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मतदान दल: कौन क्या करेगा (MPSV मशीन वाला दिन)

साइट पर काम चल रहा है · अपडेट 03.11.2026अगर कोई त्रुटि दिखे तो डेवलपर भरत चौधरी (व्याख्याता, रा.उ.मा.वि., जेठन्तरी — ब्लॉक: समदड़ी, जिला: बालोतरा) को बताइए:
WhatsApp: +91-7357578216
इस पेज पर

यह पेज ज़िला परिषद और पंचायत समिति के मतदान के दिन, MPSV मशीन वाले बूथ के लिए है। इस बूथ पर मतदान अधिकारी के साथ तीन सहायक मतदान अधिकारी होते हैं। 123 किस आदेश में कौन-सा नाम छपा है, यह मतदान दल में अधिकारी: किस आदेश में कौन-सा नाम पेज पर है। दल के हर सदस्य को उसका काम मार्गदर्शिका के अध्याय 4 के हिसाब से मतदान अधिकारी बाँटते हैं। 4 नीचे वही बँटवारा है: कौन, कब, क्या करेगा। मशीन पर काम कैसे होता है, वह हर काम के आगे दिए पेज पर है।

हर बात के आगे मार्गदर्शिका या आयोग के आदेश का पन्ना लिखा है। जहाँ स्रोतों में किसी बात पर अलग-अलग बात छपी है, वहाँ यहाँ एक ही नियम लिखा है; स्रोतों में क्या फ़र्क है, यह प्रशिक्षकों के लिए अलग पेज स्रोतों में फ़र्क पर है।

मतदाता किस क्रम से गुज़रता है

  1. पहला सहायक मतदान अधिकारी: पहचान करता है और चिन्हित प्रति पर निशान लगाता है। 5
  2. दूसरा सहायक मतदान अधिकारी: बाईं तर्जनी पर स्याही लगाता है, रजिस्टर में प्रविष्टि करके हस्ताक्षर या अंगूठा लेता है, और पीली-नीली पर्ची देता है। 678
  3. तीसरा सहायक मतदान अधिकारी: पर्चियाँ लेता है, स्याही का निशान देखता है, और कंट्रोल यूनिट का Ballot बटन दबाता है। 39
  4. मतदान प्रकोष्ठ: पहले प्रकोष्ठ में ज़िला परिषद की बैलेट यूनिट, दूसरे में पंचायत समिति की। 3

तीसरा सहायक मतदान अधिकारी मतदान अधिकारी के पास बैठता है, ताकि वे कंट्रोल यूनिट और पूरे मतदान पर नज़र रख सकें। 3

मतदान अधिकारी

हर पड़ाव पर आपके मुख्य काम मार्गदर्शिका के अध्याय 17 में छोटे में भी दिए हैं। 2 नीचे वही काम क्रम से हैं।

1. नियुक्ति का आदेश मिलते ही

  • आदेश में अपने बूथ का नाम और नंबर, ज़िला परिषद और पंचायत समिति के निर्वाचन क्षेत्र का क्रमांक, और बूथ की सही जगह देख लीजिए। यह सब नियुक्ति आदेश में ही मिलेगा। 10
  • आपके सहायक मतदान अधिकारियों के नाम भी उसी आदेश में होंगे। उनसे संपर्क कीजिए, उनके घर और दफ़्तर का पता और मोबाइल नंबर अपने पास रखिए, और अपना उन्हें दीजिए। हर सदस्य को उसका काम बता दीजिए। 11210
  • दल के सदस्यों से नज़दीकी बनाए रखिए। टीमवर्क न हो, तो आपका काम और कठिन हो जाता है। 212
  • रिटर्निंग अधिकारी से सारे आदेश ले लीजिए। बूथ की जगह और वहाँ पहुँचने का रास्ता (Route Map) पहले से जान लीजिए। 11
  • EVM से मतदान कराने के नियमों और प्रक्रिया की ताज़ा स्थिति अच्छी तरह जान लीजिए। मशीन कैसे चलती है और उसके अलग-अलग बटन और स्विच क्या करते हैं, इससे ख़ुद पूरी तरह परिचित हो जाइए। 11 मतदान के अलग-अलग चरण और उनसे जुड़े क़ानूनी प्रावधान ठीक से समझ लीजिए। 2
  • जितने हो सकें, उतने पूर्वाभ्यास और प्रशिक्षण में जाइए। याद या पुराने अनुभव के भरोसे न रहिए, अनुदेश समय-समय पर बदलते रहते हैं। 210
  • सभी पूर्वाभ्यासों और प्रशिक्षण कक्षाओं में जाइए। 11 पहले लोकसभा, विधानसभा या नगरपालिका के चुनाव में आप मशीन से पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी का काम कर चुके हों, तब भी प्रशिक्षण और पूर्वाभ्यास में जाइए। 2 पंचायत चुनाव की निर्वाचन विधि और प्रक्रिया में कुछ फ़र्क़ है। यह फ़र्क़ समझना ज़रूरी है, नहीं तो चुनाव सही प्रक्रिया और अनुदेशों से नहीं हो पाएगा। 213
  • ज़िला निर्वाचन अधिकारी दल के किसी एक सहायक मतदान अधिकारी को अधिकृत कर सकते हैं कि आप किसी मजबूरी से न पहुँचें, तो वह आपका काम करे। 2 पूर्वाभ्यास में उसे साथ ले जाइए। आप दोनों मशीन पर हर काम ख़ुद करके देखिए। पिंक पेपर सील, स्ट्रिप सील, एड्रेस टैग और स्पेशल टैग लगाकर देखिए। 2
  • बीमारी या किसी और मजबूरी से आपको बूथ से दूर रहना पड़े, तो ज़िला निर्वाचन अधिकारी का पहले से अधिकृत किया सहायक मतदान अधिकारी आपकी जगह काम करेगा। वह मतदान अधिकारी की सारी शक्तियाँ बरतेगा और उनके सारे काम करेगा। पर इससे आप अपनी ज़िम्मेदारी से छूट नहीं जाते। 14
  • प्ररूप-14 में रिकॉर्ड किए गए वोटों का लेखा और पेपर सील का लेखा, दोनों के नमूने भरकर देखिए। 2
  • आप या आपके सहायक मतदान अधिकारी डाक मतपत्र से वोट डालना चाहें, तो प्ररूप 1 में रिटर्निंग अधिकारी को आवेदन कीजिए, नियुक्ति आदेश की दूसरी प्रति के साथ, तुरंत। 13 आयोग के 29.01.2026 वाले आदेश 1134 के हिसाब से, आवेदन मतदान से कम से कम सात दिन पहले कर देना चाहिए, या रिटर्निंग अधिकारी जितना कम समय दें। ज़िला परिषद और पंचायत समिति के लिए प्ररूप 1 अलग-अलग भरकर, अपने-अपने रिटर्निंग अधिकारी को भेजिए। 15
  • पूर्वाभ्यास और प्रशिक्षण के केंद्र पर रिटर्निंग अधिकारी पंचायत समिति और ज़िला परिषद के सब वार्डों की नामावली की एक प्रति देखने के लिए रखवाएँगे, ताकि डाक मतपत्र के आवेदन में भरने वाला नामावली का ब्यौरा आप वहीं नोट कर सकें। प्ररूप 1 की और प्रतियाँ भी वहीं मिलेंगी। 13
  • किसी बात पर शंका हो, तो रिटर्निंग अधिकारी से संपर्क करके उसे दूर कर लीजिए। 10

2. सामग्री लेते समय (मतदान से एक दिन पहले)

  • सामग्री की सूची परिशिष्ट-5 में है। बूथ के लिए निकलने से पहले जाँच लीजिए कि सब मिल गया। 13
  • सामग्री लेते समय पक्का कर लीजिए कि सब चीज़ें आपको सौंप दी गई हैं। सबसे ज़रूरी चीज़ें: मशीन (बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट), निविदत्त मतपत्र, मतदाता रजिस्टर (प्ररूप-12), नामावली की चिन्हित प्रति और बाकी प्रतियाँ, पिंक पेपर सील, स्ट्रिप सील, स्पेशल टैग, सारे प्ररूप और लिफ़ाफ़े, चपड़ी, अमिट स्याही। 11 दोनों रंग की मतदाता पर्चियाँ और दोनों तरह के एड्रेस टैग और स्पेशल टैग भी ख़ास तौर पर जाँचिए। 12
  • मशीन के एड्रेस टैग पर आपके बूथ का नंबर और नाम होना चाहिए। बैलेट यूनिट पर लगा मतपत्र आपके चुनाव और आपके बूथ का होना चाहिए। 13 मशीन की बाकी जाँच: मशीन की जाँच।
  • स्याही की शीशी में काफ़ी स्याही हो, स्टैम्प पैड सूखे न हों। नामावली की तीनों प्रतियाँ पूरी और एक जैसी हों। निविदत्त मतपत्र उसी निर्वाचन क्षेत्र या वार्ड के हों, जिसके लिए आपके बूथ पर मतदान होना है, और उनके क्रमांक आपको दिए ब्यौरे से मिलें। 16
  • चिन्हित प्रति में PB (Postal Ballot) के सिवा कोई निशान न हो। हटाए गए नाम सब प्रतियों में मिला लिए गए हों। छपी क्रम संख्या बदली न गई हो, और उसकी जगह नई संख्या न लिखी गई हो। 1216
  • नामावली की प्रतियाँ उन्हीं वार्डों की हों जिनके लिए आपका बूथ बना है, और हर अनुपूरक सूची समेत पूरी हों। लिखने की या दूसरी ग़लतियाँ ठीक कर दी गई हों। हर कार्यकारी प्रति (Working Copy) के सब पन्ने मूल नामावली के हिसाब से, क्रम संख्या 1 से, सिलसिलेवार हों। 16
  • ज़िला परिषद और पंचायत समिति, दोनों के उम्मीदवारों और निर्वाचन अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर के नमूनों (प्ररूप-8) की फोटो प्रति ले लीजिए। बूथ पर मतदान अभिकर्ता के नियुक्ति पत्र के हस्ताक्षर इन्हीं से मिलाने हैं। 16
  • कुछ भी गड़बड़ मिले, तो उसी समय मशीन और सामग्री बाँटने वाले प्रभारी अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को बताइए। 16

3. बूथ पर पहुँचकर

  • बूथ पर पहुँचकर बूथ लगाने की व्यवस्थाओं की आपको साफ़ जानकारी होनी चाहिए, ख़ासकर वोट की गोपनीयता पक्की करना, मतदाताओं की लाइन सँभालना, और बाहरी दख़ल के बिना मतदान चलाना। 11
  • मतदान शुरू होने के तय समय से कम से कम एक घंटा पहले बूथ पर पहुँचिए। 12
  • बूथ के लिए तय भवन देखिए। बूथ नियम 30 (परिशिष्ट-4) के हिसाब से, ज़िला निर्वाचन अधिकारी के चुने मतदान केंद्र में लगाना है। 16 इन मतदान केंद्रों की सूची आपको सामग्री लेते समय लेनी है। बूथ का ले-आउट मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-6 में भी दिया है। 17 जहाँ तक हो सके, मॉडल ले-आउट के हिसाब से लगाइए, और आने और जाने के रास्ते अलग रखिए। 12
  • बूथ लगाते समय देख लीजिए कि बाहर मतदाताओं के इंतज़ार के लिए काफ़ी जगह हो। जहाँ तक हो सके, पुरुषों और महिलाओं के इंतज़ार की जगह अलग-अलग हो। 17
  • आने और जाने का रास्ता अलग-अलग हो। भवन में एक ही दरवाज़ा हो, तो बाँस और रस्सी से उसी दरवाज़े के बीच से आने और जाने का रास्ता अलग किया जा सकता है। मतदान कक्ष के अंदर रोशनी काफ़ी हो। 17
  • मतदाता बूथ में आने से लेकर निकलने तक आसानी से चल सके, अंदर टेढ़ा-मेढ़ा न चलना पड़े। 17
  • मतदान अभिकर्ताओं को ऐसे बिठाइए कि बूथ में आते ही हर मतदाता का चेहरा देख सकें, ताकि ज़रूरत हो तो उसकी पहचान को चुनौती दे सकें। पर वे किसी हाल में ऐसी जगह न बैठें, जहाँ से मतदाता को वोट डालते देखा जा सके। 17
  • सहायक मतदान अधिकारी भी ऐसे बैठें कि मतदाता को बटन दबाकर वोट देते न देख सकें। 17
  • एक ही भवन में एक से ज़्यादा बूथ हों, तो देख लीजिए कि मतदाताओं को बिना परेशानी अलग किया जा सके, और हर बूथ के मतदाताओं के खड़े होने की जगह अलग-अलग हो। 17
  • बूथ का भवन और उससे 100 मीटर तक का इलाक़ा आपके नियंत्रण में रहना चाहिए। मार्गदर्शिका लिखती है कि 100 मीटर के अंदर किसी भी व्यक्ति को, चाहे हथियारबंद हो या नहीं, रहने नहीं दिया जाएगा। बूथ और इस इलाक़े की सुरक्षा का इंतज़ाम पूरी तरह आपके नियंत्रण में रहेगा। 17
  • बुज़ुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं को पहले वोट देने दीजिए। यह बताने के लिए सही जगहों पर पोस्टर भी लगाइए। 17 यह पोस्टर, कि दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों को वोट के लिए पहले आगे आने दें, आपकी मतदान सामग्री में है। उसे बूथ परिसर में ऐसी जगह लगाइए, जहाँ आसानी से दिखे। 18
  • राजनीतिक दलों के नेताओं की फोटो या चुनाव से जुड़ा कोई ब्यौरा नहीं लगा होना चाहिए। पहले से लगा हो, तो मतदान ख़त्म होने तक उसे हटवाइए या ढकवाइए। 17
  • मतदान के दौरान बूथ के अंदर किसी भी काम के लिए खाना पकाने या आग जलाने की इजाज़त नहीं दी जानी चाहिए। 17
  • बूथ के बाहर किसी प्रमुख जगह पर दो चीज़ें लगाइए: (क) परिशिष्ट-14 का नोटिस, जिसमें मतदान क्षेत्र, यानी इस बूथ पर वोट देने वाले मतदाताओं का ब्यौरा हो; (ख) हर उम्मीदवार का चुनाव चिह्न और उम्मीदवारों की सूची की प्रति, उसी ब्यौरे और उसी क्रम में जो प्ररूप-5 में है। 1412

4. मतदान शुरू होने से पहले

  • मतदान से पहले की ज़रूरी तैयारी आपको करनी है, ख़ासकर मशीन तैयार करना, और यह पक्का करना कि मतदान के दौरान मशीन ठीक और बिना रुकावट चले। कंट्रोल यूनिट कैसे तैयार करनी है, कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट को आपस में कैसे जोड़ना है, मॉक पोल कैसे कराना है, पेपर सील कैसे लगानी है, और मतदान शुरू करके कैसे चलाना है, यह सब इस चुनाव की MPSV मशीन के लिए मार्गदर्शिका के अध्याय 5 में बताया है। उसे अच्छी तरह पढ़कर काम कीजिए। 19
  • मशीन की तैयारी मतदान के तय समय से कम से कम एक घंटा पहले शुरू कीजिए। 12 मशीन जोड़ना: मशीन जोड़िए।
  • मौजूद मतदान अभिकर्ताओं को दिखाइए कि मशीन में पहले से कोई वोट नहीं है और मशीन ठीक चल रही है। मतदान अभिकर्ताओं से हर उम्मीदवार के लिए कुछ वोट डलवाकर मॉक पोल कराइए। हर पद के लिए मॉक पोल का अलग प्रमाण-पत्र परिशिष्ट-19 में दीजिए। 1120 कैसे: मॉक पोल।
  • मॉक पोल ज़िला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य, दोनों पदों के लिए कराया जाएगा। MPSV में दोनों पदों के लिए एक ही कंट्रोल यूनिट और दो बैलेट यूनिट होती हैं, इसलिए मॉक पोल इसी एक सेट पर होगा: मॉक पोल के वोट दोनों बैलेट यूनिट पर डाले जाएँगे, और नोटा समेत दोनों पदों के हर उम्मीदवार को कम से कम एक वोट मिलना ज़रूरी है। 1932122 किसी हालत में मशीन बदली जाए, तो बदली गई मशीन से भी मॉक पोल कराया जाएगा। 19
  • मॉक पोल का प्रमाण-पत्र (परिशिष्ट-19) मतदान अधिकारी की घोषणा (परिशिष्ट-7) के साथ लगाइए। मतदान अधिकारी की डायरी के बिंदु 25 (अन्य महत्वपूर्ण घटना का विवरण) में मॉक पोल का ब्यौरा और दिए गए प्रमाण-पत्र की बात लिखिए। मशीन एक ही सेट हो, तब भी मॉक पोल का लेखा हर पद के लिए अलग काग़ज़ पर बनेगा, और प्रमाण-पत्र भी ज़िला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य का अलग-अलग बनेगा। 1921
  • मॉक पोल का नतीजा सबको दिखाकर वोट मशीन से क्लियर कीजिए। फिर कंट्रोल यूनिट का रिज़ल्ट वाला हिस्सा स्पेशल टैग, पिंक पेपर सील और स्ट्रिप सील से बंद कीजिए और एड्रेस टैग लगाइए। 1120 कैसे: मशीन की सील।
  • स्याही वाले सहायक मतदान अधिकारी से समय रहते कहिए कि शीशी खोलने से पहले उसे अच्छी तरह हिला ले, और शीशी ऐसे रखे कि मतदान के दौरान झुककर स्याही न फैले। इसके लिए एक कप, सिगरेट के ख़ाली टिन (ऐश ट्रे) या चौड़े पेंदे वाले किसी बर्तन में थोड़ी मिट्टी लेकर शीशी को उसके बीच, शीशी की लंबाई के पौने हिस्से तक मिट्टी में गाड़ दें, ताकि वह मज़बूती से टिकी रहे। कॉर्क से जुड़ी सींक या ब्रश शीशी में ही रहे, और सिर्फ़ मतदाता की तर्जनी पर निशान लगाने के लिए निकाला जाए। सींक का निशान लगाने वाला सिरा हमेशा नीचे की ओर रहे, नहीं तो स्याही टपककर लगाने वाले की अंगुलियाँ ख़राब कर सकती है। 23
  • नामावली की चिन्हित प्रति और मतदाता रजिस्टर अभिकर्ताओं को दिखाइए। बताइए कि चिन्हित प्रति में डाक मतपत्र वाले निशानों के सिवा कोई निशान नहीं है, और रजिस्टर में किसी मतदाता की प्रविष्टि नहीं है। दोनों चुनाव साथ हों, तो एक ही रजिस्टर और एक ही चिन्हित सूची चलेगी। 112423
  • मतदान से पहले घोषणा (परिशिष्ट-7) पढ़िए, मौजूद अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर लीजिए और ख़ुद हस्ताक्षर कीजिए। दोनों चुनावों की घोषणा अलग-अलग होगी। ज़िला परिषद वाली पर ज़िला परिषद के उम्मीदवार या अभिकर्ता, और पंचायत समिति वाली पर पंचायत समिति वाले हस्ताक्षर करेंगे। 242018 हस्ताक्षर करने से मना करने वाले मतदान अभिकर्ताओं के नाम भी घोषणा पर लिखिए। 18

5. मतदान के दौरान

  • आयोग के तय समय पर मतदान शुरू कीजिए। शुरू करने से पहले लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 128 ज़ोर से पढ़कर सबको वोट की गोपनीयता की चेतावनी दीजिए। 24202318 मौजूद सब लोगों को, जिनमें उम्मीदवार या उनके अभिकर्ता और सहायक मतदान अधिकारी भी हैं, साफ़ बताइए कि वोट की गोपनीयता बनाए रखना उनका कर्तव्य है, और इसे तोड़ने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 128 (मार्गदर्शिका का परिशिष्ट-2) में सज़ा है। यह धारा पंचायत के इन चुनावों में भी लागू है। 2419
  • मशीन तैयार करने में थोड़ी देर हो जाए, तब भी मतदाताओं को तय समय पर अंदर बुला लीजिए और वोट से पहले की कार्यवाही शुरू कर दीजिए। 19 आपकी तैयारी पूरी होने तक सहायक मतदान अधिकारी उनकी पहचान की कार्यवाही करते रहें। तय समय पर शुरुआती काम पूरे न होना बहुत अनचाही बात है; इससे बचने की हर कोशिश कीजिए। 23
  • वोट देने की इजाज़त पाने वाला हर मतदाता बूथ में वोट की पूरी गोपनीयता रखेगा। उसे मतदान की प्रक्रिया का सख़्ती से पालन करना चाहिए। 1925
  • महिला और पुरुष मतदाताओं की अलग-अलग लाइनें होनी चाहिए। एक बार में तीन या चार मतदाताओं को ही बूथ में आने दीजिए। दिव्यांग, दृष्टिबाधित, बुज़ुर्ग, और गोद में बच्चे वाली महिला को लाइन में खड़े बाकी मतदाताओं से पहले मौक़ा दीजिए। दिव्यांग और दृष्टिबाधित मतदाताओं को बूथ में आने में ज़रूरी मदद भी कीजिए। 26
  • लाइन सँभालने वाले लोग आपके निर्देश के हिसाब से एक बार में तीन या चार मतदाताओं को ही अंदर भेजें; अंदर जाने का इंतज़ार कर रहे बाकी मतदाता बाहर लाइन में ही खड़े रहें। 23 पुरुष और महिला मतदाताओं को बारी-बारी से, अलग-अलग समूहों में अंदर आने दीजिए। पुरुषों की एक से ज़्यादा लाइन न बने, और महिलाओं की भी नहीं। 18
  • व्हीलचेयर वाले दिव्यांग मतदाता के लिए बूथ पर पक्का रैंप न हो, तो लकड़ी के रैंप का इंतज़ाम कीजिए। 18
  • कोई मतदाता दृष्टिबाधित होने, दिव्यांगता या जानकारी न होने की वजह से तय तरीक़े से वोट देने में मदद चाहे, तो आप उसे यह मदद दीजिए। 19 ऐसे मतदाताओं का ब्यौरा लिखने का कोई प्ररूप तय नहीं है। पर नियम के हिसाब से मतदाता सूची में उसके नाम के सामने दो अक्षर "AA" लिखिए, और मतदाता रजिस्टर (प्रारूप-12) के कॉलम-4 (अभियुक्तियाँ) में मदद का कारण (दिव्यांग या दृष्टिबाधित) लिखिए। 1926
  • राज्य निर्वाचन आयोग ने विधानसभा के डेटाबेस से फोटो वाली मतदाता सूचियाँ बनवाई हैं। इनमें छपाई की ग़लती की संभावना कम है, पर कोई छपाई की ग़लती हो, तो उस पर ध्यान नहीं देना है। छपे ब्यौरे से आपको तसल्ली करनी है कि यह ब्यौरा उसी व्यक्ति का है, जो आपके सामने खड़ा है। कभी-कभी 21 साल की उम्र 12 छप जाती है; ऐसी ग़लतियों पर ध्यान नहीं देना है। 26
  • मतदाता सूची में किसी मतदाता का ब्यौरा कई बार छपाई या लिखाई की ग़लती से ग़लत दर्ज हो जाता है; इसमें मतदाता का कोई दोष नहीं होता। सिर्फ़ ऐसी ग़लती की वजह से किसी सही मतदाता को वोट देने से नहीं रोकना चाहिए। 2728 ऐसे मामले में भी तसल्ली कीजिए कि प्रविष्टि सच में उसी व्यक्ति की है या नहीं, और ऐसे ब्यौरे की वजह लिखित में दर्ज कीजिए। ऐसे हर मतदाता के बारे में चिन्हित प्रति में भी प्रविष्टि की जाएगी। 28
  • पहचान पक्की हो जाने के बाद किसी मतदाता को इस आधार पर वोट देने से नहीं रोका जा सकता कि वह मतदाता होने के योग्य नहीं है। 28
  • मतदान अधिकारी या सहायक मतदान अधिकारी को मतदाता की पहचान पर, या इस बूथ पर उसके वोट डालने के अधिकार पर शक हो, और कोई उम्मीदवार या उसका एजेंट चाहे, तो आप अपनी तसल्ली के लिए कि मतदाता सही व्यक्ति है, उससे ऐसे सवाल पूछ सकते हैं। 26
  • पहले सहायक मतदान अधिकारी को किसी की पहचान की पूरी तसल्ली न हो, तो उस व्यक्ति से आपके सामने आने को कहा जा सकता है; तब अपनी तसल्ली के लिए उसकी पहचान की और छानबीन आप करेंगे। प्रतिरूपण करने वाला, यानी किसी और के नाम पर वोट डालने आया व्यक्ति, साबित हो जाए, तो उसे पुलिस के हवाले करने में आपको बिल्कुल नहीं हिचकिचाना चाहिए। 27
  • मतदान अभिकर्ता अपने साथ मृत, अनुपस्थित या जाली मतदाताओं की सूची ला सकते हैं, और उसकी एक प्रति आपको भी दे सकते हैं। इस सूची का कोई व्यक्ति मतदाता होने का दावा करे, तो उसकी पहचान दस्तावेज़ों के आधार पर कड़ाई से की जाए। सहायक मतदान अधिकारी को किसी मतदाता की पहचान पर शक हो, तो असली पहचान तय करने का मामला उन्हें फ़ैसले के लिए आपको सौंप देना चाहिए। 27
  • महिला मतदाताओं की, ख़ासकर पर्दा करने वाली महिलाओं की, पहचान के लिए किसी महिला सहायक मतदान अधिकारी या कर्मचारी को लगाया जाना चाहिए। 27
  • दल के सदस्यों को उनका काम समझाइए और मार्गदर्शिका के अध्याय 4 के हिसाब से काम बाँट दीजिए। 4 पहचान पहला सहायक मतदान अधिकारी करेगा, स्याही और रजिस्टर दूसरा, कंट्रोल यूनिट तीसरा। हर एक का काम नीचे है। 563
  • मतदाता बूथ छोड़कर जाए, उससे पहले उसकी बाईं तर्जनी फिर देखिए कि स्याही का निशान ठीक लगा है। 24 स्याही के नियम: स्याही।
  • रजिस्टर (प्ररूप-12) में मतदाता की क्रम संख्या लिखी जाए, नाम नहीं। वोट से पहले हस्ताक्षर या अंगूठा ज़रूरी है। मतदाता मना करे, तो उसे वोट नहीं देने दिया जाएगा। 294
  • राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 18-ग (परिशिष्ट-3) के हिसाब से, जिसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, वह वोट देने का हक़दार है। पर किसी का नाम एक से ज़्यादा निर्वाचन क्षेत्रों में दर्ज हो, तो वह पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में एक ही क्षेत्र से और ज़िला परिषद सदस्य के चुनाव में भी एक ही क्षेत्र से, यानी हर चुनाव में एक-एक बार ही वोट दे सकेगा। किसी चुनाव में वह एक से ज़्यादा वोट दे, तो उस चुनाव में उसके सारे वोट रद्द हो जाएँगे। इन्हीं प्रावधानों के हिसाब से जेल या पुलिस हिरासत में बंद व्यक्ति वोट नहीं दे पाएगा। 30
  • हर मतदाता को दो पर्चियाँ मिलेंगी, एक ज़िला परिषद की और एक पंचायत समिति की। पर्ची का प्रारूप परिशिष्ट-13 में है। मतदाता उसी क्रम से वोट डालेंगे, जिस क्रम से रजिस्टर में दर्ज हैं। 294
  • बूथ के अंदर एक समय में हर उम्मीदवार का एक ही मतदान अभिकर्ता रहेगा। 20 मतदाता कक्ष में वोट डाल रहा हो, तब किसी और को वहाँ न जाने दीजिए और उसकी फोटो न लेने दीजिए। 4
  • कोई मतदाता चेतावनी के बाद भी मतदान की प्रक्रिया मानने से मना करे, तो उसे वोट नहीं डालने दिया जाएगा (राजस्थान पंचायती राज (निर्वाचन) नियम 1994 का नियम 36-क, उप-नियम 6)। उसे दी गई मतदाता पर्ची वापस लेकर रद्द कर दीजिए। 262531
  • रजिस्टर में हस्ताक्षर या अंगूठा लगने के बाद आप मतदान प्रक्रिया तोड़ने की वजह से किसी को वोट न देने दें, तो रजिस्टर (प्ररूप-12) के कॉलम-4, यानी रिमार्क वाले कॉलम में, उसकी प्रविष्टि के सामने लिखिए कि मतदान प्रक्रिया का अतिक्रमण किया गया है, और उसके नीचे पूरे हस्ताक्षर कीजिए। पर रजिस्टर के कॉलम (1) में उस मतदाता या उसके बाद वाले मतदाताओं की क्रम संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा। 2625
  • अधिसूचना 1531 (12.11.2014) के बाद नियम 36-क में लिखा है कि मतदाता बैलेट यूनिट पर अपने उम्मीदवार के नाम और चिह्न के सामने वाला बटन दबाकर वोट देता है, और किसी भी उम्मीदवार को वोट न देना चाहे, तो नोटा (इनमें से कोई नहीं) का बटन दबा सकता है। 31 इसी अधिसूचना से नियम 43-क हटा दिया गया है, जिसमें लिखा था कि रजिस्टर (प्ररूप-12) में एंट्री और हस्ताक्षर या अंगूठा लगाने के बाद कोई मतदाता वोट न डालने का फ़ैसला करे, तो उसकी एंट्री के सामने यह बात लिखी जाए। 3233
  • आपको शक हो, या शक करने की वजह हो, कि मतदान कक्ष में रखी बैलेट यूनिट ठीक से काम नहीं कर रही, या अंदर गया कोई मतदाता उससे छेड़छाड़ या दख़ल कर रहा है, या ज़रूरत से ज़्यादा देर तक अंदर रुका है, तो नियम 36 ख के तहत आपको मतदान कक्ष में जाने का अधिकार है। वहाँ आप वे क़दम उठा सकते हैं, जो यह पक्का करने के लिए ज़रूरी समझें कि यूनिट से कोई छेड़छाड़ या दख़ल नहीं हुआ है और मतदान बिना रुकावट, ठीक ढंग से चल रहा है। 34
  • नियम 36 (ख) (परिशिष्ट-4, अध्याय-4क) में बताई हालत में मतदान के दौरान आपको मतदान कक्ष में जाना पड़े, तो वहाँ मौजूद मतदान अभिकर्ताओं को भी साथ आने के लिए कहिए। 2634
  • पर जिस मतदाता को मशीन चलाना न आता हो, उसे समझाने के लिए आपको मतदान कक्ष में नहीं जाना चाहिए। ज़िला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मतदान अधिकारी को छपे हुए कार्डबोर्ड पर डमी बैलेट यूनिट का मॉडल दें, जिससे आप मतदान कक्ष के बाहर मशीन चलाना समझा सकें। उस मॉडल पर डमी नाम और ऐसे प्रतीक होने चाहिए जो काम में न आ रहे हों; असली नाम और प्रतीक काम में न लिए जाएँ। बत्तियों के रंग नीला, हरा और लाल साफ़ दिखें। अनपढ़ मतदाता को वोट डालने का तरीक़ा मतदान कक्ष के बाहर, मतदान अभिकर्ता की मौजूदगी में समझाइए। 34
  • चुनौती वाले (चैलेंज्ड) वोट और निविदत्त (टेंडर) वोट के मामले आपको तय करने होंगे। पंचायत चुनाव में न कोई चैलेंज फ़ीस होगी, न चुनौती वाले वोटों की किसी तय प्रारूप में सूची बनेगी। 26
  • पहचान पर किसी ने चुनौती दी, तो आगे की सारी कार्यवाही आप करेंगे। 6 किसी के नाम से पहले ही वोट पड़ चुका हो और असली मतदाता की पहचान से आप संतुष्ट हों, तो उसे मशीन पर नहीं, निविदत्त मतपत्र से वोट देने दीजिए और चिन्हित प्रति में 'टी' लिखिए। 428 बाद में आया मतदाता असली है या फ़र्ज़ी, इसका फ़ैसला आपको मतदान अभिकर्ता की मदद से करना है। 28 निविदत्त वोट का तरीक़ा: निविदत्त वोट।
  • निविदत्त वोटों के लिए आपको बीस मतपत्र दिए जाएँगे। ये कम पड़ जाएँ, तो ज़ोनल मजिस्ट्रेट को बताइए, ताकि वे और मतपत्रों का इंतज़ाम करें। 28
  • निविदत्त मतपत्र देने से पहले आप मतदाता से ऐसे सवाल पूछ सकते हैं, जो उसकी पहचान की तसल्ली के लिए आप ज़रूरी समझें। पहचान की तसल्ली हो जाए, तभी उसकी बाईं तर्जनी पर अमिट स्याही का निशान लगवाइए। फिर निविदत्त वोटों की सूची (प्ररूप-13) में ज़रूरी प्रविष्टि कीजिए और उस पर मतदाता के हस्ताक्षर करवाइए या अंगूठे का निशान लगवाइए। इसके बाद ही उसे निविदत्त मतपत्र दीजिए। निविदत्त मतपत्र के मामले आपको ख़ुद ही निपटाने चाहिए। 25
  • निविदत्त मतपत्र देते समय मतदाता को स्याही लगी ऐरो क्रॉस मार्क सील भी दी जाएगी; यह सील आपको मतदान सामग्री के साथ मिलेगी। मतदाता मतदान कक्ष में अपनी मर्ज़ी के किसी उम्मीदवार के चुनाव चिह्न पर, या नोटा पर, इसी सील से अपना वोट चिह्नित करेगा। 25
  • वोट चिह्नित करके मतदाता निविदत्त मतपत्र को मोड़कर आपको देगा। आप उसे इसी काम के लिए रखे लिफ़ाफ़े में रखिए: ज़िला परिषद सदस्य का PE-47 में, पंचायत समिति सदस्य का PE-46 में। मतदान ख़त्म होने के बाद ये लिफ़ाफ़े सील कर दिए जाएँगे। 2825
  • मतदान ख़त्म होने के बाद ज़िला परिषद सदस्य के चुनाव की निविदत्त मतपत्रों की सूची (प्ररूप-13) लिफ़ाफ़ा PE-49 में, और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव की सूची (प्ररूप-13) लिफ़ाफ़ा PE-48 में रखिए और सील कर दीजिए। 25
  • सारे निविदत्त मतपत्रों का सही हिसाब प्ररूप-14 के भाग-1 की मद 7 में रखिए। नमूना परिशिष्ट-9 में देखिए। 25
  • कोई मतदाता 18 साल से काफ़ी छोटा लगे, पर उसकी पहचान से आप संतुष्ट हों, तो उससे परिशिष्ट-10 में उम्र की घोषणा लीजिए। 29428
  • यह घोषणा उस 1 जनवरी पर उसकी उम्र के बारे में होगी, जिसके हिसाब से नामावली तैयार हुई या उसका पुनरीक्षण हुआ है। घोषणा लेने से पहले उसे बताइए कि झूठी घोषणा पर राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 18-क (परिशिष्ट-3) में सज़ा है। 3028
  • जिनसे आपने ऐसी घोषणा ली, उनकी सूची परिशिष्ट-11 के भाग-I में बनाइए। जिन्होंने घोषणा देने से मना किया और बिना वोट दिए चले गए, उनकी सूची उसी परिशिष्ट-11 के भाग-II में बनाइए। मतदान के बाद ज़िला परिषद और पंचायत समिति, दोनों चुनावों की ये सूचियाँ और उम्र की घोषणाएँ एक साथ विविध कागज़ात वाले लिफ़ाफ़े PE-57 में रखिए; यह लिफ़ाफ़ा सील नहीं होगा। 3028
  • कोई अनहोनी हो, तो उसी समय मतदान अधिकारी की डायरी (परिशिष्ट-8) में लिखिए। ज़िला परिषद और पंचायत समिति, दोनों की एक ही डायरी है। 2935
  • मतदान के दौरान ख़ास हालात में नई मशीन लगानी पड़े, तो उससे भी मॉक पोल पूरा कीजिए और परिशिष्ट-7 वाली अतिरिक्त घोषणा फिर पढ़िए। जब-जब नई मशीन लगे, हर बार ऐसा करना है। 18
  • सुबह 10.00 बजे, 1.00 बजे, 3.00 बजे और मतदान ख़त्म होने पर कंट्रोल यूनिट से कुल वोट देखकर डायरी भरिए। 936 बटन कब दबाना है: मतदान।
  • बूथ शांति से चलाइए। व्यवहार में कुशल, सोच में स्थिर और निष्पक्ष रहिए। 29

6. मतदान बंद होने पर

  • मतदान देर से शुरू हुआ हो, तब भी आयोग के तय समय पर बंद करना है। उस समय बूथ पर मौजूद सब मतदाता वोट देंगे, चाहे कुछ देर और लगे। तय समय के बाद कोई लाइन में न जुड़ पाए। 29423
  • इसके लिए लाइन में खड़े सब मतदाताओं को अपने हस्ताक्षर वाली, क्रम संख्या लिखी पर्चियाँ दीजिए। पर्ची बाँटना लाइन में सबसे पीछे खड़े मतदाता से, क्रम संख्या 1 से, शुरू कीजिए और लाइन के आगे तक बाँटिए। 29437 तय समय के बाद कोई और लाइन में न जुड़ जाए, इसकी देख-रेख के लिए बूथ पर तैनात पुलिस और कर्मचारियों को हिदायत दीजिए। 37
  • ऐसे आख़िरी मतदाता के वोट के बाद मतदान बंद होने की औपचारिक घोषणा कीजिए। फिर कंट्रोल यूनिट का Close बटन दबाइए। 4 कैसे: मतदान बंद करना।
  • मतदान ख़त्म होने पर परिशिष्ट-7 में एक अतिरिक्त घोषणा लिखिए। उस पर ख़ुद हस्ताक्षर कीजिए, जो मतदान अभिकर्ता चाहें उनके हस्ताक्षर लीजिए, और जो मना करें उनके नाम उस पर लिखिए। 18
  • परिशिष्ट-7 की घोषणा अलग लिफ़ाफ़े (PE-56, PE-55) में रखी जाएगी। मतदान ख़त्म होने के बाद इसे 'मतपत्र लेखा' और 'मुद्रा लेखा' के साथ रिटर्निंग अधिकारी को सौंपा जाएगा। 18
  • प्ररूप-14 के भाग I में रिकॉर्ड किए गए वोटों का लेखा बनाइए। कोई मौजूद मतदान अभिकर्ता माँगे, तो उसे प्रमाणित प्रति दीजिए। 29
  • प्ररूप-14 (रिकॉर्ड किए गए वोटों का लेखा और पेपर सीलों का लेखा) आप ख़ुद ध्यान से भरिए। पहले कोरे काग़ज़ पर सारा हिसाब मिला लीजिए, फिर प्ररूप-14 भरिए। इससे प्ररूप ख़राब नहीं होगा और हिसाब भी सही रहेगा। 26 उम्मीदवार, निर्वाचन अभिकर्ता या मतदान अभिकर्ता चाहें, तो इसकी नक़ल ले सकते हैं। 30
  • मशीन और सारे कागज़ात तय तरीक़े से सील कीजिए। मौजूद उम्मीदवार या अभिकर्ता चाहें, तो उन्हें भी हस्ताक्षर करने दीजिए। 292 मशीन सबके सामने सील कीजिए। 30 मशीन और कागज़ों को सील करने और सुरक्षित रखने के अनुदेश ध्यान से मानिए। 2 कैसे: मशीन की सील।
  • जिस प्ररूप में कोई जानकारी नहीं भरनी हो, उस पर 'शून्य' लिखकर हस्ताक्षर कीजिए और उसे भी तय लिफ़ाफ़े में बंद कीजिए। उम्मीदवार, निर्वाचन अभिकर्ता या मतदान अभिकर्ता चाहें, तो लिफ़ाफ़ों पर अपने हस्ताक्षर कर सकते हैं। 30
  • ज़िला परिषद सदस्य के चुनाव वाले बक्सों पर पीले रंग का और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव वाले बक्सों पर नीले रंग का एड्रेस टैग लगाइए। 35

7. सामान जमा कराना

  • आयोग के आदेश 9496 (28.09.2026) के मुताबिक़ मतदान ख़त्म होते ही ज़ोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट आपके दल के पहले सहायक मतदान अधिकारी, चौथे सहायक मतदान अधिकारी और सुरक्षाकर्मी (पुलिस) को साथ लेकर सीलबंद मशीनें और बाकी सामान (लिफ़ाफ़े) पंचायत समिति के तय संग्रहण स्थल पर ले जाएँगे। वहाँ सामान पहले सहायक मतदान अधिकारी जमा कराएँगे, और मजिस्ट्रेट इन तीनों को उसी रात ग्राम पंचायत मुख्यालय पर वापस पहुँचाएँगे। 38 ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) आयोग की अनुमति से यह व्यवस्था बदल सकते हैं। 39 पूरी बात: सामान जमा कराना।
  • मतदान ख़त्म होते ही कागज़ों के पैकेट बंद कीजिए। चपड़ी की सील सिर्फ़ उन्हीं पर लगाइए जिन पर लगनी है। फिर बिना देर किए सीधे संग्रहण स्थल पहुँचिए। रास्ते में कहीं और न जाइए, और बेवजह न रुकिए। 40
  • सारे प्ररूप और फ़ॉर्म सूची के हिसाब से अपने-अपने लिफ़ाफ़ों में रखिए, चिपकाइए और बंद कीजिए। सब लिफ़ाफ़ों पर चपड़ी की सील नहीं लगेगी, इसलिए चपड़ी बेवजह ख़राब न कीजिए। 41
  • सील की हुई मशीन और सारे कागज़ात लेने वाले अधिकारी को सौंपना और उसकी रसीद लेना आपकी अपनी ज़िम्मेदारी है। 230 हर लिफ़ाफ़ा बनाइए, चाहे उसमें जानकारी शून्य हो। हर काउंटर पर रसीद लेकर ही काउंटर छोड़िए। 40 कौन-सा लिफ़ाफ़ा किस काउंटर पर: सामान जमा कराना।
  • क़ानूनी ज़रूरतें पूरी हुईं या नहीं, इसके लिए चेक मेमो परिशिष्ट-15 में है। इसे आप ख़ुद भरिए। 2

8. मतदान रोकना पड़े तो

  • बूथ पर हिंसा या बलवा हो, तो मतदान स्थगित कीजिए और रिटर्निंग अधिकारी को पूरी बात तुरंत बताइए। 35
  • मतदान की कार्यवाही में खुली हिंसा से रुकावट डाली जाए या उसे रोका जाए, या बाढ़, तेज़ तूफ़ान जैसी किसी प्राकृतिक आपदा से, या किसी और पर्याप्त कारण से बूथ पर मतदान कराना बिल्कुल असंभव हो जाए, तो उस बूथ पर आगे का मतदान स्थगित घोषित कीजिए। राजस्थान पंचायती राज (निर्वाचन) नियम 1994 के नियम 48 सपठित नियम 58 में मतदान अधिकारी को यह अधिकार दिया गया है। 4243
  • बलवा हो जाए या खुली हिंसा की कोशिश हो, तो पहले उस पर काबू पाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कीजिए। फिर भी काबू न हो सके और मतदान जारी रखना असंभव हो, तब मतदान स्थगित कर देना चाहिए। मतदान स्थगित करने का यह विशेष अधिकार कम से कम, और सिर्फ़ उन्हीं मामलों में काम में लीजिए जहाँ मतदान कराना सच में असंभव हो गया हो। 43
  • हल्की बारिश की बौछार, तेज़ हवा या मामूली लड़ाई-झगड़ा मतदान स्थगित करने का पर्याप्त कारण नहीं है। 42
  • हर स्थगन की पूरी बात तुरंत रिटर्निंग अधिकारी को बताइए। वहाँ मौजूद सब लोगों में औपचारिक घोषणा कीजिए कि अब मतदान उस तारीख़ को होगा, जो राज्य निर्वाचन आयोग बाद में अधिसूचित करेगा। 4243
  • मतदान स्थगित करें, तो इस्तेमाल हुई मशीन की दोनों यूनिटें, और नामावली की चिन्हित प्रति व मतदाता रजिस्टर समेत चुनाव के सारे कागज़ात उम्मीदवारों या उनके निर्वाचन अभिकर्ता या मतदान अभिकर्ता के सामने उसी तरह सील करके सुरक्षित रखिए, जैसे मतदान सामान्य ढंग से ख़त्म होने पर करते हैं। वे चाहें, तो मशीन और इन कागज़ों के लिफ़ाफ़ों पर अपने हस्ताक्षर कर सकते हैं। 4243
  • नियम 48 में किसी बूथ का मतदान स्थगित हो, तो वह उसी जगह से आगे, जहाँ स्थगित करते समय छोड़ा गया था, राज्य निर्वाचन आयोग की तय तारीख़ और समय पर फिर शुरू होगा। सिर्फ़ वही मतदाता वोट दे सकेंगे, जिन्होंने स्थगन से पहले वोट नहीं दिया था। स्थगित मतदान पूरा कराने के लिए रिटर्निंग अधिकारी आपको नामावली की चिन्हित प्रति और मतदाता रजिस्टर का सील बंद पैकेट, और नई मशीन (कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट) देंगे; नई मशीन ही काम में लीजिए। स्थगित मतदान का तरीक़ा नियम 54 क में बताया गया है। 4243
  • स्थगित मतदान दोबारा शुरू करने से पहले आपको नामावली की चिन्हित प्रति और मतदाता रजिस्टर वाला सील बंद पैकेट वहाँ मौजूद उम्मीदवारों या उनके अभिकर्ताओं के सामने खोलना चाहिए, और स्थगित मतदान में वही चिन्हित प्रति और वही रजिस्टर काम में लेना चाहिए। 43
  • स्थगित मतदान पर नियम वैसे ही लागू होंगे, जैसे स्थगन से पहले के मतदान पर लागू थे। मतदान दल के न पहुँचने या किसी और वजह से मतदान शुरू ही न हो सका हो, तो ऐसे स्थगित मतदान पर भी ये नियम वैसे ही लागू होंगे, जैसे मूल मतदान पर। 44
  • बूथ पर कब्ज़ा हो जाए, या मशीन, रजिस्टर या चिन्हित प्रति जैसी सामग्री आपके पास से बिना अधिकार ले जाई जाए, ख़राब कर दी जाए या उसमें गड़बड़ हो, तो मतदान बंद कीजिए और रिटर्निंग अधिकारी को पूरी बात तुरंत बताइए। 35
  • बूथ कैप्चरिंग (बूथ पर कब्ज़ा) हो जाए; कोई मशीन बिना क़ानूनी हक़ के आपकी हिरासत से ले जाई जाए, ग़लती से या जान-बूझकर नष्ट कर दी जाए, खो जाए, या इतनी बिगड़ जाए कि उस बूथ के मतदान का नतीजा तय न हो सके; मतदान की प्रक्रिया में ऐसी कोई ग़लती या अनियमितता हो जाए जिससे मतदान दूषित हो सकता है; या मशीन ख़राब होने से मतदान मुमकिन न रहे, तो पूरी बात की रिपोर्ट तुरंत रिटर्निंग अधिकारी को कीजिए, ताकि वे मामला निर्देशों के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को भेज सकें, और मतदान अधिकारी की डायरी में भी ब्यौरा लिखिए। 4244
  • आपकी राय में बूथ पर कब्ज़ा किया जा रहा हो, तो तुरंत कंट्रोल यूनिट का Close बटन दबाकर मशीन बंद कीजिए और बैलेट यूनिट (या यूनिटें) कंट्रोल यूनिट से अलग कर दीजिए, ताकि आगे कोई वोट रिकॉर्ड न हो सके। 4244
  • मतदान बंद करने की रिपोर्ट रिटर्निंग अधिकारी को तभी करनी चाहिए, जब आपको पक्का हो जाए कि बूथ पर कब्ज़ा किया जा रहा है; सिर्फ़ कब्ज़े की आशंका या शक होने पर नहीं। वजह यह है कि Close बटन दबाकर कंट्रोल यूनिट एक बार बंद कर दी, तो मशीन आगे कोई वोट रिकॉर्ड नहीं करेगी, और उस बूथ पर मतदान या तो उस दिन के लिए, या आगे मतदान के लिए नई मशीन मिलने तक कुछ समय के लिए, स्थगित करना ही होगा। 4445
  • मशीन बंद करने के बाद जितनी जल्दी हो सके, पूरी बात रिटर्निंग अधिकारी को बताइए। इस तरह मशीन बंद करके उस दिन का मतदान रोकना पड़े, तो मशीन और चुनाव के सारे कागज़ात उसी तरह सील करके सुरक्षित रखे जाएँगे, जैसे मतदान बंद होने पर रखे जाते हैं। 45
  • ऐसे मामलों में राज्य निर्वाचन आयोग नियम 48-क और 48-ख के तहत उस बूथ का मतदान शून्य घोषित करके नए मतदान (पुनर्मतदान) का निर्देश दे सकता है। 44
  • आयोग पुनर्मतदान का आदेश दे, तो मतदान का तरीक़ा वही होगा जो मूल मतदान में था, और सारे मतदाता पुनर्मतदान में वोट देने के हक़दार होंगे। पर पुनर्मतदान में अमिट स्याही बाईं मध्यमा पर लगेगी। इस बारे में राज्य निर्वाचन आयोग का आदेश परिशिष्ट-18 में है; उसका पालन कीजिए। 4144 मूल मतदान में लगे स्याही के निशान पर ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए। 4644 दोनों दिनों के पुनर्मतदान की स्याही: स्याही।

9. बूथ में कौन आ सकता है

  • नियम 24-क (परिशिष्ट-4) के हिसाब से मतदाताओं के अलावा बूथ में सिर्फ़ ये लोग आ सकते हैं: मतदान अधिकारी और सहायक मतदान अधिकारी; चुनाव के काम में लगे पुलिसकर्मी या ड्यूटी पर लोकसेवक; राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकृत व्यक्ति; उम्मीदवार, उनके निर्वाचन अभिकर्ता (ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में, नियम 68) और नियम 69 के तहत हर उम्मीदवार का एक मतदान अभिकर्ता; किसी मतदाता की गोद का बच्चा; और वे लोग, जिन्हें आप मतदाताओं की पहचान के लिए बुलाएँ। 14
  • इनके अलावा कोई और बूथ में नहीं आएगा, और आप भी किसी और को अंदर आने की इजाज़त नहीं देंगे। 14
  • "चुनाव की ड्यूटी पर लोकसेवक" में आम पुलिस अफ़सर नहीं आते, जब तक आप उन्हें क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने या ऐसे ही किसी और काम के लिए बुलाने का फ़ैसला न करें। संघ और राज्यों के मंत्री, राज्य मंत्री और उपमंत्री भी इसमें नहीं आते। 14
  • कुछ बूथों पर अंदर चल रहे मतदान की वीडियोग्राफी राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत कराई जा सकती है। ऐसे बूथ पर ध्यान रखिए कि वोट देने आए मतदाता के चेहरे की फोटो तो रिकॉर्ड हो, पर वोट देते समय की नहीं, क्योंकि इससे वोट की गोपनीयता टूट सकती है। 14
  • बूथ पर किसी के होने पर आपको वाजिब शक हो, तो उससे बूथ में आने का मान्य अधिकार-पत्र माँग सकते हैं। 14 चुनाव के क़ानून और नियम मानने में आप सिर्फ़ राज्य निर्वाचन आयोग की मार्गदर्शिका और चुनाव के क़ानूनों और नियमों से बँधे हैं। 1447 किसी का पक्ष नहीं लेना है। बड़े सरकारी अफ़सरों या मंत्रियों समेत राजनीतिक नेताओं को बूथ में तभी आने दीजिए, जब उनके पास राज्य निर्वाचन आयोग का दिया मान्य अधिकार-पत्र हो। 47
  • मतदाताओं की पहचान में मदद के लिए आपने किसी कर्मचारी को लगाया हो, तो उसे आम तौर पर बूथ के दरवाज़े के बाहर ही बिठाइए। उसे अंदर तभी बुलाइए, जब किसी ख़ास मतदाता की पहचान ज़रूरी हो। 47
  • बूथ के अंदर किसी को भी बोलकर या इशारे से मतदाताओं को किसी ख़ास तरह से वोट देने के लिए प्रभावित न करने दीजिए। 47
  • मतदान अभिकर्ताओं से कहिए कि मतदान शुरू होने से एक घंटा पहले बूथ पर आ जाएँ। शुरुआती तैयारी का कोई हिस्सा हो चुका हो, तो देर से आए अभिकर्ता के लिए उसे फिर से शुरू करने की ज़रूरत नहीं है। पर देर से आए अभिकर्ता को भी बूथ की कार्यवाही में शामिल होने दीजिए। 47
  • मतदान अभिकर्ता को बूथ में तभी आने दीजिए, जब वह प्ररूप-9 पेश करे। ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में हर उम्मीदवार या उसका निर्वाचन अभिकर्ता हर बूथ के लिए एक मतदान अभिकर्ता नियुक्त कर सकता है। 47
  • ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में उम्मीदवारों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर रिटर्निंग अधिकारी आपको भेजेंगे। 47 मतदान अभिकर्ता प्ररूप-9 लेकर आपके पास आएगा। उस पर उम्मीदवार या निर्वाचन अभिकर्ता के और मतदान अभिकर्ता के, पहले से किए हुए हस्ताक्षर देख लीजिए। 4719 मतदान अभिकर्ता आपके सामने फिर हस्ताक्षर करेगा। दोनों हस्ताक्षर मिलाइए और उसे काग़ज़ का बैज दीजिए, जिसे वह अपने शरीर पर लगा लेगा। 19
  • जिस मतदान अभिकर्ता को बूथ में आने दिया गया है, उसे मतदान अभिकर्ता का बैज दिया जाएगा। वह बैज लगाकर ही ज़रूरत के हिसाब से बूथ में आ-जा सकेगा। 47
  • बूथ में किसी को धूम्रपान न करने दीजिए। 47
  • राज्य निर्वाचन आयोग या ज़िला निर्वाचन अधिकारी का अधिकार-पत्र लेकर कोई मीडियाकर्मी बूथ में आए, तो उसे वोट डालते किसी मतदाता की फोटो न लेने दीजिए, और कैमरा, वीडियो या मोबाइल बूथ में न लाने दीजिए। बूथ के बाहर मतदाताओं की लाइन की फोटो मीडियाकर्मी ले सकते हैं। 47
  • स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पक्का करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग पर्यवेक्षक नियुक्त करेगा। मतदान के दिन कोई पर्यवेक्षक आपके बूथ का निरीक्षण कर सकता है। तब उनके साथ शिष्टता और सम्मान से पेश आइए, और जो जानकारी चाहिए, वह दीजिए। पर्यवेक्षक आयोग का जारी किया बैज लगाए होंगे और आयोग का नियुक्ति पत्र भी साथ रखेंगे। 47
  • राजनीतिक नेताओं के नाम या फोटो वाले बैज या चिह्न लगाए किसी भी व्यक्ति को बूथ के अंदर या बूथ के बाहर 100 मीटर तक न आने दीजिए। 47
  • राजस्थान पंचायती राज (निर्वाचन) नियम 1994 के नियम 45 (परिशिष्ट-4) में प्रावधान है कि बूथ पर बुरा बर्ताव करने वाले को बूथ से हटाने का अधिकार आपको है। मतदान अधिकारी, या उनकी जगह काम कर रहे सहायक मतदान अधिकारी, के जायज़ आदेश बूथ में मौजूद कोई व्यक्ति न माने, तो आप किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी, या किसी और व्यक्ति की मदद से उसे बूथ से तुरंत हटा सकते हैं और उसे दोबारा अंदर आने से रोक सकते हैं। 42

10. क़ानून और व्यवस्था

  • राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 22 (परिशिष्ट-3) के हिसाब से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 125, 126, 127, 127 क, 128, 129, 130, 131, 132, 132 क, 133, 134, 134 क, 134 ख, 135, 135 क, 135 ख, 135 ग और 136 पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भी लागू होंगी; इन धाराओं के अंश परिशिष्ट-2 में हैं। यानी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में जो बातें चुनाव की अनियमितता, भ्रष्ट आचरण या चुनाव अपराध मानी गई हैं, वे इन चुनावों में भी मानी जाएँगी। इनके ख़िलाफ़ कोई काम या बर्ताव करे, तो आप ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की मदद ले सकते हैं। 48
  • शांति भंग होने से रोकने में आपकी सूझ-बूझ, दृढ़ता और निष्पक्षता ही सबसे बड़ा बचाव है। सब दलों और उम्मीदवारों से एक जैसा बर्ताव कीजिए, और हर विवाद वाली बात पर ठीक और न्याय से फ़ैसला कीजिए। आपके बूथ पर न आप, न कोई और अधिकारी, किसी का पक्ष लेने वाला कोई काम करे। 18
  • मतदान दल के सदस्य ठीक और शालीन बर्ताव करें। कोई वी.आई.पी. वोट देने आए, तो बूथ में उसे ख़ास अहमियत न दें, और हाथ भी न मिलाएँ। 49
  • चुनाव ड्यूटी पर लगे अधिकारी या कर्मचारी किसी उम्मीदवार के पक्ष या विपक्ष में मतदाताओं को प्रभावित करें, तो यह अपराध माना गया है (लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 129)। 48
  • बूथ के 100 मीटर के अंदर चुनाव प्रचार करना अपराध है। ऐसा करने वाले को पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है, और उस पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 130 (परिशिष्ट-2) में मुक़दमा चल सकता है। 4948 मतदान अभिकर्ता भी अपने उम्मीदवार के चुनाव चिह्न या नाम वाला बैज नहीं लगा सकता। ऐसा बैज चुनाव से जुड़े चिह्न का प्रदर्शन माना जाएगा, जो धारा 130 में दंडनीय अपराध है। 48
  • उम्मीदवार बूथ से 100 मीटर दूर अपना चुनावी बूथ लगा सकते हैं, जिस पर एक छतरी या तिरपाल के साथ एक मेज़ और दो कुर्सियाँ लग सकती हैं। वहाँ उम्मीदवारों के कार्यकर्ता मतदाताओं को ऐसी ग़ैर-सरकारी पर्चियाँ बाँट सकते हैं, जिन पर न चुनाव चिह्न हो, न उम्मीदवार का नाम। पर इन बूथों पर भीड़ जमा करने, मतदाताओं को प्रभावित करने, उम्मीदवारों के बीच होड़, या स्वतंत्र, निष्पक्ष और बिना रुकावट चुनाव में ख़लल डालने की इजाज़त नहीं है। ऐसा कुछ आपकी नज़र में आए, तो ज़ोनल मजिस्ट्रेट या किसी और ज़िम्मेदार अधिकारी को बताइए। 49
  • लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 131 (परिशिष्ट-2) लागू कराने के लिए: कोई व्यक्ति उद्दंड बर्ताव करे, तो आप उसे उसी समय किसी पुलिस अधिकारी से गिरफ़्तार करवा सकते हैं और उस पर मुक़दमा चलवा सकते हैं। ऐसे बर्ताव को रोकने के लिए ज़रूरी क़दम उठाने और ज़रूरी बल इस्तेमाल करने की शक्ति पुलिस के पास है। पर इन शक्तियों का इस्तेमाल तभी हो, जब समझाना और चेतावनी देना बेअसर रहे। किसी लाउडस्पीकर या मेगाफ़ोन के इस्तेमाल से बूथ का काम रुके, तो उसे रोकने के क़दम उठाइए; आप पुलिस से उसे फ़ौरन बंद करवा सकते हैं। 4948
  • मतदान के दौरान जो व्यक्ति ख़ुद ग़लत आचरण करे, या आपके क़ानूनी निर्देश न माने, उसे आपके आदेश पर कोई पुलिस अधिकारी, या आपका अधिकृत कोई व्यक्ति, बूथ से हटा सकता है (लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 132)। 49 ऐसा व्यक्ति आपकी इजाज़त के बिना फिर बूथ में आए, तो आप उसे पुलिस से गिरफ़्तार भी करवा सकते हैं। 48
  • मतदाताओं को ग़ैर-क़ानूनी ढंग से वाहन में लाने-ले जाने को रोकने की कोई सीधी शक्ति आपके पास नहीं है। ऐसी शिकायत आए, तो शिकायत करने वाले को बताइए कि वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 133 (परिशिष्ट-2) में अपराधी पर मुक़दमा चला सकता है, या आगे चलकर उस उम्मीदवार के ख़िलाफ़ चुनाव याचिका दायर करने के आधार के रूप में इस बात का इस्तेमाल कर सकता है। आपके सामने आई शिकायत उपखंड या किसी और मजिस्ट्रेट को भेज दीजिए, साथ में वह टिप्पणी लिखकर, जो आप अपनी निजी जानकारी से दे सकें। 49 शिकायत करने वाले को यह भी समझाइए कि वह धारा 133 सपठित धारा 125(5) के तहत संबंधित पुलिस थाने में FIR दर्ज करवा दे। साथ ही आप भी समय-समय पर दौरा कर रहे ज़ोनल मजिस्ट्रेट, या रिटर्निंग अधिकारी या सहायक रिटर्निंग अधिकारी को तुरंत बताइए, और पुलिस कर्मचारी या अधिकारी को भी बता दीजिए। 4850
  • जो कोई बूथ से मतदान मशीन धोखे से या ज़बरदस्ती ले जाए, या ले जाने की कोशिश करे, या ऐसे काम में जान-बूझकर मदद करे या उकसाए, उसे एक साल तक की क़ैद, या पाँच सौ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। यह संज्ञेय अपराध है। 49
  • कोई व्यक्ति मतदान मशीन, चुनाव के कागज़ात या मतपत्र ज़बरदस्ती लेने की कोशिश करे या ले जाए, तो आप तुरंत रिटर्निंग अधिकारी को रिपोर्ट करेंगे, और पुलिस अधिकारी को भी। 50
  • बूथ कैप्चरिंग (बूथ पर कब्ज़ा) धारा 135-क में अपराध है। 50
  • धारा 134 (परिशिष्ट-2) भी ध्यान में रखिए: कोई मतदान अधिकारी या सहायक मतदान अधिकारी बिना वाजिब कारण अपने सरकारी कर्तव्य को तोड़ने वाला कोई काम करे, या कोई ज़रूरी काम छोड़ दे, तो यह संज्ञेय अपराध है। 49
  • किसी सरकारी कर्मचारी का किसी उम्मीदवार का निर्वाचन अभिकर्ता, मतदान अभिकर्ता या गणन अभिकर्ता बनना भी अपराध माना गया है (धारा 134-क)। 50
  • लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 134-ख (परिशिष्ट-2) के हिसाब से मतदान के दिन कोई भी व्यक्ति आयुध अधिनियम 1959 में बताए किसी भी हथियार के साथ बूथ के आस-पास नहीं जा सकता। छूट सिर्फ़ रिटर्निंग अधिकारी, मतदान अधिकारी, किसी पुलिस अधिकारी, और बूथ पर शांति और व्यवस्था के लिए नियुक्त और ड्यूटी पर तैनात किसी और अधिकारी को है। इसे तोड़ने पर दो साल तक की क़ैद, या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। यह संज्ञेय अपराध है। 51
  • आयोग के निर्देशों के हिसाब से कोई भी व्यक्ति बूथ पर मोबाइल, कॉर्डलेस फ़ोन वगैरह नहीं ले जा सकता; इसकी सख़्त मनाही है। बूथ से 100 मीटर तक की दूरी को बूथ का पड़ोस (नेबरहुड) कहा गया है। 51

पहला सहायक मतदान अधिकारी: पहचान

  • चिन्हित मतदाता सूची आपके पास रहेगी। मतदाता की पहचान आपकी ज़िम्मेदारी है। 527
  • राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता की पहचान दस्तावेज़ से करना ज़रूरी किया है। मतदाता को पहचान के लिए मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC) दिखाना चाहिए; EPIC न हो, तो आयोग के तय किए दूसरे फोटो वाले दस्तावेज़ दिखाने चाहिए। इस बारे में आयोग के निर्देश माने जाएँगे, और पहचान की तसल्ली आपको ख़ुद करनी है। 24527 साथ में देखिए कि मतदाता की बाईं तर्जनी पर अमिट स्याही का कोई निशान तो नहीं है। 5 मार्गदर्शिका इन दस्तावेज़ों के लिए परिशिष्ट-16 देखने को कहती है 527; उसमें आयोग का आदेश 603 (19.01.2026) छपा है 52। आयोग के 30.07.2026 के आदेश 5310 ने उसकी जगह ले ली है। 53 दस्तावेज़ों की ताज़ा सूची: पहचान के दस्तावेज़।
  • चिन्हित प्रति में हटाए गए नामों पर "Deleted" लिखा होगा। नाम हटने से बाकी मतदाताओं की छपी क्रम संख्या नहीं बदलती। 5 शुद्धियों की सूची के हिसाब से इस प्रति में ग़लतियाँ पहले से ठीक की हुई होंगी, ताकि हर मतदाता का सही ब्यौरा तुरंत मिल जाए और मतदान में देर न हो। 5
  • पहचान हो जाने पर मतदाता का ब्यौरा ज़ोर से बोलिए, ताकि दूसरा सहायक मतदान अधिकारी और मतदान अभिकर्ता सुन लें। अभिकर्ता को पहचान पर आपत्ति करनी हो, तो इसी समय कर सकता है, बाद में नहीं। 56
  • फिर चिन्हित प्रति में नाम के नीचे लाइन खींचिए। मतदाता महिला हो, तो नाम के बाईं ओर टिक (√) लगाइए। थर्ड जेंडर मतदाता हो, तो नाम के बाईं ओर स्टार (*) लगाइए। इन्हीं निशानों से मतदान के बाद गिनती होती है, जो मतदान अधिकारी की डायरी और सांख्यिकी सूचना में जाती है। 524
  • दृष्टिबाधित या दिव्यांग मतदाता को मतदान अधिकारी की मदद चाहिए, तो उसकी क्रम संख्या पर "AA" लिखिए और रजिस्टर (प्रारूप-12) के कॉलम-4 में मदद का कारण लिखिए। 524
  • पहचान भारत निर्वाचन आयोग के फोटो पहचान पत्र से हुई हो, तो 'E' लिखिए। किसी और दस्तावेज़ से हुई हो, तो 'D' लिखिए। 5
  • उम्मीदवारों के बूथ से मिली पहचान पर्ची से नाम ढूँढना आसान होता है। पर्ची न हो, तब भी नाम ढूँढना आपका काम है। पर्ची न होने पर मतदाता को वापस न भेजिए। 5627
  • पहचान पर्ची मतदाता की पहचान की गारंटी नहीं है, और न इससे आपकी यह ज़िम्मेदारी ख़त्म होती है कि पहचान की तसल्ली आप ख़ुद करें। पर्ची लाने वाला ही सही मतदाता हो, यह मानकर नहीं चला जा सकता; यह भी ज़रूरी नहीं कि पर्ची सच में उसी की हो। इसलिए पर्ची से मतदाता सूची की सिर्फ़ क्रम संख्या पढ़िए; उस पर लिखा नाम और बाकी ब्यौरा न पढ़िए। फिर मतदाता से उसका नाम, और ज़रूरत हो तो सूची में उसकी प्रविष्टि का बाकी ब्यौरा, ज़ोर से बोलने को कहिए, ताकि पक्का हो जाए कि पर्ची लाने वाला ही सही मतदाता है। 27
  • पहचान की पूरी तसल्ली न हो, तो उस व्यक्ति से मतदान अधिकारी के सामने जाने को कहा जा सकता है; वे अपनी तसल्ली के लिए उसकी पहचान की और छानबीन करेंगे। मतदाता की पहचान पर शक हो, तो उसकी असली पहचान तय करने का मामला फ़ैसले के लिए मतदान अधिकारी को सौंप देना चाहिए। 27
  • पहचान पर्ची सफ़ेद कागज़ पर छपी हो सकती है। उस पर सिर्फ़ ये बातें छप सकती हैं: ज़िला परिषद, पंचायत समिति या ग्राम पंचायत का नाम और निर्वाचन क्षेत्र संख्या; मतदान केंद्र की संख्या और नाम; मतदाता का नाम; और नामावली में मतदाता की वार्ड संख्या और क्रम संख्या। 6 पहचान पर्ची पर उम्मीदवार का नाम या चुनाव चिह्न छापना क़ानूनी अपराध है। पहचान हो जाए, तो पर्ची फाड़कर कूड़ेदान में डालिए, फ़र्श पर न फेंकिए। 6
  • चुनौती के बाद की सारी कार्यवाही मतदान अधिकारी करेंगे। पहचान पक्की हो जाए, तो मतदाता दूसरे सहायक मतदान अधिकारी के पास जाएगा। 6

दूसरा सहायक मतदान अधिकारी: स्याही, रजिस्टर, पर्ची

  • आप मतदाता रजिस्टर और अमिट स्याही के प्रभारी हैं। आपके पास रहेंगे: अमिट स्याही की शीशी, मतदाता रजिस्टर, नामावली की कार्यकारी प्रति (Working Copy), बॉल पेन, स्टैम्प पैड, गीले कपड़े का टुकड़ा, और मतदाता पर्चियाँ: ज़िला परिषद की पीली, पंचायत समिति की नीली। 6
  • पहला सहायक मतदान अधिकारी वार्ड नंबर और क्रम संख्या बोले, उसी समय मतदाता की बाईं तर्जनी देखिए कि स्याही का निशान तो नहीं है। फिर स्याही लगाइए। 6 स्याही कैसे और किस अंगुली पर लगे, और पुनर्मतदान में कौन-सी अंगुली: स्याही।
  • ब्रश का सिर्फ़ ऊपरी हिस्सा स्याही में डुबोइए, ताकि ज़्यादा स्याही न लगे। स्याही लगाते समय मतदाता की तर्जनी सीधी रहे। लगाने के बाद उसे कम से कम 30 सेकंड सूखने दीजिए। 6 ध्यान रखिए कि मतदाता स्याही रगड़ न पाए। 7
  • स्याही के निर्देशों के लिए मार्गदर्शिका परिशिष्ट-17 देखने को कहती है। 247 उस परिशिष्ट में राज्य निर्वाचन आयोग का आदेश 1408 लगा है, और उसी का तरीक़ा स्याही वाले हिस्से में दिया है। 54
  • बाईं तर्जनी पर पहले से निशान हो, तो माना जाएगा कि वह वोट दे चुका है। उसे वोट नहीं देने दिया जाएगा। स्याही लगवाए बिना भी किसी को वोट नहीं देने दिया जाएगा। महिला मतदाता की अंगुली नहीं छूनी है। 7
  • मतदाता बाईं तर्जनी दिखाने या उस पर निशान लगवाने से मना करे, या स्याही हटाने के इरादे से कुछ भी करे, तो उसे वोट नहीं देने दिया जाएगा। 46
  • स्याही का निशान हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लेने से पहले लगाया जाता है, ताकि मतदाता के वोट देकर बूथ छोड़ने तक स्याही सूख जाए और साफ़, पक्का निशान बन जाए। 46
  • देखिए कि मतदाता ने अंगुली पर कोई तेल या चिकनी चीज़ तो नहीं लगाई, जिससे स्याही का निशान बेअसर हो जाए। लगाई हो, तो स्याही लगाने से पहले उसे कपड़े के टुकड़े से साफ़ कर दीजिए। 746 बाईं तर्जनी न हो, तो स्याही किस अंगुली पर लगे: स्याही में "अंगुली न हो तो"।
  • स्याही के बाद रजिस्टर (प्ररूप-12) में प्रविष्टि कीजिए। पहले कॉलम में क्रम संख्या 1 से लगातार चलेगी। हर पन्ने पर 15 क्रम संख्या हैं, कुछ पन्नों पर पहले से नंबर लिख लीजिए। दूसरे कॉलम में वार्ड नंबर और नामावली की क्रम संख्या, जैसे 1/518। 755
  • पहचान वाले दस्तावेज़ के नंबर के आख़िरी चार अंक कॉलम 4 (अभियुक्तियाँ) में लिखिए। नंबर चार अंक से छोटा हो, तो पूरा नंबर लिखिए। 7826
  • फिर तीसरे कॉलम में मतदाता के हस्ताक्षर या अंगूठा लीजिए। पढ़ा-लिखा मतदाता पूरा हस्ताक्षर करे, यानी अपना पूरा नाम लिखे। वह हस्ताक्षर की जगह सिर्फ़ एक निशान लगाए और कहे कि यही उसका हस्ताक्षर है, या पूरा हस्ताक्षर करने से मना करे, तो उसका अंगूठा लीजिए। अंगूठा भी न दे, तो उसे वोट देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। 855
  • जो हस्ताक्षर न कर सके, उसके बाएँ अंगूठे का निशान लीजिए। इसे मतदान अधिकारी या सहायक मतदान अधिकारी को प्रमाणित नहीं करना है। निशान साफ़ होना चाहिए। बाद में अंगूठे की स्याही गीले कपड़े से पोंछ दीजिए। बायाँ अंगूठा न हो, तो दाएँ अंगूठे की छाप लीजिए। दोनों अंगूठे न हों, तो बाएँ हाथ की तर्जनी से शुरू करके किसी अंगुली की छाप लीजिए; बाएँ हाथ में कोई अंगुली न हो, तो दाएँ हाथ की तर्जनी से शुरू करके किसी अंगुली की। दोनों हाथों में कोई अंगुली न हो, तो बाएँ हाथ के ठूँठ पर निशान लीजिए, और वह भी न हो, तो दाएँ हाथ के ठूँठ पर। 85556 जिस मतदाता के हाथों में अंगुलियाँ ही न हों, वह ख़ुद अपना वोट रिकॉर्ड नहीं कर पाएगा; ऐसे में मतदान अधिकारी से मदद ली जाएगी। 56
  • स्टाम्प पैड से अंगूठे पर न इतनी हल्की स्याही लगानी चाहिए कि निशान धुंधला रह जाए, न इतनी ज़्यादा कि रजिस्टर पर साफ़ छाप की जगह धब्बा बन जाए। 56
  • दृष्टिबाधित या दिव्यांग मतदाता को मतदान अधिकारी की मदद चाहिए, तो मतदाता की क्रम संख्या पर "AA" लिखिए और रजिस्टर (प्रारूप-12) के कॉलम-4 (अभियुक्तियाँ) में मदद का कारण लिखिए। 8
  • स्याही, प्रविष्टि और हस्ताक्षर के बाद मतदाता पर्ची बनाइए। पर्ची का प्रारूप परिशिष्ट-13 में है। ज़िला परिषद की पर्ची पीली, पंचायत समिति की नीली। 8 पर्चियाँ पोस्टकार्ड के आधे आकार के कागज़ पर छपी होंगी, और आपके बूथ के मतदाताओं की संख्या देखकर दी जाएँगी। 56
  • पर्ची मतदाता को दीजिए और उसे तीसरे सहायक मतदान अधिकारी के पास भेजिए, जो कंट्रोल यूनिट का प्रभारी है; MPSV वाले बूथ पर दोनों पर्चियाँ वही लेता है। 356

तीसरा सहायक मतदान अधिकारी: कंट्रोल यूनिट

  • MPSV मशीन में दोनों चुनावों के लिए एक कंट्रोल यूनिट और दो बैलेट यूनिट होती हैं। दोनों बैलेट यूनिट अलग-अलग मतदान प्रकोष्ठ में रखी जाती हैं। 3
  • दोनों चुनावों की कंट्रोल यूनिट का प्रभारी एक ही है, यानी आप। आप मतदान अधिकारी के पास बैठेंगे, ताकि वे कंट्रोल यूनिट और मतदान पर पास से नज़र रख सकें। 3
  • मतदाता को मतदान कक्ष में तभी जाने दीजिए, जब वह दूसरे सहायक मतदान अधिकारी की दी हुई पीली (ज़िला परिषद) और नीली (पंचायत समिति) पर्ची दे। जाने देने से पहले देखिए कि अंगुली पर अमिट स्याही का निशान साफ़ है। 3
  • जिस क्रम में पर्चियाँ बनीं, उसी क्रम में अंदर भेजिए। किसी मजबूरी से क्रम टूटे, तो रजिस्टर के कॉलम (4) में टिप्पणी कीजिए। बाद के जिन मतदाताओं का क्रम बदला, उनके आगे भी लिखिए। 3
  • पर्चियाँ रंग के हिसाब से अलग-अलग अपने पास जमा करते जाइए। मतदान ख़त्म होने पर पीली पर्चियाँ लिफ़ाफ़ा PE-45 में और नीली पर्चियाँ लिफ़ाफ़ा PE-44 में रखकर सील कीजिए। 3
  • पहले प्रकोष्ठ में ज़िला परिषद की बैलेट यूनिट रहेगी, दूसरे में पंचायत समिति की। दोनों बैलेट यूनिट चालू करने के लिए आप कंट्रोल यूनिट का Ballot बटन दबाएँगे। 39 Ballot बटन दबते ही कंट्रोल यूनिट की Busy बत्ती लाल हो जाएगी और बैलेट यूनिट की Ready बत्ती हरी। 9 बत्तियाँ और बीप कैसे पहचानें: मतदान।
  • कक्ष में एक बार में एक ही मतदाता जाएगा। पहला मतदाता बाहर न आए, तब तक Ballot बटन न दबाइए। 936
  • मतदान के बीच कभी भी Total बटन दबाकर देखा जा सकता है कि अब तक कितने वोट पड़े, और रजिस्टर से मिलाया जा सकता है। पर Total बटन तभी दबाइए, जब Busy बत्ती न जल रही हो। 936

एक नज़र में: कौन क्या करेगा

कौन मुख्य काम कैसे होगा, कहाँ देखें
मतदान अधिकारी सामग्री की जाँच, बूथ, मॉक पोल, सील, घोषणा (परिशिष्ट-7), काम का बँटवारा, चुनौती और निविदत्त वोट, डायरी, प्ररूप-14, सामान जमा कराना मॉक पोल, सील, बंद करना, जमा
पहला सहायक मतदान अधिकारी चिन्हित प्रति, पहचान, नाम पर निशान (लाइन, √, *, AA, E या D) ऊपर
दूसरा सहायक मतदान अधिकारी स्याही, रजिस्टर (प्ररूप-12), हस्ताक्षर या अंगूठा, पीली और नीली पर्ची स्याही
तीसरा सहायक मतदान अधिकारी पर्ची लेकर अंदर भेजना, स्याही देखना, Ballot बटन, पर्चियाँ PE-45 और PE-44 में मतदान

स्रोत: ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 10; ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 11; ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 12; ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 13; ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 25; ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 26; ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 27; ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 28; ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 29; ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 30; ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 113

स्रोत

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  1. 1.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 6 पाठ में
  2. 2.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 13कखगघङचछजझञटठडढणत
  3. 3.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 29कखगघङचछजझञटठडढ
  4. 4.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 113कखगघङचछजझञट
  5. 5.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 25कखगघङचछजझञटठडढ
  6. 6.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 26कखगघङचछजझञटठ
  7. 7.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 27कखगघङचछज
  8. 8.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 28कखगघङचछ
  9. 9.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 30कखगघङचछ
  10. 10.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 110कखगघ
  11. 11.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 10कखगघङचछजझञ
  12. 12.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 111कखगघङचछ
  13. 13.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 14कखगघङ
  14. 14.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 18कखगघङचछज
  15. 15.आदेश 1134, दि. 29.01.2026, संकलन पृ. 223 पाठ में
  16. 16.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 16कखगघङच
  17. 17.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 17कखगघङचछजझञट
  18. 18.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 87कखगघङचछजझञ
  19. 19.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 20कखगघङचछजझञट
  20. 20.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 112कखगघङ
  21. 21.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 35कख
  22. 22.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 36 पाठ में
  23. 23.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 86कखगघङच
  24. 24.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 11कखगघङचछजझञ
  25. 25.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 92कखगघङचछज
  26. 26.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 21कखगघङचछजझञ
  27. 27.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 90कखगघङचछजझञ
  28. 28.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 91कखगघङचछजझञ
  29. 29.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 12कखगघङचछजझञ
  30. 30.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 22कखगघङचछ
  31. 31.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 112कख
  32. 32.पंचायती राज चुनाव क़ानून पुस्तिका (अंग्रेज़ी), पृ. 114 पाठ में
  33. 33.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 164 पाठ में
  34. 34.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 98कखग
  35. 35.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 114कखगघ
  36. 36.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 97कखग
  37. 37.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 102कख
  38. 38.आदेश 9496, दि. 28.09.2026, पृ. 3 पाठ में
  39. 39.आदेश 9496, दि. 28.09.2026, पृ. 4 पाठ में
  40. 40.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 109कख
  41. 41.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 24कख
  42. 42.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 23कखगघङचछज
  43. 43.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 99कखगघङच
  44. 44.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 100कखगघङचछ
  45. 45.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 101कख
  46. 46.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 93कखगघ
  47. 47.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 19कखगघङचछजझञटठड
  48. 48.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 106कखगघङचछ
  49. 49.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 88कखगघङचछज
  50. 50.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 107कखगघ
  51. 51.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 89कख
  52. 52.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 204 पाठ में
  53. 53.आदेश 5310, दि. 30.07.2026, पृ. 1 पाठ में
  54. 54.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 206 पाठ में
  55. 55.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 94कखग
  56. 56.ईवीएम मार्गदर्शिका, पृ. 95कखगघङ