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यह पेज प्रशिक्षकों के लिए है। कुछ बातों पर मार्गदर्शिका, आयोग के आदेश और चुनाव नियमों में अलग-अलग बात छपी है। प्रशिक्षण वाले पेज ऐसी हर बात पर एक ही नियम देते हैं, ताकि बूथ पर कोई उलझन न हो। इस पेज पर लिखा है कि हर स्रोत में क्या छपा है, और साइट ने कौन-सा नियम लिया। कुछ बातें पहले पेजों पर "साफ़ नहीं छपी" लिखकर छोड़ी गई थीं; उनमें से जो SLMT की प्रशिक्षण सामग्री से साफ़ हुईं, वे भी यहाँ हैं।
मशीन वाले दिन दल में कितने लोग
- आयोग का आदेश 5096 (26.12.2025) हर बूथ के लिए 5 लोगों का दल बताता है: एक मतदान अधिकारी और 4 सहायक मतदान अधिकारी। इस आदेश में किसी मशीन का नाम नहीं है। 1
- ईवीएम मार्गदर्शिका में लिखा है कि जब चारों पदों का चुनाव एक साथ न हो, तो दल में पीठासीन अधिकारी के अलावा 3 या 4 मतदान अधिकारी होंगे। यह संख्या मशीन के मॉडल से तय होगी: MPSV मशीन वाले बूथ पर 3, और M-2/M-3/MK-4/MK-5 मशीन वाले बूथ पर 4। 2 उसी मार्गदर्शिका में आगे भी लिखा है कि दल में पीठासीन अधिकारी के अलावा तीन या चार मतदान अधिकारी, मशीन के मॉडल के हिसाब से, हो सकते हैं। 3
- SLMT की ज़िला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के रिटर्निंग अधिकारियों वाली प्रशिक्षण प्रस्तुति (पृष्ठ 132) की तालिका भी दल मशीन के हिसाब से देती है: पंच-सरपंच का चुनाव मतपेटी से हो, तो "पीठासीन अधिकारी व 4 अन्य मतदान अधिकारी"; ज़िला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में MPSV मशीन हो, तो पीठासीन अधिकारी के अलावा 3 मतदान अधिकारी, और M-2, MK-4 या MK-5 मशीन हो, तो 4। 4
- आयोग के पत्र 1299 (03.02.2026) के अनुसार BEL की M3A और MK-5 मशीनों में दोनों पदों की कन्ट्रोल और बैलेट यूनिट अलग-अलग होती हैं, जबकि MPSV में कन्ट्रोल यूनिट एक ही होती है। 5
- फ़र्क: M-2/M-3/MK-4/MK-5 वाले बूथ पर आदेश और मार्गदर्शिका की संख्या एक है, पर MPSV वाले बूथ पर मार्गदर्शिका में एक मतदान अधिकारी कम है। 62
इस साइट पर: MPSV वाले बूथ पर मतदान अधिकारी के साथ 3 सहायक मतदान अधिकारी, और M-2/M-3/MK-4/MK-5 वाले बूथ पर 4। आदेश 5096 हर बूथ के दल की आम संख्या बताता है और किसी मशीन का नाम नहीं लेता; ईवीएम मार्गदर्शिका और SLMT की तालिका दल मशीन के मॉडल के हिसाब से देती हैं, और मार्गदर्शिका यह बात उसी हालत के लिए कहती है जब चारों पदों का चुनाव एक साथ न हो। 2026 में दोनों मतदान अलग-अलग तारीखों पर हैं, इसलिए मशीन वाली ख़ास बात ली गई है। 2178 देखिए: एक नज़र में: मतदान दल, MPSV वाला दल और मशीन पर मतदान।
दोनों दिन एक ही दल रहेगा या नहीं
- आदेश दो हालतें बताता है। चारों पदों का चुनाव एक साथ हो, तो एक ही दल चारों पदों का मतदान कराएगा। ज़िला परिषद + पंचायत समिति और पंच + सरपंच का चुनाव अलग-अलग चरणों में हो, तो दोनों के लिए अलग-अलग दल होंगे, और कार्मिकों की कमी हो तो पहले वाले चरण के दलों के कार्मिक बाद वाले चरण के दलों में लगाए जा सकते हैं। 6
- इस चुनाव में दोनों मतदान एक ही चरण में हैं, पर अलग-अलग तारीखों पर। 78
- ईवीएम मार्गदर्शिका कहती है कि आपको दिए गए नियुक्ति आदेश में हर मतदान बूथ के लिए नियुक्त मतदान दल के सदस्यों के नाम और उनके विभागीय पद मिलेंगे। 9
इस साइट पर: आपके दल में कौन-कौन है, यह अपने नियुक्ति आदेश में देखिए। 9 देखिए: एक नज़र में: मतदान दल।
खराब और निविदत्त मतपत्रों के लिफ़ाफ़ों के नंबर
- खराब और रद्द मतपत्र: खराब मतपत्र वाले हिस्से में पंच के लिए P-12 और सरपंच के लिए P-13 लिखा है। 10 लिफ़ाफ़ों वाली सूची में और परिशिष्ट-15 की तालिका में पंच के लिए P-13 और सरपंच के लिए P-12। 1112
- निविदत्त मतपत्र और उनकी सूची: निविदत्त मतपत्र वाले हिस्से में और लिफ़ाफ़ों वाली सूची में पंच के लिए P-16 और सरपंच के लिए P-17। 131011 परिशिष्ट-15 की तालिका में पंच के लिए P-17 और सरपंच के लिए P-16। 12
- परिशिष्ट-15 में हर लिफ़ाफ़े के नाम के साथ पद भी लिखा है, जैसे "खराब व रद्द मतपत्र (पंच)"। 12
इस साइट पर: पंच के खराब मतपत्र P-13 में, सरपंच के P-12 में; यह नंबर लिफ़ाफ़ों वाली सूची और परिशिष्ट-15, दोनों में एक जैसा है। 1112 पंच के निविदत्त मतपत्र P-17 में, सरपंच के P-16 में; यह नंबर परिशिष्ट-15 की तालिका से है, जिसमें हर लिफ़ाफ़े के साथ पद लिखा है। 12 SLMT की मतदान अधिकारियों वाली प्रशिक्षण प्रस्तुति (पृष्ठ 45) में भी निविदत्त मतपत्रों के यही नंबर हैं। देखिए: लिफ़ाफ़े और पहली ड्यूटी।
मशीन वाले दिन कौन-से पैकेट सील होंगे
- अध्याय 17 में छपा है कि सारे निर्वाचन पत्र और सामग्री अलग-अलग पैकेट में सील कीजिए। 14
- सामान जमा कराने वाले अध्याय में पहले काउंटर के लिफ़ाफ़े और PE-57 बिना सील के जमा होते हैं, और चपड़ी की सील सिर्फ़ उन्हीं पैकेटों पर लगती है जिन पर लगनी है। 1516
इस साइट पर: कौन-से पैकेट सील होंगे और कौन-से नहीं, यह सामान जमा वाले अध्याय की सूची से लिया गया है; यह बात उसी सूची में लिखी है। 1516 देखिए: सामान जमा कराना और पहली ड्यूटी।
MPSV वाले बूथ पर नीली पर्ची किसे
- दूसरे मतदान अधिकारी वाले हिस्से में छपा है कि ज़िला परिषद की पीली पर्ची तीसरे मतदान अधिकारी को और पंचायत समिति की नीली पर्ची चौथे मतदान अधिकारी को मतदान से पहले सौंपी जाएगी। 1718
- तीसरे मतदान अधिकारी वाले हिस्से में, जो MPSV मशीन के लिए है, दल में तीन ही मतदान अधिकारी हैं, और दोनों चुनावों की कंट्रोल यूनिट का प्रभारी एक ही है, जो दोनों पर्चियाँ लेता है। 18
- अध्याय 12 में छपा है कि MPSV मशीन हो, तो मतदाता को तीसरे मतदान अधिकारी के पास भेजा जाएगा, जो कंट्रोल यूनिट का प्रभारी है; पीली पर्ची तीसरे को और नीली चौथे को, यह M-2, M-3, MK-4 या MK-5 मशीन वाले बूथ की बात है। 19
इस साइट पर: MPSV वाले बूथ पर दोनों पर्चियाँ तीसरा सहायक मतदान अधिकारी लेता है, जैसा अध्याय 12 में और मार्गदर्शिका के तीसरे मतदान अधिकारी वाले MPSV हिस्से में छपा है। 181920 देखिए: MPSV वाला दल।
पर्चियाँ कौन लेगा और रखेगा
- मार्गदर्शिका के एक हिस्से में पर्चियाँ तीसरा मतदान अधिकारी जमा करता है। 18 मशीन वाले हिस्से में यही काम पीठासीन अधिकारी के नाम से लिखा है। 21
- अध्याय 12 में छपा है कि पर्ची लेकर मतदाता "आपके या, यथास्थिति, नियंत्रण यूनिट के प्रभारी तृतीय/चतुर्थ मतदान अधिकारी के पास" आए, तो पर्ची उससे ले ली जाएगी; सारी पर्चियाँ सँभालकर रखी जाएँगी, और मतदान के अंत में हर चुनाव की पर्चियाँ उसके अलग लिफ़ाफ़े में रखकर सील होंगी। 20
इस साइट पर: MPSV वाले बूथ पर पर्ची तीसरा सहायक मतदान अधिकारी लेता है, जो कंट्रोल यूनिट का प्रभारी है। मार्गदर्शिका के तीसरे मतदान अधिकारी वाले MPSV हिस्से में यही छपा है, और अध्याय 12 में भी MPSV मशीन हो तो मतदाता पर्ची लेकर तीसरे मतदान अधिकारी के पास जाता है। 181920 देखिए: MPSV वाला दल और मतदान।
पर्चियों के बंडल
- दूसरे मतदान अधिकारी वाले हिस्से में छपा है कि पर्चियाँ 50-50 के बंडलों में मिलेंगी। 17
- अध्याय 12 में छपा है कि पर्चियाँ बूथ के मतदाताओं की संख्या को ध्यान में रखकर, सौ या पचास पर्चियों के बंडल में, मतदान सामग्री के साथ दी जाएँगी। 19
इस साइट पर: पर्चियाँ बंडल में, बूथ के मतदाताओं की संख्या देखकर दी जाएँगी, जैसा अध्याय 12 में छपा है। 19
मतदान बंद होने के समय पर्चियाँ कौन दे
- अध्याय 3 और अध्याय 14 में छपा है कि लाइन में खड़े मतदाताओं को पीठासीन अधिकारी के अपने हस्ताक्षर वाली पर्चियाँ दी जाएँ। 2223
- अध्याय 3 में ही एक और जगह छपा है कि तय समय पर मतदान अधिकारी बाहर आकर, लाइन के आख़िरी व्यक्ति से क्रम संख्या 1 से शुरू करते हुए, अपनी हस्ताक्षरित पर्ची दे। 24
इस साइट पर: पहली बात, यानी मतदान अधिकारी के अपने हस्ताक्षर वाली पर्चियाँ; यह बात अध्याय 3 और अध्याय 14, दोनों में छपी है। 2223 देखिए: MPSV वाला दल।
मतदान बंद होने पर: पहले पावर स्विच बंद या पहले यूनिटें अलग
- मतदान समाप्ति की प्रक्रिया में छपा है: पहले कन्ट्रोल यूनिट का पावर स्विच बंद (OFF) कीजिए, फिर इंटरफ़ेस केबल की दोनों कुंडी दबाकर बैलेट यूनिट अलग कीजिए। 25
- अध्याय 17 में, जहाँ पीठासीन अधिकारी के काम छोटे में दिए हैं, उल्टा क्रम छपा है: पहले बैलेट यूनिट और कन्ट्रोल यूनिट अलग कीजिए, फिर पावर स्विच बंद कीजिए। 26
- मशीन की अनुदेश पुस्तिका में लिखा है कि बैलेट यूनिट को कन्ट्रोल यूनिट से जोड़ते या अलग करते समय कन्ट्रोल यूनिट का स्विच हमेशा बंद (OFF) रखिए। 27
- SLMT की मतदान दल वाली प्रशिक्षण प्रस्तुति (पृष्ठ 82) में भी कन्ट्रोल यूनिट को OFF करने की बात लिंकिंग केबल अलग करने से पहले लिखी है। 28
इस साइट पर: पहले पावर स्विच बंद, फिर यूनिटें अलग। 2527 देखिए: मतदान बंद कीजिए और मशीन सील कीजिए।
कन्ट्रोल यूनिट पर स्टीकर
- मार्गदर्शिका में लिखा है कि कन्ट्रोल यूनिट के कैण्डसेट सैक्शन के बाहरी कवर पर पीला स्टीकर भी चिपका होगा और नीला भी। 29
- आयोग के पत्र 1299 (03.02.2026) में लिखा है कि MPSV की कन्ट्रोल यूनिट दोनों पदों के लिए काम आए, तो उस पर स्टीकर लगाने की ज़रूरत नहीं होगी; सिर्फ़ एक पद के लिए काम आए, तो सिंगल पोस्ट मशीन की तरह उस पर भी स्टीकर लगेंगे। 5
- SLMT की मतदान दल वाली प्रशिक्षण प्रस्तुति (पृष्ठ 11) की तालिका भी यही कहती है: MPSV में दोनों पदों के लिए एक ही मशीन हो, तो कोई स्टीकर नहीं। 30
इस साइट पर: पत्र 1299 वाली बात, क्योंकि साइट के क्रम में आयोग का पत्र सबसे पहले आता है, और SLMT की तालिका भी यही कहती है। 5 देखिए: मशीन लेते समय जाँचिए।
SLMT की मतदान दल वाली प्रस्तुति: MPSV वाले दिन की कुछ बातें
MPSV वाले दिन के पेज SLMT की मतदान दल वाली प्रशिक्षण प्रस्तुति से भी मिलाए गए हैं। नीचे वे बातें हैं, जहाँ प्रस्तुति में कुछ और छपा है।
- स्टीकर: प्रस्तुति (पृष्ठ 11) की तालिका आयोग के पत्र 1299 जैसी ही है; ऊपर "कन्ट्रोल यूनिट पर स्टीकर" देखिए। 5
- मॉक पोल प्रमाण-पत्र: प्रस्तुति (पृष्ठ 55) में प्रमाण-पत्र के नमूने के साथ लिखा है कि दोनों चुनावों के अलग-अलग प्रमाण-पत्र होंगे, पर MPSV हो, तो एक ही प्रमाण-पत्र में दोनों चुनावों का ब्योरा होगा। 31 आयोग के आदेश में, और ईवीएम मार्गदर्शिका में परिशिष्ट-19 के नीचे लिखी टिप्पणी में, दोनों चुनावों के अलग-अलग प्रमाण-पत्र की बात है, और MPSV के लिए कोई छूट नहीं लिखी। 3233
- विशेष टैग पर हस्ताक्षर: प्रस्तुति (पृष्ठ 60) में लिखा है कि टैग के पिछले भाग पर "मतदान अधिकारी एवं अभ्यर्थी/मतदान अभिकर्ता जो मतदान केन्द्र पर मौजूद है, हस्ताक्षर करेगें"। मार्गदर्शिका में लिखा है कि पीठासीन अधिकारी हस्ताक्षर करेंगे, और मौजूद उम्मीदवार या मतदान अभिकर्ता भी हस्ताक्षर करना चाहें, तो उन्हें इसकी अनुमति दी जाएगी। 34
- निविदत्त मतपत्र: प्रस्तुति (पृष्ठ 74) में मतपत्र के पीछे "निविदत्त मतपत्र" हाथ से लिखने की बात है। 35 आयोग के आदेश में मतपत्र की पीठ पर "निविदत्त मतपत्र" की मोहर लगाने की बात है। 36 मार्गदर्शिका में भी मतपत्र के पीछे मोहर लगानी है; हाथ से तभी लिखना है जब मोहर न हो, और बूथ के सुभिन्नकारी चिन्ह की मोहर भी लगानी है। 3738
- वोटों के लेखे की प्रति: प्रस्तुति (पृष्ठ 78) में लिखा है कि मतदान केन्द्र पर मौजूद हर मतदान अभिकर्ता को प्ररूप-14 की सत्यापित प्रति दी जाएगी। मार्गदर्शिका में यह प्रति उस अभिकर्ता को दी जाती है, जो इसे लेना चाहे। 2239
- Close का डिस्प्ले: प्रस्तुति (पृष्ठ 81) में Close दबाने के बाद के डिस्प्ले की जो तस्वीरें हैं, वे मार्गदर्शिका में छपे MPSV डिस्प्ले से मेल नहीं खातीं। 40
- मतदान बंद होने पर अभिकर्ता: प्रस्तुति (पृष्ठ 82) में लिखा है कि मौजूद उम्मीदवार या मतदान अभिकर्ता चाहें, तो अपनी मोहर लगा सकते हैं, और ऐसे उम्मीदवारों या अभिकर्ताओं के नाम प्रपत्र-7 के भाग-3 में लिखे जाएँ। मार्गदर्शिका में लिखा है कि मौजूद उम्मीदवार या उनके अभिकर्ता, चाहें तो, एड्रेस टैग और मोहरबंद किए जा रहे काग़ज़ों पर अपने हस्ताक्षर कर सकते हैं; पीठासीन अधिकारी की घोषणा (परिशिष्ट-7) के भाग-3 में ऐसे अभिकर्ताओं के हस्ताक्षर लिए जाएँगे, और जिन्होंने इस घोषणा पर हस्ताक्षर करने से मना किया हो, उनके नाम लिखे जाएँगे। 3941
इस साइट पर: स्टीकर, मॉक पोल प्रमाण-पत्र और निविदत्त मतपत्र पर आयोग के आदेश वाली बात, क्योंकि साइट के क्रम में आयोग का आदेश सबसे पहले आता है। 53236 टैग पर हस्ताक्षर और लेखे की प्रति में प्रस्तुति और मार्गदर्शिका एक ही काम की बात करती हैं, और मार्गदर्शिका साफ़ लिखती है कि उम्मीदवार या अभिकर्ता यह अपनी मर्ज़ी से करें; इसलिए साइट पर मार्गदर्शिका के शब्द हैं। 342239 मतदान बंद होने पर भी दोनों में यह उम्मीदवार या अभिकर्ता की मर्ज़ी पर है; प्रस्तुति में मोहर की बात है और मार्गदर्शिका में हस्ताक्षर की, और साइट पर मार्गदर्शिका वाली बात है। 3941 Close के डिस्प्ले के लिए मार्गदर्शिका का MPSV वाला उदाहरण है। 40 देखिए: मॉक पोल: दोनों पदों का, मॉक पोल के बाद कन्ट्रोल यूनिट सील कीजिए, बैलेट यूनिट रखिए और मतदान कराइए और मतदान बंद कीजिए और मशीन सील कीजिए।
साभार: मनीष कुमार गोयल, राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर (SLMT), जयपुर।
AA कहाँ लिखा जाए
- पीठासीन अधिकारी के कर्तव्यों वाले अध्याय में छपा है कि दृष्टिबाधित या दिव्यांग मतदाता को पीठासीन अधिकारी की मदद चाहिए, तो उसकी क्रम संख्या पर "AA" लिखा जाए और रजिस्टर (प्रारूप-12) के कॉलम-4 में मदद का कारण लिखा जाए। 42
- उसी अध्याय में आगे छपा है कि ऐसे मतदाता के नाम के सामने मतदाता सूची में "AA" लिखा जाए और रजिस्टर के कॉलम-4 में मदद का कारण। 4344
- पहले मतदान अधिकारी और दूसरे मतदान अधिकारी वाले हिस्सों में भी यही बात छपी है। 4517
- यानी पुस्तिका AA की जगह दो तरह से लिखती है: तीन जगह "क्रम संख्या पर", एक जगह "नाम के सामने"। 42444517
इस साइट पर: AA लिखने की बात तीनों के कामों में लिखी है: मतदान अधिकारी, पहला सहायक मतदान अधिकारी और दूसरा सहायक मतदान अधिकारी, हर जगह उन्हीं शब्दों में जो उस हिस्से में छपे हैं। 42444517 देखिए: MPSV वाला दल।
मतपत्र की पीठ पर हस्ताक्षर (मतपेटी वाला दिन)
- मतदान अधिकारी के कामों में लिखा है कि वे मतपत्रों की पीठ पर पूरे हस्ताक्षर करेंगे। 46
- मतदान वाले अध्याय में लिखा है कि पीठ पर "संबंधित मतदान अधिकारी" के पूरे हस्ताक्षर होंगे: पंच के लिए "मतदान अधिकारी (पंच)", सरपंच के लिए "मतदान अधिकारी (सरपंच)", और पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य के लिए भी ऐसे ही। 47
- मतदान दल में एक मतदान अधिकारी (पीठासीन अधिकारी) और 4 सहायक मतदान अधिकारी होते हैं। 4846
- ये नाम सहायक मतदान अधिकारियों के नामों से मिलते-जुलते हैं: दूसरा सहायक मतदान अधिकारी "(पंच मतपत्र)", तीसरा "(सरपंच मतपत्र)"। 49
- पर दूसरे और तीसरे सहायक मतदान अधिकारी के कामों में हस्ताक्षर या सील नहीं है; उनके सामान में मतपत्र पहले से मुड़े हुए होते हैं। 4950
- आयोग के आदेश 1031 (27.01.2026) में लिखा है कि हर मतपत्र की पीठ पर "पं.रा.सं." वाली सील लगेगी, और मतदान अधिकारी अपने पूरे हस्ताक्षर करेंगे; उसी आदेश में "मतदान अधिकारी" और "सहायक मतदान अधिकारी" अलग-अलग लिखे हैं। 51
- नियम 31 के स्पष्टीकरण में लिखा है कि पंचायत चुनाव में मतदान अधिकारी बूथ के पीठासीन अधिकारी का काम करेगा। 52
इस साइट पर: दोनों मतपत्रों की पीठ पर हस्ताक्षर दल के मतदान अधिकारी (PO) करेंगे, क्योंकि आयोग के आदेश में हस्ताक्षर मतदान अधिकारी के लिखे हैं, दल में मतदान अधिकारी एक ही होते हैं, और मार्गदर्शिका के कामों की सूची में भी हस्ताक्षर उन्हीं के ज़िम्मे है। मतदान वाले अध्याय के "मतदान अधिकारी (पंच)" और "मतदान अधिकारी (सरपंच)" को अकेले पढ़ें, तो ये सहायक मतदान अधिकारी भी लग सकते हैं; पर दूसरे और तीसरे सहायक मतदान अधिकारी के कामों में हस्ताक्षर नहीं है। 514846495047 देखिए: मतपेटी वाला दल।
मतपत्र की पीठ वाली सील पर क्या लिखा है
- मार्गदर्शिका में एक जगह सुभिन्नकारी रबड़ सील पर "पं.रा. स." छपा है। 53
- मतपत्र मोड़ने वाली बात में यही निशान "(पं.रा.स.)" छपा है। 47
- उसी मार्गदर्शिका की सामान वाली सूची (परिशिष्ट-7) में मतपत्र प्रमाणित करने वाली सील पर "पं.रा.सं." छपा है। 54
- आयोग के आदेश 1031 (27.01.2026) का पहला पैरा, जो मतपत्र प्रमाणित करने का तरीक़ा तय करता है, सील पर "पं.रा.सं." बताता है; उसी आदेश के आख़िरी पैरा में एक जगह "प.रा.सं." छपा है। 51
इस साइट पर: "पं.रा.सं.", क्योंकि इस पेज के क्रम में आयोग का आदेश सबसे पहले आता है, और आदेश 1031 का पहला पैरा यही लिखता है; मार्गदर्शिका की सामान वाली सूची में भी यही छपा है। 5154 देखिए: मतपेटी वाला दिन।
डाक मतपत्र का आवेदन: मतदान से कितने दिन पहले
- ईवीएम मार्गदर्शिका में लिखा है कि चुनाव ड्यूटी वाले मतदाता डाक मतपत्र से वोट देने का आवेदन मतदान के दिन से कम से कम चार दिन पहले करें, या उससे कम जितनी अवधि की रिटर्निंग अधिकारी अनुमति दें। 55
- आयोग के आदेश 1134 (29.01.2026) में, जो पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्य के चुनाव में डाक मतपत्र से वोट डालने की रीति तय करता है, यह सूचना मतदान की तारीख़ से कम से कम 7 दिन पहले देनी है, या इससे कम जितनी अवधि की रिटर्निंग अधिकारी अनुमति दें। 56
इस साइट पर: 7 दिन, क्योंकि साइट के क्रम में आयोग का आदेश सबसे पहले आता है। 56 देखिए: ड्यूटी पर लगे हम लोग ख़ुद वोट कैसे डालें?, डाक मतपत्र के लिए आवेदन कैसे और कब तक करें?, MPSV वाला दल, पहला मतदान और पहली ड्यूटी।
चैलेंज, और डायरी का ख़ाना
- मतदान अधिकारी के कामों में चैलेंज वाले वोटों और उम्मीदवारों के चैलेंज किए मतदाताओं के मामले निपटाना लिखा है। 46
- मार्गदर्शिका में लिखा है कि पंचायत चुनाव में न चैलेंज लिस्ट बनेगी, न चैलेंज फ़ीस लगेगी। 10
- पर पीठासीन अधिकारी की डायरी (परिशिष्ट 23-B) में चैलेंज वाले वोटों की संख्या (मंज़ूर और नामंज़ूर) के साथ "जब्त की गई धनराशि" का ख़ाना भी छपा है। 57
इस साइट पर: पंचायत चुनाव में न चैलेंज लिस्ट बनेगी, न फ़ीस लगेगी; चैलेंज वाले मामले मतदान अधिकारी तय करेंगे। 4610 देखिए: मतपेटी वाला दल और मतदान के दौरान।
उम्र वाली घोषणाओं का लिफ़ाफ़ा, और रिटर्निंग अधिकारी वाली सूची
- मतदान वाले अध्याय में लिखा है कि उम्र वाली घोषणाओं और उनकी सूची का लिफ़ाफ़ा P-1 मतदान के बाद तैयार करना है, और यह सील नहीं होगा। यह काम वहाँ "आप" को दिया है; किसी पद का नाम नहीं लिखा। 58
- मतदान ख़त्म होने पर काग़ज़ और लिफ़ाफ़े तैयार करने का काम मतदान अधिकारी को दिया गया है। 59
- रिटर्निंग अधिकारी जो लिफ़ाफ़े तैयार करेंगे, उनकी सूची में P-1, P-33 (सील नहीं होगा; इसमें पेपर सील का लेखा, बची और खराब पेपर सीलें, और बचे फ़ॉर्म) और पीठासीन अधिकारी की डायरी (परिशिष्ट 23-B) भी हैं; उसी सूची में वैध मतपत्र, परिणाम पत्र (प्ररूप-7) और उप-सरपंच चुनाव के लिफ़ाफ़े भी हैं। 1160
- डायरी मतपेटी के साथ लिफ़ाफ़ा P-43 में रखकर गिनती के समय रिटर्निंग अधिकारी को दी जाएगी। 61
- बूथ पर मतदान अधिकारी पंच और सरपंच के चार-चार सीलबंद लिफ़ाफ़े तैयार करेंगे: बचे मतपत्र, चिह्नित मतदाता सूची, खराब और रद्द मतपत्र, और निविदत्त मतपत्र और उनकी सूची; ये मतपेटियों के साथ, पर अलग से, रिटर्निंग अधिकारी को सौंपे जाएँगे। 11
इस साइट पर: मतदान ख़त्म होने पर काग़ज़ और लिफ़ाफ़े तैयार करने का काम मतदान अधिकारी का है, और बूथ पर बनने वाले आठ सीलबंद लिफ़ाफ़े मार्गदर्शिका की सूची से हैं। रिटर्निंग अधिकारी वाली सूची पंच/सरपंच चुनाव के पूरे रिकॉर्ड की है, सिर्फ़ बूथ की नहीं। 591160 देखिए: पहली ड्यूटी और मतपेटी वाला दल।
मतपत्र पर उम्मीदवारों के नाम
- मार्गदर्शिका में लिखा है कि नाम चुनाव चिह्न के साथ छपे होंगे। 62
- आयोग के आदेश 9809 (02.10.2026) में लिखा है कि 2026 में पंच और सरपंच के मतपत्रों पर सिर्फ़ चुनाव चिह्न होगा और उम्मीदवार की जानकारी की जगह ख़ाली रहेगी; मतपत्र पर 7 अंकों का नंबर होगा, नाम मतदान दल के अधिकारी या कार्मिक हाथ से लिखेंगे, और नोटा का स्टीकर आख़िरी उम्मीदवार के बाद अगली जगह पर लगेगा। 6364
इस साइट पर: आयोग के आदेश वाली बात, क्योंकि साइट के क्रम में आयोग का आदेश सबसे पहले आता है। 6364 देखिए: मतदान से पहले।
चौथे सहायक की स्याही: कौन-सी अंगुली, और कैसे
- चौथे सहायक मतदान अधिकारी वाले हिस्से में स्याही बाएँ हाथ की तर्जनी के नाख़ून के बिल्कुल ऊपर वाली कोमल चमड़ी पर लगाने की बात है, ऐसे कि स्याही चमड़ी और नाख़ून पर फैल जाए; वहीं लिखा है कि स्याही लगाने का तरीक़ा भारत निर्वाचन आयोग ने बताया है (परिशिष्ट-30)। 50
- आयोग के आदेश 1408 (04.02.2026) में स्याही लगाने का तरीक़ा है: बाईं तर्जनी पर, नाख़ून के आख़िरी सिरे से लेकर पहले जोड़ के नीचे तक, ब्रश से। इस आदेश ने स्याही वाला 26.07.2015 का पुराना पत्र हटाया है। मतपेटी मार्गदर्शिका का परिशिष्ट-30 यही आदेश है, और ईवीएम मार्गदर्शिका के परिशिष्ट में भी यही लगा है। 656667
- आयोग के आदेश 2235 (25.06.2019) में लिखा है: ज़िला परिषद + पंचायत समिति और पंच + सरपंच का मतदान अलग-अलग दिन हो, और पहले वाले चुनाव का निशान दिख रहा हो, तो बाद वाले चुनाव में स्याही दाएँ हाथ की तर्जनी पर लगेगी। 68
- SLMT की ज़िला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के रिटर्निंग अधिकारियों वाली प्रशिक्षण प्रस्तुति (पृष्ठ 136) में यह बात बिना "निशान दिख रहा हो" वाली शर्त के है: दोनों चुनाव अलग-अलग चरण में हों, तो पहले चरण में बाएँ हाथ की तर्जनी पर, दूसरे चरण में दाएँ हाथ की तर्जनी पर। 69
- उसी हिस्से में एक हालत अलग से भी लिखी है: पहले पंच-सरपंच का चुनाव हो, उसके बाद पंचायत समिति और ज़िला परिषद सदस्यों का, और दोनों के बीच समय भी कम हो, तो बाद वाले चुनाव में स्याही बाईं तर्जनी की जगह दाईं तर्जनी पर लगेगी। 70
- मतपेटी वाली मार्गदर्शिका के स्याही वाले बिंदु में लिखा है: पहले दिन बाईं तर्जनी पर लगा निशान मतदाता की अंगुली पर रहता है, इसलिए बाद वाले दिन के चुनाव में मतदाता के दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगाई जाएगी; यहाँ यह नहीं लिखा कि पहले कौन-सा चुनाव हो। 71
- 2026 में हर चरण में पहले ज़िला परिषद + पंचायत समिति का मतदान होता है, और उसके दो दिन बाद पंच + सरपंच का। 78
इस साइट पर: मतपेटी वाले दिन (पंच + सरपंच) हर मतदाता की दाएँ हाथ की तर्जनी पर स्याही लगेगी। स्याही वाले बिंदु में बाद वाले दिन के लिए यह बात बिना किसी क्रम की शर्त के लिखी है, और 2026 में पंच-सरपंच का मतदान ज़िला परिषद-पंचायत समिति के मतदान के दो दिन बाद है। 71507078 SLMT की उसी रिटर्निंग अधिकारियों वाली प्रस्तुति (पृष्ठ 136) में भी दूसरे चरण के लिए दाएँ हाथ की तर्जनी है। स्याही लगाने का तरीक़ा आदेश 1408 वाला है: नाख़ून के आख़िरी सिरे से लेकर पहले जोड़ के नीचे तक, ब्रश से। 6566 देखिए: मतपेटी वाले दिन की स्याही और स्याही।
पहचान के दस्तावेज़: पुराना आदेश और नया आदेश
- ईवीएम मार्गदर्शिका (परिशिष्ट-16) और मतपेटी मार्गदर्शिका (परिशिष्ट-22), दोनों पहचान के दस्तावेज़ों के लिए अपना परिशिष्ट देखने को कहती हैं, 457246 और दोनों में आयोग का आदेश 603 (19.01.2026) छपा है। 7374
- आयोग के 30.07.2026 के आदेश 5310 ने उसकी जगह ले ली है। 75
इस साइट पर: दस्तावेज़ों की सूची आदेश 5310 से है, क्योंकि उसने आदेश 603 की जगह ली है। 75 देखिए: पहचान के दस्तावेज़।
सरपंच के गणन अभिकर्ता कितने
- दोनों मार्गदर्शिकाएँ ज़्यादा से ज़्यादा दो गणन अभिकर्ता बताती हैं; पर जिस पंचायत में 20 या उससे ज़्यादा वार्ड हैं, वहाँ ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ज़रूरत के हिसाब से सरपंच के उम्मीदवार को दो से ज़्यादा गणन अभिकर्ताओं की इजाज़त दे सकते हैं। 767778
- पर दोनों पुस्तिकाओं में छपे नियम 70(1) के हिन्दी शब्द हैं "दो से अधिक गणन अभिकर्ताओं को नियुक्त कर सकेगा", जो "ज़्यादा से ज़्यादा दो" से मेल नहीं खाते। 7980
- पंचायती राज चुनाव क़ानून की पुस्तिका (अंग्रेज़ी) में इसी नियम 70(1) का पाठ है: सरपंच का उम्मीदवार "not more than 2 counting agents" नियुक्त कर सकता है। 81
इस साइट पर: ज़्यादा से ज़्यादा दो, जैसा मार्गदर्शिकाओं में है और नियम के अंग्रेज़ी पाठ में भी। 817678 20 या उससे ज़्यादा वार्ड वाली पंचायत में ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) ज़रूरत के हिसाब से सरपंच के उम्मीदवार को इससे ज़्यादा की इजाज़त दे सकते हैं, जैसा दोनों मार्गदर्शिकाओं में लिखा है। 7778 यह छूट नियम 70(1) के अंग्रेज़ी पाठ में नहीं लिखी। 81 देखिए: सवाल-जवाब।
FIR किस धारा में
- ईवीएम मार्गदर्शिका में एक जगह "लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 133 सपठित धारा 125(5)" लिखा है। 82
- उसी पुस्तिका में छपा धारा 133 का पाठ "धारा 123 के खण्ड (5)" का हवाला देता है। 83
इस साइट पर: गाड़ियाँ ग़ैरकानूनी ढंग से किराये पर लेकर वोटरों को लाना-ले जाना धारा 133 का अपराध है। 8382 FIR किस धारा में लिखी जाए, यह बात साइट पर नहीं दी गई है। देखिए: सवाल-जवाब।
रिश्वत की धारा
- ईवीएम मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-1 में भारतीय न्याय संहिता की सिर्फ़ धारा 172 और 174 छपी हैं। 84
- चुनाव में रिश्वत की सज़ा भारतीय न्याय संहिता की धारा 173 में है, जो पंचायती राज चुनाव क़ानून की पुस्तिका (अंग्रेज़ी) में छपी है। 85
उप-सरपंच: बाक़ी काग़ज़ों वाला लिफ़ाफ़ा सील होगा या नहीं
- मतपेटी मार्गदर्शिका में P-41 की सील की बात चार जगह है। एक सूची में P-41 के आगे "(सील होगा)" लिखा है। 60 रिकॉर्ड जमा करने वाली सूची में भी "(सील होगा)" लिखा है। 86
- एक और सूची में P-41 के आगे "(सील करना है)" लिखा है। 87 ईवीएम मार्गदर्शिका की एक सूची में भी "उप सरपंच चुनाव का अन्य रिकार्ड (सील होगा) P-41" लिखा है। 88
- पर उप-सरपंच वाले अध्याय-7 में P-41 के लिए लिखा है: "इस लिफाफे को सील नहीं करना है"। ईवीएम मार्गदर्शिका में भी एक जगह यही बात है। 8990
- SLMT की पंच-सरपंच चुनाव के रिटर्निंग अधिकारियों वाली प्रशिक्षण सामग्री (पृष्ठ 124) में P-41 के नमूने पर "(सील करना है)" छपा है, और उसी पृष्ठ पर नीचे लिखा है कि उप-सरपंच से जुड़े बाक़ी फ़ॉर्म, जैसे नामनिर्देशन पत्र, उम्मीदवारों की सूची, मतदाताओं की सूची और नोटिस, P-41 में रखे जाएँ, और "इस लिफाफे को सील नहीं करना है"। 91
इस साइट पर: P-41 भी सील होगा, क्योंकि नियम यही कहता है। उप-सरपंच के एक से ज़्यादा उम्मीदवार हों तो नियम 66(7) के मुताबिक़ नियम 59 और 60 लागू होते हैं, 92 और नियम 60(1) में रिटर्निंग अधिकारी मतपत्रों और चुनाव के बाक़ी काग़ज़ों के पैकेट बनाकर उन्हें सील करते हैं। 93 ऊपर की चारों सूचियों में भी P-41 के आगे सील लिखा है। देखिए: उप-सरपंच के लिफ़ाफ़े।
उप-सरपंच का मतपत्र: कौन-सा आदेश
- मार्गदर्शिका लिखती है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने "सांविधिक आदेश संख्या 12/94 दिनांक 29.12.94" से उप-सरपंच के मतपत्र का प्रारूप सरपंच के मतपत्र के प्रारूप जैसा ही तय किया हुआ है। 94
- आयोग का आदेश 42 (सा.आ. 142/2026), तारीख 01.01.2026, नियम 66(7) और 59(9) के तहत उप-सरपंच के मतपत्र का प्रारूप तय करता है, और 05.12.2019 वाले पिछले आदेश की जगह लेता है। 95
- SLMT की पंच-सरपंच चुनाव के रिटर्निंग अधिकारियों वाली प्रशिक्षण सामग्री (पृष्ठ 116) में 01.01.2026 वाले इसी आदेश का पहला पन्ना छपा है। 96
इस साइट पर: आदेश 42 वाला प्रारूप, क्योंकि यह आयोग का नया आदेश है और पिछले आदेश की जगह लेता है। 95 SLMT की सामग्री में भी यही आदेश छपा है। देखिए: उप-सरपंच का चुनाव।
उप-सरपंच: कोई नामांकन न आए
- मार्गदर्शिका का अध्याय-7 कहता है: एक भी उम्मीदवार का नामांकन न आए, तो "राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव प्रक्रिया नये सिरे से प्रारम्भ होगी"। 94
- नियम 66(8) कहता है: कोई उम्मीदवार न हो और पंचायत उप-सरपंच न चुन पाए, तो रिटर्निंग अधिकारी "पंचायतों के प्रभारी अधिकारी और कलक्टर" को सूचना देंगे, और वहाँ से धारा 26(2) के तहत उप-सरपंच की नियुक्ति के लिए सरकार को सूचना दी जाएगी। 97
- धारा 26(2) कहती है: पंच उप-सरपंच न चुन पाएँ, तो राज्य सरकार किसी व्यक्ति को नियुक्त करेगी, जब तक यह पद छह महीने के अंदर चुनाव से न भर जाए; इस तरह नियुक्त व्यक्ति विधिवत चुना गया उप-सरपंच माना जाएगा। 98
- SLMT की पंच-सरपंच चुनाव के रिटर्निंग अधिकारियों वाली प्रशिक्षण सामग्री (पृष्ठ 117) में लिखा है: कोई उम्मीदवार ही न हो, तो राज्य निर्वाचन आयोग की तय की हुई तारीख से चुनाव की प्रक्रिया नए सिरे से होगी। 99
इस साइट पर: अध्याय-7 वाली बात, जो मार्गदर्शिका में उप-सरपंच चुनाव का मुख्य हिस्सा है। 94 SLMT की सामग्री में भी यही लिखा है। देखिए: कोई नामांकन न आए।
उप-सरपंच: कार्यवाही का विवरण कौन बनाएगा
- अध्याय-7 कहता है कि उप-सरपंच चुनाव के लिए नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी बैठक की कार्यवाही का विवरण तैयार करेगा। 94
- मार्गदर्शिका में छपे नियम 66(9) में लिखा है कि पीठासीन अधिकारी उप-सरपंच के चुनाव का संक्षिप्त कार्यवृत्त तैयार करेगा। 97
- पंचायती राज चुनाव क़ानून की पुस्तिका (अंग्रेज़ी) में नियम 66(9) में यहाँ "Returning Officer" (रिटर्निंग अधिकारी) छपा है, और नीचे लिखा है कि यह शब्द 3.12.1999 की अधिसूचना से "Presiding Officer" (पीठासीन अधिकारी) की जगह रखा गया। 92
- SLMT की पंच-सरपंच चुनाव के रिटर्निंग अधिकारियों वाली प्रशिक्षण सामग्री (पृष्ठ 117) में भी लिखा है कि उप-सरपंच चुनाव के लिए नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी बैठक की कार्यवाही का विवरण तैयार करेगा। 99
इस साइट पर: कार्यवाही का विवरण रिटर्निंग अधिकारी तैयार करेंगे; मार्गदर्शिका में नियम का पुराना शब्द छपा है। 9492 SLMT की सामग्री में भी यही है। देखिए: उप-सरपंच का चुनाव।
जमानत: छठे हिस्से वाले वोटों के शब्द
- सरपंच की जमानत वाला नियम 56(3) कहता है कि जमानत उस उम्मीदवार की जब्त होगी जो चुना नहीं गया और जिसे उस चुनाव में डाले गए कुल वैध वोटों का "कम से कम षष्ठांश" (यानी छठा हिस्सा) भी नहीं मिला। 100101
- पंचायती राज चुनाव क़ानून की पुस्तिका (अंग्रेज़ी) में नियम 58(5) के साथ जुड़ी शर्तों का खंड (b) कहता है कि जमानत उस उम्मीदवार की जब्त होगी जो चुना नहीं गया और जो उस चुनाव क्षेत्र में डाले गए कुल वैध वोटों का कम से कम छठा हिस्सा भी नहीं ला पाया (अंग्रेज़ी में: "atleast one sixth of the total valid votes polled")। 102
- परिपत्र 2178 की हस्ताक्षर वाली प्रति के सरपंच वाले हिस्से में लिखा है कि जो नहीं जीते और जिन्हें "वैध मतों के 1/6 से कम" वोट मिले, उनकी जमानत जब्त करने के आदेश प्रपत्र-2 में होंगे। 103 पंचायत समिति और ज़िला परिषद वाले हिस्से में जमानत लौटाने के लिए "1/6 या इससे अधिक" वैध वोट, जब्ती के आदेश प्रपत्र-2A में (परिणाम घोषित होने के 3 दिन में), और 15 दिन में माँग न हो, तो खज़ाने में जमा करने के लिए अगले 7 दिन लिखे हैं। 104
- संकलन में छपी परिपत्र 2178 की टाइप की हुई प्रति में लौटाने के लिए "1/6 से अधिक", जब्ती के आदेश के लिए प्रपत्र-2, और खज़ाने में जमा करने के लिए अगले 15 दिन लिखे हैं। 105
- आयोग के पत्र 594 (19.01.2026) में लिखा है कि परिपत्र 2178 और 2283 वाले निर्देश इस बार भी लागू रहेंगे। 106
- आदेश 753 में "डाले गये कुल मतों" लिखा है, "वैध" शब्द नहीं। 107
- मतपेटी मार्गदर्शिका के शुरू वाले हिस्से में और ईवीएम मार्गदर्शिका में लिखा है कि जमानत तभी लौटेगी, जब उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के "1/6 भाग से अधिक" वोट मिले हों। 10876 मतपेटी मार्गदर्शिका के जमानत लौटाने वाले बिंदु में "1/6 भाग अथवा इससे अधिक" है। 109
- तीनों जगह यह भी लिखा है कि जीते हुए उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के 1/6 से कम मिलें, तब भी उसकी जमानत लौटेगी। 10876109
इस साइट पर: जमानत जब्त होगी या नहीं, यह नियम से तय होता है: गिनती वैध वोटों पर होगी, और जिसे ठीक 1/6 वोट मिले, उसकी जमानत लौटेगी। 100101102 आदेश 753 में "डाले गये कुल मतों" लिखा है, "वैध" शब्द नहीं; पर यह आदेश ख़ुद कहता है कि वह नियम 56 के उप-नियम (3) और नियम 58 के उप-नियम (5)(a) की बात बता रहा है, और ईवीएम मार्गदर्शिका में छपे नियम 56(3) में कुल वैध वोटों की बात है। 107100 परिपत्र 2178 की हस्ताक्षर वाली प्रति में भी वैध वोटों की बात है। 110 इसलिए गिनती वैध वोटों पर ली गई है। जमानत वाले बाक़ी बिंदु परिपत्र 2178 की हस्ताक्षर वाली प्रति से लिए गए हैं: सरपंच के लिए उसका सरपंच वाला हिस्सा, और पंचायत समिति और ज़िला परिषद के लिए उनका हिस्सा। 110 देखिए: पंच-सरपंच प्रबोधन और पंचायत समिति और ज़िला परिषद प्रबोधन।
उम्र किस तारीख को गिनी जाए
- मतपेटी मार्गदर्शिका के एक ही पैरा में पहले "संवीक्षा के दिन 21 साल" लिखा है, और आगे लिखा है कि नामनिर्देशन भरने की तारीख को जो असली उम्र होगी, वही मानी जाएगी। 111
- उसी पैरा का उदाहरण संवीक्षा की तारीख वाला है: मतदाता सूची में उम्र 21 साल लिखी थी, पर स्कूल के प्रमाण पत्र से संवीक्षा की तारीख को उम्र 20 साल 10 महीने निकली, तो वह व्यक्ति पंच या सरपंच पद के लिए योग्य नहीं। 111 ईवीएम मार्गदर्शिका में भी पंच और सरपंच के लिए यही लिखा है। 112
- धारा 19 में 21 साल की उम्र की बात है, पर उम्र किस तारीख को गिनी जाए, यह नहीं लिखा। 113 संवीक्षा वाले नियम 27 में भी उम्र गिनने की कोई तारीख नहीं लिखी। 114
- SLMT की ज़िला परिषद और पंचायत समिति चुनाव वाली जाँच-सूचियों में योग्यता और अयोग्यता वाली जाँच-सूची (पृष्ठ 1) पंचों, सरपंचों और पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों के लिए है। उसकी पहली पंक्ति (योग्यता) में तारीख वाले खाने में "On the date of scrutiny", यानी संवीक्षा की तारीख, लिखा है, और साथ में "नामांकन की जांच के लिए निर्धारित तिथि पर उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष (इक्कीस वर्ष) होनी चाहिए।" 115
- पंच-सरपंच के लिए इस बार नामांकन और संवीक्षा एक ही दिन हैं, इसलिए उनके लिए दोनों बातों से एक ही तारीख निकलती है। 63111
इस साइट पर: उम्र संवीक्षा की तारीख को गिनी जाती है, जैसा SLMT की जाँच-सूची में लिखा है। 115 मार्गदर्शिका के उसी पैरा का उदाहरण भी इसी तारीख वाला है। 111112 धारा 19 और नियम 27 में उम्र गिनने की कोई तारीख नहीं लिखी, और साइट के क्रम में SLMT की सामग्री मार्गदर्शिका से पहले आती है; इसलिए मार्गदर्शिका में लिखी नामनिर्देशन भरने की तारीख वाली बात नहीं ली गई। 113114 देखिए: पंचायत समिति और ज़िला परिषद प्रबोधन और पंच-सरपंच प्रबोधन।
गिनती के समय गड़बड़ी वाली मशीन
- आदेश का पैरा 15 कहता है कि ऐसी मशीन के वोट न गिनें, और पैरा 22 में लिखी प्रक्रिया अपनाएँ, "जो भी उस मतदान केन्द्र के संबंध में लागू होती हो"; पैरा 22 तब के लिए है, जब गिनती पूरी होने से पहले रोकनी पड़े। 116
- पैरा 17 कहता है कि मशीन अलग रखें, उसके वोट न गिनें, रिपोर्ट आयोग को करें, और पूरी गिनती रोकना ज़रूरी नहीं। 117
- पैरा 23 में एक स्थिति यह है: गिनती पूरी होने से पहले रिपोर्ट हो कि किसी बूथ की मशीन को इतना नुकसान पहुँचाया गया है, या उसमें ऐसी गड़बड़ कर दी गई है, कि उस बूथ का परिणाम तय नहीं किया जा सकता; तब ऐसे सब तथ्यों की रिपोर्ट आयोग को तुरंत की जाए, और उस बूथ के वोटों की गिनती पर आयोग के निर्देशों की प्रतीक्षा की जाए। 118 पैरा 23 के मुताबिक़ नियम 48-ख और 49-क में आयोग गिनती रोकने का, और ज़रूरत हो तो नया मतदान कराने का, आदेश दे सकता है। 119
- नियम 49ग(4) में लिखा है कि रिटर्निंग अधिकारी की तसल्ली हो जाए कि मशीन के साथ सच में गड़बड़ी हुई है, तो उस मशीन के वोट नहीं गिने जाएँगे, और उस बूथ के लिए नियम 49 ख में लिखी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। 120
इस साइट पर: पैरा 15 और 17 में टकराव नहीं है: उस मशीन को अलग रखिए और उसके वोट न गिनिए; पूरी गिनती रोकना ज़रूरी नहीं, और गिनती रोकनी पड़े, तभी पैरा 22 वाली प्रक्रिया। 116 देखिए: ज़िला परिषद और पंचायत समिति की गिनती।
उप-सरपंच: प्रस्ताव का समर्थन करने वाला (अनुमोदक)
- नियम 66(1): बैठक में मौजूद हर पंच या सरपंच, उप-सरपंच के लिए किसी भी पंच का नाम लिखकर प्रस्तावित कर सकता है; सब प्रस्ताव बैठक शुरू होने के एक घंटे के भीतर दिए जाएँगे। 121
- मतपेटी मार्गदर्शिका के अध्याय-7 में लिखा है कि प्रस्ताव या नामनिर्देशन पत्र पर प्रस्तावक और उम्मीदवार के हस्ताक्षर होंगे; उम्मीदवार बैठक में मौजूद हो, तो उसकी ज़बानी सहमति लेकर यह बात प्रस्ताव पर लिख दी जाए; जो उम्मीदवार बैठक में मौजूद नहीं है और नामनिर्देशन पत्र पर भी उसके हस्ताक्षर नहीं हैं, उसकी अलग से लिखी हुई सहमति लेना क़ानूनन ज़रूरी है। 122 नियम 66(2) के परंतुक में लिखा है कि उम्मीदवार बैठक में मौजूद हो और ज़बानी सहमति दे दे, तो उसकी लिखी हुई सहमति ज़रूरी नहीं। 97
- मार्गदर्शिका में प्रस्ताव खारिज होने की चार वजहें हैं: प्रस्तावक के हस्ताक्षर नहीं हैं; प्रस्ताव तय समय में नहीं दिया गया; ग़ैरहाज़िर उम्मीदवार की लिखी हुई सहमति साथ नहीं है; उम्मीदवार निर्वाचित पंचों में से नहीं है। 94 नियम 66(3) में दो वजहें हैं: उम्मीदवार पात्र नहीं है, या इस नियम का पालन नहीं हुआ। 97
- SLMT की पंच-सरपंच चुनाव के रिटर्निंग अधिकारियों वाली प्रशिक्षण सामग्री (पृष्ठ 111) में भी प्रस्ताव बैठक में मौजूद कोई भी पंच या सरपंच लिखकर, बैठक शुरू होने के एक घंटे के भीतर देता है। वहाँ प्रस्ताव पर प्रस्तावक के हस्ताक्षर की बात लिखी है, और यह कि मौजूद उम्मीदवार की ज़बानी सहमति प्रस्ताव पर लिखी जाएगी। 123 उसी सामग्री के पृष्ठ 114 पर खारिज होने की यही चार वजहें हैं। 124 उसी सामग्री के पृष्ठ 112 पर यह भी लिखा है कि ग़ैरहाज़िर उम्मीदवार की सहमति उस प्रस्ताव या नामनिर्देशन पर भी हो, तो भी ठीक मान ली जाए; पृष्ठ 114 की तीसरी वजह में "प्रस्ताव के साथ या उसके ऊपर" लिखा है। 125124
- इनमें से किसी में भी प्रस्ताव का समर्थन करने वाले (अनुमोदक) की बात नहीं है, न खारिज होने की वजहों में। 122948912197 SLMT की उस सामग्री के पृष्ठ 111 से 114 में भी यह बात नहीं है।
इस साइट पर: प्रस्ताव वैसे ही दिया जाए, जैसा नियम 66 और मार्गदर्शिका में लिखा है: बैठक में मौजूद पंच या सरपंच लिखकर, बैठक शुरू होने के एक घंटे के भीतर। मार्गदर्शिका के हिसाब से प्रस्ताव या नामनिर्देशन पत्र पर प्रस्तावक और उम्मीदवार, दोनों के हस्ताक्षर होंगे, और प्रस्तावक के हस्ताक्षर न हों, तो प्रस्ताव खारिज किया जा सकता है। उम्मीदवार बैठक में मौजूद हो और ज़बानी सहमति दे, तो यह बात प्रस्ताव पर लिख दी जाए, और तब लिखी हुई सहमति ज़रूरी नहीं; मौजूद न हो और नामनिर्देशन पत्र पर उसके हस्ताक्षर भी न हों, तो उसकी लिखी हुई सहमति प्रस्ताव के साथ लगी हो, नहीं तो प्रस्ताव खारिज होगा। 1229412197 उसकी लिखी हुई सहमति प्रस्ताव या नामनिर्देशन पत्र पर ही हो, तो भी ठीक मानी जाए, जैसा SLMT की सामग्री में लिखा है। 125124 अनुमोदक की कोई शर्त इनमें नहीं है। देखिए: उप-सरपंच का चुनाव: नामांकन।
उप-सरपंच का चुनाव कौन कराएगा
- मतपेटी मार्गदर्शिका के अध्याय-7 में लिखा है कि उप-सरपंच का चुनाव "रिटर्निंग अधिकारी" के पदनाम से कराया जाएगा; नियम 65 के अनुसार, जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिस अधिकारी को पंच और सरपंच के चुनाव का रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया है, वही उप-सरपंच के चुनाव का भी रिटर्निंग अधिकारी है। 122
- नियम 65(2): वार्ड पंच का परिणाम घोषित होने के बाद, रिटर्निंग अधिकारी नए चुने गए पंचों और सरपंच की बैठक बुलाएगा; बैठक के समय और जगह का नोटिस मतदान से कम से कम दो घंटे पहले पंचायत के दफ़्तर के नोटिस बोर्ड पर लगाया जाएगा। 121
- SLMT की पंच-सरपंच चुनाव के रिटर्निंग अधिकारियों वाली प्रशिक्षण सामग्री (पृष्ठ 108) में भी यही लिखा है: चुनाव "रिटर्निंग अधिकारी" के पदनाम से होगा, और पंच-सरपंच चुनाव का रिटर्निंग अधिकारी ही उप-सरपंच चुनाव का भी रिटर्निंग अधिकारी है; बैठक का नोटिस मतदान से कम से कम दो घंटे पहले, पंचायत के दफ़्तर के नोटिस बोर्ड पर लगेगा। 126
इस साइट पर: उप-सरपंच का चुनाव वही रिटर्निंग अधिकारी कराएँगे, जो पंच और सरपंच के चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी हैं। 122121 SLMT की सामग्री में भी यही लिखा है। देखिए: उप-सरपंच का चुनाव: कौन कराता है।
MPSV से रिज़ल्ट: पुस्तिका का कौन-सा अध्याय
- आयोग के आदेश में लिखा है कि MPSV ईवीएम से परिणाम निकालने की विस्तृत प्रक्रिया आयोग की वेबसाइट पर मिलने वाली पुस्तिका के अध्याय-5 में है, और MPMV ईवीएम से परिणाम निकालने की प्रक्रिया MPSV जैसी ही है। 127
- आयोग की वेबसाइट से 9 अक्टूबर 2026 को ली गई MPSV अनुदेश पुस्तिका में अध्याय 5 मतदान के दिन मतदान केंद्र पर पीठासीन अधिकारी के EVM तैयार करने का है। 128 गिनती की जगह की प्रक्रिया (सील जाँचना, बिजली का स्विच ON करना, RESULT-I) अध्याय 6 में है, जो मतगणना की जगह की प्रक्रिया का अध्याय है। 129 आदेश में पुस्तिका का नाम या साल नहीं लिखा। साइट ने आदेश वाली पुस्तिका इसी को माना है, क्योंकि यह आयोग की वेबसाइट पर रखी MPSV मशीन की अनुदेश पुस्तिका है; यह साइट की अपनी समझ है। पर इस पुस्तिका में अध्याय 5 गिनती वाला नहीं है।
इस साइट पर: MPSV से रिज़ल्ट निकालने के कदम पुस्तिका के अध्याय 6 से लिए गए हैं, जो मतगणना की जगह की प्रक्रिया का है; आदेश में अध्याय 5 लिखा है, पर इस पुस्तिका का अध्याय 5 मतदान के दिन का है। 128129127 आदेश के हिसाब से MPMV से रिज़ल्ट निकालने की प्रक्रिया भी MPSV जैसी ही है। 127 देखिए: ज़िला परिषद और पंचायत समिति की गिनती: MPSV और MPMV (ECIL)।
मतपेटी वाले दिन: पंच और सरपंच की चिह्नित सूची किसके पास
- आयोग के आदेश 10385 (12.10.2026) में बूथ पर जाने वाली कार्यकारी प्रतियों में लिखा है: "दो प्रति सहायक मतदान अधिकारी-द्वितीय को - (पंच एवं सरपंच चुनाव के संदर्भ में)"। यानी इस आदेश में पंच और सरपंच, दोनों चुनावों की यह प्रति सहायक मतदान अधिकारी-द्वितीय के नाम है। 130
- मतपेटी मार्गदर्शिका में बूथ पर मतदान के समय का काम इस तरह बँटा है: पंच की चिह्नित मतदाता सूची दूसरे सहायक मतदान अधिकारी के पास, और सरपंच की चिह्नित मतदाता सूची तीसरे सहायक मतदान अधिकारी के पास। जिस मतदाता को जो मतपत्र दिया, उसका क्रमांक उसी चुनाव की सूची में उसके नाम के सामने लिखा जाता है; पंच वाली सूची में दूसरे सहायक, सरपंच वाली में तीसरे। 464950
इस साइट पर: पंच की चिह्नित सूची दूसरे सहायक के पास, सरपंच की चिह्नित सूची तीसरे सहायक के पास, जैसा मतपेटी मार्गदर्शिका में है। 464950 आदेश 10385 बताता है कि बूथ के लिए प्रतियाँ किसके नाम दी जाएँगी; मार्गदर्शिका बताती है कि मतदान के समय मेज़ पर कौन-सा सहायक किस चुनाव का मतपत्र देगा और उसी चुनाव की सूची में क्रमांक लिखेगा। यह मतदान के समय की ख़ास बात है, इसलिए यहाँ मार्गदर्शिका वाली बात ली गई है। 130 देखिए: दूसरे सहायक मतदान अधिकारी, तीसरे सहायक मतदान अधिकारी और सामान लेते समय।
मशीन वाले दिन: नामावली की तीन प्रतियाँ या चार
- ईवीएम मार्गदर्शिका में सामग्री जाँचने की बातों में लिखा है कि निर्वाचक नामावली की तीनों प्रतियाँ पूरी और हर तरह से एक जैसी हों। 131
- आयोग के आदेश 10385 (12.10.2026) के हिसाब से ज़िला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के चुनाव की कार्यकारी प्रतियाँ बूथ पर इस तरह जाती हैं (पदनाम आदेश में लिखे हुए हैं): सहायक मतदान अधिकारी-प्रथम को एक (मतदाता की पहचान के लिए), सहायक मतदान अधिकारी-द्वितीय को दो, और मतदान अधिकारी को एक (प्रतिक्षेपित मतदाताओं और निविदत्त मतों के निपटारे के लिए)। यानी इस चुनाव की चार प्रतियाँ। 130
इस साइट पर: मशीन वाले दिन के पेज पर मार्गदर्शिका की जाँच वाली बात वैसी ही दी गई है: नामावली की तीनों प्रतियाँ पूरी और एक जैसी हों। 131 बूथ पर इस चुनाव की कितनी प्रतियाँ किसके नाम आएँगी, यह आदेश 10385 में है, जैसा ऊपर लिखा है। 130 देखिए: सामग्री लेते समय और आयोग के आदेश।
मतदाता किसी को वोट न देना चाहे: नियम 43 और 43-क
- अधिसूचना 1531 (12.11.2014) से नियम 43 (मतपत्र लौटाना) और नियम 43-क (रजिस्टर में एंट्री के बाद मतदाता का वोट न डालने का फ़ैसला) हटा दिए गए हैं; पंचायती राज चुनाव क़ानून की पुस्तिका में दोनों के आगे "Deleted" छपा है। 132133134 इसी अधिसूचना के बाद नियम 36-क में लिखा है कि मशीन वाले दिन मतदाता किसी भी उम्मीदवार को वोट न देना चाहे, तो बैलेट यूनिट पर नोटा का बटन दबा सकता है। 135
- मतपेटी मार्गदर्शिका में पहले नियम 43 वाला तरीका लिखा है: मतपत्र लेने के बाद कोई मतदाता निशान न लगाना चाहे, तो मतपत्र वापस लेकर उसकी पीठ पर "लौटाया-निरस्त" लिखकर उसे तय लिफ़ाफ़े में बंद किया जाता था। फिर लिखा है कि अब मतदान केन्द्र पर ऐसी कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी, क्योंकि नियम 43 हटा दिया गया है और उसकी जगह मतपत्र पर नोटा का विकल्प है; ऐसी हालत में मतदाता इस विकल्प का उपयोग कर सकता है। 10
- ईवीएम मार्गदर्शिका में छपे नियमों में नियम 43-क पूरा छपा है। 134 उसके प्ररूप-14 में, और क़ानून की पुस्तिका के प्ररूप XIV में भी, मद 3 में नियम 43-क वाले मतदाताओं की गिनती है। 136137
इस साइट पर: मतपेटी वाले दिन मतपत्र लौटाने की कोई कार्यवाही नहीं, जैसा मतपेटी मार्गदर्शिका में है। 10 मशीन वाले दिन नियम 43-क को चालू नियम की तरह नहीं लिखा गया, क्योंकि क़ानून की पुस्तिका में वह हटाया हुआ छपा है; प्ररूप-14 की मद 3 के बारे में बस इतना लिखा है कि वह छपे हुए प्ररूप में अब भी है। 133137 दोनों दिन मतदाता चाहे तो नोटा चुन सकता है: मतपेटी वाले दिन मतपत्र पर, मशीन वाले दिन बैलेट यूनिट पर। 132135 देखिए: मतपेटी वाला दिन, MPSV वाला दल और मतदान बंद कीजिए।
स्रोत
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