ले कि वह पंच पद के लिए चुनाव लड़ रहा है या सरपंच पद के लिए। 23 पंच के नामांकन के साथ कोई प्रतिभूति (जमानत) राशि नहीं लेनी है, और उपाबन्ध I-B में सूचनाएँ भी नहीं लेनी हैं, क्योंकि I-B केवल सरपंच के चुनाव के लिए है। 23

I5क्या उम्मीदवार से मतदाता सूची की प्रविष्टि की प्रमाणित नकल माँगनी है?
नहीं। उम्मीदवार चूँकि RO की ही पंचायत का मतदाता है, इसलिए किसी प्रविष्टि की प्रमाणित नकल की ज़रूरत नहीं है। 23

I6कोई आपत्ति करे कि उम्मीदवार का नाम दूसरी पंचायत की मतदाता सूची में भी है, तो क्या नामांकन खारिज होगा?
नहीं। केवल इस आधार पर कि उम्मीदवार का नाम दो जगह की सूची में है, नामांकन पत्र खारिज नहीं किया जा सकता, भले ही वहाँ की प्रमाणित सूची आपत्ति के समय पेश कर दी जाए। 23 RO को सिर्फ़ यह संतुष्टि करनी है कि नामांकन पत्र में लिखी प्रविष्टि वाला व्यक्ति ही उम्मीदवार है। 23

I7नामांकन पत्र में जाति वाला बिंदु और घोषणा का तीसरा बिंदु उम्मीदवार से कैसे भरवाना है?
नामांकन पत्र के बिंदु 3 (अभ्यर्थी की जाति) में जो विवरण सही और संबंधित है, उसके अलावा बाकी विवरण उम्मीदवार से कटवा दिया जाए। 23 इसी तरह उम्मीदवार की घोषणा का तीसरा बिंदु अगर उस पर लागू नहीं होता, तो उसका विवरण भी उम्मीदवार से कटवा दिया जाए। 23

I8SC, ST या OBC का व्यक्ति सामान्य सीट पर पर्चा भरे तो चलेगा? और आरक्षित सीट पर दूसरे वर्ग के व्यक्ति या पुरुष का पर्चा?
हाँ, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग का व्यक्ति सामान्य वार्ड या पंचायत का चुनाव लड़ने से अयोग्य नहीं माना जाएगा। 23 उलटा नहीं चलता: SC, ST या OBC के लिए आरक्षित सीट पर किसी भिन्न जाति या वर्ग का व्यक्ति चुनाव लड़ने के लिए अपात्र है (बस OBC की सीट पर विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC) का प्रमाण पत्र रखने वाला भी पात्र है), और महिला के लिए आरक्षित सीट पर जो व्यक्ति महिला नहीं है वह भी अपात्र है। 1217

I9नामांकन पत्र में उम्मीदवार के नाम या मतदाता क्रम संख्या में गलती हो तो RO को क्या करना है?
RO उम्मीदवार से यह जाँच कर ले कि उसके नाम के साथ मतदाता सूची की क्रम संख्या सही लिखी है। 1723 गलती हो तो उम्मीदवार से उसी समय ठीक करवा लें, क्योंकि उम्मीदवार का नाम RO के पास उपलब्ध मतदाता सूची में है। 23 अगर पर्चे में लिखे नाम और क्रम संख्या वाला व्यक्ति उम्मीदवार ही न निकले, तो यह नामांकन खारिज करने का एक आधार है, इसलिए सुधार नामांकन लेते समय ही करवा लें। 17

संवीक्षा और पात्रता 8

C1संवीक्षा कब होती है (उसी दिन, कितने बजे से), और उस समय कौन-कौन मौजूद रह सकता है?
संवीक्षा का समय पूर्वाह्न 11:30 बजे से है (नामांकन 11:00 बजे बंद होने के बाद); आयोग की समय-सारणी में इसकी अलग तारीख़ नहीं है। 8 संवीक्षा उसी दिन पूरी की जाती है; कार्यवाही आगे के लिए टाली नहीं जा सकती। 34 संवीक्षा के समय अभ्यर्थी ख़ुद उपस्थित रह सकता है, कोई अन्य व्यक्ति नहीं। 3515 नामांकन के समय ही अभ्यर्थी को जाँच का समय, तारीख़ और स्थान बता दिया जाता है। 1735 पर्चा लेते समय ही मतदाता क्रम संख्या या वार्ड संख्या की ग़लतियाँ ठीक करवा ली जाती हैं। 1723

C2नियम 27 के तहत नामांकन पत्र किन-किन कारणों से खारिज हो सकता है?
नियम 27 के तहत पर्चा खारिज होने के कारणों में ये शामिल हैं: (1) अभ्यर्थी अर्हित नहीं है या निरर्हित हो गया है; (2) अभ्यर्थी उस पंचायत का मतदाता नहीं है; (3) हस्ताक्षर या अंगूठे की छाप असली नहीं है या कपट, प्रपीड़न या अनुचित प्रभाव से ली गई है; (4) 4घ नहीं दिया; (5) सरपंच के पर्चे के साथ उपाबन्ध I-B नहीं दिया; (6) सरपंच पर जमानत जमा नहीं की। 1715 मार्गदर्शिका इसी नियम 27 के नीचे कुल ग्यारह कारण (i से xi) गिनाती है। 17

C3संवीक्षा कैसे करनी है: उस समय कौन मौजूद रह सकता है, आपत्ति कैसे सुननी है, और हर पर्चे पर फ़ैसला और उसका कारण कैसे लिखना है?

संवीक्षा चुनाव नियमों के नियम 27 के हिसाब से होती है (मार्गदर्शिका में छपा नियम): 35

  • तय दिन और तय समय पर RO सारे पर्चों की जाँच करता है। 3515
  • जाँच के समय अभ्यर्थी ख़ुद मौजूद रह सकते हैं, उनके सिवा कोई और नहीं। 35 RO उन्हें पर्चे देखने की पूरी सुविधा देता है, और किसी भी पर्चे पर आपत्ति करने का पूरा मौक़ा भी। 3515
  • हर आपत्ति पर फ़ैसला RO करता है। 3515 आपत्ति आने पर, या अपनी ओर से भी, RO पर्चा इन्हीं आधारों पर खारिज कर सकता है: (क) अभ्यर्थी चुनाव लड़ने के योग्य नहीं है या अयोग्य हो गया है; (ख) वह वही व्यक्ति नहीं है जिसका मतदाता सूची वाला क्रमांक या नाम पर्चे में लिखा है; (ग) हस्ताक्षर या अंगूठे की छाप असली नहीं है, या धोखे, दबाव या अनुचित प्रभाव से ली गई है; (घ) नियम 25 के प्रावधानों का पालन नहीं हुआ। 3515
  • हर पर्चे पर RO अपना फ़ैसला लिखता है कि पर्चा मंज़ूर है या नामंज़ूर; नामंज़ूर किया, तो उसके कारण भी छोटे में लिखता है। 3415
  • संवीक्षा उसी दिन पूरी होती है; कार्यवाही आगे के लिए टाली नहीं जा सकती। 3415

पत्र 10055 के मुताबिक़: पर्चे या उसके साथ लगे घोषणा/शपथ पत्रों का कोई कॉलम (संतान वाले कॉलम को छोड़कर) ख़ाली हो, तो RO अभ्यर्थी को मीमो देगा। 11 पहले दिए शपथ पत्र में काट-छाँट से कमी पूरी नहीं होगी, अलग से शपथ पत्र देना होगा; मीमो मिलने के बाद भी न दिया, तो पर्चा अस्वीकार करने योग्य होगा। 11

मार्गदर्शिका यह भी कहती है कि उम्मीदवार का नाम मतदाता सूची में दो जगह होने भर से पर्चा खारिज नहीं किया जा सकता; RO को बस यह इत्मीनान करना है कि पर्चे में लिखा व्यक्ति ही उम्मीदवार है। 23

C4कौन चुनाव लड़ सकता है: पात्रता की पूरी सूची क्या है?
लड़ने वाले की पात्रताएँ: (1) उसी पंचायत क्षेत्र के किसी भी वार्ड का मतदाता; (2) आरक्षित वार्ड/पद पर उसी वर्ग का मतदाता (OBC की सीट पर विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC) का प्रमाण पत्र रखने वाला भी पात्र); (3) नामनिर्देशन की संवीक्षा के दिन 21 वर्ष; (4) घर में कार्यशील शौचालय, घर का कोई सदस्य खुले में शौच न जाता हो; (5) संतान संबंधी रोक और शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता हटा दी गई है। 125361318 एक से अधिक पंचायती राज संस्थाओं की सदस्यता पर रोक है पर चुनाव लड़ने पर नहीं (धारा 20); एक ही संस्था में एक से अधिक सीट पर लड़ने पर रोक (धारा 19ख)। 2528

C5कौन चुनाव नहीं लड़ सकता (धारा 19): संतान वाला नियम और उसकी तारीख़, शौचालय, सरकारी बकाया, लाभ का पद, सज़ा; और क्या पढ़ाई की कोई शर्त है?

अपात्रताएँ ये हैं: 26
- संविधान अनुच्छेद 191(1)(a) से (e): लाभ का पद; विकृतचित्त; उन्मोचित दिवालिया; नागरिकता/विदेशी निष्ठा; किसी कानून से अयोग्य। 3727
- लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 (p43-44): जुर्माने पर दोषसिद्धि की तारीख़ से 6 वर्ष; कारावास पर कारावास से मुक्त होने के बाद 6 वर्ष; अपील/जमानत पर होने पर भी अयोग्यता। 3827
- राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम 1994 की धारा 19: 19(a) जो राजस्थान विधानसभा के चुनाव के लिए अयोग्य हो (विधानसभा के लिए उम्र 25 चाहिए, पर सरपंच/पंच के लिए 21 ही काफ़ी है); 19(aa) भ्रष्ट आचरण, 6 वर्ष; 19(b) वेतनभोगी पद; 19(c) नैतिक अधमता पर बर्खास्त; 19(d) पंचायती राज संस्था का वेतन/लाभ का पद; 19(e) संस्था के अनुबंध में हित; 19(f) शारीरिक/मानसिक कमी; 19(g) छह महीने या अधिक कैद (सज़ा पलटी, कम या माफ़ न हुई हो); 19(gg) पाँच साल या अधिक की सज़ा वाले अपराध में आरोप तय; 19(h) धारा 38 के तहत अयोग्य; 19(i) कर/फीस का बकाया दो महीने में न दिया; 19(j) संस्था का/के विरुद्ध लीगल प्रैक्टिशनर; 19(k) मृत्यु भोज अधिनियम में दोषसिद्ध; 19(m) पूर्व चेयरपर्सन/डिप्टी का बकाया और डिफॉल्टर सूची; 19(n) आरक्षित जाति/वर्ग का न होना; 19(o) महिला न होना; 19(p) जाति/वर्ग की महिला न होना; 19(q) शौचालय न होना। 26273940
- p54: पूरे/आंशिक समय का वैतनिक सरकारी/स्थानीय प्राधिकारी कर्मचारी: संवीक्षा के दिन से पहले वाले दिन की, त्यागपत्र स्वीकृति की प्रमाणित प्रति माँगें। 41
दो संतान का नियम: आयोग के पत्र 4795 (13.07.2026) के मुताबिक़ राजपत्र अधिसूचना दिनांक 25.03.2026 से पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के लिए संतान संबंधी प्रावधान हटा दिए गए हैं। 42 इसी वजह से पत्र 10055 (06.10.2026) के मुताबिक़ 4घ के बिन्दु 3 (संतान वाली सूचना) में अब कुछ देना ज़रूरी नहीं है। 18 पुरानी छपी सामग्री में यह शर्त दिखे तो वह 25.03.2026 से पहले की है। शैक्षणिक योग्यता: नहीं चाहिए; पढ़ाई से जुड़े खण्ड (r), (s) और (t) अधिसूचना दिनांक 22.02.2019 से हटा दिए गए थे। 39 शौचालय: घर में कार्यशील स्वच्छ शौचालय होना चाहिए और परिवार का कोई सदस्य खुले में शौच के लिए न जाता हो; इसकी घोषणा आयोग के तय प्रारूप में पर्चे के साथ भरकर देनी है। 3613 सरकारी बकाया: पत्र 10055 में धारा 19(झ) और 19(ड), नोटिस के दो माह बाद; पर नामांकन से पहले चुका दे और जमा की रसीद या नो-ड्यूज़ दिखा दे तो अयोग्य नहीं। 13 लाभ का पद: आयोग का पत्र 10297 (09.10.2026) संविदा, नियत मानदेय और योजनाओं वाले पदों पर (संविदा, आशा सहयोगिनी, आंगनवाडी, राशन डीलर, आदि) निर्णय की कसौटियाँ बताता है। 144344 ये सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले Pradyut Bardoloi v/s Swapon Roy वाली पाँच कसौटियाँ हैं: नियुक्ति सरकार ने की है या नहीं; सरकार को हटाने का अधिकार है या नहीं; पद से वेतन, मानदेय या कोई और आर्थिक लाभ जुड़ा है या नहीं; पदधारी जो काम करता है उसकी प्रकृति क्या है; और सरकार उस पद पर कितना नियंत्रण रखती है। 44

जोड़: आयोग का पत्र क्रमांक एफ. 5(2)(1)पंचा/रानिआ/2022/10520, दिनांक 14-10-2026: आयोग ने पंचायतीराज विभाग के पूछने पर लिखा है कि ग्राम पंचायत का कार्यकाल पूरा होने पर बनी प्रशासकीय समिति के पद लाभ के पद की श्रेणी में नहीं माने जाएँगे। 45 समिति में उसी ग्राम पंचायत के पुराने उपसरपंच और वार्ड पंच सदस्य बनाए गए थे। 45 यह पत्र विभाग को लिखा गया है, RO को सीधे नहीं। 45 पत्र 10297 के बिंदु 7 (प्रशासक का पद) में आयोग ने लिखा था कि पहले के आदेश के अनुसार RO अपने स्तर पर निर्णय ले। 43

C6क्या सिर्फ़ FIR दर्ज होने या मुक़दमा चलने से कोई चुनाव लड़ने से अयोग्य हो जाता है?
सिर्फ़ FIR दर्ज होना अयोग्यता नहीं है: धारा 19(gg) में अयोग्यता तभी है जब सक्षम न्यायालय ने पाँच साल या उससे ज़्यादा की सज़ा वाले अपराध का संज्ञान लेकर आरोप तय कर दिए हों और मुकदमा चल रहा हो। 3940 इसलिए सिर्फ़ चार्जशीट दाख़िल होना, या न्यायालय का संज्ञान भर लेना, अपने-आप यह अयोग्यता नहीं है; आरोप तय होना भी ज़रूरी है। 39 जिस अयोग्यता की जाँच हो रही है, उसके वैधानिक तत्वों और लागू अभिलेखों को देखना ज़रूरी है (प्रशिक्षण स्लाइड के मुताबिक़)। सज़ा हो जाने (दोषसिद्धि) वाली अयोग्यता अलग है: धारा 19(g) में, किसी अपराध में छह महीने या उससे ज़्यादा की कैद की सज़ा होने पर, जब तक वह सज़ा पलटी या माफ़ न हुई हो। 39 4घ में अभ्यर्थी लंबित मामलों की सूचना देता है, पर आयोग का पत्र 10055 के अनुसार यह जानकारी योग्यता/अयोग्यता तय करने के लिए है; बिन्दु 3-4 की जानकारी केवल मतदाताओं के लिए। 18

C7एक ही व्यक्ति सरपंच और पंच दोनों के लिए नामांकन भर दे तो क्या दोनों पर्चे मान्य हैं?
संवीक्षा में दोनों पर्चे खारिज नहीं होंगे, पर वह एक ही सीट से चुनाव लड़ सकता है। 25 सरपंच का चुनाव लड़ने वाला पंच का चुनाव नहीं लड़ सकता (धारा 19ख)। 2528 दोनों पर पर्चा भरने पर संवीक्षा में पर्चा नामंज़ूर नहीं होगा, पर नाम वापसी के निर्धारित समय तक एक सीट छोड़कर शेष से नाम वापस न लिया तो सभी सीटों से अभ्यर्थिता वापस मान ली जाएगी और वह अभ्यर्थियों की सूची में नहीं रहेगा। 2928

C8नामांकन पत्र की किन छोटी (तकनीकी) कमियों पर पर्चा खारिज नहीं करना है?
जिन कमियों पर पर्चा नामंज़ूर नहीं होता: (1) उम्मीदवार का नाम दो पंचायतों की मतदाता सूची में होना; (2) एक पर्चा खारिज हो जाए पर दूसरा मंज़ूर हो; (3) सांख्यिकी सूचना फार्म न देना (पत्र 10055); (4) संतान वाला कॉलम खाली होना (पत्र 10055: संतान संबंधी योग्यता छोड़कर); (5) चरित्र प्रमाण पत्र न होना; (6) नो-ड्यूज जब कोई बकाया न हो। 23111813 मतदाता क्रम संख्या या वार्ड संख्या में ग़लती हो, तो RO उसे पर्चा लेते समय ही अभ्यर्थी से ठीक करवा ले। 1723 ध्यान रहे खाली कॉलम (संतान वाला छोड़कर) पर पहले मेमो मिलता है और पूर्ति न होने पर पर्चा अस्वीकार करने योग्य। 11

पात्रता की कुछ बारीक बातें 3

J1मंत्री, मुख्य सचेतक, संसदीय सचिव या विपक्ष के नेता जैसे पद क्या 'लाभ के पद' में गिने जाएँगे?
राजस्थान विधानसभा सदस्य (निरर्हता-निराकरण) अधिनियम के प्रावधानों में राज्य सरकार के मंत्री, मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक, संसदीय सचिव या अवर संसदीय सचिव और विधानसभा में विपक्ष के नेता आदि के पद लाभ के पद में शामिल नहीं हैं। 27 यानी ये पद अनुच्छेद 191 वाले लाभ के पद में नहीं गिने जाते। 27

J2लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8क, 9 और 10क में अयोग्य घोषित लोगों की सूची RO को कहाँ से मिलेगी?
यह सूची भारत निर्वाचन आयोग जारी करता है। 27 आपके क्षेत्र के व्यक्तियों से जुड़ी सुसंगत प्रविष्टियों की प्रति, अगर कोई हो, तो सामग्री के साथ जिला निर्वाचन अधिकारी से मिल जाएगी। 27

J3जिस वकील ने पहले पंचायत के पक्ष या विपक्ष में मुकदमा लड़ा या फ़ीस ली, क्या वह अयोग्य है?
नहीं। अयोग्यता तब है जब व्यक्ति संबंधित पंचायत की ओर से या उसके विरुद्ध वकील के रूप में नियुक्त हो। 46 अगर उसने भूतकाल में पंचायत के पक्ष या विपक्ष में मुकदमा लड़ा हो, या पक्ष में लड़ने के लिए पहले कभी पारिश्रमिक लिया हो, तो वह अब अयोग्य नहीं माना जाएगा। 46 भूतकाल में लिए पारिश्रमिक के लिए किसी को अयोग्य करार नहीं दिया जा सकेगा। 46

3नाम वापसी, प्ररूप-5 और मतपत्र 13 सवाल

नाम वापसी, प्ररूप 5, प्रतीक, मतपत्र 10

D1नाम वापसी (नियम 28) कब तक हो सकती है, कैसे होती है, और कौन कर सकता है?
नाम वापसी अपराह्न 02ः00 बजे तक हो सकती है; नामनिर्देशन पत्रों की संवीक्षा पूर्वाह्न 11ः30 बजे से होती है। 8 अभ्यर्थी को नाम वापसी का नोटिस (परिशिष्ट-27) खुद आकर दो प्रतियों में RO को देना है, और उस पर हस्ताक्षर भी अभ्यर्थी के ही होंगे; दूसरे व्यक्ति का दिया नोटिस अमान्य है। 23 नोटिस सही जगह (यथास्थान) और तय समय के भीतर ही देना है; तय समय के बाद दिया नोटिस भी अमान्य है। 2347 एक बार नोटिस देने के बाद वापस नहीं लिया जा सकता। 2347 नोटिस मिलने पर जल्द से जल्द RO उसकी एक प्रति पंचायत कार्यालय (न हो तो पंचायत मुख्यालय) में सबको दिखने वाली जगह लगवाएगा। 4729 किसी ने एक से अधिक पर्चे भरे हों तो एक ही नोटिस से सब वापस माने जाएँगे। 23 नियमों में इसका कोई प्रारूप तय नहीं है, पर सुविधा के लिए नाम वापसी का एक मॉडल फार्म (परिशिष्ट-27) बनाया गया है। 29

D2उम्मीदवार का सांख्यिकी फ़ॉर्म कब भरवाना है, उसमें क्या होता है, और गिनती के बाद वह कहाँ जाता है?

पत्र 10055 के मुताबिक़ नामांकन पत्र के साथ ही उम्मीदवार से सांख्यिकी सूचना का फ़ॉर्म भरवाया जाएगा। 11 यह न देने पर नामांकन पत्र खारिज नहीं किया जाएगा, पर जहाँ तक हो सके इसे भरवाइए। 11

मार्गदर्शिका के मुताबिक़ नामांकन शुरू होने से पहले जो छपा फ़ॉर्म-सेट मुफ़्त मिलता है, उसमें "उम्मीद्वार से संबंधित सूचना फार्म" (परिशिष्ट 6-E) भी है। 1 इसमें उम्मीदवार का व्यवसाय, पढ़ाई, किसी मान्यता वाले दल से जुड़ाव, पहले लड़े चुनाव (जीते या हारे), पंचायती राज या नगरीय निकाय में पहले रहे पद और उनकी अवधि लिखी जाती है; नीचे उम्मीदवार के हस्ताक्षर, तारीख़, जगह और पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो। 19

गिनती के बाद के लिफ़ाफ़ों की सूची (RO प्रशिक्षण सामग्री) में लिफ़ाफ़ा P-10 "पंच/सरपंच के सांख्यिकीय आंकड़े" है, जो सील नहीं होता। 48 उसमें तीन फ़ॉर्म हैं: सांख्यिकीय फ़ॉर्म-पंच, सांख्यिकीय फ़ॉर्म-सरपंच और बूथवार आँकड़े। 48 ये तीनों फ़ॉर्म अलग काउंटर पर जमा कराने हैं, या ज़िला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश के मुताबिक़ ज़ोनल मजिस्ट्रेट के ज़रिए जल्दी पहुँचाने हैं। 49

D3प्ररूप-5 (चुनाव लड़ने वालों की आख़िरी सूची) कैसे बनानी है: नाम किस क्रम में लिखने हैं, चिह्न कौन-से और कैसे मिलते हैं, और दो उम्मीदवारों के नाम एक जैसे हों तो क्या करना है?

नामांकन वाले दिन नाम वापसी दोपहर 2 बजे तक होगी, और उसके तुरंत बाद चुनाव चिह्न दिए जाएँगे (पत्र 9836)। 87

नाम वापसी के बाद पंच और सरपंच के उम्मीदवारों की अलग-अलग सूची प्ररूप-5 में लगेगी, हिन्दी वर्णमाला के क्रम में, और चुनाव चिह्न भी इसी क्रम में दिए जाएँगे (पत्र 9809)। 7 मार्गदर्शिका के मुताबिक़ पंच की सूची प्ररूप-5 (परिशिष्ट 8-B) में बनती है और सरपंच की प्ररूप-5 (परिशिष्ट 8-A) में; पंच के उम्मीदवारों की सूची वार्ड के हिसाब से अलग बनती है, और नाम हिन्दी वर्णमाला (परिशिष्ट-19) के क्रम में लिखे जाते हैं। 29

चिह्न कौन-से: अधिसूचना 4191 (17.10.2025) के मुताबिक़ पंच और सरपंच के चुनाव में हर लड़ने वाले उम्मीदवार को राज्य निर्वाचन आयोग के तय किए चिह्नों में से एक चिह्न मिलेगा। 327 पंच के चिह्न इस अधिसूचना की सारणी-1 में हैं, और सरपंच के सारणी-2 में। 50 इसने चिह्नों वाली पहले की चार अधिसूचनाओं (2019 और 2025 की) की जगह ली है। 32

एक ही नाम के दो या ज़्यादा उम्मीदवार हों, तो उनके नाम के साथ पिता या पति का नाम जोड़कर, या किसी और तरीक़े से जो RO ठीक समझे, उन्हें अलग-अलग पहचान दी जाएगी। 5147

D4सरपंच और पंच के मतपत्र कैसे होते हैं: रंग, उम्मीदवारों के नाम कौन और कैसे लिखता है, और अतिरिक्त पर्चियाँ कब और कितनी मिलती हैं?

पत्र 9809 के मुताबिक़:

  • सरपंच का मतपत्र सफ़ेद होगा, और पंच का गुलाबी। 31 हर मतपत्र पर 7 अंकों का एक नंबर होगा; इसमें काउंटर फ़ाइल नहीं होती। 31
  • मतपत्र पर सिर्फ़ चुनाव चिह्न छपे आएँगे; उम्मीदवार के नाम की जगह ख़ाली होगी। 7 प्ररूप-5 की सूची लगते ही, ग्राम पंचायत पर ही, मतदान दल के अधिकारी और कार्मिक हर उम्मीदवार को मिले चिह्न के सामने वाली ख़ाली जगह पर उसका सही नाम काले बॉलपेन से लिखेंगे। 7 वोट इन्हीं मतपत्रों से पड़ेंगे, जो मतदान दल ने ख़ुद तैयार किए हैं। 7
  • चिह्न एक कॉलम में दस-दस छपे होते हैं: 1 से 10 मतपत्र पर, 11 से 20 पहली अतिरिक्त पर्ची पर, 21 से 30 दूसरी पर, और 31 से 40 तीसरी पर। 31 उम्मीदवार ज़्यादा हों, तो ज़रूरत के हिसाब से पहली, दूसरी और तीसरी पर्ची मतपत्र के नीचे चिपकाकर मतपत्र पूरा किया जाएगा। 52 जो चिह्न काम में नहीं आए, उन्हें कैंची या ब्लेड से काटकर अलग कर दिया जाएगा। 52
  • नोटा का स्टीकर आयोग से छपकर आएगा, और आख़िरी उम्मीदवार के ठीक बाद वाली जगह पर चिपकाया जाएगा। 31 जैसे, 6 उम्मीदवार हों तो मतपत्र पर सातवीं जगह पर; 12 हों तो पहली अतिरिक्त पर्ची की तीसरी जगह पर। 52
  • अतिरिक्त पर्चियाँ नामांकन पूरे होने के बाद, योग्य उम्मीदवारों की गिनती देखकर, ज़िला निर्वाचन अधिकारी तुरंत रिटर्निंग अधिकारी को देंगे। 52
  • इस काम का सामान: काला बॉलपेन, काला कार्बन, फेविस्टिक, कैंची या ब्लेड, स्टील का स्केल, स्टेपलर, यू-पिन और हार्डबोर्ड। 52

D5मतपत्र का अधिप्रमाणन कैसे होता है: मुहर और दस्तख़त कौन करता है, और कहाँ?
आयोग का आदेश क्रमांक 1031 दिनांक 27.01.2026 कहता है कि हर मतपत्र को वोटर को देने से पहले उसकी पीठ पर रबर की मुहर से स्टाम्प किया जाएगा, जिसमें एक वर्गाकार (चौकोर) खाने के अंदर हिंदी में "पं.रा.सं." लिखा होगा। 53 उसके बाद मतदान अधिकारी अपने पूरे हस्ताक्षर करके मतपत्र को अनुप्रमाणित करेगा। 53 यह नियम 39 के उप-नियम (1) के तहत है, और यह आदेश पंच, सरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव पर लागू है। 5354 मुहर और पूरा हस्ताक्षर मतदान अधिकारी (PO) का है। 5355 गिनती के समय जिस मतपत्र पर यह मुहर भी न हो और PO के हस्ताक्षर भी न हों, यानी दोनों ही न हों, उसे RO नामंजूर कर देगा; लेकिन अगर RO को समाधान हो जाए कि चूक PO या APO की भूल से हुई है तो वह मतपत्र नामंजूर नहीं होगा। 53 नियम 39(1) सिर्फ़ इतना कहता है कि हर मतपत्र वोटर को देने से पहले उस रीति से अधिप्रमाणित किया जाएगा जो आयोग बताए। 54 गिनती में नामंजूरी वाली ऊपर की शर्त नियमों में नहीं है; यह आयोग के आदेश 1031 (27.01.2026, सां.आ. 152/2026) से आती है, जो नियम 91-क के तहत कठिनाइयाँ दूर करने की आयोग की शक्ति से जारी हुआ है। 53 मार्गदर्शिका के मुताबिक़ PO मतपत्रों की पीठ पर पूरे हस्ताक्षर करेगा और सुभिन्नकारी चिन्ह लगाएगा, और एक बार में 50 से ज़्यादा मतपत्र हस्ताक्षर करके न रखे। 56

D6पूरी पंचायत (सारे वार्ड पंच और सरपंच) निर्विरोध चुनी जाए, तो RO परिणाम कैसे और किस प्ररूप में घोषित करता है, और जहाँ एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों वहाँ क्या होगा?

मार्गदर्शिका के मुताबिक़, अगर पूरी पंचायत में सारे वार्ड पंच और सरपंच निर्विरोध चुने जाएँ, तो उम्मीदवारों की सूची आम तरीक़े से नहीं लगेगी। 51 उसकी दो प्रतियाँ बनेंगी: एक पंचायत कार्यालय पर लगेगी, और दूसरी ऑफ़िस कॉपी लिफ़ाफ़े में बंद कर दी जाएगी। 51 ऐसे में RO नियम 29(2) के तहत परिणाम निर्विरोध घोषित करेगा, और प्ररूप-7 (परिशिष्ट-10) भरकर उस पर हस्ताक्षर करेगा। 514757

जिस वार्ड में, या पंचायत में, एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों, वहाँ मतदान तय जगह पर, तय तारीख़ और तय समय पर होगा। 51

D7मतदान शुरू होने से पहले किसी उम्मीदवार की मौत हो जाए, तो क्या होगा?

मार्गदर्शिका में छपे नियम 73 के मुताबिक़: 58

  • मतदान शुरू होने से पहले किसी उम्मीदवार की मौत हो जाए, तो सिर्फ़ इस वजह से मतदान नहीं रुकेगा। 5859
  • पर अगर उस मौत के बाद उस जगह के लिए लड़ने वाला एक ही उम्मीदवार बचे, तो RO मौत की बात का इत्मीनान करके मतदान रोक देगा (नियम के शब्द: "प्रत्यादिष्ट करेगा"), और ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) के ज़रिए आयोग को इसकी रिपोर्ट भेजेगा। 5859
  • फिर उस जगह के चुनाव की सारी कार्यवाही, नए चुनाव की तरह, पहले वाले नियमों के हिसाब से फिर से शुरू होगी। 5859
  • जो व्यक्ति मतदान रुकने के समय लड़ने वाला उम्मीदवार था, उसे दोबारा नामांकन नहीं भरना होगा। 5859
  • जिसने मतदान रुकने से पहले नियम 28(1) के तहत नाम वापसी का नोटिस दे दिया था, वह अब फिर से नामांकन भर सकता है; उसे इसके लिए अयोग्य नहीं माना जाएगा। 5859

D8किसी वार्ड में पंच के लिए एक भी नामांकन न आए, तो RO क्या करे?
गिनती पूरी होने के बाद RO नतीजे की विवरणी प्ररूप-7 में बनाता है। 60 नियम 52(1)(ङ) के मुताबिक़ RO उन वार्डों को अलग से लिखता है जिनमें पंच नहीं चुना गया। 6057 यह विवरणी किस-किस को भेजी जाती है, यह G1 में है।

D9किसी वार्ड में पंच के लिए, या सरपंच के लिए, सिर्फ़ एक ही उम्मीदवार हो, तो RO क्या करे?

नियम 29(2) के मुताबिक़, किसी वार्ड में एक ही उम्मीदवार हो और उसका नामांकन मंज़ूर हो चुका हो, तो RO उसे विधिवत चुना गया घोषित करता है, यानी वह निर्विरोध चुना जाता है। 3447 सरपंच के चुनाव के लिए नियम 56(3) कहता है कि नियम 23 से 54 तक के प्रावधान ज़रूरी बदलाव के साथ, जहाँ तक हो सके, उस चुनाव पर भी लागू होंगे; अलग शर्त सिर्फ़ सरपंच के नामांकन के साथ जमा होने वाली ज़मानत राशि की है। 6122 नियम 29 भी इन्हीं (23 से 54) में आता है। 61

नतीजा प्ररूप-7 में जाता है: नियम 52(1)(ग)(i) के मुताबिक़ प्ररूप-7 की विवरणी में उन उम्मीदवारों के नाम और पते लिखे जाते हैं जो नियम 29(2) में निर्विरोध चुने गए, और प्ररूप-7 में इसके लिए अलग कॉलम है। 605762 पूरी पंचायत ही निर्विरोध चुनी जाए, तो उसकी बात D6 में है।

D10सरपंच का चुनाव न हो पाए (मसलन सरपंच के लिए कोई उम्मीदवार ही न हो), तो RO क्या करे?

नियम 56(6) के मुताबिक़, पंचायत सर्किल सरपंच न चुन पाए, तो RO यह बात तुरंत जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को रिपोर्ट करता है। 6322 जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) आयोग और राज्य सरकार को बताता है, और फिर राज्य सरकार धारा 26(2) के तहत किसी व्यक्ति को सरपंच नियुक्त करती है। 6322

धारा 26(2) के मुताबिक़ ऐसा नियुक्त व्यक्ति तब तक विधिवत चुना गया सरपंच माना जाता है, जब तक छह महीने के भीतर चुनाव से यह पद भर न जाए। 6465

प्ररूप-5 (चुनाव लड़ने वालों की सूची) की प्रतियाँ और नाम 3

K1प्ररूप-5 की प्रतियाँ किस-किस को और कितनी-कितनी देनी हैं?
प्ररूप-5 में वार्ड पंच के उम्मीदवारों की सूची वार्डवार अलग और सरपंच के उम्मीदवारों की सूची अलग लिखी जाती है। 2951 इन सूचियों की प्रतियाँ इस तरह दी जाएँगी: हर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को एक, सरपंच की सूची हर वार्ड में एक, पंच की सूची संबंधित वार्ड में एक, और पंचायत कार्यालय पर एक। 51

K2प्ररूप-5 में उम्मीदवार का नाम और पता किसके अनुसार लिखना है?
प्रशिक्षण स्लाइड के मुताबिक़, प्ररूप-5 में उम्मीदवार का नाम और पता नाम निर्देशन पत्र के अनुसार ही लिखें। यानी वही नाम और पता जो उम्मीदवार के नामांकन पत्र में है।

स्रोत: भरे हुए प्रपत्र (पंचायत), पृ. 13

K3एक ही उम्मीदवार के दो या ज़्यादा नामांकन पत्र स्वीकार हो जाएँ तो प्ररूप-5 की सूची में उसका नाम कितनी बार आएगा?
अगर कोई व्यक्ति किसी वार्ड या सरपंच पद के लिए एक से अधिक नामांकन पत्र देता है और संवीक्षा में एक से अधिक नामांकन पत्र स्वीकार हो जाते हैं, तब भी चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची में उसका नाम एक ही बार लिखा जाएगा। 23

4प्रचार: आयोग के आदेश 15 सवाल

प्रचार, वाहन, लाउडस्पीकर, पोस्टर और मोबाइल: आयोग के आदेश 15

L1सरपंच के उम्मीदवार को प्रचार में अधिकतम कितने वाहन चलाने की छूट है, और 'वाहन' से क्या मतलब है?
आयोग के आदेश दिनांक 23.12.2025 के अनुसार सरपंच पद के चुनाव में अभ्यर्थी अधिकतम एक वाहन का उपयोग कर सकेगा। 66 आदेश के इसी पैरा में वाहन से मतलब जीप, कार, तिपहिया टैम्पो आदि से है। 66

L2प्रचार में कौन-से वाहन बिल्कुल बंद हैं, और यह रोक कब से कब तक है?
अधिसूचना की तारीख से चुनाव समाप्ति तक अभ्यर्थी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता के चुनाव प्रचार या चुनाव संबंधी यात्रा के लिए बस, ट्रक, मिनी बस, मेटाडोर और किसी भी तरह के पशुचालित वाहन (जैसे तांगा, ऊँटगाड़ी, बैलगाड़ी) का उपयोग पूरी तरह मना है। 66

L3प्रचार के वाहन के लिए किसे, कब तक पहले और क्या सूचना देनी होती है, और RO की अनुमति किस प्ररूप में जारी होती है?
अभ्यर्थी या उसका निर्वाचन अभिकर्ता वाहन का नंबर, उसका प्रकार और चालक का नाम-पता लिखित में कम से कम 24 घंटे पहले देगा। 66 यह सूचना संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को दी जाती है। 66 सरपंच के मामले में यह सूचना रिटर्निंग अधिकारी की जगह उपखण्ड अधिकारी को दी जाती है। 66 आदेश के अनुसार इस सूचना के आधार पर रिटर्निंग अधिकारी वाहन-उपयोग की लिखित अनुमति प्ररूप "ख" में जारी करेगा, जो वाहन पर प्रदर्शित (display) करनी होगी। 66

L4रैली या काफिले में कितने वाहन हो सकते हैं, और मतदान से पहले रैली पर कब से रोक है?
किसी भी चुनाव में रैली या काफिला 3 से ज़्यादा वाहनों का नहीं निकाला जाएगा। 66 मतदान समाप्ति के निर्धारित समय से 48 घंटे पहले की अवधि में ऐसी रैली या काफिला निकालना पूरी तरह मना है। 66

L5मतदान के दिन प्रचार के वाहन का उपयोग करना हो तो किसकी अनुमति चाहिए, और उल्लंघन पर क्या होगा?
मतदान दिवस को वाहन के उपयोग के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से लिखित अनुमति लेनी होगी। 66 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 133 सपठित धारा 123(5) के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ, तो ऐसी अनुमति रिटर्निंग अधिकारी या उपखण्ड अधिकारी द्वारा बिना किसी नोटिस के निरस्त कर दी जाएगी। 66

L6लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए किसकी, किस प्ररूप में और किस समय के लिए अनुमति चाहिए, और आवेदन में क्या लिखना है?
लाउडस्पीकर का उपयोग सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही हो सकेगा, और वह भी क्षेत्राधिकार रखने वाले जिला मजिस्ट्रेट, उपखण्ड मजिस्ट्रेट या अन्य सक्षम प्राधिकारी की प्ररूप "ग" में लिखित अनुमति मिलने के बाद। 67 अनुमति के आवेदन में यह साफ़ लिखना ज़रूरी है कि लाउडस्पीकर कब, किस तरह और किस जगह इस्तेमाल होना है। 67

L7लाउडस्पीकर कहाँ और कब बिल्कुल नहीं बज सकता?
अभ्यर्थी द्वारा चुनाव प्रचार के लिए बनाए चुनाव कार्यालय पर लाउडस्पीकर का उपयोग पूरी तरह मना है। 66 मतदान समाप्ति से पहले की 48 घंटे की अवधि में भी पूरी रोक रहेगी। 66 अस्पताल, स्कूल और धार्मिक स्थल से 100 मीटर के दायरे में भी लाउडस्पीकर पर पूरी रोक है। 67

L8पोस्टर, बैनर और कट-आउट कहाँ लगाने के लिए किसकी अनुमति चाहिए?
सार्वजनिक स्थान पर कट-आउट, होर्डिंग, पोस्टर या बैनर लगाने के लिए संबंधित स्थानीय प्राधिकारी या कानून से अधिकृत सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति लेनी होगी। 67 जहाँ प्रचार सामग्री के बारे में स्थानीय कानून में कोई प्रावधान नहीं है, वहाँ निजी संपत्ति पर केवल आसानी से हटाई जा सकने वाली सामग्री, जैसे झंडियाँ और बैनर, लगाई जा सकेगी, और उससे पहले संपत्ति के मालिक से लिखित अनुमति लेनी होगी। 67

L9मतदान केंद्र के पास पोस्टर-बैनर की क्या रोक है, और मतदान के दिन उम्मीदवार कौन-सा बैनर लगा सकता है?
किसी भी मतदान बूथ के भवन के 200 मीटर के दायरे में कट-आउट, होर्डिंग, पोस्टर या बैनर नहीं लगाए जाएँगे। 67 मतदान के दिन अभ्यर्थी अपने बूथ पर एक बैनर लगा सकता है, जिसका आकार 2x5 फीट से बड़ा नहीं होगा, और उस पर किसी राजनैतिक दल के नेता या अभ्यर्थी का चित्र या फोटो, चुनाव चिह्न या नारा नहीं होगा। 67

L10आमसभा, जुलूस या रैली के लिए किसकी अनुमति चाहिए?
आमसभा, जुलूस या रैली आदि के लिए उस क्षेत्र की अधिकारिता रखने वाले कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति आवश्यक होगी। 67

L11आयोग के प्रचार संबंधी प्रतिबंधों के उल्लंघन की शिकायत किसके पास जाती है और उसकी जाँच कौन करता है?
उल्लंघन की शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) या उसके द्वारा अधिकृत अधिकारी के सामने की जा सकती है। 68 वह अधिकारी ख़ुद जाँच कर सकता है, या अपने अधीनस्थ से जाँच करा सकता है जो तहसीलदार स्तर से नीचे की श्रेणी का नहीं होगा। 68 शिकायत के तथ्य साबित मिलें तो समुचित कार्यवाही के लिए प्रकरण क्षेत्राधिकार रखने वाले उपखण्ड अधिकारी को भेजा जाएगा। 68

L12उल्लंघन पर कोर्ट में शिकायत कौन करता है, और आयोग को रिपोर्ट कब तक भेजनी है?
जिस उपखण्ड अधिकारी की स्थानीय अधिकारिता में आदेश का उल्लंघन हुआ है, उसे सक्षम न्यायालय में परिवाद (शिकायत) पेश करने के लिए अधिकृत किया गया है। 68 वह परिवाद और की गई जाँच की सूचना राज्य निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को तीन दिन के भीतर भेजेगा। 68 कोर्ट का निर्णय मिलने पर उसकी प्रति 15 दिन के भीतर आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजी जाएगी। 68

L13मतदान केंद्र और मतगणना केंद्र पर मोबाइल फ़ोन के बारे में आयोग का क्या निर्देश है?
आयोग के निर्देश के अनुसार मतदान दिवस को मतदान बूथ में और उसके 100 मीटर के दायरे में कोई भी व्यक्ति मोबाइल फ़ोन नहीं ले जाएगा और न उसका उपयोग करेगा। 69 कोई ले जाता है तो वहाँ तैनात पुलिस अधिकारी उसे अपने पास रख लेगा और उस क्षेत्र के बाहर जाने पर लौटा देगा। 69 मतगणना केंद्रों पर भी मोबाइल के उपयोग पर रोक है। 69 निर्वाचन ड्यूटी पर लगे अधिकारियों पर, जब वे अपने चुनाव के काम में फ़ोन चलाएँ, यह रोक लागू नहीं होगी, पर मतदान के दौरान बूथ में वे अपना फ़ोन साइलेंट मोड में रखेंगे। 69 यह निर्देश आयोग के पत्र 6726 (24.12.2009) का है। 69 आयोग के 20.01.2026 के पत्र के अनुसार यह 2026 के पंचायतीराज आम चुनाव में भी यथाशक्य परिवर्तनों के साथ लागू रहेगा। 70

L14क्या मंत्री, सांसद, विधायक या सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति किसी उम्मीदवार का अभिकर्ता बन सकता है?
नहीं। आयोग के पत्र 6708 (23.12.2009) में तय है कि केंद्र या राज्य सरकार का कोई मौजूदा मंत्री, मौजूदा सांसद, मौजूदा विधायक, किसी नगरीय निकाय (निगम, परिषद या बोर्ड) का अध्यक्ष, जिला प्रमुख, प्रधान, या सुरक्षा प्राप्त कोई भी व्यक्ति किसी उम्मीदवार का निर्वाचन, मतदान या मतगणना अभिकर्ता नहीं बन सकेगा। 71 सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति इसके लिए अपनी सुरक्षा छोड़ने की इजाज़त भी नहीं पा सकता। 72 आयोग के 20.01.2026 के पत्र के अनुसार यह निर्देश 2026 के पंचायतीराज आम चुनाव में भी यथाशक्य परिवर्तनों के साथ लागू रहेगा। 70

L152009 के पुराने पत्र (मोबाइल और मंत्री-विधायक अभिकर्ता) क्या 2026 के पंचायत चुनाव में भी लागू हैं?
आयोग के 20.01.2026 के पत्र में लिखा है कि 24.12.2009 का पत्र 6726 (मोबाइल) और 23.12.2009 का पत्र 6708 (मंत्री, सांसद, विधायक और सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति) आगामी पंचायतीराज आम चुनाव में भी यथाशक्य परिवर्तनों के साथ लागू रहेंगे। 70 साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारियों को कहा गया है कि इन पत्रों में लिखे निर्देशों की पालना सुनिश्चित करें। 70 'यथाशक्य परिवर्तन' क्या हैं, यह उस पत्र में नहीं लिखा। 70

5मतदान का दिन 16 सवाल

मतदान दिवस में RO 10

E1मतदान कितने बजे से कितने बजे तक होता है, और मतदान वाले दिन RO को क्या करना है: सामग्री, मतदान दल, मतपेटी, लिफ़ाफ़े?
पंच-सरपंच का मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होता है। 910 चारों चरणों की तारीखें 24.10.2026, 30.10.2026, 05.11.2026 और 16.11.2026 हैं, और गिनती उसी दिन मतदान खत्म होते ही ग्राम पंचायत मुख्यालय पर होती है। 9102 RO ग्राम पंचायत के मुख्यालय पर बैठकर चुनाव का काम करता है। 3 मतदान के लिए सरपंच और पंच दोनों पदों की एक ही सीलबंद मतपेटी रहती है, और वह भर जाए तो दूसरी या तीसरी पेटी काम में ली जाती है। 7374 बड़ी मतपेटी पहले काम में ली जाती है, और उसके बाद छोटी (प्रशिक्षण स्लाइड के मुताबिक़)। मतपत्रों पर अभ्यर्थियों के नाम मतदान दल के कर्मचारी काले बॉल पेन से लिखते हैं, और आयोग के आदेश के मुताबिक़ मतदान इन्हीं तैयार मतपत्रों से ही करवाना है। 7 मतदान के बाद के लिफाफे मतदान दल ही तैयार करके सील करते हैं; उनका विवरण परिशिष्ट-15 में है (नीचे लिफाफों वाला उत्तर देखिए)। 7548

E2पंच-सरपंच वाले दिन अमिट स्याही किस हाथ की किस उँगली पर लगानी है?

पंच-सरपंच वाले दिन हर मतदाता के दाएँ हाथ की तर्जनी पर। 7677 2026 में हर चरण में पहले ज़िला परिषद + पंचायत समिति का मतदान होता है, और उसके दो दिन बाद पंच + सरपंच का: पहले चरण में 22.10.2026 और 24.10.2026 को, दूसरे में 28.10.2026 और 30.10.2026 को, और तीसरे में 03.11.2026 और 05.11.2026 को। 9 चौथे चरण में ये दोनों मतदान 14.11.2026 और 16.11.2026 को हैं। 10 मतपेटी वाली मार्गदर्शिका में लिखा है: पहले दिन बाईं तर्जनी पर लगा निशान मतदाता की अंगुली पर रहता है, इसलिए बाद वाले दिन के चुनाव में मतदाता के दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगाई जाएगी। 76 आदेश 2235 भी यही कहता है: अलग-अलग दिन के मतदान में पहले वाले चुनाव का निशान दिख रहा हो, तो बाद वाले चुनाव की स्याही दाएँ हाथ की तर्जनी पर लगती है। 77

बूथ पर स्याही चौथे सहायक मतदान अधिकारी लगाते हैं: वे मतदाता से दोनों मतपत्र पहले अपने पास लेते हैं, फिर स्याही लगाते हैं, फिर मुड़े हुए मतपत्र मतदाता के दाएँ हाथ में देते हैं, ताकि स्याही से कोई मतपत्र खराब न हो। 73 मतदाता स्याही लगवाने से मना करे, या उस दिन जिस अंगुली पर निशान लगना है (पंच-सरपंच वाले दिन दाएँ हाथ की तर्जनी) उस पर पहले से स्याही हो, तो उसे मतपत्र नहीं दिया जाता, और मतदान अधिकारी के पास भेजा जाता है। 7378 स्याही नाखून के आखिरी सिरे से लेकर अंगुली के पहले जोड़ के नीचे तक, ब्रश से लगती है (पत्र 1408, 04.02.2026)। 79

जिस अंगुली पर स्याही लगनी है वह न हो, तो नियम 38 के स्पष्टीकरण के हिसाब से दूसरी अंगुली पर। 80 पंच-सरपंच का पुनर्मतदान हो, तो आदेश 2235 के हिसाब से दाएँ हाथ की मध्यमा (बीच वाली अंगुली) पर। 8076

E3वोटर अपनी पहचान के लिए कौन-कौन से काग़ज़ दिखा सकता है?
पहचान के दस्तावेज़ों पर अभी आयोग का आदेश क्रमांक एफ. 1(2)(1)नपा-पंचा/सा.आ./रानिआ/14/5310, दिनांक 30.07.2026 लागू है। 81 इसने पहले के आदेश 559 दिनांक 07.02.2019 और आदेश 603 दिनांक 19.01.2026 को अधिक्रमित कर दिया है, यानी अब वे लागू नहीं हैं। 81 वोट डालने के लिए मतदाता को अपनी पहचान के लिए भारत निर्वाचन आयोग का निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (EPIC) दिखाना होगा। 81 अगर वह EPIC न दिखा सके, तो उसे इन 11 फोटोयुक्त दस्तावेज़ों में से कोई एक मूल दस्तावेज़ दिखाना होगा, जो चुनाव की घोषणा से पहले जारी हुआ हो: आधार कार्ड; विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) या मनरेगा कार्ड; बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक; श्रम मंत्रालय की योजना में जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड या आयुष्मान भारत हैल्थ कार्ड; ड्राइविंग लाइसेंस; पैन कार्ड; भारतीय पासपोर्ट; फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज़; केन्द्र या राज्य सरकार, लोक उपक्रम या पब्लिक लिमिटेड कंपनी का अपने कर्मचारियों को दिया फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र; सांसदों और विधानसभा सदस्यों को जारी सरकारी पहचान पत्र; और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार का यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड। 8182 किसी दस्तावेज़ पर उसकी मियाद लिखी हो, तो वह उसी अवधि तक मान्य है। 82 परिवार के मुखिया के पास EPIC या इनमें से कोई दस्तावेज़ हो, तो केवल मुखिया ही अपने परिवार के बाकी सदस्यों की पहचान करा सकता है, बशर्ते सब सदस्य उसके साथ आएँ और मुखिया उनकी पहचान पक्की कर सके। 82 कोई मतदाता झूठे या जाली पहचान पत्र के सहारे, या किसी और मतदाता के नाम पर वोट डालने की कोशिश करे, तो उसके खिलाफ़ भारतीय न्याय संहिता की धारा 172 में कार्रवाई की जाए; धारा 174 में इसकी सज़ा एक साल तक की कैद, या जुर्माना, या दोनों है। 8283 मार्गदर्शिका में यह भी है कि जो व्यक्ति आयोग के अधिसूचित दस्तावेज़ों में से कोई दस्तावेज़ न दिखाए, और मतदान अधिकारी या सहायक मतदान अधिकारी के पूछे सवालों के जवाब भी न दे, उसे मतपत्र नहीं दिया जाएगा; मतदाता सूची में छपाई की गलती की वजह से किसी मतदाता को मना न किया जाए। 8478

E4क्या पंच-सरपंच के चुनाव में डाक मतपत्र से वोट डल सकता है?
नियम 35 के मुताबिक़ वोट मतदाता ख़ुद, मतदान केंद्र या बूथ पर, मतपत्र से डालता है, और प्रॉक्सी से वोट नहीं डाला जा सकता; इसी नियम में चुनाव-ड्यूटी पर लगे अधिकारियों को आयोग की तय रीति से डाक से वोट देने का हक़ भी दिया गया है। 78 ड्यूटी पर लगे स्टाफ़ के डाक से वोट देने की यह रीति मार्गदर्शिका सिर्फ़ पंचायत समिति और ज़िला परिषद के चुनाव के लिए बताती है। 85 आदेश 1134 दिनांक 29.01.2026 (नियम 35 के दूसरे परंतुक के तहत) चुनाव-ड्यूटी वाले अधिकारियों के डाक वोट की रीति बताता है, पर उसमें साफ लिखा है कि यह पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए है; पंच-सरपंच का नाम उसमें नहीं है। 86

E5मतदान कब रोका (स्थगित) जा सकता है, और दोबारा मतदान कौन और किन कारणों से करवाता है?

नियम 48(1) के अनुसार RO आपातकाल में, जैसे लोक शांति भंग होने का अंदेशा हो, मतदान बंद करके उसे आगे के किसी दिन के लिए स्थगित कर सकता है; वह दिन जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) या उनका नामित अधिकारी अधिसूचित करता है, और RO स्थगन की वजह की रिपोर्ट तुरंत उन्हीं को देता है (नियम 48(2))। 8788 दोबारा मतदान का फ़ैसला राज्य निर्वाचन आयोग करता है, इन कारणों से: मतपेटी अभिरक्षा से ग़ैर-क़ानूनी ढंग से निकाल ली जाए, नष्ट हो जाए, खो जाए या उसमें इतनी गड़बड़ी हो कि बूथ का नतीजा तय न हो सके, या बूथ पर प्रक्रिया की ऐसी गलती या अनियमितता हो जिससे मतदान दूषित होने की संभावना हो (नियम 48क); बूथ पर या गिनती की जगह पर ऐसी बूथ कैप्चरिंग हो कि वहाँ मतदान या गिनती का नतीजा तय न हो सके (नियम 48ख); या गिनती पूरी होने से पहले मतपत्र RO की अभिरक्षा से निकल जाएँ, नष्ट हों, खो जाएँ या इतने ख़राब हों कि नतीजा तय न हो सके (नियम 49क)। 8990 हर स्थिति में RO तुरंत आयोग को रिपोर्ट करता है, और आयोग सारी परिस्थितियाँ देखकर उस बूथ का मतदान शून्य घोषित करके नए मतदान का दिन और समय तय कर सकता है; गिनती वाले मामले में वह गिनती भी रुकवा सकता है। 8990 बूथ कैप्चरिंग इतने बूथों पर हुई हो कि चुनाव का नतीजा प्रभावित होने की संभावना हो, या उससे गिनती पर ऐसा असर पड़ा हो कि चुनाव का नतीजा प्रभावित हो, तो आयोग उस निर्वाचन क्षेत्र का पूरा चुनाव ही रद्द कर सकता है (नियम 48ख(2)(ख))। 89 आयोग ये शक्तियाँ जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) या अपने किसी और अधीनस्थ अधिकारी को सौंप सकता है (नियम 48ग और 49ख)। 9190 मतपेटी ख़राब होने या बूथ कैप्चरिंग जैसी घटना की पूरी रिपोर्ट मतदान अधिकारी की डायरी में लिखी जाती है, और RO तुरंत ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को रिपोर्ट भेजते हैं। 92 पुनर्मतदान में स्याही की उंगली E2 में है।

नियम 48, 48क और 48ख में मतदान कौन रोकता है, रिपोर्ट किसे जाती है और नया मतदान कौन तय करता है, यह E9 और E10 में है।

E6निविदत्त (टेंडर) मतपत्र कब और कैसे दिया जाता है, और किसी वोटर की पहचान को चुनौती का क्या नियम है?

निविदत्त (टेंडर) मतपत्र, मार्गदर्शिका में छपे नियम 44 के मुताबिक़: 93

  • कब: अगर सही मतदाता की जगह कोई फ़र्ज़ी मतदाता वोट डालकर चला जाए, और सही मतदाता बाद में आए, तो उसे निविदत्त (टेंडर) मतपत्र देकर वोट डालने का मौक़ा दिया जाएगा। 93
  • यह वही साधारण मतपत्र होता है। 93 फ़र्क़ इतना है कि उसकी पीठ पर मतदान अधिकारी ख़ुद "निविदत्त मतपत्र" लिखकर नीचे हस्ताक्षर करेगा, और यह काम में आ रहे मतपत्रों में सबसे आख़िरी क्रमांक से शुरू होगा। 93
  • मतदाता वोटिंग कम्पार्टमेंट में वोट लगाकर मतपत्र मतदान अधिकारी को दे देगा; मतपेटी में नहीं डालेगा। 93
  • पंच और सरपंच के लिए अलग-अलग प्ररूप-6 (परिशिष्ट-9) भरा जाएगा: कॉलम 4 में निविदत्त मतपत्र का क्रमांक, कॉलम 5 में उस व्यक्ति के मतपत्र का क्रमांक जो इसकी जगह वोट दे चुका है, और कॉलम 6 में निविदत्त वोट देने वाले के हस्ताक्षर या अंगूठा निशानी। 93
  • चिह्नित मतदाता सूची में उस मतदाता के नाम के आगे "TEND" लिखा जाएगा, ताकि पता रहे कि किसने टेंडर मतपत्र से वोट दिया। 93
  • निविदत्त मतपत्र न मतपेटी में रखे जाते हैं, न गिने जाते हैं। 93 पंच के निविदत्त मतपत्र और उनकी सूची लिफ़ाफ़ा P-17 में जाती है, सरपंच के P-16 में। 75 मार्गदर्शिका के पैरा 16 और 26 में ये दो नंबर उलटे छपे हैं। 8448 इसलिए मतपत्र लिफ़ाफ़े पर लिखा नाम देखकर रखिए, नंबर देखकर नहीं।

पहचान को चुनौती: पंचायत चुनावों में न कोई चैलेंज लिस्ट बनेगी, न कोई चैलेंज फ़ीस होगी। 84 उम्मीदवार या मतदान अभिकर्ता किसी मतदाता की पहचान को पहले सहायक मतदान अधिकारी (पहचान) के पास ही चुनौती दे सकते हैं, उसके बाद नहीं। 56

E7मतदान अभिकर्ता और गिनती अभिकर्ता कितने रखे जा सकते हैं, और वे किस प्ररूप में नियुक्त होते हैं?
सरपंच पद के अभ्यर्थी को अधिकतम दो गणन अभिकर्ता (मतगणना एजेंट) नियुक्त करने का अधिकार है। 694 जिन पंचायत सर्किलों में वार्डों की संख्या 20 या उससे ज़्यादा है, वहाँ ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ज़रूरत के हिसाब से सरपंच के अभ्यर्थी को दो से ज़्यादा गणन अभिकर्ता रखने की अनुमति दे सकते हैं। 95 मतदान अभिकर्ता वह हर मतदान केंद्र के लिए एक नियुक्त कर सकता है, पर निर्वाचन अभिकर्ता नियुक्त करने का अधिकार उसे नहीं है; निर्वाचन अभिकर्ता सिर्फ़ पंचायत समिति और ज़िला परिषद के उम्मीदवार रख सकते हैं। 946 वार्ड पंच के उम्मीदवार को निर्वाचन अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता या गणन अभिकर्ता, तीनों में से कोई भी नियुक्त करने का अधिकार नहीं है। 674 प्रारूप: निर्वाचन अभिकर्ता की नियुक्ति प्ररूप-8 (परिशिष्ट-12), मतदान अभिकर्ता की प्ररूप-9 (परिशिष्ट-16), गणन अभिकर्ता की प्ररूप-10 (परिशिष्ट-17)। 969798 मतगणना में स्टाफ के अलावा पंच और सरपंच के उम्मीदवार बैठ सकते हैं, और सरपंच के दो गणन अभिकर्ता भी (नियम 70(1))। 95

E8मतदान के दिन कोई मतदान अधिकारी या मतदान दल का कोई सदस्य बूथ पर न हो, तो उसकी जगह कौन लगाएगा?

नियम 31(1) के परंतुक के मुताबिक़, कोई मतदान अधिकारी या स्टाफ़ का कोई और सदस्य मतदान केंद्र या बूथ से ग़ैरहाज़िर हो, तो RO उसकी जगह काम करने के लिए किसी भी व्यक्ति को नियुक्त कर सकता है, और इसकी सूचना जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को देता है। 99100

ध्यान रहे: जो व्यक्ति इस चुनाव में किसी उम्मीदवार के लिए या उसकी तरफ़ से काम कर रहा हो, उसे मतदान अधिकारी या स्टाफ़ में नहीं लगाया जा सकता (नियम 31 का अगला परंतुक)। 99100

E9बूथ पर दंगा, हिंसा या बूथ कैप्चरिंग हो जाए, तो RO क्या करे: मतदान कौन रोकता है, रिपोर्ट किसे जाती है, और दोबारा मतदान का फ़ैसला कौन करता है?

नियमों में यह लिखा है:

  • मतदान रोकना (नियम 48): आपातकाल में, जैसे लोक शांति भंग होने का अंदेशा हो, RO मतदान बंद करके उसे आगे के किसी दिन के लिए स्थगित कर सकता है; वह दिन जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) या उनका नामित अधिकारी अधिसूचित करता है। 88 मतदान क्यों बंद और स्थगित करना पड़ा, यह RO तुरंत जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) या उनके नामित अधिकारी को रिपोर्ट करता है। 88
  • बूथ कैप्चरिंग (नियम 48ख): किसी बूथ पर, या गिनती की जगह पर, बूथ कैप्चरिंग इस तरह हो कि वहाँ का नतीजा तय न किया जा सके, तो RO उस मामले की रिपोर्ट तुरंत निर्वाचन आयोग को करता है। 10189 आयोग सारी परिस्थितियाँ देखकर या तो उस बूथ का मतदान शून्य घोषित करके नए सिरे से मतदान का दिन और समय तय करता है, या, ज़्यादा बूथों पर कैप्चरिंग से नतीजे पर असर पड़ने की संभावना हो, तो उस निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव प्रत्यादिष्ट (रद्द) करता है। 101
  • नियम 48ग: नियम 48क और 48ख वाली ये शक्तियाँ आयोग जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) या अपने किसी और अधीनस्थ अधिकारी को सौंप सकता है। 102

मार्गदर्शिका (पैरा 25) यह कहती है: बूथ कैप्चरिंग की रिपोर्ट वैसे ही भेजिए जैसे मतपेटी के नुकसान की (E10), यानी तुरंत जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को, ताकि रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग तक पहुँचने में देर न हो। 92 रिपोर्ट साफ़ हो: उसमें बूथ का नाम, वार्ड संख्या और घटना का ब्यौरा हो, और दोबारा मतदान क्यों ज़रूरी है, इसकी RO की साफ़ सिफ़ारिश हो। 92 किसी मामूली घटना पर ऐसी रिपोर्ट नहीं भेजनी है। 92

मतदान अधिकारी की डायरी में भी लिखा जाता है कि मतदान स्थगित करना ज़रूरी था या नहीं, और बलवा, खुली हिंसा, प्राकृतिक विपत्ति या किसी और कारण से मतदान में रुकावट आई हो, तो उसका पूरा ब्यौरा। 103104

E10मतदान के दौरान या गिनती से पहले कोई मतपेटी छीन ली जाए, खो जाए, नष्ट हो जाए या उसमें गड़बड़ी कर दी जाए, तो RO क्या करे?

नियम 48क में यह लिखा है: किसी बूथ में इस्तेमाल हुई मतपेटी मतदान अधिकारी या RO की अभिरक्षा से ग़ैर-क़ानूनी ढंग से निकाल ली जाए, हादसे से या जान-बूझकर नष्ट हो जाए, खो जाए, या उसे इतना नुकसान पहुँचाया जाए या उसमें इतनी गड़बड़ी की जाए कि उस बूथ का नतीजा तय न किया जा सके, तो RO उस मामले की रिपोर्ट तुरंत निर्वाचन आयोग को करता है। 88 बूथ पर प्रक्रिया की ऐसी गलती या अनियमितता, जिससे मतदान दूषित होने की संभावना हो, भी इसी नियम में आती है। 88

फिर आयोग सारी परिस्थितियाँ देखकर या तो उस बूथ का मतदान शून्य घोषित करके नए मतदान का दिन और समय तय करता है, या, अगर उसे भरोसा हो जाए कि नए मतदान से नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ेगा, या कि प्रक्रिया की गलती या अनियमितता तात्विक (बड़ी) नहीं है, तो RO को चुनाव आगे चलाने और पूरा करने के निर्देश देता है। 88101 नए मतदान पर भी वही अधिनियम, नियम और आदेश लागू होते हैं जो पहले मतदान पर थे। 101

मार्गदर्शिका (पैरा 25) यह कहती है: ऐसी घटना की पूरी रिपोर्ट मतदान अधिकारी की डायरी में लिखी जाए, और RO तुरंत रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को भेजे। 92 पंच-सरपंच के चुनाव की यह रिपोर्ट RO, रिटर्निंग अधिकारी की हैसियत से भेजता है। 92 ऐसी रिपोर्ट भेजने पर RO वोटों की गिनती भी रोक देता है, और राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के बाद ही आगे की कार्यवाही होती है। 92 बूथ कैप्चरिंग के लिए E9 देखिए।

मतदान दिवस: दल, मतपेटी, डायरी और लिफाफे 6

M1पंच-सरपंच के मतपेटी वाले चुनाव में एक मतदान दल में कितने लोग होते हैं?
कुल 5 लोग। 105 आयोग का आदेश 5096 (26.12.2025) हर बूथ के लिए एक ही तरह का दल बताता है: "मतदान दल में एक मतदान अधिकारी और 4 सहायक मतदान अधिकारी होंगें।" इसी आदेश में छपे नियम 31 के स्पष्टीकरण के अनुसार पंचायत चुनाव में यही मतदान अधिकारी बूथ के पीठासीन अधिकारी का काम करता है। 106 मतपेटी वाली मार्गदर्शिका भी पंच और सरपंच वाले दिन यही दल लिखती है: एक "मतदान अधिकारी (पीठासीन अधिकारी)" और 4 सहायक मतदान अधिकारी। 107

M2पंच-सरपंच की मतपेटी पर कोई स्टिकर लगाना है?
नहीं। पंच-सरपंच की मतपेटी पर नीला-पीला स्टिकर नहीं, मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-28 वाला सफ़ेद रंग का लेबल लगता है। 108 नीला और पीला स्टिकर पंचायत समिति और ज़िला परिषद के ईवीएम वाले चुनाव के लिए बताए गए हैं: BEL की M3A मशीनों से चुनाव होने पर, जिनमें दोनों पदों की यूनिटें अलग-अलग होती हैं, ज़िला परिषद सदस्य वाली कंट्रोल यूनिट और उसके कैरिंग बक्से पर पीला और पंचायत समिति सदस्य वाली यूनिट पर नीला स्टिकर लगता है। 109

M3दृष्टिबाधित या दिव्यांग वोटर को वोट डालने में मदद कौन करेगा, क्या वह किसी साथी को साथ ला सकता है?
पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में नियम 41 के अनुसार मतदान अधिकारी (PO) ही ऐसे दृष्टिबाधित और दिव्यांग मतदाताओं को वोट अंकित करने में सहायता देगा। 7654 साथी की सहायता से वोट देने का प्रावधान इन चुनावों में नहीं है। 76

M5मतदान अधिकारी की डायरी (पी-38) किस लिफाफे में आती है?
मतपेटी वाली मार्गदर्शिका के परिशिष्टों में डायरी के आख़िरी पन्ने के ठीक बाद, परिशिष्ट-24 (पेपर सीलों का लेखा) के ऊपर लिखा है कि इस डायरी को मतपेटी के साथ लिफाफा संख्या पी-43 में रखकर मतगणना के समय रिटर्निंग अधिकारी को प्रस्तुत किया जाएगा। 104 परिशिष्ट-15 में मतदान अधिकारी की डायरी का लिफाफा पी-38 पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य के चुनाव के लिए लिखा है। 110 पंच-सरपंच चुनाव में मतदाताओं की आयु संबंधी घोषणाएँ और उनकी सूची, दूसरे कागज़ात के साथ, बड़े लिफाफे पी-1 (बिना सील) में जाती हैं, जिसे रिटर्निंग अधिकारी तैयार करते हैं। 48

M6पंच-सरपंच की मतपेटी पर कौन-सा लेबल लगता है और उसमें क्या भरना होता है?
पंच-सरपंच चुनाव की मतपेटी पर परिशिष्ट-28 का सफ़ेद रंग का लेबल लगता है, जिस पर 'सरपंच' और 'वार्ड सदस्य' लिखा होता है। 108 उसमें चार बातें भरनी हैं: पंचायत सर्किल का नाम, पंचायत सर्किल के वार्डों की संख्या, मतदान बूथ की क्रम संख्या और नाम, और मतपेटी की क्रम संख्या। 108 पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के चुनाव की मतपेटी का लेबल अलग है, वह पिंक रंग का होता है। 108

M7पेपर सीलों का लेखा (परिशिष्ट-24) में क्या-क्या भरना होता है और किसके दस्तख़त होते हैं?
परिशिष्ट-24 के भाग-1 में पंच/सरपंच चुनाव के लिए इस्तेमाल मतपेटी की क्रम संख्या और उसमें लगाई गई सीलों की क्रम संख्या लिखते हैं। 111 भाग-2 में सीलों का हिसाब है: दी गई सीलों की क्रम संख्या और कुल संख्या, मतपेटी में उपयोग हुई सीलों की कुल संख्या, काम में न ली गई (जिला निर्वाचन अधिकारी को लौटाई जाने वाली) सीलों की कुल संख्या, और अगर कोई सील खराब हुई तो उसकी क्रम संख्या। 111 इस पर अभ्यर्थी, निर्वाचन या मतदान अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर और मतदान अधिकारी के हस्ताक्षर होते हैं। 111

6मतगणना, परिणाम और उसके बाद 29 सवाल

एक नज़र में: मतदान ख़त्म होने से उपसरपंच तक

लिफ़ाफ़े और मतपेटियाँ हर बूथ पर पंच के चार और सरपंच के चार सील किए हुए लिफ़ाफ़े, मतपेटियों के साथ ही, पर अलग से, रिटर्निंग अधिकारी को। 48
गिनती मतदान ख़त्म होते ही ग्राम पंचायत मुख्यालय पर, रिटर्निंग अधिकारी की देखरेख में। 251 दो दल: पहला सरपंच की गिनती, दूसरा पंचों की। 2 मतपत्र काग़ज़ के रंग से अलग (पंच के गुलाबी, सरपंच के सफ़ेद), फिर पंच के वार्ड के हिसाब से; 50-50 मतपत्रों की गड्डी। 295
वैध या नामंज़ूर नियम 50 की किसी वजह से नामंज़ूर मतपत्र पर खारिज करने का कारण लिखकर सील, और रिटर्निंग अधिकारी के हस्ताक्षर। 1129560 मतपत्र की पीठ पर “पं.रा.सं.” वाली रबर की मुहर नहीं, और मतदान अधिकारी के हस्ताक्षर भी नहीं, तो नामंज़ूर; पर रिटर्निंग अधिकारी को यक़ीन हो जाए कि यह मतदान अधिकारी या सहायक मतदान अधिकारी की किसी भूल से हुआ है, तो नहीं। 53 वैध है या नहीं, इस पर रिटर्निंग अधिकारी का फ़ैसला आख़िरी है। 10260
परिणाम, फिर प्ररूप-7 जैसे-जैसे गिनती पूरी हो, पंच और सरपंच का परिणाम घोषित होता जाए; परिणाम घोषित करने के बाद उसे प्ररूप-7 में दर्ज किया जाए। 112 प्ररूप-7 (परिशिष्ट-10) में नियम 51 और 52 के हिसाब से पंच और सरपंच के मिले वोटों का ब्योरा। 113 वोट बराबर हों, तो परिणाम लॉट निकालकर, उस तरीक़े से जो रिटर्निंग अधिकारी ठीक समझें (नियम 51)। 60

जमानत: सरपंच का उम्मीदवार जीता, या उसे कुल वैध वोटों का कम से कम 1/6 मिला? (वार्ड पंच की कोई जमानत नहीं होती।) 11311463 12

हाँ जमानत लौटेगी: जीतने वाले की, 1/6 से कम वोट होने पर भी; और ठीक 1/6 वोट वाले की भी। 113 11463 इसके लिए गिनती के बाद प्रपत्र 1 में आवेदन; 113115 अभी न ली हो, तो 15 दिन के अंदर उपखण्ड कार्यालय से प्रपत्र-1 में आवेदन करके। 116
नहीं जमानत जब्त। नतीजा घोषित होते ही रिटर्निंग अधिकारी जब्ती का आदेश प्रपत्र-2 में देंगे। 117116
शपथ और प्रमाण पत्र, फिर अगले दिन उपसरपंच नतीजा घोषित होते ही चुने गए पंच और सरपंच को प्ररूप 11 में शपथ दिलाई जाएगी, ताकि वे उपसरपंच के चुनाव वाली बैठक में शामिल हो सकें। 113 चुने गए उम्मीदवार को निर्वाचन का प्रमाण पत्र दिया जाए, और उससे हस्ताक्षर की हुई प्राप्ति रसीद ली जाए। 112 उपसरपंच का चुनाव अगले दिन होगा। 113910
पूरी बात: मतपेटी वाला दिन और प्रत्याशी प्रबोधन: पंच और सरपंच वाले पेज। हर डिब्बे का स्रोत उसी डिब्बे में है।

एक नज़र में: उपसरपंच के चुनाव वाला दिन

सुबह 9:00 बजे से पहले: बैठक का नोटिस नोटिस मतदान से कम से कम दो घंटे पहले पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर। 118
सुबह 10:00 बजे: बैठक शुरू 118
सुबह 11:00 बजे तक: नामनिर्देशन पत्र यही नियम 66(1) वाला एक घंटा है; उसके बाद कोई प्रस्ताव नहीं। 11821
सुबह 11:30 बजे तक: संवीक्षा (जाँच) 118
सुबह 11:30 से दोपहर 12:00 बजे तक: सूची और चुनाव चिह्न चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की सूची बनाना और चुनाव चिह्न देना। 118
दोपहर 12:00 से 1:00 बजे के बीच: मतदान, अगर ज़रूरी हो 118 एक ही उम्मीदवार हो, तो वह चुना गया घोषित; ज़्यादा हों, तो गुप्त मतदान। 119
मतदान ख़त्म होते ही: गिनती और परिणाम 118 परिणाम प्ररूप-7 (परिशिष्ट-10) में। 120
चारों चरणों में उपसरपंच का चुनाव 25.10.2026, 31.10.2026, 06.11.2026 और 17.11.2026 को है। 118 पूरा तरीका: उप-सरपंच का चुनाव वाला पेज। हर डिब्बे का स्रोत उसी डिब्बे में है।

मतगणना 6

F1गिनती कब और कहाँ होती है (क्या उसी दिन, उसी जगह?), कौन करता है, और इसके लिए दो दल क्यों बनते हैं?
पत्र 1323 दिनांक 03.02.2026 के अनुसार पंच और सरपंच का चुनाव मतपेटी से होता है और मतगणना मतदान खत्म होते ही ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ही होती है। 26 गिनती RO की देखरेख और उसके निर्देश में होती है। 2 RO के पास सभी बूथों के मतदान दल के कर्मचारी उपलब्ध रहते हैं, और RO गिनती के लिए दो दल बना देता है: पहला दल सरपंच की गिनती करता है, दूसरा दल पंचों की; सरपंच पद की गिनती RO खुद या सहायक मतदान अधिकारियों की सहायता से करता है। 121

F2गिनती किस क्रम में होती है: मतपेटी खोलना, 50-50 की गड्डियाँ, वार्ड के हिसाब से गिनती?
क्रम (पत्र 1323 और मार्गदर्शिका): (1) सरपंच पद की गिनती शुरू करने से पहले पक्का करें कि सभी बूथों की मतपेटियाँ गिनती-स्थान पर आ गई हैं। 2 (2) दूसरा दल एक-एक मतपेटी खोलकर वार्ड के हिसाब से गुलाबी (पंच) मतपत्रों की 50-50 की गड्डियाँ रबर बैंड से बाँधता है; पहला दल सरपंच के सफेद मतपत्रों की 50-50 की गड्डियाँ बनाता है। 2 (3) पंच के लिए हर बूथ के हर वार्ड में मतपत्रों की संख्या एक कागज पर लिखकर उस बूथ पर डाले गए वोटों की संख्या से मिलाते हैं; सरपंच के लिए यही मिलान बूथवार होता है। 2 (4) मतदान दल का एक-एक कर्मचारी अलग-अलग वार्ड की पंच-गिनती करता है; सरपंच पद की गिनती RO खुद या सहायक मतदान अधिकारियों की सहायता से करता है। 121 (5) कर्मचारी एक पर्ची पर हर उम्मीदवार को मिले वोट और वार्ड संख्या लिखकर हस्ताक्षर करता है, और गड्डियाँ पैकेट में बाँधकर पर्ची ऊपर रखकर RO को देता है। 95 हर वार्ड में और पंचायत में एक-एक गड्डी ऐसी हो सकती है जिसमें 50 से कम मतपत्र हों। 95 गिनती-ट्रे और खाली मतपेटियों पर उम्मीदवार का नाम लिख दें (प्रशिक्षण स्लाइड के मुताबिक़)।

F3मतपत्र किन कारणों से नामंज़ूर होता है, और वैध-अवैध मतपत्र के उदाहरण क्या हैं?
पंच-सरपंच के मतपत्र नामंज़ूर करने के आधार नियम 50(1) में हैं: (1) मतपत्र पर ऐसा कोई निशान या लेख हो जिससे वोटर की पहचान हो सके; (2) दो या ज़्यादा अभ्यर्थियों के सामने, या एक अभ्यर्थी और नोटा के सामने निशान हो; (3) मतपत्र के अगले हिस्से पर कोई वोट न लगा हो, या वोट मतपत्र के पीछे लगा हो, या निशान उस उपकरण से न लगा हो जो इसी काम के लिए दिया गया था; (4) मतपत्र या उस पर लगा वोट अनिश्चितता की वजह से शून्य हो; (5) मतपत्र जाली हो; (6) मतपत्र इतना बिगड़ा या कटा-फटा हो कि असली मतपत्र के रूप में उसकी पहचान न हो सके। 90 आदेश 1031 दिनांक 27.01.2026 के मुताबिक़ हर मतपत्र, वोटर को देने से पहले, पीठ पर “पं.रा.सं.” वाली रबर की मुहर से स्टाम्प होता है और मतदान अधिकारी उस पर अपने पूरे हस्ताक्षर करते हैं; गिनती में जिस मतपत्र पर यह मुहर न हो और मतदान अधिकारी के हस्ताक्षर न हों, उसे RO नामंज़ूर करते हैं, पर अगर RO को समाधान हो जाए कि यह चूक मतदान अधिकारी या सहायक मतदान अधिकारी की भूल से हुई है, तो ऐसा मतपत्र नामंज़ूर नहीं होगा। 53 इन आधारों के अलावा किसी और आधार पर मतपत्र नामंजूर नहीं होगा। 9060 RO हर नामंज़ूर मतपत्र पर नामंज़ूरी का कारण थोड़े में लिखते हैं (नियम 50(3))। 9060 नामंज़ूर मतपत्र की पीठ पर "अस्वीकृत" लिखा जाता है और कारण सांकेतिक रूप से अंकित किया जाता है (प्रशिक्षण स्लाइड के मुताबिक़)। वैध और नामंज़ूर मतपत्रों के चित्र वाले उदाहरण मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-33 में दिए गए हैं। 113

F4किसी मतपत्र पर शक हो तो वैध-अवैध का फ़ैसला कौन करता है, और खारिज मतपत्रों का क्या होता है?

वैध है या अवैध, यह फ़ैसला रिटर्निंग अधिकारी करते हैं। 112 आयोग के पत्र 1323 के मुताबिक़:

  • वैध और अवैध वोटों का फ़ैसला रिटर्निंग अधिकारी करेंगे। 112
  • खारिज मतपत्रों की अलग गड्डी बनेगी। 112 रिटर्निंग अधिकारी उन्हें दोबारा देखकर, और उम्मीदवारों को बताकर, आख़िरी फ़ैसला करेंगे। 112
  • हर खारिज मतपत्र पर खारिज करने का कारण लिखकर सील लगेगी और रिटर्निंग अधिकारी हस्ताक्षर करेंगे। 112
  • कोई उम्मीदवार खारिज मतपत्रों की क्रम संख्या जानना चाहे, तो उसे नोट करवा दी जाए। 112

गिनती के समय किसी मतपत्र पर शक हो, तो गिनती कर्मचारी उसी समय रिटर्निंग अधिकारी से फ़ैसला लेकर उसे उम्मीदवार की गड्डी में या खारिज वाली गड्डी में रख दे; शक वाले मतपत्रों की अलग गड्डी बनाना ज़रूरी नहीं है। 95

जिन मतपत्रों को रिटर्निंग अधिकारी नामंज़ूर करने लायक़ समझें, उन्हें हर उम्मीदवार को देखने का ठीक-ठाक मौक़ा दिया जाएगा, पर उम्मीदवार उन्हें उठा नहीं सकते। 91102 वैध है या नहीं, इस पर रिटर्निंग अधिकारी का फ़ैसला आख़िरी है। 9060

F5दो उम्मीदवारों के वोट बराबर हों तो क्या करना है, और दोबारा गिनती कब हो सकती है?

बराबर वोट: दो उम्मीदवारों के वोट बराबर हों, तो परिणाम लॉट निकालकर घोषित होगा, उस तरीक़े से जो रिटर्निंग अधिकारी ठीक समझें (नियम 51)। 9060

दोबारा गिनती, तीनों जगह की बात:

  • आयोग का पत्र 1323: किन्हीं दो उम्मीदवारों के बीच जीत का अंतर बहुत कम हो और कोई उम्मीदवार दोबारा गिनती माँगे, तो रिटर्निंग अधिकारी ठीक समझें तो दोबारा गिनती करवा दें। 112
  • मार्गदर्शिका: कोई उम्मीदवार कारण बताकर दोबारा गिनती माँगे और रिटर्निंग अधिकारी ठीक समझें, तो दोबारा गिनती करवा दें, ताकि भरोसा बने; ख़ासकर तब, जब दो उम्मीदवारों के बीच बहुत कम वोटों का अंतर हो। 95
  • नियम 49: गिनती की जगह मौजूद हर उम्मीदवार, गिनती के दौरान कभी भी, उस वार्ड के मतपत्र दोबारा गिनने की लिखित अर्ज़ी दे सकता है। 91102 रिटर्निंग अधिकारी कारण लिखकर या तो अर्ज़ी नामंज़ूर करेंगे, या दोबारा गिनती का आदेश देंगे। 91102 पिछली गिनती के सही होने पर भरोसा न हो, तो रिटर्निंग अधिकारी अपनी ओर से भी एक या ज़्यादा बार दोबारा गिनती करवा सकते हैं। 91102

F6गिनती में कौन-कौन से फॉर्म भरने होते हैं?

आयोग के पत्र 1323 के मुताबिक़: जैसे-जैसे मतपत्रों की गिनती पूरी होती जाए, वैसे-वैसे पंच और सरपंच का परिणाम घोषित कीजिए, और परिणाम घोषित करने के बाद उसे प्ररूप-7 में दर्ज कर लीजिए। 112 प्ररूप-7 (परिशिष्ट-10) परिणाम की विवरणी है; मार्गदर्शिका के मुताबिक़ इसमें नियम 51 और 52 के तहत पंच और सरपंच पद के लिए मिले वोटों का ब्योरा भरा जाता है। 113

प्ररूप-7 की हस्ताक्षर की हुई प्रति इन्हें भेजिए: आयुक्त, पंचायती राज विभाग, शासन सचिवालय, जयपुर; ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत); नए चुने गए सरपंच; पंचायत का दफ़्तर (अगर हो); और उस पंचायत समिति का दफ़्तर, जिसमें यह पंचायत आती है। 113

गिनती के समय गिनती कर्मचारी हर उम्मीदवार को मिले वोटों की संख्या एक पर्ची पर लिखकर हस्ताक्षर करते हैं, और उस पर्ची पर वार्ड संख्या ज़रूर लिखते हैं। 95 मार्गदर्शिका के परिशिष्टों में गिनती और परिणाम से जुड़े ये प्रपत्र भी हैं: परिशिष्ट-25 "FORM OF STATISTICS-SARPANCH", परिशिष्ट-26 "मतपत्र लेखा", और परिशिष्ट-23 B (पंच व सरपंच चुनाव के मतदान अधिकारी की डायरी)। 122123124103

मतगणना और परिणाम: कुछ और सवाल 13

N1मतगणना की जगह और समय की सूचना उम्मीदवारों को कब देनी है?
मतगणना की जगह और मतगणना शुरू करने के समय की सूचना सभी उम्मीदवारों को पहले से ही दे दी जाए। 95

N2किसी गाँव के बूथ की मतपेटी आने में देर हो तो क्या गिनती शुरू कर दें, या सब पेटियाँ आने तक रुकें?
आयोग का पत्र क्रमांक एफ. 7(1)(1)/पंचा/रानिआ/2024/1323, दिनांक 03.02.2026 कहता है कि सरपंच पद की गिनती शुरू करने से पहले पक्का कर लें कि सभी मतदान बूथों से मतपेटियाँ गिनती केन्द्र पर आ चुकी हों। 2 आयोग के आदेश क्रमांक एफ 7(1)(3)/पंचा/रानिआ/14-15/9809, दिनांक 02.10.2026 में भी लिखा है कि पंच और सरपंच पद की गिनती इसी पत्र 1323 के दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी और परिणाम उसी दिन घोषित होगा। 527 मार्गदर्शिका में भी RO से कहा गया है कि यह संतुष्टि कर लें कि सब इस्तेमाल हुई मतपेटियाँ आ गई हैं। 51 उसमें यह भी लिखा है कि पंचायत मुख्यालय के बाहर उसी पंचायत के किसी गाँव में बहुत विशेष परिस्थिति में बूथ बना हो और उसकी मतपेटियाँ आने में देर हो, तो उम्मीदवारों की जानकारी में लाकर बाकी मतपेटियों की गिनती शुरू कर दें। 5195

N3गिनती में संदिग्ध (doubtful) मतपत्रों की अलग गड्डी बनानी है या नहीं?
आयोग का पत्र क्रमांक एफ. 7(1)(1)/पंचा/रानिआ/2024/1323, दिनांक 03.02.2026 कहता है कि वैध और अवैध वोटों का फ़ैसला RO करेगा। 112 खारिज मतपत्रों का अलग बंडल बनाकर उन्हें दोबारा देखा जाए और उम्मीदवारों को बताकर अंतिम फ़ैसला लिया जाए। 112 खारिज करने का कारण मतपत्र पर अंकित हो, उस पर सील लगे और RO के हस्ताक्षर हों। 112 कोई उम्मीदवार खारिज मतपत्रों की क्रम संख्या जानना चाहे, तो उसे नोट करवा दी जाए। 112 मार्गदर्शिका के मुताबिक़ इस गिनती में संदेहास्पद (doubtful) मतपत्रों की अलग गड्डी बनाना ज़रूरी नहीं; गिनती करने वाला कर्मचारी ज़रूरत समझे तो विवादास्पद मतपत्र पर RO से तुरंत फ़ैसला लेकर उसे उम्मीदवार की गड्डी में या खारिज मतपत्रों की गड्डी में रख दे। 95 मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-34 के उदाहरणों में कुछ मतपत्र पहले गणना दल के संदेहपूर्ण बंडल में रखे जाते हैं और RO की जाँच में तय होते हैं। 125

N4मतपत्र पर एक निशान कॉलम में साफ़ हो और दूसरा निशान ज़्यादातर नीचे की शेडेड पट्टी में चला गया हो, तो क्या वह वैध है?
वैध-अवैध मतपत्रों के प्रशिक्षण के एक वैध उदाहरण में अभ्यर्थी के कॉलम में साफ़ निशान है और एक निशान का ज़्यादातर हिस्सा छायांकित (शेडेड) क्षेत्र में है। 126 इस मतपत्र को स्वयं गणन दल वैध मानकर स्वीकार करेगा। 126 यह उस स्थिति से अलग है जहाँ पूरा चिह्न ही मतपत्र के छायांकित भाग पर हो: ऐसा मतपत्र नामंजूर होने योग्य है (प्रशिक्षण स्लाइड के मुताबिक़)।

N5किसी एक उम्मीदवार के कॉलम में ही एक से ज़्यादा निशान हों तो वोट गिना जाएगा?
वैध-अवैध मतपत्रों के प्रशिक्षण के एक वैध उदाहरण के अनुसार एक ही अभ्यर्थी के कॉलम में एक से अधिक निशान हों तो मतपत्र को स्वयं गणना दल वैध मानकर स्वीकार कर लेगा। 127 नामंजूरी का आधार तब है जब निशान दो या ज़्यादा अभ्यर्थियों के सामने या अभ्यर्थी और नोटा के सामने हो। 90

N6अगर निशान हल्का लगा हो तो क्या वह वैध है?
वैध-अवैध मतपत्रों के प्रशिक्षण के एक वैध उदाहरण में अभ्यर्थी के कॉलम में हल्का निशान है, और उसे स्वयं गणन दल उसी अभ्यर्थी के पक्ष में वैध मानकर स्वीकार कर लेगा। 128

N7मतपत्र मोड़ने से निशान की छाप दूसरे उम्मीदवार के कॉलम में आ जाए तो वोट किसे जाएगा?
वैध-अवैध मतपत्रों के प्रशिक्षण के एक वैध उदाहरण में असली निशान, जो घड़ी की उल्टी दिशा (anti-clockwise) में होता है, एक अभ्यर्थी के कॉलम में है, और गलत तरीके से मतपत्र मोड़ने पर उस निशान की छाप दूसरे अभ्यर्थी के कॉलम में दिख रही है। 125 यह मतपत्र शुरू में गणना दल संदेहपूर्ण मतपत्रों के बंडल में रखेगा और RO की जाँच में वह मूल निशान वाले अभ्यर्थी के लिए वैध स्वीकार होगा। 125

N8मतपत्र पर सही कॉलम में मोहर का निशान हो और कहीं और स्याही का धब्बा हो तो क्या वह वैध है?
वैध-अवैध मतपत्रों के प्रशिक्षण के एक वैध उदाहरण में अभ्यर्थी के कॉलम में मोहर का निशान है और अन्यत्र स्याही का धब्बा है। 125 यह मतपत्र शुरू में गणना दल संदेहपूर्ण मतपत्रों के बंडल में रखेगा, और RO की जाँच में वह वैध स्वीकार किया जाएगा। 125

N9अगर वोटर ने सप्लाई किए गए Aero Cross Mark Seal के बजाय किसी और चीज़ से निशान लगाया हो तो?
वैध-अवैध मतपत्रों के प्रशिक्षण के एक अवैध उदाहरण में निशान प्रदत्त उपकरण (Aero Cross Mark Seal) से नहीं लगाया गया है। 129 ऐसे मतपत्र को गणन दल संदेहपूर्ण मतपत्रों के बंडल में रखेगा और जाँच में RO उसे अस्वीकृत करेगा। 129 नियम 50(1)(iii) में भी नामंजूरी का एक आधार यही है कि वोट उस उपकरण से अंकित नहीं किया गया जो इस काम के लिए दिया गया था। 90

N10मतपत्र पर वोटर का हस्ताक्षर, नाम या क्रम संख्या लिखी हो तो क्या होगा?
वैध-अवैध मतपत्रों के प्रशिक्षण के अवैध उदाहरणों में मतपत्र पर वोटर का हस्ताक्षर या नाम लिखा होने, या वोटर की क्रम संख्या अंकित होने से उसकी पहचान हो जाती है। 130131 ऐसा मतपत्र गणन दल संदेहपूर्ण मतपत्रों के बंडल में रखेगा और जाँच में RO उसे अस्वीकृत करेगा। 131 नियम 50(1)(i) में भी नामंजूरी का आधार है कि मतपत्र पर कोई ऐसा चिह्न हो जिससे निर्वाचक की पहचान हो सके, तो वह नामंजूर होने योग्य है। 90

N11नतीजा घोषित हो जाने के बाद दूसरे उम्मीदवार मतगणना केंद्र पर रुक सकते हैं या नहीं?
आयोग का पत्र 1323 (03.02.2026) कहता है कि जैसे-जैसे मतपत्रों की गणना का काम पूरा होता जाए, वैसे-वैसे पंच और सरपंच पद का परिणाम घोषित कर दिया जाए। 112 किसी पद का परिणाम घोषित करने के बाद उस पद से जुड़े बाकी अभ्यर्थियों को मतगणना केंद्र पर नहीं रुकने दिया जाएगा। 112

N12परिणाम की विवरणी (प्ररूप-7) में कौन-कौन से कॉलम भरने होते हैं?
आयोग के पत्र 1323 (03.02.2026) के अनुसार पंच और सरपंच पद का परिणाम घोषित करने के बाद परिणामों को दिखाने वाली विवरणी (प्ररूप-7) में उसे दर्ज कर लिया जाए। 112 मतपेटी वाली मार्गदर्शिका के परिशिष्टों में यह परिशिष्ट-10, प्ररूप-7 (नियम 52, 59, 60, 61) है। 62 इसके ऊपर पद, पंचायत, कुल निर्वाचक मण्डल, पंचायत समिति, जिला और निर्वाचन की तारीख भरनी होती है। 62 इसके कॉलम हैं: वार्ड या निर्वाचन क्षेत्र की संख्या (आरक्षण हो तो उसका ब्यौरा); नियम 29(2) के तहत निर्विरोध घोषित अभ्यर्थियों के नाम; उन अभ्यर्थियों के नाम जिनके लिए वैध वोट डाले गए; इन अभ्यर्थियों का पता, जाति, शैक्षिक स्तर, आयु, व्यवसाय और यह कि क्या वे पहले पंच या सरपंच रहे हैं; हर अभ्यर्थी को मिले वैध वोटों की संख्या; नामंजूर किए गए वोटों की संख्या; नियम 51 के तहत लॉट निकाला गया हो तो उसका परिणाम; और अभ्युक्तियाँ। 62 अभ्यर्थियों के नामों के नीचे नोटा (इनमें से कोई नहीं) की पंक्ति भी है। 62 इसी पन्ने पर तालिका के नीचे रिटर्निंग ऑफिसर की घोषणा है कि नीचे लिखे अभ्यर्थी निर्वाचित हुए हैं। 62 उसके कॉलम हैं: क्रम संख्या, कार्यालय का नाम (पंच या सरपंच), निर्वाचित अभ्यर्थी का नाम और पता, लिंग, जाति, वार्ड या निर्वाचन क्षेत्र की क्रम संख्या और अभ्युक्तियाँ। 62 नीचे तारीख, स्थान और रिटर्निंग ऑफिसर के हस्ताक्षर होते हैं। 62

N13बंडल बनाने के बाद पंच और सरपंच के मतपत्रों की गिनती का मिलान किससे करना है?
आयोग का पत्र 1323 (03.02.2026) कहता है कि पंच पद के वार्डवार मतपत्रों की छँटनी और बंडल बनाने के बाद मतदान बूथ के हर वार्ड में पंच पद के मतपत्रों की संख्या एक कागज़ पर लिख ली जाए और बूथ पर डाले गए वोटों की संख्या से मिला ली जाए। 2 इसी तरह सरपंच पद के मतपत्रों की संख्या बूथवार लिखकर बूथवार डाले गए वोटों की संख्या से मिलान किया जाए। 2 पंच की गिनती के लिए मतदान दल के एक-एक कर्मचारी को अलग-अलग वार्ड की मतगणना का काम सौंपा जाए। 2

परिणाम, जमानत, शपथ, उपसरपंच 10

G1नतीजा प्ररूप-7 में कौन भरता है, और उसकी प्रतियाँ किस-किस को भेजनी हैं?
चुनाव परिणाम नियम 51 और 52 के अनुसार प्ररूप-7 (परिशिष्ट-10) में घोषित किया जाता है, और उस फार्म की हस्ताक्षरित प्रति पाँच जगह भेजी जाती है: (1) आयुक्त, पंचायती राज विभाग, शासन सचिवालय, जयपुर; (2) जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत); (3) नव-निर्वाचित सरपंच; (4) पंचायत समिति कार्यालय; (5) पंचायत का कार्यालय, यदि कोई हो। 113 भेजना डाक से या जिला निर्वाचन अधिकारी जैसे बताएँ वैसे (प्रशिक्षण स्लाइड के मुताबिक़)। पत्र 1323 के अनुसार पंच और सरपंच का परिणाम घोषित करने के बाद इसी विवरणी (प्ररूप-7) में अंकित कर लिया जाए। 112

G2जीते हुए उम्मीदवार को प्रमाण पत्र कब मिलता है, और उससे क्या लेना है?
आयोग के पत्र 1323 के मुताबिक़: जिसे जीता हुआ घोषित किया गया, उसे निर्वाचन का प्रमाण पत्र दे दीजिए, और उससे हस्ताक्षर की हुई प्राप्ति रसीद ले लीजिए। 112 इसी बिन्दु में यह भी है कि पंच और सरपंच का परिणाम घोषित होने के बाद चुने गए प्रतिनिधियों को तय प्ररूप-11 में शपथ दिला दी जाए। 112

G3जमानत कब लौटती है और कब ज़ब्त होती है (1/6 वाला नियम), और इसकी प्रक्रिया क्या है?
परिपत्र 2178 दिनांक 20.06.2019 (नियम 56 और 58) के अनुसार सरपंच के चुनाव में दो तरह के अभ्यर्थियों की जमानत लौटती है: जिसने नाम वापस ले लिया, और जिसे कुल वैध वोटों के 1/6 से ज़्यादा वोट मिले; उनकी जमानत राशि परिणाम घोषित होने के बाद उसके प्रपत्र-1 में आवेदन देने पर लौटाई जाती है। 132 परिणाम घोषित होने के बाद RO उन अभ्यर्थियों की, जो चुने नहीं गए और जिन्हें वैध वोटों के 1/6 से कम वोट मिले, जमानत जब्त करने का आदेश प्रपत्र-2 में जारी करता है। 132113 जब्त और अवितरित राशि का हिसाब RO प्रपत्र-3 में दो प्रतियों में बनाकर यात्रा भत्ता प्रकोष्ठ में जमा कराता है, और दूसरी प्रति पर यात्रा प्रकोष्ठ प्राप्ति की रसीद देता है। 132 चुनाव-ड्यूटी का लेखा कर्मी RO के ड्यूटी से मुक्त होने से पहले उससे प्रपत्र-1, 2 और 3 की सूचना लिफाफा पी-42 में लेता है। 133 जो अभ्यर्थी RO से जमानत वापस नहीं ले पाया वह 15 दिन के भीतर उपखंड अधिकारी कार्यालय से प्रपत्र-1 में आवेदन देकर ले सकता है; 15 दिन में माँग न करे तो राशि अवितरित मानी जाएगी (प्रपत्र-3(अ)) और उपखंड अधिकारी चालान से राजकोष में जमा कराएगा। 133 वार्ड पंच के लिए जमानत जमा कराने का कोई प्रावधान नहीं है। 74

G4नतीजा घोषित होने के बाद जीते हुए उम्मीदवार को शपथ कौन, कब और कहाँ दिलाता है?

आयोग का पत्र 1323 कहता है: पंच और सरपंच का परिणाम घोषित होने के बाद चुने गए प्रतिनिधियों को तय प्ररूप-11 में शपथ दिला दीजिए। 112

नियम 75 और 76 में बाक़ी बातें हैं:

  • शपथ (या प्रतिज्ञान) धारा 24 के तहत होती है, प्ररूप-11 में। 58
  • कब: परिणाम घोषित होने के बाद तीन महीने के भीतर, कभी भी। 58
  • किसके सामने: रिटर्निंग अधिकारी; या तहसीलदार, या कलेक्टर का इसके लिए नियुक्त कोई और अधिकारी; पंच के मामले में सरपंच; या पंचायत, पंचायत समिति या ज़िला परिषद की किसी बैठक में। 58
  • हस्ताक्षर किए हुए शपथ के प्ररूप ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) के दफ़्तर भेजे जाते हैं, और वहाँ पाँच साल तक रखे जाते हैं। 58

G5उपसरपंच का चुनाव कब होता है, RO कौन होता है, और उस दिन क्या-क्या किस समय होता है: प्रस्ताव (मॉडल फॉर्म-ख), जाँच, वोट का तरीका, बराबर वोट और नतीजे का प्ररूप?

आयोग ने 20.10.2026 के पत्र में उप-सरपंच के चुनाव वाले दिन का पूरा समय तय किया है। 118 चारों चरणों में उप-सरपंच का चुनाव 25.10.2026, 31.10.2026, 06.11.2026 और 17.11.2026 को है; हर चरण में यह पंच और सरपंच के मतदान के अगले दिन पड़ता है। 11820 उस दिन का समय:

  • बैठक का नोटिस जारी करना: सुबह 9:00 बजे से पहले 118
  • बैठक शुरू: सुबह 10:00 बजे 118
  • नामनिर्देशन पत्र देना: सुबह 11:00 बजे तक 118
  • नामनिर्देशन पत्रों की संवीक्षा (जाँच): सुबह 11:30 बजे तक 118
  • चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की सूची बनाना और चुनाव चिह्न देना: सुबह 11:30 से दोपहर 12:00 बजे तक 118
  • मतदान, अगर ज़रूरी हो: दोपहर 12:00 से 1:00 बजे के बीच 118
  • गिनती और परिणाम की घोषणा: मतदान ख़त्म होते ही 118

इसी पत्र में आयोग ने लिखा है कि नियम 65 और 66 की पालना पूरी तरह होनी है, और बैठक का नोटिस मतदान से कम से कम दो घंटे पहले पंचायत कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगना है। 118

जिस अधिकारी को पंच और सरपंच के चुनाव का रिटर्निंग अधिकारी बनाया गया है, वही उप-सरपंच के चुनाव का भी रिटर्निंग अधिकारी है (नियम 65)। 20134 वार्ड पंच का परिणाम घोषित होने के बाद रिटर्निंग अधिकारी नए चुने गए पंचों और सरपंच की बैठक बुलाते हैं (नियम 65(2))। 20118 उप-सरपंच के लिए सिर्फ़ निर्वाचित पंच ही खड़े हो सकते हैं; वोट पंच और सरपंच देते हैं, और डाक से या प्रॉक्सी से वोट देने का कोई प्रावधान नहीं है। 119

बैठक में मौजूद सरपंच या कोई भी निर्वाचित पंच, किसी पंच का नाम लिखकर प्रस्तावित कर सकता है। 20134 सब प्रस्ताव बैठक शुरू होने के एक घंटे के अंदर ही दिए जा सकते हैं (नियम 66(1))। 20 नियमों में नामनिर्देशन पत्र का कोई फ़ॉर्म तय नहीं है; मार्गदर्शिका में इसका मॉडल फ़ॉर्म "ख" दिया है। 134 प्रस्ताव पर प्रस्तावक और उम्मीदवार, दोनों के हस्ताक्षर होंगे। 134 कोई प्रस्ताव खारिज हो, तो रिटर्निंग अधिकारी उसका कारण थोड़े में ज़रूर लिखेंगे (नियम 66(4))। 20119

जाँच के बाद चुनाव लड़ने वालों की सूची प्ररूप-5 में बनती है, और सही पाए गए नाम बैठक में पढ़कर सुनाए जाते हैं (नियम 66(5))। 11920 सिर्फ़ एक ही उम्मीदवार हो, तो उसे उप-सरपंच चुना गया घोषित कर दिया जाता है (नियम 66(6))। 20 एक से ज़्यादा हों, तो गुप्त मतदान से, मतपत्र से वोट पड़ते हैं; सूची में सबसे आख़िर में नोटा (इनमें से कोई नहीं) का विकल्प रहता है। 20119

जिसे सबसे ज़्यादा वोट मिलें, उसे उप-सरपंच चुना गया घोषित किया जाता है; वोट बराबर हों, तो लॉटरी निकाली जाती है। 120 परिणाम की घोषणा प्ररूप-7 (परिशिष्ट-10) में होती है। 120 गिनती के बाद खारिज और वैध मतपत्र रबर बैंड से अलग-अलग बाँधकर, एक ही लिफ़ाफ़े P-40 में रखकर सील कर दिए जाते हैं। 120

G6मतदान के बाद कौन-कौन से लिफ़ाफ़े बनते हैं (परिशिष्ट-15): मतदान अधिकारी के बूथवार लिफ़ाफ़े और RO के लिफ़ाफ़े; हर एक में क्या जाता है, किसे भेजना है, और कौन-सा सील होता है?
परिशिष्ट-15 में लिफाफे ये हैं। 75 (अ) मतदान अधिकारी हर चुनाव के लिए अलग, बूथवार, जो सील करने हैं: पंच के लिए अप्रयुक्त-निरस्त-खराब मतपत्र पी-4, चिन्हित मतदाता सूची पी-5, खराब व रद्द मतपत्र (नियम 42) पी-13, निविदत्त मतपत्र व सूची पी-17; सरपंच के लिए ये क्रम से पी-3, पी-6, पी-12, पी-16। 75 मार्गदर्शिका के पैरा 16 और 26 में निविदत्त मतपत्र वाले ये दो नंबर (पी-16 और पी-17) उलटे छपे हैं, और पैरा 17 में खराब मतपत्र वाले दो नंबर (पी-12 और पी-13) भी। 8448 इसलिए मतपत्र लिफ़ाफ़े पर लिखा नाम देखकर रखिए, नंबर देखकर नहीं। (ब) पंच-सरपंच चुनाव का बड़ा लिफ़ाफ़ा पी-1 (मतदाताओं की आयु संबंधी घोषणाएँ और उनकी सूची वगैरह, बिना सील) रिटर्निंग अधिकारी तैयार करते हैं; मतदान अधिकारी बूथवार हर चुनाव के चार-चार सीलबंद लिफ़ाफ़े ही बनाते हैं। 48 मतदान अधिकारी की डायरी (पी-38) और महिला-पुरुष वार मतदाताओं के आँकड़ों का लिफ़ाफ़ा पी-2 मतदान दल के लिफ़ाफ़ों में गिने गए हैं (प्रशिक्षण स्लाइड के मुताबिक़)। (स) रिटर्निंग अधिकारी (पंच/सरपंच) द्वारा तैयार किए जाने वाले लिफाफे: 1. बड़ा लिफाफा पी-1 (सील नहीं; सूची में "प्रति पंचायत-1") जिसमें नामनिर्देशन पत्र और संबंधित कागज (पंच, सभी वार्ड; सरपंच), चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची, मतदाताओं की आयु संबंधी घोषणाएँ व सूची, मतदान/गणन अभिकर्ता की नियुक्ति के फार्म, कार्यकारी मतदाता सूची की अन्य प्रतियाँ आदि; 2. चुनाव प्रतीकों की अतिरिक्त स्लिपों का बड़ा लिफाफा पी-7 (सील नहीं); 3. सरपंच के वैध मतपत्र पी-8 (सील करना); 4. पंच के वैध मतपत्र पी-9 (सील करना; सूची में "प्रति रिटर्निंग अधिकारी-5"); 5. गिनती में खारिज मतपत्र (सरपंच) पी-28 (सील करना); 6. खारिज मतपत्र (पंच) पी-29 (सील करना); 7. पंच/सरपंच के सांख्यिकीय आँकड़े पी-10 (सील नहीं), यानी सांख्यिकीय फार्म पंच, सांख्यिकीय फार्म सरपंच और बूथवार मतदान आँकड़े (महिला-पुरुष वार); 8. परिणाम-पत्र का लिफाफा पी-11 (सील नहीं), जिला निर्वाचन अधिकारी को जमा कराने के लिए; 9. प्रतिभूति निक्षेप की रसीद बुक, जब्त राशि और प्रपत्र-2: पी-42 (सील नहीं); 10. पंच/सरपंच चुनाव के पिंक पेपर सील का लेखा, अप्रयुक्त और क्षतिग्रस्त पेपर सीलें, शेष फार्म: पी-33 (सील नहीं); 11. परिणाम-पत्र भेजने के लिए डाक के लिफाफे; और यदि उपसरपंच का चुनाव कराया जाए तो पी-40 (वैध-अवैध मतपत्र, सील करना) और पी-41 (अन्य कागज)। 11049 "किसे भेजना": परिशिष्ट-15 का नोट कहता है कि पंच/सरपंच से संबंधित (मतदान दल के) लिफाफे पंचायत मुख्यालय पर रिटर्निंग अधिकारी को सौंपे जाएँ। 110 रिटर्निंग अधिकारी पंच-सरपंच के चुनाव का रिकॉर्ड परिशिष्ट-15 के लिफाफों में रखकर, जो लिफाफे सील होने हैं उन्हें सील करके, जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) द्वारा अधिकृत अधिकारियों को सौंपता है। 113 परिणाम-पत्र का लिफाफा पी-11 जिला निर्वाचन अधिकारी को जमा कराने के लिए है, और सांख्यिकीय आँकड़ों के तीनों फार्म पृथक काउंटर पर जमा होते हैं या जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों के अनुसार। 49

G7गिनती के बाद मतपत्र और चुनाव के काग़ज़ कहाँ जाते हैं, और कितने दिन रखे जाते हैं?

नियम 53 के मुताबिक़:

  • चुनाव से जुड़े सारे काग़ज़ ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की अभिरक्षा में रहते हैं। 61
  • इस्तेमाल हुए मतपत्रों के पैकेट (वैध, निविदत्त या नामंज़ूर) और मतदाता सूची की निशान लगी प्रतियाँ, सक्षम अदालत के आदेश के बिना न खोली जाती हैं, न उनकी जाँच होती है, न उन्हें पेश किया जाता है। 61
  • आयोग या अदालत का कोई और निर्देश न हो, तो इस्तेमाल हुए मतपत्रों के पैकेट छह महीने रखे जाते हैं, फिर उस तरीक़े से नष्ट किए जाते हैं जो आयोग बताए। 61 उप-नियम (2) वाले बाक़ी पैकेट या काग़ज़ एक साल रखकर नष्ट किए जाते हैं। 61

गिनती पूरी होने पर वैध और खारिज मतपत्रों के अलग-अलग लिफ़ाफ़े बनाकर सील किए जाते हैं (सरपंच के वैध मतपत्र पी-8 में, पंच के वैध मतपत्र पी-9 में)। 95113 उपसरपंच के चुनाव के मतपत्र लिफ़ाफ़ा पी-40 में रखकर सील होते हैं। 120 पंच-सरपंच के लिफ़ाफ़े पंचायत मुख्यालय पर रिटर्निंग अधिकारी को सौंपे जाते हैं। 110 रिटर्निंग अधिकारी चुनाव का रिकॉर्ड परिशिष्ट-15 के लिफ़ाफ़ों में रखकर, सील होने वाले लिफ़ाफ़े सील करके, ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) द्वारा अधिकृत अधिकारियों को सौंपते हैं। 113

G8नतीजा घोषित होने के बाद कोई उम्मीदवार चुनाव को चुनौती देना चाहे, तो उसका रास्ता क्या है: कौन, किसके सामने, कितने दिन में और किन आधारों पर?

नतीजे को चुनौती चुनाव याचिका से दी जाती है (धारा 43 और नियम 80)। 135136 दोबारा गिनती की लिखित माँग गिनती के दौरान होती है; वह बात F5 में है।

  • कौन: उस चुनाव का कोई भी उम्मीदवार, यानी जो उस चुनाव में खड़ा हुआ या जिसका नामांकन हुआ। 136
  • किसके सामने: उस इलाक़े के जिला न्यायाधीश (District Judge) के सामने। 136
  • कब तक: नतीजा घोषित होने की तारीख़ से तीस दिन के भीतर। 136
  • किन आधारों पर (नियम 80): (क) जीता हुआ उम्मीदवार चुनाव की तारीख़ पर योग्य न था या अयोग्य था; (ख) उम्मीदवार ने, या उसकी सहमति या मिलीभगत से किसी और ने, भ्रष्ट आचरण किया; (ग) कोई नामांकन गलत तरीक़े से खारिज हुआ; (घ) किसी नामांकन के गलत तरीक़े से मंज़ूर होने, या अधिनियम या नियमों का पालन न होने जैसी बातों से जीते उम्मीदवार के नतीजे पर ठोस असर (materially affected) पड़ा; (ङ) असल में याचिका देने वाले या किसी और उम्मीदवार को वैध वोटों का बहुमत मिला; (च) जीते उम्मीदवार को भ्रष्ट आचरण से मिले वोट न होते, तो याचिका देने वाले या किसी और उम्मीदवार को बहुमत मिलता। 136137
  • ज़मानत और प्रति (नियम 81): याचिका के साथ विरोधी पक्ष के ख़र्चे की ज़मानत के तौर पर 500 रुपये जमा करने होते हैं, और याचिका की एक प्रति डाक के प्रमाण-पत्र (certificate of posting) के साथ संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को भेजनी होती है। 137

G9उपसरपंच के लिए एक भी नामांकन न आए, तो RO क्या करे?

नियम 66(8) के मुताबिक़, कोई उम्मीदवार न हो और पंचायत उपसरपंच न चुन पाए, तो RO पंचायतों के प्रभारी अधिकारी और कलक्टर को सूचित करता है, जो धारा 26(2) के तहत उपसरपंच की नियुक्ति के लिए सरकार को सूचित करते हैं। 13820 धारा 26(2) के मुताबिक़ पंच उपसरपंच न चुन पाएँ, तो राज्य सरकार किसी व्यक्ति को उस पद पर नियुक्त करती है, और वह छह महीने के भीतर चुनाव से पद भरे जाने तक विधिवत चुना गया उपसरपंच माना जाता है। 64

मार्गदर्शिका के उपसरपंच वाले अध्याय में इस हालत के लिए यह लिखा है: "यदि एक भी अभ्यर्थी द्वारा नामांकन पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है, तो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव प्रक्रिया नये सिरे से प्रारम्भ होगी।" 119

एक ही उम्मीदवार हो, तो वह नियम 66(6) से उपसरपंच घोषित होता है; वह बात G5 में है।

G10शपथ लिए बिना कोई चुना हुआ पंच या सरपंच उपसरपंच के चुनाव में हिस्सा ले सकता है? और कोई शपथ ले ही नहीं, तो क्या होता है?

नहीं। मार्गदर्शिका के मुताबिक़ उपसरपंच के चुनाव में चुने हुए पंच और सरपंच तभी हिस्सा ले सकते हैं, जब उन्होंने तय प्रक्रिया और तय प्ररूप (प्ररूप-11, परिशिष्ट-18) में शपथ या प्रतिज्ञान ले लिया हो। 85 इसीलिए मार्गदर्शिका कहती है कि पंच-सरपंच का नतीजा घोषित होते ही चुने हुए प्रतिनिधियों को प्ररूप-11 में शपथ दिलाई जाए, ताकि वे उपसरपंच के चुनाव वाली बैठक में शामिल हो सकें। 113

शपथ कब और किसके सामने होती है, यह G4 में है। धारा 39(1)(f) के मुताबिक़ पंचायती राज संस्था का जो सदस्य चुनाव या नियुक्ति की तारीख़ से तीन महीने के भीतर तय शपथ या प्रतिज्ञान नहीं लेता, वह सदस्य बने रहने के योग्य नहीं रहता। 139 धारा 39(2) के मुताबिक़ ऐसी बात सक्षम प्राधिकारी के सामने आए, तो वह उस सदस्य को सुनवाई का मौक़ा देकर अयोग्य घोषित कर सकता है, और तब उसका पद खाली हो जाता है। 139

7विविध 5 सवाल

विविध 5

H1सरपंच और पंच के चुनाव ख़र्च की सीमा कितनी है, और क्या ख़र्च का हिसाब देना पड़ता है?
अधिसूचना 5052 दिनांक 23.12.2025 में धारा 22क के तहत "उपर उल्लेखित मदों" पर (मदें अधिसूचना के पहले पन्नों पर हैं) खर्च की अधिकतम सीमा सरपंच के लिए 1,00,000 रुपये है (जिला परिषद सदस्य 3,00,000; पंचायत समिति सदस्य 1,50,000)। 140 वार्ड पंच की सीमा उस तालिका में नहीं है। 67 खर्च का लेखा प्ररूप "क" में परिणामों की घोषणा के 15 दिन के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) (कलक्टर) या उसके प्राधिकृत अधिकारी के सामने प्रस्तुत करना है। 67 तालिका "अधिकतम चुनाव खर्च सीमा" शीर्षक के नीचे है। 67

H2पंच-सरपंच के चुनाव में आचार संहिता की कौन-सी बातें लागू होती हैं?

आयोग ने चुनाव कार्यक्रम 03.10.2026 को घोषित किया, और उसी दिन से चुनाव वाले इलाक़ों में आदर्श आचार संहिता लागू है। 141 यह चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी। 141 आयोग का पत्र 8703 (14.09.2026) भी यही कहता है: संहिता चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ लागू होगी, और चुनाव की प्रक्रिया ख़त्म होने तक रहेगी। 142 इसी पत्र में ज़िला निर्वाचन अधिकारियों से कहा गया है कि संहिता की पालना की रिपोर्ट तय प्रपत्रों में, तय समय के भीतर आयोग को भेजें। 142

संहिता आयोग के संकलन में छपी है। 143 उम्मीदवार और उसके कार्यकर्ताओं के काम की मुख्य बातें ये हैं:

  • किसी धर्म, सम्प्रदाय या जाति के लोगों की भावना को ठेस पहुँचाने वाला कोई काम नहीं, और किसी पूजा-स्थल से प्रचार नहीं। 143
  • किसी की ज़मीन, मकान, अहाते या दीवार पर बिना अनुमति झंडा, पोस्टर, नारा या बैनर नहीं। 143
  • केन्द्र सरकार, राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी के किसी कर्मचारी को अपना अभिकर्ता नहीं बनाना, और न उसे प्रचार के काम में लगाना। 144
  • मतदान ख़त्म होने के तय समय से पहले के 48 घंटों में सार्वजनिक सभा, मतदान केन्द्र के 100 मीटर के अंदर वोट माँगना, मतदाताओं को लाने-ले जाने के लिए वाहन लगाना, और मतदाताओं को रिश्वत देना या डराना-धमकाना: संहिता इन्हें भ्रष्ट आचरण और अपराध बताती है। 143
  • सभा की जगह और समय की सूचना पहले से पुलिस को; लाउडस्पीकर सक्षम अधिकारी की अनुमति से। 144
  • मतदान के दिन: मतदाताओं को दी जाने वाली पर्चियाँ सादे सफ़ेद काग़ज़ पर हों, उन पर कोई चिह्न, उम्मीदवार का नाम या दल का नाम न हो; मतदान केन्द्र के 200 मीटर के अंदर कोई कैम्प नहीं; वाहन परमिट लेकर। 145146

पंचायत के कामों के लिए: चुनाव की घोषणा से चुनाव ख़त्म होने तक पंचायत के अधीन कोई नियुक्ति या तबादला न हो, और पंचायत क्षेत्र में किसी नए भवन के निर्माण या मौजूदा भवन में बदलाव की अनुमति न दी जाए (प्रशिक्षण स्लाइड के मुताबिक़)।

H3प्रशिक्षण की "पंचायत चुनाव: महत्वपूर्ण बातें" वाली फ़ाइल में RO के काम की कौन-सी बातें हैं?
सरपंच पद के नामांकन पत्र के साथ उपाबन्ध I-B की घोषणा 50 रुपये के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर ली जाती है; यह घोषणा केवल सरपंच के लिए है। 4 वार्ड पंच के लिए कोई जमानत नहीं है; सरपंच के लिए सामान्य अभ्यर्थी 500 रुपये, और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला अभ्यर्थी 250 रुपये जमा कराते हैं। 12 पंच-सरपंच के उम्मीदवारों को नामनिर्देशन पत्र के प्ररूप (प्ररूप-4, प्ररूप-4घ, स्वच्छ शौचालय की घोषणा, उपाबन्ध I-B, उम्मीदवार सूचना फार्म) का सेट RO मुफ़्त देता है। 4 जमानत कब और कैसे लौटती है, यह G3 में है। उम्मीदवार उस पंचायत का मतदाता न हो तो उसका पर्चा खारिज किया जा सकता है। 17 पंच के उम्मीदवार के लिए उसी वार्ड का मतदाता होना ज़रूरी नहीं, पंचायत सर्किल के किसी भी वार्ड का मतदाता चल जाता है। 1 अन्य पात्रता (धारा 19 ख), एक से ज़्यादा सीट पर लड़ने के नियम, दोषसिद्धि, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की अयोग्यताएँ, केंद्र/राज्य सरकार या स्थानीय प्राधिकारी का पूरे समय या पार्ट-टाइम वैतनिक कर्मचारी होना, पंचायती राज संस्था में वैतनिक या लाभ का पद (धारा 19(घ)), उसके ठेके में हित (19(ङ)), और आरक्षित सीट की अपात्रता (19(ढ), 19(ण)) भी RO के देखने की बातें हैं (प्रशिक्षण स्लाइड के मुताबिक़)। शारीरिक या मानसिक दोष या रोग [धारा 19(च)], और संबंधित पंचायत की ओर से या उसके विरुद्ध वकील होना [धारा 19(ञ)], भी चुनाव लड़ने से रोकते हैं। 46 नामनिर्देशन पत्र नियम 27 (परिशिष्ट-4) में दिए कारणों पर खारिज किया जा सकता है। 17 सिर्फ़ इस आधार पर कि उम्मीदवार का नाम दो जगह है, पर्चा खारिज नहीं किया जा सकता। 23 नाम वापसी नियम 28 के तहत होती है; उम्मीदवार नोटिस दो प्रतियों में देता है, और इसके लिए मॉडल फॉर्म परिशिष्ट-27 है। 2329

H4प्रशिक्षण की "भरे हुए प्रपत्र" वाली फ़ाइल में RO के कौन-से फॉर्म भरकर दिखाए गए हैं?

RO से जुड़े ये प्रपत्र भरकर दिखाए गए हैं: परिशिष्ट-6.A प्ररूप-4; परिशिष्ट-6.B प्ररूप-4घ; परिशिष्ट-6.C; परिशिष्ट-6.D उपाबंध I-B; परिशिष्ट-6.E; परिशिष्ट-8.A प्ररूप-5; परिशिष्ट-8.B प्ररूप-5; परिशिष्ट-9 प्ररूप-6; परिशिष्ट-10 प्ररूप-7; परिशिष्ट-12 प्ररूप-8; परिशिष्ट-13; परिशिष्ट-14; परिशिष्ट-16 प्ररूप-9; परिशिष्ट-17 प्ररूप-10; परिशिष्ट-18 प्ररूप-11; परिशिष्ट-27 (नाम वापसी की सूचना, सरपंच पद) (प्रशिक्षण स्लाइड के मुताबिक़)।

मतदान दल के भरे प्रपत्र: परिशिष्ट-21 (मतदान अधिकारी द्वारा घोषणा); परिशिष्ट-23-B (मतदान अधिकारी की डायरी); परिशिष्ट-24; परिशिष्ट-26 (मतपत्र लेखा); परिशिष्ट-28 (मतपेटी का लेबल) (प्रशिक्षण स्लाइड के मुताबिक़)। परिशिष्ट-29 उपसरपंच चुनाव के नोटिस (नियम 65(2)) का मॉडल फार्म है। 147 प्रशिक्षण के भरे प्रपत्रों में यह खाली दिया गया है, भरा हुआ नहीं (प्रशिक्षण स्लाइड के मुताबिक़)।

H5क्या प्रशासक और इस्तीफ़े से जुड़े आदेश पंचायत के चुनाव पर भी लागू होते हैं?

प्रशासक और प्रशासकीय समिति के बारे में आयोग के दो पत्र हैं। 43 लाभ के पद वाले पत्र 10297 (09.10.2026, जिला निर्वाचन अधिकारी नागौर को) का सातवाँ बिन्दु प्रशासक के पद पर है, पत्र के शब्दों में: "प्रशासक का पदः– पूर्व में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा परीक्षण करते हुए दिशा–निर्देशा जारी किए गए है। 43 उक्त आदेश के अनुसार ही रिटर्निंग अधिकारियों को कार्यवाही करते हुए स्वयं के स्तर से निर्णय लिया जाना है।" 43

इसके बाद, 14.10.2026 को, आयोग ने पत्र 10520 पंचायती राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त को भेजा। 45 उसमें ग्राम पंचायत की प्रशासकीय समिति की बात है, जिसमें पहले के उपसरपंच और वार्ड पंच सदस्य बनाए गए थे। 45 पत्र के शब्दों में: "प्रकरण का परीक्षण करवाया गया। 45 बाद परीक्षण प्रशासकीय समिति के पदों को लाभ की श्रेणी में नहीं मानते हुए अग्रिम कार्यवाही की जावें।" 45 दोनों पत्र साथ-साथ "लाभ का पद" वाले पेज पर हैं: labh-ka-pad.html#prashasak

प्रशासक के इस्तीफ़े पर पंचायती राज विभाग का आदेश (31.08.2026) है, आयोग का नहीं: कोई प्रशासक अपनी मर्ज़ी से पद से इस्तीफ़ा दे, तो संबंधित ज़िला कलेक्टर इस्तीफ़ा स्वीकार करके उसे पद से मुक्त करने का आदेश अपने स्तर पर जारी करें, और इसकी सूचना पंचायती राज विभाग को भेजें। 148

सरकारी या स्थानीय प्राधिकारी का वेतन पाने वाला कर्मचारी नामांकन भरे, तो संवीक्षा के समय सक्षम अधिकारी की दी हुई त्यागपत्र की स्वीकृति की प्रमाणित प्रति देनी होगी। 41 यह आदेश संवीक्षा की तारीख से पहले वाले दिन तक का होना चाहिए, उसी दिन का नहीं। 41

8ऐसे मामले आएँ, तो 9 सवाल

उदाहरण (सारे नाम काल्पनिक हैं) 9

S1नाम वापसी के बाद वार्ड 4 में पंच के लिए एक भी उम्मीदवार नहीं है, क्योंकि वहाँ किसी ने नामांकन भरा ही नहीं।
उस वार्ड में पंच नहीं चुना जाएगा। 60 गिनती पूरी होने के बाद RO नियम 52(1)(ङ) के मुताबिक़ उन वार्डों के नाम बताते हैं जिनमें कोई पंच नहीं चुना गया; वार्ड 4 उनमें आएगा। 60 पूरी बात D8 में है।

S2वार्ड 7 में नाम वापसी के बाद सिर्फ़ गीता देवी का नामांकन बचा है, और वह मंज़ूर हो चुका है।
नियम 29(2) के मुताबिक़ RO गीता देवी को विधिवत चुना गया घोषित करते हैं, यानी वे निर्विरोध चुनी जाती हैं; उस वार्ड में पंच के लिए वोट नहीं पड़ते। 34 उनका नाम प्ररूप-7 में नियम 29(2) में निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों में जाता है। 60 सरपंच के अकेले उम्मीदवार की बात D9 में है।

S3सरपंच के लिए किसी ने भी नामांकन नहीं भरा।
पंचायत सर्किल सरपंच न चुन पाए, तो नियम 56(6) के मुताबिक़ RO यह बात तुरंत जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को रिपोर्ट करते हैं। 63 वे आयोग और राज्य सरकार को बताते हैं, और राज्य सरकार धारा 26(2) के तहत किसी व्यक्ति को सरपंच नियुक्त करती है (D10)। 63

S4मतदान वाले दिन सुबह बूथ 2 के मतदान दल का एक सदस्य नहीं पहुँचा।
नियम 31(1) के परंतुक के मुताबिक़ RO उसकी जगह काम करने के लिए किसी भी व्यक्ति को नियुक्त कर सकते हैं, और इसकी सूचना जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को देते हैं। 99 बस ऐसा व्यक्ति न लगाएँ जो इस चुनाव में किसी उम्मीदवार के लिए काम कर रहा हो (E8)। 99

S5दोपहर में बूथ 3 के बाहर दो गुटों में झगड़ा हो गया, और शांति भंग होने का अंदेशा है।
नियम 48 के मुताबिक़ ऐसे आपातकाल में RO मतदान बंद करके आगे के किसी दिन के लिए स्थगित कर सकते हैं; वह दिन जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) या उनका नामित अधिकारी अधिसूचित करता है। 88 मतदान क्यों बंद करना पड़ा, यह RO तुरंत जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को रिपोर्ट करते हैं, और मतदान अधिकारी अपनी डायरी में घटना लिखते हैं (E9)। 88104

S6कुछ लोग बूथ 5 में घुसकर मतपेटी उठा ले गए।
नियम 48क के मुताबिक़ मतपेटी अभिरक्षा से ग़ैर-क़ानूनी ढंग से निकाल ली जाए, तो RO उस मामले की रिपोर्ट तुरंत निर्वाचन आयोग को करते हैं; आयोग उस बूथ का मतदान शून्य घोषित करके नए मतदान का दिन और समय तय कर सकता है। 88 मार्गदर्शिका कहती है कि घटना मतदान अधिकारी की डायरी में लिखी जाए और रिपोर्ट तुरंत जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को भेजी जाए, जिसमें बूथ का नाम, वार्ड संख्या, घटना का ब्यौरा और दोबारा मतदान पर RO की साफ़ सिफ़ारिश हो (E10)। 92 बूथ पर कब्ज़ा (बूथ कैप्चरिंग) हो, तो E9 देखिए।

S7नए चुने गए पंच सुरेश ने अभी शपथ नहीं ली है, और वे उपसरपंच की बैठक में वोट डालना चाहते हैं।
मार्गदर्शिका के मुताबिक़ उपसरपंच के चुनाव में चुने हुए पंच और सरपंच तभी हिस्सा ले सकते हैं, जब वे तय प्ररूप में शपथ या प्रतिज्ञान ले चुके हों। 85 इसीलिए नतीजा घोषित होते ही प्ररूप-11 में शपथ दिला दी जाती है, ताकि सब उपसरपंच वाली बैठक में शामिल हो सकें (G10)। 113

S8उपसरपंच की बैठक में किसी ने भी नामांकन नहीं भरा।
नियम 66(8) के मुताबिक़, जब कोई भी अभ्यर्थी न हो और पंचायत उपसरपंच न चुन पाए, तो RO पंचायतों के प्रभारी अधिकारी और कलक्टर को सूचित करते हैं, जो धारा 26(2) के तहत उपसरपंच की नियुक्ति के लिए सरकार को सूचित करते हैं। 13864 धारा 26(2) के तहत ऐसे में राज्य सरकार किसी व्यक्ति को उस पद पर नियुक्त करती है, जब तक छह महीने के भीतर चुनाव से पद भर न जाए। 64 उस दिन पीठासीन अधिकारी उपसरपंच के चुनाव का संक्षिप्त कार्यवृत्त तैयार करता है। 138 मार्गदर्शिका इस हालत के लिए यह कहती है: "यदि एक भी अभ्यर्थी द्वारा नामांकन पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया है, तो राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव प्रक्रिया नये सिरे से प्रारम्भ होगी।" (G9) 119

S9सरपंच का चुनाव हारे रमेश नतीजे के अगले दिन आते हैं और कहते हैं कि वे नतीजे को चुनौती देंगे।
नतीजे को चुनौती चुनाव याचिका से दी जाती है: उस चुनाव का कोई भी उम्मीदवार, नतीजा घोषित होने की तारीख़ से तीस दिन के भीतर, उस इलाक़े के जिला न्यायाधीश के सामने याचिका देता है, साथ में 500 रुपये की ज़मानत जमा होती है और याचिका की एक प्रति जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) को डाक से भेजी जाती है। 136137 आधार और बाक़ी बातें G8 में हैं।

स्रोत: SLMT प्रशिक्षण सामग्री, राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान

स्रोत

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